यूसीसी बिल: मध्यप्रदेश में अब सिर्फ एक शादी, लिव-इन के लिए भी रजिस्ट्रेशन जरूरी

मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल को मंजूरी दे दी। अब इस विधेयक को विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। बिल में विवाह, तलाक, लिव-इन रिलेशनशिप, उत्तराधिकार और महिलाओं के अधिकारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

यूसीसी बिल को कैबिनेट की मंजूरी

मध्यप्रदेश कैबिनेट ने यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) बिल को मंजूरी दे दी है। अब इसे विधानसभा के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा।

हलाला पर रोक

तलाक के बाद दोबारा शादी के नाम पर होने वाली हलाला जैसी प्रथा को दंडनीय अपराध माना जाएगा।

लिव-इन के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले जोड़ों को साथ रहने की शुरुआत के एक महीने के भीतर रजिस्ट्रार के पास अपना बयान दर्ज कराना होगा। दोनों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए, वे पहले से विवाहित न हों और उनकी सहमति स्वतंत्र हो।

21 वर्ष से कम उम्र वालों की सूचना अभिभावकों को

यदि लिव-इन में रहने वाले किसी भी पार्टनर की उम्र 21 वर्ष से कम है, तो इसकी जानकारी उनके माता-पिता या अभिभावकों को दी जाएगी। रजिस्ट्रार यह रिकॉर्ड संबंधित पुलिस थाने को भी भेजेगा।

लिव-इन से जन्मे बच्चों को मिलेगा पूरा अधिकार

लिव-इन रिलेशनशिप से जन्मे बच्चों को वैध माना जाएगा और उन्हें उत्तराधिकार का पूरा अधिकार मिलेगा। यदि पुरुष पार्टनर महिला को छोड़ देता है, तो महिला अदालत के माध्यम से कानूनी पत्नी की तरह भरण-पोषण (गुजारा भत्ता) की मांग कर सकेगी।

नियम तोड़ने पर सजा का प्रावधान

– बिना रजिस्ट्रेशन एक महीने से अधिक लिव-इन में रहने पर 3 महीने तक की जेल या 10 हजार रुपये तक जुर्माना।

– गलत जानकारी देने पर 3 महीने तक की जेल और 25 हजार रुपये तक जुर्माना।

– रजिस्ट्रार के नोटिस के बाद भी जानकारी नहीं देने पर 6 महीने तक की जेल और 25 हजार रुपये तक जुर्माना।

मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ऐसा कानून लाया जा रहा है, जिसमें राम, रहीम, रवींद्र और रॉबिन सभी को समान अधिकार और समान न्याय मिलेगा।

अब सिर्फ एक ही शादी की अनुमति

प्रस्तावित कानून के तहत सभी समुदायों के लिए एक समय में केवल एक ही विवाह की अनुमति होगी।

शादी की उम्र में कोई बदलाव नहीं

विवाह के लिए पुरुषों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और महिलाओं की 18 वर्ष ही रहेगी।

मौखिक और तीन तलाक अमान्य

मौखिक तलाक और अनौपचारिक पंचायतों के फैसलों के आधार पर तलाक को मान्यता नहीं होगी। विवाह का समापन केवल कानून में निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया के तहत ही किया जा सकेगा।

महिलाओं को नया अधिकार

यदि विवाह के समय पति ने किसी अन्य महिला को गर्भवती किया हो, तो पत्नी विवाह को निरस्त घोषित कराने की मांग कर सकेगी।

शादी और तलाक का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

मध्यप्रदेश के निवासियों के लिए शादी और तलाक दोनों का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। शहरी क्षेत्रों में ई-नगर पालिका पोर्टल तथा ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम, नगर निकाय या पंचायत के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी की जाएगी। रजिस्ट्रेशन नहीं होने से विवाह स्वतः अमान्य नहीं होगा, लेकिन नियमानुसार पंजीकरण कराना आवश्यक रहेगा।

स्लीमनाबाद टनल से बदलेगी विंध्य-महाकौशल की तस्वीर, 1450 गांवों को मिलेगा सिंचाई का लाभ

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 1600 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना का किया निरीक्षण, सरकार का दावा—2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि होगी सिंचित।

मध्य प्रदेश के विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के किसानों के लिए स्लीमनाबाद टनल परियोजना बड़ी सौगात साबित हो सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कटनी जिले के स्लीमनाबाद में निर्माणाधीन करीब 1600 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को गुणवत्ता एवं समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए।

परियोजना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने इसे पूर्व प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने वाला कदम बताया है। पार्टी का दावा है कि टनल के पूरा होने के बाद नर्मदा का पानी विंध्य के उन इलाकों तक पहुंचेगा, जहां वर्षों से पानी की कमी बनी रही है। इससे लगभग 1450 गांवों की करीब 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित होने की संभावना है।

बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह परियोजना केवल सिंचाई तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के समग्र विकास में भी अहम भूमिका निभाएगी। उनका कहना है कि सिंचाई सुविधाएं बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होगी और खेती अधिक लाभकारी बनेगी।

मुख्यमंत्री के निरीक्षण को लेकर सरकार का कहना है कि परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग से निर्माण कार्य तय समय पर पूरा होगा और इसका लाभ जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचेगा। सरकार इसे ‘किसान कल्याण’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बता रही है।

हालांकि, परियोजना के सभी दावों और लाभों का वास्तविक आकलन इसके पूर्ण होने और संचालन शुरू होने के बाद ही संभव होगा। फिलहाल क्षेत्र के किसान इस परियोजना के जल्द पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं।

भोपाल में UCC को लेकर सियासी संदेश वाले होर्डिंग, सीएम के बयान को बनाया प्रचार का आधार

मालवीय नगर सहित शहर के कई प्रमुख स्थानों पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने लगाए होर्डिंग। मुख्यमंत्री के बयान ‘राम एक शादी करेगा तो रहीम भी एक ही शादी करेगा’ को प्रमुखता दी गई। UCC को लेकर सरकार की पहल का जताया आभार।

भोपाल में समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) को लेकर सियासी माहौल गर्म होता नजर आ रहा है। शहर के कई प्रमुख स्थानों पर विधायक रामेश्वर शर्मा की ओर से होर्डिंग लगाए गए हैं, जिनमें मुख्यमंत्री के उस बयान को प्रमुखता से जगह दी गई है, जिसमें कहा गया था— “राम एक शादी करेगा तो रहीम भी एक ही शादी करेगा।”

ये होर्डिंग मालवीय नगर स्थित विधायक कार्यालय सहित भोपाल के विभिन्न प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए हैं। इनके माध्यम से केंद्र सरकार और मध्यप्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया गया है।

गौरतलब है कि UCC को लेकर सरकार की तैयारियां तेज हैं। जानकारी के मुताबिक, भोपाल के जगदीशपुर में होने वाली कैबिनेट बैठक के एजेंडे में समान नागरिक संहिता का प्रस्ताव शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री पहले ही संकेत दे चुके हैं कि इसी मानसून सत्र में UCC को लागू करने की दिशा में सरकार आगे बढ़ सकती है।

हालांकि, UCC को लेकर अंतिम फैसला कैबिनेट की मंजूरी और विधायी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा। इस बीच, राजधानी भोपाल में लगे ये होर्डिंग इस मुद्दे को लेकर सियासी चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।

योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान: उत्तर प्रदेश बन रहा है निवेश और उद्योग का नया केंद्र

इंटरनेशनल फिल्म सिटी, अपैरल पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी परियोजनाओं से प्रदेश को मिलेगी नई पहचान

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य तेज़ी से औद्योगिक और आर्थिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में इंटरनेशनल फिल्म सिटी, अपैरल पार्क और मेडिकल डिवाइस पार्क जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम चल रहा है, जो निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे को नई गति देंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को देश और दुनिया के प्रमुख निवेश केंद्रों में स्थापित करना है। सरकार आधुनिक उद्योगों, बेहतर कनेक्टिविटी और निवेश-अनुकूल वातावरण के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

उन्होंने कहा कि इन विकास कार्यों से युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर एवं विकसित राज्य बनने की दिशा में और अधिक मजबूती से आगे बढ़ेगा।

भोपाल: राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पास रखा प्रभार

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा प्रशासनिक फैसला, लखन पटेल अब सिर्फ आनंद विभाग संभालेंगे। मुख्यमंत्री मोहन यादव के पास अब 11 विभागों की जिम्मेदारी।

भोपाल | विशेष रिपोर्ट

मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग का प्रभार वापस ले लिया है। सरकार के आदेश के अनुसार अब यह विभाग सीधे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास रहेगा। इस फैसले के बाद लखन पटेल अब केवल आनंद विभाग के मंत्री रहेंगे।

MP Cabinet News: लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस, CM मोहन यादव के पास अब 11 विभाग

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास अब कुल 11 विभागों की जिम्मेदारी हो गई है। इनमें सामान्य प्रशासन, गृह, जेल, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, जनसंपर्क, नर्मदा घाटी विकास, विमानन, खनिज, लोक सेवा प्रबंधन, प्रवासी भारतीय और पशुपालन एवं डेयरी विभाग शामिल हैं।

सरकार की ओर से जारी आदेश में विभागीय फेरबदल की जानकारी दी गई है। हालांकि, राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन विभाग वापस लेने के पीछे की आधिकारिक वजह फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है।

राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में सरकार की ओर से इस बदलाव को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आ सकती है।

मुख्य बातें

राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग वापस लिया गया।

अब लखन पटेल के पास केवल आनंद विभाग रहेगा।

पशुपालन विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास।

मुख्यमंत्री अब कुल 11 विभागों का कार्यभार संभाल रहे हैं।

विभागीय बदलाव की आधिकारिक वजह फिलहाल सामने नहीं आई।

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला। राज्य मंत्री लखन पटेल से पशुपालन एवं डेयरी विभाग वापस लिया गया। अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के पास 11 विभागों का प्रभार है। पढ़ें पूरी खबर।

एलएलएम की पढ़ाई के लिए विधायक कमलेश्वर डोडियार ने 10 माह का वेतन-भत्ता छोड़ने का लिया फैसला

विधानसभा अध्यक्ष सहित कई मंत्रियों और अधिकारियों को लिखा पत्र, कहा— पढ़ाई के साथ विधानसभा और क्षेत्र की जिम्मेदारियां भी निभाऊंगा

सैलाना। सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार एक बार फिर अपने फैसले को लेकर चर्चा में हैं। उन्होंने भोपाल स्थित नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू) में एलएलएम (पोस्ट ग्रेजुएट) की पढ़ाई के दौरान करीब 10 माह तक विधायक के रूप में मिलने वाला वेतन और भत्ता स्वेच्छा से नहीं लेने का निर्णय लिया है।

इस संबंध में विधायक डोडियार ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, संसदीय कार्य मंत्री, वित्त मंत्री, उच्च शिक्षा मंत्री, जनजातीय कार्य मंत्री, मध्यप्रदेश शासन के मुख्य सचिव तथा विधानसभा के प्रमुख सचिव को पत्र भेजकर अनुरोध किया है कि 20 जुलाई 2026 से 15 मई 2027 तक उन्हें देय विधायक वेतन एवं भत्तों का भुगतान स्थगित किया जाए।

अपने पत्र में उन्होंने लिखा है कि वे 20 जुलाई 2026 से नेशनल लॉ इंस्टिट्यूट यूनिवर्सिटी, भोपाल में एक वर्षीय एलएलएम कोर्स की नियमित पढ़ाई और शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल रहेंगे। इसलिए उन्होंने बिना किसी दबाव के स्वेच्छा से वेतन-भत्ते नहीं लेने का निर्णय लिया है। भविष्य में आवश्यकता होने पर वे इसके लिए अलग से आवेदन प्रस्तुत करेंगे।

विधायक डोडियार ने स्पष्ट किया कि पढ़ाई के दौरान भी वे विधानसभा सत्रों में प्राथमिकता से उपस्थित रहेंगे और जनता के हितों से जुड़े मुद्दे उठाने के साथ अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वे विधानसभा क्षेत्र में सरकारी कार्यक्रमों, जनसुनवाई और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए शासन-प्रशासन से नियमित संपर्क बनाए रखेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि लगभग 10 माह तक वे स्वयं के खर्च पर विधानसभा क्षेत्र का दौरा करेंगे तथा जनता के बीच रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभाएंगे। उनका कहना है कि वे अध्ययन और जनप्रतिनिधि के दायित्वों के बीच संतुलन बनाते हुए दोनों जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से पालन करेंगे।

दतिया उपचुनाव में भाजपा की जीत का दावा, 13 जुलाई को सीएम मोहन यादव भरेंगे नामांकन सभा में हुंकार

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल ने कहा— आशुतोष तिवारी भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी, विकास कार्यों और संगठन की ताकत के दम पर दतिया सीट कांग्रेस से छीनेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल ने दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी की तैयारियों की जानकारी देते हुए जीत का भरोसा जताया। उन्होंने बताया कि 13 जुलाई को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा सहित भाजपा के कई वरिष्ठ नेता दतिया पहुंचेंगे और पार्टी प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी के नामांकन कार्यक्रम में शामिल होंगे।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने पूर्व संभागीय संगठन मंत्री श्री आशुतोष तिवारी को दतिया उपचुनाव के लिए अपना अधिकृत प्रत्याशी बनाया है। पार्टी पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है और कार्यकर्ता घर-घर पहुंचकर जनता से समर्थन मांगेंगे।

श्री खण्डेलवाल ने कहा कि वरिष्ठ नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने लंबे समय तक क्षेत्र में सक्रिय रहकर विकास कार्य किए हैं और जनता का विश्वास अर्जित किया है। उन्हीं विकास कार्यों और भाजपा सरकार की उपलब्धियों के आधार पर पार्टी जनता के बीच जाएगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्यप्रदेश सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का लाभ भाजपा को मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि दतिया के कार्यकर्ता पार्टी प्रत्याशी श्री आशुतोष तिवारी को भारी बहुमत से विजयी बनाएंगे और भाजपा कांग्रेस से यह सीट छीनने में सफल होगी।

दतिया में बीजेपी में बगावत: नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटा, आशुतोष तिवारी उम्मीदवार घोषित, सड़क पर उतरे समर्थक

हजारों कार्यकर्ताओं ने हाईवे जाम किया, बाजार रहे बंद; जिलाध्यक्ष समेत पदाधिकारियों और पार्षदों के इस्तीफे का दावा, समर्थकों ने लगाए सरकार विरोधी नारे।

मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी को लेकर बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया है। पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। टिकट घोषित होने के बाद आशुतोष तिवारी ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने उन पर भरोसा जताया है। उन्होंने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को अपना अभिभावक बताते हुए उनके मार्गदर्शन में चुनाव लड़ने की बात कही

वहीं, डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद दतिया में विरोध तेज हो गया। जानकारी के अनुसार, बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता जिला कार्यालय के बाहर एकत्र हुए और हाईवे जाम कर प्रदर्शन किया। विरोध के चलते शहर के कई बाजार भी बंद रहे।

इस बीच यह भी दावा किया जा रहा है कि भाजपा के जिलाध्यक्ष रघुवीर सरण सहित कई पदाधिकारियों और सभी भाजपा पार्षदों ने अपने इस्तीफे सौंप दिए हैं। साथ ही, नरोत्तम मिश्रा के समर्थकों द्वारा मुख्यमंत्री मोहन यादव के खिलाफ नारेबाजी किए जाने की भी खबर सामने आई है।हालांकि, इस्तीफों, विरोध-प्रदर्शन और अन्य दावों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पार्टी नेतृत्व की ओर से होना अभी बाकी है। दतिया उपचुनाव में टिकट बदलने के फैसले के बाद भाजपा के भीतर असंतोष खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है और आने वाले दिनों में इस घटनाक्रम पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

दिल्ली हाईकोर्ट से पूर्व विधायक राजेंद्र भारती को झटका, बैंक फ्रॉड मामले में अपील खारिज

दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक की 3 साल की सजा बरकरार, सजा के बाद चली गई थी विधायकी

दिल्ली हाईकोर्ट ने दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की बैंक फ्रॉड मामले में दायर अपील खारिज कर दी है। हाईकोर्ट के इस फैसले के साथ ही निचली अदालत द्वारा सुनाई गई तीन साल की सजा बरकरार रहेगी।

राजेंद्र भारती को बैंक फ्रॉड मामले में दोषी ठहराते हुए तीन साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी। जनप्रतिनिधित्व कानून के प्रावधानों के तहत दो साल या उससे अधिक की सजा होने के कारण उनकी विधानसभा सदस्यता भी समाप्त हो गई थी।

अब दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा अपील खारिज किए जाने के बाद उनकी सजा पर राहत नहीं मिली है। इस फैसले को पूर्व विधायक के लिए बड़ा कानूनी झटका माना जा रहा है। मामले में आगे की कानूनी राहत के लिए उनके पास सुप्रीम कोर्ट का विकल्प उपलब्ध है।

CM योगी का दावा: ‘बस्ती में कब्रिस्तान के नाम पर हो रहे कब्जे को कार्यकर्ताओं ने हटवाया’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बस्ती की एक पुरानी घटना का किया जिक्र, कहा— सपा के तत्कालीन जिलाध्यक्ष की शिकायत पर कराई गई थी कार्रवाई।

बस्ती: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बस्ती की एक पुरानी घटना का जिक्र करते हुए दावा किया कि कब्रिस्तान के नाम पर हो रहे कथित अवैध कब्जे को उनकी पहल पर हटवाया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय समाजवादी पार्टी के तत्कालीन जिलाध्यक्ष उनके पास आए थे। उनके घर के पास कब्रिस्तान के नाम पर जबरदस्ती कब्जा किया जा रहा था। उन्होंने कहा, “वे मेरे पास आए और कहने लगे कि लखनऊ में बैठे लोगों को केवल कब्रिस्तान दिखाई देता है, हम जैसे लोग नहीं दिखाई देते।”

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद उन्होंने तत्काल कार्यकर्ताओं को मौके पर भेजा और कब्रिस्तान के नाम पर हो रहे कथित कब्जे को हटवाया।

मुख्यमंत्री ने इस घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता हमेशा आम नागरिकों के हितों की रक्षा करना और अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करना रही है।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu