दुष्कर्म के आरोप में डिप्टी कलेक्टर गिरफ्तार, शादी का झांसा देकर शोषण का आरोप

मुरैना
मुरैना में पदस्थ रहे डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर के खिलाफ एक युवती की शिकायत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। शिकायत के बाद पुलिस ने डिप्टी कलेक्टर को गिरफ्तार पर लिया है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि अधिकारी ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया और बाद में शादी से इंकार कर दिया। 

जानकारी के अनुसार, मुरैना की रहने वाली 32 वर्षीय युवती ने सिविल लाइन थाना पुलिस में दर्ज शिकायत में बताया कि वर्ष 2025 की शुरुआत में उसकी पहचान फेसबुक के माध्यम से अरविंद माहौर से हुई थी। उस समय माहौर सबलगढ़ में एसडीएम के पद पर पदस्थ थे। दोनों के बीच बातचीत बढ़ी और बाद में मुलाकातों का सिलसिला शुरू हुआ।

ये आरोप भी गंभीर
पीड़िता का आरोप है कि अधिकारी ने उससे शादी करने का वादा किया और इसी भरोसे पर कई बार शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत में कहा गया है कि 30 मार्च 2025 को उसे घुमाने के बहाने मुरैना रेस्ट हाउस के पीछे ले जाकर दुष्कर्म किया गया। इसके बाद सरकारी आवास और ग्वालियर स्थित एक फ्लैट में भी कई बार उसका शोषण किया गया। युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी अधिकारी ने शादी के बदले पांच करोड़ रुपये नकद और एक माह के लिए युवती को किसी अन्य व्यक्ति के साथ भेजने जैसी आपत्तिजनक मांग की थी। शिकायत में मोबाइल फोन में मौजूद कुछ वीडियो और अन्य साक्ष्यों का भी उल्लेख किया गया है।

जान से मारने की धमकी भी दी
पीड़िता के अनुसार, जब उसने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने शादी से साफ इंकार कर दिया और शिकायत करने पर पूरे परिवार को जान से मरवाने की धमकी दी। मामले की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने डिप्टी कलेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी डिप्टी कलेक्टर को गिरफ्तार कर लिया है।

आज कोर्ट में करेंगे पेश
सिविल लाइन थाना प्रभारी उदय भान यादव ने मीडिया को बताया कि एक महिला ने गलत काम करने के आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। उसने बताया कि आरोपी डिप्टी कलेक्टर अरविंद माहौर ने शादी का झांसा देकर कई बार गलत काम किया गया। माहौर को बुधवार रात में गिरफ्तार कर लिया गया है। गुरुवार को मेडिकल जांच के बाद कोर्ट में पेश करेंगे। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद माहौर का ब्लड प्रेशर बढ़ गया था। इसके चलते सुबह करीब 4 बजे उनका इलाज कराया गया, अब हालत ठीक है। 

नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता सूची में नाम जोड़ने- काटने के लिये पहली बार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

नगरीय निकायों एवं पंचायतों की मतदाता सूची में नाम जोड़ने- काटने के लिये पहली बार ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

8317 आवेदकों ने किया ऑनलाइन आवेदन

भोपाल

राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री मनोज श्रीवास्तव ने बताया है कि प्रदेश में पहली बार नगरीय निकायों एवं त्रि-स्तरीय पंचायतों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान मतदाताओं को नाम जोड़ने, कटवाने और नाम संशोधन के लिये ऑनलाइन सुविधा दी गयी। इस सुविधा का लाभ लेते हुए कुल 8317 आवेदकों ने ऑनलाइन आवेदन किया। इनमें से नगरीय निकायों में 1496 और पंचायतों में 6848 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए।

नगरीय निकायों में 675 ऑनलाइन आवेदन नाम जोड़ने, 770 नाम कटवाने और 24 आवेदन नाम में संशोधन के लिये प्राप्त हुए हैं। वहीं त्रि-स्तरीय पंचायतों में 1701 आवेदन नाम जुड़वाने, 4960 नाम कटवाने और 187 आवेदन नाम में संशोधन के लिये प्राप्त हुए हैं। इन सभी आवेदनों पर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।

 

ट्विशा केस में नया मोड़, आरोपी पति समर्थ सिंह अस्पताल में भर्ती; मेडिकल वार्ड में कड़ी सुरक्षा

भोपाल 

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में आरोपी सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह न्यायिक हिरासत में भोपाल सेंट्रल जेल में हैं। जेल में पहले दिन गिरिबाला सिंह ज्यादातर खामोश रहीं। उन्होंने पीने को साफ पानी मांगा। इधर समर्थ सिंह को इलाज के लिए मेडिकल वार्ड में भर्ती किया गया है। उसके पैर में चोट है जिसका इलाज चल रहा है। वार्ड की सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की गई है। चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब भोपाल पुलिस की कथित लापरवाही भी जांच के दायरे में आ गई है। सीबीआइ ने लिगेचर से संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान दर्ज किए हैं।

गिरि बाला सिंह ने भोपाल सेंट्रल जेल में अपना पहला दिन शांत और सामान्य तरीके से बिताया

जेल सूत्रों के अनुसार ट्विशा केस में आरोपी सास, रिटायर्ड जिला जज गिरि बाला सिंह ने भोपाल सेंट्रल जेल में अपना पहला दिन शांत और सामान्य तरीके से बिताया। वे जेल में आम कैदियों की तरह रहीं। रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह को मंगलवार शाम को यहां लाया गया था। अपनी बैरक में गिरिबाला सिंह ने कढ़ी-पकौड़े और रोटियां खाईं।

पूरे समय संयमित, सहयोगी और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नजर आईं
जेल अधिकारियों के अनुसार गिरिबाला सिंह पूरे समय संयमित, सहयोगी और मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ नजर आईं। उन्होंने साफ पानी की मांग भी की।

विचाराधीन बंदियों को मिलने वाली सुविधाएं और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा
एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा डेथ केस की संवेदनशीलता को देखते हुए गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अलग- अलग रखा गया है। जेल अधिकारियों के अनुसार शाम दोनों को जेल लाने के बाद से ही उन्हें विचाराधीन बंदियों को मिलने वाली सामान्य सुविधाएं और भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।

मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को इलाज के लिए जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया
न्यायिक हिरासत में पूर्व जज गिरिबाला सिंह को महिला वार्ड में रखा गया है। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को इलाज के लिए जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उनके पैर में चोट लग गई थी जिसके कारण खंड-बी स्थित मेडिकल वार्ड में भर्ती कराकर इलाज किया जा रहा है। समर्थ सिंह, कड़ी निगरानी में है। उन्हें भी आम बंदियों के समान नाश्ते के रूप में सुबह दलिया और नमकीन के साथ चाय भी दी गई।

14 दिन की न्यायिक हिरासत
जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 16 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया. सेशन जज शोभना भालवी की अदालत ने यह फैसला दिया. इससे पहले 29 जून को कोर्ट ने दोनों को 5 दिन की सीबीआई हिरासत में भेजा था. आज यानी 2 जून को दोनों की रिमांड खत्म हो रही थी। 

27 मई को हुई थी गिरिबाला की गिरफ्तारी

सीबीआई ने गुरुवार (27 मई) को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में गिरिबाला सिंह के घर पर सात घंटे से ज्यादा की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था. गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी गुरुवार (27 मई) को तब हुई, जब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी. समर्थ सिंह को 12 मई को ट्विशा शर्मा की मौत के बाद, लगभग एक सप्ताह तक लापता रहने के बाद, भोपाल पुलिस ने 22 मई को जबलपुर से गिरफ्तार किया था। 

समर्थ सिंह को सबसे पहले 23 मई को भोपाल में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत में पेश किया गया था. इसके बाद अदालत ने उन्हें 29 मई तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया था. मध्य प्रदेश सरकार की सिफारिश पर जांच का जिम्मा संभालने के बाद सीबीआई ने आगे की पूछताछ के लिए समर्थ की हिरासत की मांग की थी. कोर्ट के आदेश के बाद वह 16 जून तक हिरासत में रहेंगे। 

कथित तौर पर ट्विशा शर्मा अपने ससुराल कटारा हिल्स में फंदे से लटकी हुई मिली थीं. बाद में उनके परिवार ने उनके पति और ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच की मांग उठी थी. मामले की जांच सीबीआई कर रही है. रिमांड के दौरान सीबीआई समर्थ को कथित अपराध स्थल पर ले गई और विस्तृत फॉरेंसिक जांच की. सीबीआई टीम ने कटारा हिल्स स्थित घर पर कई घंटे बिताए. इस दौरान उन्होंने फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी की और सबूत इकट्ठा किए, साथ ही समर्थ से 12 मई की रात की घटनाओं के बारे में पूछताछ भी की। 

इलेक्ट्रिक कार में सफर करेंगे CM मोहन यादव, गाड़ी नंबर में छिपा खास संदेश बना चर्चा का विषय

भोपाल 

 मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव अब इलेक्ट्रिक कार से सफर करेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा की गई पेट्रोल-डीजल की बचत करने की अपील पर अमल करते हुए सीएम मोहन यादव ने इलेक्ट्रिक कार में सफर करने का फैसला लिया है। सीएम के फैसले के बाद अब उनके काफिले में इलेक्ट्रिक कार को शामिल कर लिया गया है और ऐसा बताया जा रहा है कि शाम को पहली बार सीएम मोहन यादव इलेक्ट्रिक कार में सफर कर सकते हैं।

सीएम के काफिले में शामिल हुई इलेक्ट्रिक कार
सीएम मोहन यादव के द्वारा पेट्रोल-डीजल की बचत करने का फैसला लिए जाने के बाद उनके काफिले में इलेक्ट्रिक कार को शामिल किया गया है। सीएम के काफिले के लिए नई इलेक्ट्रिक कार महिंद्रा XEV 9e खरीदी गई है, जो कि एक बार की चार्जिंग में करीब 500 किलोमीटर की रेंज देती है। सीएम मोहन यादव आज शाम को पहली बार सीएम हाउस से स्टेट हैंगर जाते वक्त इस इलेक्ट्रिक कार की सवारी कर सकते हैं।

कार के नंबर में छिपा है बड़ा संदेश
सीएम मोहन यादव के काफिले में जो इलेक्ट्रिक कार शामिल की गई है उसका नंबर MP 02VB 2047 है। सीएम हाउस से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि कार के नंबर में भी एक बड़ा संदेश छिपा है। कार के नंबर में विकसित भारत का संदेश है, V का मतलब विकसित और B का मतलब भारत है। 2047 नंबर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को दर्शाता है।

मोदी के संदेश पर मोहन का अमल..अब EV पर होंगे सवार
मध्य प्रदेश के डॉ मोहन यादव बीजेपी शासित राज्यों के उन मुख्यमंत्रियों में से हैं, जिन्होंने पीएम की अपील का अमल सबसे पहले किया. वे मध्य प्रदेश के इकलौते मुख्यमंत्री होंगे, जो अब इलेक्ट्रिकल व्हीकल से सफर करेंगे. सीएम आज से ही इस पर अमल करेंगे. जानकारी के मुताबिक . बीजेपी प्रवक्ता डॉ हितेष वाजपेयी का कहना है कि “मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की ये पहल अनुकरणीय है और मिसाल बनेगी। 

मोहन यादव ईवी कार में चलेंगे
जिस तरह से उन्होंने पहले काफिले को सीमित किया और अब ईवी वाहन से चलने का निर्णय लिया है. निश्चित तौर पर पार्टी के भीतर ही नहीं बाकी समाज में भी ईंधन बचाने के साथ पर्यावरण को बचाने का जो संकल्प है, उससे लोगों को प्रेरणा मिलेगी। 

ईवी कार में दर्ज विकसित भारत और 2047
इस ईवी कार का नंबर भी बेहद खास है. एमपी 03 सीरीज की इस कार का जो नंबर है, वो वी बी 2047 है. वीबी (VB) के मायने हैं विकसित भारत. जो 2047 का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तय किया है. मोहन यादव प्रदेश के इस लिहाज से पहले मुख्यमंत्री होंगे, जिन्होंने इलेक्ट्रिक वाहन की सवारी का निर्णय लिया. हालांकि भारत के अन्य राज्यों में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पहले ही अपने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहन शामिल कर लिए थे. इसी तरह से मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा भी अपने काफिले में इलेक्ट्रिक वाहन का उपयोग कर रहे हैं। 

13 गाड़ियों से अब केवल पांच गाड़ियों का काफिला
मोहन यादव ने इससे पहले अपने काफिले की गाड़ियों को कम किया था. उनके काफिले में 13 गाड़ियां थी, जिन्हें कम करके 8 किया गया और फिर सीमित करके पांच गाड़ियों का काफिला ही बचा. कारकेड कम करने के बाद बीती दिल्ली यात्रा में सीएम डॉ मोहन यादव ने आम आदमी की तरह मेट्रो में यात्रा की थी. अब उसमें भी मुख्यमंत्री ने इलेक्ट्रिलक वाहन से यात्रा करने का निर्णय लिया. सभी उच्च तकनीक से लैस महिन्द्रा कंपनी से बनी इस कार के फीचर हैं, एक बार की चार्जिंग में ये औसत 500 किलोमीटर से भी ज्यादा का सफर तय कर लेती है। 

इस कार के टॉप मॉडल की कीमत करीबन 31 लाख 25 लाख है. इसमें आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं. इस गाड़ी में पैनोरमिक सनरूफ है, जिससे केबिन में भरपूर प्राकृतिक रोशनी आती है और यात्रियों को खुले आसमान का शानदान नजारा मिलता है. इसमें 360 डिग्री घूमने वाला कैमरा और कई दूसरे सुरक्षा फीचर्स होते हैं. इस गाड़ी में 79 किलोवॉट की लिथियम आयन बैटरी होती है, जो 20 मिनट में 80 परसेंट तक चार्ज हो जाती है. सिर्फ 6.8 सेकंड में 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार पर पहुंच जाती है। 

एक महीने में बचेगा 6 हजार लीटर डीजल
गाड़ियों की संख्या कम करने से डीजल-पेट्रोल की खपत में बड़ी कमी आएगी. स्टेट गैरेज के सूत्रों के मुताबिक अप्रैल 2026 में वीआईपी वाहनों में करीबन 24 हजार लीटर डीजल की खपत हुई थी, जो मई माह में घटकर 18 हजार लीटर रह गई है. इस तरह एक माह में करीबन 6 हजार लीटर डीजल की कमी आई है। 

पीएम की अपील पर सीएम मोहन यादव ने किया अमल
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पेट्रोल-डीजल की बचत की अपील करने के बाद सीएम मोहन यादव ने इस पर अमल किया है। सबसे पहले सीएम मोहन यादव ने अपने काफिले से गाड़ियों की संख्या कम कराई थी और एक गाइडलाइन भी जारी की थी। इसके साथ ही बीते दिनों सीएम मोहन यादव खुद इंदौर से उज्जैन तक जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बस में यात्रा कर पहुंचे थे और सादगीपूर्ण प्रशासन का संदेश दिया था। इस दौरान सुरक्षा और आवश्यक व्यवस्था के लिए केवल तीन अन्य वाहन ही उनके साथ थे। इतना ही नहीं बस में यात्रा के दौरान ही सीएम मोहन यादव ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई विकासकार्यों और जनहित की योजनाओं पर चर्चा भी की थी।

विधायक ट्रॉफी 2026 का भव्य शुभारंभ, 32 टीमें लेंगी हिस्सा

भोपाल, 1 जून। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विधायक ट्रॉफी 2026 का भव्य शुभारंभ आतिशबाजी, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खिलाड़ियों के उत्साह के बीच नेहरू नगर पुलिस ग्राउंड में हुआ। टूर्नामेंट के उद्घाटन अवसर पर करुणाधाम आश्रम के पीठाधीश्वर सुदेश शांडिल्य महाराज, विधायक भगवानदास सबनानी एवं भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र यती विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान चालीसा एवं राष्ट्रगान के साथ हुई। इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी ने खिलाड़ियों और दर्शकों का स्वागत करते हुए कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, मानसिक विकास, चरित्र निर्माण और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र प्रतिभाओं से समृद्ध है और उनका निरंतर प्रयास क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का है।

विधायक श्री सबनानी ने कहा कि खेल केवल हार-जीत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संघर्ष, टीम भावना, अनुशासन और मानवीय मूल्यों की सीख भी देते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

नवप्रयास सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास समिति द्वारा आयोजित यह टेनिस बॉल नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट 1 जून से 9 जून तक चलेगा। प्रतियोगिता में 32 टीमें भाग ले रही हैं और मुकाबले नॉकआउट प्रारूप में खेले जाएंगे। फाइनल मैच 9 जून को आयोजित होगा।

उद्घाटन समारोह के बाद डॉक्टर एवं पत्रकारों के बीच एक रोमांचक शो मैच भी खेला गया, जिसने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रतिदिन 8 ओवर के 3 से 4 मैच आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

महिलाओं और बच्चों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी कार्रवाई: सीएम डॉ. मोहन यादव

भोपाल, 1 जून। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मंत्रालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनभागीदारी और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो तथा पोषण स्तर सुधारने के लिए स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों के साथ निजी अस्पतालों और संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और अन्य राज्यों में सफल नवाचारों का अध्ययन कर उन्हें अपनाने की कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने मैदानी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जानकारी दी गई कि महिला कर्मियों की अधिक संख्या वाले औद्योगिक क्षेत्रों में पीपीपी मॉडल पर वर्किंग वुमेन हॉस्टल विकसित किए जा रहे हैं। देवास, नर्मदापुरम, झाबुआ और सिंगरौली में ऐसे हॉस्टलों का निर्माण शुरू हो चुका है। वहीं संकटग्रस्त महिलाओं की सहायता के लिए पांढुर्णा, मऊगंज, मैहर, पेटलावद, इंदौर, धार सहित विभिन्न स्थानों पर वन स्टॉप सेंटर स्वीकृत किए गए हैं।

बाल संरक्षण के क्षेत्र में चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से 51 जिला स्तरीय और एक राज्य स्तरीय हेल्प सेंटर द्वारा 66 हजार से अधिक बच्चों को सहायता प्रदान की गई है। जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान और मैपिंग का कार्य 13 जिलों में जारी है।

9.28 लाख बच्चों की हुई ग्रेजुएशन सेरेमनी

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 9 लाख 28 हजार बच्चों के लिए ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित कर उन्हें विद्यारंभ प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जिससे स्कूलों में उनका सहज प्रवेश सुनिश्चित हुआ। इस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

इसके अलावा, सक्षम आंगनबाड़ी उन्नयन कार्यक्रम के तहत एक साथ 12,670 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य आंगनबाड़ी केंद्रों में उन्नत किया गया है, जिससे मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।

लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं का लाभ

समीक्षा में बताया गया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत जनवरी 2024 से मई 2026 तक 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं को 47,775 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वहीं मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत मई 2026 तक 15.84 लाख बालिकाओं का पंजीयन कर 537 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित की गई।

मातृ वंदना योजना में देश में अव्वल मध्यप्रदेश

बैठक में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 15.51 लाख गर्भवती महिलाओं को 798.68 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई है। इस योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पिछले ढाई वर्षों से देश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है।

साथ ही प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बीमा योजना का लाभ प्रदान किया गया है। विभिन्न जिलों में पोषण सुधार के लिए किए जा रहे नवाचारों की भी समीक्षा बैठक में जानकारी प्रस्तुत की गई।

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए आपके सुझाव आमंत्रित हैं

क्या आप एक ऐसे समाज की कल्पना करते हैं जहाँ सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान अवसर प्राप्त हों?

मध्यप्रदेश सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इस संबंध में नागरिकों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक विद्वानों, महिलाओं, युवाओं एवं सभी वर्गों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं।

समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, विवाह-विच्छेद, उत्तराधिकार, गोद लेने तथा अन्य पारिवारिक एवं नागरिक मामलों में समानता, न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश

“मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने से पूर्व नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। यह व्यवस्था विभिन्न धर्मों से आने वाली बहनों एवं महिलाओं को विवाह, विवाह-विच्छेद तथा अन्य पारिवारिक एवं नागरिक मामलों से संबंधित समस्याओं के समाधान में अधिक सुविधा और समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।”

राज्य सरकार द्वारा गठित समिति विभिन्न जिलों में जाकर सभी समुदायों और धर्मों के नागरिकों से संवाद कर रही है। अब आपकी भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

आपके सुझाव क्यों महत्वपूर्ण हैं?

– समान और न्यायपूर्ण व्यवस्था के निर्माण में योगदान

– महिलाओं और परिवारों के अधिकारों को सशक्त बनाने में सहभागिता

– सामाजिक समरसता और कानूनी स्पष्टता को बढ़ावा

– राज्य के भविष्य को आकार देने में सक्रिय भूमिका

अपने सुझाव साझा करें

आपके विचार, सुझाव और अनुभव मध्यप्रदेश में एक प्रभावी एवं समावेशी समान नागरिक संहिता के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

आज ही अपने सुझाव दर्ज करें और जनभागीदारी के इस अभियान का हिस्सा बनें।

“आपका सुझाव – मध्यप्रदेश का भविष्य”

ट्विशा शर्मा डेथ केस: सीबीआई ने घर पहुंचकर किया सीन रीक्रिएशन, 80 किलो की डमी से समझी घटना की परिस्थितियां

पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ की मौजूदगी में हुई जांच प्रक्रिया, करीब दो घंटे तक चला रीक्रिएशन

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच में जुटी सीबीआई ने सोमवार (1 जून) को मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए घटनास्थल पर सीन रीक्रिएशन किया। जांच टीम पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ को साथ लेकर उनके घर पहुंची, जहां घटना से जुड़ी परिस्थितियों को दोबारा समझने का प्रयास किया गया।

 

सीबीआई अधिकारियों ने मौके पर 80 किलो वजन की डमी का इस्तेमाल कर यह जानने की कोशिश की कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ होगा। जांच के दौरान टीम ने उपलब्ध तथ्यों और घटनास्थल की परिस्थितियों का मिलान करने पर फोकस किया।

जानकारी के अनुसार, डमी का वजन ट्विशा शर्मा के वजन के बराबर करने के लिए उसके अंदर रेत भरी गई। इसके बाद अतिरिक्त वजन संतुलित करने के लिए डमी के पैरों में लोहे के भारी डंबल बांधे गए। फिर डमी को फंदे पर लटकाने और उतारने की प्रक्रिया दोहराई गई, ताकि घटनाक्रम को तकनीकी रूप से समझा जा सके।

सीबीआई की यह कवायद इस बात का पता लगाने के लिए की गई कि घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अब तक सामने आए तथ्यों में कितना सामंजस्य है। रीक्रिएशन की पूरी प्रक्रिया करीब दो घंटे तक चली।

फिलहाल सीबीआई मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और रीक्रिएशन से मिले निष्कर्षों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच एजेंसी की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

सीहोर में अमोनिया गैस रिसाव से हड़कंप, पुलिस और NDRF ने संभाला मोर्चा

सीहोर
 दोराहा थाना क्षेत्र के सोनाकच्छ टोल प्लाजा के पास आज यानि गुरुवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया. कोटा से नागपुर की ओर जा रहे अमोनिया गैस से भरे एक टैंकर में अचानक रिसाव शुरू हो गया. गैस रिसाव की खबर मिलते ही प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत एक्शन में आई और समय रहते स्थिति पर काबू पा लिया गया. राहत की बात यह है कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। 

पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत रुकवाया टैंकर
जैसे ही अमोनिया गैस के रिसाव की सूचना मिली, दोराहा थाना पुलिस ने फुर्ती दिखाते हुए टोल टैक्स के पास ही टैंकर को रुकवाया और तुरंत पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी. जहरीली गैस के फैलाव को रोकने के लिए एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमों को तत्काल मौके पर तैनात किया गया। 

नियंत्रण में स्थिति, नहीं कोई जनहानि
मामले के बारे में एसडीओपी पूजा शर्मा ने बताया कि “गैस रिसाव की सूचना मिलते ही पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने मोर्चा संभाल लिया था. रिसाव को पूरी तरह से बंद करने और स्थिति को सुरक्षित बनाने के लिए लगातार तकनीकी प्रयास किए जा रहे हैं. स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। 

बताते चलें ​अमोनिया गैस बेहद तीखी और दमघोंटू होती है, लेकिन पुलिस और प्रशासन की सजगता के कारण इसे आबादी क्षेत्र में फैलने से पहले ही रोक दिया गया. इस सूझबूझ भरे ऑपरेशन की वजह से एक बहुत बड़ा हादसा टल गया और हाइवे पर मौजूद राहगीरों व स्थानीय निवासियों ने राहत की सांस ली। 

इससे पहले खंडवा में हुआ था LPG गैस का रिसाव
मध्य प्रदेश में गैस रिसाव की कई घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं. इससे पहले खंडवा में 13 अप्रैल 2026 को महाराष्ट्र के पनवेल से जबलपुर जा रहे एलपीजी वैगन में गैस रिसाव हुआ था. यहां खंडवा रेलवे स्टेशन के आउटर पर 36 एलपीजी वैगन खड़ी थी, जिसमें अचानक रिसाव होने लगा था. जानकारी मिलते ही रेलवे व डिजास्टर मैनेजमेंट की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचकर वैगन को आइसोलेट किया था. यहां भी वक्त रहते प्रशासन ने एक्शन नहीं लिया तो बड़ी घटना हो सकती थी। 

एमपी में प्री-मानसून की दस्तक, 39 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट; 5 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी

भोपाल
 पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के चलते देश में मौसम तेजी से बदल रहा है. मौसम विभाग के अनुसार इसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा. लोगों के चिलचिलाती जलन देने वाली गर्मी से राहत मिल सकेगी. मौसम विभाग ने राजधानी भोपाल और इंदौर सहित मध्य प्रदेश के 39 जिलों में तेज आंधी, बारिश के साथ ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। 

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए बेहद भारी
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि “वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के चलते अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए बेहद भारी रहने वाले हैं. प्रदेश के 39 जिलों के लिए ऑरेंज और रेड अलर्ट जारी किया गया है. उत्तर और दक्षिण भारत से आ रही नमी मध्य प्रदेश के एक बड़े हिस्से में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के हालात बना रही है. ऐसे में लोगों को अगले 48 घंटों तक सावधान रहने की सलाह दी गई है. जिला प्रशासन को सतर्क रहने के साथ लोगों को खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे नहीं ठहरने की एडवाइजरी जारी की गई है। 

अचानक मौसम बदल रहा है
मौसम विभाग के हिसाब से इस वक्त एक मजबूत वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक्टिव है, जिसके चलते अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आ रही है. ऐसे में दोनों सिस्टम जब आपस में मिलते हैं तो हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक रह सकती है. कई क्षेत्रों में बिजली की कड़कड़ाहट के साथ ओले गिरने की आशंका है। 

मौसम विभाग ने नीमच, श्योपुर, मुरैना, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओलावृष्टि के साथ 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। भोपाल में सुबह से बादल छाए हैं। कई इलाकों में तेज हवा के साथ बूंदाबांदी हुई। इसके अलावा रायसेन, सीहोर और नर्मदापुरम में भी बारिश हुई।

उज्जैन, जबलपुर, सागर और रीवा संभाग के 33 जिलों में 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में ट्रफ लाइन और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में बारिश और आंधी का दौर बना हुआ है। इसी कारण इस बार मानसून की दस्तक सामान्य तिथि 15 जून की बजाय 20 से 22 जून के बीच होने का अनुमान है।

मध्य प्रदेश में प्रशासन को अलर्ट रहने की सलाह दी गई
तेजी से मौसम में आ रहे बदलाव के चलते अगले 48 घंटे मध्य प्रदेश के लिए बहुत परेशानियां ला सकते हैं. ऐसे में स्थानीय प्रशासन को अलर्ट पर रहने की सलाह दी गई है. खड़ी फसलों को नुकसान होने की आशंका के चलते मध्य प्रदेश के किसानों के लिए भी एडवाइजरी जारी की गई है. अगले 48 घंटों में मध्य प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मौसम के सबसे ज्यादा आक्रामक रुख रखने की आशंका है. भोपाल, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभागों में तेज हवाओं के साथ ओले गिर सकते हैं। 

40 डिग्री से ऊपर पारा…रतलाम सबसे गर्म
मध्य प्रदेश में बुधवार को आंधी-बारिश के दौर के बीच कुछ शहरों में तेज धूप भी खिली। इससे तापमान 40 डिग्री के ऊपर पहुंच गया। सबसे ज्यादा रतलाम में 42 डिग्री दर्ज किया गया। खरगोन में 41.8 डिग्री, राजगढ़ में 40.6 डिग्री, मलाजखंड-खंडवा में 40.5 डिग्री, खजुराहो-सागर में 40.3 डिग्री, नरसिंहपुर में 40.2 डिग्री, नौगांव, दमोह, उमरिया-मंडला में 40 डिग्री सेल्सियस रहा।

बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 39.4 डिग्री, इंदौर में 38.5 डिग्री, ग्वालियर में 38.9 डिग्री, उज्जैन में 39.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 39.8 डिग्री दर्ज किया गया।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu