मध्यप्रदेश में शराब दुकानों पर बड़ा एक्शन! ओवर रेटिंग और अवैध अहातों पर चलेगा अभियान

भोपाल

मध्यप्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति 2026-27 के तहत शराब दुकानों और अवैध गतिविधियों पर सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने सभी जिलों के कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेशभर में आबकारी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि शराब दुकानों पर ओवर रेटिंग, तय समय के बाद बिक्री और अवैध रूप से संचालित शॉप बार जैसी गतिविधियों के खिलाफ राज्यव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले मदिरा ठेकेदारों और संबंधित अधिकारियों पर सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को पूरी तरह “ऑफ श्रेणी” घोषित किया गया है। इसके तहत दुकान परिसर या आसपास शराब सेवन की अनुमति नहीं होगी। अवैध अहातों और उपभोग स्थलों को बंद कराने के लिए विशेष दल गठित कर औचक निरीक्षण किए जाएंगे।  

उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब दुकानों के खुलने और बंद होने के निर्धारित समय का सख्ती से पालन कराया जाएगा। इसके लिए पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें निगरानी करेंगी। वहीं उपभोक्ताओं से तय कीमत से अधिक राशि वसूलने की शिकायतों को रोकने के लिए दुकानों पर शराब की दरें प्रदर्शित करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही पारदर्शिता के लिए दुकानों पर क्यूआर कोड भी लगाए जाएंगे, ताकि ग्राहक वास्तविक कीमत की जांच कर सकें। उन्होंने कहा कि निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर शराब बेचने वालों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई भी की जाएगी। इसके अलावा प्रदेश के पवित्र घोषित नगरों और क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। 

सभी कम्पोजिट दुकानें ‘ऑफ श्रेणी’ की घोषित, अवैध अहाते होंगे बंद
उप मुख्यमंत्री ने नीतिगत प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि प्रदेश की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानों को पूरी तरह ‘ऑफ श्रेणी’ का घोषित किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अब दुकान परिसर या उसके आसपास मदिरा सेवन (शराब पीने) की सुविधा उपलब्ध कराना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। नियमों के उल्लंघन की शिकायतों की सघन जांच के लिए विशेष दलों का गठन किया गया है, जो औचक निरीक्षण करेंगे। इस दौरान मिलने वाले सभी अवैध अहातों और उपभोग स्थलों को तुरंत बंद कराने के निर्देश मुख्यालय द्वारा बिंदुवार दिशा-निर्देशों के माध्यम से जारी कर दिए गए हैं।

देर रात तक शराब बिक्री पर रोक, क्यूआर कोड से थमेगी ओवर रेटिंग
दुकानों के निर्धारित समय से पहले खुलने और तय वक्त के बाद देर रात तक मदिरा बेचने के मामलों को सरकार ने बेहद गंभीरता से लिया है। राजपत्र में निर्धारित समय सीमा का पालन कराने के लिए अब पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें मिलकर गश्त करेंगी। इसके साथ ही उपभोक्ताओं से तय मूल्य से अधिक राशि वसूलने (ओवर रेटिंग) की शिकायतों पर रोक लगाने के लिए प्रत्येक दुकान पर विक्रय दरों का प्रदर्शन अनिवार्य किया गया है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए दुकानों पर क्यूआर कोड चस्पा किए जाएंगे, जिससे मदिरा की वास्तविक दरों का सत्यापन हो सकेगा। यदि कोई ठेकेदार निर्धारित दर से अधिक कीमत पर मदिरा बेचता पाया गया, तो उस पर भारी जुर्माना और लाइसेंस निलंबन जैसी कड़ी कार्रवाई होगी।

पवित्र नगरों और क्षेत्रों में अवैध परिवहन व बिक्री पर रहेगी पैनी नजर
 देवड़ा ने कहा कि प्रदेश के जिन नगरों और क्षेत्रों को ‘पॉली / पवित्र’ घोषित किया गया है, वहाँ मदिरा की अवैध बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इन प्रतिबंधित क्षेत्रों में पहले से ही मदिरा दुकानों को पूरी तरह बंद रखने के आदेश लागू हैं। अब इन क्षेत्रों में शराब के किसी भी प्रकार के अवैध परिवहन या बिक्री को रोकने के लिए निगरानी तंत्र (सुरक्षा और इंटेलिजेंस) को और अधिक मजबूत किया जा रहा है, ताकि सरकार के इन कदमों से अवैध रूप से मदिरा का विक्रय और उपभोग कराने वाले तत्वों पर पूरी तरह शिकंजा कसा जा सके।

शिवपुरी में महिला से बेरहमी: लुधावली क्षेत्र में आरती प्रजापति की पिटाई का वीडियो वायरल, कार्रवाई की मांग तेज

दबंगों पर गंभीर मारपीट के आरोप, नई एसपी से सख्त एक्शन की उम्मीद; कानून व्यवस्था पर उठे सवाल

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के लुधावली क्षेत्र से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां महिला के साथ बेरहमी से मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। पीड़िता की पहचान के रूप में बताई जा रही है।

आरोप है कि कुछ दबंगों ने आरती प्रजापति के साथ जमकर मारपीट की, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है और लोग आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

बताया जा रहा है कि आरती प्रजापति पहले भी कई विवादों और आरोप-प्रत्यारोप को लेकर चर्चा में रह चुकी हैं। हालांकि वायरल वीडियो के बाद अब पूरे मामले को लेकर कानून व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

इसी बीच हाल ही में शिवपुरी जिले में नई पुलिस अधीक्षक की तैनाती हुई है, जिन्हें लोग “LadySingham” के नाम से भी जानते हैं। ऐसे में जनता को उम्मीद है कि इस मामले में जल्द और सख्त कार्रवाई देखने को मिलेगी।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

“ताली-थाली के बाद… अब सिलेंडर क्यों पीटा जा रहा है?”

“महंगाई पर जनता का तंज या सरकार को धन्यवाद?”

“एक समय था…

जब लोगों ने ताली पीटी…

थाली पीटी…”

 

“और आज…

लोग सिलेंडर पीट रहे हैं।”

“कोई कह रहा है विरोध है…

कोई कह रहा है व्यंग्य है…

और कुछ लोग पूछ रहे हैं —

क्या ये बढ़ते दामों पर धन्यवाद है?”

 

“क्योंकि रसोई का बजट अब

हर महीने नई परीक्षा बन चुका है।”

 

“जब सिलेंडर महंगा होता है…

तो आवाज़ सिर्फ लोहे की नहीं,

आम आदमी की भी सुनाई देती है।”

 

“महंगाई पर आपकी क्या राय है?”

Comment करके बताइए।

दिग्विजय सिंह के बयान पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा का पलटवार, बोले— “हिंदू कभी सांप्रदायिक नहीं रहा”

भोपाल में बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कांग्रेस और दिग्विजय सिंह पर साधा निशाना, कहा— कांग्रेस ने हमेशा हिंदुओं को गलत नजरिए से देखा और देश में अलगाववाद को बढ़ावा दिया।

भोपाल में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह  के बयान पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा  ने तीखा पलटवार किया है।

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि जवाहर लाल नेहरू से लेकर दिग्विजय सिंह तक कांग्रेस नेताओं की नजरों में हमेशा हिंदू समाज खटकता रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा हिंदुओं को सांप्रदायिक बताने की राजनीति की है।

बीजेपी विधायक ने कहा कि वर्ष 1947 में देश का विभाजन हिंदुओं ने नहीं कराया था। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या जिन्ना हिंदू थे? शर्मा ने आरोप लगाया कि देश विभाजन कराने वाली ताकतों के साथ उस समय भी कांग्रेस खड़ी थी और आज भी कांग्रेस अल्पसंख्यक राजनीति के नाम पर मुसलमानों को मुख्यधारा से जोड़ने के बजाय अलगाववाद की ओर धकेल रही है।

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति कट्टरता और तुष्टिकरण पर आधारित रही है, यही कारण है कि आज पार्टी की दुर्दशा हो रही है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू और वर्तमान कांग्रेस नेतृत्व पर हिंदू विरोधी मानसिकता रखने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा कि हिंदू समाज कभी सांप्रदायिक नहीं रहा और हिंदू ही दुनिया में मानवता और मातृभूमि के सम्मान की भावना रखने वाला समाज है।

शर्मा ने दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें अपने “चहेतों” से पूछना चाहिए कि मांग का सिंदूर किसने उजाड़ा और देश के मठ-मंदिर किसने तोड़े।

बीजेपी विधायक ने कहा कि आज हिंदू समाज जाग चुका है और अपनी मातृभूमि की रक्षा के लिए तैयार खड़ा है।

पंडित जवाहरलाल नेहरू की पुण्यतिथि पर भोपाल में कांग्रेस का श्रद्धांजलि कार्यक्रम, दिग्विजय सिंह ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि

रोशनपुरा चौराहे से लेकर राजीव गांधी सभागार तक आयोजित कार्यक्रमों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने पंडित नेहरू के आदर्शों को अपनाने का लिया संकल्प

राजधानी भोपाल में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न Jawaharlal Nehru की पुण्यतिथि के अवसर पर कांग्रेस द्वारा श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री Digvijaya Singh ने रोशनपुरा चौराहे पर स्थापित पंडित नेहरू की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय स्थित राजीव गांधी सभागार में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया, जिसमें कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने पंडित नेहरू के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। सभा के दौरान पंडित नेहरू के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से चर्चा की गई।

अपने संबोधन में Digvijaya Singh ने कहा कि पंडित जवाहरलाल नेहरू आधुनिक भारत के निर्माण के शिल्पकार थे। उन्होंने देश को लोकतांत्रिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक समरसता की मजबूत नींव प्रदान की। उन्होंने कहा कि शिक्षा, उद्योग, विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में नेहरू जी की दूरदर्शी नीतियों का लाभ देश आज भी प्राप्त कर रहा है।

उन्होंने वर्तमान समय में पंडित नेहरू के विचारों और सिद्धांतों को आत्मसात करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कार्यकर्ताओं से लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए नेहरू जी के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी लोगों ने पंडित नेहरू के आदर्शों पर चलने तथा देश की एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।

उज्जैन के डायल-112 हीरोज घर की राह भटके मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर थाने पहुँचाया

भोपाल

उज्जैन जिले के थाना चिंतामन गणेश क्षेत्र में डायल-112 जवानों की संवेदनशीलता एवं तत्पर कार्यवाही से घर का रास्ता भटक गए मानसिक रूप से अस्वस्थ 10 वर्षीय बालक को सुरक्षित संरक्षण में लेकर थाना पहुँचाया गया।

26 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना चिंतामन गणेश क्षेत्र अंतर्गत कंदरिया चौराहा के पास एक मानसिक रूप से अस्वस्थ बालक अकेला मिला है, जो घर का रास्ता भटक गया है तथा पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल चिंतामन गणेश थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक सागर सिंह एवं पायलट लाल सिंह ने मौके पर पहुंचकर बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। डायल-112 जवानों ने बालक से जानकारी प्राप्त करने का प्रयास किया, किन्तु मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण वह अपने परिजनों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पा रहा था।

डायल-112 जवानों ने बालक को सुरक्षित डायल 112 वाहन में बैठाकर आसपास क्षेत्र में परिजनों की तलाश एवं पूछताछ की, किन्तु परिजनों के संबंध में कोई जानकारी प्राप्त नहीं हो सकी। इसके बाद डायल-112 टीम द्वारा बालक को सुरक्षित थाना चिंतामन गणेश पहुँचाया गया।

 

इंदौर में गहराया जल संकट, 35 लाख आबादी पर पानी का खतरा

इंदौर

 देश का सबसे स्वच्छ शहर इंदौर गंभीर जलसंकट से गुजर रहा है। हालत यह है कि 35 लाख से ज्यादा जनसंख्या वाला यह शहर आज भी पानी के मामले में 70 किमी दूर बहने वाली नर्मदा नदी के भरोसे है। शहर में सवा लाख से ज्यादा बोरिंग हैं, लेकिन वर्षाजल को जमीन में सहेजने की प्रवृत्ति नहीं होने की वजह से इनमें से ज्यादातर सूख चुके हैं। वर्ष 2013 में नर्मदा का तीसरा चरण इंदौर आया था जो वर्ष 2024 तक की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया था।

पिछले 13 साल में भविष्य की आवश्यकता को लेकर कोई काम ही नहीं हुआ। स्थिति यह है कि आज शहर का बड़ा हिस्सा टैंकरों के भरोसे है। रोज किसी न किसी क्षेत्र में जलसंकट को लेकर चक्काजाम और प्रदर्शन हो रहे हैं। नींद से जागे नगर निगम ने नर्मदा के चौथे चरण को लेकर काम तो शुरू कर दिया है, लेकिन इसे पूरा होने में कम से कम तीन साल लगेंगे। मतलब साफ है कि शहरवासियों को आने वाले तीन साल जलसंकट झेलना ही पड़ेगा।

इन वजहों से बिगड़े हालात

1970 के आसपास इंदौर में सूखे के हालात बने थे। 70 किमी दूर बहने वाली नर्मदा का जल इंदौर लाने के लिए आंदोलन हुआ, जिसके बाद नर्मदा परियोजना को स्वीकृति मिली। वर्ष 1978 में नर्मदा का पहला चरण इंदौर आया और शहर को 90 एमएलडी पानी मिलने लगा। वर्ष 1990 में नर्मदा का दूसरा चरण इंदौर आया और 90 एमएलडी पानी और मिलने लगा। वर्ष 2013 में तीसरा चरण इंदौर आया और इंदौर को 430 एमएलडी पानी मिलने लगा।

पिछले दो दशक में शहर का विस्तार तेजी से हुआ। नई कॉलोनियां, टाउनशिप आईं, जनसंख्या में तेजी से वृद्धि हुई, लेकिन पानी की मात्रा बढ़ाने को लेकर कोई काम नहीं हुआ। हाल ही में नर्मदा के चौथे चरण का काम शुरू हुआ है। उम्मीद जताई जा रही है कि वर्ष 2029 के अंत तक यह पूरा हो जाएगा। इसके बाद इंदौर को कुल 900 एमएलडी पानी मिलने लगेगा।

बोरिंग या तो सूख गए या दूषित पानी दे रहे हैं

शहर के 25 प्रतिशत हिस्से में आज भी नर्मदा लाइनें नहीं हैं। ये क्षेत्र पूरी तरह से बोरिंग पर निर्भर हैं। गर्मी के चलते ज्यादातर बोरिंग या तो सूख चुके हैं या दूषित पानी दे रहे हैं। इसके चलते ये क्षेत्र अब पूरी तरह से टैंकरों पर आश्रित हो गए हैं। औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाला प्रदूषित पानी खुले में छोड़ने से आसपास के क्षेत्रों का भू-जल दूषित हो गया। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से 36 मौतें हुईं।

नए तालाबों की योजना नहीं बनी, पुरानों का गहरीकरण नहीं हुआ

लगभग 87 वर्ष पहले होलकरकाल में इंदौर की पानी की आवश्यकता पूरी करने के लिए यशवंत सागर जलाशय बनाया गया था। इसके बाद किसी नए तालाब की योजना तक नहीं बनी। शहर में सिरपुर, बिलावली, पिपल्याहाना तालाब हैं, लेकिन इनके गहरीकरण को लेकर काम ही नहीं हुआ।
प्रति व्यक्ति 100 लीटर पानी भी नहीं मिल रहा

नर्मदा के तीन चरण इंदौर लाने के बाद अधिकारियों का अनुमान था कि शहर में प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 180 लीटर पानी की आपूर्ति हो सकेगी, लेकिन तेजी से बढ़ती जनसंख्या की वजह से ऐसा नहीं हो सका। नर्मदा का तीसरा चरण 25 लाख जनसंख्या की आवश्यकता को ध्यान में रखकर तैयार किया गया था, लेकिन नगर निगम सीमा में 29 गांव शामिल करने के बाद इन गांवों में नर्मदा पानी पहुंचाने की जिम्मेदारी नगर निगम पर आ गई। जनसंख्या भी 35 लाख से अधिक हो गई। यही वजह है कि शहर को इस वर्ष शहर में जबरदस्त जलसंकट झेलना पड़ रहा है।

चौथा चरण आने के बाद मिलेगी राहत

नर्मदा के चौथे चरण पर नगर निगम लगभग 2300 करोड़ रुपये खर्च करेगा। इसके बाद इंदौर को 900 एमएलडी पानी मिलने लगेगा। अमृत 2.0 योजना के तहत किए जा रहे इस कार्य में शहर में 1500 किमी नई पाइप लाइन बिछाई जाएगी। दो लाख से ज्यादा पुराने जल कनेक्शन की लाइन भी बदली जाएगी। 1.47 लाख नए कनेक्शन भी दिए जाएंगे। इसके अलावा 40 नई टंकियां बनाई जाएंगी। अनुमान है कि नर्मदा के चौथे चरण से इंदौर की वर्ष 2045 तक की आवश्यकता पूरी होगी।

 

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थो के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए विगत एक सप्‍ताह में 80 लाख रूपए से अधिक मूल्‍य के अवैध मादक पदार्थ सहित संपत्ति जब्‍त की हैं।

मंदसौर : जिले की नारायणगढ़ पुलिस द्वारा पुलिस पर फायर कर भागने वाले अंतर्राज्यीय डोडाचूरा तस्करों के विरुद्ध बडी कार्यवाही करते हुए 252 किलोग्राम डोडाचूरा डोडाचूरा, एक देशी पिस्टल मय राउण्ड, मोबाइल फोन तथा कार सहित लगभग 20 लाख 51 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

वहीं थाना शामगढ़ पुलिस ने दो अलग-अलग प्रकरण दर्ज करते हुए आरोपी के खेत में संतरे के बगीचे के बीच छुपाकर लगाए गए 384 गांजा पौधे जब्‍त किए। एक अन्‍य कार्रवाई में आरोपी से 68 ग्राम एमडी ड्रग्स पाउडर एवं 05 किलोग्राम डोडाचूरा जब्‍त किया गया। दोनों कार्रवाई में लगभग 2 लाख 3 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

गुना : जिले में मृगवास थाना पुलिस ने राजस्थान से अफीम तस्करी कर रहे बाइक सवार दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 1 किलो 10 ग्राम अफीम एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 11 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। एक अन्‍य कार्रवाई में भी मृगवास थाना पुलिस ने नाकाबंदी कर 04 अंतर्राज्यीय गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 10 किलो 157 ग्राम अवैध गांजा एवं दो मोटरसाइकिल सहित लगभग 7 लाख 20 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इस प्रकार दोनों कार्रवाई में मृगवास थाना पुलिस ने 18 लाख 20 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है।

शिवपुरी : जिले के थाना करैरा पुलिस ने अवैध स्मैक बेचने आए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 43.06 ग्राम स्मैक जप्त की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख 60 हजार रूपए है।

राजगढ़ : जिले में ऑपरेशन “शुद्धि” के तहत थाना भोजपुर पुलिस ने 46.50 ग्राम अवैध स्मैक सहित आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 4 लाख 60 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की। इसी प्रकार एक अन्‍य कार्रवाई में 35 ग्राम अवैध स्मैक के साथ 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 3 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इस प्रकार दोनों कार्रवाई में भोजपुर पुलिस ने 8 लाख 10 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

भोपाल : क्राइम ब्रांच ने ट्रेन से भोपाल पहुंचे गांजा तस्करों के गिरोह पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 05 महिलाओं सहित 07 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी घरेलू सामान की आड़ में लगभग 36 किलो गांजा भोपाल सप्लाई करने लाए थे। कार्रवाई में लगभग 4 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

वहीं एक अन्य कार्रवाई में क्राइम ब्रांच ने 7 किलो 670 ग्राम गांजा एवं मोबाइल फोन के साथ आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए लगभग 2 लाख 30 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

जीआरपी जबलपुर / शहडोल : नशे के विरुद्ध लगातार अभियान चलाते हुए जीआरपी शहडोल द्वारा ट्रेन में तस्करी कर ले जाया जा रहा 41 किलो गांजा जब्त किया गया। जप्त संपत्ति की अनुमानित कीमत लगभग 4 लाख रुपये है।

दमोह : जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत पटेरा पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 02 किलो 864 ग्राम अवैध गांजा एवं एक मोबाइल फोन सहित लगभग 40 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। वहीं एक अन्‍य कार्रवाई में थाना पटेरा पुलिस ने ही कार्रवाई करते हुए 10 किलो 900 ग्राम गांजा सहित एक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 1 लाख 62 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इस प्रकार दोनों कार्रवाई में पटेरा पुलिस ने 2 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है।

मैहर : जिले में विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 4.6 ग्राम अवैध स्मैक पाउडर एवं परिवहन में प्रयुक्त कार सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 1 लाख 70 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

नरसिंहपुर : “ऑपरेशन ईगल क्लॉ” के तहत नरसिंहपुर पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए 11.28 ग्राम अवैध स्मैक सहित लगभग 1 लाख 30 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

अनूपपुर : जिले में थाना जैतहरी पुलिस ने 8 किलो 207 ग्राम अवैध गांजा के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। जब्‍त गांजे की अनुमानित कीमत लगभग 56 हजार रूपए है।

सीधी : जिले में ऑपरेशन “प्रहार 2.0” के तहत थाना जमोड़ी पुलिस ने 3 हजार 480 प्रतिबंधित ONEREX कफ सिरप जब्‍त की। कफ सिरप की अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख 96 हजार रूपए है।

रीवा : जिले में थाना सगरा पुलिस ने नशे के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 115 शीशी अवैध ऑनरेक्‍स नशीली कफ सिरप एवं टीवीएस स्कूटी सहित 1 लाख 13 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की।

मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा समाज को नशामुक्त बनाने एवं युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने हेतु कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जा रही है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें।

 

जल संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा पर सात दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन का शुभारंभ आज से

27 मई से 2 जून तक में होगा आयोजन, मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ; इसरो, बीएचयू और आईआईएम बोधगया के विशेषज्ञ होंगे शामिल

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित सात दिवसीय “सदानीरा समागम” का शुभारंभ 27 मई से भोपाल के भारत भवन में होने जा रहा है। यह आयोजन 2 जून तक चलेगा, जिसमें जल संरक्षण, पंचमहाभूत, भारतीय ज्ञान परंपरा और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ मंथन करेंगे।

समागम का उद्घाटन मुख्यमंत्री की उपस्थिति में होगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और विभिन्न जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

कार्यक्रम में , और सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ भाग लेकर अपने विचार साझा करेंगे।

समागम के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। लोकगायन, नृत्य-नाटिकाओं और भारतीय नौसेना बैंड की विशेष प्रस्तुति दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगी।

इसके साथ ही जल संरक्षण विषयक प्रदर्शनियां, चित्रांकन कार्यशालाएं और पुस्तकों का लोकार्पण भी आयोजित किया जाएगा। आयोजन के वैचारिक सत्र प्रतिदिन सुबह 10 बजे से तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 6 बजे से में आयोजित होंगे।

भुवनेश्वर में अभाविप की केंद्रीय कार्यसमिति बैठक संपन्न, पश्चिम बंगाल में लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना पर अभिनंदन प्रस्ताव पारित

शैक्षिक विसंगतियों, नक्सलवाद और छात्र हितों के मुद्दों पर अभाविप का मंथन; देशभर से आए प्रतिनिधियों ने संगठनात्मक विस्तार और राष्ट्रीय विषयों पर की चर्चा

महाप्रभु जगन्नाथ की पावन धरा भुवनेश्वर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की एक-दिवसीय केंद्रीय कार्यसमिति बैठक ‘शिक्षा ‘ओ’ अनुसंधान’ विश्वविद्यालय में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से आए प्रतिनिधि कार्यकर्ताओं ने शिक्षा, युवाओं की भूमिका, राष्ट्रीय सुरक्षा, सामाजिक एवं आर्थिक विषयों सहित समसामयिक चुनौतियों पर व्यापक चर्चा की।

बैठक के दौरान पश्चिम बंगाल में हिंसा, भय और तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त कर लोकतांत्रिक मूल्यों की पुनर्स्थापना के लिए जनमानस के अभिनंदन का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ अभाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी और राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया।

बैठक में ‘स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम अभियान’, ‘वंदे मातरम् के 150 वर्ष’, ‘छात्रावास सर्वेक्षण अभियान’, ‘प्रा. यशवंतराव केलकर जन्मशती वर्ष’, ‘आपातकाल निषेध के 50 वर्ष’ तथा ‘मिशन साहसी’ जैसे विभिन्न राष्ट्रीय अभियानों और कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।

राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. रघुराज किशोर तिवारी ने कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था भारतीय दर्शन और मूल्यों पर आधारित होनी चाहिए, जिससे युवाओं के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो सके। वहीं राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि अभाविप शिक्षा में व्याप्त विसंगतियों, पेपर लीक, छात्रवृत्ति और छात्र हितों से जुड़े विषयों पर लगातार रचनात्मक आंदोलन और संघर्ष कर रही है।

बैठक में यह भी कहा गया कि अभाविप देशभर में छात्राओं के आत्मरक्षा प्रशिक्षण, छात्र सम्मेलनों और छात्र हितों के विभिन्न आंदोलनों के माध्यम से युवाओं के बीच अपनी सक्रिय भूमिका निभा रही है।

केंद्रीय कार्यसमिति की यह बैठक आगामी राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद की दिशा तय करने और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और अधिक गति देने की दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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