इंदौर के डायल-112 हीरोज इलेक्ट्रिक व्हीकल शो-रूम में लगी आग, संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर बिल्डिंग में फँसे लोगों की बचाई जान

भोपाल

इंदौर जिले के थाना लसूड़िया क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता, साहस एवं सूझबूझ से एक बड़े हादसे को टालते हुए इलेक्ट्रिक व्हीकल शो-रूम में लगी आग के दौरान बिल्डिंग में फँसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। डायल-112 एवं फायर ब्रिगेड के संयुक्त रेस्क्यू अभियान से कई लोगों की जान सुरक्षित बचाई जा सकी।

05 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना लसूड़िया क्षेत्र अंतर्गत स्कीम नंबर-136 स्थित एक इलेक्ट्रिक व्हीकल शो-रूम में आग लग गई है तथा कुछ लोग बिल्डिंग के अंदर फँसे हुए हैं। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल थाना लसूड़िया क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक नरेंद्र मंडेलिया, आरक्षक  राधेश्याम कुशवाहा, आरक्षक रितेश पाटीदार, पायलट  राजेश यादव एवं  पवन दांगी तत्काल मौके पर पहुँचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने बिना समय गंवाए त्वरित रेस्क्यू अभियान प्रारंभ किया। जवानों ने साहस एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए बिल्डिंग में फँसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड दल के साथ समन्वय स्थापित कर आग बुझाने की कार्यवाही कराई गई। संयुक्त प्रयासों से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया और एक संभावित बड़ी जनहानि को टाल दिया गया।

डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह कार्यवाही दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आगजनी, दुर्घटना एवं अन्य संकटपूर्ण परिस्थितियों में भी त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए आमजन की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। संकट की हर घड़ी में डायल-112 जवान साहस, संवेदनशीलता एवं सेवा भाव के साथ लोगों की सहायता कर रहे हैं।

 

विश्व पर्यावरण दिवस पर नमो वन में हुआ पौधारोपण

भोपाल, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत भदभदा रोड स्थित नमो वन में “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के तहत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक भगवानदास सबनानी ने क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों एवं भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के साथ पौधे लगाए।

गौरतलब है कि नमो वन में पिछले वर्ष भी विधायक भगवानदास सबनानी द्वारा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण किया गया था। इस वर्ष भी अभियान के तहत वृहद स्तर पर वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया गया है, जिसकी शुरुआत विश्व पर्यावरण दिवस पर की गई।

इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी ने शहरवासियों से वर्षा ऋतु में अधिक से अधिक पौधारोपण करने की अपील करते हुए कहा कि पौधारोपण केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल कर उन्हें सुरक्षित एवं विकसित करना भी हमारी नैतिक जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम में मंडल अध्यक्ष हेमंत बढ़िया, पंकज त्रिपाठी, आशुतोष तिवारी, राजेंद्र राठौड़, मुन्ना पुरी, अर्जुन यादव, सुधा सिंह, सुषमा मिश्रा, प्रदीप त्रिवेदी, हरि मालवीय, आशीष सिगोर सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

विश्व पर्यावरण दिवस पर “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के तहत पौधारोपण

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत मंदोरी स्थित बुल मदर स्टेट डेयरी फार्म परिसर में “एक पेड़ मां के नाम 2.0” अभियान के अंतर्गत पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से भाजपा कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों तथा ग्रामीणजनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पर्यावरण संरक्षण, हरित भविष्य और सतत विकास के संकल्प के साथ पौधारोपण किया तथा समाज को अधिक से अधिक वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वृक्ष पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित जीवन प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान मातृत्व सम्मान और प्रकृति संरक्षण का सशक्त जन-अभियान बन चुका है।

कृषि मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। उन्होंने सभी से अपने जीवन में कम से कम एक वृक्ष लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का समापन “हरित भारत – स्वच्छ भारत” के संकल्प के साथ हुआ।यह संस्करण वेबसाइट, न्यूज़ पोर्टल और विभागीय वेबसाइट प्रकाशन के लिए उपयुक्त है।

विश्व पर्यावरण दिवस पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित, “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत हुआ वृक्षारोपण

 

भोपाल, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर बरकतउल्ला विश्वविद्यालय भोपाल के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) प्रकोष्ठ के अंतर्गत उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत वृक्षारोपण, जिला स्तरीय स्लोगन एवं पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता तथा पर्यावरण जागरूकता विषयक संगोष्ठी आयोजित की गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. भरत व्यास (विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी, कार्यालय माननीय उच्च शिक्षा मंत्री, वरिष्ठ शिक्षाविद्, विचारक एवं चिंतक) रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में राज्य एनएसएस समन्वयक श्री मनोज अग्निहोत्री, बरकतउल्ला विश्वविद्यालय के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अनंत कुमार सक्सेना तथा कार्यक्रम अधिकारी एवं ईटीआई प्रशिक्षक श्री राहुल सिंह परिहार उपस्थित रहे। राष्ट्रीय सेवा योजना पुरस्कार से सम्मानित आयुषी सिन्हा की विशेष उपस्थिति भी कार्यक्रम का आकर्षण रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के अंतर्गत वृक्षारोपण से हुआ। इस दौरान मुनगा (सहजन), नीम एवं पीपल के पौधे लगाए गए। इसके पश्चात मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।

आयुषी सिन्हा ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से स्वयंसेवकों को पर्यावरण संरक्षण के विभिन्न आयामों से अवगत कराया। उन्होंने RRR (Reduce, Reuse, Recycle), सीड बॉल निर्माण, मिट्टी के खिलौनों के उपयोग तथा वर्षा जल संचयन जैसे नवाचारों को अपनाने का संदेश देते हुए इन्हें दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि डॉ. भरत व्यास ने अपने संबोधन में कहा कि पर्यावरण संरक्षण की शुरुआत प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं से करनी होगी। उन्होंने प्लास्टिक के उपयोग को कम करने, बिजली की अनावश्यक खपत रोकने, भोजन की बर्बादी से बचने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर किए गए छोटे-छोटे प्रयास ही बड़े सामाजिक और पर्यावरणीय परिवर्तन का आधार बनते हैं। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई।

कार्यक्रम के दौरान श्री राहुल सिंह परिहार ने विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों को अधिक से अधिक पौधारोपण करने तथा पौधों की नियमित देखभाल करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से अपने घर, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने तथा जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में पर्यावरण के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा प्रकृति संरक्षण के लिए जनभागीदारी को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम का सफल आयोजन उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल के संचालक डॉ. प्रज्ञेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन तथा राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम अधिकारी डॉ. इंदिरा बर्मन के नेतृत्व में संपन्न हुआ। यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण के प्रति युवाओं को प्रेरित करने और समाज में सकारात्मक जागरूकता फैलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

अन्ना नगर की सिंदूर वाटिका में मंत्री विश्वास सारंग ने किया पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण का दिलाया संकल्प

भोपाल, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर विश्वास कैलाश सारंग ने नरेला विधानसभा क्षेत्र के अन्ना नगर स्थित सिंदूर वाटिका में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधारोपण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लेते हुए नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का आह्वान किया।

मंत्री सारंग ने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पर्यावरण संरक्षण और संवर्धन को नई दिशा मिली है। उन्होंने बताया कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान आज प्रकृति के संरक्षण और मातृत्व के प्रति सम्मान व्यक्त करने का जनआंदोलन बन चुका है। यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ अपनी माताओं के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का भी सशक्त माध्यम है।

मीडिया से चर्चा करते हुए मंत्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत ने विकास, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर देशभर में लाखों पौधे रोपे जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप मिल रहा है।

मंत्री सारंग ने पौधारोपण को वर्तमान समय की सबसे महत्वपूर्ण सामाजिक आवश्यकता बताते हुए कहा कि वृक्ष न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, स्वस्थ और बेहतर भविष्य भी प्रदान करते हैं।

उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण को अपनी सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी मानते हुए जल संरक्षण, प्लास्टिक के उपयोग में कमी और पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने का आग्रह किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही।

विश्व पर्यावरण दिवस पर सांसद आलोक शर्मा ने किया पौधारोपण, ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से जुड़ने का किया आह्वान

भोपाल, 5 जून। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने गुरुवार को राजा भोज एयरपोर्ट परिसर स्थित पार्क में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों से प्रकृति के संरक्षण एवं संवर्धन में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि प्रकृति केवल हमारे जीवन का आधार ही नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की अमूल्य धरोहर भी है। पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को आगे आना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान देशभर में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरण का प्रभावी माध्यम बना है। इस अभियान से प्रेरणा लेते हुए प्रत्येक नागरिक को अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए तथा उसके संरक्षण और संवर्धन का संकल्प भी लेना चाहिए।

सांसद शर्मा ने कहा कि पौधारोपण केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यदि प्रत्येक नागरिक एक पौधा लगाकर उसकी नियमित देखभाल करे, तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन लाया जा सकता है।

कार्यक्रम में भाजपा जिला उपाध्यक्ष अभय पंडित, जिला मीडिया प्रभारी राजेंद्र गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष गुंजन चौकसे, जिला मंत्री राकेश कुकरेजा, योगेश वासवानी सहित एयरपोर्ट के वरिष्ठ अधिकारी एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।

सांसद आलोक शर्मा के प्रयास रंग लाए, सीहोर में फिर रुकेगी ओवरनाइट एक्सप्रेस

सीहोर | सीहोर जिले के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इंदौर से जबलपुर के बीच चलने वाली ओवरनाइट एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 22191 और 22192 का सीहोर रेलवे स्टेशन पर ठहराव एक बार फिर शुरू किया जाएगा। कोरोना काल के दौरान इस ट्रेन का स्टॉपेज बंद कर दिया गया था, जिससे स्थानीय यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

सीहोरवासियों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भोपाल सांसद आलोक शर्मा से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। जनता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सांसद ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर ओवरनाइट एक्सप्रेस का सीहोर में पुनः ठहराव शुरू करने की मांग की थी।

अपने पत्र में सांसद आलोक शर्मा ने उल्लेख किया था कि सीहोर जिले के बड़ी संख्या में यात्री इस ट्रेन का नियमित उपयोग करते हैं। स्टॉपेज बंद होने के कारण यात्रियों को अन्य स्टेशनों तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही थी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद की मांग को स्वीकार करते हुए ओवरनाइट एक्सप्रेस के सीहोर स्टेशन पर ठहराव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से सीहोर और आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा तथा उनकी यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।

इस अवसर पर सांसद आलोक शर्मा ने रेल मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र की जनता की सुविधाओं और आवश्यकताओं को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। वहीं, सीहोरवासियों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की और सांसद के प्रयासों की सराहना की।

 

— रिपोर्ट, सीहोर

राज्य वित्त आयोग 6 जून को करेगा नर्मदापुरम का दौरा

भोपाल 

मध्यप्रदेश राज्य वित्त आयोग 6 जून को नर्मदापुरम संभाग की समीक्षा करेगा, जिसमें संबंधित जिलों के कलेक्टर्स, नगर पालिका अधिकारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

राज्य वित्त आयोग ने शुक्रवार को मंत्रालय में वित्त विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग एवं वाणिज्यिक कर विभाग की समीक्षा बैठक की। देश में स्थानीय स्व शासन और जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए राज्य वित्त आयोग ने एक बड़ा कदम उठाया है। आयोग के अध्यक्ष  जयभान सिंह पवैया की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में स्थानीय निकायों की वित्तीय स्थिति, राजस्व स्रोतों और बजटीय प्रबंधन को लेकर मैराथन मंथन हुआ। बैठक में राज्य वित्त आयोग के सदस्य  के.के. सिंह एवं सदस्य सचिव  वीरेन्द्र कुमार भी उपस्थित रहे। महत्वपूर्ण बैठक में वित्त विभाग, वाणिज्यिक कर विभाग तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया। आयोग के अध्यक्ष  पवैया ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि ग्राम पंचायतों और शहरी निकायों की दीर्घकालिक वित्तीय सुदृढ़ता के लिए एक ठोस रोडमैप तैयार किया जा रहा है, जिसके लिए सभी संबंधित विभागों को आवश्यक तथ्यों और आंकड़ों का संकलन कर विस्तृत अनुशंसाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

अध्यक्ष  पवैया ने केंद्रीय और राज्य वित्त आयोगों द्वारा अनुशंसित अनुदानों के हस्तांतरण की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्थानीय निकायों की लेखांकन और ऑडिट व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया। बैठक में आगामी सोलहवें वित्त आयोग के लिए आवश्यक वित्तीय आंकड़ों और रणनीतिक व्यवस्थाओं पर भी विभागों के साथ विस्तृत चर्चा हुई, जिससे केंद्र से मिलने वाले संसाधनों का राज्यों को अधिकतम लाभ मिल सके। समीक्षा में स्थानीय निकायों को प्रदान की जाने वाली चुंगी क्षतिपूर्ति और संविधान के अनुच्छेद 275 के अंतर्गत प्राप्त राशि के हस्तांतरण पर भी विचार-विमर्श किया गया।

वाणिज्यिक कर विभाग ने बैठक में राज्य के कर राजस्व, वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था के प्रभाव और इसके लागू होने के बाद प्राप्त क्षतिपूर्ति का पूरा ब्यौरा प्रस्तुत किया। इस बात पर विचार किया गया कि जीएसटी युग में स्थानीय निकायों के राजस्व को कैसे सुदृढ़ किया जाए। इसके अलावा, संपत्ति अंतरण पर लगने वाले अतिरिक्त मुद्रांक शुल्क और अन्य कराधान प्रावधानों की भी समीक्षा की गई, जिससे निकायों की आंतरिक आय में वृद्धि की जा सके।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर पंचम, पंद्रहवें और सोलहवें वित्त आयोग से प्राप्त राशि और उसके उपयोग की स्थिति जांची गई। बैठक में पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम, 1993 के प्रावधानों और ग्राम स्तर पर सेवा प्रदायगी की समीक्षा हुई। आयोग ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, पंच-परमेश्वर योजना के तहत बुनियादी ढांचे का विकास और ई-पंचायत व्यवस्था के जरिए होने वाले डिजिटलाइजेशन की प्रगति देखी। साथ ही, पंचायतों की आय के आंतरिक स्रोत, कर संग्रहण क्षमता और शेल्टर टैक्स से जुड़े प्रावधानों पर भी चर्चा की गई।

आयोग द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि स्थानीय निकायों की केवल अनुदानों पर निर्भरता को कम कर उन्हें वित्तीय रूप से आत्मनिर्भर बनाना होगा। इसके लिए कर संग्रहण क्षमता को सुदृढ़ करने, वित्त आयोग के अनटाइड अनुदानों के प्रभावी एवं परिणामोन्मुख उपयोग और बेहतर वित्तीय प्रबंधन के लिए सभी संबंधित विभागों से व्यावहारिक सुझाव प्राप्त किए गए हैं, जिनके आधार पर आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा।

 

गोंड चित्रकला को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से मिलेगा वैश्विक मंच : मंत्री पटेल

भोपाल 

पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गोंड चित्रकला हमारे जनजातीय समाज की एक प्राचीन और गौरवशाली कला है। बुधवार को डिंडौरी जिले के कलेक्ट्रेट ऑडिटोरियम में आयोजित ‘अमेज़न ई-कारीगर’ मंच के शुभारंभ और समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षर समारोह को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करते हुए उन्होंने यह बात कही। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री मती राधा सिंह सहित विभाग एवं जिले के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

वैश्विक पहचान और जीआई टैग पर जोर

मंत्री  पटेल ने कहा कि गोंडी कला आधारित उत्पादों को अमेज़न ई-कारीगर सहित विभिन्न राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर सूचीबद्ध करने से इस कला को वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी। इससे न केवल चित्रकारों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य और सम्मान मिलेगा, बल्कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उनकी विशेष पहचान बनेगी। उन्होंने इस पुरातन और जीवंत कला को ‘जीआई टैग’ (GI Tag) दिलाने के लिए भी आवश्यक प्रयास करने की बात कही।

आर्थिक सशक्तिकरण और कला संरक्षण के लिए ऐतिहासिक कदम

गोंडी चित्रकला के प्रमुख केंद्र डिंडौरी के पाटनगढ़ ग्राम के कलाकारों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। कार्यक्रम में “आजीविका ग्राम संगठन” पाटनगढ़ और “डॉट्स एंड डैशेज” संस्था के मध्य एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। ग्राम पाटनगढ़ के 157 परिवार प्रत्यक्ष रूप से इस कला से जुड़े हुए हैं, जिनमें 85 महिला और 72 पुरुष कलाकार शामिल हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य पारंपरिक गोंडी कला का संरक्षण, संवर्धन और बाजार का विस्तार करना है।

आय में 10 गुना वृद्धि और ग्रामीण उद्यमिता का लक्ष्य

यह समझौता कलाकारों के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। ‘डॉट्स एंड डैशेज’ के व्यवस्थित विपणन सहयोग से वर्तमान में चित्रकार परिवारों की औसत वार्षिक आय 35 हजार रूपये से बढ़कर 70 हजार रूपये तक पहुंच गई है। अब उत्पादों को ऑनलाइन बिक्री मंचों पर उपलब्ध कराने से इनकी वैश्विक मांग बढ़ेगी, जिससे आगामी समय में कलाकारों की आय में 10 गुना तक वृद्धि होने की संभावना है। यह पहल डिंडौरी जिले में कला आधारित आजीविका का एक सफल उदाहरण स्थापित करेगी।

 

स्वच्छ और स्वस्थ भारत की दिशा में बड़ी पहल: पीएमएवाई-जी के तहत अब गाँवों में बनेंगे पर्यावरण अनुकूल

भोपाल

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण को भविष्योन्मुखी बनाने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार हरित आवास तकनीक का उपयोग करने जा रही है। इस नवाचार से स्वच्छ और स्वस्थ भारत के संकल्प को बल मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे आवास बनाए जाएंगे, जो स्थानीय संस्कृति और भू-जलवायु परिस्थितियों के पूरी तरह अनुकूल होंगे। हरित आवासों के माध्यम से जहाँ एक ओर प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। इन आवासों के ज़रिए सौर ऊर्जा जैसी नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ संसाधनों की रीसाइकलिंग भी हो सकेगी।

सीएसईबी तकनीक को प्रोत्साहन और प्रशिक्षण

भवन निर्माण में हरित तकनीक को बढ़ावा देने के लिए ‘कंप्रेस्ड स्टेबलाइज्ड अर्थ ब्लॉक्स’ के उपयोग को प्रोत्साहित किया जा रहा है। महात्मा गांधी ग्रामीण विकास एवं पंचायतराज प्रशिक्षण संस्थान जबलपुर के साथ क्षेत्रीय केंद्रों – जैसे भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, सिवनी तथा नौगाँव-में सीएसईबी ब्लॉक बनाने वाली मशीनों की स्थापना की गई है। इन संस्थानों में राजमिस्त्रियों, जनपद अधिकारियों और कर्मचारियों को निरंतर प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिससे वे इन ब्लॉक्स से प्रोटोटाइप निर्माण कर सकें। भोपाल और इंदौर के केंद्रों द्वारा उक्त ब्लॉक्स से प्रोटोटाइप निर्माण भी किया जा चुका है।

इसे धरातल पर उतारने के लिए प्रत्येक जनपद पंचायत में न्यूनतम 25 आवास सीएसईबी ब्लॉक्स से बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए सीईओ जिला पंचायत और सीईओ जनपद पंचायत के साथ ही आजीविका मिशन एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को इसके सफल क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। हरित आवासों के निर्माण में बांस, स्थानीय मिट्टी और अन्य संसाधनों का विशेष रूप से उपयोग किया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक, इससे न केवल कमरे का तापमान (इनडोर थर्मल कम्फर्ट) और आर्द्रता बेहतर होंगी और गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय सामग्री के उपयोग के चलते कार्बन उत्सर्जन में भी भारी कमी आएगी।

 

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