विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण को बताया भारतीय संस्कृति का मूल आधार

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भोपाल, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित पर्यावरण पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की सनातन संस्कृति की पर्यावरण संबंधी मूल अवधारणा को समझने और अपनाने की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जीवन दर्शन में प्रकृति को विशेष स्थान प्राप्त है। “यत पिंडे तत ब्रह्मांडे” की अवधारणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पूजा-पद्धति और परंपराओं में प्रकृति संरक्षण की भावना समाहित है। उन्होंने कहा कि भारत में आदिकाल से यह मान्यता रही है कि पौधों में भी प्राण होते हैं और एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान माना गया है।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ग्रीन एनर्जी, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के क्षेत्र में देश के लिए उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंच तत्वों पर सभी का समान अधिकार है और प्रकृति संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को बधाई देते हुए सभी से प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

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