यूसीसी बिल: मध्यप्रदेश में अब सिर्फ एक शादी, लिव-इन के लिए भी रजिस्ट्रेशन जरूरी

मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल को मंजूरी दे दी। अब इस विधेयक को विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। बिल में विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप, उत्तराधिकार और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

यूसीसी बिल को कैबिनेट की मंजूरी

मध्यप्रदेश कैबिनेट ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल को मंजूरी दे दी है। अब इसे विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।

हलाला पर रोक

तलाक के बाद दोबारा शादी के नाम पर होने वाली हलाला जैसी प्रथा को दंडनीय अपराध माना जाएगा।

लिव-इन के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को साथ रहने की शुरुआत के एक महीने के भीतर रजिस्ट्रार के पास अपना बयान दर्ज कराना होगा। दोनों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए, वे पहले से विवाहित न हों और उनकी सहमति स्वतंत्र हो।

21 वर्ष से कम उम्र वालों की सूचना अभिभावकों को

यदि लिव-इन में रहने वाले किसी भी पार्टनर की उम्र 21 वर्ष से कम है, तो इसकी जानकारी उनके माता-पिता या अभिभावकों को दी जाएगी। रजिस्ट्रार यह रिकॉर्ड संबंधित पुलिस थाने को भी भेजेगा।

लिव-इन से जन्मे बच्चों को मिलेगा पूरा अधिकार

लिव-इन रिलेशनशिप से जन्मे बच्चों को वैध माना जाएगा और उन्हें उत्तराधिकार का पूरा अधिकार मिलेगा। यदि पुरुष पार्टनर महिला को छोड़ देता है, तो महिला अदालत के माध्यम से कानूनी पत्नी की तरह भरण-पोषण (गुजारा भत्ता) की मांग कर सकेगी।

नियम तोड़ने पर सजा का प्रावधान

– बिना रजिस्ट्रेशन एक महीने से अधिक लिव-इन में रहने पर 3 महीने तक की जेल या 10 हजार रुपये तक जुर्माना।

– गलत जानकारी देने पर 3 महीने तक की जेल और 25 हजार रुपये तक जुर्माना।

– रजिस्ट्रार के नोटिस के बाद भी जानकारी नहीं देने पर 6 महीने तक की जेल और 25 हजार रुपये तक जुर्माना।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसा कानून लाया जा रहा है, जिसमें राम, रहीम, रवींद्र और रॉबिन सभी को समान अधिकार और समान न्याय मिलेगा।

अब सिर्फ एक ही शादी की अनुमति

प्रस्तावित कानून के तहत सभी समुदायों के लिए एक समय में केवल एक ही विवाह की अनुमति होगी।

शादी की उम्र में कोई बदलाव नहीं

विवाह के लिए पुरुषों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिलाओं की 18 वर्ष ही रहेगी।

मौखिक और तीन तलाक अमान्य

मौखिक तलाक और अनौपचारिक पंचायतों के फैसलों के आधार पर तलाक को मान्यता नहीं होगी। विवाह का समापन केवल कानून में निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकेगा।

महिलाओं को नया अधिकार

यदि विवाह के समय पति ने किसी अन्य महिला को गर्भवती किया हो, तो पत्नी विवाह को निरस्त घोषित कराने की मांग कर सकेगी।

शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

मध्यप्रदेश के निवासियों के लिए शादी और तलाक दोनों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। शहरी क्षेत्रों में ई-नगर पालिका पोर्टल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम, नगर निकाय या पंचायत के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। रजिस्ट्रेशन नहीं होने से विवाह स्वतः अमान्य नहीं होगा, लेकिन नियमानुसार पंजीकरण कराना आवश्यक रहेगा।

श्रद्धा का सैलाब, आस्था का महापर्व — श्री जगन्नाथ रथयात्रा

जब लाखों श्रद्धालुओं की भक्ति एक साथ उमड़ती है, तब सड़कें छोटी पड़ जाती हैं और हर दिशा में गूंजता है— जय जगन्नाथ!

हर कदम पर भक्ति, हर चेहरे पर उत्साह और हर हृदय में प्रभु के दर्शन की अभिलाषा— यही है जगन्नाथ रथयात्रा की दिव्य अनुभूति।

श्रद्धा का ऐसा सैलाब कि सड़कें भी छोटी पड़ गईं।

महाप्रभु श्री जगन्नाथ की पावन रथयात्रा में उमड़ा जनसागर इस बात का सजीव प्रमाण है कि आस्था की शक्ति समय, दूरी और सीमाओं से कहीं बड़ी होती है।

महाप्रभु श्री जगन्नाथ की पावन रथयात्रा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन आस्था, संस्कृति और परंपरा का जीवंत उत्सव है। जब प्रभु अपने भव्य रथ पर विराजमान होकर भक्तों के बीच आते हैं, तब लाखों श्रद्धालुओं का जनसागर उमड़ पड़ता है। हर ओर “जय जगन्नाथ” के जयघोष, भक्ति-गीतों की मधुर ध्वनि और श्रद्धा से भरे हृदय इस दिव्य यात्रा को अलौकिक बना देते हैं।

रथयात्रा हमें यह संदेश देती है कि भगवान अपने भक्तों के बीच स्वयं आते हैं। यहाँ कोई छोटा-बड़ा नहीं होता, कोई भेदभाव नहीं होता—हर व्यक्ति को प्रभु के दर्शन और उनकी कृपा प्राप्त करने का समान अवसर मिलता है। यही इस महापर्व की सबसे बड़ी विशेषता है, जो मानवता, समानता और प्रेम का संदेश पूरे विश्व तक पहुँचाती है

जब श्रद्धा अपने चरम पर पहुँचती है, तब समय, दूरी और सीमाएँ भी छोटी पड़ जाती हैं। दूर-दराज़ से आए लाखों श्रद्धालु एक ही भावना से जुड़ते हैं—महाप्रभु के दर्शन और उनके आशीर्वाद की कामना। यह दृश्य केवल आँखों से नहीं, बल्कि हृदय से अनुभव किया जाता है।

महाप्रभु श्री जगन्नाथ, बड़े भाई बलभद्र और बहन माता सुभद्रा की यह पावन यात्रा हम सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई ऊर्जा का संचार करे। प्रभु का आशीर्वाद प्रत्येक परिवार पर बना रहे और समाज में प्रेम, सद्भाव तथा सेवा की भावना निरंतर बढ़ती रहे।

आइए, इस दिव्य अवसर पर हम सभी श्रद्धा और भक्ति के साथ महाप्रभु के श्रीचरणों में नमन करें और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें।

जय जगन्नाथ! 🙏

स्लीमनाबाद टनल से बदलेगी विंध्य-महाकौशल की तस्वीर, 1450 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1600 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना का किया निरीक्षण, सरकार का दावा—2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित।

मध्य प्रदेश के विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के किसानों के लिए स्लीमनाबाद टनल परियोजना बड़ी सौगात साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले के स्लीमनाबाद में निर्माणाधीन करीब 1600 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

परियोजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने इसे पूर्व प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने वाला कदम बताया है। पार्टी का दावा है कि टनल के पूरा होने के बाद नर्मदा का पानी विंध्य के उन इलाकों तक पहुंचेगा, जहां वर्षों से पानी की कमी बनी रही है। इससे लगभग 1450 गांवों की करीब 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होने की संभावना है।

बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह परियोजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। उनका कहना है कि सिंचाई सुविधाएं बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण को लेकर सरकार का कहना है कि परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग से निर्माण कार्य तय समय पर पूरा होगा और इसका लाभ जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचेगा। सरकार इसे ‘किसान कल्याण’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है।

हालांकि, परियोजना के सभी दावों और लाभों का वास्तविक आकलन इसके पूर्ण होने और संचालन शुरू होने के बाद ही संभव होगा। फिलहाल क्षेत्र के किसान इस परियोजना के जल्द पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।

भोपाल में UCC को लेकर सियासी संदेश वाले होर्डिंग, सीएम के बयान को बनाया प्रचार का आधार

मालवीय नगर सहित शहर के कई प्रमुख स्थानों पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने लगाए होर्डिंग। मुख्यमंत्री के बयान ‘राम एक शादी करेगा तो रहीम भी एक ही शादी करेगा’ को प्रमुखता दी गई। UCC को लेकर सरकार की पहल का जताया आभार।

भोपाल में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर सियासी माहौल गर्म होता नजर आ रहा है। शहर के कई प्रमुख स्थानों पर विधायक रामेश्वर शर्मा की ओर से होर्डिंग लगाए गए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री के उस बयान को प्रमुखता से जगह दी गई है, जिसमें कहा गया था— “राम एक शादी करेगा तो रहीम भी एक ही शादी करेगा।”

ये होर्डिंग मालवीय नगर स्थित विधायक कार्यालय सहित भोपाल के विभिन्न प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए हैं। इनके माध्यम से केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया गया है।

गौरतलब है कि UCC को लेकर सरकार की तैयारियां तेज हैं। जानकारी के मुताबिक, भोपाल के जगदीशपुर में होने वाली कैबिनेट बैठक के एजेंडे में समान नागरिक संहिता का प्रस्ताव शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि इसी मानसून सत्र में UCC को लागू करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ सकती है।

हालांकि, UCC को लेकर अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी और विधायी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। इस बीच, राजधानी भोपाल में लगे ये होर्डिंग इस मुद्दे को लेकर सियासी चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान: उत्तर प्रदेश बन रहा है निवेश और उद्योग का नया केंद्र

इंटरनेशनल फिल्म सिटी, अपैरल पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी परियोजनाओं से प्रदेश को मिलेगी नई पहचान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य तेज़ी से औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इंटरनेशनल फिल्म सिटी, अपैरल पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जो निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे को नई गति देंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख निवेश केंद्रों में स्थापित करना है। सरकार आधुनिक उद्योगों, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल वातावरण के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर एवं विकसित राज्य बनने की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेगा।

बहराइच में दर्दनाक हादसा: 12 वर्षीय बच्चे पर मगरमच्छ का हमला, नदी में खींच ले जाने का वीडियो वायरल

सरयू नदी का बढ़ा जलस्तर बना खतरा, मगरमच्छ के हमले के दावे वाला वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में; प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील।

बहराइच उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो के साथ दावा किया जा रहा है कि सरयू नदी के किनारे 12 वर्षीय एक बच्चे पर मगरमच्छ ने हमला कर दिया। बताया जा रहा है कि बच्चा नदी किनारे मौजूद था, तभी मगरमच्छ ने अचानक उस पर हमला कर उसे पानी में खींच लिया।

स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल के दिनों में सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से मगरमच्छ आबादी वाले इलाकों के करीब तक पहुंच रहे हैं। इससे नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

बताया जा रहा है कि मृतक की पहचान 12 वर्षीय सुनील सिंह के रूप में हुई है, जो कक्षा 6 का छात्र था। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा और तीन बहनों का भाई था। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर है।

घटना के बाद प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों ने बच्चों को नदी के पास अकेले नहीं जाने देने और जलस्तर बढ़ने के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी है।

हालांकि, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और उससे जुड़े सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। ऐसे में दर्शकों से अपील है कि किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार करें।

भोपाल: राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पास रखा प्रभार

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला, लखन पटेल अब सिर्फ आनंद विभाग संभालेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास अब 11 विभागों की जिम्मेदारी।

भोपाल | विशेष रिपोर्ट

मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रभार वापस ले लिया है। सरकार के आदेश के अनुसार अब यह विभाग सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास रहेगा। इस फैसले के बाद लखन पटेल अब केवल आनंद विभाग के मंत्री रहेंगे।

MP Cabinet News: लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस, CM मोहन यादव के पास अब 11 विभाग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास अब कुल 11 विभागों की जिम्मेदारी हो गई है। इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय और पशुपालन एवं डेयरी विभाग शामिल हैं।

सरकार की ओर से जारी आदेश में विभागीय फेरबदल की जानकारी दी गई है। हालांकि, राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस लेने के पीछे की आधिकारिक वजह फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार की ओर से इस बदलाव को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आ सकती है।

मुख्य बातें

राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग वापस लिया गया।

अब लखन पटेल के पास केवल आनंद विभाग रहेगा।

पशुपालन विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास।

मुख्यमंत्री अब कुल 11 विभागों का कार्यभार संभाल रहे हैं।

विभागीय बदलाव की आधिकारिक वजह फिलहाल सामने नहीं आई।

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला। राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग वापस लिया गया। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास 11 विभागों का प्रभार है। पढ़ें पूरी खबर।

मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल होंगे प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थल, नर्मदा परिक्रमा पर भी फोकस: राज्य मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी

धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की समीक्षा बैठक में गैर-शासकीय मंदिरों के जीर्णोद्धार, सिंहस्थ-2028 की तैयारियों और प्रमुख मंदिरों की ऑनलाइन जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश।

भोपाल। संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों और मां नर्मदा की नर्मदा परिक्रमा को मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना में शामिल करने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के अनुरूप अंतरराज्यीय तीर्थ दर्शन के लिए बस संचालन की योजना पर भी तेजी से काम करने के निर्देश दिए।

मंत्रालय में आयोजित धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग की समीक्षा बैठक में राज्य मंत्री ने गैर-शासकीय मंदिरों के जीर्णोद्धार की योजना बनाने, शासन संधारित मंदिरों की भूमि और विभागीय परिसंपत्तियों की स्थिति की समीक्षा करने तथा प्रमुख मंदिरों के दस्तावेजीकरण को गति देने के निर्देश दिए।

बैठक में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने कहा कि सिंहस्थ को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के मंदिरों के विकास तथा जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

 

राज्य मंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी प्रमुख मंदिरों की प्रमाणिक जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधाजनक और विश्वसनीय जानकारी मिल सके।

बैठक में धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के संचालक आशीष सिंह, तीर्थस्थान एवं मेला प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी राजेश श्रीवास्तव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

एलएलएम की पढ़ाई के लिए विधायक कमलेश्वर डोडियार ने 10 माह का वेतन-भत्ता छोड़ने का लिया फैसला

विधानसभा अध्यक्ष सहित कई मंत्रियों और अधिकारियों को लिखा पत्र, कहा— पढ़ाई के साथ विधानसभा और क्षेत्र की जिम्मेदारियां भी निभाऊंगा

सैलाना। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर अपने फैसले को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने भोपाल स्थित नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू) में एलएलएम (पोस्ट ग्रेजुएट) की पढ़ाई के दौरान करीब 10 माह तक विधायक के रूप में मिलने वाला वेतन और भत्ता स्वेच्छा से नहीं लेने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में विधायक डोडियार ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, संसदीय कार्य मंत्री, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, जनजातीय कार्य मंत्री, मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव तथा विधानसभा के प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि 20 जुलाई 2026 से 15 मई 2027 तक उन्हें देय विधायक वेतन एवं भत्तों का भुगतान स्थगित किया जाए।

अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि वे 20 जुलाई 2026 से नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल में एक वर्षीय एलएलएम कोर्स की नियमित पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल रहेंगे। इसलिए उन्होंने बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से वेतन-भत्ते नहीं लेने का निर्णय लिया है। भविष्य में आवश्यकता होने पर वे इसके लिए अलग से आवेदन प्रस्तुत करेंगे।

विधायक डोडियार ने स्पष्ट किया कि पढ़ाई के दौरान भी वे विधानसभा सत्रों में प्राथमिकता से उपस्थित रहेंगे और जनता के हितों से जुड़े मुद्दे उठाने के साथ अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे विधानसभा क्षेत्र में सरकारी कार्यक्रमों, जनसुनवाई और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए शासन-प्रशासन से नियमित संपर्क बनाए रखेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 10 माह तक वे स्वयं के खर्च पर विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे तथा जनता के बीच रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। उनका कहना है कि वे अध्ययन और जनप्रतिनिधि के दायित्वों के बीच संतुलन बनाते हुए दोनों जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से पालन करेंगे।

पेरिस में गूंजा भारतीय आयुर्वेद का परचम: योग-पंचकर्म पर अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में उज्जैन के डॉ. चंद्र शर्मा का शोध बना आकर्षण

अमृत काल में योग एवं पंचकर्म की वैश्विक भूमिका पर मंथन, भारत के कई राज्यों के विशेषज्ञों और शोधार्थियों ने रखा वैज्ञानिक दृष्टिकोण

पेरिस में आयोजित दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में योग और पंचकर्म की वैश्विक उपयोगिता पर गहन मंथन हुआ। 23 और 24 जून को वर्ल्ड आयुष फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस सम्मेलन में भारत सहित विभिन्न देशों के विशेषज्ञों और शोधार्थियों ने भाग लेकर आयुर्वेद एवं योग के वैज्ञानिक पहलुओं पर अपने शोध प्रस्तुत किए।

इस संगोष्ठी में उज्जैन के प्रसिद्ध पंचकर्म विशेषज्ञ डॉ. चंद्र शर्मा ने अस्थिक्षय (ऑस्टियोपोरोसिस) के उपचार प्रबंधन में तिक्तक्षीर बस्ती की प्रभावशीलता पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। उनके शोध को विशेषज्ञों ने विशेष रुचि के साथ सुना और इसकी उपयोगिता पर चर्चा की।

आरडी आयुर्वेद कॉलेज, भोपाल के पूर्व प्राचार्य डॉ. मणिंद्र व्यास ने योग के मूल स्वरूप से हटकर उसके विकृत प्रचार-प्रसार पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि योग की प्रामाणिकता और पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखना समय की आवश्यकता है।

राष्ट्रीय आयुर्वेद विद्यापीठ, नई दिल्ली के गुरु डॉ. एस.एन. पांडे ने मूत्र नलिका अवरोध के उपचार में उत्तर बस्ती की प्रभावशीलता पर शोध पत्र प्रस्तुत किया। वहीं शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय, भोपाल की पंचकर्म विभागाध्यक्ष डॉ. कामिनी सोनी ने आधुनिक जीवनशैली के कारण युवतियों में बढ़ रहे पीसीओडी के उपचार में पंचकर्म आधारित शोधन चिकित्सा के महत्व पर प्रकाश डाला।

संगोष्ठी में डॉ. आनंद सराफ ने योग और आयुर्वेद के समन्वय पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में गुवाहाटी, मुंबई, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आए शोधार्थियों ने भी अपने शोध प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वर्ल्ड आयुष फाउंडेशन के मुख्य समन्वयक डॉ. विनोद वैरागी ने की। उन्होंने सभी वक्ताओं और प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। इस अवसर पर विख्यात पंचकर्म विशेषज्ञ यू.एस. निगम की पुस्तक “क्लीनिकल पंचकर्म एवं अनुभूत चिकित्सा प्रबंधन” के तृतीय संस्करण की जानकारी डॉ. मोहन वर्मा (देवास) ने दी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. रंजन विशद (बरेली) ने किया तथा आभार डॉ. प्रणव शर्मा शास्त्री (पीलीभीत) ने व्यक्त किया।

मुख्य बातें

पेरिस में 23-24 जून को वर्ल्ड आयुष फाउंडेशन की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित।

विषय: अमृत काल में योग एवं पंचकर्म की भूमिका।

डॉ. कामिनी सोनी ने पीसीओडी के उपचार में पंचकर्म आधारित शोधन चिकित्सा की अहम भूमिका बताई।

उज्जैन के डॉ. चंद्र शर्मा ने अस्थिक्षय के उपचार में तिक्तक्षीर बस्ती पर शोध पत्र प्रस्तुत किया।

डॉ. मणिंद्र व्यास ने योग के विकृत स्वरूप के बढ़ते प्रचार पर चिंता जताई।

डॉ. एस.एन. पांडे ने मूत्र नलिका अवरोध में उत्तर बस्ती की उपयोगिता बताई।

देश के कई राज्यों के शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने सम्मेलन में भाग लिया।

प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए और पंचकर्म पर नई पुस्तक के तृतीय संस्करण का परिचय कराया गया।

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