समाज का मूल आधार है सहकारिता : मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

हस्तशिल्प से आजीविका संवर्धन संगोष्ठी में कढ़ाई एवं जूट शिल्प टूलकिट वितरित, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और Coopcraft पोर्टल का शुभारंभ

भोपाल। सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि समाज का मूल आधार सहकारिता है और सहयोग, समन्वय व सहभागिता के बिना किसी भी कार्य में सफलता संभव नहीं है। वे मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ में आयोजित “हस्तशिल्प से आजीविका संवर्धन” विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य सहकारी संघ द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और टूलकिट के माध्यम से हस्तशिल्प कार्यों को गति मिलेगी, जिससे परिवारों की आय में वृद्धि होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित सीएचसीडीएस योजना के अंतर्गत निर्मित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) का लोकार्पण भी किया गया। प्रारंभिक चरण में यह सुविधा केंद्र इंदौर, भोपाल और नौगांव में स्थापित किए गए हैं।

मंत्री श्री सारंग ने कार्यक्रम में प्रतीक स्वरूप छह महिला प्रतिभागियों — किरण राजपूत, नीलम यादव, आशा मेहरा, कविता रजक, सोनी यादव और महिमा यादव — को कढ़ाई एवं जूट शिल्प टूलकिट वितरित किए।

इस अवसर पर “सहकारिता के नवयुग का शंखनाद” पुस्तिका का विमोचन भी किया गया, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के दौरान मध्यप्रदेश में हुए कार्यों और गतिविधियों का संकलन प्रस्तुत किया गया है। साथ ही “Coopcraft” वाणिज्यिक पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया।

कार्यक्रम को सहकारिता आयुक्त मनोज पुष्प ने भी संबोधित किया। शुरुआत में राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक ऋतुराज रंजन ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में हस्तशिल्प के उप संचालक वैभव यशवंत मोहारे और अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता सहित अनेक अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

100 करोड़ की लागत से तेजी से आकार ले रहा श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर

मंत्री विश्वास सारंग ने किया निरीक्षण, कहा – आस्था, संस्कृति और विकास का बनेगा नया प्रतीक

राजधानी भोपाल के प्राचीन और प्रसिद्ध श्रद्धा केंद्र श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन “श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर” तेजी से आकार ले रहा है। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों को तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। सदियों पुरानी इस आस्था को भव्य स्वरूप देने के उद्देश्य से “विरासत भी और विकास भी” की भावना के साथ हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है।

करीब 21 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस भव्य कॉरिडोर को महाकाल लोक की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। परियोजना में श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था, आकर्षक कॉरिडोर, दर्शक दीर्घा, पार्किंग, सार्वजनिक आयोजनों के लिए आधुनिक अधोसंरचना और सौंदर्यीकरण कार्य शामिल हैं।

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मंदिर परिसर का विकास प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला के अनुरूप किया जा रहा है, जिसमें राजस्थान के व्हाइट मार्बल का उपयोग होगा। साथ ही सुंदरकांड की झलक प्रस्तुत करने वाला आध्यात्मिक और भव्य कॉरिडोर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा।

दशहरा मैदान में भी आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। यहां विशाल मंच, दर्शक दीर्घा, रावण दहन स्थल और सार्वजनिक आयोजनों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार की जाएंगी। परिसर के चारों ओर 15 मीटर चौड़ी कांक्रीट सड़क भी बनाई जा रही है, जिससे यातायात और आवागमन सुगम होगा।

परियोजना के तहत दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं, स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में “श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर” भोपाल की नई पहचान बनकर उभरेगा।

कोयंबटूर की दर्दनाक घटना ने झकझोरा देश, संवेदनशीलता पर उठे सवाल

मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के बाद वायरल प्रेस कॉन्फ्रेंस वीडियो पर जनता नाराज़, समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की जरूरत

तमिलनाडु के के सुलुर क्षेत्र में एक 10 वर्षीय बच्ची के साथ हुई दर्दनाक घटना ने पूरे देश को भावुक और आक्रोशित कर दिया है। इस घटना ने न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

घटना के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ अधिकारी बातचीत के दौरान मुस्कुराते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इसे गंभीर मामले के प्रति असंवेदनशील रवैया बताते हुए नाराज़गी जताई।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि मामले में तेजी से कार्रवाई की गई है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की भाषा, व्यवहार और प्रस्तुति कितनी महत्वपूर्ण होती है।

समाज के लिए क्या है संदेश?

यह घटना केवल एक अपराध की खबर नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है। बच्चों की सुरक्षा केवल कानून या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर परिवार, स्कूल और नागरिक का कर्तव्य है।

  • बच्चों को “गुड टच” और “बैड टच” की जानकारी देना जरूरी है।
  • माता-पिता को बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर लगातार ध्यान देना चाहिए।
  • स्कूलों और समाज में सुरक्षा और जागरूकता को लेकर नियमित अभियान चलाए जाने चाहिए।
  • सोशल मीडिया पर संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदारी और मर्यादा बनाए रखना भी बेहद जरूरी है।

संवेदनशीलता ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी

ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि किसी भी पीड़ित की पहचान और सम्मान की रक्षा करना समाज और मीडिया दोनों की जिम्मेदारी है। जागरूकता फैलाना जरूरी है, लेकिन मानवता और संवेदनशीलता उससे भी ज्यादा जरूरी है।

यह समय केवल गुस्सा जाहिर करने का नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित और जागरूक समाज बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का है।

में तेज रफ्तार कार का कहर, बाइक सवार दंपति को मारी जोरदार टक्कर

हरमाड़ा थाना क्षेत्र में सड़क पार करते समय हुआ हादसा, सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना; कार चालक मौके से फरार

के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार का एक और खतरनाक मामला सामने आया है। लोहा मंडी के पास सड़क पार कर रहे बाइक सवार दंपति को एक तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वंदना कंवर करीब 20 फीट दूर जाकर गिरे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक सवार बिना पूरी तरह ट्रैफिक देखे जल्दबाजी में सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति से आ रही कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दोनों को कई फ्रैक्चर और गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में कार की तेज रफ्तार साफ दिखाई दे रही है। हादसे के तुरंत बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही फरार चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

अमलाहा में बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, हाईवे पर लगाया जाम

सीहोर जिले के अमलाहा में लगातार बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन, सड़क पर उतरे लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ की नारेबाजी

सीहोर जिले के अमलाहा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगाकर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने विभागीय अधिकारियों और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बार-बार बिजली गुल हो रही है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।

हाईवे जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों द्वारा जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ और यातायात बहाल कराया गया।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

डॉ मोहन यदव ने ऐतिहासिक भोजशाला में किए मां वाग्देवी के दर्शन, विधि-विधान से की पूजा-अर्चना

धार जिले स्थित प्राचीन भोजशाला पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और सांस्कृतिक विरासत की उन्नति की कामना करते हुए मां वाग्देवी का पूजन किया।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव  ने आज धार जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर भोजशाला पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली, समृद्धि और शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने भोजशाला की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थल भारतीय संस्कृति, ज्ञान और आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

पूजन-अर्चना के दौरान जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

गंगा दशमी पर जल संरक्षण का संकल्प

प्रदेश के सभी 55 जिलों, तहसीलों, ग्राम पंचायतों एवं गांवों में “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत जनसहभागिता से निरंतर जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य किए जा रहे हैं।

गंगा दशमी के पावन अवसर पर डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया है।

“जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से प्रदेशभर में तालाबों, बावड़ियों, नदियों एवं जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।

यह अभियान केवल जल बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। प्रदेश के नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिल रही है।

आइए, गंगा दशमी के इस पावन पर्व पर हम सभी जल बचाने, प्रकृति संरक्षित करने और स्वच्छ एवं समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प लें।

मध्यप्रदेश बना वक्फ सम्पत्तियों को ऑनलाइन करने वाला देश का पहला राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले — वक्फ सम्पत्तियों को माफियाओं से मुक्त कर उनकी आय छात्रों की स्कॉलरशिप, शिक्षा और समाज के विकास में की जाएगी

मध्यप्रदेश ने वक्फ सम्पत्तियों के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश का पहला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार वक्फ सम्पत्तियों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन कर पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है, जिससे अवैध कब्जों और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वक्फ सम्पत्तियों पर कब्जा जमाने वाले माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार इन सम्पत्तियों को सुरक्षित कर उनकी वास्तविक आय को समाजहित में उपयोग करने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वक्फ सम्पत्तियों से प्राप्त आय को छात्रों की स्कॉलरशिप, शिक्षा और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें और वे शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ सकें।

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य वक्फ सम्पत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाना, समाज के हितों की रक्षा करना और संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। यह पहल न केवल प्रशासनिक सुधार का उदाहरण बनेगी, बल्कि शिक्षा और सामाजिक विकास को भी नई दिशा देगी।

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड शिक्षा के क्षेत्र में कर रहा उल्लेखनीय कार्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा एवं सामाजिक विकास में बोर्ड की भूमिका की सराहना करते हुए अध्यक्ष श्री सनवर पटेल को दी बधाई और शुभकामनाएं

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड शिक्षा के माध्यम से समाज में जागरूकता, प्रगति और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है। उन्होंने बोर्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल समाज के विकास और युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने बोर्ड के अध्यक्ष Sanwar Patel को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इसी तरह जनहित और शिक्षा उन्नयन से जुड़े कार्य निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है और इस दिशा में किए गए प्रयास निश्चित रूप से प्रेरणादायक हैं।

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की ऐतिहासिक पहल: 850 मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा — वक्फ बोर्ड ने आय में वृद्धि के साथ शिक्षा को प्रोत्साहन देते हुए विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा शिक्षा को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छात्रवृत्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के 850 मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरित की गई।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादवने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड ने न केवल अपनी आय में वृद्धि की है, बल्कि समाज के जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने का सराहनीय कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास का सबसे मजबूत माध्यम है और ऐसी योजनाएं विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा प्रदान करती हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह देखने को मिला। छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने इसे अपने शैक्षणिक सफर में महत्वपूर्ण सहयोग बताया। वक्फ बोर्ड का यह प्रयास आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रदेश सरकार लगातार शिक्षा, कौशल विकास और युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है। वक्फ बोर्ड की यह पहल भी इसी दिशा में समाज के उत्थान और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।

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