पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ की मौजूदगी में हुई जांच प्रक्रिया, करीब दो घंटे तक चला रीक्रिएशन
भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच में जुटी सीबीआई ने सोमवार (1 जून) को मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए घटनास्थल पर सीन रीक्रिएशन किया। जांच टीम पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ को साथ लेकर उनके घर पहुंची, जहां घटना से जुड़ी परिस्थितियों को दोबारा समझने का प्रयास किया गया।

सीबीआई अधिकारियों ने मौके पर 80 किलो वजन की डमी का इस्तेमाल कर यह जानने की कोशिश की कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ होगा। जांच के दौरान टीम ने उपलब्ध तथ्यों और घटनास्थल की परिस्थितियों का मिलान करने पर फोकस किया।

जानकारी के अनुसार, डमी का वजन ट्विशा शर्मा के वजन के बराबर करने के लिए उसके अंदर रेत भरी गई। इसके बाद अतिरिक्त वजन संतुलित करने के लिए डमी के पैरों में लोहे के भारी डंबल बांधे गए। फिर डमी को फंदे पर लटकाने और उतारने की प्रक्रिया दोहराई गई, ताकि घटनाक्रम को तकनीकी रूप से समझा जा सके।
सीबीआई की यह कवायद इस बात का पता लगाने के लिए की गई कि घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अब तक सामने आए तथ्यों में कितना सामंजस्य है। रीक्रिएशन की पूरी प्रक्रिया करीब दो घंटे तक चली।
फिलहाल सीबीआई मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और रीक्रिएशन से मिले निष्कर्षों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच एजेंसी की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
