“एक साँप… जो सिर्फ अपनी जान बचाना चाहता था”

“एक साँप… जो सिर्फ अपनी जान बचाना चाहता था”

ज़रा इस दृश्य की कल्पना कीजिए…

एक साँप धीरे-धीरे रास्ता बदलकर जंगल या किसी सुरक्षित जगह की ओर जा रहा था।

उसने किसी का पीछा नहीं किया, किसी पर हमला नहीं किया और न ही किसी को डराने की कोशिश की।

उसकी बस एक ही कोशिश थी—किसी तरह इंसानों से दूर निकल जाए और अपनी जान बचा ले।

लेकिन तभी एक व्यक्ति उसके सामने आ गया।

उसने  बार-बार क्यों उसे जाने देने के बजाय बार-बार लात मारकर, डंडे से डराकर और उसे उसी दिशा में धकेलना शुरू कर दिया जहाँ से वह बचकर निकलना चाहता था।

अब ज़रा खुद से कुछ सवाल पूछिए।

अगर कोई जीव आपसे दूर जाना चाहता है, तो क्या उसे रोकना सही है?

क्या किसी बेजुबान जानवर को सिर्फ मनोरंजन के लिए डराना या परेशान करना इंसानियत कहलाता है?

क्या यही एक सभ्य समाज की पहचान है कि जो कमजोर हो, जो बोल न सके, उसे सताया जाए?

हम अपने बच्चों को क्या सिखा रहे हैं?

क्या हम उन्हें यह सिखाना चाहते हैं कि किसी लाचार जीव को तंग करना बहादुरी है?

या फिर यह कि हर जीव के जीवन का सम्मान करना ही असली संस्कार है?

अक्सर लोग कहते हैं कि जंगल के जानवर खतरनाक होते हैं।

लेकिन सच्चाई यह है कि ज़्यादातर जंगली जानवर इंसानों से बचकर निकलना चाहते हैं।

वे तब आक्रामक हो सकते हैं जब उन्हें लगे कि उनकी जान खतरे में है या उन्हें निकलने का रास्ता नहीं दिया जा रहा।

अब सोचिए…

अगर उस साँप ने डर और दर्द में किसी को काट लिया होता, तो अगले ही पल लोग क्या कहते?

“साँप बहुत खतरनाक था…”

लेकिन शायद ही कोई यह पूछता कि उसे बार-बार उकसाया किसने?

यही तो सबसे बड़ा सवाल है।

कई बार हादसे जानवर नहीं, बल्कि इंसानों की लापरवाही और क्रूरता पैदा करती है।

एक सभ्य समाज की पहचान उसकी ताकत से नहीं होती, बल्कि उसकी संवेदनशीलता से होती है।

सभ्य समाज वह है जहाँ इंसान सिर्फ इंसानों का ही नहीं, बल्कि हर जीव के जीवन का सम्मान करे।

अगर रास्ते में कोई साँप, पक्षी, कुत्ता या कोई भी जंगली जीव दिखाई दे, तो सबसे समझदारी का काम यही है कि उससे सुरक्षित दूरी बनाए रखें और उसे निकल जाने दें। यदि ज़रूरत हो, तो स्थानीय वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।

याद रखिए…

इंसान होने का मतलब सिर्फ बोलना या सोच पाना नहीं है।

इंसान होने का मतलब है—दया, संवेदना और ज़िम्मेदारी।

क्योंकि किसी बेजुबान को दर्द देना कभी बहादुरी नहीं हो सकती।

और आप बताइए—क्या सभ्य समाज में किसी बेबस जीव को इस तरह बार-बार परेशान करना सही है? अपनी राय कमेंट में ज़रूर लिखिए।

भारत के लिए ऐतिहासिक दिन! अब और मजबूत होगी भारतीय वायुसेना

आज भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वड़ोदरा में निर्मित पहले एयरबस C295 सैन्य विमान ने सफलतापूर्वक अपनी पहली उड़ान भर ली है। यह सिर्फ एक विमान की उड़ान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की दिशा में एक बड़ी छलांग है।

इस परियोजना के तहत अब अत्याधुनिक C295 सैन्य परिवहन विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। इससे न केवल भारतीय वायुसेना की क्षमता बढ़ेगी, बल्कि देश में रक्षा विनिर्माण, रोजगार और तकनीकी कौशल को भी मजबूती मिलेगी। लंबे समय में इससे आयात पर निर्भरता कम करने में भी मदद मिलेगी।

अब बात राजनीति की।

राहुल गांधी ने संसद में यह कहा था कि भारत में “मेक इन इंडिया” सफल नहीं हो सकता। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक बहस होती रही है। वहीं, समर्थकों का कहना है कि आज भारत में रक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य क्षेत्रों में हो रहे विनिर्माण विस्तार ऐसे दावों का जवाब हैं।

लेकिन लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है। आपको क्या लगता है? क्या भारत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में सही रास्ते पर है? और क्या इस तरह की उपलब्धियां देश की औद्योगिक नीति की सफलता को दर्शाती हैं?

अपनी राय कमेंट में जरूर बताइए। अगर आपको यह वीडियो पसंद आया हो तो इसे लाइक करें, शेयर करें और ऐसे ही तथ्यात्मक और महत्वपूर्ण अपडेट के लिए हमारे चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें।ध्यान दें कि राहुल गांधी के बारे में “उन्होंने कहा था कि भारत में मेक इन इंडिया हो ही नहीं सकता” जैसी पंक्ति को तथ्यात्मक रूप से उसी संदर्भ में प्रस्तुत करना बेहतर है जिसमें उन्होंने बयान दिया था। यदि आप इसे वीडियो में शामिल कर रहे हैं, तो मूल बयान का सही संदर्भ या उद्धरण देना आपकी सामग्री की विश्वसनीयता बढ़ाएगा।

भोपाल में भू-माफियाओं पर सख्ती, आवासीय परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार: मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

भोपाल में भू-माफियाओं पर सख्ती, आवासीय परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार: मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

भोपाल, 18 जून 2026। सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल शहर और नरेला विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों, आवासीय परियोजनाओं, अतिक्रमण, नागरिक सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा के लिए मंत्रालय में उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में भोपाल कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, नगर निगम कमिश्नर, राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में मंत्री सारंग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन से जुड़े मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से भोपाल को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित और बेहतर नागरिक सुविधाओं वाला शहर बनाने के लिए समन्वित कार्रवाई करने को कहा।

भू-माफियाओं और अवैध निर्माणों पर विशेष अभियान

मंत्री सारंग ने पूरे शहर में भू-माफियाओं, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माणों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर हुए अतिक्रमणों को चिन्हित कर समयबद्ध कार्रवाई की जाए। साथ ही, ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

मोती नगर, रेलवे भूमि और अशोका गार्डन से हटेंगे अतिक्रमण

बैठक में मोती नगर क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मंत्री ने रेलवे और पीडब्ल्यूडी की प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे लाइन और सुभाष नगर क्षेत्र के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आने पर जोर दिया। अशोका गार्डन थाना परिसर के पीछे हुए अवैध कब्जों को हटाने के भी निर्देश दिए गए।

पीएम आवास योजना को मिलेगी नई गति

प्रधानमंत्री आवास योजना एवं ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री सारंग ने निशांतपुरा में पुलिस लाइन विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने रचना नगर, नयापुरा, गैस राहत कॉलोनी, कस्तूरबा नगर और पलासी क्षेत्र में आवासीय परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया तेज करने को कहा। रचना नगर की भूमि को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर नई आवासीय परियोजना विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।

चांदबढ़ की कपड़ा मिल भूमि पर बनेगी नई आवासीय परियोजना

बैठक में चांदबढ़ स्थित कपड़ा मिल की उपलब्ध भूमि पर ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ के अंतर्गत नई आवासीय परियोजना विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को इस दिशा में विस्तृत परीक्षण करने के निर्देश दिए।

मानसून से पहले जर्जर भवनों पर कार्रवाई

आगामी मानसून को देखते हुए मंत्री सारंग ने नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जर्जर भवनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। ऐशबाग स्थित जनता क्वार्टरों के लगभग 600 जर्जर मकानों को खाली कराने और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं गौतम नगर स्थित जर्जर पुलिस आवासों को असुरक्षित घोषित कर वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने नगर निगम, राजस्व विभाग और अन्य एजेंसियों को संयुक्त रूप से प्री-मानसून सर्वे कर जर्जर भवनों, कमजोर संरचनाओं, जलभराव संभावित क्षेत्रों और अन्य जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अन्ना नगर में स्थायी बिजली और सुभाष नगर अस्पताल परियोजना पर जोर

अन्ना नगर में बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने बीएचईएल और ऊर्जा विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर स्थायी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा। वहीं जोन-12 अंतर्गत सुभाष नगर में प्रस्तावित अस्पताल निर्माण की स्वीकृतियों को शीघ्र पूरा कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

गोकुल धाम की समस्या के समाधान के लिए बनेगी कार्ययोजना

नरेला विधानसभा के गोकुल धाम क्षेत्र में अधूरी आवासीय परियोजना से प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए मंत्री सारंग ने अधिकारियों को सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए समग्र एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि वर्षों से लंबित समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

बैठक के अंत में मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि भोपाल को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित और आधुनिक शहर बनाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे, जिससे विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का हल्लाबोल, भोपाल में महिला कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

राज्यसभा नामांकन रद्द होने पर कांग्रेस का हल्लाबोल, भोपाल में महिला कांग्रेस का जोरदार प्रदर्शन

‘लोकतंत्र की आवाज दबाने की कोशिश’— महिला कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, निष्पक्ष कार्रवाई की उठाई मांग

भोपाल। राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त होने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस इस फैसले को लेकर लगातार हमलावर है। इसी कड़ी में शुक्रवार को राजधानी भोपाल स्थित मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय में महिला कांग्रेस ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बुरासी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पहुंचीं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और नामांकन निरस्त किए जाने के फैसले को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। प्रदर्शन में शामिल नेताओं का आरोप था कि यह फैसला केवल एक उम्मीदवार का नामांकन रद्द करने का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है।

महिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता नहीं होगी, तो जनता का भरोसा कमजोर होगा। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस ने साफ संकेत दिए हैं कि वह इस मुद्दे को यहीं नहीं छोड़ेगी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना विरोध जारी रखेगी। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मामला प्रदेश की राजनीति में और अधिक गर्मा सकता है।

भोपाल में हाईटेंशन खंभे पर चढ़ा युवक, मचा हड़कंप; वायरल वीडियो ने खड़े किए कई बड़े सवाल

एमपी नगर स्थित शासकीय प्रेस के सामने हुई घटना, पुलिस ने शुरू किया रेस्क्यू

भोपाल। राजधानी भोपाल के एमपी नगर स्थित शासकीय प्रेस के सामने शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक युवक हाईटेंशन बिजली के खंभे पर चढ़ गया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सूचना मिलते ही एमपी नगर थाना पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची। युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक खंभे पर क्यों चढ़ा और उसने ऐसा कदम किन परिस्थितियों में उठाया।

एक चूक और जा सकती थी जान

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक जिस खंभे पर चढ़ा, वह बेहद संवेदनशील बिजली लाइन का हिस्सा है। ऐसे खंभों पर चढ़ना न केवल अपनी जान को जोखिम में डालना है, बल्कि किसी भी क्षण बड़ा हादसा भी हो सकता है। यदि बिजली आपूर्ति चालू हो या सुरक्षा व्यवस्था में थोड़ी भी चूक हो, तो स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।

बड़े सवाल: आखिर ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों?

यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है—

– क्या संवेदनशील बिजली ढांचों की सुरक्षा पर्याप्त है?

– क्या ऐसे स्थानों पर अनधिकृत लोगों को पहुंचने से रोकने के पर्याप्त इंतजाम हैं?

– क्या मानसिक तनाव, सामाजिक या व्यक्तिगत कारण लोगों को ऐसे खतरनाक कदम उठाने के लिए मजबूर कर रहे हैं?

– क्या समय रहते सुरक्षा और जागरूकता के उपाय किए जा रहे हैं?

प्रशासन के लिए भी चेतावनी

विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली के खंभों और हाईटेंशन लाइनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जानी चाहिए। जहां संभव हो वहां बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, निगरानी और नियमित सुरक्षा जांच की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति आसानी से ऐसे खतरनाक स्थानों तक न पहुंच सके।

जनता भी बरते जिम्मेदारी

ऐसी घटनाओं के दौरान लोगों को भीड़ लगाने या वीडियो बनाने के बजाय तुरंत पुलिस, बिजली विभाग या आपातकालीन सेवाओं को सूचना देनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को स्वयं बचाने या खंभे पर चढ़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे हादसा और बड़ा हो सकता है।

फिलहाल कारणों की जांच जारी

पुलिस का कहना है कि युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की प्राथमिकता है। इसके बाद उससे पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि उसने इतना जोखिम भरा कदम क्यों उठाया। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।

यह घटना केवल एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि सुरक्षा, सतर्कता और सामाजिक जागरूकता की जरूरत का गंभीर संकेत भी है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसे हादसे किसी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकते हैं।

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आरएसएस, कांग्रेस और यूसीसी पर मंत्री विश्वास सारंग का बड़ा बयान

आरएसएस, कांग्रेस और यूसीसी पर मंत्री विश्वास सारंग का बड़ा बयान

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस नेता प्रियांक खड़गे के आरएसएस संबंधी बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि खड़गे की हैसियत आरएसएस पर टिप्पणी करने की नहीं है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कारण देश की एकता और अखंडता मजबूत बनी हुई है तथा करोड़ों स्वयंसेवक राष्ट्र निर्माण के कार्य में समर्पित भाव से जुटे हुए हैं। सारंग ने कहा कि आरएसएस को सत्ता की राजनीति करने वाली कांग्रेस के नेताओं से किसी प्रमाणपत्र की आवश्यकता नहीं है।

NSUI जिला अध्यक्षों को नोटिस पर कांग्रेस पर हमला

एनएसयूआई के 22 जिला अध्यक्षों को नोटिस दिए जाने के मामले में भी मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस नेतृत्व पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि गांधी परिवार कांग्रेस को अपनी निजी जागीर की तरह चला रहा है। सारंग ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के मामले में कांग्रेस ने स्वयं उनका नामांकन निरस्त करवाया, क्योंकि पार्टी को क्रॉस वोटिंग की आशंका थी। उन्होंने कहा कि अब कांग्रेस इस मुद्दे पर राजनीतिक नाटक कर रही है।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस अनुशासन के मामले में पूरी तरह विफल है। भाई-भतीजावाद और नेताओं की परिक्रमा करने वालों को पद देने की संस्कृति के कारण पार्टी कमजोर हुई है। सारंग ने कहा कि छोटे नेताओं को नोटिस देने से कुछ नहीं होगा, यदि कार्रवाई करनी है तो बड़े नेताओं पर करनी चाहिए।

यूसीसी पर सरकार की तैयारी

समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि देश के वर्तमान और सुनहरे भविष्य के लिए यूसीसी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा देश की एकता और अखंडता को मजबूत करने वाले निर्णय लिए हैं और यूसीसी भी उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

सारंग ने दावा किया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार यूसीसी लागू करने की दिशा में पूरी तैयारी कर रही है। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि वह देश की एकता को कमजोर करना चाहती है और हर सकारात्मक निर्णय का विरोध करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि बिना वजह विवाद और सनसनी फैलाना राहुल गांधी की राजनीतिक शैली बन गई है।

परीक्षा व्यवस्था पर भी दिया बयान

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं, ताकि विद्यार्थियों को निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।

महाराणा प्रताप जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा, “महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड” का गठन

महाराणा प्रताप जयंती पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की बड़ी घोषणा, “महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड” का गठन

महाराणा प्रताप जयंती के पावन अवसर पर Mohan Yadav ने प्रदेशवासियों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण पहल की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा “महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड” का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य समाज के कल्याण और विकास के लिए प्रभावी कार्य करना है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि युवाओं को सेना एवं पुलिस भर्ती के लिए बेहतर अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से “पार्थ योजना” संचालित की जा रही है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को व्यवस्थित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे भर्ती प्रक्रियाओं में सफल हो सकें।

इसके अलावा, युवाओं के कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए इंटर्नशिप की व्यवस्था की गई है। साथ ही, इंटर्नशिप के बाद उनके समायोजन और भविष्य की संभावनाओं को मजबूत करने के लिए भी सरकार द्वारा प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “महाराणा प्रताप कल्याण बोर्ड” के गठन, “पार्थ योजना” के माध्यम से सेना-पुलिस भर्ती प्रशिक्षण तथा युवाओं के लिए इंटर्नशिप एवं समायोजन संबंधी पहल की जानकारी दी।

Rahul Gandhi ने कोटा कार्यक्रम के बाद ट्रेन से दिल्ली रवाना होते समय लोगों का किया अभिवादन

Rahul Gandhi ने कोटा कार्यक्रम के बाद ट्रेन से दिल्ली रवाना होते समय लोगों का किया अभिवादन

कोटा में आयोजित कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संबोधित करने के बाद कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi ट्रेन से दिल्ली के लिए रवाना हुए। रेलवे स्टेशन पर मौजूद कार्यकर्ताओं, समर्थकों और आम नागरिकों ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

दिल्ली के लिए प्रस्थान करते समय राहुल गांधी ने ट्रेन से हाथ हिलाकर सभी का अभिवादन स्वीकार किया और उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया। इस दौरान समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में लोग उन्हें विदा करने स्टेशन पहुंचे और उनके समर्थन में नारे लगाए।

कार्यक्रम के बाद यह आत्मीय दृश्य कार्यकर्ताओं और आम जनता के साथ राहुल गांधी के जुड़ाव को दर्शाता है। स्टेशन परिसर में मौजूद लोगों ने उनके प्रति अपना स्नेह और समर्थन व्यक्त किया, जबकि राहुल गांधी ने मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन किया।

कोटा कार्यक्रम के बाद ट्रेन से दिल्ली रवाना होते समय राहुल गांधी ने स्टेशन पर मौजूद समर्थकों और आम नागरिकों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। उत्साह और जोश से भरे इस पल ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

पूर्व मुख्यमंत्री कैलाशनाथ काटजू जी की जयंती पर श्रद्धांजलि

पूर्व मुख्यमंत्री कैलाशनाथ काटजू जी की जयंती पर श्रद्धांजलि

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं प्रख्यात राष्ट्रनेता कैलाशनाथ काटजू जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।

अपने दूरदर्शी नेतृत्व, उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता एवं जनसेवा के प्रति समर्पण से उन्होंने प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री तथा विभिन्न राज्यों के राज्यपाल के रूप में उनकी सेवाएं भारतीय लोकतंत्र और सुशासन की अमूल्य धरोहर हैं।

उनके आदर्श, विचार और राष्ट्रसेवा का भाव हमें सदैव जनहित, लोककल्याण एवं राष्ट्र निर्माण के कार्यों के लिए प्रेरित करता रहेगा।

— डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश सरकार।

नीट परीक्षा के सुचारु एवं पारदर्शी आयोजन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

नीट परीक्षा के सुचारु एवं पारदर्शी आयोजन के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नीट परीक्षा को लेकर मध्यप्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार के संपर्क में है। परीक्षा के निष्पक्ष, पारदर्शी और व्यवस्थित संचालन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि परीक्षार्थियों की सुविधा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। परीक्षा केंद्रों तक उनके सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए व्यापक प्रबंध किए जा रहे हैं। साथ ही आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

राज्य सरकार परीक्षा प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए संबंधित विभागों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सतत समन्वय बनाए हुए है।

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