सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन के प्रमुख मंदिरों का होगा कायाकल्प, श्रद्धालुओं को मिलेंगी विश्वस्तरीय सुविधाएं

उज्जैन
 सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन के प्रमुख मंदिरों के कायाकल्प की व्यापक तैयारी शुरू हो गई है। प्रशासन ने सात प्रमुख धार्मिक स्थलों के लिए ऐसा मास्टर प्लान तैयार किया है, जिसका उद्देश्य केवल सुंदरीकरण नहीं बल्कि मंदिरों को आधुनिक सुविधाओं से युक्त व्यवस्थित धार्मिक परिसरों में बदलना है, ताकि श्रद्धालुओं को सहज, सुरक्षित और सुविधाजनक दर्शन व्यवस्था मिल सके।

उल्लेखनीय है कि ज्योतर्लिंग परिसर में महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार वृद्धि हुई है। इसी बढ़ती धार्मिक पर्यटन गतिविधि को देखते हुए उज्जैन के अन्य प्रमुख मंदिरों के विकास की तैयारी की गई है।

इन मंदिरों का होगा कायाकल्प
मध्य प्रदेश सरकार से तैयार इस योजना में महाकाल ज्योतिर्लिंग के अतिरिक्त श्री कालभैरव मंदिर, श्री मंगलनाथ मंदिर, श्री सिद्धवट, श्री अंगारेश्वर मंदिर, श्री सांदीपनि आश्रम, श्री भूखी माता मंदिर और श्री नवग्रह शनि मंदिर को शामिल किया गया है। प्रत्येक मंदिर के आसपास उपलब्ध भूमि, श्रद्धालुओं की संख्या और भविष्य में बढ़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को ध्यान में रखकर अलग-अलग विकास योजनाएं बनाई गई हैं।

ये सुविधाएं होंगी विकसित
योजना का सबसे बड़ा हिस्सा मंदिर परिसरों के विस्तार से जुड़ा है। असल में, कई प्रमुख मंदिरों में वर्तमान में सीमित स्थान होने के कारण पर्व और विशेष अवसरों पर भारी भीड़ से अव्यवस्था की स्थिति बन जाती है। ऐसे में आवश्यकता अतिरिक्त भूमि शामिल कर इन मंदिरों में खुले और बड़े परिसर विकसित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं को लंबी कतारों और अव्यवस्थित भीड़ से राहत देने के लिए प्रवेश और निकास के अलग-अलग मार्ग तैयार किए जाएंगे।

प्रतीक्षा क्षेत्र विकसित किए जाएंगे, ताकि दर्शन व्यवस्था अधिक सुगम और समयबद्ध हो सके। मास्टर प्लान के अनुसार, इन मंदिरों के आसपास बड़े पार्किंग हब और फेसिलिटी सेंटर भी विकसित किए जाएंगे। इनमें शौचालय, पेयजल, प्रसाद केंद्र, विश्राम स्थल और सूचना केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

सुरक्षा पर भी विशेष फोकस
मंदिरों में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को भी योजना का प्रमुख हिस्सा बनाया गया है। मंदिर परिसरों में सीसीटीवी निगरानी, बैरिकेडिंग, नियंत्रण कक्ष और आपातकालीन निकास मार्ग विकसित किए जाएंगे, ताकि सिंहस्थ और बड़े आयोजनों के दौरान भीड़ को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्यों में मंदिरों की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। निर्माण कार्यों में पारंपरिक स्थापत्य और प्राकृतिक स्वरूप को सुरक्षित रखने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

 

रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने वाले कर रहे आस्था की वकालत: सीएम योगी

रामपुर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था व विरासत के अपमान पर विपक्ष पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जो लोग 2017 से पहले कांवड़ यात्रा रोकने, त्योहारों पर बंदिशें लगाने और ‘जय श्रीराम’ बोलने पर लाठी-गोली चलवाते थे, आज वे अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख आस्था की वकालत कर रहे हैं। जो कांग्रेस प्रभु श्रीराम व श्रीकृष्ण के अस्तित्व को ही नकार चुकी थी, वह भी ‘राम सबके हैं’ कहकर अयोध्या जाने के लिए मचल रही है। उन्होंने ऐसे लोगों की तुलना ‘कालनेमी’ के छल-कपट से करते हुए कहा कि जनता इनके झूठ व दोहरे चरित्र को अच्छी तरह समझ चुकी है।

मुख्यमंत्री मंगलवार को रामपुर जनपद के मिलक व बिलासपुर विधानसभा क्षेत्रों की ₹700 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली 102 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास करने के उपरांत जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इंटरमीडिएट/हाईस्कूल परीक्षा 2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र, मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के लाभार्थियों को लैपटॉप और मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थियों को चेक वितरित किए। साथ ही मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के पात्र परिजनों को अनुदान राशि और मुख्यमंत्री सामाजिक विकास में विशेष योगदान देने वाले व्यापारियों का सम्मानित भी किया।

प्रभु श्रीराम जानते हैं कौन सही और कौन बुरा

सीएम योगी ने कहा कि देखिए रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने वाले रामभक्ति की दुहाई दे रहे हैं, वकालत कर रहे हैं। यह रामभक्तों की, आपके वोटबैंक की ताकत है कि ये पार्टियां आपकी पिछलग्गू बन रही हैं। उन्हें अपने पापों, कर्मों पर पश्चाताप भी होता होगा। लेकिन, प्रभु श्रीराम तो जग नियंता हैं, ब्रह्मांड के स्वामी हैं। उन्हें पता है कि कौन सही है और कौन बुरा। दरअसल, सपा-कांग्रेस को चिढ़ यह है कि अयोध्याधाम, काशी-विश्वनाथ धाम, मां विंध्यवासिनी धाम, मथुरा-वृंदावन, प्रयागराज धाम, नैमिषारण्य, शुक्रतीर्थ इतने सुंदर कैसे हो गए। वे इसे रोकना चाहते थे, नहीं कर सके तो चिढ़ गए। कुछ नहीं मिला तो झूठ का सहारा लेकर जनता को गुमराह करने लगे।

कांग्रेस-सपा का शासन अन्याय का प्रतीक
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस व सपा शासनकाल अन्याय व अराजकता का प्रतीक रहा है। 2017 से पहले सपा की निरंकुश सत्ता में रामपुर के गरीबों और बाल्मीकि समुदाय की जमीनों पर जबरन कब्जा किया जाता था और उनकी आवाज को दबा दिया जाता था। विकास केवल सैफई व रामपुर के दो परिवारों तक सीमित था, जबकि बाकी जनता को विकास से वंचित रखा जाता था। बिजली देने में भी ‘पिक एंड चूज’ की नीति अपनाई जाती थी, जिससे सैफई में बिजली आती थी लेकिन पीलीभीत व रामपुर जैसे क्षेत्र अंधेरे में रहते थे। जनता जनार्दन ने इस अन्यायी सत्ता को पलट कर पूरे राज्य में संदेश दिया। डबल इंजन सरकार में ‘पिक एंड चूज’ नहीं होता। बिजली सभी 75 जनपदों में आएगी। जहां भी आवश्यकता थी, इंटर कॉलेज, डिग्री कॉलेज, पॉलिटेक्निक, आईटीआई दिए। अब कोई विकास नहीं रोक सकता, नौजवान के भविष्य से खिलवाड़ नहीं कर सकता, बहन-बेटी का अपमान नहीं कर सकता।
 
वसूली पर निकल पड़ती थी चाचा-भतीजा की जोड़ी
सीएम योगी ने कहा कि सपा शासन में भ्रष्टाचार के चलते उद्योग बंद होते गए। अन्नदाता किसान हताश होकर आत्महत्या के लिए मजबूर हो गया। न तो गरीब कल्याण के लिए कोई योजना थी और न विकास कार्यों के लिए धन। युवाओं के भविष्य से जमकर खिलवाड़ किया गया। अराजकता का यह हाल था कि कोई सरकारी विज्ञापन निकलता था तो ‘चाचा-भतीजा की जोड़ी’ वसूली के लिए निकल पड़ती थी और कोर्ट को भर्तियों पर रोक लगानी पड़ती थी। सपा व कांग्रेस के इन्हीं पापों से यूपी बीमारू बना था।

विरासत और विकास का नया मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामपुर की पावन धरा भगवान बामेश्वर महादेव, श्री पातलेश्वर महादेव, ओम नागेश्वर महादेव, कोसी मंदिर व मां बाला सुंदरी के दिव्य आशीर्वाद से निरंतर लाभान्वित है। सरकार इन पौराणिक व आध्यात्मिक विरासत स्थलों के पुनरुद्धार के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। 2017 से पहले जहां त्योहारों पर रोक लगाई जाती थी। उपद्रव व दंगे होते थे, वहीं आज कांवड़ यात्रा, दुर्गा पूजा, दीपावली, रामनवमी व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी जैसे सभी पर्व पूरी भव्यता व सुरक्षा के साथ मनाए जा रहे हैं। अयोध्या नगरी ब्रॉडगेज डबल रेलवे लाइन, फोर-लेन सड़क मार्ग और महर्षि बाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जुड़कर त्रेतायुग का स्मरण करा रही है।

आर्थिक प्रगति व इंफ्रास्ट्रक्चर का सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश अब ‘बीमारू राज्य’ नहीं रहा, बल्कि यह भारत की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल होकर सबसे तेज गति से बढ़ने वाली इकोनॉमी बन चुका है। प्रदेश आज युवाओं को रोजगार और अन्नदाताओं को अनुदान देने में अग्रणी है। हम खाद्यान्न, दुग्ध, चीनी व एथेनॉल उत्पादन में देश में पहले या दूसरे नंबर पर गिने जाते हैं। ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ योजना के माध्यम से रामपुर के पैच वर्क, जरी वर्क, वायलिन निर्माण व मेंथा उत्पादन जैसे पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक पहचान और युवाओं को नए रोजगार मिले हैं। रामपुर के प्रसिद्ध चाकू का दुरुपयोग समाजवादी पार्टी जनता की जमीनों पर कब्जा करने और उन्हें प्रताड़ित करने में करती थी, लेकिन डबल इंजन सरकार में यही चाकू जनता की सुरक्षा में काम आ रहा है।

रामपुर में चौतरफा विकास

सीएम योगी ने कहा कि गोरखपुर-शामली नया इकोनॉमिक कॉरिडोर रामपुर से होकर गुजरेगा, जो गोरखपुर को सिलीगुड़ी और शामली को पानीपत से जोड़कर क्षेत्र में विकास को और मजबूत करेगा। रामपुर में ढांचागत विकास को गति देते हुए 3 मीटर चौड़ी सड़कों को 7 व 10 मीटर और फोर-लेन में परिवर्तित किया जा रहा है। बिलासपुर की रुद्रविलास चीनी मिल के पुनरुद्धार व विस्तारीकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। सर्वे रिपोर्ट आते ही सरकार वित्तीय राशि जारी करेगी।

सबका साथ-सबका विकास ही मूलमंत्र

 मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मूलमंत्र के साथ डबल इंजन की सरकार तुष्टिकरण के बजाय आमजन के संतुष्टिकरण पर विश्वास करती है। प्रदेश की 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स को राज्य सरकार द्वारा ₹5 लाख का सुरक्षा बीमा कवर प्रदान किया गया है। हर महीने ई-पॉस मशीनों के माध्यम से लखनऊ से सीधे मॉनिटरिंग कर गरीबों को शत-प्रतिशत राशन मिल रहा है। रसोई गैस का सिलेंडर 2017 से पहले सपना था, आज हर गरीब के पास सिलेंडर अपना है। गरीबों को आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख का स्वास्थ्य कार्ड मिला है। कार्ड न होने पर मुख्यमंत्री राहत कोष से उपचार के लिए संपूर्ण राशि दी जा रही है। प्रत्येक तहसील में फायर स्टेशन की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ के तहत बेसिक शिक्षा परिषद् के स्कूलों और ‘प्रोजेक्ट अलंकार’ के माध्यम से इंटर कॉलेजों को भव्य स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।

निवेश प्रस्तावों से मिली उद्योगों को गति

मुख्यमंत्री ने कहा कि विरासत का सम्मान हो या नौजवानों को नौकरी देने का संकल्प, सरकार हर मोर्चे पर प्रतिबद्ध है। सरकारी भर्तियों के नियुक्ति पत्र वितरण में रामपुर के युवाओं का नाम देखकर संतोष मिलता है। पहले जो युवा वंचित थे, आज प्रदेश की सेवाओं में चयनित होकर विकास में भागीदार बन रहे हैं। रामपुर, मिलक, बिलासपुर, स्वार व चमरौआ विधानसभा क्षेत्रों के युवा आज सरकारी नौकरियों और उद्योगों में अवसर पा रहे हैं। निवेश प्रस्तावों से उद्योगों को गति मिली है।

इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, कृषि राज्य मंत्री सरदार बलदेव सिंह औलख, विधायक श्रीमती राजबाला सिंह, आकाश सक्सेना, शफीक अहमद अंसारी, एमएलसी जयपाल सिंह व्यस्त, हरी सिंह ढिल्लो, जिला पंचायत अध्यक्ष ख्यालीराम लोधी, सूर्य प्रकाश पाल, पूर्व सांसद घनश्याम लोधी, पूर्व विधायक शिव बहादुर सक्सेना, भाजपा जिला अध्यक्ष हरीश गंगवार आदि उपस्थित रहे।

इंदौर-उज्जैन के बीच खेती मुकाबला…! खेत में किसान कम, नेता ज्यादा

इंदौर-उज्जैन के बीच खेती मुकाबला…! खेत में किसान कम, नेता ज्यादा

मध्यप्रदेश की राजनीति अब मंचों से निकलकर सीधे खेतों तक पहुंच गई है। अब चुनावी रणनीति सिर्फ सभाओं में नहीं, बल्कि खेतों में भी नजर आने लगी है। किसान अपनी फसल की चिंता में है, जबकि नेता अपनी राजनीतिक फसल को सींचने में जुटे दिखाई दे रहे हैं।

बैतूल जिले के कुकरू गांव में मुख्यमंत्री मोहन यादव एक किसान के खेत पहुंचे। यहां उन्होंने मक्का की बोनी की और किसानों के साथ खेती से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए। समर्थकों ने इसे मुख्यमंत्री के किसान परिवार से जुड़े होने और खेती-किसानी की समझ का उदाहरण बताया।

लेकिन राजनीति में जवाब भी जल्दी आता है।

मुख्यमंत्री की खेती वाली तस्वीरों के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी भी खेत में नजर आए। उन्होंने भी किसानों के बीच पहुंचकर खेती से जुड़ी गतिविधियों में हिस्सा लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों नेताओं की तस्वीरों और वीडियो की तुलना शुरू हो गई।

अब सियासी गलियारों में चर्चा है कि प्रदेश में खेती से ज्यादा खेती की तस्वीरें और वीडियो सुर्खियां बटोर रहे हैं। किसान बारिश, खाद और फसल की चिंता कर रहा है, जबकि नेताओं के खेत दौरे राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बनते जा रहे हैं।

लोग सोशल मीडिया पर मजाक में कह रहे हैं कि कहीं आने वाले दिनों में खेत भी सियासी अखाड़ा न बन जाए, जहां एक ओर मुख्यमंत्री हल चलाते दिखें और दूसरी ओर विपक्ष के नेता फावड़ा संभालते नजर आएं, जबकि जनता पूरे मुकाबले की दर्शक बनी रहे।

हालांकि खेतों में नेताओं की मौजूदगी किसानों के प्रति संवेदनशीलता का संदेश जरूर देती है, लेकिन असली सवाल वही है—क्या इन प्रतीकात्मक तस्वीरों से आगे बढ़कर किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान भी सामने आएगा, या फिर यह मुकाबला केवल कैमरों और सोशल मीडिया तक ही सीमित रहेगा?

राष्ट्रीय शिक्षा नीति से उच्च शिक्षा में भारतीयता का होगा नवोदय: राज्यपाल पटेल

भोपाल 

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारतीय संस्कृति, ज्ञान परंपरा और जीवन मूल्यों को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा में भारतीयता का समावेश विकसित भारत की सुदृढ़ आधारशिला है। भारतीय संस्कृति, संस्कार और प्राचीन ज्ञान परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन से आत्मनिर्भर, संस्कारित और विकसित भारत का निर्माण होगा।

राज्यपाल  पटेल मंगलवार को उज्जैन की कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित महर्षि पाणिनि संस्कृत वैदिक विश्वविद्यालय के छठवें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में पीएचडी की 21 उपाधियों के साथ ही कुल 1 हजार 303 उपाधियां प्रदान की गई। विद्यार्थियों को 16 स्वर्ण पदक, 13 रजत पदक तथा 13 कांस्य पदक, कुल 42 पदक प्रदान किए गए। राज्यपाल  पटेल ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित विभिन्न पुस्तकों का विमोचन किया।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्राचीन काल में शिक्षा का केन्द्र हमारा देश था। विदेशों से अध्ययन के लिए विद्यार्थी आते थे। आज हमारे बच्चे विदेश जा रहे है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा से विकसित भारत @2047 बनाने की पहल की है। विकसित भारत में बच्चों को शिक्षा के लिए विदेश नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों से अपेक्षा है कि संस्कृत की पहचान विश्व में स्थापित करने की दिशा में प्रभावी पहल करें क्योंकि अच्छे संस्कारों के अंकुरण से ही संस्कृति का रक्षण संभव है। आज की पीढ़ी को संस्कृत और परंपराओं के ज्ञान की आवश्यकता बताते हुए कहा कि प्राचीन ज्ञान का बोध संस्कृत के माध्यम से ही संभव हो सकता है। उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा के महान ग्रंथों के अध्ययन के लिए बच्चों को प्रेरित और संस्कारित आचरण की वैज्ञानिकता के बारे में बताने की भी जरूरत बताई है।

राज्यपाल  पटेल ने विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में सफलता के बाद भी अपने माता-पिता को कभी नहीं भूलें, क्योंकि उनकी बदौलत ही हमारा जीवन है। राज्यपाल  पटेल ने माता-पिता के प्रति सम्मान, भारतीय परंपराओं के प्रति आस्था तथा चरित्र निर्माण को जीवन का आधार बताया। उन्होंने कहा कि आज घरों में ‘मातृ छाया’ और ‘पितृ छाया’ लिखा तो होता है, लेकिन घरों में बुजुर्ग माता-पिता नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि अच्छे संस्कारों से ही संस्कृति सुरक्षित रहती है। संस्कृति संरक्षण से ही भारत को विकसित बनाने का स्वप्न साकार होगा।

भारत होगा दुनिया को उर्जा की पूर्ति करने वाला केंद्र

उच्च शिक्षा मंत्री  इंदर सिंह परमार ने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और मान्यताओं को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने प्रकृति की वैज्ञानिकता को समझा था। उदाहरण देते हुए बताया कि सौर मंडल में सूर्य की शक्ति की वैज्ञानिकता का प्रतीक सूर्य देव को प्रणाम करने और अर्ध्य देने की परंपराएं है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया में उर्जा को लेकर विवाद हो रहा है। वर्ष 2047 तक भारत दुनिया की उर्जा पूर्ति का केन्द्र और विश्व गुरु बनेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षा में शामिल करने में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्य है।

समारोह में महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठानम् पुणे के संस्थापक स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज को महामहोपाध्याय (डी.लिट.) और  लालबहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति प्रो. रमेश कुमार पाण्डेय को विद्यावाचस्पति (डी.लिट.)की मानद उपाधि प्रदान की गई।

कार्यक्रम में दीक्षांत भाषण सारस्वत अतिथि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली के कुलपति निवास वरखेड़ी ने दिया। कार्यक्रम को स्वामी गोविंददेव गिरि महाराज ने भी संबोधित किया। कुलगुरु प्रो. शिवशंकर मिश्र ने स्वागत भाषण देते हुए विश्वविद्यालय की उपलब्धियां बताई। समारोह का संचालन डॉ. उपेंद्र भार्गव ने किया और आभार कुल सचिव डॉ. दिलीप सोनी ने माना।

समारोह के प्रारंभ में अकादमिक शोभायात्रा निकाली गई। राष्ट्रगान, विश्वविद्यालय कुलगान का गायन हुआ। राज्यपाल सहित सभी अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।

दीक्षांत समारोह में सांसद  अनिल फिरोजिया, राज्यसभा सांसद बाल योगी संत  उमेश नाथ महाराज, विधायक  अनिल जैन कालूहेडा, कार्य परिषद् के सदस्य  गौरव धाकड़, डॉ. विश्वास व्यास, डॉ. हरीश व्यास, एडवोकेट गीतांजलि चौरसिया, डॉ. केशर सिंह चौहान एवं विश्वविद्यालय के समस्त संकायाध्यक्ष और विद्यार्थी उपस्थित थे।

 

भोपाल मेट्रो के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से करें काम : आयुक्त भोंडवे

भोपाल

भोपाल मेट्रो परियोजना प्रदेश की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसके समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन के लिए सभी विभागों का आपसी समन्वय अत्यंत आवश्यक है। विभागीय स्तर पर लंबित प्रकरणों का त्वरित निराकरण करते हुए आपसी समन्वय के साथ कार्यों में गति लाई जाए जिससे नागरिकों को शीघ्र आधुनिक, सुरक्षित एवं सुगम मेट्रो परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त  संकेत भोंडवे ने मंगलवार को भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के सुचारू संचालन के लिये विभिन्न विभागों के साथ स्टेकहोल्डर्स कोऑर्डिनेशन बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना की सफलता सामूहिक उत्तरदायित्व और अंतर-विभागीय सामंजस्य पर ही निर्भर है।

आयुक्त  भोंडवे द्वारा मेट्रो परियोजना के निर्माण कार्यों की भौतिक प्रगति की विस्तृत समीक्षा और विभिन्न विभागों के मध्य समन्वय से जुड़े विषयों पर चर्चा की गई। विभागीय कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयोजित बैठक में मेट्रो परियोजना से संबंधित बुनियादी अधोसंरचना जैसे सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, जल निकासी तथा ड्रेनेज की सघन सफाई पर विस्तार से चर्चा हुई। वर्षा ऋतु के दृष्टिगत संभावित जलभराव वाले क्षेत्रों में नागरिकों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही परियोजना के मार्ग में आने वाले अतिक्रमणों को हटाने, सीवर एवं पेयजल पाइपलाइन की शिफ्टिंग, विभिन्न उपयोगिता सेवाओं (यूटिलिटी सर्विसेज) के त्वरित स्थानांतरण तथा होर्डिंग्स एवं वृक्षों के वैज्ञानिक विस्थापन जैसे महत्वपूर्ण विषयों की भी गहन समीक्षा की गई। आयुक्त  भोंडवे ने लंबित कार्यों के शीघ्र निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को तत्परता से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जिससे निर्माण कार्य में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो। उन्होंने निर्माण अवधि के दौरान सुगम यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने और विभिन्न एजेंसियों के बीच संवाद को अधिक जीवंत व निरंतर बनाए रखने पर विशेष बल दिया।

बैठक में भोपाल मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) के वरिष्ठ अधिकारियों सहित आयुक्त नगर निगम भोपाल, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग, पुलिस विभाग, विद्युत विभाग, एनएचएआई एवं एमएसएमई विभाग के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

 

पुलिस मुख्यालय परिवार द्वारा 11 सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को दी गई भावभीनी विदाई

भोपाल 

पुलिस मुख्‍यालय की विभिन्‍न शाखाओं से माह जून में सेवानिवृत्‍त 11 कर्मचारियों को पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा ने मंगलवार  को भावभीनी विदाई दी। पुलिस महानिदेशक ने सभी को पौधे एवं स्मृति चिन्ह भेंट किए और उनके स्वस्थ एवं सुखी जीवन की कामना की। सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों को उनके विभिन्‍न स्‍वत्‍व (क्‍लेम) भुगतान के आदेश भी प्रदान किए गये।

नवीन पुलिस मुख्‍यालय भवन कॉन्‍फ्रेंस हॉल में आयोजित विदाई समारोह में विशेष पुलिस महानिदेशक श्री आदर्श कटियार,  श्री पंकज श्रीवास्‍तव,  अतिरिक्‍त पुलिस महानिदेशक सोलोमन यश कुमार मिंज, पुलिस महानिरीक्षक श्री हरिनारायणचारी मिश्र एवं अन्‍य पुलिस अधिकारी, कर्मचारी एवं सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के परिजन उपस्थित थे।

पुलिस मुख्‍यालय से सेवानिवृत्‍त उप पुलिस अधीक्षक अ.अ.वि.  शहनाज खान, निरीक्षक विशेष शाखा श्री प्रकाश नारायण लाम्‍बे, कार्यवाहक निरीक्षक एससीआरबी श्री संतोष कुमार सेन, कार्यवाहक आंकिक/सूबेदार (एम) प्रशिक्षण श्री जुल्फिकार अली खान, आंकिक/सूबेदार (एम) कार्मिक  सुमन अमोली, उप निरीक्षक अ.अ.वि. श्री आनंदीलाल, उप निरीक्षक अ.अ.वि. श्री भानसिंह यादव, उप निरीक्षक एससीआरबी श्री प्रकाश राजपूत, उप निरीक्षक (एम)  अ.अ.वि.  स्मिता दाणी, कार्यवाहक उप निरीक्षक विशेष शाखा श्री राजेन्‍द्र प्रसाद निगम तथा आरक्षक (एम) रा.औ.सु.बल सुश्री सुषमा रैकवार को पुलिस मुख्‍यालय परिवार ने मंगलवार को भावभीनी विदाई दी।

सहायक पुलिस महानिरीक्षक  अंशुमान अग्रवाल ने सेवानिवृत्‍त कर्मचारियों के कार्यकाल की जानकारी दी। विदाई समारोह में मौजूद अधिकारियों ने सेवानिवृत कर्मचारियों की मेहनत और लगन की सराहना की।

 

एक व्यक्ति सिर्फ एक बार ही बने प्रधानमंत्री’ याचिका पर MP हाईकोर्ट सख्त, केंद्र सरकार को नोटिस

इंदौर 

एक व्यक्ति को एक ही बार प्रधानमंत्री बनाया जाए। देश में वन नेशन-वन पोस्ट की व्यवस्था लागू की जाए। इस मांग के साथ हाईकोर्ट में दायर याचिका पर सोमवार को जस्टिस संजीव एन. भट्ट की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने नोटिस जारी कर केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। यह याचिका आलीराजपुर के 70 वर्षीय वकील डॉ. शंकरलाल वागवान ने एमपी हाईकोर्ट इंदौर में दायर की है।

याचिका में एक व्यक्ति को एक ही बार PM बनने का आदेश जारी करने की मांग
याचिका में उन्होंने केंद्रीय चुनाव विभाग, कानून मंत्री और प्रधानमंत्री को पार्टी बनाया है। इसमें भारतीय संविधान के अनुच्छेदों का उल्लेख करते हुए हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि सभी व्यक्तियों को समानता का अधिकार है। ऐसे में सभी को एक बार देश का प्रधानमंत्री और देश का गृहमंत्री बनने का भी अधिकार है। यह तय करने के लिए कोर्ट वन नेशन-वन पोस्ट को लागू करते हुए एक व्यक्ति को केवल एक बार ही देश का प्रधानमंत्री बनने का आदेश जारी करे।

पहले भी लगाई जा चुकी है याचिका
बता दें कि इससे पहले भी इससे पूर्व भी उन्होंने याचिका दायर की थी, लेकिन याचिका में डिफेक्ट दूर करने के निर्देश दिए गए थे। डिफेक्ट दूर नहीं करने के चलते याचिका खारिज कर दी गई थी। उसी याचिका को दोबारा रिस्टोर करने के लिए यह याचिका दायर की गई है।

सोमवार को याचिकाकर्ता ने अपनी मांग कोर्ट के समक्ष रखी। इस पर सुनवाई के बाद कोर्ट ने कानून मंत्रालय और प्रधानमंत्री को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने 3 अगस्त तक का समय दिया है। इसके बाद के सप्ताह में कोर्ट इस मामले की दोबारा सुनवाई करेगी।

क्या भारत में प्रधानमंत्री कार्यकाल की कोई सीमा है?
भारतीय संविधान में प्रधानमंत्री का कार्यकाल तो 5 साल का है, लेकिन एक ही व्यक्ति कितनी बार प्रधानमंत्री बनेगा ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। इसके चलते एक ही व्यक्ति कई बार प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है। दरअसल जब किसी व्यक्ति को जब लोकसभा से लगातार बहुमत से समर्थन मिलता रहे तो वह कितनी भी बार प्रधानमंत्री पद ग्रहण कर सकता है। भारतीय संविधान में केवल प्रधानमंत्री की आयु, संसद की सदस्यता और बहुमत के समर्थन जैसी ही शर्तें रखी गई हैं। यही कारण है कि कई नेता कई बार प्रधानमंत्री पद संभालते रहे हैं।

दुनिया के वो देश जहां भारत जैसी है प्रधानमंत्री कार्यकाल की स्थिति
एक्सपर्ट्स की मानें तो संसदीय लोकतंत्र वाले ज्यादातर देशों में प्रधानमंत्री के कार्यकाल की कोई सीमा तय नहीं है। अगर भारत एक बार एक प्रधानमंत्री जैसी व्यवस्था को लागू करना चाहता है तो इसके लिए संवैधानिक संशोधन सहित व्यापक स्तर पर कानूनी और संसदीय प्रक्रिया की जरूरत पड़ती है। उसके बाद ही यह व्यवस्था लाई जा सकती है।

    ब्रिटेन भी ऐसा ही देश है जहां प्रधानमंत्री की संख्या या कार्यकाल की कोई संवैधानिक सीमा नहीं है।
    कनाडा में भी एक व्यक्ति कितनी भी बार प्रधानमंत्री बन सकता है, बशर्ते की उसे संसद का विश्वास प्राप्त हो।
    आस्ट्रेलिया में भी प्रधानमंत्री के कार्यकाल की कोई सीमा नहीं है।
    जापान भी ऐसा ही देश है जहां प्रधानमंत्री के कार्यकाल की कोई सीमा नहीं है।

फैक्ट फाइल
किसने दायर की याचिका- डॉ. शंकरदयाल वागवान, 70 साल के अधिवक्ता, आलीराजपुर निवासी।
क्या है मांग- इन्होंने हाईकोर्ट में दर्ज याचिका में मांग की है कि देश में किसी भी व्यक्ति को केवल एक ही बार प्रधानमंत्री और एक ही बार गृहमंत्री बनाए जाने का आदेश जारी किया जाए।
पक्षकार- केंद्रीय चुनाव विभाग, कानून मंत्रालय और प्रधानमंत्री
हाईकोर्ट का आदेश- कोर्ट ने नोटिस जारी किया, केंद्र सरकार से 3 अगस्त तक जवाब तलब किया है।
अगली सुनवाई- 3 अगस्त के बाद कोर्ट सुनवाई की तारीख तय करेगा।

तय समय में पूर्ण करें कार्य, ढिलाई बर्दाश्त नहीं : राज्यमंत्री गौर

भोपाल

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने मंगलवार को मंत्रालय में गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही और अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा दोषी एजेंसियों और ठेकेदारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि बावड़िया कला चौराहा (अपोलो सेज अस्पताल) से ऑशिमा मॉल तक प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा इसी माह के अंत तक निर्माण कार्य प्रारंभ होने की संभावना है। इस पर राज्यमंत्री  गौर ने कार्य को गति देने के निर्देश दिए।

उन्होंने बाबूलाल गौर सेतु, बावड़िया में प्रस्तावित मरम्मत एवं लेफ्ट टर्न निर्माण कार्य बारिश के बाद तत्काल प्रारंभ करने को कहा। पिपलानी से खजूरी रोड निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी है तथा नाली निर्माण का कार्य पूरा हो चुका है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए  गौर ने संबंधित ठेकेदार की लापरवाही पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

खेजड़ा बरामद पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य की समीक्षा के दौरान उन्होंने निर्देशित किया कि पहले सड़क निर्माण पूरा किया जाए, उसके बाद पोल शिफ्टिंग एवं विद्युत व्यवस्था से जुड़े कार्य किए जाएं। ग्लोबल स्किल पार्क के समीप पुलिया एवं अतिक्रमण के कारण मार्ग निर्माण बाधित होने पर पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में शीघ्र अतिक्रमण हटाकर निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के निर्देश दिये।

राज्यमंत्री  गौर ने पुलिस थाना बागसेवनिया से एचडीएफसी बैंक तक मार्ग, गुलमोहर से आकृति इको सिटी, अरविंद विहार कॉलोनी मार्ग, बागमुगालिया एक्सटेंशन मार्ग, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी कटारा हिल्स-गायत्री विहार-नंदगांव मार्ग, आदर्श नगर-प्रधान मंडपम-साधना एन्क्लेव मार्ग, कुंजन नगर फेस-1 से बागसेवनिया सीसी नहर रोड, अवधपुरी क्रिस्टल आइडियल गेट तक मार्ग, स्वर्ण जयंती पार्क से गुलमोहर मार्ग, बाबरिया चौराहे से विरासा हाइट्स मार्ग, अयोध्या बायपास से ग्राम कोलुआ करारिया मार्ग, एम्स अस्पताल से डीआरएम पहुंच मार्ग तथा साकेत नगर स्थित सागर पब्लिक स्कूल से 9 बीडीए कॉम्प्लेक्स तक क्षतिग्रस्त मार्ग के निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की भी विस्तृत समीक्षा की।

राज्यमंत्री  गौर ने निर्देश दिए कि जिन कार्यों की स्वीकृति मिल चुकी है, उन्हें तत्काल प्रारंभ किया जाए और प्रगति पर सतत निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि जनसुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी और तय समय-सीमा में कार्य पूर्ण कर जनता को राहत पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता है।

बैठक में लोक निर्माण विभाग, नगर निगम तथा विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

“सेफ क्लिक 2.0” अभियान में जागरूकता के साथ राहत भी दे रही मध्यप्रदेश पुलिस

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा संचालित राज्यव्यापी साइबर जागरूकता अभियान “सेफ क्लिक 2.0” के अंतर्गत प्रदेशभर में जहां नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है, वहीं साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों को त्वरित राहत पहुंचाने की दिशा में भी प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। अभियान के प्रारंभिक दिनों में ही देवास एवं खरगोन पुलिस ने साइबर फ्रॉड पीड़ितों को उनकी ठगी गई राशि वापस दिलाकर आमजन का विश्वास मजबूत किया है।

अभियान के तहत पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी विद्यालयों, महाविद्यालयों, हाट-बाजारों, सार्वजनिक स्थलों तथा पुलिस चौपालों के माध्यम से नागरिकों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं, ऑनलाइन ट्रेडिंग फ्रॉड, मैट्रिमोनियल स्कैम, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड, सोशल मीडिया हैकिंग, क्यूआर कोड फ्रॉड एवं अन्य साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जागरूक कर रहे हैं। साथ ही साइबर अपराध होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 एवं डायल-112 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

देवास जिले में पुलिस अधीक्षक  पुनीत गेहलोद के निर्देशन में अभियान के दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों के 16 साइबर फ्रॉड पीड़ितों की कुल 3 लाख 98 हजार 719 रुपये की राशि वापस कराई गई। शिकायत प्राप्त होते ही थाना स्तर पर पदस्थ साइबर मित्रों एवं जिला साइबर सेल द्वारा एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित बैंकों एवं एजेंसियों से समन्वय स्थापित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप ठगी गई राशि होल्ड कराकर पीड़ितों के खातों में वापस कराई जा सकी।

इसी प्रकार खरगोन जिले में पुलिस अधीक्षक  रविन्द्र वर्मा के निर्देशन में साइबर सेल द्वारा दो अलग-अलग साइबर ठगी प्रकरणों में प्रभावी कार्रवाई करते हुए 74 हजार 956 रुपये की राशि वापस कराई गई। एक प्रकरण में मैट्रिमोनियल वेबसाइट के माध्यम से विदेश से उपहार भेजने का झांसा देकर कस्टम शुल्क के नाम पर ठगी की गई थी, जबकि दूसरे मामले में ऑनलाइन निवेश पर अधिक लाभ का प्रलोभन देकर धोखाधड़ी की गई थी। शिकायत प्राप्त होने पर साइबर सेल ने तत्काल एनसीआरपी पोर्टल पर प्रकरण दर्ज कर संबंधित बैंक खातों को होल्ड कराया तथा आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण कर राशि वापस दिलाई।

दोनों जिलों में की गई इन कार्यवाहियों के माध्यम से कुल 4 लाख 73 हजार 675 रुपये की राशि साइबर ठगी के पीड़ितों को वापस कराई गई है। अपनी मेहनत की कमाई वापस मिलने पर नागरिकों ने मध्यप्रदेश पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया है।

मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग अथवा व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। सोशल मीडिया, मैट्रिमोनियल वेबसाइट, निवेश योजनाओं अथवा अन्य ऑनलाइन माध्यमों से प्राप्त आकर्षक ऑफर एवं अधिक मुनाफे के प्रलोभन से सावधान रहें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930, डायल-112 अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, जिससे समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर राशि सुरक्षित कराई जा सके।

 

कटनी पुलिस की बड़ी उपलब्धि

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा नागरिकों को बेहतर, पारदर्शी, उत्तरदायी एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए किए जा रहे सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप कटनी जिले के 13 पुलिस थाने, 02 अनुविभागीय पुलिस कार्यालय एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालयको अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप कार्यप्रणाली विकसित करने पर आईएसओ (ISO) प्रमाणन प्राप्त हुआ है।जनशिकायतों का निर्धारित समय पर निराकरण, अपराधियों को पकडऩे, थाने के रखरखाव और रिकार्ड कम्प्यूटराइज्ड होने के अंतर्राष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने पर यह प्रमाण पत्र जारी हुआ है। इससे कटनी जिले की प्रदेशभर में अलग ही पहचान बन गई है।

29 जून को आयोजित समारोह में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, जबलपुर जोन  प्रमोद वर्मा, कलेक्टर कटनी  आशीष तिवारी तथा पुलिस अधीक्षक कटनी  अभिनय विश्वकर्मा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में यह प्रमाणन प्रदान किया गया।

अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर परखी गई पुलिस कार्यप्रणाली

आईएसओ प्रमाणन के लिए पुलिस थानों एवं कार्यालयों का मूल्यांकन अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप किया गया। इसमें पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों कीव्यवहार कुशलता, शिकायतकर्ताओं के प्रति संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार, शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण, समयबद्ध एफआईआर पंजीयन, गुणवत्तापूर्ण विवेचना, नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता, महिला एवं पुरुषों के लिए पृथक व्यवस्थाएं, अभिलेखों एवं रजिस्टरों का वैज्ञानिक एवं अद्यतन संधारण, डिजिटल रिकॉर्ड प्रबंधन, जप्ती माल एवं अपराध संबंधी अभिलेखों का व्यवस्थित रख-रखाव, सीसीटीएनएस के माध्यम से सूचना का आदान-प्रदान, ऑनलाइन एफआईआर एवं उसकी समयबद्ध उपलब्धता, शिकायतकर्ताओं को कार्रवाई की नियमित जानकारी, उत्तरदायित्व निर्धारण, पारदर्शिता, स्वच्छ एवं सुरक्षित कार्यस्थल तथा सतत गुणवत्ता सुधार जैसे विभिन्न मानकों का गहन परीक्षण किया गया। इन सभी मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए कटनी पुलिस की पुलिस इकाइयों एवं कार्यालयों ने आईएसओ प्रमाणन प्राप्त किया।

इन्हें मिला आइएसओ प्रमाणन

पुलिस अधीक्षक कार्यालय कटनी, अनुविभागीय अधिकारी पुलिसकार्यालय विजयराघवगढ़ एवं स्लीमनाबाद, थाना कोतवाली, थाना कुठला, थाना माधवनगर, थाना यातायात, थाना एनकेजे, थाना स्लीमनाबाद, थाना उमरिया पान, थाना बहोरीबंद, थाना ढीमरखेड़ा, थाना रीठी, थाना बड़वारा, थाना बरही एवं थाना विजयराघवगढ़ को आईएसओ प्रमाणन प्रदान किया गया।

मध्यप्रदेश पुलिस नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग, आधुनिक प्रबंधन प्रणाली तथा सेवा गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। यह उपलब्धि न केवल कटनी पुलिस, बल्कि संपूर्ण मध्यप्रदेश पुलिस के लिए गौरव का विषय है और जनसेवा की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल पुलिस को अधिक प्रभावी, उत्तरदायी और जनोन्मुखी बनाने के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों के लिए भी एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगी।

 

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