मध्यप्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: फास्ट ट्रैक कोर्ट, ₹7,000 करोड़ निवेश, हर शुक्रवार चलेगा ‘जन विश्वास अभियान’
भोपाल में मंगलवार को हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद मंत्री राकेश सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में न्याय व्यवस्था, निवेश, खेल, कृषि, विज्ञान एवं तकनीक और सुशासन से जुड़े कई अहम निर्णय लिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि नए मुख्य सचिव के साथ यह पहली कैबिनेट बैठक थी। पूर्व मुख्य सचिव अनुराग जैन को नीति आयोग में नियुक्ति पर बधाई दी गई। वहीं, महर्षि सांदीपनि के नाम पर गुरु पूर्णिमा को “श्रद्धा पर्व” के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।
कैबिनेट ने मध्यप्रदेश में फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का फैसला लिया है। साथ ही पेपर लीक के मामलों में तीन महीने के भीतर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल तैयार किया जाएगा।
प्रदेश को आयुष्मान भारत योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रीय सम्मान मिलने का भी उल्लेख किया गया। इसके अलावा प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में सीधी जिले के अमृत सरोवर कार्यों की सराहना का भी जिक्र किया गया।
बैठक में लगभग ₹7,000 करोड़ के निवेश प्रस्ताव को मंजूरी दी गई, जिससे 3,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। भोपाल में महिला हॉकी एशियन चैंपियंस ट्रॉफी का आयोजन भी होगा, जिसमें 200 से अधिक खिलाड़ी विभिन्न देशों से भाग लेंगे।
कैबिनेट ने लगभग ₹1,800 करोड़ की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी दी। इनमें सिंचाई परियोजनाएं, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहायता योजना के तहत ₹110 करोड़ की स्वीकृति तथा भोपाल में आइशर सेंटर के ड्रोन टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट के लिए ₹85.5 करोड़ की मंजूरी शामिल है। इसके अलावा मंदसौर में विधि विभाग में नए पदों के सृजन और समर्थन मूल्य बोनस भुगतान योजना की निरंतरता को भी स्वीकृति दी गई।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए बार-बार लाइसेंस नवीनीकरण की अनिवार्यता समाप्त करने का फैसला लिया गया। साथ ही हर शुक्रवार ‘जन विश्वास अभियान’ चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी गांव, वार्ड और पंचायत स्तर तक पहुंचकर जनता से सीधे संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं का समाधान करेंगे और सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। मुख्यमंत्री भी समय-समय पर इस अभियान में शामिल होंगे।
