38 हजार कर्मचारियों के सर्विस रिकॉर्ड की होगी जांच, ज्यादा वेतन लेने वालों पर गिरेगी गाज

भोपाल 

प्रदेश में 38 हजार कार्यभारित तथा आकस्मिकता से वेतन पाने वाले कर्मचारियों समेत अन्य इन विभागों में काम कर रहे अन्य अधिकारी कर्मचारी के रिटायरमेंट के पहले उनके संपूर्ण सेवाकाल के सर्विस रिकार्ड और वेतन निर्धारण की जांच की जाएगी। अगर किसी को नियम विरुद्ध फायदा पहुंचाया गया है तो ऐसे मामलों में कार्रवाई होगी।

ऐसे कर्मचारी प्रदेश के लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग में सर्वाधिक हैं जिनकी जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।

राज्य सरकार के वित्त विभाग ने इन विभागों में लंबित वेतन निर्धारण, वेतनमान स्वीकृति तथा सेवानिवृत्त कर्मचारियों के वेतन संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश जारी किए हैं।

वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी, जल संसाधन, नर्मदा घाटी विकास और स्कूल शिक्षा विभाग में वेतन निर्धारण से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।

विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि कर्मचारियों के लंबित प्रकरणों का शीघ्र परीक्षण कर उनका निराकरण सुनिश्चित करें।

इन 5 विभागों में चलेगा विशेष अभियान

सरकार ने पाया है कि सबसे ज्यादा पेंडिंग मामले और गड़बड़ियां कुछ खास विभागों में हैं। इसलिए इस विशेष अभियान को मुख्य रूप से पांच बड़े विभागों में चलाया जाएगा।

    लोक निर्माण विभाग 

    लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग

    जल संसाधन विभाग

    नर्मदा घाटी विकास विभाग

    स्कूल शिक्षा विभाग

लंबित मामलों का तुरंत निपटारा

कई बार ऐसा होता है कि कर्मचारियों को समय पर उनका सही वेतन नहीं मिल पाता है। साथ ही प्रमोशन या रिटायरमेंट का लाभ नहीं मिल पाता है।

वित्त विभाग ने माना कि वेतनमान, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाला पैसे से ज्यादा विवाद होता है। इन विवादों की वजह से कर्मचारियों को बहुत ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

इन्हीं दिक्कतों को दूर करने के लिए वित्त विभाग ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। विभाग ने कहा है कि वे कर्मचारियों के इन अटके हुए मामलों की तुरंत जांच करें और उनका जल्द से जल्द निपटारा करें।

अधिकारियों की तय होगी जिम्मेदारी

वित्त विभाग ने साफ कर दिया है कि इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। तय समय के अंदर कार्रवाई नहीं की गई तो जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

साथ ही उन पर एक्शन हो सकता है। विभागों को इस अभियान की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी वित्त विभाग को भेजनी होगी।

6 महीने में ठीक करनी होंगी सर्विस बुक

वित्त विभाग ने सभी आहरण एवं संवितरण अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को भी सख्त निर्देश दिए हैं। उन्हें साफ कहा गया है कि वे कर्मचारियों की सर्विस बुक को अच्छे से चेक करें।

उसमें कोई गलती मिलती है तो उसे तुरंत सुधारा जाए।  किसी मामले में पहले से मंजूरी लेने की जरूरत हो तो वह प्रक्रिया भी पूरी की जाए। इस पूरे काम को पूरा करने के लिए सरकार ने 6 महीने का समय तय किया है।

आदेश में कई बातों का जिक्र
आदेश में कहा गया है कि कई मामलों में वेतनमान, समयमान वेतनमान, क्रमोन्नति और सेवानिवृत्ति लाभों से संबंधित विवादों के कारण कर्मचारियों को अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

इसे देखते हुए विभागवार विशेष अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का समाधान किया जाएगा। विभागों को अभियान की प्रगति रिपोर्ट भी वित्त विभाग को भेजनी होगी।

वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।

सेवा पुस्तिका की जांच कर गलतियां सुधारें
वित्त विभाग ने संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों तथा विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि वे सेवा पुस्तिकाओं का परीक्षण कर गलतियों का सुधार करें और आवश्यक होने पर पूर्व अनुमोदन प्राप्त कर कार्रवाई करें।

साथ ही आगामी छह माह के भीतर सेवा-अभिलेखों और वेतन निर्धारण संबंधी लंबित मामलों का निराकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

विशेष अभियान के अंतर्गत सेवानिवृत्त एवं सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन निर्धारण, समयमान, क्रमोन्नति वेतनमान और अन्य वित्तीय लाभों से जुड़े मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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इंदौर मेट्रो को मिली नई रफ्तार: 18 जून से रेडिसन चौराहा तक दौड़ेगी ट्रेन

इंदौर
इंदौर में लंबे इंतजार के बाद अब मेट्रो का सफर बढ़ेगा और यात्री भी। अभी तक मेट्रो ट्रेन सात किलोमीटर तक चलती थी, लेकिन अब 17 किलोमीटर तक मेट्रो का संचालन होगा। मेट्रो को हरी झंडी केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर दिखाएंगे। दो माह पहले मेट्रो के कमर्शियल रन की मंजूरी मिल चुकी थी, लेकिन संचालन अब शुरू होगा। 

एक साल के इंतजार के बाद अब मेट्रो सुपर कॉरिडोर से आगे बढ़कर रेडिसन चौराहे पर यात्रियों के साथ पहुंचेगी। इंदौर में 18 जून से सुपर कॉरिडोर के गांधी नगर स्टेशन से रेडिसन चौराहे तक मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू होगा। मेट्रो प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक में यह फैसला लिया गया। फिलहाल मेट्रो ट्रेन के किराए की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अधिकतम 80 रुपये तक किराया होगा।

बढ़ेगी यात्री संख्या
अभी मेट्रो जिस हिस्से में चलती है, वह आबादी क्षेत्र नहीं है। इस कारण मेट्रो को काफी कम यात्री मिलते थे, लेकिन गांधी नगर से रेडिसन चौराहा तक मेट्रो का संचालन होने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, क्योंकि सुपर कॉरिडोर की आईटी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारी और कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थी इसका ज्यादा उपयोग करेंगे। इसके अलावा एयरपोर्ट तक जाने वाले यात्री भी इसका उपयोग कर सकेंगे, हालांकि उन्हें गांधी नगर से फिर ऑटो रिक्शा या अन्य विकल्प अपनाकर एयरपोर्ट तक जाना होगा।गांधी नगर मेट्रो स्टेशन से रेडिसन चौराहा तक पांच मेट्रो स्टेशन भी बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा अलग-अलग स्पीड में मेट्रो का ट्रायल रन भी कई बार हो चुका है।

80 की स्पीड से चलेगी मेट्रो ट्रेन
17 किलोमीटर लंबे रूट पर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से मेट्रो चलेगी। गांधी नगर से रेडिसन चौराहे तक आने में मेट्रो को 20 मिनट का समय लगेगा। पहले चरण में मेट्रो ट्रेन का संचालन खजराना चौराहा तक होगा। उसके बाद मेट्रो ट्रेन अंडरग्राउंड होगी। उसका काम भी अभी शुरू नहीं हो पाया है। फिलहाल मेट्रो का संचालन सात किलोमीटर हिस्से में हो रहा है। यहां मेट्रो का किराया अधिकतम 30 रुपये है। 17 किलोमीटर तक के संचालन में अधिकतम किराया 80 रुपये तक होगा। जब 30 किलोमीटर हिस्से में मेट्रो ट्रैक का काम पूरा होगा, तो हर 30 मिनट के अंतराल पर मेट्रो ट्रेन चलेगी।

शहर में कुल 28 स्टेशनों से ट्रेन गुजरेगी। 20 से ज्यादा मेट्रो ट्रेनों का संचालन होगा। एक ट्रेन में साढ़े चार सौ यात्री सवार हो सकेंगे। बैठने के अलावा खड़े रहकर सफर करने में भी आसानी होगी। ट्रेन के भीतर लगे पोल में चार ग्रिप दी गई हैं, जिन्हें यात्री पकड़कर सफर कर सकते हैं। मेट्रो ट्रेन बाहरी और आंतरिक रूप से सीसीटीवी कैमरों से लैस होगी।

 

महाकाल मंदिर के ‘त्रिनेत्र’ का देशभर में डंका, AI निगरानी प्रणाली को मिलेगा ई-गवर्नेंस अवार्ड

उज्जैन
उज्जैन में स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विकसित की गई कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित वीडियो सर्विलांस प्रणाली ‘त्रिनेत्र’ को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा घोषित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कारों की सूची में महाकाल मंदिर की इस अत्याधुनिक प्रणाली का चयन किया गया है।

यह सम्मान मंदिर प्रबंधन द्वारा तकनीक के माध्यम से सुरक्षा, निगरानी और व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने की दिशा में किए गए नवाचारों की महत्वपूर्ण पहचान माना जा रहा है।

बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच बना सुरक्षा का मजबूत कवच
अक्टूबर 2022 में श्रीमहाकाल महालोक के लोकार्पण के बाद उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में प्रतिदिन 80 हजार से लेकर एक लाख तक श्रद्धालु महाकाल मंदिर पहुंच रहे हैं। वहीं श्रावण मास, पर्व-त्योहारों, विशेष तिथियों और अवकाश के दिनों में यह संख्या कई गुना बढ़ जाती है।

इतनी बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करना मंदिर प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया था। इसी चुनौती से निपटने के लिए मंदिर प्रबंध समिति ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए एआई आधारित वीडियो सर्विलांस सिस्टम विकसित किया, जिसे ‘त्रिनेत्र’ नाम दिया गया।

AI तकनीक से हो रही हर गतिविधि की निगरानी
‘त्रिनेत्र’ प्रणाली मंदिर परिसर में स्थापित कैमरों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक की मदद से भीड़ के मूवमेंट, सुरक्षा संबंधी गतिविधियों और संभावित जोखिमों पर लगातार नजर रखती है। इससे भीड़ नियंत्रण, आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया और सुरक्षा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया गया है।

मंदिर प्रशासन का मानना है कि इस तकनीक ने न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि व्यवस्थाओं को भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

डिजिटल नवाचार का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान
राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस अवार्ड के लिए चयन महाकाल मंदिर में लागू डिजिटल नवाचारों की सफलता का प्रमाण माना जा रहा है। यह उपलब्धि न केवल मंदिर प्रशासन के लिए गौरव का विषय है, बल्कि धार्मिक स्थलों पर तकनीक आधारित प्रबंधन मॉडल को भी नई पहचान दिलाने वाली है।

ऐसे काम करता है सिस्टम
    इसके तहत ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर और श्री महाकाल महालोक परिसर में 600 से अधिक एडवांस एआइ आधारित कैमरे लगाए गए हैं।

    सभी कैमरों को खास कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। यहां से सुरक्षाकर्मी और अधिकारी रियल-टाइम मॉनिटरिंग करते हैं।

    यह सिस्टम श्रद्धालुओं की संख्या की सटीक जानकारी, भीड़ वाले क्षेत्र और प्रतिबंधित क्षेत्रों में हो रही गतिविधियों का पता लगाता है।

    सिस्टम से प्राप्त सटीक जानकारी से अधिकारी भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए बेहतर कदम उठा पाते हैं।

 

सिंहस्थ से पहले मिलेगी मेडिसिटी की सौगात, मध्यप्रदेश की पहली हेल्थ सिटी का काम तेज

उज्जैन 

उज्जैन में सिंहस्थ-2028 से पहले मेडिकल कालेज प्रारंभ करने की तैयारी है। सरकार इसे प्रदेश की पहली मेडिसिटी के तौर पर विकसित कर रही है। विधानसभा चुनाव के पहले भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में भी एक मेडिसिटी बनाने की घोषणा की थी। अगला विधानसभा चुनाव 2028 के अंत में संभावित हैं, इसके पहले सरकार मेडिसिटी प्रारंभ करने की तैयारी कर रही है।

शैक्षणिक सत्र 2027-28 से मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए अगले वर्ष नेशनल मेडिकल कमीशन को चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (डीएमई) द्वारा प्रस्ताव भेजा जाएगा। यहां एमबीबीएस 150 सीटें होंगी। उज्जैन के साथ मंडला और राजगढ़ में भी मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने की तैयारी चल रही है। वर्ष 2026 में बुधनी, दमोह और छतरपुर मेडिकल कॉलेज प्रारंभ करने के लिए डीएमई की तरफ से एनएमसी को आवेदन किया जा चुका है।

एमबीबीएस सीटें 3450 पहुंच जाएंगी
दो वर्ष में छह नए कालेज खुलने से प्रदेश में 25 शासकीय कॉलेज हो जाएंगे, जिनमें एमबीबीएस की कम से कम 3450 सीटें हो जाएंगी। इसी तरह से पीपीपी माडल सहित 13 नए निजी मेडिकल कॉलेज भी खुलने की स्थिति में हैं। इनमें 1300 सीटें होंगी।

इस प्रकार शासकीय और निजी मिलाकर 1900 सीटें बढ़ जाएंगी। अभी प्रदेश के 19 शासकीय कालेजों में एमबीबीएस की 2850 और 14 निजी कॉलेजों में 2700 सीटें मिलाकर कुल 5550 सीटें हैं। 2028 तक यह 7450 हो जाएंगी। सब कुछ योजना के अनुरूप चला तो वर्ष 2033 तक हर साल 7450 डाक्टर तैयार होने लगेंगे।

क्या-क्या सुविधा रहेगी उज्जैन की मेडिसिटी में
    एमबीबीएस की 150 सीट वाला अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज होगा। इससे संबद्ध 550 बिस्तरों का अस्पताल होगा, जिसमें सुपरस्पेशियलिटी सेवाएं भी होंगी।

    ऐसा डायग्नोस्टिक सेंटर बनाया जा रहा है जिसमें सभी पैथोलाजिकल, माइक्रोबायोलॉजिकल, रेडियोडायग्नोसिस की जांचें एक जगह पर हो सकेंगी।

    एकीकृत स्वास्थ्य के अंतर्गत आयुष की पैथियों में उपचार की सुविधा और वेलनेस सेंटर बनेंगे। वेलनेस सेंटर बनाने का उद्देश्य बीमारी से बचाव (प्रिवेंशन) को लेकर है, जिसमें योग-ध्यान भी कराया जाएगा।

    मेडिसिटी के माध्यम से स्वास्थ्य पर्यटन को आकर्षित करने की योजना है।
    डॉक्टर व अन्य कर्मचारियों के लिए आवास की सुविधा भी रहेगी।

सीएम केयर योजना : वर्ष 2028 से मिलने लगेगा लाभ
सरकार ने इसी वर्ष सीएम केयर योजना प्रारंभ करने का निर्णय लिया है, जिसे कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है। इसके अंतर्गत पांच वर्ष में 3628 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी है। योजना के अंतर्गत सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं पर फोकस है। कैंसर में मेडिकल आंकोलॉजी, सर्जिकल आंकोलॉजी, रेडिएशन आंकोलॉजी, कार्डियोलॉजी, कार्डियक सर्जरी, आर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाएं चरणबद्ध तरीके से विकसित की जानी हैं।

साथ ही सुपरस्पेशियलिटी सेवाओं का प्रदेशस्तरीय अस्पताल भी भोपाल या उज्जैन में बनाने पर विचार चल रहा है। बता दें, लगभग 50 प्रतिशत कॉलेजों में अभी भी यह सेवाएं मिल रही हैं, पर कुछ जगह अलग से विभाग तक नहीं हैं।

संसाधनों की बहुत अधिक कमी है। सीएम केयर में आने के बाद संबंधित कॉलेजों में अलग सुपर स्पेशियलिटी ब्लाक बनेगा। अलग से बजट होगा। दूसरा बड़ा लाभ यह होगा कि सुपरस्पेशियलिटी सीटें भी बढ़ जाएंगी।

 

भाजपा कार्यकर्ता आधारित निर्णय लेने वाली पार्टी, राज्यसभा उम्मीदवार चयन पर बोले रामेश्वर शर्मा

मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को लेकर भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी जब भी कोई निर्णय लेती है, तो वह कार्यकर्ता आधारित निर्णय होता है।

रामेश्वर शर्मा ने कहा कि दुनिया के अन्य राजनीतिक दलों को भाजपा से सीखना चाहिए। उनके मुताबिक, भाजपा कई बार ऐसे कार्यकर्ताओं को भी राज्यसभा भेजती है, जिनके बारे में आम लोग कल्पना तक नहीं कर सकते।

उन्होंने कहा कि यह भाजपा नेतृत्व की कार्यशैली को दर्शाता है, जो संगठन के एक-एक कार्यकर्ता की दक्षता, उसके कार्यों की गुणवत्ता और विचारधारा के प्रति उसकी निष्ठा का आकलन करता है। इसी आधार पर पार्टी अपने नीतिगत निर्णय लेती है।

भाजपा विधायक ने दावा किया कि पार्टी के ऐसे निर्णय राष्ट्र और समाज के हित को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं तथा संगठन में कार्यकर्ताओं के योगदान को सम्मान देने की परंपरा को मजबूत करते हैं।

मध्यप्रदेश में राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन को लेकर सियासी चर्चाओं के बीच भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने पार्टी की चयन प्रक्रिया का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं की क्षमता और निष्ठा के आधार पर निर्णय लेने वाली पार्टी है। सुनिए, क्या कहा रामेश्वर शर्मा ने।

विश्व पर्यावरण दिवस: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया वृक्षारोपण, कोलारस में चीनी फैक्ट्री पुनः स्थापित करने की घोषणा

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने ‘वृहद वृक्षारोपण महाअभियान’ के तहत अपेक्स बैंक मुख्यालय परिसर में आम का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस दौरान आयोजित पर्यावरण पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने प्रकृति और पर्यावरण के प्रति भारतीय संस्कृति की प्राचीन परंपराओं को रेखांकित किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की सनातन संस्कृति की पर्यावरण संबंधी मूल अवधारणा को समझने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय जीवन शैली में आदिकाल से यह मान्यता रही है कि पौधों में भी प्राण होते हैं और एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान माना गया है।

उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने और 13वें वर्ष में प्रवेश का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2014 में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने के बाद देश में स्थिरता और सुशासन का नया अध्याय शुरू हुआ। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश ग्रीन एनर्जी, पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में देश के लिए उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने कहा कि पंच तत्वों पर सभी का समान अधिकार है और प्रकृति संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र के किसानों के लिए महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए कहा कि किसानों की मांग के अनुरूप सरकार कोलारस में चीनी फैक्ट्री को पुनः स्थापित करेगी।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के अभियान को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण को बताया भारतीय संस्कृति का मूल आधार

भोपाल, 5 जून 2026। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित पर्यावरण पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की सनातन संस्कृति की पर्यावरण संबंधी मूल अवधारणा को समझने और अपनाने की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जीवन दर्शन में प्रकृति को विशेष स्थान प्राप्त है। “यत पिंडे तत ब्रह्मांडे” की अवधारणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी पूजा-पद्धति और परंपराओं में प्रकृति संरक्षण की भावना समाहित है। उन्होंने कहा कि भारत में आदिकाल से यह मान्यता रही है कि पौधों में भी प्राण होते हैं और एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान माना गया है।

डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास और सुशासन के नए आयाम स्थापित किए हैं। वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत ने ऊर्जा और आर्थिक स्थिरता बनाए रखी है। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश ग्रीन एनर्जी, वन्यजीव संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन के क्षेत्र में देश के लिए उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंच तत्वों पर सभी का समान अधिकार है और प्रकृति संरक्षण प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को बधाई देते हुए सभी से प्रकृति के संरक्षण और संवर्धन में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

विश्व पर्यावरण दिवस पर महापौर मालती राय का संदेश, बोलीं— विकास और पर्यावरण में बनेगा संतुलन

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भोपाल महापौर मालती राय ने शहर के विकास कार्यों और पर्यावरण संरक्षण को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी और यातायात के दबाव को देखते हुए फ्लाईओवर निर्माण और सड़कों का चौड़ीकरण आवश्यक है। यदि विकास कार्यों के दौरान पेड़ों को हटाना पड़ता है, तो उनकी भरपाई दूसरे स्थानों पर बड़े स्तर पर पौधारोपण कर की जाएगी।

महापौर ने हालिया बारिश के दौरान नगर निगम की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि निगम कर्मचारियों ने देर रात तक काम कर मुख्य सड़कों को साफ और यातायात योग्य बनाए रखा। साथ ही, नालों की सफाई का कार्य 1 अप्रैल से ही शुरू कर दिया गया था, जिसके कारण शहर की बस्तियों में जलभराव की स्थिति नहीं बनी।

उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि भोपाल को स्वच्छ और हरित बनाने की जिम्मेदारी केवल शासन-प्रशासन की नहीं, बल्कि आम जनता की भी है। लोगों को नालों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने से बचना चाहिए।

प्रशासन का कहना है कि ‘ग्रीन और क्लीन भोपाल’ का लक्ष्य जनभागीदारी से ही पूरा हो सकता है। ऐसे में आगामी मानसून के दौरान यह देखना दिलचस्प होगा कि नगर निगम की तैयारियां शहरवासियों को जलजमाव से कितनी राहत दिला पाती हैं।

भोपाल में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया पौधारोपण

भोपाल के स्मार्ट सिटी पार्क में केंद्रीय कृषि मंत्री एवं पूर्व मुख्यमंत्री Shivraj Singh Chouhan ने “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत बरगद का पौधा रोपित किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने का संदेश देते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने की अपील की।

पौधारोपण कार्यक्रम में कृषि मंत्री Aidal Singh Kansana भी शामिल हुए। दोनों नेताओं ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई।

कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी भागीदारी की। “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के माध्यम से लोगों को अपनी मां के सम्मान में पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए विगत 05 दिनों में 01 करोड़ 45 लाख रूपए से अधिक मूल्‍य के अवैध मादक पदार्थ सहित संपत्ति जब्‍त की हैं। इन कार्रवाइयों में गांजा, स्मैक, अफीम, एमडी ड्रग्स एवं डोडाचूरा जैसे मादक पदार्थों की बड़ी खेप जब्‍त करते हुए अनेक तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

बड़वानी

जिले के वरला थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पांजरिया से 01 क्विंटल 47 किलोग्राम गांजा जब्‍त कर लगभग 32 लाख 34 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। प्रकरण में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना की जा रही है।

शिवपुरी

जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 11.53 ग्राम एवं 106 ग्राम स्मैक, 52 हजार नगद तथा मोटरसाइकिल सहित लगभग 30 लाख 52 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।

दतिया

जिले की बसई थाना पुलिस ने 86.85 किलोग्राम गांजा एवं कार सहित लगभग 20 लाख रूपये की संपत्ति जप्‍त कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया।

गुना

जिले के मृगवास थाना पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 100.59 ग्राम स्मैक एवं 10 किलोग्राम से अधिक गांजा जप्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। तस्करी में प्रयुक्त वाहन सहित लगभग 17 लाख रूपये की संपत्ति जप्‍त की है।

दमोह

जिले में पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में 115.95 ग्राम स्मैक तथा 3 किलोग्राम गांजा जप्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों कार्रवाइयों में लगभग 12 लाख 35 हजार रूपये की संपत्ति जप्‍त की है।

आगर मालवा

जिले के थाना बड़ौद पुलिस ने 102किलो250 ग्राम अवैध डोडाचूरा, एक कार एवं मोटरसाइकिल सहित कुल 11 लाख 60 हजार रूपये की संपत्ति जप्त की।

रतलाम

जिले के माननखेड़ा चौकी पुलिस ने 3 किलो150ग्राम अवैध अफीम के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 6 लाख 30 हजार रूपये की संपत्ति जप्‍त की है।

इंदौर

जिले में द्वारकापुरी एवं चंदन नगर थाना पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाइयों में 4 किलो83ग्राम गांजा तथा 18.59 ग्राम एमडी ड्रग्स जप्त कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। दोनों कार्यवाहियों में पुलिस ने लगभग 5 लाख 81 हजार रूपये की संपत्ति जप्‍त की है।

मंदसौर

जिले में पुलिस ने 1 किलोग्राम अफीम, वाहन एवं मोबाइल फोन सहित लगभग 2 लाख 50 हजार रूपये की संपत्ति जप्‍त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया।

हरदा

जिले में कोतवाली पुलिस ने 9.06 ग्राम एमडी पाउडर के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार कर लगभग 1 लाख 56 हजार रूपये की संपत्ति बरामद की है।

खंडवा

जिले में पुलिस ने 12.5 किलोग्राम गांजा एवं घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 1 लाख 78 हजार रूपये की संपत्ति जप्‍त की है। साथ ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

उज्जैन

जिलेकी तराना पुलिस ने 11 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 1 लाख 60 हजार रूपये की संपत्ति जप्‍त की है।

भोपाल

क्राइम ब्रांच ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में 2 किलो681ग्राम गांजा, मोटरसाइकिल एवं मोबाइल फोन जप्त कर लगभग 1 लाख 41 हजार रूपये की संपत्ति जब्‍त की है।साथ ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

सीधी

जिले में थाना मड़वास पुलिस ने ऑपरेशन “प्रहार 2.0” के तहत 3.722 किलोग्राम गांजा कीमत लगभग 55 हजार रूपये जप्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी है तथा इस प्रकार के अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है।मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें। 

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