स्लीमनाबाद टनल से बदलेगी विंध्य-महाकौशल की तस्वीर, 1450 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1600 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना का किया निरीक्षण, सरकार का दावा—2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित।

मध्य प्रदेश के विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के किसानों के लिए स्लीमनाबाद टनल परियोजना बड़ी सौगात साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले के स्लीमनाबाद में निर्माणाधीन करीब 1600 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

परियोजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने इसे पूर्व प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने वाला कदम बताया है। पार्टी का दावा है कि टनल के पूरा होने के बाद नर्मदा का पानी विंध्य के उन इलाकों तक पहुंचेगा, जहां वर्षों से पानी की कमी बनी रही है। इससे लगभग 1450 गांवों की करीब 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होने की संभावना है।

बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह परियोजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। उनका कहना है कि सिंचाई सुविधाएं बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण को लेकर सरकार का कहना है कि परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग से निर्माण कार्य तय समय पर पूरा होगा और इसका लाभ जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचेगा। सरकार इसे ‘किसान कल्याण’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है।

हालांकि, परियोजना के सभी दावों और लाभों का वास्तविक आकलन इसके पूर्ण होने और संचालन शुरू होने के बाद ही संभव होगा। फिलहाल क्षेत्र के किसान इस परियोजना के जल्द पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।

इंदौर-उज्जैन के बीच खेती मुकाबला…! खेत में किसान कम, नेता ज्यादा

इंदौर-उज्जैन के बीच खेती मुकाबला…! खेत में किसान कम, नेता ज्यादा

मध्यप्रदेश की राजनीति अब मंचों से निकलकर सीधे खेतों तक पहुंच गई है। अब चुनावी रणनीति सिर्फ सभाओं में नहीं, बल्कि खेतों में भी नजर आने लगी है। किसान अपनी फसल की चिंता में है, जबकि नेता अपनी राजनीतिक फसल को सींचने में जुटे दिखाई दे रहे हैं।

बैतूल जिले के कुकरू गांव में मुख्यमंत्री मोहन यादव एक किसान के खेत पहुंचे। यहां उन्होंने मक्का की बोनी की और किसानों के साथ खेती से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। समर्थकों ने इसे मुख्यमंत्री के किसान परिवार से जुड़े होने और खेती-किसानी की समझ का उदाहरण बताया।

लेकिन राजनीति में जवाब भी जल्दी आता है।

मुख्यमंत्री की खेती वाली तस्वीरों के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी खेत में नजर आए। उन्होंने भी किसानों के बीच पहुंचकर खेती से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की तस्वीरों और वीडियो की तुलना शुरू हो गई।

अब सियासी गलियारों में चर्चा है कि प्रदेश में खेती से ज्यादा खेती की तस्वीरें और वीडियो सुर्खियां बटोर रहे हैं। किसान बारिश, खाद और फसल की चिंता कर रहा है, जबकि नेताओं के खेत दौरे राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बनते जा रहे हैं।

लोग सोशल मीडिया पर मजाक में कह रहे हैं कि कहीं आने वाले दिनों में खेत भी सियासी अखाड़ा न बन जाए, जहां एक ओर मुख्यमंत्री हल चलाते दिखें और दूसरी ओर विपक्ष के नेता फावड़ा संभालते नजर आएं, जबकि जनता पूरे मुकाबले की दर्शक बनी रहे।

हालांकि खेतों में नेताओं की मौजूदगी किसानों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश जरूर देती है, लेकिन असली सवाल वही है—क्या इन प्रतीकात्मक तस्वीरों से आगे बढ़कर किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान भी सामने आएगा, या फिर यह मुकाबला केवल कैमरों और सोशल मीडिया तक ही सीमित रहेगा?

“जनता मूर्ख थोड़ी है…” – शिवराज सिंह चौहान का बड़ा संदेश

मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेता और केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan का एक बयान इन दिनों चर्चा में है।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “जनता मूर्ख थोड़ी है कि बार-बार खड़े हो जाओ, गलत बात है ये।”

इस बयान के जरिए उन्होंने साफ संकेत दिया कि लोकतंत्र में जनता सब कुछ देखती और समझती है। नेताओं के वादे, उनके काम और उनकी जवाबदेही पर जनता की नजर रहती है।

चौहान का कहना है कि केवल भाषणों और दावों से जनता को प्रभावित नहीं किया जा सकता। आज का मतदाता जागरूक है और वह अपने अनुभव के आधार पर फैसला करता है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान लोकतांत्रिक जवाबदेही और जनमत की ताकत को रेखांकित करता है। जनता विकास, सुशासन और ईमानदार प्रयासों को महत्व देती है, जबकि गलतियों और वादाखिलाफी को भी याद रखती है।

आपका इस बयान पर क्या कहना है? क्या आज की जनता पहले से ज्यादा जागरूक और सजग हो चुकी है?

अपनी राय कमेंट बॉक्स में जरूर बताइए।

धन्यवाद।

**जय हिंद।**

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : जनसेवा, सुशासन और विकास का नया अध्याय

लोकतांत्रिक नेतृत्व का ऐतिहासिक कीर्तिमान

आज़ादी के बाद लोकतांत्रिक रूप से सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर सेवा देने का रिकॉर्ड, जो पूर्व प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के नाम था, उसे प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पार कर एक नया इतिहास रचा है। यह उपलब्धि देशवासियों के विश्वास, मजबूत नेतृत्व और निरंतर जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

मजबूत नेतृत्व, सशक्त संगठन

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने देशभर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

प्रमुख उपलब्धियाँ

17 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार।

22 राज्यों में NDA गठबंधन की सरकार।

केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय।

विकास और सुशासन के एजेंडे को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार।

साधारण परिवार से देश के प्रधानसेवक तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन संघर्ष, परिश्रम और समर्पण की प्रेरणादायक कहानी है। एक साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद तक का सफर तय किया और स्वयं को देश के “प्रधानसेवक” के रूप में स्थापित किया।

उनकी प्रेरणादायी यात्रा

साधारण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय नेतृत्व तक का सफर।

जनसेवा को राजनीति का मूल उद्देश्य बनाना।

गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान।

राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की कार्यशैली।

हर वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास और कल्याण को प्राथमिकता दी है।

प्रमुख फोकस  क्षेत्र

गरीब कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा।

महिला सशक्तिकरण।

किसान हित और कृषि विकास।

युवाओं के लिए रोजगार और अवसर।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा का विस्तार।

डिजिटल और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण।

विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी नई पहचान बनाई है। विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर देश तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

विकास के प्रमुख आयाम

विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना का निर्माण।

डिजिटल परिवर्तन और तकनीकी नवाचार।

आर्थिक विकास और निवेश को बढ़ावा।

वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा।

आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन।

मुख्यमंत्री का संदेश

“आज़ादी के बाद लोकतांत्रिक रूप से सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर सेवा देने का रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नाम दर्ज हुआ है। उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी 17 राज्यों में तथा NDA 22 राज्यों में सरकार का नेतृत्व कर रहा है। एक साधारण परिवार से निकलकर देश के प्रधानसेवक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी जी समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और राष्ट्र के विकास के लिए निरंतर समर्पित हैं।”

डॉ मोहन यदव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

विश्व पर्यावरण दिवस: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया वृक्षारोपण, कोलारस में चीनी फैक्ट्री पुनः स्थापित करने की घोषणा

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने ‘वृहद वृक्षारोपण महाअभियान’ के तहत अपेक्स बैंक मुख्यालय परिसर में आम का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान आयोजित पर्यावरण पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रकृति और पर्यावरण के प्रति भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपराओं को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की सनातन संस्कृति की पर्यावरण संबंधी मूल अवधारणा को समझने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन शैली में आदिकाल से यह मान्यता रही है कि पौधों में भी प्राण होते हैं और एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान माना गया है।

उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने और 13वें वर्ष में प्रवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद देश में स्थिरता और सुशासन का नया अध्याय शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश ग्रीन एनर्जी, पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में देश के लिए उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंच तत्वों पर सभी का समान अधिकार है और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि किसानों की मांग के अनुरूप सरकार कोलारस में चीनी फैक्ट्री को पुनः स्थापित करेगी।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण को बताया भारतीय संस्कृति का मूल आधार

भोपाल, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित पर्यावरण पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की सनातन संस्कृति की पर्यावरण संबंधी मूल अवधारणा को समझने और अपनाने की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जीवन दर्शन में प्रकृति को विशेष स्थान प्राप्त है। “यत पिंडे तत ब्रह्मांडे” की अवधारणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पूजा-पद्धति और परंपराओं में प्रकृति संरक्षण की भावना समाहित है। उन्होंने कहा कि भारत में आदिकाल से यह मान्यता रही है कि पौधों में भी प्राण होते हैं और एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान माना गया है।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ग्रीन एनर्जी, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के क्षेत्र में देश के लिए उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंच तत्वों पर सभी का समान अधिकार है और प्रकृति संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को बधाई देते हुए सभी से प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर महापौर मालती राय का संदेश, बोलीं— विकास और पर्यावरण में बनेगा संतुलन

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भोपाल महापौर मालती राय ने शहर के विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को देखते हुए फ्लाईओवर निर्माण और सड़कों का चौड़ीकरण आवश्यक है। यदि विकास कार्यों के दौरान पेड़ों को हटाना पड़ता है, तो उनकी भरपाई दूसरे स्थानों पर बड़े स्तर पर पौधारोपण कर की जाएगी।

महापौर ने हालिया बारिश के दौरान नगर निगम की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि निगम कर्मचारियों ने देर रात तक काम कर मुख्य सड़कों को साफ और यातायात योग्य बनाए रखा। साथ ही, नालों की सफाई का कार्य 1 अप्रैल से ही शुरू कर दिया गया था, जिसके कारण शहर की बस्तियों में जलभराव की स्थिति नहीं बनी।

उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि भोपाल को स्वच्छ और हरित बनाने की जिम्मेदारी केवल शासन-प्रशासन की नहीं, बल्कि आम जनता की भी है। लोगों को नालों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचना चाहिए।

प्रशासन का कहना है कि ‘ग्रीन और क्लीन भोपाल’ का लक्ष्य जनभागीदारी से ही पूरा हो सकता है। ऐसे में आगामी मानसून के दौरान यह देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम की तैयारियां शहरवासियों को जलजमाव से कितनी राहत दिला पाती हैं।

भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया पौधारोपण

भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में केंद्रीय कृषि मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बरगद का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।

पौधारोपण कार्यक्रम में कृषि मंत्री Aidal Singh Kansana भी शामिल हुए। दोनों नेताओं ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी भागीदारी की। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी मां के सम्मान में पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर नमो वन में हुआ पौधारोपण

भोपाल, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भदभदा रोड स्थित नमो वन में “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी ने क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों एवं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ पौधे लगाए।

गौरतलब है कि नमो वन में पिछले वर्ष भी विधायक भगवानदास सबनानी द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया गया था। इस वर्ष भी अभियान के तहत वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया गया है, जिसकी शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस पर की गई।

इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी ने शहरवासियों से वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील करते हुए कहा कि पौधारोपण केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें सुरक्षित एवं विकसित करना भी हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष हेमंत बढ़िया, पंकज त्रिपाठी, आशुतोष तिवारी, राजेंद्र राठौड़, मुन्ना पुरी, अर्जुन यादव, सुधा सिंह, सुषमा मिश्रा, प्रदीप त्रिवेदी, हरि मालवीय, आशीष सिगोर सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के तहत पौधारोपण

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत मंदोरी स्थित बुल मदर स्टेट डेयरी फार्म परिसर में “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से भाजपा कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित भविष्य और सतत विकास के संकल्प के साथ पौधारोपण किया तथा समाज को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित जीवन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान मातृत्व सम्मान और प्रकृति संरक्षण का सशक्त जन-अभियान बन चुका है।

कृषि मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने सभी से अपने जीवन में कम से कम एक वृक्ष लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का समापन “हरित भारत – स्वच्छ भारत” के संकल्प के साथ हुआ।यह संस्करण वेबसाइट, न्यूज़ पोर्टल और विभागीय वेबसाइट प्रकाशन के लिए उपयुक्त है।

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