‘भारत और हमारा DNA एक जैसा’, अफगान मंत्री के बयान से पाकिस्तान में बढ़ी हलचल

 नई दिल्ली

पाकिस्तान के साथ लगातार बिगड़ते रिश्तों के बीच अफगानिस्तान ने भारत के साथ अपने संबंधों को और मजबूत करने के संकेत दिए हैं. भारत के दौरे पर आए अफगानिस्तान के कृषि, सिंचाई और पशुपालन मंत्री मौलवी अताउल्लाह ओमरी ने दोनों देशों के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों की खुलकर सराहना की. उन्होंने कहा कि “भारत और अफगानिस्तान का डीएनए एक है. भारत आकर ऐसा लगा जैसे मैं अपने ही देश और अपने ही लोगों के बीच हूं। 

नई दिल्ली में विदेश मंत्रालय (MEA) के सहयोग से आयोजित इंडिया-अफगानिस्तान ट्रेड अपॉर्च्युनिटीज इंडस्ट्री इंटरैक्टिव सेशन को संबोधित करते हुए ओमारी ने कहा कि यह उनका पहला भारत दौरा है और यहां उन्हें जिस तरह का सम्मान और अपनापन मिला, उसने उनका दिल जीत लिया। 

अफगान मंत्री ने कहा, “भारत पहुंचने के पहले दिन से ही मुझे भारत सरकार, विदेश मंत्रालय और जिन-जिन लोगों से मुलाकात हुई, सभी ने बेहद गर्मजोशी से स्वागत किया. मुझे बिल्कुल ऐसा महसूस हुआ जैसे मैं अपने ही देश में हूं. हमारे बीच का रिश्ता सिर्फ कूटनीति का नहीं, बल्कि साझा इतिहास, संस्कृति और सभ्यता का है. हमारा डीएनए एक है। 

अफगानी मंत्री को पसंद आई भारत की मेहमाननवाजी
अफगान मंत्री ने कहा कि भारत की मेहमाननवाजी अफगानिस्तान के लोगों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आई है. उन्होंने कहा, “भारत में मिला यह सम्मान अफगानिस्तान के लोगों के बेहतर भविष्य की उम्मीद है. हमारा करीब 80 प्रतिशत समाज कृषि, सिंचाई और पशुपालन पर निर्भर है. अब समय आ गया है कि इन क्षेत्रों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाए और भारत इस दिशा में अहम साझेदार बन सकता है। 

ओमारी ने कहा कि अफगानिस्तान आर्थिक विकास के लिए दुनिया के विभिन्न देशों के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है. उन्होंने भारतीय उद्योग जगत से निवेश, कृषि तकनीक, खाद्य प्रसंस्करण, सिंचाई और क्षमता निर्माण के क्षेत्रों में सहयोग की अपील भी की। 

भारत-अफगानिस्तान आपस में क्या-क्या कर रहे हैं?
अफगान मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब काबुल और इस्लामाबाद के बीच सीमा विवाद, सुरक्षा मुद्दों और राजनीतिक मतभेदों को लेकर तनाव लगातार बढ़ रहा है. ऐसे माहौल में भारत के साथ अफगानिस्तान की बढ़ती नजदीकियों को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से भी काफी अहम माना जा रहा है। 

इसी सप्ताह नई दिल्ली में भारत-अफगानिस्तान संयुक्त समिति (Joint Committee) की चौथी बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें दोनों देशों ने द्विपक्षीय सहयोग के लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों पर विस्तार से चर्चा की. विदेश मंत्रालय के मुताबिक, बैठक में मानवीय सहायता, विकास परियोजनाओं, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, खेल, व्यापार, क्षमता निर्माण और आर्थिक सहयोग को और मजबूत बनाने पर सहमति बनी। 

कपिल शर्मा कैफे पर फायरिंग का आरोपी ‘रॉकेट’ फ्रांस से गिरफ्तार, लॉरेंस बिश्नोई गैंग को बड़ा झटका

मुंबई 

अमेरिका, कनाडा और यूरोप के कई देशों में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के खिलाफ शिकंजा कसा जा रहा है। अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में (DoJ) में लॉरेंस बिश्नोई गैंग के कई सदस्यों के खिलाफ आरोप पत्र फाइल किया गया है। इसके बाद अलग-अलग गैंगों के 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। अब बिश्नोई गैंग के कथित सदस्य गरिंदर देव को फ्रांस से अरेस्ट किया गया है। वह कपिल शर्मा के कैफे पर फायरिंग में शामिल था। जानकारी के मुताबिक कनाडा ने उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। इससे पहले एक अन्य आरोपी जशनदीप सिंह को कनाडा से डिपोर्ट करने का आदेश दिया जा चुका है।

अमेरिका की लिस्ट में भी था गरिंदर देव का नाम
कनाडा के रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (RCMP) के मुताबिक 40 साल के गरिंदर देव को फ्रांस से गिरफ्तार किया गया और अब उसे प्रत्यर्पण प्रक्रिया के तहत कनाडा लाया जाएगा। गरिंदर देव का नाम अमेरिका के डिपार्टमें ऑफ जस्टिस के आरोपपत्र में भी शामिल था। उसके कई उपनाम भी बताए जाते हैं। उसे रिट्ज कार्लटन, रॉकेट या डॉक्टर जैसे नामों से बुलाया जाता था। वह बिश्नोई गैंग की फंडिंग के लिए ड्रग्स की तस्करी करता था।

DoJ के मुताबिक गरिंदर देव कोकीन और हेरोइन की तस्करी करता था। उसने जून 2025 में ही 100 किलोग्राम कोकीन और एक किलो हेरोइन की खेप कैलिफोर्निया और पूर्वी अमेरिका तक पहुंचाने का प्लान बनाया ता। हालांकि अमेरिकी एजेंसियों ने इस खेप को पहले ही पकड़ लिया। कपिल शर्मा कैफे पर फायरिंग मामले का दूसरा आरोपी जशनदीप सिंह को कनाडा से डिपोर्ट करने का आदेश दिया गया है। जशनदीप सिंह पर कैफे के बाहर फायरिंग में इस्तेमाल किए गए हथियार को छिपाने में मदद की थी।

जशनदीप 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गाय था। बता दें कि अमेरिका की जांच में सामने आया है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग डीसेंट्रलाइज मॉडल से गैंग चलाता है। इसके सदस्य एक ही देश में नहीं रहते बल्कि अलग-अलग देशों से शूटर्स को हैंडल करते हैं। इन शूटरों की भर्तियां हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के गांवों से की जाती है। पहले उन्हें छोटे-मोटे कार्य सौंपे जाते हैं और इसके बाद जब पुलिस की नजर में आ जाते हैं तो फर्जी नाम से पासपोर्ट बनवाकर या फिर डोंकी रूट से अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों को भेज दिया जाता है।

बता दें कि अमेरिका के न्याय विभाग ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अलावा दो अन्य भारतीय गैंगों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। इसके बाद इन गैंग्स के खिलाफ ऐक्शन तेज हो गया है। अमेरिका के आरोप पत्र में 36 नाम थे जिनमें से 25 की गिरफ्तारी हो चुकी है और 11 अन्य की तलाश जारी है।

App से होती थी बुकिंग, उज़्बेकिस्तान और दिल्ली की युवतियों के जरिए चल रहा था बड़ा सेक्स रैकेट; नागपुर में भंडाफोड़

 नागपुर

नागपुर पुलिस ने अंबाझरी थाना क्षेत्र में देह व्यापार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी और दूसरे राज्यों की 5 पीड़ित महिलाओं को मुक्त कराया है. इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार हैं. पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी की पहचान सचिन माणिकराव महाजन के रूप में हुई है. कार्रवाई के दौरान उज़्बेकिस्तान की दो महिलाओं व पंजाब, दिल्ली और कोलकाता की 3 महिलाओं को मुक्त कराया गया। 

जांच में सामने आया कि आरोपी लॉग इन पर्सनल मीटिंग (Login Personal Meeting) नामक ऐप के माध्यम से ग्राहकों को महिलाओं की उपलब्धता कराते थे. महिलाओं को कम समय में अधिक पैसे कमाने का लालच देकर उनसे देह व्यापार कराया जाता था. सूचना के आधार पर सामाजिक सुरक्षा विभाग ने बोगस ग्राहक (डिकॉय ऑपरेशन) और पंचों की मौजूदगी में गोकुलपेठ स्थित होटल पेटल इन के सामने छापा मारा और कार्रवाई को अंजाम दिया। 

फरार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने मौके से करीब 5.18 लाख रुपये का माल जब्त किया. जिसमें एक स्विफ्ट डिजायर कार (कीमत लगभग ₹5 लाख), एक मोबाइल फोन (₹10 हजार) और ₹8 हजार नकद शामिल हैं. मामले में समीर उर्फ मनीष उर्फ गगन ठाकुर, राहुल और पूजा नामक महिला सहित तीन आरोपियों की तलाश जारी है। 

इस संबंध में अंबाझरी पुलिस थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 143(2)(3) व अनैतिक व्यापार (निवारण) अधिनियम, 1956 की धाराओं 3, 4 और 5 के तहत मामला दर्ज किया गया है. वहीं पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। 

वियतनाम में बड़ा हादसा, 32 भारतीयों से भरी नाव पलटी; 15 की मौत, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

नई दिल्ली /हनोई 
वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास शनिवार को भारतीय पर्यटकों को लेकर जा रही एक नाव समुद्र में पलट गई. इस दर्दनाक हादसे में 15 भारतीयों की मौत हो गई, जबकि 21 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया. घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन का राहत बचाव अभियान शुरू हो गया. फिलहाल भारतीय दूतावास पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है, स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है. प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सेंटर भी बनाए गए हैं।  

न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि नाव में कुल 36 लोग सवार थे. इनमें 32 भारतीय पर्यटक, 3 क्रू मेंबर और 1 अटेंडेंट शामिल थे. हादसे में 15 भारतीय पर्यटकों की जान चली गई, जबकि बाकी 21 लोगों को बचा लिया गया। 

हादसे की खबर मिलते ही वियतनाम में मौजूद भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट शेयर करके इस बात की पुष्टि की. दूतावास ने अपने ट्वीट में लिखा, “एक बेहद दुखद घटना में, कुछ घंटे पहले वियतनाम के फू क्वोक द्वीप के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई है. हादसे के सटीक विवरण का पता लगाया जा रहा है, स्थानीय अधिकारियों की तरफ से खोज और बचाव अभियान फिलहाल जारी है। 

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, नाव होन मे रुट द्वीप से एन थोई पोर्ट लौट रही थी. इसी दौरान तट से करीब 400 मीटर दूर समुद्र में नाव पलट गई. शुरुआती जानकारी के मुताबिक, उस समय समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही थीं, जिससे हादसा हुआ. हालांकि, घटना के सही कारणों की जांच अभी जारी है. बता दें कि फू क्वोक वियतनाम का सबसे बड़ा द्वीप है और पिछले कुछ वर्षों में यह भारतीय पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रिय हुआ है. यही वजह है कि बड़ी संख्या में भारतीय यहां छुट्टियां मनाने पहुंचते हैं। 

मदद के लिए बने कंट्रोल रूम, जारी हुए ये नंबर्स
प्रभावित परिवारों की मदद, जानकारी देने के लिए हो ची मिन्ह सिटी में मौजूद भारतीय दूतावास (Consulate General) में एक कंट्रोल रूम तैयार कर दिया गया है. लोग इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

+84 36 281 7930

+84 91 552 37 14

+84 33 452 0414

इसके अलावा हनोई में भी एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जिसका हेल्पलाइन नंबर +84 91 308 9165 है. दूतावास ने साफ कहा है कि वे किसी भी तरह की पूछताछ या मदद के लिए हर समय तैयार हैं।  

फिलहाल भारतीय दूतावास ने कहा है कि वह स्थानीय अधिकारियों के लगातार संपर्क में है और प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद उपलब्ध कराई जा रही है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक घटना के समय समुद्र में ऊंची लहरें थीं, हालांकि नाव पलटने की असली वजह का पता लगाने के लिए पड़ताल जारी है। 

परिवारों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी
समंदर की उफनती लहरों के बीच लापता लोगों की तलाश जारी है और हर गुजरते पल के साथ पीड़ितों के परिजनों की सांसें अटकी रही. इस भीषण हादसे की गंभीरता को देखते हुए भारतीय दूतावास तुरंत एक्शन मोड में आ गया है. प्रभावित परिवारों की मदद और पल-पल की सटीक जानकारी साझा करने के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में विशेष इमरजेंसी कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं ताकि संकट की इस घड़ी में अपनों से दूर घबराए परिवारों को तुरंत राहत और सहायता पहुंचाई जा सके. हो ची मिन्ह सिटी में स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास में +84 36 281 7930, +84 91 552 3714 और +84 33 452 0414 पर संपर्क किया जा सकता है. वहीं, हनोई में बनाए गए कंट्रोल रूम के लिए +84 91 308 9165 नंबर जारी किया गया है। 

वियतनाम बोट हादसे से जुड़ी अहम बातें

• 15 पर्यटकों की मौत: वियतनाम की स्थानीय मीडिया और एन थोई पोर्ट बॉर्डर गार्ड स्टेशन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, स्पीडबोट पर सवार सभी 36 लोगों को समंदर से बाहर निकाल कर तट पर ला दिया गया है. इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों को जिंदा बचा लिया गया है, जबकि 15 पर्यटकों (13 पुरुष और 2 महिलाएं) की मौत हो गई है. सभी जीवित बचे घायलों को इलाज के लिए तुरंत नजदीकी चिकित्सा केंद्रों में भर्ती कराया गया है। 

दोपहर 1 बजे हुआ हादसा: फू क्वोक स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन अथॉरिटी के मुताबिक, यह हादसा दोपहर करीब 1 बजे हुआ. ओशन पर्ल आइलैंड कंपनी की इस स्पीडबोट को 57 वर्षीय नगुयेन होंग है चला रहे थे जिसमें 32 भारतीय पर्यटकों के अलावा 3 क्रू मेंबर और 1 फ्लाइट अटेंडेंट सहित कुल 36 लोग सवार थे। 

• तकनीकी खराबी के कारण पलटी बोट: यह स्पीडबोट होन मे रुट से एन थोई पोर्ट (फू क्वोक एयरपोर्ट से लगभग 25 किमी दूर) जा रही थी. होन मे रुट नगोई द्वीप से करीब 400 मीटर दूर बोट में अचानक आई तकनीकी खराबी के कारण वह समंदर में पलट गई, जिससे सभी लोग पानी में गिर गए. हादसे में कुछ लोगों के हताहत होने की खबर है लेकिन सटीक संख्या की पुष्टि होनी अभी बाकी है। 

• घटनास्थल के लिए रवाना हुए भारतीय राजदूत: वियतनाम में नियुक्त भारतीय राजदूत इस बेहद संवेदनशील मामले पर वहां के उच्च अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वे खुद भी दुर्घटनास्थल के लिए रवाना होने वाले हैं। 

• हो ची मिन्ह और हनोई से दो टीमें भेजी गईं: प्रभावित भारतीयों की तुरंत मदद और रेस्क्यू के लिए भारतीय दूतावास की दो विशेष टीमें घटनास्थल के लिए रवाना की जा रही हैं. इनमें से पहली टीम आज शाम तक और दूसरी टीम देर रात तक दुर्घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्यों की कमान संभालेगी। 

• दूतावास ने जारी किए 24×7 इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर: संकट की इस घड़ी में परिवारों को जानकारी और सहायता देने के लिए हो ची मिन्ह सिटी और हनोई में कंट्रोल रूम एक्टिव कर दिए गए हैं. प्रभावित लोग हो ची मिन्ह सिटी के लिए +84 36 281 7930, +84 91 552 3714, +84 33 452 0414 और हनोई के लिए +84 91 308 9165 पर संपर्क कर सकते हैं। 

युद्ध स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन 
हादसे के फौरन बाद वियतनाम के स्थानीय प्रशासन और तटीय सुरक्षा एजेंसियों ने कमान संभाल ली है. समंदर की तेज धाराओं और मौसम की चुनौतियों के बीच लापता भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए गोताखोरों और आधुनिक नावों की मदद ली जा रही है. रेस्क्यू टीमें पल-पल समंदर की खाक छान रही हैं. हालांकि, अभी तक हादसे में हताहत हुए लोगों की सटीक संख्या और उनकी स्थिति को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। 

 

INS महेंद्रगिरी नौसेना में शामिल, राजनाथ सिंह बोले- यह इलाका बनेगा देश का ड्रोन हब

विशाखापत्तनम 
 रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आज शनिवार को यहां विशाखापत्तनम डॉकयार्ड में INS महेंद्रगिरी को कमीशन किया. इससे इंडियन नेवी के बाड़े में एक और स्टेट-ऑफ-द-आर्ट वॉरशिप शामिल हो गया है. बता दें, यह एक स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट और प्रोजेक्ट 17A नीलगिरी-क्लास का छठा वॉरशिप है. कमीशनिंग सेरेमनी के दौरान राजनाथ सिंह को गार्ड ऑफ ऑनर भी मिला। 

जानकारी के मुताबिक पूर्वी घाट में महेंद्रगिरी पहाड़ों के नाम पर रखा गया यह फ्रिगेट लचीलेपन, ताकत और पक्के इरादे का प्रतीक है. इस नाम वाला पहला भारतीय नेवी का वॉरशिप होने के नाते, महेंद्रगिरी सच में अपने आप में अनोखा है. उम्मीद है कि यह वॉरशिप एक खास पहचान बनाएगा और भारत के समुद्री इतिहास में एक और अध्याय जोड़ेगा। 

इस अवसर पर राजनाथ सिंह ने कहा कि मैंने पहले भी आठ ड्रोन कंपनियों के ग्रुप द्वारा कुरनूल में ‘ड्रोन सिटी’ बनाने के बारे में बात की थी. जैसे सूरत को ‘डायमंड सिटी’ और बेंगलुरु को देश की ‘सिलिकॉन वैली’ के नाम से जाना जाता है, मुझे विश्वास है कि एक दिन इस इलाके को देश के ‘ड्रोन हब’ के तौर पर पहचाना जाएगा. इस अनोखे इत्तेफाक पर गौर करें: आसमान में AMCA (एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट), समुद्र की गहराई में BDL (भारत डायनेमिक्स लिमिटेड) के नेवल सिस्टम, बिना पायलट वाले इलाके में कुरनूल के ड्रोन, और आज, समुद्र की सतह पर INS महेंद्रगिरी. इसका मतलब है कि आज, आंध्र प्रदेश हर क्षेत्र – हवा, पानी, जमीन और बिना पायलट वाले इलाके में भारत की रक्षा क्षमताओं में योगदान दे रहा है. मैं इस कामयाबी पर आंध्र प्रदेश सरकार और लोगों को दिल से बधाई देता हूं। 

इंडियन नेवी के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो (WDB) ने इसे इन-हाउस डिजाइन किया है और मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) ने इसे बनाया है. महेंद्रगिरी, प्रोजेक्ट 17A क्लास के स्टेल्थ फ्रिगेट का छठा जहाज है. यह जहाज देसी वॉरशिप डिजाइन और कंस्ट्रक्शन में भारत की बढ़ती एक्सपर्टीज को दिखाता है। 

जो जानकारी मिली है उसके अनुसार 75 परसेंट से ज्यादा स्वदेशी सामान के साथ, यह जहाज भारत सरकार की आत्मनिर्भर भारत पहल की सफलता को दिखाता है और भारतीय जहाज बनाने के सिस्टम की बढ़ती क्षमता को दिखाता है. आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जहाज के कंस्ट्रक्शन में माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज (MSMEs) समेत कई भारतीय इंडस्ट्रीज शामिल हुई हैं, जिससे देश का डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस मजबूत हुआ है और काफी रोजगार पैदा हुए हैं। 

महेंद्रगिरी में स्वदेशी और स्टेट-ऑफ-द-आर्ट हथियार, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम का एक एडवांस्ड सेट लगा है, जिससे यह एंटी-एयर, एंटी-सरफेस और एंटी-सबमरीन ऑपरेशन अच्छे से करेगा. यह जहाज समुद्री सुरक्षा ऑपरेशन, सर्च और रेस्क्यू मिशन, मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR), और इंडियन ओशन रीजन (IOR) और उससे आगे लगातार तैनाती के लिए भी सक्षम है। 

INS महेंद्रगिरी की कमीशनिंग, प्रोजेक्ट 17A प्रोग्राम के सफल एग्जिक्यूशन में एक और अहम मील का पत्थर है. जैसे-जैसे इस क्लास के फ्रिगेट बेड़े में शामिल होंगे, वे इंडियन नेवी की लड़ाकू क्षमता को बढ़ाते रहेंगे और साथ ही भारत को एक लीडिंग स्वदेशी वॉरशिप-बिल्डिंग देश के तौर पर अपनी जगह मजबूत करेंगे. इससे पहले रक्षा मंत्री शुक्रवार शाम विशाखापत्तनम पहुंचे, जहां उनका स्वागत नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने किया. इससे पहले, सिंह ने महेंद्रगिरि की कमीशनिंग को देश और भारतीय नौसेना के लिए गर्व का पल बताया। 

रक्षा मंत्री ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि 11 जुलाई 2026 को 6वें प्रोजेक्ट 17A स्टील्थ फ्रिगेट, महेंद्रगिरि की कमीशनिंग सेरेमनी के लिए, हमारे देश और भारतीय नौसेना के लिए गर्व के पल का गवाह बनने के लिए विशाखापत्तनम जा रहा हूं. इस वॉरशिप को डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताते हुए, सिंह ने कहा कि यह देश में डिजाइन और बनाया गया स्टेट-ऑफ-द-आर्ट वॉरशिप हमारे आत्मनिर्भर भारत विज़न और हमारी घरेलू डिफेंस इंडस्ट्रीज और MSMEs की जबरदस्त क्षमताओं का सबूत है. उन्होंने आगे कहा कि महेंद्रगिरी भारत के समुद्री हितों की रक्षा करने और एक सुरक्षित इंडो-पैसिफिक के हमारे इरादे को मज़बूत करने के लिए लड़ाई के लिए तैयार है। 

न्यूजीलैंड में भावुक हुए PM मोदी, बोले- ‘कीवी मित्र का दिया मफलर आज भी मेरे पास है’

ऑकलैंड 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में भारतीय समुदाय के कार्यक्रम में शिरकत की और संबोधित भी किया. कम्युनिटी इवेंट में भारतीय समुदाय के सामने अपनी खुशी जाहिर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘आज, 40 साल बाद कोई भारतीय प्रधानमंत्री न्यूजीलैंड आया है. यह मेरा बहुत बड़ा सौभाग्य है कि मैं आपके लिए 140 करोड़ भारतीयों की शुभकामनाएं लेकर आया हूं। 

इस दौरान पीएम मोदी ने मंच से अपनी एक ऐसी याद साझा की जो हर किसी के दिल को छू गई. पीएम मोदी ने करीब 25 से 30 साल पुरानी उस याद के पन्नों को पलटा, जब वे भारत की सक्रिय राजनीति या सरकार का हिस्सा नहीं थे और उन्हें सार्वजनिक जीवन में कोई नहीं जानता था। 

प्रधानमंत्री ने उस दौर को याद करते हुए भावुक अंदाज में कहा, “यह प्रधानमंत्री के रूप में मेरी पहली यात्रा हो सकती है, लेकिन 25-30 वर्ष पहले, जब मैं किसी सरकार का हिस्सा नहीं था और सार्वजनिक जीवन में मुझे कोई नहीं जानता था, तब मुझे न्यूज़ीलैंड आने का अवसर मिला था. उस समय मुझे एक मफलर, एक टोपी और एक जोड़ी दस्ताने उपहार में मिले थे. आज मैं उन्हीं में से यह मफलर पहनकर आपके बीच आया हूं. इसे मुझे 25-30 वर्ष पहले न्यूज़ीलैंड के एक साथी ने भेंट किया था. मैंने वर्षों तक इसका उपयोग किया है और आज भी इसे उसी तरह संभालकर रखा है, जैसे मैं आप सभी के प्यार को संभालकर रखता हूं। 

भारत और न्यूजीलैंड के मजबूत कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंधों पर जोर देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इस रिश्ते की बुनियाद बहुत गहरी है. उन्होंने कहा, “भारत और न्यूजीलैंड के रिश्ते में यादें भी हैं, दोस्ती भी है, वैल्यूज भी हैं और एक कमिटमेंट भी है। 
 
पीएम मोदी ने कहा, ‘भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच संबंध दोस्ती, साझा मूल्यों और आपसी प्रतिबद्धता पर आधारित हैं. न्यूज़ीलैंड की संस्कृति का एक सुंदर शब्द इस रिश्ते के सार को दर्शाता है-‘वाका’. सदियों से, यह शब्द लोगों को एक साथ लाने का प्रतीक रहा है.’वाका’ केवल एक नाव नहीं है. यह एक साझा यात्रा का प्रतीक है. आज, भारत-न्यूज़ीलैंड ‘वाका’ एक नई यात्रा पर साथ निकलने के लिए तैयार है। 

न्यूजीलैंड के महिलाओं की तारीफ
पीएम मोदी ने कहा, ‘हर युग में, हर दौर में भारत ने खुद को TRANSFORM किया है और इसका कारण है हमारी सीखने की ललक.भारत सबसे सीखता है, हमारे लिए सामने वाले देश की जनसंख्या नहीं बल्कि जनकल्याण की भावना मायने रखती है. इसलिए हमने न्यूजीलैंड से भी बहुत कुछ सीखा है. न्यूजीलैंड दुनिया का वो देश है, जिसने सबसे पहले महिलाओं को वोटिंग का राइट दिया था.आज हम देखते हैं कि न्यूजीलैंड की सोसाइटी में महिलाएं बहुत बड़े पैमाने पर कंट्रीब्यूट कर रही हैं.भारत भी आज women led development के मंत्र के साथ महिलाओं के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोल रहा है। 

पीएम मोदी ने कहा, ‘न्यूजीलैंड वो जगह है, जहां सड़कों में भी भारतीय शहरों को सम्मान दिया गया है. कहीं खंडाला है, कहीं बॉम्बे हिल्स है, कहीं कोरोमंडल है, कलकत्ता स्ट्रीट है, दिल्ली क्रिसेंट है, अमृतसर स्ट्रीट है… ऐसे कितने ही नाम हैं, जहां रहते-रहते आप भी पूरे के पूरे कीवी हो गए हैं और न्यूजीलैंड के लीडर से जब भी मैं मिला हूं आप सभी की प्रशंसा करते हैं.प्रशंसा आपकी होती है और सिर मेरा ऊंचा होता है। 

इस मौके पर न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने पीएम मोदी की जमकर तारीफ की. उन्होंने पीएम मोदी के शुरुआती जीवन का जिक्र करते हुए कहा, ‘वह (पीएम मोदी) बेहद साधारण पृष्ठभूमि से उठकर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र का नेतृत्व करने पहुंचे हैं. उन्होंने करोड़ों लोगों को गरीबी से बाहर निकालने में मदद की है. वह हमारे समय के सबसे महत्वपूर्ण नेताओं में से एक हैं और न्यूजीलैंड के एक सच्चे दोस्त हैं। 

अजय कुमार जैन सैन्य अभियंता सेवा के महानिदेशक कार्मिक नियुक्त

नयी दिल्ली 
 रक्षा मंत्रालय
के अधीन सैन्य अभियंता सेवा में अजय कुमार जैन, आई.डी.एस.ई. को सैन्य अभियंता सेवा का महानिदेशक कार्मिक नियुक्त किया गया है। अजय कुमार जैन भारतीय रक्षा अभियंता सेवा (आई.डी.एस.ई.) कैडर के 1987 बैच के अधिकारी हैं और उन्होंने 1 जुलाई 2026 से प्रमुख अभियंता शाखा (ई -इन-सी ब्रांच) में यह पदभार ग्रहण किया। आपको बता दें कि मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत निर्माण कार्यों को क्रियान्वित करती है।

अजय कुमार जैन ने 37 वर्षों से अधिक के अपने शानदार कैरियर में सैन्य अभियंता सेवा में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। महानिदेशक कार्मिक का पदभार ग्रहण करने से पहले उन्होंने अतिरिक्त महानिदेशक (प्रोजेक्ट्स) चेन्नई, मुख्य अभियंता दिल्ली अंचल, मुख्य अभियंता अनुसंधान एवं विकास दिल्ली, निदेशक (सी एंड एम) प्रमुख अभियंता शाखा, कमांडर वर्क्स इंजीनियर (वायुसेना) लेह, कमांडर वर्क्स इंजीनियर (प्रोजेक्ट) दिल्ली कैंट, गैरिजन इंजीनियर (प्रोजेक्ट) (वायुसेना) ग्वालियर तथा गैरिजन इंजीनियर (वायुसेना) बीदर जैसे महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी संभाली है, इसके अतिरिक्त विभिन्न शांति स्टेशनों पर भी सेवाएं दी हैं। अतिरिक्त महानिदेशक (प्रोजेक्ट्स), चेन्नई के रूप में अपने संक्षिप्त कार्यकाल में ही उन्होंने समस्त बुनियादी ढांचा विकास कार्यों की कमान संभालते हुए कार्यों की प्रगति में तेजी लाई तथा बजट मांग में भी सुधार किया।

मुख्य अभियंता दिल्ली अंचल के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अजय कुमार जैन ने दिल्ली छावनी में निर्माणाधीन थल सेना भवन, जो कि थल सेना मुख्यालय की नई एवं भव्य इमारत है, के कार्यों को गति दी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने फरवरी 2020 में इस परियोजना का शिलान्यास किया था। लगभग 39-40 एकड़ क्षेत्र में फैले तथा करीब 1,43,450 वर्ग मीटर निर्मित क्षेत्रफल वाले इस जी +7 भवन का लगभग 833 करोड़ रुपये का ईपीसी अनुबंध फरवरी 2023 में आईटीडी सीमेंटेशन को दिया गया था। इसमें कार्यालय परिसर, सिंगल मेन आवास, चिकित्सा सुविधा, जिम, सीएसडी, ईएमपी-सुरक्षित यूजी ऑप्स रूम तथा इंजीनियरिंग सर्विसेज ज़ोन जैसी सुविधाएं शामिल हैं, और यह सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना का पूरक है, जिसकी अभिकल्पना में थल सेना के प्रतीक चिन्ह (क्रॉस्ड स्वॉर्ड्स, लायन कैपिटल) तथा अशोक चक्र से सुसज्जित ‘धर्म छत्रछाया’ सेतु को दर्शाया गया है। उनके नेतृत्व में इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के समस्त संरचनात्मक कार्य पूर्ण हुए तथा फिनिशिंग चरण के कार्यों में भी उल्लेखनीय प्रगति हासिल की गई, जो कि उनकी योजना क्षमता एवं क्रियान्वयन दक्षता का प्रमाण है।

अजय कुमार जैन ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक (बी.ई.) की उपाधि प्राप्त की है तथा भारतीय सैन्य अभियांत्रिकी महाविद्यालय (सी.एम.ई.) पुणे से स्ट्रक्चर्स विषय में एम.टेक की डिग्री हासिल की है। तत्पश्चात, संघ लोक सेवा आयोग द्वारा संचालित प्रतिष्ठित भारतीय अभियंता सेवा (आई.ई.एस.) परीक्षा के माध्यम से उनका चयन सैन्य अभियंता सेवा (मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज) में हुआ। अपनी 37 वर्षों की विशिष्ट सेवा के दौरान श्री जैन ने बहुमंजिला इमारतों, जेट्टी, रनवे तथा अन्य तकनीकी संरचनाओं जैसी विविध परियोजनाओं की योजना, संरचनात्मक अभिकल्पन एवं क्रियान्वयन में गहरी विशेषज्ञता हासिल की है, तथा रक्षा

सेनाओं की सेवा में अपना अटूट समर्पण दिखाया है।

महानिदेशक कार्मिक का पदभार ग्रहण करने के उपरांत उनका ध्यान मुख्यतः कैडर प्रबंधन एवं पोस्टिंग नीति में सुधार पर है, ताकि अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके, स्थानांतरण एवं पोस्टिंग में संतुष्टि बनी रहे, समयबद्ध ढंग से पदोन्नति समितियां (डी.पी.सी.) आयोजित हों, पोस्टिंग प्रक्रिया में स्वचालन (ऑटोमेशन) लाया जा सके तथा मिलिट्री इंजीनियर सर्विसेज के अंतर्गत सभी रक्षा सिविल कैडरों एवं अधीनस्थ कर्मचारियों की कैडर समीक्षा की जा सके।

डीजल की जगह ₹20 प्रति लीटर वाला नया ईंधन? नितिन गडकरी ने बस-ट्रक के लिए बताया बड़ा प्लान

नई दिल्ली

भारत में पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार लगातार वैकल्पिक ईंधनों (Alternative Fuels) को बढ़ावा दे रही है. अब ऐसा फ्यूल सामने आया है, जो डीजल से कई गुना सस्ता है और प्रदूषण भी कम फैलाता है. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक, मेथेनॉल (Methanol) भविष्य में ट्रक, बस, ट्रैक्टर, जहाज और भारी मशीनों के लिए बड़ा विकल्प बन सकता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि इसकी कीमत करीब 20-22 रुपये प्रति लीटर है, जबकि डीजल की कीमत कई राज्यों में 100 रुपये प्रति लीटर से अधिक है। 

 नितिन गडकरी ने बताया कि असम पेट्रो-केमिकल्स रोजाना करीब 700 टन मेथेनॉल का उत्पादन कर रही है. अगर आने वाले समय में इस फ्यूल का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू होता है, तो ट्रांसपोर्ट सेक्टर का फ्यूल खर्च काफी कम हो सकता है. खासकर ट्रक और बस ऑपरेटर्स को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। 

पहले ही सफल हो चुका ट्रायल
मेथेनॉल को लेकर सिर्फ दावे ही नहीं किए जा रहे हैं, बल्कि इसका सफल परीक्षण भी हो चुका है. कर्नाटक में 15% मेथनॉल-डीजल ब्लेंड के साथ बसों को करीब तीन महीने तक चलाया गया. इस दौरान इंजन में कोई तकनीकी समस्या नहीं आई और वाहन की परफॉर्मेंस भी संतोषजनक रही. इसके बाद देश की पॉपुलर कंपनी Ashok Leyland ने 100% मेथेनॉल पर चलने वाले डेडिकेटेड इंजन भी तैयार कर लिए हैं। 

सिर्फ ट्रक-बस ही नहीं, इन वाहनों में भी होगा इस्तेमाल
मेथेनॉल का उपयोग सिर्फ कमर्शियल ट्रकों और बसों तक सीमित नहीं रहेगा. सरकार का मानना है कि भविष्य में इसका इस्तेमाल इन क्षेत्रों में भी किया जा सकता है,जिससे डीजल की खपत कम होगी और ऑपरेटिंग कॉस्ट में भी बड़ी कमी आएगी। 

देखिए लिस्ट-

    कंस्ट्रक्शन इक्विपमेंट
    ट्रैक्टर और कृषि मशीनरी
    हार्वेस्टर
    नदी और समुद्री जहाज
    औद्योगिक मशीनें

इथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल भी बनेंगे डीजल का विकल्प
गडकरी ने बताया कि मेथेनॉल के अलावा इथेनॉल से बनने वाला आइसो-ब्यूटानॉल भी डीजल का मजबूत विकल्प बनकर उभर रहा है. किर्लोस्कर ग्रुप 100% आइसो-ब्यूटानॉल और इथेनॉल पर चलने वाले जनरेटर सेट डेवलप कर चुका है. भविष्य में इनका इस्तेमाल कृषि उपकरणों, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और कंस्ट्रक्शन मशीनरी में किया जा सकेगा। 

किसानों और देश की अर्थव्यवस्था को कैसे होगा फायदा?
मेथेनॉल का उत्पादन देश में ही किया जा सकता है. सरकार पूर्वोत्तर राज्यों में बांस रिफाइनरी के जरिए इसका उत्पादन बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है. इससे तीन बड़े फायदे होंगे। 

    किसानों को बांस और अन्य कच्चे माल से अतिरिक्त आय का अवसर मिलेगा.
    स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। 
    भारत का फॉसिल फ्यूल इम्पोर्ट बिल भी कम हो सकता है। 

पर्यावरण के लिए भी बेहतर
मेथेनॉल, इथेनॉल और आइसो-ब्यूटानॉल जैसे वैकल्पिक ईंधन डीजल की तुलना में कम प्रदूषण पैदा करते हैं. यही वजह है कि सरकार इन्हें सड़क परिवहन के साथ-साथ जल परिवहन में भी बढ़ावा देना चाहती है. अगर इनका बड़े स्तर पर इस्तेमाल शुरू होता है, तो इससे भारत को क्लीनर एनर्जी, कम ईंधन खर्च और ऊर्जा सुरक्षा जैसे कई बड़े फायदे मिल सकते हैं। 

नौकरी बदलते ही अपने आप ट्रांसफर होगा PF, EPFO ने किया बड़ा ऐलान

 नई दिल्‍ली

कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन की ओर से पीएफ ट्रांसफर पर बड़ा अपडेट जारी किया गया है. EPFO ने कहा कि आधार से जुड़े UAN से लिंक PF के बाकी अमाउंट, कर्मचारी के किसी नए संगठन में ज्‍वॉइन करते ही ऑटोमैटिक तरीके से ट्रांसफर हो जाएंगे. ट्रांसफर रिक्‍वेस्‍ट करने की आवश्‍यकता नहीं होगी। 

यह बदलाव EPFO के सदस्य डेटाबेस को उसके नए सेंट्रलाइज आईटी इनेबल सर्विसेज (CITES) प्लेटफॉर्म पर ट्रांसफर करने के बाद हुआ है, जिसका उद्देश्य सदस्य सेवाओं को तेज और अधिक सुव्यवस्थित बनाना है. ऑटोमैटिक ट्रांसफर सर्विस से उन कर्मचारियों को लाभ होने की उम्‍मीद है, जो अपने करियर के दौरान नौकरी बदलते हैं और कई ईपीएफ अकाउंट बैन करते हैं. अबतक सदस्‍यों को नए नियोक्‍ता को अपना UAN पेश करने और नए PF अकाउंट को मौजूदा यूएए से लिंक के बाद भी एक अलग ट्रांसफर रिक्‍वेस्‍ट करना पड़ता था। 

नौकरी बदलने के बाद क्या चेंज आएगा? 
पहले पुरानी कंपनी से पीएफ अमाउंट ट्रांसफर करने में कई स्‍टेप फॉलो करने पड़ते थे, जो एक लंबा प्रॉसेस था. सदस्यों को ईपीएफओ पोर्टल या ऑफलाइन के माध्यम से ट्रांसफर रिक्‍वेस्‍ट करना होता था. साथ ही बाकी अमाउंट और सर्विस हिस्‍ट्री को मर्ज करने से पहले नियोक्‍ता और EPF सिस्‍टम के माध्‍यम से रिक्‍वेस्‍ट प्रॉसेस भी आवश्‍यक थी। 

ईपीएफओ का कहना है कि नए सिस्‍टम के तहत नौकरी बदलने पर आधार से जुड़े UAN बेस्‍ड अकउंट खुद ही ट्रांसफर हो जाएंगे. इसका मतलब है कि कर्मचारियों को अपने पीएफ बैलेंस को नए खाते में ट्रांसफर करने के लिए अलग से ऑनलाइन या ऑफलाइन ट्रांसफर आवेदन दाखिल करने की आवश्यकता नहीं होगी। 

एक ही होगा अकाउंट 
इस बदलाव के बाद कर्मचारी का UAN तो एक ही रहेगा ही, साथ ही एक ही अकाउंट में पूरे अमाउंट आ जाएंगे. ईपीएफओ का उद्देश्य एक ही यूएएन से सभी पीएफ खातों को ऑटोमैटिक तरीके से जोड़कर खाता प्रबंधन को सरल बनाना और कागजी कार्रवाई को कम करना है। 

सभी पीएफ खातों को एक साथ रखना क्यों जरूरी?
जो कर्मचारी बार-बार नौकरी बदलते हैं, उनके अक्सर कई पेंशन खाते हो जाते हैं. इन खातों को मर्ज करने से सेवा रिकॉर्ड की निरंतरता बनाए रखने में मदद मिलती है और रिटायरमेंट सेविंग एक ही स्थान पर रखी जाती है. इससे पीएफ अमाउंट को ट्रैक करने में आसानी होती है. साथ ही फाइनल सेटलमेंट भी इस प्रॉसेस से आसा हो जाता है. सदस्य अपने यूएएन क्रेडेंशियल से लॉग इन करके और ओटीपी अथेंटिफिकेशन के बाद सर्विस हिस्‍ट्री सेक्‍शन में जाकर ईपीएफओ यूनिफाइड मेबर पोर्टल के माध्‍यम से अपना रोजगार हिस्‍ट्री देख सकते हैं। 

कब हुआ ये बदलाव? 
गौरतलब है कि ईपीएफओ के यूनिफाइड प्‍लेटफॉर्म पर अपडेट के बाद कई बदलाओं में से एक ऑटोमैटिक पीएफ ट्रांसफर की भी सुविधा है. ईपीएफओ ने क्‍लेम को जल्‍द प्रॉसेस, यूनिफाइड पेमेंट सिस्‍टम और सदस्‍यों को उनके अकाउंट के बेसिक ऑसि तक सीमित रहने के बजाय किसी भी EPFO ऑफिस से सर्विस का लाभ उठाने की सुविधा जैसे उपाय भी शुरू किए हैं। 

 

IRCTC की नई वेबसाइट जल्द होगी लॉन्च, टिकट बुकिंग में होंगे 4 बड़े बदलाव

नई दिल्ली

ट्रेन से सफर करने वालों के लिए एक बड़ी गुड न्यूज है. IRCTC की वेबसाइट से ट्रेन टिकट बुक करने पर बड़ा फायदा होगा. भारतीय रेलवे जल्द ही IRCTC की नई वेबसाइट का Beta वर्जन लॉन्च करने जा रहा है. नई वेबसाइट का मकसद टिकट बुकिंग को पहले से ज्यादा आसान, तेज और बेहतर बनाना है, ताकि यात्रियों को बार-बार आने वाली टक्निकल दिक्कतों का सामना न करना पड़े। 

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नई वेबसाइट लगभग तैयार है और इसे जल्द यात्रियों के लिए शुरू किया जाएगा. इसे भारतीय रेलवे के नए पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) के साथ जोड़ा जा रहा है. नया सिस्टम लागू होने के बाद टिकट बुकिंग का अनुभव पहले से काफी बेहतर होने की उम्मीद है. इसमें 4 बड़े बदलाव होंगे। 

नई वेबसाइट में क्या होगा खास?
नई IRCTC वेबसाइट में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई नए फीचर्स जोड़े गए हैं. ऐसे में क्या-क्या बदलाव होंगे ये बताते हैं-

    कैप्चा की टेंशन दूर – टिकट बुकिंग के दौरान बार-बार आने वाले Captcha और Pop-up की समस्या काफी हद तक खत्म कर दी जाएगी। 

    सीट से जुड़ी सर्विस– सभी क्लास में सीटों की मौजूदगी एक ही स्क्रीन पर दिखाई देगी. इससे अलग-अलग क्लास चुनकर बार-बार सीट चेक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 

    जल्दी कंप्लीट होगा प्रोसेस- टिकट बुकिंग का प्रोसेस में भी पहले की तुलना में कम स्टेप्स होंगे, जिससे टिकट जल्दी बुक हो सकेगा। 

    पहले से सेव रहेगी जानकारी– जो यात्री अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं, उनके लिए यात्रियों की जानकारी सेव रखने की सर्विस भी मिलेगी. इससे हर बार नाम, उम्र और अन्य जानकारी दोबारा भरने की जरूरत नहीं होगी और टिकट बुकिंग पहले से ज्यादा आसान हो जाएगी। 

पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम भी होगा अपग्रेड
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि भारतीय रेलवे पिछले करीब 40 सालों से इस्तेमाल हो रहे Passenger Reservation System (PRS) को भी पूरी तरह अपग्रेड कर रहा है. खास बात यह है कि यह पूरा काम टिकट बुकिंग सेवा को बंद किए बिना किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि नया रिजर्वेशन सिस्टम तैयार होने के बाद इसे नई IRCTC वेबसाइट के साथ जोड़ा जाएगा. इससे वेबसाइट की स्पीड बढ़ेगी और ज्यादा यात्री एक साथ टिकट बुक कर सकेंगे। 

RailOne ऐप और तत्काल टिकट बुकिंग पर फोकस
रेल मंत्री ने बताया कि रेलवे का RailOne ऐप तेजी से यूज हो रहा है. अब तक इस ऐप को 4 करोड़ से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं. यह रेलवे का सबसे बड़ा टिकट बुकिंग ऐप बन चुका है, जहां टिकट बुकिंग के साथ रेलवे की कई अन्य सेवाएं भी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। 

इसके अलावा, रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग में बॉट्स और फर्जी बुकिंग पर रोक लगाने के लिए भी लगातार काम कर रहा है. रेलवे का कहना है कि इस दिशा में कुछ सुधार देखने को मिला है, लेकिन सिस्टम को और मजबूत बनाने की प्रक्रिया जारी है. नई वेबसाइट और नए रिजर्वेशन सिस्टम के आने के बाद यात्रियों को तेज, सुरक्षित और अधिक सुविधाजनक टिकट बुकिंग का अनुभव मिलने की उम्मीद है। 

छात्रों के सुझाव के बाद बदली वेबसाइट
बता दें कि जयपुर के मालवीय राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (MNIT) के छात्रों ने हाल ही में नई IRCTC वेबसाइट का डेमो देखा और उस पर अपनी राय दी. रेल मंत्री के मुताबिक, छात्रों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए वेबसाइट में कई जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। 

कुछ हफ्ते पहले भी MNIT के छात्रों ने मौजूदा IRCTC वेबसाइट की कमियों की ओर रेलवे का ध्यान दिलाया था. इसके बाद रेलवे ने वेबसाइट को नए डिजाइन और बेहतर फीचर्स के साथ तैयार करने का फैसला किया. अब इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है। 

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