स्लोवाकिया में PM मोदी की यादगार सेल्फी, योग करते बच्चों ने जीत लिया दुनिया का दिल!

योग के रंग में रंगा स्लोवाकिया, बच्चों के बीच PM मोदी और राष्ट्रपति पेलेग्रिनी की खास सेल्फी

स्लोवाकिया में एक यादगार सेल्फी: योग ने जोड़ा युवाओं को

स्लोवाकिया: भारत के प्रधानमंत्री और Peter Pellegrini ने स्लोवाकिया के स्कूली बच्चों द्वारा प्रस्तुत विशेष योग प्रदर्शन का आनंद लिया। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने बच्चों के उत्साह और योग के प्रति उनकी रुचि की सराहना की।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के नजदीक आते ही दुनिया भर में योग के प्रति बढ़ती जागरूकता देखने को मिल रही है। स्लोवाकिया में बच्चों द्वारा किया गया यह योग प्रदर्शन इस बात का उदाहरण है कि नई पीढ़ी स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित हो रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि युवाओं को योग से जुड़ते देखना बेहद सुखद है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विभिन्न देशों और संस्कृतियों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य और कल्याण के साझा उद्देश्य से जोड़ने का कार्य भी कर रहा है।

इस अवसर पर दोनों नेताओं ने बच्चों के साथ यादगार तस्वीरें भी खिंचवाईं, जो भारत और स्लोवाकिया के बीच सांस्कृतिक सहयोग और मित्रता का प्रतीक बनीं।

मुख्य संदेश:

योग आज वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य, संतुलन और एकता का माध्यम बन चुका है, और युवाओं की बढ़ती भागीदारी इसके उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।

नीट परीक्षा को लेकर सीएम मोहन यादव की बड़ी समीक्षा, 30 जिलों में 283 केंद्र तैया

21 जून की नीट परीक्षा पर सख्त निगरानी, सरकार और एनटीए

अलर्ट मोड में

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आगामी 21 जून को आयोजित होने वाली नीट (यूजी) 2026 परीक्षा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। प्रदेश के 30 जिलों में बनाए गए 283 परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने परीक्षा के सुचारु, निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, निगरानी और अभ्यर्थियों की सुविधाओं से जुड़े सभी प्रबंध समय पर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

नीट री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर अस्थायी रोक, एनटीए ने किया स्वागत

इधर, नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले केन्द्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगा दी है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा है कि यह कदम परीक्षा से जुड़ी फर्जी सूचनाओं, कथित पेपर लीक और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर अंकुश लगाने में मदद करेगा। सरकार के अनुसार यह प्रतिबंध 22 जून तक प्रभावी रहेगा तथा परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के उद्देश्य से लगाया गया है।

गौरतलब है कि नीट (यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी, जिसके लिए देशभर में सुरक्षा व्यवस्थाएं कड़ी कर दी गई हैं। एनटीए ने अभ्यर्थियों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।हेडलाइन सुझाव:

40 रुपये के बन-मक्खन के चक्कर में पकड़ा गया नकली IPS, चायवाले पर झाड़ रहा था रौब

40 रुपये के बन-मक्खन के चक्कर में पकड़ा गया नकली IPS, चायवाले पर झाड़ रहा था रौब

लखनऊ के महानगर इलाके से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 40 रुपये के बन-मक्खन का भुगतान करने से बचने के लिए एक शख्स ने खुद को IPS अधिकारी बताकर रौब जमाने की कोशिश की। लेकिन उसकी यह चाल ज्यादा देर नहीं चली और आखिरकार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक, मिथलेश शुक्ला नाम का व्यक्ति महानगर क्षेत्र की एक चाय की दुकान पर पहुंचा। वहां उसने बन-मक्खन खाया और चाय पी। जब भुगतान की बारी आई तो उसने पैसे देने के बजाय खुद को नोएडा में तैनात IPS अधिकारी बताना शुरू कर दिया।

चायवाले ने जब पैसे मांगे तो दोनों के बीच बहस होने लगी। मामला बढ़ता देख चायवाले ने पास की पुलिस चौकी पर मौजूद सिपाहियों को बुला लिया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के सामने भी मिथलेश शुक्ला ने खुद को IPS अधिकारी बताते हुए उन्हें सैल्यूट करने के लिए कहा।

सिपाहियों को उसकी बातों पर शक हुआ। उन्होंने कहा कि यदि वह वास्तव में अधिकारी हैं तो पहचान और पद से जुड़े दस्तावेज दिखाएं। पूछताछ के दौरान उसकी बातों में लगातार विरोधाभास सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने गहन जांच की।

जांच में खुलासा हुआ कि मिथलेश शुक्ला कोई IPS अधिकारी नहीं है और झूठी पहचान बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी।

महज 40 रुपये बचाने के लिए IPS अधिकारी बनने का नाटक करने वाले मिथलेश शुक्ला की यह कहानी अब चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

 

अजय सिंह यादव का कांग्रेस पर निशाना, कहा- हार नहीं, कुर्सी बचाने की लड़ाई में उलझी है पार्टी

अजय सिंह यादव का कांग्रेस पर निशाना, कहा- हार नहीं, कुर्सी बचाने की लड़ाई में उलझी है पार्टी

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस की स्थिति पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की हालिया प्रेस कॉन्फ्रेंस को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि पार्टी के लिए चुनावी हार कोई मुद्दा नहीं है, बल्कि नेताओं के बीच एक-दूसरे की कुर्सी छीनने की होड़ चल रही है।

अजय सिंह यादव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं का लगातार अपमान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अनुभवी नेताओं को न तो अपनी बात रखने का अवसर दिया जा रहा है और न ही संगठन में सम्मानजनक स्थान मिल रहा है। उनके अनुसार, वरिष्ठ नेताओं को हाशिए पर धकेलने की राजनीति कांग्रेस की कार्यशैली को उजागर करती है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस के भीतर वर्चस्व और पद की लड़ाई चरम पर है तथा पार्टी के नेता जनता के मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय एक-दूसरे को कमजोर करने में लगे हुए हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी प्रकार के आंतरिक संघर्ष और नेतृत्व विवादों के कारण जनता कांग्रेस को गंभीरता से नहीं लेती।

अजय सिंह यादव ने कहा कि कांग्रेस को आत्ममंथन करने की आवश्यकता है, लेकिन पार्टी नेतृत्व चुनावी हार के कारणों पर चर्चा करने के बजाय अंदरूनी खींचतान में उलझा हुआ दिखाई दे रहा है।

 

— अजय सिंह यादव, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 1250 बहुमूल्य श्रीराम शिलाओं के रिकॉर्ड पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 1250 बहुमूल्य श्रीराम शिलाओं के रिकॉर्ड पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

अयोध्या: राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा और दान प्रबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक नया दावा सामने आया है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान देश-विदेश से प्राप्त लगभग 1250 बहुमूल्य श्रीराम शिलाओं का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इन दावों की अभी स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दावों के अनुसार, इन शिलाओं में सोने-चांदी तथा रत्नों से अलंकृत शिलाएं भी शामिल थीं। यह भी कहा जा रहा है कि सबसे मूल्यवान शिलाओं में से एक मॉरीशस से प्राप्त हुई थी, जबकि मुंबई के एक व्यापारी द्वारा हीरे जड़ी शिला भेंट किए जाने का दावा किया गया है।

रिकॉर्ड और निगरानी को लेकर सवाल

मामले को लेकर कई प्रश्न उठाए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख सवाल यह हैं कि इन शिलाओं का आधिकारिक रिकॉर्ड कहां है, उनकी जिम्मेदारी किसके पास थी और उनके संरक्षण एवं निगरानी की व्यवस्था किसके अधीन थी।

स्थानीय स्तर पर इस विषय पर चर्चा तेज बताई जा रही है। कुछ लोगों का कहना है कि यदि किसी विशेष जांच दल (SIT) का गठन होता है और उसके जांच दायरे में यह विषय शामिल किया जाता है, तो इन पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

दान राशि प्रबंधन पर भी उठ रहे सवाल

इसी बीच राम मंदिर से जुड़ी दान राशि के प्रबंधन को लेकर भी विभिन्न प्रकार के आरोप और दावे सामने आ रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि दान राशि के उपयोग और लेखा-जोखा में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।

जांच और जवाबदेही की मांग

मामले को लेकर विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और कुछ स्थानीय लोगों द्वारा पारदर्शी जांच की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

वहीं, इस पूरे मामले में अब तक किसी जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए सभी आरोपों और दावों की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप और दावे विभिन्न पक्षों द्वारा लगाए गए हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि या न्यायिक सत्यापन अभी शेष है। निष्पक्ष जांच के निष्कर्ष आने तक किसी भी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

नागपुर में कथित रेप, ब्लैकमेल और जबरन धर्मांतरण का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

नागपुर में कथित रेप, ब्लैकमेल और जबरन धर्मांतरण का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया गया, आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया गया और बाद में कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कराया गया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अय्याज ताज मदारे और अमीन शेख के रूप में हुई है। वहीं, मामले में नामजद एक मौलाना फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पीड़िता के पति भारतीय वायुसेना में अधिकारी हैं और वर्तमान में दूसरे शहर में तैनात हैं।

महिला की शिकायत के मुताबिक, मुख्य आरोपी अय्याज ताज मदारे उसका पुराना परिचित था। दोनों स्कूल में साथ पढ़ चुके थे। आरोप है कि प्लॉट खरीदने के सिलसिले में संपर्क बढ़ने के बाद आरोपी उसे वर्धा रोड स्थित एक होटल में ले गया, जहां कथित तौर पर जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। पीड़िता का आरोप है कि बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया गया और आपत्तिजनक वीडियो बना लिए गए।

शिकायत में कहा गया है कि आरोपी बाद में वीडियो और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर महिला को लगातार ब्लैकमेल करता रहा। आरोप है कि इसी दबाव में उससे लाखों रुपये की उगाही की गई और उसका लगातार यौन शोषण भी किया गया।

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि पिछले महीने उसे नागपुर के पास कामठी क्षेत्र में ले जाया गया, जहां कथित तौर पर तांत्रिक और सम्मोहन जैसी रस्मों के जरिए उसका धर्म परिवर्तन कराया गया और अय्याज के साथ जबरन निकाह पढ़वाया गया। शिकायत में यह आरोप भी शामिल है कि उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध गौमांस खाने के लिए मजबूर किया गया।

पुलिस ने मामले में दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, जबरन धर्मांतरण समेत महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, अनिष्टकारी एवं अघोरी प्रथाओं तथा जादू-टोना विरोधी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

फिलहाल, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और सभी आरोपों की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: इस खबर में शामिल आरोप पीड़िता की शिकायत और पुलिस में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित हैं। आरोपियों का पक्ष सामने आने और जांच पूरी होने के बाद तथ्य बदल सकते हैं।

होर्मुज से आई बड़ी राहत, 34 जहाजों की खेप से किसानों को मिलेगा फायदा; पेट्रोल-LPG आपूर्ति भी रहेगी सुचारु

नई दिल्ली
अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते और होर्मुज स्ट्रेट पर दोहरी नाकेबंदी हटते ही भारत को बड़ी राहत मिली है. कतर से एलएलजी (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) भरकर भारत आ रहा जहाज ‘दिशा’ होर्मुज पार कर चुका है. यह सिर्फ एक जहाज की यात्रा नहीं, बल्कि उन दर्जनों जहाजों के लिए उम्मीद का संकेत है जो पिछले कई महीनों से फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं. इन जहाजों में पेट्रोल-गैस के साथ भारी संख्या में उर्वरकों से लदे जहाज भी शामिल है. ऐसे में अब भारत के करीब 15 करोड़ किसान परिवारों को भी जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। 

भारत सरकार के अनुसार, शिपिंग कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम का एलएनजी कैरियर दिशा 62,370 मीट्रिक टन गैस लेकर भारत की तरफ तेजी से बढ़ रहा है और 18 जून तक इसके दाहेज पोर्ट पर पहुंचने की संभावना है. यह तीन महीने से अधिक समय बाद युद्धग्रस्त क्षेत्र से बाहर निकलने वाला पहला भारतीय ध्वज वाला एनएलजी जहाज है। 

आखिर क्यों खास है ‘दिशा’?
दिशा की सुरक्षित यात्रा इसलिए भी अहम है, क्योंकि इसके पीछे 34 अन्य भारतीय और विदेशी जहाजों की किस्मत जुड़ी हुई है. फारस की खाड़ी में फंसे इन जहाजों में बड़ी संख्या ऐसे पोतों की है, जो भारत के लिए जरूरी ऊर्जा और उर्वरक लेकर आने वाले हैं. दिशा के सुरक्षित निकलने से यह भरोसा बढ़ा है कि बाकी जहाज भी जल्द भारत की ओर रवाना हो सकेंगे। 

किसानों के लिए आ रही गुड न्यूज
जानकारी के मुताबिक फंसे हुए 34 जहाजों में से 16 जहाज फर्टिलाइजर लेकर आ रहे हैं. इनमें से 8 जहाज यूरिया से लदे हैं, 4 जहाजों पर DAP (डाय-अमोनियम फॉस्फेट), 3 जहाज सल्फर और एक जहाज अमोनिया लेकर आ रहा है. इसके अलावा 15 अन्य जहाज कच्चा तेल, एलएनजी और एलपीजी जैसी ऊर्जा सामग्री लेकर चल रहे हैं. यानी इन जहाजों का भारत पहुंचना सिर्फ पेट्रोलियम सेक्टर के लिए नहीं, बल्कि किसानों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है। 

भारत के लिए इतनी अहमियत क्यों रखता है होर्मुज?
भारत अपनी जरूरत का 88 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है और उसका बड़ा हिस्सा पश्चिम एशिया से आता है. इसके अलावा भारत के आयातित एनएलजी का 60 प्रतिशत से ज्यादा और एलपीजी का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरता है. ऐसे में इस समुद्री मार्ग पर किसी भी तरह की बाधा सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा और कीमतों को प्रभावित करती है। 

कब तक खत्म हो सकेगा संकट?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जहाजों की आवाजाही शुरू होना अच्छी खबर है, लेकिन पेट्रोल-गैस संकट खत्म होने में अभी थोड़ा वक्त लगेगा. कतर के रास लाफान एनएलजी परिसर और यूएई के हबशन गैस प्लांट जैसी अहम ऊर्जा सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है. इससे उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है और सामान्य स्थिति बहाल होने में समय लग सकता है। 

भारत के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी क्या है?
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम और होर्मुज को फिर से खोलने पर बनी सहमति के बाद समुद्री व्यापार में भरोसा लौटने लगा है. हालांकि वैश्विक शिपिंग कंपनियां अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं और कई ऑपरेटर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं. फिर भी दिशा का सुरक्षित निकलना इस बात का संकेत माना जा रहा है कि होर्मुज में सामान्य गतिविधियां धीरे-धीरे बहाल हो सकती हैं। 

सबसे बड़ी राहत यह है कि तीन महीने से जकड़ी भारत की एनर्जी और फर्टिलाइजर सप्लाई चेन अब दोबारा से खुलने की उम्मीद जगी है. ‘दिशा’ ने सिर्फ LNG नहीं पहुंचाई, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि होर्मुज के रास्ते फिर से खुल सकते हैं. अगर आने वाले दिनों में बाकी 34 जहाज भी सुरक्षित निकल जाते हैं तो भारत को ईंधन, गैस और खाद की आपूर्ति में बड़ी राहत मिल सकती है। 

जेद्दाह जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस फ्लाइट में तकनीकी खराबी, कन्नूर में करानी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

कन्नूर
 केरल के कन्नूर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जेद्दाह जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक फ़्लाइट में तकनीकी खराबी आने के बाद इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी. टेकऑफ के तुरंत बाद ही इस दिक्कत का पता चला, जिससे एयरक्राफ़्ट एक घंटे से ज़्यादा समय तक हवा में चक्कर लगाता रहा और फिर सुरक्षित रूप से लैंड कर गया. इस तरह पायलट के समय पर दखल देने से एक बड़ी मुसीबत टल गई। 

फ़्लाइट कन्नूर से सुबह 7.30 बजे 150 यात्रियों को लेकर निकली थी. रास्ते में जब एयरक्राफ़्ट मंगलुरु के एयरस्पेस में पहुंचा तो पायलट को तकनीकी दिक्कतें नजर आई. यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए फ़्लाइट को तुरंत कन्नूर वापस डायवर्ट करने का तुरंत फैसला लिया गया। 

पायलट ने एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और इमरजेंसी लैंडिंग की इजाजत मांगी. हालाँकि, सुरक्षित लैंडिंग के लिए एयरक्राफ़्ट का फ़्यूल लेवल कम करना पड़ा. ऐसा करने के लिए फ़्लाइट ने मंगलुरु एयरस्पेस के ऊपर लगभग पंद्रह बार चक्कर लगाए। 

इमरजेंसी में एयरक्राफ्ट को सुरक्षित रूप से लैंड कराने के लिए फ्यूल जलाना एक स्टैंडर्ड तरीका है. पायलट एयरक्राफ्ट का वजन कम करने और सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चत करने के लिए यह तरीका अपनाते हैं. ज़्यादा फ्यूल खत्म करने से बड़ी मुसीबतों को रोकने में मदद मिलती है. इसमें लैंडिंग के समय आग लगने का खतरा भी शामिल है, और यह काम एविएशन नियमों के तहत जरूरी सुरक्षा सावधानियों के मुताबिक है. एक घंटे से ज़्यादा हवा में चक्कर लगाने के अनुभव से यात्रियों में काफी चिंता हो गई। 

फ्यूल लोड को काफी कम करने के बाद फ्लाइट कन्नूर एयरपोर्ट के रनवे पर सुरक्षित रूप से लैंड हो गई. इमरजेंसी लैंडिंग की आशंका को देखते हुए एयरपोर्ट ने फायर फोर्स, एम्बुलेंस और मेडिकल टीमों सहित इमरजेंसी सिस्टम को स्टैंडबाय पर रखा. अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि एयरक्राफ्ट में सवार सभी 150 यात्री और क्रू मेंबर पूरी तरह सुरक्षित उतर गए। 

एयरक्राफ्ट के रनवे पर सुरक्षित रूप से लैंड करने के बाद अधिकारियों और यात्रियों दोनों ने राहत की सांस ली. इसके बाद यात्रियों को टर्मिनल ले जाया गया, जहाँ एयरपोर्ट अधिकारियों ने जरूरी मेडिकल मदद और दूसरी सुविधाओं का इंतजाम किया. यात्रियों का सामान सुरक्षित रूप से निकालने का प्रोसेस भी पूरा कर लिया गया। 

डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन समेत एविएशन अथॉरिटीज, टेक्निकल खराबी की सही वजह का पता लगाने के लिए डिटेल में इंस्पेक्शन करेगी. इंस्पेक्शन के बाद ही यह साफ होगा कि खराबी एयरक्राफ्ट के लैंडिंग गियर में थी या किसी दूसरे टेक्निकल सेक्शन में। 

मेंटेनेंस का काम करने के लिए एक एक्सपर्ट इंजीनियरिंग टीम कन्नूर पहुंच गई है, और खराबी पूरी तरह से ठीक होने के बाद ही एयरक्राफ्ट को अगली सर्विस के लिए क्लियर किया जाएगा. एयर इंडिया एक्सप्रेस खाड़ी देशों और केरल के बीच सर्विस देने वाली बड़ी एयरलाइन्स में से एक है. मालाबार इलाके में बाहर से आए लोगों के लिए बहुत ज़्यादा भरोसेमंद फ्लाइट से जुड़ी ऐसी घटनाओं ने यात्रियों में काफ़ी चिंता पैदा कर दी है। 

हेल्थ मिनिस्ट्री का सख्त आदेश, अब डॉक्टर की पर्ची के बिना नहीं मिलेगी कोई सिरप

नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने दवाओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाया है, स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक अहम नोटिफिकेशन जारी करते हुए साफ कर दिया है कि अब खांसी समेत सभी तरह के सिरप बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगे, यानी अब मेडिकल स्टोर से कोई भी कफ सिरप या अन्य सिरप आधारित दवा खरीदने के लिए पहले डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होगा। 

क्या है नया नियम?
9 जून को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर बताया कि Drugs (5th Amendment) Rules, 2026 लागू कर दिए गए हैं, इसके तहत एक बड़ा बदलाव किया गया है अब ड्रग्स रूल्स, 1945 के शेड्यूल K से “Syrups” को हटा दिया गया है। 

पहले शेड्यूल K के तहत कुछ दवाएं ऐसी थीं जिन्हें बिना डॉक्टर की पर्ची के खरीदा जा सकता था (OTC दवाएं), लेकिन अब इस लिस्ट से सिरप को बाहर कर दिया गया है. अब कफ सिरप समेत सभी तरह के सिरप बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलेंगे।

क्या है नया नियम?
केंद्र सरकार ने 9 जून 2026 को जारी अधिसूचना के जरिए Drugs (Fifth Amendment) Rules, 2026 लागू किए हैं. यह संशोधन Drugs and Cosmetics Act, 1940 की धारा 12 और 33 के तहत किया गया है और आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही प्रभावी हो गया है। 

ड्रग्स रूल्स में क्या बदलाव किया गया?
सरकार ने ड्रग्स रूल्स, 1945 की Schedule K में सूचीबद्ध दवाओं की श्रेणी से “Syrups” शब्द को हटा दिया है. इसके परिणामस्वरूप सिरप अब ओवर-द-काउंटर दवाओं की श्रेणी में नहीं रहेंगे और उनकी बिक्री पर सख्त नियामकीय नियंत्रण लागू होगा। 

अब बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं मिलेगी कफ सिरप
नए नियम के तहत कफ सिरप सहित औषधीय सिरप खरीदने के लिए उपभोक्ताओं को रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर द्वारा जारी प्रिस्क्रिप्शन दिखाना होगा. इससे उन सिरपों की सामान्य खरीद प्रभावित होगी, जिन्हें अब तक लोग सीधे मेडिकल स्टोर से खरीद लेते थे। 

बच्चों की मौत के मामलों के बाद लिया गया फैसला
सरकार का यह कदम ऐसे समय आया है जब मध्य प्रदेश और राजस्थान में दूषित कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौत के मामलों ने दवाओं की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे. इन घटनाओं के बाद सिरप के निर्माण और बिक्री पर कड़े नियंत्रण की मांग तेज हो गई थी। 

जनता से सुझाव लेने के बाद लागू हुआ संशोधन
इस संशोधन का मसौदा 30 दिसंबर 2025 को जारी किया गया था, जिस पर आम जनता से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे. सरकार ने कहा कि प्राप्त सुझावों पर विचार करने के बाद अंतिम संशोधन अधिसूचित किया गया। 

फार्मेसियों को करना होगा नए नियमों का पालन
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के संयुक्त सचिव हर्ष मंगला द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब देशभर की फार्मेसियों को सिरप और संबंधित औषधीय फॉर्मूलेशन की बिक्री के लिए संशोधित नियमों का पालन करना होगा. इसके तहत बिना डॉक्टर की पर्ची के ऐसी दवाएं बेचना संभव नहीं होगा। 

क्यों लिया गया यह फैसला?
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि ये कदम दवाओं के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया गया है. पिछले कुछ समय से कफ सिरप और दूसरी सिरप वाली दवाओं के गलत इस्तेमाल को लेकर चिंता बढ़ रही थी। 

    कई मामलों में ओवरडोज का खतरा
    बिना जरूरत दवा लेना
    बच्चों में गलत डोज
    मिलावटी सिरप से नुकसान

इन सभी समस्याओं को देखते हुए सरकार ने सख्ती बढ़ाई है.
मेडिकल स्टोर के लिए भी सख्त नियम

नए नियम लागू होने के बाद अब मेडिकल स्टोर्स को भी निर्देश दिए गए हैं कि

    बिना डॉक्टर पर्ची के सिरप न बेचें
    नियम तोड़ने पर कार्रवाई हो सकती है

छोटे पैक में ही मिलेगी दवा

सरकार ने एक और बड़ा बदलाव किया है, अब सभी सिरप और लिक्विड दवाएं सिंगल-यूनिट पैक में ही बेची जाएंगी.

    5 ml, 10 ml जैसी छोटी पैकिंग
    एक बार की डोज वाला पैक

यह नियम कब लागू होगा?

1 जनवरी 2027 से पूरे देश में लागू.

पुराने स्टॉक बेचने के लिए कंपनियों को 6 महीने का समय मिल है. ऐसा इसलिए क्योंकि खुली बोतल से ओवरडोज या गलत डोज का खतरा साथ ही मिलावट या खराब होने की संभावना रहती थी।
 
इससे क्या होगा फायदा?

    ओवरडोज का खतरा कम होगा
    बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा बढ़ेगी
    दवा की क्वालिटी बनी रहेगी
    मिलावट और खराब दवा का जोखिम घटेगा

RE-NEET परीक्षा को देखते हुए केंद्र का बड़ा फैसला, टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लागू

नई दिल्ली

National Testing Agency यानी NTA ने भारत में टेलीग्राम (Telegram) प्लेटफॉर्म को लेकर जारी किए गए सरकारी निर्देशों का स्वागत किया है. NTA के अनुसार उसकी सिफारिश पर भारत सरकार ने Telegram के खिलाफ दो अहम निर्देश जारी किए हैं. पहला निर्देश Information Technology Act 2000 की धारा 69A के तहत जारी किया गया है, जिसके तहत भारत में Telegram App पर 22 जून 2026 तक अस्थायी रोक लगाई गई है. दूसरा निर्देश Telegram को भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों के Message Editing Feature को 30 जून 2026 तक बंद करने के लिए दिया गया है. NTA ने कहा कि यह कदम छात्रों के हित में उठाया गया है. फैसला NEET की परीक्षा के मद्देनजर लिया गया है। 

Telegram पर पहला निर्देश
NTA के अनुसार Information Technology Act 2000 की धारा 69A के तहत Telegram प्लेटफॉर्म तक भारत में पहुंच को सीमित करने का निर्देश जारी किया गया है. यह प्रतिबंध 22 जून 2026 तक लागू रहेगा. इस अवधि में NEET UG 2026 Re-Examination का दिन और उसके तुरंत बाद का समय शामिल है। 

Message Editing Feature पर भी निर्देश
सरकार ने Telegram को भारत में पहले से पोस्ट किए गए संदेशों के Message Editing Feature को 30 जून 2026 तक बंद करने का निर्देश दिया है. NTA के अनुसार यह कदम उस विशेष फीचर को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जिसके जरिए राष्ट्रीय परीक्षाओं में घटना के बाद फर्जी Paper Leak के सबूत तैयार किए गए। 

’30 जून तक बंद रहेगा मैसेज एडिटिंग फीचर’
एजेंसी ने आगे कहा, “निर्देश में प्लेटफॉर्म से कहा गया है कि वह भारत में पहले से पोस्ट किए गए मैसेज के लिए ‘मैसेज-एडिटिंग’ फीचर को एक तय समय (30 जून 2026) तक बंद कर दे। यह कदम उस खास फीचर को ध्यान में रखकर उठाया गया है, जिसका इस्तेमाल राष्ट्रीय परीक्षाओं के संबंध में घटना के बाद ‘पेपर लीक’ के सबूत गढ़ने के लिए किया जाता रहा है।”

एनटीए ने छात्रों से की ये अपील
एनटीए ने कहा कि मैसेज एडिट करने पर रोक का मकसद यह था कि यूजर्स पुराने मैसेज में बदलाव करके और ओरिजिनल टाइमस्टैम्प बनाए रखकर पेपर लीक के झूठे सबूत न बना सकें।

एजेंसी ने माना कि इन पाबंदियों से टेलीग्राम के असली यूजर्स को परेशानी होगी, लेकिन कहा कि ये उपाय कुछ समय के लिए ही हैं और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जरूरी हैं। एजेंसी ने फिर से कहा कि NEET-UG 2026 की दोबारा परीक्षा तय समय के अनुसार 21 जून को ही होगी और उम्मीदवारों से अपील की कि वे अपडेट के लिए सिर्फ एनटीए के आधिकारिक चैनलों पर ही भरोसा करें।

एनटीए ने बताया किस वजह से टेलीग्राम पर लगाई गई रोक
एनटीए का मानना है कि परीक्षा से जुड़े प्रश्नपत्रों, अफवाहों, फर्जी सूचनाओं के प्रसार को रोकने में यह फैसला मददगार साबित होगा। एजेंसी ने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। एनटीए के अनुसार, हाल के वर्षों में विभिन्न प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं के दौरान सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से गलत सूचनाओं और परीक्षा सामग्री के कथित प्रसार की घटनाएं सामने आई थीं। ऐसे में एहतियाती कदम के तौर पर यह फैसला लिया गया है। पुनर्परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से एनटीए ने अपील की है कि वे केवल आधिकारिक वेबसाइट और अधिकृत सूचना माध्यमों पर ही भरोसा करें तथा किसी भी अपुष्ट जानकारी या अफवाह से बचें।

टेलीग्राम की संदेश संपादित करने की सुविधा पर 30 जून तक रहेगी रोक
एनटीए द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि इंफोर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट 2000 की धारा 69ए के तहत टेलीग्राम पर अस्थायी रूप से रोक लगाई गई है और यह रोक 22 जून 2026 तक जारी रहेगी। एक अन्य आदेश के तहत टेलीग्राम को भारत में पहले से भेजे गए संदेशों को संपादित (Edit) करने की सुविधा 30 जून 2026 तक बंद करनी होगी। इसका उद्देश्य उस सुविधा का दुरुपयोग रोकना है, जिसके जरिए राष्ट्रीय परीक्षाओं के बाद नकली पेपर लीक के सबूत तैयार किए जाते थे। इन दोनों कदमों का उद्देश्य सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना और उन संगठित गिरोहों पर रोक लगाना है जो NEET (UG) 2026 की पुनः परीक्षा देने वाले छात्रों को धोखा देने के लिए टेलीग्राम का उपयोग कर रहे थे। 

NTA ने क्या कहा
NTA ने कहा कि दोनों कदम Public Order के हित में उठाए गए हैं. NTA के अनुसार NEET UG 2026 Re-Examination में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के साथ धोखाधड़ी करने के लिए संगठित Cheating Rackets द्वारा Telegram प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जा रहा था। 

NTA ने मंत्रालय का जताया आभार
NTA ने Ministry of Electronics and Information Technology का धन्यवाद किया. NTA ने कहा कि छात्रों के हित में उठाया गया यह समय पर लिया गया कदम 21 जून 2026 को NEET UG 2026 Re-Examination को सुरक्षित और संरक्षित तरीके से आयोजित करने में मदद करेगा। 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu