राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का हल्लाबोल, भोपाल में महिला कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का हल्लाबोल, भोपाल में महिला कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

‘लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश’— महिला कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, निष्पक्ष कार्रवाई की उठाई मांग

भोपाल। राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इस फैसले को लेकर लगातार हमलावर है। इसी कड़ी में शुक्रवार को राजधानी भोपाल स्थित मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में महिला कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बुरासी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पहुंचीं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और नामांकन निरस्त किए जाने के फैसले को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। प्रदर्शन में शामिल नेताओं का आरोप था कि यह फैसला केवल एक उम्मीदवार का नामांकन रद्द करने का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।

महिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता नहीं होगी, तो जनता का भरोसा कमजोर होगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को यहीं नहीं छोड़ेगी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना विरोध जारी रखेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला प्रदेश की राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।

अजय सिंह यादव का कांग्रेस पर निशाना, कहा- हार नहीं, कुर्सी बचाने की लड़ाई में उलझी है पार्टी

अजय सिंह यादव का कांग्रेस पर निशाना, कहा- हार नहीं, कुर्सी बचाने की लड़ाई में उलझी है पार्टी

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की स्थिति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि पार्टी के लिए चुनावी हार कोई मुद्दा नहीं है, बल्कि नेताओं के बीच एक-दूसरे की कुर्सी छीनने की होड़ चल रही है।

अजय सिंह यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं का लगातार अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनुभवी नेताओं को न तो अपनी बात रखने का अवसर दिया जा रहा है और न ही संगठन में सम्मानजनक स्थान मिल रहा है। उनके अनुसार, वरिष्ठ नेताओं को हाशिए पर धकेलने की राजनीति कांग्रेस की कार्यशैली को उजागर करती है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस के भीतर वर्चस्व और पद की लड़ाई चरम पर है तथा पार्टी के नेता जनता के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय एक-दूसरे को कमजोर करने में लगे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी प्रकार के आंतरिक संघर्ष और नेतृत्व विवादों के कारण जनता कांग्रेस को गंभीरता से नहीं लेती।

अजय सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है, लेकिन पार्टी नेतृत्व चुनावी हार के कारणों पर चर्चा करने के बजाय अंदरूनी खींचतान में उलझा हुआ दिखाई दे रहा है।

 

— अजय सिंह यादव, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

राज्यसभा चुनाव को लेकर दिग्विजय सिंह का निर्वाचन आयोग पर निशाना

राज्यसभा चुनाव को लेकर दिग्विजय सिंह का निर्वाचन आयोग पर निशाना

पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया को लेकर निर्वाचन आयोग पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस आशंका को विपक्ष लगातार जता रहा था, वही हुआ है। सिंह ने कहा कि निर्वाचन आयोग ने मामले में कोई फैसला नहीं लिया, जबकि सुप्रीम कोर्ट से आज ही निर्णय देने की मांग की गई थी।

उन्होंने कहा कि शाम चार बजे राज्यसभा चुनाव की घोषणा भी कर दी गई, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो गए हैं। दिग्विजय सिंह ने इसे “चोरी” बताते हुए कहा कि उनकी पार्टी इसका पुरजोर विरोध करेगी और पूरे देश में इस मुद्दे को उजागर करेगी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह लड़ाई अंतिम दम तक लड़ी जाएगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी हर संभव प्रयास करेगी और मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा भेजकर रहेगी।

दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल और गर्म होने की संभावना है।

राज्यसभा निर्वाचन मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई पर विधायक रामेश्वर शर्मा की प्रतिक्रिया

भोपाल। राज्यसभा निर्वाचन को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई पर विधायक Rameshwar Sharma ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास है और सुप्रीम कोर्ट जो भी निर्णय देगा, वह संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप होगा।

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि राज्यसभा चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है और सभी राजनीतिक दलों को संवैधानिक मर्यादाओं का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अदालत में मामला विचाराधीन है, इसलिए सभी पक्षों को न्यायालय के फैसले का इंतजार करना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती स्वतंत्र न्यायपालिका और निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया में निहित है। शर्मा ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत करेगा।

फिलहाल राज्यसभा निर्वाचन से जुड़े मामले पर देशभर की राजनीतिक निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके आगामी फैसले पर टिकी हुई हैं।

ग़ायब होने की खबरों के बीच सैलाना विधायक कमलेश्वर डोडियार की फेसबुक पोस्ट, कहा— 18 जून को बताऊंगा किसे दिया वोट

रतलाम। मध्य प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल के बीच सैलाना से भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के विधायक कमलेश्वर डोडियार के कथित रूप से लापता होने की चर्चाओं ने जोर पकड़ा। इस बीच विधायक डोडियार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट साझा कर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

फेसबुक पोस्ट में डोडियार ने लिखा, “मेन स्ट्रीम मीडिया को सूचित करता हूँ कि राज्यसभा चुनाव के बारे में 18 जून को ही बताऊंगा कि मैंने वोट किसको दिया। और हाँ, दल्लों और गल्लों के सवालों का जवाब नहीं दूँगा। हमें सुझाव देने वाले पहले पंच या पार्षद बनना चाहिए।”

विधायक की इस पोस्ट के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। गौरतलब है कि उनके संपर्क में नहीं होने और मोबाइल फोन बंद होने की खबरों के बीच विभिन्न आदिवासी संगठनों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही थीं। वहीं सोशल मीडिया पर भी उनके वोट को लेकर अटकलें और टिप्पणियां की जा रही थीं।

डोडियार ने अपनी पोस्ट के माध्यम से आलोचकों और सुझाव देने वालों पर कटाक्ष करते हुए स्पष्ट संकेत दिया कि वह राज्यसभा चुनाव में अपने मतदान संबंधी निर्णय का खुलासा निर्धारित समय पर ही करेंगे। साथ ही उन्होंने ट्रोलिंग और अनावश्यक टिप्पणियों पर भी नाराजगी जाहिर की।

अब सभी की निगाहें 18 जून पर टिकी हैं, जब विधायक कमलेश्वर डोडियार राज्यसभा चुनाव में अपने मतदान को लेकर स्थिति स्पष्ट कर सकते हैं। :::

ग़ायब होने की चर्चाओं के बीच विधायक कमलेश्वर डोडियार का बड़ा बयान, बोले- 18 जून को बताऊंगा किसे दिया वोट

सैलाना विधायक डोडियार की फेसबुक पोस्ट से बढ़ी सियासी हलचल, आलोचकों पर साधा निशाना

फोन बंद और लापता होने की खबरों के बीच डोडियार का जवाब, कहा- दल्लों-गल्लों के सवालों का नहीं दूंगा उत्तर

 

 

नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों ने प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल से की सौजन्य भेंट

नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों ने प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल से की सौजन्य भेंट

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री तरुण चुघ, श्री रजनीश अग्रवाल तथा श्री महेश केवट ने गुरुवार को राज्यसभा सांसद निर्वाचित होने का प्रमाण-पत्र प्राप्त करने के पश्चात भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक श्री हेमंत खण्डेलवाल से सौजन्य भेंट की।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष श्री हेमंत खण्डेलवाल ने नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसदों का मुंह मीठा कराकर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

भेंट के दौरान प्रदेश शासन के मंत्री श्री राकेश शुक्ला, तीर्थ स्थान एवं मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री विनोद गोटिया, वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष श्री संजय नगायच, भाजपा प्रदेश महामंत्री श्री राहुल कोठारी, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, प्रदेश मीडिया प्रभारी श्री आशीष उषा अग्रवाल तथा किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष श्री जयपाल सिंह चावड़ा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। :::

बीजेपी के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, प्रमाण पत्र सौंपे गए; कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदें अब कोर्ट पर

बीजेपी के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, प्रमाण पत्र सौंपे गए; कांग्रेस की मीनाक्षी नटराजन की उम्मीदें अब कोर्ट पर

मध्यप्रदेश की राजनीति में बीजेपी को बड़ी सफलता मिली है। पार्टी के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए हैं। निर्वाचन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित अधिकारियों ने सभी विजयी उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र भी सौंप दिए।

बताया जा रहा है कि नामांकन और जांच प्रक्रिया के बाद किसी अन्य प्रत्याशी के मैदान में नहीं रहने से बीजेपी उम्मीदवारों की जीत निर्विरोध तय हो गई। इसके बाद निर्वाचन अधिकारियों ने औपचारिक घोषणा करते हुए उन्हें निर्वाचित होने का प्रमाण पत्र प्रदान किया।

वहीं कांग्रेस के लिए यह घटनाक्रम बड़ा झटका माना जा रहा है। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मीनाक्षी नटराजन इस पूरी प्रक्रिया से बाहर हो गई हैं। पार्टी की ओर से उठाए गए कानूनी और प्रक्रियागत मुद्दों के बावजूद फिलहाल स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

अब कांग्रेस की नजरें अदालत की कार्यवाही पर टिकी हैं। पार्टी को उम्मीद है कि कोर्ट में चल रही प्रक्रिया से उसे राहत मिल सकती है। हालांकि फिलहाल बीजेपी के तीनों उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत पर मुहर लग चुकी है और उन्हें आधिकारिक प्रमाण पत्र भी मिल चुका है।

राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को बीजेपी की बड़ी रणनीतिक और संगठनात्मक सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जबकि कांग्रेस के लिए यह एक महत्वपूर्ण राजनीतिक चुनौती बनकर सामने आया है। अब आगे की दिशा काफी हद तक अदालत के फैसले पर निर्भर करेगी।

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