सूरजपुर के पर्यटन स्थल पर कार से खतरनाक स्टंट, युवकों का वीडियो चर्चा में

सूरजपुर.

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में नियमों की धज्जियां उड़ाने का एक बेहद खतरनाक मामला सामने आया है, जहां के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अजबनगर के मोरभंज में कुछ युवकों द्वारा कार से जानलेवा स्टंट किया जा रहा है, जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवक चलती कार से खतरनाक करतब दिखा रहे हैं। कोई ड्रिफ्टिंग तो कोई डोनट्स कर रहा है। इस दौरान ना सिर्फ नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई गई बल्कि अपनी और दूसरों की जान भी जोखिम में डाली गई। जानकारी के मुताबिक, वायरल वीडियो सूरजपुर जिले के अजबनगर स्थित मोरभंज पर्यटन स्थल का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ युवक चलती कार की खिड़कियों और दरवाजों से बाहर निकलकर स्टंट करते दिखाई दे रहे हैं। उनकी यह हरकत न केवल नियमों का उल्लंघन है, बल्कि किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती थी।

वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इस तरह की लापरवाही पर चिंता जताई है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। हालांकि ये वीडियो कब की है, इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है और न ही प्रशासन या पुलिस की ओर से इस मामले में कोई बयान जारी किया गया है।

राजनांदगांव में शहादत दिवस पर तत्कालीन SP विनोद कुमार चौबे समेत 29 वीर जवानों को श्रद्धांजलि

राजनांदगाँव.

अविभाजित राजनांदगांव जिले के मानपुर क्षेत्र में 12 जुलाई वर्ष 2009 को नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में जिले के तत्कालीन एसपी विनोद कुमार चौबे सहित 29 पुलिस जवानों की शहादत हो गई थी। उनकी शहादत की बरसी पर वीर शहीदों को नमन करने प्रतिवर्ष की भांति आज भी पुलिस लाइन में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।

अविभाजित राजनांदगांव जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र मानपुर के कोरकोट्टी, सीता गांव और मदनवाड़ा में नक्सलियों के हमले में अपनी जान गंवाने वाले तत्कालीन एसपी विनोद कुमार चौबे सहित 29 अन्य पुलिस जवानों के तैल चित्र पर कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी और शहादत को नमन किया। कार्यक्रम में मौजूद स्वर्गीय एसपी विनोद चौबे की पत्नी रंजना चौबे ने कहा कि यह दिन काफी भावुक और गर्व करने वाला दिन है, उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी शहीदों की कुर्बानी याद रखें और अमन-शांति कायम रहे। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद खत्म हो गया है, अब भय और हिंसा मुक्त राज्य होने से और ज्यादा प्रगति होगी।

इस दौरान मौजूद सांसद संतोष पांडे ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वर्ष 2009 से अब काफी परिवर्तन आया है, नक्सलवाद समाप्त हो चुका है। गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के संकल्प से प्रदेश नक्सलमुक्त हुआ है। श्रद्धांजलि सभा में भूतपूर्व सांसद अभिषेक सिंह, महापौर मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव,पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष कोमल सिंह राजपूत, पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, नगर निगम आयुक्त जीआर मरकाम, सहकारी बैंक के अध्यक्ष सचिन बघेल, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शहीद परिवार और पुलिस परिवार के लोग सहित स्थानीय नागरिक शामिल हुए।

CG Weather Update: कल से मानसून पकड़ेगा रफ्तार, उत्तरी छत्तीसगढ़ में 5 दिन तक बारिश के आसार

रायपुर.

छत्तीसगढ़ में मानसून ने अपनी आमद का दमदार ट्रेलर तो दिखाया, लेकिन कुछ ही दिनों में इसकी रफ्तार सुस्त पड़ गई. बारिश में कमी से कई शहरों के तापमान सामान्य से ऊपर पहुंच गया है. पिछले 24 घंटों में सरगुजा और बस्तर संभाग में मध्यम बारिश हुई है.

इसके बावजूद  प्रदेश में अब तक हुई मौसमी बारिश सामान्य से 21 प्रतिशत कम बनी हुई है. इस बीच मौसम विभाग ने कल यानी 13 जुलाई से बारिश की गतिविधि बढ़ने की संभावना जताई है. वहीं अगले 5 दिनों तक उत्तरी छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर मध्यम बारिश जारी रहने के आसार हैं. मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हुई. इस दौरान दुर्ग में सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस और अंबिकापुर में 23.8 डिग्री सेल्सियय दर्ज किया गया है.
रायपुर शहर और आसपास के इलाकों के लिए मौसम विभाग ने स्थानीय पूर्वानुमान जारी किया है.

इसके मुताबिक आज बादल छाए रह सकते हैं. साथ ही बादल के गरजने-चमकने के साथ वर्षा होने की संभावना है. अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जो समुद्र तल से करीब 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर स्थित है. इसके अलावा उत्तर-पश्चिम बिहार और आसपास के क्षेत्रों में भी 3.1 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.

कहां कितनी बारिश हुई
पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक 4 सेमी बारिश डौरा कोचली में हुई. इसके अलावा बलरामपुर, कुनकुरी, जशपुरनगर, वाड्राफनगर, दुलदुला और शंकरगढ़ में 3-3 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई. वहीं चलगली, सन्ना, रामानुजनगर, कुसमी और प्रतापपुर में 2-2 सेमी तथा ओडगी, भैयाथान, छिंदगढ़, कांसाबेल, बगीचा, मनोरा, उदयपुर, सूरजपुर, राजपुर, चांदो, कापू और बागबहार में 1-1 सेमी वर्षा दर्ज की गई.

रायपुर में जाम से मिलेगी राहत, QRT को ट्रैफिक पुलिस की 10 नई हाई-स्पीड बाइक्स

रायपुर.

राजधानी रायपुर में ट्रैफिक समस्या पर प्रभावी रूप से एक्शन लेने के लिए पुलिस की क्विक रिस्पॉन्स टीम को 10 नई तेज रफ्तार बाइक प्रदान की गई है. अब ट्रैफिक पुलिस भीड़ भरी सड़क पर जल्द पहुंचकर लगे जाम को क्लियर कराएगी.

नई दोपहिया वाहन मिलने के बाद क्यूआरटी को सदरबाजार, रामसागरपारा, तात्यापारा जैसे हेवी ट्रैफिक वाले क्षेत्र में पहुंचने में दिक्कत नहीं आएगी. यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) के जवानों को इमरजेंसी लाइट और सायरन से लैस आधुनिक बाइक उपलब्ध कराई गई हैं. इससे जाम की स्थिति में भीड़भाड़ वाले इलाकों तक टीम तेजी से पहुंच सकेगी.

पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने पुलिस कार्यालय परिसर में क्यूआरटी टीमों को शहर के संवेदनशील और जाम प्रभावित क्षेत्रों की जानकारी देते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. इससे पहले उन्होंने यातायात अधिकारियों की बैठक लेकर व्यवस्था की समीक्षा भी की. पुलिस के अनुसार, शहर में सुगम और निर्बाध यातायात सुनिश्चित करने के लिए सभी 10 क्यूआरटी टीमों को नए आधुनिक वाहनों से सुसज्जित किया गया है. साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि जाम की सूचना मिलते ही टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर यातायात सामान्य कराए, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े.

ट्रैफिक जाम के लिए हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि शहर में कहीं भी ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने पर वे तुरंत यातायात हेल्पलाइन नंबर 94792 10632 पर सूचना दें. सूचना मिलते ही संबंधित ट्रैफिक थाने की क्यूआरटी टीम तत्काल मौके पर पहुंचकर यातायात को सुचारु बनाने की कार्रवाई करेगी. इस दौरान एडिशनल पुलिस कमिश्नर अमित तुकाराम कांबले सहित यातायात पुलिस के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

मदनवाड़ा नक्सल हमले की 17वीं बरसी: SP समेत 29 जवानों के सर्वोच्च बलिदान को किया गया याद

मोहला-मानपुर.

आज से ठीक 17 साल पहले, 12 जुलाई 2009 को छत्तीसगढ़ के मानपुर क्षेत्र में नक्सलियों ने एक ऐसा खूनी हमला किया था, जिसने पूरे प्रदेश और देश को झकझोर दिया. इस हमले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार (वी.के.) चौबे समेत 29 पुलिस जवान मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए. आज उस नक्सली हमले की 17वीं बरसी है.

संयोग यह है कि उस समय भी रविवार था और आज भी रविवार है. लेकिन इन दोनों रविवारों में बड़ा अंतर है. 17 साल पहले जंगल गोलियों और धमाकों की आवाज से गूंज उठा था, जबकि आज वही इलाका शांति, विकास और नक्सलमुक्त वातावरण का प्रतीक बन चुका है. जिन नक्सलियों ने उस समय सुरक्षा बलों पर हमला किया था, वे या तो मारे जा चुके हैं, गिरफ्तार हुए हैं या आत्मसमर्पण कर चुके हैं. आज इस क्षेत्र में विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं.

12 जुलाई 2009 को नक्सलियों ने सबसे पहले मदनवाड़ा पुलिस कैंप के पास तैनात दो जवानों की हत्या कर दी. उनका उद्देश्य पुलिस को घटनास्थल तक बुलाना था. जैसे ही घटना की सूचना मिली, तत्कालीन एसपी वी.के. चौबे स्वयं पुलिस बल के साथ राजनांदगांव से मदनवाड़ा के लिए रवाना हुए. दूसरी ओर औंधी थाना क्षेत्र से भी एक पुलिस टीम दूसरे रास्ते से निकली. नक्सलियों ने पहले से ही कई स्थानों पर घात लगाया हुआ था. मदनवाड़ा, कारेकट्टा और कोरकोट्टी के बीच अलग-अलग जगहों पर बारूदी सुरंग विस्फोट और अंधाधुंध फायरिंग कर पुलिस दल को निशाना बनाया गया. इस सुनियोजित हमले में एसपी वी.के. चौबे समेत 29 जवान शहीद हो गए.

जहां कभी गोलियों की गूंज, आज वहीं विकास की नई तस्वीर
उस समय यह क्षेत्र नक्सलियों का मजबूत गढ़ माना जाता था. लेकिन शहीद जवानों के बलिदान और सुरक्षा बलों के लगातार अभियानों ने नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई की नींव रखी. आज, 17 साल बाद पहली बार इस बरसी को एक नक्सलमुक्त क्षेत्र में याद किया जा रहा है. जहां कभी गोलियों की गूंज थी, वहां अब विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है.

खाद वितरण में खैरागढ़ जिला प्रदेश में प्रथम, 83.82 प्रतिशत उर्वरक का हुआ वितरण

रायपुर

खाद वितरण में खैरागढ़ जिला प्रदेश में प्रथम, 83.82 प्रतिशत उर्वरक का हुआ वितरण

खरीफ वर्ष 2026 में किसानों को समय पर रासायनिक उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए किए गए सुनियोजित प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिला उर्वरक वितरण के मामले में पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर पहुंच गया है। 09 जुलाई 2026 की स्थिति में जिले में कुल 21,452 टन रासायनिक खाद का भंडारण किया गया, जिसमें से 17,980 टन खाद किसानों को वितरित की जा चुकी है। इस प्रकार जिले में 83.82 प्रतिशत उर्वरक वितरण दर्ज किया गया है, जो प्रदेश में सर्वाधिक है।

कलेक्टर  इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल द्वारा खरीफ सीजन को देखते हुए उर्वरक भंडारण एवं वितरण व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जा रही है। उनके निर्देशन में कृषि विभाग, सहकारिता विभाग, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक तथा सेवा सहकारी समितियों के माध्यम से खाद की उपलब्धता, परिवहन और वितरण की नियमित मॉनिटरिंग की गई। यही कारण है कि जिले में किसानों को आवश्यकता के अनुरूप समय पर खाद उपलब्ध हो रही है तथा वितरण व्यवस्था बिना किसी बाधा के संचालित हो रही है।

कृषि विभाग के अनुसार जिले की सभी सेवा सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों का भंडारण सुनिश्चित किया गया है। वर्तमान में जिले के किसी भी क्षेत्र से खाद की कमी की शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। किसानों को डीएपी, यूरिया एवं अन्य आवश्यक उर्वरक सुगमता से उपलब्ध कराए जा रहे हैं तथा मांग के अनुरूप निरंतर आपूर्ति भी की जा रही है।

नोडल अधिकारी जिला सहकारी केंद्रीय बैंक एवं सहकारिता विभाग ने बताया कि खरीफ सीजन की शुरुआत से ही समितियों में उर्वरकों का अग्रिम भंडारण कराया गया था। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में प्रतिदिन वितरण की समीक्षा की जा रही है। समितियों को आवश्यकतानुसार अतिरिक्त खाद भी उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि किसानों की मांग के अनुरूप खाद उपलब्ध कराने के लिए विभाग पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है।

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत सेवा सहकारी समितियों एवं लाइसेंसधारी विक्रेताओं से ही उर्वरक क्रय करें तथा किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तत्काल कृषि विभाग अथवा संबंधित समिति को अवगत कराएं। प्रशासन द्वारा खरीफ सीजन में किसानों को आवश्यक कृषि आदान समय पर उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं ताकि खेती-किसानी के कार्य प्रभावित न हों।

जिले के विभिन्न क्षेत्रों के किसानों ने समय पर खाद उपलब्ध होने पर संतोष व्यक्त किया है। विकासखंड खैरागढ़ के सेवा सहकारी समिति मदुराकोही के किसान  कोमल राम ने बताया कि इस वर्ष समिति में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है और उन्हें बिना किसी परेशानी के आवश्यक उर्वरक मिल गया। उन्होंने कहा कि समय पर खाद मिलने से बुआई एवं फसल प्रबंधन के कार्य सुचारू रूप से हो रहे हैं।

वहीं विकासखंड छुईखदान के किसान शिवकुमार ने कहा कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार व्यवस्था अधिक बेहतर है। उन्हें खाद के लिए भटकना नहीं पड़ा और आवश्यकता अनुसार उर्वरक आसानी से उपलब्ध हो गया। उन्होंने जिला प्रशासन एवं सहकारी समितियों की व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि समय पर खाद मिलने से किसानों को काफी राहत मिली है।

बच्चों में गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान के लिए विशेष अभियान 200 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच

रायपुर

200 से अधिक बच्चों की स्वास्थ्य जांच

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोगों की समय पर पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम बलरामपुर जिला में स्वास्थ्य विभाग ने यूनिसेफ एवं एमसीसीआर ट्रस्ट के सहयोग से विकासखंड शंकरगढ़ में बच्चों के लिए विशेष गैर-संचारी रोग स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया।

शिविर में 1 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 200 से अधिक बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जांच के दौरान 7 बच्चे सिकल सेल रोग से प्रभावित पाए गए, जिन्हें आगे की विस्तृत जांच, परामर्श एवं उपचार के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफर किया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि समय पर जांच और उपचार से सिकल सेल सहित अन्य गैर-संचारी रोगों की जटिलताओं को काफी हद तक रोका जा सकता है।

शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चों एवं उनके अभिभावकों को सिकल सेल रोग, बाल मधुमेह तथा अन्य गैर-संचारी रोगों के लक्षण, नियमित जांच, समय पर उपचार और फॉलो-अप के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अभिभावकों को सलाह दी गई कि यदि बच्चों में अत्यधिक कमजोरी, बार-बार बुखार, लगातार प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, अचानक वजन घटना या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई दें तो तत्काल निकटतम स्वास्थ्य संस्थान में जांच कराएं।

शिविर के दौरान बच्चों की समग्र स्वास्थ्य जांच, आवश्यक परामर्श तथा जरूरतमंद बच्चों के लिए उच्च स्वास्थ्य संस्थानों में रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई। स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि ऐसे विशेष शिविरों के माध्यम से बच्चों में गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान कर समय पर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनके स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है।

शिविर के सफल संचालन में स्वास्थ्य विभाग, यूनिसेफ, एमसीसीआर ट्रस्ट, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम तथा विकासखंड स्वास्थ्य अधिकारियों का सक्रिय सहयोग रहा।

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान बना जनभागीदारी का माध्यम

रायपुर

वन महोत्सव में पर्यावरण संरक्षण का संदेश

पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से बलरामपुर जिले के प्रयास आवासीय विद्यालय, भेलवाडीह में वनमंडल बलरामपुर द्वारा ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान’ के अंतर्गत वन महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिम जाति विकास तथा कृषि मंत्री  रामविचार नेताम ने रुद्राक्ष का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया और नागरिकों से अधिकाधिक पौधारोपण के साथ उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मंत्री  रामविचार नेताम कार्यक्रम में ‘एक पेड़ माँ के नाम प्रकृति संरक्षण का जन आंदोलन’ के तहत आयोजित चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

मंत्री  नेताम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वन महोत्सव केवल औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता का व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रकृति के प्रति संवेदनशील समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों के अत्यधिक दोहन के कारण पर्यावरणीय चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे समय में वृक्षारोपण और वृक्षों का संरक्षण केवल सरकार का नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। यदि आज प्रकृति की रक्षा नहीं की गई तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संकट में पड़ सकता है।

उन्होंने लोगों से प्रत्येक घर में पौधारोपण करने और हरित, स्वच्छ तथा पर्यावरण-अनुकूल समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मंत्री  नेताम ने कहा कि सरकार उन्हें बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध करा रही है। इन अवसरों का लाभ उठाकर अनुशासन, परिश्रम और सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने प्रत्येक विद्यार्थी से कम से कम एक पौधा लगाने, उसका संरक्षण करने तथा पर्यावरण संरक्षण को जन-जन का अभियान बनाने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष  हीरामुनी निकुंज ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान का उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित और स्वस्थ पर्यावरण सुनिश्चित करना है। उन्होंने जल, जंगल और जमीन की विरासत को संरक्षित रखने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

कलेक्टर  चंदन संजय त्रिपाठी ने नागरिकों से अपने नाम तथा अपनी बेटी के नाम एक-एक पौधा लगाने की अपील करते हुए कहा कि जीवन के प्रत्येक चरण में वृक्षों का योगदान महत्वपूर्ण है। उन्होंने विद्यार्थियों को शिक्षा, मेहनत और निरंतर प्रयास के माध्यम से भविष्य निर्माण के लिए प्रेरित किया तथा पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाने का संदेश दिया।

वन महोत्सव के दौरान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए ’ग्रीन एटीएम’ के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न प्रजातियों के पौधे निःशुल्क वितरित किए गए। मंत्री  रामविचार नेताम ने स्वयं ग्रीन एटीएम से पौधा प्राप्त कर इस पहल का संदेश दिया। बड़ी संख्या में लोगों ने पौधे लेकर उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया।

कार्यक्रम में रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष  ओमप्रकाश जायसवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य  कृष्णा गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष  पुष्पा नेताम, पुलिस अधीक्षक  वैभव बैंकर, वनमंडलाधिकारी  आलोक बाजपेयी, जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और नागरिक उपस्थित रहे।

बस्तर के रघुचंद कर्रे का बिजली बिल हुआ शून्य-पीएम सूर्य घर योजना से

रायपुर

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य छत पर सोलर पैनल लगाने के लिए केंद्र सरकार भारी सब्सिडी और आसान किश्तों पर लोन देती है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना बस्तर के परिवारों के लिए आर्थिक राहत और आत्मनिर्भरता का एक बड़ा माध्यम बनकर उभर रही है। इसका एक प्रेरक उदाहरण जिले के ग्राम तेलीमारेंगा निवासी हितग्राही  रघुचंद कर्रे हैं। उन्होंने इस जनहितकारी योजना के तहत अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित कराया है, जिससे वे न केवल बिजली के बढ़ते खर्च से मुक्त हुए हैं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाया है।

हर महीने 1500 रूपए के आर्थिक बोझ से मिली मुक्ति
          
रघुचंद कर्रे ने बताया कि वे पूर्व से बिजली के सामान्य उपभोक्ता हैं। सोलर प्लांट लगने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 1,500 रूपए आता था, जो हर महीने उनके परिवार के बजट पर एक अतिरिक्त बोझ साबित होता था। जब उन्हें इस योजना के बारे में पता चला, तो उन्होंने तुरंत आवेदन कर इसका लाभ उठाया।

सरकार से मिली 1.08 लाख रूपए की सब्सिडी
     
योजना के तहत उनके घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर रूफटॉप प्लांट स्थापित किया गया। इस प्लांट की स्थापना के साथ ही उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 1 लाख 8 हजार रुपए की भारी सब्सिडी प्राप्त हुई, जिससे उनके लिए यह संयंत्र लगाना बेहद आसान और किफायती हो गया।

बिजली ग्रिड से जुड़ा सिस्टम, बिल हुआ नील
     
सोलर संयंत्र शुरू होने के बाद अब रघुचंद के घर की अधिकांश बिजली की आवश्यकताएं इसी से पूरी हो रही हैं। सोलर प्लांट से उत्पन्न होने वाली अतिरिक्त बिजली सीधे बिजली कंपनी (ग्रिड) को मिल रही है, जिसके चलते उनका मासिक बिजली बिल अब लगभग शून्य (0) हो गया है।  रघुचंद कर्रे ने कहा कि पहले हर महीने करीब डेढ़ हजार रुपए बिजली बिल देना पड़ता था, जिससे परिवार का बजट प्रभावित होता था। अब बिल शून्य हो गया है और हर महीने अच्छी बचत हो रही है। यह योजना हमारे जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए जताया आभार
      
रघुचंद कर्रे ने आम नागरिकों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का अवसर देने के लिए प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी और राज्य शासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बस्तर जिले के अन्य नागरिकों से भी इस योजना का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उनका कहना है कि यह योजना न केवल जेब पर पड़ने वाले भारी खर्च को रोकती है, बल्कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने और स्वच्छ-हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।

बस्तर गोंचा महापर्व 2026 का निमंत्रण लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मिले प्रतिनिधि

रायपुर

 मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय से आज उनके निवास कार्यालय में बस्तर गोंचा महापर्व आयोजन समिति के प्रतिनिधियों ने सौजन्य मुलाकात कर उन्हें गोंचा महापर्व-2026 में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए आभार व्यक्त करते हुए महापर्व के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर उन्होंने भगवान  जगन्नाथ को पारंपरिक रूप से दी जाने वाली सलामी तुपकी चलाकर महापर्व की सांस्कृतिक परंपरा का सम्मान किया।

प्रतिनिधिमंडल ने जगदलपुर शहर में विद्युत तारों को अंडरग्राउंड किए जाने के निर्णय के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इससे शहर में विद्युत संबंधी समस्याओं का समाधान हुआ है तथा भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के सुचारु संचालन में आने वाली बाधाएँ भी समाप्त हो गई हैं।

360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष  वेदप्रकाश पाण्डे ने बताया कि समाज अपनी 619 वर्ष पुरानी गौरवशाली परंपरा का निर्वहन करते हुए इस वर्ष 29 जून से 25 जुलाई 2026 तक बस्तर के ऐतिहासिक गोंचा महापर्व का आयोजन कर रहा है। भगवान  1008 जगन्नाथ महाप्रभु की भव्य रथयात्रा 16 जुलाई को  जगन्नाथ मंदिर से प्रारंभ होकर सिरहासार भवन (जनकपुरी) में संपन्न होगी, जहाँ महाप्रभु विराजमान होंगे।

इस अवसर पर वन मंत्री  केदार कश्यप, विधायक  किरण सिंह देव, महापर्व आयोजन समिति के अध्यक्ष  मुक्तेश पाण्डे सहित समिति के अन्य प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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