भोपाल पुलिस का नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन, शराब तस्कर गिरफ्तार; 7 करोड़ की ड्रग्स विनिष्टीकरण के लिए चयनित

शाहजहाँनाबाद में 305 क्वार्टर अवैध शराब जब्त, वहीं 44 मामलों में 335.934 किलोग्राम गांजा-चरस नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू

भोपाल। भोपाल पुलिस का नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में शाहजहाँनाबाद पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरी ओर विभिन्न मामलों में जब्त करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को विनिष्टीकरण (नष्ट करने) के लिए चयनित किया गया है।

शाहजहाँनाबाद पुलिस ने कार में चोरी-छिपे अवैध शराब की तस्करी कर रहे सीहोर निवासी 36 वर्षीय शिवकरन को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 305 क्वार्टर देशी शराब (करीब 55 लीटर) जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 24 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में अवैध शराब के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है। यह कार्रवाई जनसंवाद और सक्रिय मुखबिर तंत्र की मदद से की गई।

वहीं, भोपाल पुलिस ने 44 अलग-अलग मामलों में जब्त 335.934 किलोग्राम मादक पदार्थों को विनिष्टीकरण के लिए चयनित किया है। इनमें 327.134 किलोग्राम गांजा और 8.800 किलोग्राम चरस शामिल है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये है। कुल 44 प्रकरणों में से 35 मामले क्राइम ब्रांच भोपाल के हैं, जबकि हबीबगंज, बैरागढ़ और जहांगीराबाद थानों के तीन-तीन मामले भी इसमें शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि विनिष्टीकरण समिति ने एनडीपीएस एक्ट और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत मादक पदार्थों का परीक्षण कर उन्हें नष्ट करने के लिए चयनित किया है। न्यायालयीन आदेश के अनुसार इनका विनिष्टीकरण किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।

भोपाल पुलिस ने दोहराया कि “नशा मुक्त समाज, सुरक्षित भोपाल” के लक्ष्य के साथ अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

दतिया उपचुनाव: जनता फिर कांग्रेस पर जताएगी भरोसा — उमंग सिंघार

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा और चुनाव आयोग के षड्यंत्र से कांग्रेस विधायक की सदस्यता रद्द हुई। कार्यकर्ताओं से अभी से चुनावी तैयारियों में जुटने का आह्वान।

दतिया। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने दतिया विधानसभा उपचुनाव को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और आम जनता के नाम संदेश जारी किया है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में दतिया की जनता ने कांग्रेस उम्मीदवार राजेंद्र भारती को भारी बहुमत से विधायक चुना था, लेकिन भाजपा और चुनाव आयोग के षड्यंत्र के कारण उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई।

उमंग सिंघार ने आरोप लगाया कि भाजपा अब जल्दबाजी में दतिया विधानसभा में उपचुनाव कराकर इस सीट पर कब्ज़ा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को दतिया की जनता पर पूरा भरोसा है और जनता एक बार फिर कांग्रेस के पक्ष में अपना जनादेश देगी।

उन्होंने दतिया के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अभी से चुनाव की तैयारियों में जुट जाएँ और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करें। उन्होंने विश्वास जताया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन से इस बार भी दतिया में कांग्रेस का परचम लहराएगा।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ उपचुनाव लड़ेगी और जनता के विश्वास को जीतने के लिए हर स्तर पर प्रयास करेगी।

 

सरकार की शिक्षा व्यवस्था हाई कोर्ट के कटघरे में!

शिक्षकों के 1.15 लाख से अधिक पद रिक्त, हजारों स्कूल बिना शिक्षक और मूलभूत सुविधाओं के; सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

मध्यप्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली एक बार फिर सामने आई है। प्रदेश में स्वीकृत 2.89 लाख शिक्षक पदों में से 1,15,678 पद रिक्त हैं। स्थिति इतनी गंभीर है कि 1,895 सरकारी स्कूल ऐसे हैं जहाँ एक भी शिक्षक नहीं है।

शिक्षा का बुनियादी ढांचा भी गंभीर संकट से गुजर रहा है। प्रदेश के लगभग 5,000 स्कूल जर्जर भवनों में संचालित हो रहे हैं, 3,400 स्कूलों में शौचालय की सुविधा उपलब्ध नहीं है और 59,000 स्कूलों में कंप्यूटर जैसी आवश्यक डिजिटल सुविधाओं का अभाव है।

इन कमियों का सीधा असर विद्यार्थियों पर पड़ा है। पिछले 10 वर्षों में सरकारी स्कूलों से 22.03 लाख विद्यार्थियों की संख्या में कमी दर्ज की गई है, जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था में लोगों के घटते विश्वास को दर्शाती है।

इन्हीं परिस्थितियों को लेकर अब मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने भी सरकार से जवाब तलब किया है। यह स्थिति प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।

मुख्यमंत्री से अपेक्षा है कि शिक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए रिक्त शिक्षक पदों पर शीघ्र भर्ती, स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएँ। प्रदेश के बच्चों का भविष्य केवल प्रचार और घोषणाओं से नहीं, बल्कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था और जवाबदेह शासन से सुरक्षित होगा।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से की सौजन्य भेंट

भोपाल स्थित निवास पर मुलाकात के दौरान प्रदेश के समसामयिक राजनीतिक एवं संगठनात्मक विषयों पर हुई चर्चा।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह से उनके भोपाल स्थित निवास पर सौजन्य भेंट की।

इस अवसर पर दोनों नेताओं के बीच प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, जनहित से जुड़े मुद्दों तथा संगठन को और अधिक मजबूत बनाने सहित विभिन्न समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।

यह मुलाकात कांग्रेस की संगठनात्मक मजबूती, जनसरोकारों और प्रदेश के विकास से जुड़े मुद्दों पर साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई इस भेंट के दौरान जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करने के संकल्प को दोहराया गया।

 

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से विधायक कमलेश्वर डोडियार की महत्वपूर्ण मुलाकात

आदिवासी, दलित और पिछड़े वर्गों के मुद्दों पर साझा रणनीति, विधानसभा से सड़क तक उठेगी जनता की आवाज

भोपाल सैलाना विधानसभा क्षेत्र के विधायक कमलेश्वर डोडियार ने मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष से सौजन्य मुलाकात कर प्रदेश के आदिवासी, दलित, पिछड़े एवं अन्य वंचित वर्गों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। बैठक में जनहित से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से उठाने और उनके समाधान के लिए साझा रणनीति पर सहमति बनी।

जनहित के मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक के दौरान विधायक कमलेश्वर डोडियार ने सैलाना विधानसभा सहित आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, सड़क, वन अधिकार, किसानों की समस्याओं तथा युवाओं से जुड़े विभिन्न विषयों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई क्षेत्रों में आदिवासी, दलित एवं पिछड़े वर्गों को मूलभूत सुविधाओं और अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। इन समस्याओं को विधानसभा और जनआंदोलन दोनों स्तरों पर मजबूती से उठाया जाएगा।

विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठेंगे मुद्दे

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आश्वस्त किया कि आगामी विधानसभा सत्र में इन सभी विषयों को तथ्यात्मक और प्रभावी तरीके से उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार को जनता से जुड़े सवालों पर जवाबदेह बनाने के लिए विपक्ष पूरी मजबूती के साथ अपनी भूमिका निभाएगा।

प्रदेशव्यापी जनआंदोलन की बनी रणनीति

बैठक में प्रदेशभर में जनहित के मुद्दों को लेकर साझा आंदोलन को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने सामाजिक न्याय, संवैधानिक अधिकारों और वंचित वर्गों के हितों की रक्षा के लिए समन्वित प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की।

जनता के अधिकार सर्वोच्च प्राथमिकता

विधायक कमलेश्वर डोडियार ने कहा कि जनता के अधिकारों की रक्षा करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक न्याय, सम्मान और विकास का लाभ पहुंचाने के लिए वे निरंतर संघर्ष करते रहेंगे। साथ ही लोकतांत्रिक तरीके से जनसमस्याओं को विधानसभा के भीतर और बाहर प्रभावी रूप से उठाया जाएगा।

जनहित की राजनीति को मिलेगी मजबूती

यह मुलाकात प्रदेश की राजनीति में जनहित के मुद्दों को केंद्र में रखने तथा आदिवासी, दलित, पिछड़े और अन्य वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई को और अधिक मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

MP Congress: पीसी शर्मा का कैलाश विजयवर्गीय पर तंज, बोले- ‘अगर सरकार में सुनवाई नहीं हो रही तो इस्तीफा दे दें’

MP Congress: पीसी शर्मा का कैलाश विजयवर्गीय पर तंज, बोले- ‘अगर सरकार में सुनवाई नहीं हो रही तो इस्तीफा दे दें’

भोपाल। मध्य प्रदेश की सियासत में बयानबाज़ी का दौर लगातार जारी है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने एक प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा और अपनी ही पार्टी से जुड़े कई मुद्दों पर खुलकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ कोर्ट के निर्देशों, कांग्रेस में कथित ‘स्लीपर सेल’ विवाद और कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र को लेकर तीखे बयान दिए।

जीतू पटवारी के कोर्ट मामले पर क्या बोले?

जीतू पटवारी के खिलाफ कोर्ट के निर्देशों को लेकर पूछे गए सवाल पर पीसी शर्मा ने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष पूरे मध्य प्रदेश में लगातार दौरे करते रहते हैं। संभव है कि इसी वजह से वे किसी पेशी में उपस्थित नहीं हो पाए हों। उन्होंने कहा कि अगली तारीख पर वे अदालत में पेश हो जाएंगे और इसमें कोई बड़ी बात नहीं है।

बाप-बेटे का मामला, बाकी लोग बीच में न पड़ें’

दिग्विजय सिंह और जयवर्धन सिंह से जुड़े विवाद और पार्टी में चल रही बयानबाज़ी पर पीसी शर्मा ने इसे “बाप-बेटे का मामला” बताया। उन्होंने कहा कि पिता-पुत्र के बीच की बात को दूसरे लोगों को मुद्दा नहीं बनाना चाहिए और वे आपस में इस मामले को सुलझा लेंगे।

स्लीपर सेल पर साधा निशाना

कांग्रेस में ‘स्लीपर सेल’ को लेकर चल रही बहस पर पीसी शर्मा ने कहा कि जो लोग ऐसे आरोप लगा रहे हैं, उन्हें पहले अपना गिरेबान झांकना चाहिए। उन्होंने कहा कि असली स्लीपर सेल वे लोग हैं जो कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ चुनाव लड़ते हैं और बाद में पार्टी में पद हासिल कर लेते हैं।

कैलाश विजयवर्गीय पर कसा तंज

प्रेस वार्ता के दौरान पत्रकारों ने कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र को लेकर भी सवाल पूछा। इस पर पीसी शर्मा ने तंज कसते हुए कहा, “अगर कैलाश विजयवर्गीय जी के साथ न्याय नहीं हो रहा है और सरकार में उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।”

सियासी बयानबाज़ी तेज

पीसी शर्मा के इन बयानों से साफ है कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के अंदरूनी विवाद और भाजपा पर हमले दोनों एक साथ जारी हैं। आने वाले दिनों में इन मुद्दों को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी और तेज होने की संभावना है।

इंदौर-उज्जैन के बीच खेती मुकाबला…! खेत में किसान कम, नेता ज्यादा

इंदौर-उज्जैन के बीच खेती मुकाबला…! खेत में किसान कम, नेता ज्यादा

मध्यप्रदेश की राजनीति अब मंचों से निकलकर सीधे खेतों तक पहुंच गई है। अब चुनावी रणनीति सिर्फ सभाओं में नहीं, बल्कि खेतों में भी नजर आने लगी है। किसान अपनी फसल की चिंता में है, जबकि नेता अपनी राजनीतिक फसल को सींचने में जुटे दिखाई दे रहे हैं।

बैतूल जिले के कुकरू गांव में मुख्यमंत्री मोहन यादव एक किसान के खेत पहुंचे। यहां उन्होंने मक्का की बोनी की और किसानों के साथ खेती से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। समर्थकों ने इसे मुख्यमंत्री के किसान परिवार से जुड़े होने और खेती-किसानी की समझ का उदाहरण बताया।

लेकिन राजनीति में जवाब भी जल्दी आता है।

मुख्यमंत्री की खेती वाली तस्वीरों के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी खेत में नजर आए। उन्होंने भी किसानों के बीच पहुंचकर खेती से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की तस्वीरों और वीडियो की तुलना शुरू हो गई।

अब सियासी गलियारों में चर्चा है कि प्रदेश में खेती से ज्यादा खेती की तस्वीरें और वीडियो सुर्खियां बटोर रहे हैं। किसान बारिश, खाद और फसल की चिंता कर रहा है, जबकि नेताओं के खेत दौरे राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बनते जा रहे हैं।

लोग सोशल मीडिया पर मजाक में कह रहे हैं कि कहीं आने वाले दिनों में खेत भी सियासी अखाड़ा न बन जाए, जहां एक ओर मुख्यमंत्री हल चलाते दिखें और दूसरी ओर विपक्ष के नेता फावड़ा संभालते नजर आएं, जबकि जनता पूरे मुकाबले की दर्शक बनी रहे।

हालांकि खेतों में नेताओं की मौजूदगी किसानों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश जरूर देती है, लेकिन असली सवाल वही है—क्या इन प्रतीकात्मक तस्वीरों से आगे बढ़कर किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान भी सामने आएगा, या फिर यह मुकाबला केवल कैमरों और सोशल मीडिया तक ही सीमित रहेगा?

देर रात बारिश में नाले में फंसे बुजुर्ग की पुलिस ने बचाई जान, जवान ने जान जोखिम में डालकर किया रेस्क्यू

देर रात बारिश में नाले में फंसे बुजुर्ग की पुलिस ने बचाई जान, जवान ने जान जोखिम में डालकर किया रेस्क्यू

भोपाल: लगातार हो रही बारिश के बीच राजधानी भोपाल में पुलिस की मुस्तैदी ने एक बुजुर्ग की जान बचा ली। हनुमानगंज थाना क्षेत्र में देर रात गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों ने नाले से मदद की आवाज सुनी और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।

घटना रात करीब 12 बजे की है। आरक्षक मोहित शिवहरे और राजेंद्र रघुवंशी छोला रोड इलाके में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान पुट्ठा मिल, अग्रवाल तिराहा के पास नाले से “बचाओ-बचाओ” की आवाज सुनाई दी।

मौके पर पहुंचने पर पुलिसकर्मियों ने देखा कि करीब 60 वर्षीय एक अज्ञात बुजुर्ग सिर में चोट लगने के बाद तेज बहाव वाले नाले में गिर गया था। बुजुर्ग दलदल और तेज पानी के बीच फंसा हुआ था और बाहर निकलने में असमर्थ था।

बिना समय गंवाए एक आरक्षक नाले में उतरा और साथी पुलिसकर्मी की मदद से बुजुर्ग को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। बाहर लाने के बाद पुलिसकर्मियों ने तत्काल सीपीआर देकर उसकी सांसें सामान्य करने की कोशिश की, जिससे उसकी जान बच गई।

इस पूरे रेस्क्यू का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मियों का साहस और त्वरित कार्रवाई साफ दिखाई दे रही है। लगातार बारिश के बीच पुलिस की सतर्कता और सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया।

अजय सिंह यादव का जीतू पटवारी पर हमला, बोले— “झूठ का पुलिंदा बन गई है कांग्रेस की राजनीति”

अजय सिंह यादव का जीतू पटवारी पर हमला, बोले— “झूठ का पुलिंदा बन गई है कांग्रेस की राजनीति”

भोपाल।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वे लगातार झूठे और निराधार आरोप लगाकर प्रदेश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी न्यास को निजी संस्था बताना जीतू पटवारी की राजनीतिक अपरिपक्वता और तथ्यों की अनदेखी को दर्शाता है।

अजय सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस के ही एक वरिष्ठ नेता द्वारा जीतू पटवारी के दावों की पोल खोले जाने से यह स्पष्ट हो गया है कि कांग्रेस झूठ की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि यह घटनाक्रम स्वयं कांग्रेस के भीतर नेतृत्व की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करता है।

भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस को यह स्वीकार नहीं हो रहा कि पिछड़े वर्ग से आने वाला एक नेता प्रदेश का नेतृत्व कर रहा है, इसलिए वह भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रही है।

अजय सिंह यादव ने कहा कि प्रदेश की जनता कांग्रेस की इस राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है और झूठ एवं भ्रम फैलाने वालों को उचित जवाब देगी।

नोट: यह समाचार भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव द्वारा जारी बयान पर आधारित है। इसमें लगाए गए आरोप संबंधित पक्ष के दावे हैं।

उज्जैन की 500 करोड़ की जमीन सिर्फ 1 रुपए में? कांग्रेस का बड़ा आरोप, सरकार पर उठे सवाल

उज्जैन की 500 करोड़ की जमीन सिर्फ 1 रुपए में? कांग्रेस का बड़ा आरोप, सरकार पर उठे सवाल

उज्जैन की करीब 500 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन…

क्या वाकई सिर्फ 1 रुपए में एक ट्रस्ट को दे दी गई?

यह आरोप लगाया है मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने।

पटवारी का दावा है कि जिस ट्रस्ट को यह जमीन दी गई, उसके ट्रस्टी श्री राम जी हैं, जो मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार भी बताए जाते हैं।

कांग्रेस का सवाल है कि आखिर इतनी मूल्यवान जमीन 1 रुपए में क्यों दी गई?

पटवारी ने यह भी कहा कि यदि इस मामले से जुड़ी रिपोर्टें गलत हैं, तो सरकार ने अब तक संबंधित रिपोर्टों पर कानूनी कार्रवाई या एफआईआर क्यों नहीं की?

कांग्रेस ने इस मामले में पारदर्शिता, दस्तावेज सार्वजनिक करने और स्वतंत्र जांच की मांग की है।

वहीं, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक बताया है और पहले भी ऐसे आरोपों को निराधार करार दिया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है…

क्या इस जमीन आवंटन की पूरी जानकारी सार्वजनिक होगी?

क्या सरकार इन आरोपों पर विस्तृत जवाब देगी?

और क्या इस मामले की निष्पक्ष जांच होगी?

इस पूरे विवाद पर आपकी क्या राय है? कमेंट करके जरूर बताइए।

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