विधानसभा सत्र में पेश होगा UCC विधेयक, इसी सत्र में पारित होने की उम्मीद: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव Mohan Yadav ने घोषणा की है कि आगामी विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता यानी UCC विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार विधानसभा सत्र में कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों से जुड़े प्रस्ताव और विधेयक लेकर आ रही है। इनमें समान नागरिक संहिता का विधेयक भी शामिल है।

उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से UCC विधेयक इसी विधानसभा सत्र में पारित होगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में UCC को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अब सभी की नजरें आगामी विधानसभा सत्र पर टिकी हैं, जहां इस महत्वपूर्ण विधेयक को सदन के पटल पर रखा जाएगा।

फिलहाल, UCC विधेयक को लेकर सरकार की तैयारियां और विपक्ष की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

मिर्जापुर कलेक्ट्रेट में पकड़ा गया फर्जी इंस्पेक्टर!

कलेक्ट्रेट में घूम रहा था नकली इंस्पेक्टर, जनता ने मौके पर ही कर दिया फैक्ट चेक

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कलेक्ट्रेट परिसर में खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर घूम रहा एक युवक लोगों के शक के घेरे में आ गया।

सिंगल स्टार, दाढ़ी और वर्दी देखकर हुआ शक, मिर्जापुर में पकड़ा गया फर्जी पुलिसकर्मी

दरअसल, उसके बालों का स्टाइल, सजी हुई दाढ़ी, कंधे पर लगा सिंगल स्टार और ढीली-ढाली वर्दी देखकर लोगों को कुछ गड़बड़ महसूस हुई। शक बढ़ा तो मौके पर मौजूद लोगों ने उससे पूछताछ शुरू कर दी।

जब उसकी पहचान और तैनाती से जुड़े सवाल पूछे गए तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद लोगों ने वहीं उसका “फैक्ट चेक” कर डाला और मामला खुल गया।

बालों का स्टाइल और ढीली वर्दी ने खोल दी पोल, मिर्जापुर में फर्जी इंस्पेक्टर गिरफ्तार

जांच में सामने आया कि वह असली पुलिस इंस्पेक्टर नहीं, बल्कि फर्जी वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी सिर्फ रौब झाड़ने के लिए वर्दी पहन रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा मकसद भी था।

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देवरिया मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही का आरोप

घायल हाथ छोड़ दूसरे हाथ में प्लास्टर, मासूम शाम्भवी उपाध्याय के मामले ने खड़े किए गंभीर सवाल

उत्तर प्रदेश के देवरिया से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि मासूम शाम्भवी उपाध्याय के जिस हाथ में चोट थी, डॉक्टरों ने उसकी जगह दूसरे हाथ में प्लास्टर कर दिया। यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह केवल एक चिकित्सीय गलती नहीं बल्कि मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता से जुड़ा बेहद गंभीर विषय है।

प्रमुख बिंदु

● मासूम शाम्भवी उपाध्याय के सीधे हाथ में चोट लगने का दावा।

● परिजनों का आरोप- डॉक्टरों ने घायल हाथ की जगह दूसरे हाथ में प्लास्टर चढ़ा दिया।

● घटना का मामला महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया से जुड़ा बताया जा रहा है।

● परिजनों में नाराजगी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल।

● मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग।

सवाल जो सरकार से पूछे जाने चाहिए

क्या मरीजों की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित है?

सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करती है, करोड़ों रुपये अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों पर खर्च किए जाते हैं। लेकिन यदि एक घायल बच्चे के उपचार में भी ऐसी चूक हो रही है तो यह व्यवस्था की निगरानी पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

जवाबदेही तय क्यों नहीं होती?

अक्सर चिकित्सा लापरवाही के मामलों में जांच की घोषणा तो होती है, लेकिन जिम्मेदार लोगों तक कार्रवाई पहुंचते-पहुंचते मामला ठंडा पड़ जाता है। इससे लापरवाही करने वालों का मनोबल बढ़ता है और आम मरीज असुरक्षित महसूस करता है।

क्या अस्पतालों में दोबारा जांच की व्यवस्था है?

किसी भी प्लास्टर, ऑपरेशन या गंभीर उपचार से पहले मरीज की पहचान और प्रभावित अंग की पुष्टि की जानी चाहिए। यदि ऐसी प्रक्रिया मौजूद है तो फिर ऐसी गलती के आरोप सामने क्यों आ रहे हैं?

जनता के लिए जरूरी दिशा निर्देश इलाज के दौरान सतर्क रहें

● डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार को ध्यान से समझें।

● एक्स-रे और मेडिकल रिपोर्ट स्वयं देखें और सुरक्षित रखें।

● प्लास्टर, इंजेक्शन या ऑपरेशन से पहले संबंधित अंग की पुष्टि करें।

● किसी भी गलती की आशंका होने पर तुरंत वरिष्ठ चिकित्सक से संपर्क करें।

● अस्पताल की शिकायत प्रणाली का उपयोग करें।

समाज के लिए संदेश

स्वास्थ्य सेवाएं केवल सरकार या डॉक्टरों की जिम्मेदारी नहीं हैं। समाज को भी जागरूक रहना होगा। मरीजों के अधिकारों की जानकारी होना उतना ही जरूरी है जितना इलाज कराना। जागरूक नागरिक ही बेहतर व्यवस्था की मांग कर सकते हैं।

सरकार से मांग

● पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए।

● यदि लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

● सभी सरकारी अस्पतालों में मरीज सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए।

● प्लास्टर, सर्जरी और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से पहले अनिवार्य दोहरी जांच प्रणाली लागू की जाए।

● मेडिकल लापरवाही की शिकायतों के लिए पारदर्शी और त्वरित व्यवस्था बनाई जाए।

एक मासूम की पीड़ा ने स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला केवल शाम्भवी उपाध्याय का नहीं, बल्कि उन लाखों मरीजों का है जो भरोसे के साथ सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचते हैं। जरूरत है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, सच्चाई सामने आए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो दोषियों पर ऐसी कार्रवाई हो जो भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी घटना होने से रोक सके।नोट: चूंकि यह मामला “आरोप” के रूप में बताया गया है, इसलिए पत्रकारिता और कानूनी दृष्टि से “डॉक्टर ने गलत हाथ में प्लास्टर कर दिया” को अंतिम तथ्य की तरह नहीं, बल्कि “परिजनों का आरोप है” या “जांच का विषय है” के रूप में प्रस्तुत करना अधिक सुरक्षित और पेशेवर रहेगा।

स्लोवाकिया में PM मोदी की यादगार सेल्फी, योग करते बच्चों ने जीत लिया दुनिया का दिल!

योग के रंग में रंगा स्लोवाकिया, बच्चों के बीच PM मोदी और राष्ट्रपति पेलेग्रिनी की खास सेल्फी

स्लोवाकिया में एक यादगार सेल्फी: योग ने जोड़ा युवाओं को

स्लोवाकिया: भारत के प्रधानमंत्री और Peter Pellegrini ने स्लोवाकिया के स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत विशेष योग प्रदर्शन का आनंद लिया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने बच्चों के उत्साह और योग के प्रति उनकी रुचि की सराहना की।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के नजदीक आते ही दुनिया भर में योग के प्रति बढ़ती जागरूकता देखने को मिल रही है। स्लोवाकिया में बच्चों द्वारा किया गया यह योग प्रदर्शन इस बात का उदाहरण है कि नई पीढ़ी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हो रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं को योग से जुड़ते देखना बेहद सुखद है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य और कल्याण के साझा उद्देश्य से जोड़ने का कार्य भी कर रहा है।

इस अवसर पर दोनों नेताओं ने बच्चों के साथ यादगार तस्वीरें भी खिंचवाईं, जो भारत और स्लोवाकिया के बीच सांस्कृतिक सहयोग और मित्रता का प्रतीक बनीं।

मुख्य संदेश:

योग आज वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य, संतुलन और एकता का माध्यम बन चुका है, और युवाओं की बढ़ती भागीदारी इसके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

नीट परीक्षा को लेकर सीएम मोहन यादव की बड़ी समीक्षा, 30 जिलों में 283 केंद्र तैया

21 जून की नीट परीक्षा पर सख्त निगरानी, सरकार और एनटीए

अलर्ट मोड में

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) 2026 परीक्षा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। प्रदेश के 30 जिलों में बनाए गए 283 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने परीक्षा के सुचारु, निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और अभ्यर्थियों की सुविधाओं से जुड़े सभी प्रबंध समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नीट री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, एनटीए ने किया स्वागत

इधर, नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले केन्द्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगा दी है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह कदम परीक्षा से जुड़ी फर्जी सूचनाओं, कथित पेपर लीक और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने में मदद करेगा। सरकार के अनुसार यह प्रतिबंध 22 जून तक प्रभावी रहेगा तथा परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लगाया गया है।

गौरतलब है कि नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी, जिसके लिए देशभर में सुरक्षा व्यवस्थाएं कड़ी कर दी गई हैं। एनटीए ने अभ्यर्थियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।हेडलाइन सुझाव:

40 रुपये के बन-मक्खन के चक्कर में पकड़ा गया नकली IPS, चायवाले पर झाड़ रहा था रौब

40 रुपये के बन-मक्खन के चक्कर में पकड़ा गया नकली IPS, चायवाले पर झाड़ रहा था रौब

लखनऊ के महानगर इलाके से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 40 रुपये के बन-मक्खन का भुगतान करने से बचने के लिए एक शख्स ने खुद को IPS अधिकारी बताकर रौब जमाने की कोशिश की। लेकिन उसकी यह चाल ज्यादा देर नहीं चली और आखिरकार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक, मिथलेश शुक्ला नाम का व्यक्ति महानगर क्षेत्र की एक चाय की दुकान पर पहुंचा। वहां उसने बन-मक्खन खाया और चाय पी। जब भुगतान की बारी आई तो उसने पैसे देने के बजाय खुद को नोएडा में तैनात IPS अधिकारी बताना शुरू कर दिया।

चायवाले ने जब पैसे मांगे तो दोनों के बीच बहस होने लगी। मामला बढ़ता देख चायवाले ने पास की पुलिस चौकी पर मौजूद सिपाहियों को बुला लिया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के सामने भी मिथलेश शुक्ला ने खुद को IPS अधिकारी बताते हुए उन्हें सैल्यूट करने के लिए कहा।

सिपाहियों को उसकी बातों पर शक हुआ। उन्होंने कहा कि यदि वह वास्तव में अधिकारी हैं तो पहचान और पद से जुड़े दस्तावेज दिखाएं। पूछताछ के दौरान उसकी बातों में लगातार विरोधाभास सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने गहन जांच की।

जांच में खुलासा हुआ कि मिथलेश शुक्ला कोई IPS अधिकारी नहीं है और झूठी पहचान बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी।

महज 40 रुपये बचाने के लिए IPS अधिकारी बनने का नाटक करने वाले मिथलेश शुक्ला की यह कहानी अब चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

 

अजय सिंह यादव का कांग्रेस पर निशाना, कहा- हार नहीं, कुर्सी बचाने की लड़ाई में उलझी है पार्टी

अजय सिंह यादव का कांग्रेस पर निशाना, कहा- हार नहीं, कुर्सी बचाने की लड़ाई में उलझी है पार्टी

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की स्थिति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि पार्टी के लिए चुनावी हार कोई मुद्दा नहीं है, बल्कि नेताओं के बीच एक-दूसरे की कुर्सी छीनने की होड़ चल रही है।

अजय सिंह यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं का लगातार अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनुभवी नेताओं को न तो अपनी बात रखने का अवसर दिया जा रहा है और न ही संगठन में सम्मानजनक स्थान मिल रहा है। उनके अनुसार, वरिष्ठ नेताओं को हाशिए पर धकेलने की राजनीति कांग्रेस की कार्यशैली को उजागर करती है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस के भीतर वर्चस्व और पद की लड़ाई चरम पर है तथा पार्टी के नेता जनता के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय एक-दूसरे को कमजोर करने में लगे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी प्रकार के आंतरिक संघर्ष और नेतृत्व विवादों के कारण जनता कांग्रेस को गंभीरता से नहीं लेती।

अजय सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है, लेकिन पार्टी नेतृत्व चुनावी हार के कारणों पर चर्चा करने के बजाय अंदरूनी खींचतान में उलझा हुआ दिखाई दे रहा है।

 

— अजय सिंह यादव, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 1250 बहुमूल्य श्रीराम शिलाओं के रिकॉर्ड पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 1250 बहुमूल्य श्रीराम शिलाओं के रिकॉर्ड पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

अयोध्या: राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा और दान प्रबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक नया दावा सामने आया है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान देश-विदेश से प्राप्त लगभग 1250 बहुमूल्य श्रीराम शिलाओं का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इन दावों की अभी स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दावों के अनुसार, इन शिलाओं में सोने-चांदी तथा रत्नों से अलंकृत शिलाएं भी शामिल थीं। यह भी कहा जा रहा है कि सबसे मूल्यवान शिलाओं में से एक मॉरीशस से प्राप्त हुई थी, जबकि मुंबई के एक व्यापारी द्वारा हीरे जड़ी शिला भेंट किए जाने का दावा किया गया है।

रिकॉर्ड और निगरानी को लेकर सवाल

मामले को लेकर कई प्रश्न उठाए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख सवाल यह हैं कि इन शिलाओं का आधिकारिक रिकॉर्ड कहां है, उनकी जिम्मेदारी किसके पास थी और उनके संरक्षण एवं निगरानी की व्यवस्था किसके अधीन थी।

स्थानीय स्तर पर इस विषय पर चर्चा तेज बताई जा रही है। कुछ लोगों का कहना है कि यदि किसी विशेष जांच दल (SIT) का गठन होता है और उसके जांच दायरे में यह विषय शामिल किया जाता है, तो इन पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

दान राशि प्रबंधन पर भी उठ रहे सवाल

इसी बीच राम मंदिर से जुड़ी दान राशि के प्रबंधन को लेकर भी विभिन्न प्रकार के आरोप और दावे सामने आ रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि दान राशि के उपयोग और लेखा-जोखा में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।

जांच और जवाबदेही की मांग

मामले को लेकर विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और कुछ स्थानीय लोगों द्वारा पारदर्शी जांच की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

वहीं, इस पूरे मामले में अब तक किसी जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए सभी आरोपों और दावों की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप और दावे विभिन्न पक्षों द्वारा लगाए गए हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि या न्यायिक सत्यापन अभी शेष है। निष्पक्ष जांच के निष्कर्ष आने तक किसी भी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

नागपुर में कथित रेप, ब्लैकमेल और जबरन धर्मांतरण का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

नागपुर में कथित रेप, ब्लैकमेल और जबरन धर्मांतरण का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया गया, आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया गया और बाद में कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कराया गया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अय्याज ताज मदारे और अमीन शेख के रूप में हुई है। वहीं, मामले में नामजद एक मौलाना फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पीड़िता के पति भारतीय वायुसेना में अधिकारी हैं और वर्तमान में दूसरे शहर में तैनात हैं।

महिला की शिकायत के मुताबिक, मुख्य आरोपी अय्याज ताज मदारे उसका पुराना परिचित था। दोनों स्कूल में साथ पढ़ चुके थे। आरोप है कि प्लॉट खरीदने के सिलसिले में संपर्क बढ़ने के बाद आरोपी उसे वर्धा रोड स्थित एक होटल में ले गया, जहां कथित तौर पर जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। पीड़िता का आरोप है कि बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया गया और आपत्तिजनक वीडियो बना लिए गए।

शिकायत में कहा गया है कि आरोपी बाद में वीडियो और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर महिला को लगातार ब्लैकमेल करता रहा। आरोप है कि इसी दबाव में उससे लाखों रुपये की उगाही की गई और उसका लगातार यौन शोषण भी किया गया।

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि पिछले महीने उसे नागपुर के पास कामठी क्षेत्र में ले जाया गया, जहां कथित तौर पर तांत्रिक और सम्मोहन जैसी रस्मों के जरिए उसका धर्म परिवर्तन कराया गया और अय्याज के साथ जबरन निकाह पढ़वाया गया। शिकायत में यह आरोप भी शामिल है कि उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध गौमांस खाने के लिए मजबूर किया गया।

पुलिस ने मामले में दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, जबरन धर्मांतरण समेत महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, अनिष्टकारी एवं अघोरी प्रथाओं तथा जादू-टोना विरोधी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

फिलहाल, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और सभी आरोपों की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: इस खबर में शामिल आरोप पीड़िता की शिकायत और पुलिस में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित हैं। आरोपियों का पक्ष सामने आने और जांच पूरी होने के बाद तथ्य बदल सकते हैं।

कॉकरोच अभिजीत दीपके को जयपुर में पड़े थप्पड़! प्रदर्शन के दौरान मचा हंगामा, वीडियो वायरल

राजस्थान की राजधानी जयपुर में उस समय हंगामा मच गया जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके को एक युवक ने सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान थप्पड़ मार दिए। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक, दीपके पेपर लीक, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर आयोजित प्रदर्शन में शामिल थे। इसी दौरान एक युवक अचानक उनके पास पहुंचा और उन पर थप्पड़ों की बौछार कर दी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और समर्थकों ने आरोपी को पकड़ लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरा घटनाक्रम कुछ ही सेकंड में हुआ। कई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि दीपके को लगातार कई थप्पड़ मारे गए, जिसके बाद पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।

पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए संदिग्ध युवकों को हिरासत में लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। वहीं इस घटना को लेकर राजनीतिक और सोशल मीडिया हलकों में बहस तेज हो गई है।

फिलहाल, वायरल वीडियो और इस पूरे विवाद को लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

“जयपुर में अभिजीत दीपके को पड़े थप्पड़ों का यह मामला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है। इस खबर से जुड़े हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए हमारे साथ।”

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