जल संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा पर सात दिवसीय राष्ट्रीय आयोजन का शुभारंभ आज से

27 मई से 2 जून तक में होगा आयोजन, मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ; इसरो, बीएचयू और आईआईएम बोधगया के विशेषज्ञ होंगे शामिल

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित सात दिवसीय “सदानीरा समागम” का शुभारंभ 27 मई से भोपाल के भारत भवन में होने जा रहा है। यह आयोजन 2 जून तक चलेगा, जिसमें जल संरक्षण, पंचमहाभूत, भारतीय ज्ञान परंपरा और सतत विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ मंथन करेंगे।

समागम का उद्घाटन मुख्यमंत्री की उपस्थिति में होगा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक और विभिन्न जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।

कार्यक्रम में , और सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञ भाग लेकर अपने विचार साझा करेंगे।

समागम के दौरान प्रतिदिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। लोकगायन, नृत्य-नाटिकाओं और भारतीय नौसेना बैंड की विशेष प्रस्तुति दर्शकों को भारतीय सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का कार्य करेगी।

इसके साथ ही जल संरक्षण विषयक प्रदर्शनियां, चित्रांकन कार्यशालाएं और पुस्तकों का लोकार्पण भी आयोजित किया जाएगा। आयोजन के वैचारिक सत्र प्रतिदिन सुबह 10 बजे से तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम शाम 6 बजे से में आयोजित होंगे।

100 करोड़ की लागत से तेजी से आकार ले रहा श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर

मंत्री विश्वास सारंग ने किया निरीक्षण, कहा – आस्था, संस्कृति और विकास का बनेगा नया प्रतीक

राजधानी भोपाल के प्राचीन और प्रसिद्ध श्रद्धा केंद्र श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन “श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर” तेजी से आकार ले रहा है। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों को तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। सदियों पुरानी इस आस्था को भव्य स्वरूप देने के उद्देश्य से “विरासत भी और विकास भी” की भावना के साथ हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है।

करीब 21 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस भव्य कॉरिडोर को महाकाल लोक की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। परियोजना में श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था, आकर्षक कॉरिडोर, दर्शक दीर्घा, पार्किंग, सार्वजनिक आयोजनों के लिए आधुनिक अधोसंरचना और सौंदर्यीकरण कार्य शामिल हैं।

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मंदिर परिसर का विकास प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला के अनुरूप किया जा रहा है, जिसमें राजस्थान के व्हाइट मार्बल का उपयोग होगा। साथ ही सुंदरकांड की झलक प्रस्तुत करने वाला आध्यात्मिक और भव्य कॉरिडोर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा।

दशहरा मैदान में भी आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। यहां विशाल मंच, दर्शक दीर्घा, रावण दहन स्थल और सार्वजनिक आयोजनों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार की जाएंगी। परिसर के चारों ओर 15 मीटर चौड़ी कांक्रीट सड़क भी बनाई जा रही है, जिससे यातायात और आवागमन सुगम होगा।

परियोजना के तहत दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं, स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में “श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर” भोपाल की नई पहचान बनकर उभरेगा।

डॉ मोहन यदव ने ऐतिहासिक भोजशाला में किए मां वाग्देवी के दर्शन, विधि-विधान से की पूजा-अर्चना

धार जिले स्थित प्राचीन भोजशाला पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और सांस्कृतिक विरासत की उन्नति की कामना करते हुए मां वाग्देवी का पूजन किया।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव  ने आज धार जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर भोजशाला पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली, समृद्धि और शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने भोजशाला की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थल भारतीय संस्कृति, ज्ञान और आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

पूजन-अर्चना के दौरान जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

बाबा बर्फानी के पहले दर्शन: अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक हिम शिवलिंग देख श्रद्धालु भावुक

अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर आई सामने, 7 फीट ऊंचा हिम शिवलिंग बना 

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आने से श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। इस बार गुफा में करीब 6 से 7 फीट ऊंचा प्राकृतिक हिम शिवलिंग बना है

बाबा बर्फानी के पहले दर्शन से भक्तों में उत्साह

जम्मू-कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई है। इस वर्ष गुफा में करीब 6 से 7 फीट ऊंचा प्राकृतिक हिम शिवलिंग बना है, जिसे देखकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

BSF जवानों ने किए बाबा बर्फानी के पहले दर्शन, सामने आई पवित्र गुफा की तस्वीर

जानकारी के मुताबिक, बीएसएफ जवानों ने सबसे पहले बाबा बर्फानी के दर्शन किए। गुफा के भीतर बने विशाल हिम शिवलिंग की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू, गुफा में दिखा विशाल प्राकृतिक हिम शिवलिंग

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है। यात्रा शुरू होने से पहले ही बाबा बर्फानी के दर्शन की खबर ने देशभर के शिव भक्तों में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना दिया है।

हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। माना जाता है कि यहां बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग भगवान शिव का दिव्य स्वरूप है।

प्रशासन की ओर से यात्रा को लेकर सुरक्षा और सुविधाओं की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं से मौसम और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

 

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