प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रसेवा के 12 वर्ष पूर्ण होने पर खेड़ापति हनुमान मंदिर में भव्य महाआरती

भोपाल, 10 जून 2026। प्रधानमंत्री Narendra Modi के राष्ट्रसेवा, सुशासन एवं जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भोपाल के छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर में भव्य महाआरती एवं सामूहिक संगीतमय हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश सरकार के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री Vishvas Kailash Sarang भाजपा कार्यकर्ताओं एवं श्रद्धालुओं के साथ शामिल हुए।

इस अवसर पर मंत्री श्री सारंग ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के नाम से हनुमान जी को गदा अर्पित कर उनके दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य, सुदृढ़ नेतृत्व एवं राष्ट्रसेवा के सफल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा, आधारभूत संरचना, आत्मनिर्भरता, डिजिटल नवाचार, गरीब कल्याण और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का नेतृत्व विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने यह भी बताया कि नरेला विधानसभा के सभी मंडलों के प्रमुख मंदिरों में विशेष धार्मिक कार्यक्रम, पूजन-अर्चन और आरती का आयोजन किया गया, जहां राष्ट्र की समृद्धि तथा प्रधानमंत्री श्री मोदी के उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु के लिए विशेष प्रार्थनाएं की गईं।

यह आयोजन भाजपा कार्यकर्ताओं और नागरिकों के लिए गौरव, प्रेरणा और उत्सव का अवसर बना।

होर्मुज संकट से निपटने की तैयारी! भारत का ₹40,000 करोड़ का मेगा प्लान, तेल-गैस सप्लाई होगी मजबूत

नई दिल्ली

ईरान की अमेरिका और इजरायल के खिलाफ जंग एक बार फिर जोर पकड़ती दिख रही है. अमेरिका ने अपने अपाचे हेलिकॉप्टर पर हमले पर बदला लेने के लिए होर्मुज के पास ईरान के अहम ठिकानों पर बुधवार तड़के (भारतीय समय) हमला कर दिया. वहीं ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी आईआरजीसी ने बहरीन स्थित अमेरिका के पांचवें बेड़े को निशाना बनाने का दावा किया है. अमेरिका और ईरान के बीच इस ताजा वार और पलटवार ने होर्मुज स्ट्रेट के जल्द दोबारा खुलने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है. होर्मुज की नाकेबंदी की वजह से मंडराते तेल-गैस के संकट के बीच भारत एक ऐसे मेगा प्रोजेक्ट पर गंभीरता से कदम आगे बढ़ा रहा है, जो आने वाले दशकों के लिए देश की ऊर्जा सुरक्षा की तस्वीर बदल सकता है. ओमान से गुजरात तक अरब सागर के नीचे लगभग 2,000 किलोमीटर लंबी डीप-सी गैस पाइपलाइन बिछाने की योजना को फिर से गति मिली है. करीब 40,000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट को भारत के लिए ‘होर्मुज संकट का स्थायी समाधान’ माना जा रहा है। 

भारत अपनी जरूरत का 50 प्रतिशत से ज्यादा प्राकृतिक गैस आयात करता है. इसका बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से एलएनजी (LNG) के रूप में आता है और होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है. यह वही समुद्री रास्ता है, जहां हाल के महीनों में ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. अगर किसी वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है या वहां जहाजों की आवाजाही प्रभावित होती है, तो भारत समेत दुनिया के कई देशों की ऊर्जा आपूर्ति पर सीधा असर पड़ सकता है। 

ओमान से गुजरात तक पाइपलाइन
यही वजह है कि भारत अब ओमान से सीधे गैस लाने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है. प्रस्तावित पाइपलाइन ओमान को सीधे गुजरात से जोड़ेगी और इसके जरिए गैस समुद्र के रास्ते टैंकरों में लाने की बजाय सीधे पाइपलाइन से भारत पहुंचेगी. इससे न केवल सप्लाई अधिक स्थिर होगी बल्कि समुद्री संकटों का असर भी काफी हद तक कम हो जाएगा। 

इस परियोजना की सबसे बड़ी खासियत इसकी तकनीकी जटिलता है. पाइपलाइन का कुछ हिस्सा समुद्र तल से 3,000 मीटर से भी अधिक गहराई में बिछाया जाएगा. इतनी गहराई पर पाइपलाइन निर्माण दुनिया की सबसे चुनौतीपूर्ण इंजीनियरिंग परियोजनाओं में गिना जाता है. अगर यह योजना सफल होती है तो यह दुनिया की सबसे गहरी समुद्री गैस पाइपलाइनों में से एक होगी। 

इस प्रोजेक्ट को लंबे समय से बढ़ावा देने वाली कंपनी साउथ एशिया गैस एंटरप्राइज (SAGE) का दावा है कि वह पहले ही तकनीकी और वित्तीय अध्ययन के साथ-साथ समुद्र तल का सर्वेक्षण भी कर चुकी है. रिपोर्ट्स के मुताबिक पेट्रोलियम मंत्रालय ने अब सरकारी कंपनियों जैसे गेल, इंडिया ऑयल कॉर्पोरेशन और इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड को विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का काम सौंपा है। 

गैस आयात हो जाएगा सस्ता
एनर्जी एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह परियोजना सिर्फ गैस आयात का माध्यम नहीं होगी, बल्कि भारत और खाड़ी देशों के बीच रणनीतिक संबंधों को भी नई मजबूती देगी. ओमान को लंबे समय के लिए स्थायी ग्राहक मिलेगा, जबकि भारत को गैस की सुरक्षित और लगातार आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। 

वर्तमान में एलएनजी आयात की प्रक्रिया काफी लंबी और महंगी है. पहले गैस को तरल रूप में बदला जाता है, फिर विशेष जहाजों से हजारों किलोमीटर दूर ले जाया जाता है और भारत पहुंचने पर दोबारा गैस में परिवर्तित किया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में भारी खर्च आता है. प्रस्तावित पाइपलाइन के जरिए गैस सीधे स्रोत से उपभोक्ता तक पहुंचेगी. शुरुआती अनुमान के मुताबिक गैस परिवहन की लागत 2 से 2.25 डॉलर प्रति MMBtu के बीच रह सकती है, जो कई परिस्थितियों में एलएनजी आयात से प्रतिस्पर्धी साबित हो सकती है। 

इस प्रोजेक्ट में क्या है रोड़ा?
हालांकि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के सामने कई बड़ी चुनौतियां भी हैं. सबसे बड़ी चुनौती इंजीनियरिंग की है. समुद्र की 3,000 मीटर गहराई पर पाइपलाइन बिछाना और उसका रखरखाव करना बेहद जटिल और महंगा काम होगा. किसी भी तकनीकी खराबी या रिसाव की स्थिति में मरम्मत करना आसान नहीं होगा. इसके लिए विशेष जहाजों और अत्याधुनिक उपकरणों की जरूरत पड़ेगी। 

दूसरी बड़ी चुनौती लागत और फंडिंग की है. 40,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत शुरुआती आंकड़ा है. ऐसे बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में अक्सर लागत बढ़ जाती है. इसके अलावा यह भी तय करना होगा कि निवेश कौन करेगा, लागत का बंटवारा कैसे होगा और गैस खरीद के दीर्घकालिक समझौते किस प्रकार होंगे। 

तीन दशक से अटका था काम
फिर भी हालात बदल चुके हैं. तीन दशक पहले जब यह परियोजना पहली बार सामने आई थी, तब तकनीक और आर्थिक व्यवहार्यता सबसे बड़ी बाधा थीं. लेकिन अब ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्रीय सुरक्षा का अहम हिस्सा बन चुकी है. रूस-यूक्रेन युद्ध, लाल सागर संकट और अब होर्मुज क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने यह दिखा दिया है कि किसी एक समुद्री मार्ग पर अत्यधिक निर्भरता कितनी जोखिम भरी हो सकती है। 

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह परियोजना सफल होती है तो भविष्य में इसी नेटवर्क का इस्तेमाल हाइड्रोजन जैसे स्वच्छ ईंधनों के परिवहन के लिए भी किया जा सकता है. यानी यह सिर्फ आज की जरूरत नहीं, बल्कि आने वाले दशकों की ऊर्जा रणनीति का आधार बन सकती है। 

यही कारण है कि ओमान-गुजरात डीप-सी गैस पाइपलाइन को सिर्फ एक ऊर्जा परियोजना नहीं, बल्कि भारत की ऊर्जा स्वतंत्रता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है. होर्मुज संकट ने जिस खतरे की ओर दुनिया का ध्यान खींचा है, भारत उसी का स्थायी समाधान खोजने में जुटा हुआ है. अगर यह मेगा प्लान जमीन पर उतरता है, तो देश की तेल-गैस आपूर्ति पहले की तुलना में कहीं अधिक सुरक्षित और भरोसेमंद हो सकती है। 

 

कांग्रेस विधायकों की एकजुटता ने भाजपा की रणनीति को किया विफल

कांग्रेस विधायकों की एकजुटता ने भाजपा की रणनीति को किया विफल

मैं कांग्रेस परिवार के अपने सभी विधायक साथियों का हृदय से धन्यवाद और अभिनंदन करता हूँ। जिस तरह से आप सभी ने लोकतांत्रिक मूल्यों, पार्टी की विचारधारा और जनता के विश्वास की रक्षा के लिए मजबूती से एकजुटता दिखाई, वह पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक है।

भाजपा के धनबल और दबाव की राजनीति के सामने नहीं झुके विधायक

हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों में भाजपा ने अपने राजनीतिक हितों को साधने के लिए धनबल, सत्ता के प्रभाव और विभिन्न एजेंसियों के दबाव का सहारा लेने का हर संभव प्रयास किया। कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने और पार्टी की एकजुटता को कमजोर करने की कोशिशें लगातार की गईं। लेकिन कांग्रेस के सभी विधायक साथियों ने इन प्रयासों को पूरी तरह विफल कर दिया और यह साबित कर दिया कि वे जनता द्वारा दिए गए जनादेश और लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।

कांग्रेस की एकजुटता से घबराई भाजपा

जब भाजपा अपने सभी प्रयासों के बावजूद कांग्रेस परिवार में किसी प्रकार की टूट पैदा करने में सफल नहीं हो सकी, तब उसे यह एहसास हो गया कि कांग्रेस की ताकत उसकी एकजुटता में है। यही कारण है कि राजनीतिक मुकाबले में सफल न होने के बाद भाजपा ने ऐसे कदम उठाए, जिन पर गंभीर संवैधानिक और लोकतांत्रिक प्रश्न खड़े होते हैं। हमारा मानना है कि इसी वजह से अंततः हमारा नामांकन निरस्त करवाने जैसी स्थिति निर्मित की गई।

लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संघर्ष

यह केवल किसी एक उम्मीदवार या किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है। यह लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा का विषय है। जब लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का प्रयास होता है, तब विपक्ष की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है। कांग्रेस हमेशा संविधान की भावना, लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करती रही है और आगे भी करती रहेगी।

जनता के विश्वास से मिलेगा जवाब

मध्य प्रदेश की जनता सब कुछ देख रही है और समझ रही है। जनता जानती है कि कौन लोकतंत्र को मजबूत करने का काम कर रहा है और कौन सत्ता के बल पर राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास कर रहा है। हमें विश्वास है कि प्रदेश की जनता उचित समय पर अपने मत के माध्यम से इसका जवाब देगी।

एकजुट कांग्रेस ही बनेगी परिवर्तन की ताकत

आज कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता, नेता और विधायक पूरी मजबूती के साथ एकजुट खड़ा है। यही एकता हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। जब संगठन एकजुट होता है, तब कोई भी राजनीतिक शक्ति जनता की आवाज को दबा नहीं सकती। कांग्रेस की यही एकजुटता आने वाले समय में मध्य प्रदेश में परिवर्तन का आधार बनेगी।

मध्य प्रदेश में बदलाव का संकल्प

हम प्रदेश के किसानों, युवाओं, महिलाओं, कर्मचारियों और समाज के हर वर्ग की आवाज को मजबूती से उठाते रहेंगे। हमारा लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास, सामाजिक न्याय और जनकल्याण को सुनिश्चित करना है। इसी संकल्प और जनता के सहयोग के बल पर हम मध्य प्रदेश में एक नई दिशा और नया नेतृत्व स्थापित करेंगे।

मुझे पूरा विश्वास है कि कांग्रेस की यह एकजुटता, कार्यकर्ताओं का समर्पण और जनता का समर्थन आने वाले समय में मध्य प्रदेश से भाजपा को सत्ता से बाहर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एकजुट कांग्रेस, मजबूत लोकतंत्र और समृद्ध मध्य प्रदेश हमारा संकल्प है।

लोकतंत्र की रक्षा के लिए कांग्रेस का एक दिवसीय उपवास

भारतीय लोकतंत्र और संविधान की मूल भावना पर प्रहार करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी सुश्री मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किया गया। कांग्रेस का मानना है कि यह निर्णय लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक परंपराओं के विपरीत है।

इसी के विरोध में आज भोपाल में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने एक दिवसीय उपवास कर लोकतंत्र की रक्षा तथा निष्पक्ष चुनावी प्रक्रिया की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस का आरोप है कि मध्य प्रदेश में लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग और विपक्ष की आवाज़ को दबाने के प्रयास लगातार सामने आ रहे हैं। पार्टी का कहना है कि प्रदेश की जनता इन घटनाओं को गंभीरता से देख रही है और समय आने पर लोकतांत्रिक तरीके से अपना निर्णय देगी।

इस अवसर पर कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान, लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था की रक्षा के लिए उनका संघर्ष निरंतर जारी  रहेगा

PM मोदी के 12 साल पूरे होने पर जॉर्जिया मेलोनी की बधाई, भारत-इटली रिश्तों की भी हुई चर्चा

 नई दिल्ली

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का नया रिकॉर्ड बनने के बाद दुनिया भर से बधाई संदेश आ रहे हैं. इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी को शुभकामनाएं दी हैं. मेलोनी ने कहा कि नरेंद्र मोदी का भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनना एक बड़ी उपलब्धि है. उन्होंने हाल में रोम में हुई मुलाकात का जिक्र करते हुए भारत और इटली के रिश्तों को आगे बढ़ाने की बात भी कही. यह संदेश ऐसे समय में आया है, जब पीएम मोदी के केंद्र सरकार में 12 साल पूरे होने को लेकर भी चर्चा तेज है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को भारतीय राजनीति में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. 26 मई 2014 को पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने वाले मोदी ने लगातार 4,399 दिन पूरे कर लिए हैं. इसके साथ ही वे संविधान लागू होने के बाद भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए हैं. उन्होंने देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया, जिन्होंने 1952 के पहले आम चुनाव के बाद लगातार 4,398 दिन तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया था। 

जॉर्जिया मेलोनी ने लिखा खास संदेश.

इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर पीएम मोदी को टैग करते हुए उन्हें बधाई दी. उन्होंने लिखा कि भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बनने पर नरेंद्र मोदी को ढेर सारी शुभकामनाएं. फिर मेलोनी ने कुछ हफ्ते पहले रोम में हुई अपनी द्विपक्षीय मुलाकात को भी याद किया, जिसे लेकर वे काफी खुश दिखीं. इसके अलावा, अपने संदेश में दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों पर बात की. उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने मिलकर एक विशेष रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत की है. यह साझेदारी भविष्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है. इससे दोनों देशों के नागरिकों के लिए प्रगति के नए बेहतरीन अवसर पैदा होंगे। 

इस खास मौके पर देश और दुनिया के कई बड़े नेताओं ने भी पीएम मोदी को शुभकामनाएं दी हैं. नेताओं ने इसे जनता के भरोसे और लंबे राजनीतिक सफर की बड़ी उपलब्धि बताया है. प्रधानमंत्री मोदी ने भी इस उपलब्धि पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जनसेवा ही अच्छे शासन की सबसे बड़ी पहचान होती है. उन्होंने कहा कि वही व्यक्ति लोगों का विश्वास जीतता है, जो विनम्रता, समर्पण और कर्तव्य भावना के साथ लगातार काम करता है। 

हरिद्वार में CM धामी का बुलडोजर एक्शन, अवैध मजार पर चली कार्रवाई, प्रशासन सख्त

 लक्सर
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर लक्सर तहसील प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने हरिद्वार में एक और अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया। सहारनपुर झबेडा मार्ग पर सरकारी जमीन पर बनी उक्त मजार को ध्वस्त करने के लिए पहले नोटिस दिया गया था।

वहीं गोवर्धनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर अभियान चलाकर 35 से अधिक अतिक्रमण हटाए। अभियान के दौरान अधिकारियों ने सड़क, नाली और फुटपाथ पर किए गए कब्जों को हटाते हुए व्यापारियों और स्थानीय लोगों को आगे से अतिक्रमण न करने की चेतावनी दी।

13 लोगों के चालान
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस टीम ने राजमार्ग किनारे दुकानों व सार्वजनिक भूमि का निरीक्षण किया। कार्रवाई के दौरान कई अस्थायी ढांचे, सामान और अवैध कब्जे हटाए गए। साथ ही 81 पुलिस एक्ट के तहत 13 लोगों के चालान भी किए गए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि, सड़क, नालियों और फुटपाथों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि दोबारा अतिक्रमण किया गया तो सामान जब्त करने के साथ-साथ संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

अभियान में एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी मोहम्मद कामिल पुलिस अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।

मोदी सरकार के 12 साल पर कैबिनेट का बड़ा फैसला, अहमदाबाद मेट्रो समेत कई परियोजनाओं को मिली मंजूरी

नई दिल्ली

केंद्रीय कैबिनेट ने बुधवार को अहमदाबाद मेट्रो के फेज 2A प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी. यह प्रोजेक्ट कोटेश्वर रोड से सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक 6 किलोमीटर का विस्तार है और इसकी अनुमानित लागत 2,169 करोड़ रुपये है. कैबिनेट की बैठक के बाद फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का मकसद अहमदाबाद में शहरी आवागमन को बेहतर बनाना और अहम इंफ्रास्ट्रक्चर व डेवलपमेंट हब (जिनमें प्रस्तावित कॉमनवेल्थ गेम्स की सुविधाएं भी शामिल हैं) तक कनेक्टिविटी को बेहतर करना है। 

यह एक्सटेंशन बनने वाले कॉमनवेल्थ एन्क्लेव को एयरपोर्ट से जोड़ेगा, जिससे एथलीटों, अधिकारियों, आने वाले लोगों और निवासियों के लिए आसानी से आना-जाना मुमकिन हो जाएगा. अहमदाबाद 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करने वाला है। 

अहमदाबाद मेट्रो का विस्तार
अहमदाबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के विस्तार में करीब 2169 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है. इसमें करीब 2500 लोगों को रोजगार भी मिलेगा. यह परियोजना पूरी होते ही अहमदाबाद-गांधीनगर मेट्रो रूट का विस्तार 77.63 किलोमीटर तक हो जाएगा। 

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट निर्णयों की जानकारी दी. वैष्णव ने कहा, पंडित नेहरू एक बहुत बड़े राजनीतिक परिवार से आए थे. हमें अंग्रेजों से अभी-अभी आजादी मिली थी. माहौल और सोच अलग थी, जिन लोगों का कोई राजनीतिक बैकग्राउंड नहीं था, जो बहुत साधारण परिवारों से आए थे और जिन्होंने अपने काम से देश को आगे बढ़ाया, देश ने उन पर भरोसा किया। 

रेल मंत्री ने कहा, आज पीएम मोदी ने एक चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर देश की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने का नया रिकॉर्ड बनाया है. इस मौके पर केंद्रीय कैबिनेट ने एक प्रस्ताव पास किया है. इस प्रस्ताव में पीएम मोदी के देश के लिए एक चुने हुए प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार सेवा के इस ऐतिहासिक पड़ाव पर चर्चा की गई है और कई वादों और संकल्पों की रूपरेखा बताई गई है. 10 जून 2026 भारतीय लोकतंत्र की यात्रा में एक ऐतिहासिक क्षण है. आज नरेंद्र मोदी देश की सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा करने वाले चुने हुए प्रधानमंत्री बन गए हैं. प्रधानमंत्री के तौर पर लगातार 4399 दिनों तक सेवा करने का रिकॉर्ड बनाया है. यह एक ऐसा पड़ाव है जिसे आज़ाद भारत के इतिहास में पहली बार हासिल किया गया है। 

कॉरिडोर के स्टेशनों के नाम
इस कॉरिडोर की लंबाई 6.032 किलोमीटर होगी और इसमें 05 स्टेशन (04 एलिवेटेड और 01 अंडरग्राउंड) होंगे. फेज 2(A) के चालू होने पर, अहमदाबाद-गांधीनगर में 77.63 किलोमीटर का एक्टिव मेट्रो रेल नेटवर्क हो जाएगा. फेज 2(A) कॉरिडोर के स्टेशनों के नाम हैं- आश्रम रोड, कोटेश्वर प्राचीन मंदिर, साबरमती नदी, सरदार नगर और एयरपोर्ट. इस प्रोजेक्ट को पूरा करने की कुल लागत (IDC – यानी निर्माण के दौरान लगने वाले ब्याज सहित) 2,169.04 करोड़ रुपये होगी। 

फायदे और विकास को बढ़ावा
अहमदाबाद मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का फ़ेज 2(A) शहर के इंफ़्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में एक अहम प्रगति है. फेज़ 2(A) शहर में मेट्रो रेल नेटवर्क के बड़े विस्तार के तौर पर काम करता है। 

बेहतर कनेक्टिविटी
अहमदाबाद मेट्रो प्रोजेक्ट के फेज 2(A) में लगभग 6.032 किलोमीटर लंबे नए मेट्रो कॉरिडोर का विकास शामिल है. इसका मकसद एयरपोर्ट तक आसान कनेक्टिविटी देकर और ऐसे प्रमुख रिहायशी व कमर्शियल इलाकों को जोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट को काफी बेहतर बनाना है, जहां अभी ट्रांसपोर्ट की अच्छी सुविधाएं नहीं हैं। 

इस फेज का मकसद रिहायशी और कमर्शियल हब जैसे अहम इलाकों को मौजूदा अहमदाबाद-गांधीनगर कॉरिडोर से आसानी से जोड़ना है. साथ ही, वर्ल्ड पुलिस गेम्स 2029 और कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 के लिए आस-पास स्पोर्ट्स सुविधाएं विकसित किए जाने की भी संभावना है। 

इन अहम इलाकों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़कर, फेज 2(A) न केवल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों और टूरिज्म को भी बढ़ावा देगा, साथ ही यहां रहने वालों और आने-जाने वालों के लिए शहरी आवाजाही को आसान बनाएगा। 

आंध्र प्रदेश की नई राजधानी के लिए ऑफिस अकोमोडेशन
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने बुधवार को आंध्र प्रदेश की नई राजधानी अमरावती में केंद्र सरकार के जनरल पूल ऑफिस अकोमोडेशन (CGGPOA) के निर्माण को मंजूरी दे दी है। 

यह प्रोजेक्ट अमरावती के नए ग्रीनफील्ड शहर में एक अहम पहल है, जिसे एक वर्ल्ड-क्लास शहरी केंद्र के तौर पर विकसित करने की योजना है. इस प्रस्ताव का मकसद केंद्र सरकार के अलग-अलग दफ्तरों के लिए ऑफिस स्पेस की बढ़ती मांग को पूरा करना है, ताकि उन्हें एक ही जगह पर लाया जा सके. इससे विभागों के बीच तालमेल बेहतर होगा और आंध्र प्रदेश राज्य को केंद्र सरकार की तरफ से दी जाने वाली सेवाओं की क्षमता और असर में सुधार होगा। 

5.53 एकड़ में बनेगा अकोमोडेशन
आंध्र प्रदेश के नए राजधानी शहर अमरावती में सेंट्रल गवर्नमेंट जनरल पूल ऑफिस अकोमोडेशन (CGGPOA) को 5.53 एकड़ जमीन पर बनाने की योजना है. CGGPOA में दो ब्लॉक हैं। 

एक ब्लॉक प्लॉट C-9 पर है जिसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा 13 मंजिलें हैं (ग्राउंड फ्लोप पर सर्विसेज, तीन मंजिलों पर पोडियम पार्किंग और दस मंजिलों पर ऑफिस स्पेस हैं), और दूसरा ब्लॉक प्लॉट C-8 पर है जिसमें ग्राउंड फ्लोर के अलावा 10 मंजिलें हैं (ग्राउंड फ्लोर पर सर्विसेज, तीन मंजिलों पर पोडियम पार्किंग और सात मंजिलों पर ऑफिस स्पेस हैं).

इस सुविधा को लगभग 8,000 अधिकारियों और स्टाफ सदस्यों के लिए डिजाइन किया गया है. इसमें लगभग 1,800 इक्विवेलेंट कार स्पेस (ECS) के लिए पोडियम पार्किंग की व्यवस्था का प्रस्ताव है. इस प्रोजेक्ट का कुल बिल्ट-अप एरिया 23,25,000 वर्ग फ़ीट (2,16,032 वर्ग मीटर) है। 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हनुमान चालीसा एवं प्रार्थना कार्यक्रम में हुए शामिल

भोपाल, 11 जून। मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav बुधवार को प्रधानमंत्री Narendra Modi के राष्ट्रसेवा के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भोपाल स्थित Gufa Mandir में आयोजित हनुमान चालीसा पाठ एवं विशेष प्रार्थना कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य एवं राष्ट्र के सतत विकास और समृद्धि की कामना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित किए हैं। उन्होंने राष्ट्रहित और जनकल्याण के लिए किए जा रहे कार्यों की निरंतर सफलता की कामना करते हुए सामूहिक प्रार्थना में भाग लिया।

कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा, भक्ति और राष्ट्रसेवा के भाव के साथ संपन्न हुआ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : जनसेवा, सुशासन और विकास का नया अध्याय

लोकतांत्रिक नेतृत्व का ऐतिहासिक कीर्तिमान

आज़ादी के बाद लोकतांत्रिक रूप से सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर सेवा देने का रिकॉर्ड, जो पूर्व प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के नाम था, उसे प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पार कर एक नया इतिहास रचा है। यह उपलब्धि देशवासियों के विश्वास, मजबूत नेतृत्व और निरंतर जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

मजबूत नेतृत्व, सशक्त संगठन

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने देशभर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

प्रमुख उपलब्धियाँ

17 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार।

22 राज्यों में NDA गठबंधन की सरकार।

केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय।

विकास और सुशासन के एजेंडे को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार।

साधारण परिवार से देश के प्रधानसेवक तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन संघर्ष, परिश्रम और समर्पण की प्रेरणादायक कहानी है। एक साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद तक का सफर तय किया और स्वयं को देश के “प्रधानसेवक” के रूप में स्थापित किया।

उनकी प्रेरणादायी यात्रा

साधारण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय नेतृत्व तक का सफर।

जनसेवा को राजनीति का मूल उद्देश्य बनाना।

गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान।

राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की कार्यशैली।

हर वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास और कल्याण को प्राथमिकता दी है।

प्रमुख फोकस  क्षेत्र

गरीब कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा।

महिला सशक्तिकरण।

किसान हित और कृषि विकास।

युवाओं के लिए रोजगार और अवसर।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा का विस्तार।

डिजिटल और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण।

विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी नई पहचान बनाई है। विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर देश तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

विकास के प्रमुख आयाम

विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना का निर्माण।

डिजिटल परिवर्तन और तकनीकी नवाचार।

आर्थिक विकास और निवेश को बढ़ावा।

वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा।

आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन।

मुख्यमंत्री का संदेश

“आज़ादी के बाद लोकतांत्रिक रूप से सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर सेवा देने का रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नाम दर्ज हुआ है। उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी 17 राज्यों में तथा NDA 22 राज्यों में सरकार का नेतृत्व कर रहा है। एक साधारण परिवार से निकलकर देश के प्रधानसेवक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी जी समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और राष्ट्र के विकास के लिए निरंतर समर्पित हैं।”

डॉ मोहन यदव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

कंबोडिया में एक्टिव मिले 36 हजार भारतीय SIM, साइबर ठगी में 5,300 कार्ड के इस्तेमाल का खुलासा

जोधपुर/ लुधियाना

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने कंबोडिया से संचालित एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए राजस्थान और पंजाब में एक साथ छापेमारी की है.  यह कार्रवाई जोधपुर, नागौर, किशनगढ़ (अजमेर) और लुधियाना सहित कुल 7 ठिकानों पर की गई.  जांच में सामने आया है कि यह पूरा नेटवर्क फर्जी और दुरुपयोग किए गए सिम कार्डों के जरिए भारत में साइबर ठगी को अंजाम दे रहा था, जिसमें स्थानीय सिम वेंडरों ने आम लोगों के आधार और पहचान दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल कर हजारों सिम बिना उनकी जानकारी के एक्टिवेट किए। जांच में खुलासा हुआ है कि हजारों भारतीय सिम कार्ड फर्जी तरीके से एक्टिव कर विदेशी नेटवर्क तक पहुंचाए जा रहे थे, जिनका इस्तेमाल भारत में बड़े पैमाने पर साइबर धोखाधड़ी के लिए किया जा रहा था।जांच के दौरान एजेंसी ने करीब 2.3 लाख संदिग्ध मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया। इसमें सामने आया कि लगभग 36 हजार भारतीय सिम कार्ड कंबोडिया में सक्रिय थे।

भारत के लोगों से करते थे ठगी 
जांच में सामने आया कि राजस्थान के सिम विक्रेताओं ने आम लोगों के दस्तावेजों का दुरुपयोग कर करीब 36 हजार फर्जी सिम कार्ड एक्टिवेट किए, जिन्हें मलेशिया के रास्ते कंबोडिया भेजकर देशभर में सैकड़ों करोड़ रुपये की ठगी की जा रही थी. लगभग 2.3 लाख मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया गया, जिनमें कई नंबर साइबर फ्रॉड गतिविधियों में इस्तेमाल होते मिले. यह सिम कार्ड पहले भारत से मलेशिया भेजे जाते थे, और वहां से इन्हें कंबोडिया में बैठे साइबर ठगों तक पहुंचाया जाता था, जहां से भारतीय नागरिकों को कॉल कर ठगी की जाती थी। 

5300 सिम भारत में साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल
इनमें से करीब 5300 सिम कार्ड सीधे तौर पर भारत में साइबर फ्रॉड के मामलों में इस्तेमाल किए गए। जांच एजेंसियों के अनुसार इन नंबरों के जरिए देशभर में सैकड़ों करोड़ रुपए की ठगी को अंजाम दिया गया।ईडी ने यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत जोधपुर साइबर पुलिस थाने में दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की।

5 जून को शुरू हुई इस कार्रवाई के तहत राजस्थान के किशनगढ़, नागौर और जोधपुर के साथ पंजाब के लुधियाना में कुल सात स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया गया।छापेमारी के दौरान ईडी ने बड़ी संख्या में दस्तावेज, डिजिटल साक्ष्य, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 14 मोबाइल फोन जब्त किए हैं।

मलेशियाई नागरिकों के जरिए भेजी जाती थीं सिम
ईडी के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था। सिम विक्रेता टेलीकॉम कंपनियों की पॉइंट ऑफ सेल (पीओएस) आईडी का उपयोग कर लोगों को नया सिम लेने या मोबाइल नंबर पोर्ट कराने के बहाने बुलाते थे।कम पढ़े-लिखे और जागरूकता की कमी वाले लोगों के दस्तावेज लेकर उनके नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड भी सक्रिय कर दिए जाते थे। बाद में इन सिम कार्डों को मलेशियाई नागरिकों के जरिए कंबोडिया भेजा जाता था।

पुलिस अधिकारी बनकर करते थे कॉल  
पूरे रैकेट में ठगी का तरीका बेहद संगठित था, जिसमें फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ करते थे. मनी लॉन्ड्रिंग या ड्रग्स केस में फंसाने की धमकी दी जाती थी, और शेयर बाजार या क्रिप्टो निवेश में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से पैसे ऐंठे जाते थे. कॉल के लिए भारतीय (+91) नंबरों का इस्तेमाल होने से पीड़ित इसे भरोसेमंद समझकर जाल में फंस जाते थे. ठगी की रकम म्यूल बैंक खातों के जरिए हवाला और क्रिप्टो चैनलों से विदेश भेज दी जाती थी। 

मलेशिया के एजेंटों को सप्लाई किया 
जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ POS सिम वेंडरों और एजेंटों की मिलीभगत से यह पूरा नेटवर्क चल रहा था, जिन्होंने टेलीकॉम कंपनियों की आईडी का दुरुपयोग कर अतिरिक्त सिम एक्टिवेट किए और उन्हें कमीशन के बदले मलेशियाई एजेंटों को सप्लाई किया. छापेमारी के दौरान कई बैंक खातों, संदिग्ध दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की पहचान हुई है, जबकि कई चल और अचल संपत्तियां भी जांच के दायरे में आई हैं.  एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क है और मामले में आगे और बड़े खुलासों की संभावना है। 

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