मुख्यमंत्री 5 जून को पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को करेंगे सम्मानित

मुख्यमंत्री 5 जून को पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को करेंगे सम्मानित

मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत बोर्ड परीक्षा के टॉप-10 छात्रों का होगा सम्मान

रायपुर
 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आगामी शुक्रवार 5 जून को दोपहर 2.30 बजे न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन रायपुर में एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप-10 में स्थान बनाने वाले पंजीकृत श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को सम्मानित करेंगे। इस गरिमामय अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

योजना के तहत मिलने वाले मुख्य लाभ

          योजना के अंतर्गत चयनित प्रत्येक मेधावी छात्र को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उच्च शिक्षा और आवागमन को सुगम बनाने के लिए दोपहिया वाहन  क्रय करने हेतु 1  लाख रुपये का विशेष अनुदान देने का भी प्रावधान है। इस प्रकार प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को कुल रुपये 2,00,000/- का चेक वितरण कर लाभान्वित किया जाना है। 

पात्रता एवं नियम

         छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तें अनिवार्य हैं। हितग्राही श्रमिक का श्रम कल्याण मंडल में कम से कम 90 दिन पूर्व से पंजीकृत होना आवश्यक है। यह वार्षिक प्रोत्साहन राशि पंजीकृत निर्माण श्रमिक के केवल प्रथम दो बच्चों को ही देय होगी। इस योजना का लाभ एक शैक्षणिक वर्ष में केवल एक बार ही लिया जा सकता है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह कल्याणकारी योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए एक बड़ा संबल प्रदान कर रही है।

फ्लाई-ऐश और औद्योगिक कचरे की रिसाइक्लिंग से बन रहीं पर्यावरण-अनुकूल सड़कें

रायपुर

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने आधुनिक सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और सस्टेनेबल डेवलपमेंट की दिशा में कई अभिनव पहलें की हैं। प्रकृति, वन्य जीव और आधुनिकता के बीच बेहतरीन संतुलन स्थापित करने का यह अनूठा मॉडल विशेष रूप से छत्तीसगढ़ की विभिन्न परियोजनाओं में धरातल पर उतरता दिखाई दे रहा है। औद्योगिक कचरे के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देकर पर्यावरण-अनुकूल सड़कों का निर्माण किया जा रहा है, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने में मील का पत्थर साबित हो रही हैं।

औद्योगिक कचरे की रिसाइक्लिंग से राजमार्गों का निर्माण

राजमार्ग निर्माण में थर्मल पावर प्लांट की फ्लाई-ऐश (राख) का उपयोग करके एनएचएआई ने पर्यावरण संरक्षण की एक नई मिसाल पेश की है, जिसका बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की बिजली परियोजनाओं से निकलने वाले कचरे को खपाने में काम आ रहा है। छत्तीसगढ़ में विभिन्न परियोजनाओं में वर्ष 2024-25 में रिकॉर्ड 2.17 करोड़ मीट्रिक टन और वर्ष 2025-26 में 62 लाख मीट्रिक टन से अधिक फ्लाई-ऐश को सड़क निर्माण में खपाया गया, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक लगभग 20 लाख मीट्रिक टन फ्लाई-ऐश का उपयोग किया जा चुका है। इतना ही नहीं, स्टील उद्योग के अपशिष्ट यानी स्लैग, अनुपयोगी टायरों के रबर और बायो-बिटुमेन जैसी वैकल्पिक सामग्रियों को रिसायकल कर वर्ष 2024-25 में 30,477 मीट्रिक टन तथा वर्ष 2025-26 में 2691 मीट्रिक टन सामग्रियों का उपयोग करके ग्रीन-हाइवे की परिकल्पना को साकार किया गया है।

जल संरक्षण और भूजल संवर्धन के प्रयास

सड़क निर्माण के साथ-साथ जल संरक्षण और भूजल संवर्धन पर भी विशेष जोर दिया जा रहा है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्तर सुधर सके। छत्तीसगढ़ के राजमार्गों के आस-पास के ग्रामीण अंचलों सहित देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे 13 अमृत सरोवरों का जीर्णोद्धार और निर्माण किया गया है। वर्षा जल संचयन को गति देने के लिए वाटर हार्वेस्टिंग पिट्स की संख्या को वर्ष 2024-25 में 14 से बढ़ाकर अगले ही वर्ष 105 कर दिया गया। निर्माण कार्यों और पौधों की सिंचाई में पीने योग्य साफ पानी की बर्बादी रोकने के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से प्राप्त 323 किलोलीटर शोधित जल का उपयोग किया गया, जो जल प्रबंधन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

संवेदनशील वनों में इको-फ्रेंडली इन्फ्रास्ट्रक्चर

वन्य जीवों के प्राकृतिक आवास को सुरक्षित रखने के लिए एनएचएआई ने छत्तीसगढ़ की विभिन्न परियोजनाओं में बेहद संवेदनशील पारिस्थितिकी तंत्रों में अत्याधुनिक इको-फ्रेंडली इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। छत्तीसगढ़ के सीतानदी-उदंती अभ्यारण्य के संवेदनशील क्षेत्र में करीब 3 किलोमीटर लंबा अत्याधुनिक सुरंग इसका नायाब उदाहरण है। इस निर्माण से वाहनों का आवागमन भूमिगत होगा और जंगल के शांत माहौल पर न्यूनतम प्रभाव पड़ेगा। इस क्षेत्र में विशेष ध्वनि-अवरोधक (साउंड बैरियर्स) लगाए जा रहे हैं, ताकि वन्य जीव और पक्षी वाहनों के शोर से विचलित न हों। साथ ही, पेड़ों पर रहने वाले जीवों के लिए सड़क के ऊपर मंकी-कैनोपी और हाथियों व अन्य वन्य जीवों के बेरोकटोक विचरण के लिए विशेष एलिफेंट-पास एवं एनिमल-अंडर विकसित किए जा रहे हैं।

बी-कॉरिडोर और मेडिसीन पार्क से स्थानीय समृद्धि

हाइवे को एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र में बदलने छत्तीसगढ़ के मैदानी और वनांचल मार्गों के किनारों पर एनएचएआई द्वारा कई अनोखे प्रयोग किए जा रहे हैं। सड़कों के किनारे विशेष बी-कॉरिडोर (मधुमक्खी गलियारा) विकसित किया जाएगा, जिससे आसपास के खेतों में प्राकृतिक परागण बढ़ेगा और स्थानीय किसानों की फसल उत्पादकता में वृद्धि होगी। वहीं, बंजर और खाली पड़ी जमीनों पर मेडिसीन पार्क (औषधि वन) तैयार कर नीम, तुलसी, एलोवेरा और आंवला जैसे हजारों औषधीय पौधे लगाए जाएंगे। इसके साथ ही, एनएचएआई ने “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान के अंतर्गत बीते वर्ष छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे और डिवाइडर्स पर ढाई लाख से अधिक पौधों का रोपण कर हरित राजमार्ग का एक नया कीर्तिमान रचा है।

जनता तक पहुंचे योजनाओं का वास्तविक लाभ, प्रशासन जवाबदेही के साथ करे कार्य : मुख्यमंत्री साय

रायपुर 
 
शासन प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी जनसमस्याओं का संवेदनशील, पारदर्शी और समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत बिलासपुर प्रवास के दौरान बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, सक्ती एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिलों के अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही। मुख्यमंत्री  साय ने विकास कार्यों की प्रगति, राजस्व मामलों, पेयजल व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं तथा आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।

राजस्व प्रकरणों के निराकरण के लिए चलाएं विशेष अभियान

मुख्यमंत्री ने राजस्व मामलों की समीक्षा करते हुए समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अन्य राजस्व प्रकरण सीधे नागरिकों के जीवन और आजीविका से जुड़े होते हैं। ऐसे मामलों में अनावश्यक विलंब आमजन की परेशानी बढ़ाता है, इसलिए इनके त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं पर रखें विशेष निगरानी

मुख्यमंत्री  साय ने ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को देखते हुए सभी जिलों में पेयजल व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल संकट उत्पन्न न हो, इसके लिए निरंतर निगरानी और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम एवं उपचार के लिए अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं और मूलभूत सुविधाओं के संबंध में किसी प्रकार की असुविधा न हो, यह प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाए तथा वितरण व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने पश्चिम एशिया की परिस्थितियों के कारण डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता का उल्लेख करते हुए किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया तथा नैनो डीएपी जैसे विकल्पों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाए। वैज्ञानिक खेती और संतुलित उर्वरक उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ खेती की लागत भी कम की जा सकती है।

कृषि क्षेत्र में बढ़ेगी महिलाओं की भागीदारी 

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण और आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे तकनीक आधारित कृषि गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन सकें। इससे कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का विस्तार होगा और महिलाओं के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।

जनभागीदारी से सफल हो रहा सुशासन तिहार

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि वे स्वयं प्रदेश  में  आयोजित समाधान शिविरों में शामिल होकर आम नागरिकों से सीधे संवाद कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद शिविरों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि जनता का शासन और प्रशासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार केवल शिकायतों के निराकरण का अभियान नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास एवं संवाद को मजबूत करने का माध्यम है। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की 28वीं किश्त जारी होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, सतत निगरानी और प्रशासनिक जवाबदेही सुनिश्चित करने का आह्वान करते हुए कहा कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही सुशासन का वास्तविक उद्देश्य है। यही विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार बनेगा।

बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, सांसद मती कमलेश जांगड़े, विधायक  अमर अग्रवाल,  धरमलाल कौशिक,  धर्मजीत सिंह,  सुशांत शुक्ला,  दिलीप डहरिया, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, विशेष सचिव  रजत बंसल, संभागायुक्त  सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक  रामगोपाल गर्ग तथा पांचों जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

पाली के ग्राम पंचायत मुड़ापार में जनसमस्या निवारण शिविर का हुआ आयोजन 238 आवेदनों का हुआ त्वरित निराकरण

रायपुर 

सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आमजनो की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से जिला कोरबा के पाली ब्लॉक के ग्राम पंचायत मुड़ापार में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन कटघोरा विधायक   प्रेमचंद पटेल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष जिला पंचायत निकिता मुकेश जायसवाल, जनपद अध्यक्ष मती पूर्णिमा शोभा जगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी  उपस्थित रहे।

शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा ग्रामीणों को स्टॉल के माध्यम से योजनाओं की जानकारी एवं विभागीय योजनाओं से लाभ प्रदान किया गया।  जिसमें जनपद पंचायत पाली  अंतर्गत एक हितग्राहियों को राशन कार्ड, एक हितग्राही को पेंशन स्वीकृति आदेश, 03 दिव्यांग हितग्राही को श्रवण यंत्र एवं 01 हितग्राही को वाकिंग स्टीक प्रदान किया गया। साथ ही नन्हें शिशुओं को अन्नप्राशन भी कराया गया।

शिविर में  विभिन्न विभाग अंतर्गत मांग व शिकायत से सम्बंधित कुल 1065 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 238 आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया।  शेष आवेंदनो का परीक्षण कर शीघ्रता से निराकरण किया जाएगा।  इस शिविर में क्लस्टर अंतर्गत शामिल सभी ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।

शिविर   को संबोधित करते हुए विधायक  प्रेमचंद ने कहा कि सुशासन तिहार का मुख्य उद्देश्य शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने तथा ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी शिविरों में उपस्थित होकर अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी देते हैं, जिससे योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँच सके। उन्होंने  ग्रामीणों से अपील की कि अधिक से अधिक योजनाओं का लाभ लेकर अपने जीवन स्तर में सुधार करें।

मुख्य सचिव का वीडियो कांफ्रेंस में शामिल केबिनेट सचिव ने राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों एवं योजनाओं के एक्शन प्लान को लेकर किया विमर्श

रायपुर

भारत सरकार के केबिनेट सचिव डॉ. टी.व्ही.सोमनाथन ने आज नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकारें मिलकर राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों एवं योजनाओं का क्रियान्वयन करें। कान्फ्रेंस में शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा, अपार आई डी, आंगनबाड़ियों के मैनेजमेंट, आरोग्य मंदिर, आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी लाईवलीहुड मिशन, पीएम जनमन, पेंशन स्कीम सहित भारत सरकार की अन्य महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं कार्यक्रम का राज्यों में संचालन तथा क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। 
          
वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान आगामी दिनों में होने वाली नीति आयोग की नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनटीए द्वारा ली जाने वाली रि-नीट परीक्षा में जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव  विकासशील नवा रायपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। सीएस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ में लाईवलीहुड मिशन, आकांक्षी जिला एवं नियद नेल्लानार योजना में किए गए कार्यों का विशेष तौर पर उल्लेख किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों के सचिवों और सभी राज्यों के मुख्य सचिव एवं राज्यों के विभिन्न विभागों के सचिव भी शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श् विष्णुदेव साय ने बिलासपुर में निर्माणाधीन नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का किया निरीक्षण

रायपुर 

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत आज बिलासपुर प्रवास के दौरान मधुबन-जूना बिलासपुर क्षेत्र में निर्माणाधीन नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब का निरीक्षण कर परियोजना की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्यों का अवलोकन करते हुए अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह परियोजना प्रदेश के युवाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोलेगी और बिलासपुर को शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षा तैयारी के एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री  तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री  अरुण साव, विधायक  अमर अग्रवाल,  धरमलाल कौशिक,  सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी, महापौर मती पूजा विधानी, मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, विशेष सचिव  रजत बंसल, संभागायुक्त  सुनील जैन, पुलिस महानिरीक्षक  रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर  संजय अग्रवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि बिलासपुर में प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में विद्यार्थी सीजीपीएससी, यूपीएससी, नीट, जेईई, एसएससी, बैंकिंग, व्यापम तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं। इन विद्यार्थियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक अध्ययन वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लगभग 13 एकड़ शासकीय भूमि पर 120 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक एजुकेशन हब विकसित किया जा रहा है।

परियोजना के अंतर्गत नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी, 300-300 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास, आधुनिक शैक्षणिक ब्लॉक तथा विद्यार्थियों की आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य सुविधाओं का निर्माण किया जा रहा है। एक ही परिसर में अध्ययन, आवास और शैक्षणिक संसाधनों की उपलब्धता विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उत्कृष्ट वातावरण प्रदान करेगी। इससे प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलेगा।

अधिकारियों ने बताया कि परिसर में 48 बड़े रेंटल हॉल का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे नगर निगम के लिए दीर्घकालिक और स्थायी आय का स्रोत विकसित होगा। पीपीपी मॉडल पर विकसित की जा रही इस परियोजना का संचालन वित्तीय दृष्टि से भी आत्मनिर्भर होगा तथा नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक भार नहीं आएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है। राज्य सरकार युवाओं को बेहतर संसाधन, आधुनिक अधोसंरचना और प्रतिस्पर्धी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि नालंदा परिसर एवं एजुकेशन हब केवल एक भवन परियोजना नहीं, बल्कि युवाओं के सपनों और आकांक्षाओं को नई दिशा देने वाला ज्ञान केंद्र है।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि परियोजना पूर्ण होने के बाद बिलासपुर की पहचान प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख शैक्षणिक एवं प्रतियोगी परीक्षा तैयारी केंद्र के रूप में स्थापित होगी। यह एजुकेशन हब हजारों विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत आधारशिला बनेगा।

 

विश्व पर्यावरण पर राज्यपाल ने दिया जल और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

रायपुर

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बढ़ते पर्यावरणीय संकट और भविष्य में संभावित जल संकट को देखते हुए प्रत्येक नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। राज्यपाल ने कहा कि जल और जंगल एक-दूसरे के पूरक हैं। यदि पानी रहेगा तो पेड़-पौधे सुरक्षित रहेंगे और यदि पेड़ रहेंगे तो जल स्रोतों का संरक्षण संभव होगा। 
         
राज्यपाल ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान से जुड़कर अधिक से अधिक वृक्षारोपण करें। उन्होंने कहा कि एक पौधा लगाना केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्य नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य में योगदान है। वृक्ष पृथ्वी के प्राकृतिक संतुलन को बनाए रखने, वर्षा चक्र को मजबूत करने और भूजल स्तर को संरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
        
राज्यपाल ने कहा कि देश और दुनिया के अनेक क्षेत्रों में जल स्रोत लगातार घट रहे हैं। भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है। वर्षा जल संचयन, जल का विवेकपूर्ण उपयोग, तालाबों और जल स्रोतों का संरक्षण तथा वृक्षारोपण जैसे प्रयास सामूहिक रूप से किए जाएं तो आने वाले वर्षों में जल संकट की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।

लोक भवन और नया रायपुर स्थित निर्माणाधीन लोक भवन में करेंगे वृक्षारोपण
         

 विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यपाल श्री रमेन डेका लोक भवन तथा नया रायपुर स्थित निर्माणाधीन लोक भवन परिसर में वृक्षारोपण करेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे जनभागीदारी के माध्यम से एक व्यापक सामाजिक अभियान का स्वरूप दिया जाना चाहिए। राज्यपाल ने प्रदेशवासियों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पेड़ लगाएं, जल बचाएं और प्रकृति के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। 

लोक भवन के कर्मचारियों को पौधे भेंट 
        
विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर राज्यपाल श्री डेका ने लोक भवन के कर्मचारियों को  पौधे  भेंट किए तथा उन्हें अपने घरों एवं आसपास पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर लोक भवन के सभी कर्मचारियों के लिए  निशुल्क पौधों के वितरण की  व्यवस्था की गई है।

 

चौपाल में मुख्यमंत्री ने सुनी जनता की बात, विकास कार्यों की दी सौगात

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सुशासन तिहार के अंतर्गत आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के ग्राम भीखमपुरा में आयोजित जनचौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा क्षेत्र के विकास के लिए अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। गौशाला परिसर में आयोजित जनचौपाल में मुख्यमंत्री पारंपरिक खाट पर बैठकर ग्रामीणों, महिलाओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्व-सहायता समूहों की महिलाओं से रूबरू हुए और उनकी समस्याओं, सुझावों तथा अपेक्षाओं की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास, संवाद और जवाबदेही को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और उनके त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आमजन से प्राप्त आवेदनों और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक मूल्यांकन तभी संभव है जब सरकार स्वयं लोगों के बीच जाकर उनकी प्रतिक्रिया प्राप्त करे। इसी उद्देश्य से प्रदेशभर में जनचौपालों और समाधान शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। 

मुख्यमंत्री  साय ने जनचौपाल में उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना तथा महिला स्व-सहायता समूहों के सशक्तिकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनका लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राही तक पहुंचे।

जनचौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत मांगों पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने सपेरा समाज के लिए सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन के निर्माण, बस्ती क्षेत्र में मंगल भवन निर्माण, गांव की आंतरिक गलियों में सीसी रोड निर्माण तथा चंडी मंदिर के समीप स्थित डबरी तालाब के सौंदर्यीकरण की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने ग्राम की प्राथमिक शाला का नामकरण पंडित हृदयानंद पाणिग्राही के नाम पर किए जाने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों का विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क तथा आजीविका के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने ग्रामीणों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने और विकास कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया।

इस अवसर पर वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच मुख्यमंत्री का सीधे गांव पहुंचकर लोगों से संवाद करना उनकी संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण का परिचायक है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में विकास और सुशासन को नई दिशा मिली है तथा शासन की योजनाओं का लाभ तेजी से अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है।

कार्यक्रम मे मुख्यमंत्री के सचिव  पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव  रजत बंसल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।        

35 वर्षों का इंतजार हुआ खत्म : सपेरा बस्ती में साकार हो रहा पक्के घरों का सपना

रायपुर

 सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड स्थित ग्राम भीखमपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने सपेरा बस्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री  साय ने वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन कर रहे सवरा (सपेरा) जनजाति के परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री  साय ने निर्माणाधीन आवासों का अवलोकन करते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास और जनकल्याण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। 

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत आवासों और अन्य निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पिछले लगभग 35 वर्षों से कच्चे घरों में रहकर जीवनयापन कर रहे थे।प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब उनका पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। हितग्राहियों ने कहा कि पहली बार उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक आवास में रहने की उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री  साय ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए।

इस दौरान मुख्यमंत्री  साय ने दिव्यांग हितग्राही रमाबाई सिदार को बैसाखी प्रदान कर उनकी सहायता की तथा बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनसे आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री की सहजता और अपनत्व से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

उल्लेखनीय है कि भीखमपुरा की सपेरा बस्ती में 68 परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास, सीसी रोड तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 25 आवास, वर्ष 2025-26 में 14 आवास तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 14 आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं 10 अन्य पात्र परिवारों को आवास प्लस 2.0 सर्वे में शामिल किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कदम का पौधा तथा वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने बरगद का पौधा रोपित किया। परिसर में कुल पांच पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जारी की महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 68 लाख 54 हजार महिलाओं के बैंक खातों में 642 करोड़ 27 लाख 77 हजार 950 रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा महतारी वंदन योजना इस दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में सामने आई है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि किसी भी समाज और राज्य की प्रगति तब तक पूर्ण नहीं हो सकती, जब तक महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से सम्मानित न किया जाए। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश की माताओं और बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का आधार बन रही है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना से प्राप्त राशि का उपयोग महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, पोषण तथा छोटे-छोटे स्वरोजगार कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं की सामाजिक भागीदारी भी बढ़ी है।

जून 2026 में जारी 28वीं किस्त के साथ ही योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश की महिलाओं को कुल 18 हजार 165 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के जीवन में आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी सोच के अनुरूप सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर में संचालित नियद नेल्लानार अभियान के माध्यम से 7 हजार 770 नई महिलाओं को महतारी वंदन योजना से जोड़ा गया है। इससे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों की महिलाओं को भी आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना आज केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं रह गई है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, विश्वास और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक बन चुकी है। योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार तथा समाज में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश की हर महिला सशक्त, स्वावलंबी और सम्मानपूर्ण जीवन जी सके।

महतारी वंदन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई धारा प्रवाहित हुई है और लाखों परिवारों के जीवन में खुशहाली तथा आर्थिक स्थिरता का नया अध्याय जुड़ा है।

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