भोपाल, 1 जून। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मंत्रालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनभागीदारी और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो तथा पोषण स्तर सुधारने के लिए स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों के साथ निजी अस्पतालों और संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और अन्य राज्यों में सफल नवाचारों का अध्ययन कर उन्हें अपनाने की कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने मैदानी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में जानकारी दी गई कि महिला कर्मियों की अधिक संख्या वाले औद्योगिक क्षेत्रों में पीपीपी मॉडल पर वर्किंग वुमेन हॉस्टल विकसित किए जा रहे हैं। देवास, नर्मदापुरम, झाबुआ और सिंगरौली में ऐसे हॉस्टलों का निर्माण शुरू हो चुका है। वहीं संकटग्रस्त महिलाओं की सहायता के लिए पांढुर्णा, मऊगंज, मैहर, पेटलावद, इंदौर, धार सहित विभिन्न स्थानों पर वन स्टॉप सेंटर स्वीकृत किए गए हैं।
बाल संरक्षण के क्षेत्र में चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से 51 जिला स्तरीय और एक राज्य स्तरीय हेल्प सेंटर द्वारा 66 हजार से अधिक बच्चों को सहायता प्रदान की गई है। जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान और मैपिंग का कार्य 13 जिलों में जारी है।
9.28 लाख बच्चों की हुई ग्रेजुएशन सेरेमनी
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 9 लाख 28 हजार बच्चों के लिए ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित कर उन्हें विद्यारंभ प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जिससे स्कूलों में उनका सहज प्रवेश सुनिश्चित हुआ। इस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।
इसके अलावा, सक्षम आंगनबाड़ी उन्नयन कार्यक्रम के तहत एक साथ 12,670 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य आंगनबाड़ी केंद्रों में उन्नत किया गया है, जिससे मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।
लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं का लाभ
समीक्षा में बताया गया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत जनवरी 2024 से मई 2026 तक 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं को 47,775 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वहीं मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत मई 2026 तक 15.84 लाख बालिकाओं का पंजीयन कर 537 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित की गई।
मातृ वंदना योजना में देश में अव्वल मध्यप्रदेश
बैठक में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 15.51 लाख गर्भवती महिलाओं को 798.68 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई है। इस योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पिछले ढाई वर्षों से देश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है।
साथ ही प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बीमा योजना का लाभ प्रदान किया गया है। विभिन्न जिलों में पोषण सुधार के लिए किए जा रहे नवाचारों की भी समीक्षा बैठक में जानकारी प्रस्तुत की गई।




