अमलाहा में बिजली कटौती से भड़के ग्रामीण, हाईवे पर लगाया जाम

सीहोर जिले के अमलाहा में लगातार बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों ने किया जोरदार प्रदर्शन, सड़क पर उतरे लोगों ने प्रशासन और बिजली विभाग के खिलाफ की नारेबाजी

सीहोर जिले के अमलाहा क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती से नाराज ग्रामीणों का गुस्सा सोमवार को सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने हाईवे पर जाम लगाकर बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने विभागीय अधिकारियों और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई दिनों से क्षेत्र में बार-बार बिजली गुल हो रही है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती से लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया।

हाईवे जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया। अधिकारियों द्वारा जल्द समस्या के समाधान का आश्वासन दिए जाने के बाद मामला शांत हुआ और यातायात बहाल कराया गया।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा।

डॉ मोहन यदव ने ऐतिहासिक भोजशाला में किए मां वाग्देवी के दर्शन, विधि-विधान से की पूजा-अर्चना

धार जिले स्थित प्राचीन भोजशाला पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और सांस्कृतिक विरासत की उन्नति की कामना करते हुए मां वाग्देवी का पूजन किया।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव  ने आज धार जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर भोजशाला पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की खुशहाली, समृद्धि और शांति की कामना की।

मुख्यमंत्री ने भोजशाला की ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह स्थल भारतीय संस्कृति, ज्ञान और आस्था का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

पूजन-अर्चना के दौरान जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

गंगा दशमी पर जल संरक्षण का संकल्प

प्रदेश के सभी 55 जिलों, तहसीलों, ग्राम पंचायतों एवं गांवों में “जल गंगा संवर्धन अभियान” के अंतर्गत जनसहभागिता से निरंतर जल संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य किए जा रहे हैं।

गंगा दशमी के पावन अवसर पर डॉक्टर मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संदेश दिया है।

“जल गंगा संवर्धन अभियान” के माध्यम से प्रदेशभर में तालाबों, बावड़ियों, नदियों एवं जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन के कार्य निरंतर किए जा रहे हैं।

यह अभियान केवल जल बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। प्रदेश के नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिल रही है।

आइए, गंगा दशमी के इस पावन पर्व पर हम सभी जल बचाने, प्रकृति संरक्षित करने और स्वच्छ एवं समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण का संकल्प लें।

इबोला वायरस को लेकर भारत में हाई अलर्ट, सरकार ने जारी की एडवाइजरी

नई दिल्ली

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन (WHO) ने डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला फैलने को लेकर अलर्ट जारी किया है. इससे पहले 17 मई को WHO ने बढ़ते इन्फेक्शन और मौतों की संख्या को देखते हुए इसे इंटरनेशनल लेवल की पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया था. यह फैसला इंटरनेशनल हेल्थ रेगुलेशन 2005 के तहत लिया गया था। 

संदिग्ध मामलों और मौतों की संख्या में वृद्धि
आपको बता दें, इबोला एक गंभीर और जानलेवा बीमारी है. कांगो के अधिकारियों ने कहा है कि देश के पूर्वी हिस्से में इबोला (‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेन) के संदिग्ध मामलों की संख्या अब 900 से ज्यादा हो गई है. कांगो के कम्युनिकेशन मंत्रालय ने रविवार को एक पोस्ट में कहा कि 904 संदिग्ध मामले और 119 संदिग्ध मौतें हुई हैं. अधिकारियों ने पहले 700 से ज्यादा संदिग्ध इबोला मामलों और 170 से ज्यादा संदिग्ध मौतों की घोषणा की थी, जिनमें से ज्यादातर इतुरी प्रांत में थीं, जहां यह बीमारी फैली हुई है, जहां यह बीमारी एंडेमिक है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने कहा है कि इस बीमारी के फैलने से अब डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के लिए बहुत ज्यादा खतरा है, लेकिन दुनिया भर में बीमारी फैलने का खतरा कम है. देश में हेल्थ अथॉरिटीज को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि वे इस बीमारी को रोकने की कोशिश कर रहे हैं। 

भारत ने भेजी चिकित्सा सहायता
इस बीच, भारत ने बड़ा दिल दिखाते हुए इबोला से प्रभावित देशों DRC और युगांडा को मदद दी है. डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) और युगांडा में इबोला वायरस के गंभीर प्रकोप के बीच, भारत ने दुनिया भर में एकजुटता दिखाते हुए मानवीय और मेडिकल सहायता दी है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कन्फर्म किया है कि भारत ने ‘अफ्रीका सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन’ (अफ्रीका CDC) को तुरंत मेडिकल सप्लाई और सेफ्टी किट की पहली खेप भेज दी है. स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस रिलीज के अनुसार, इस कंसाइनमेंट में मेडिकल सप्लाई, सेफ्टी किट और फ्रंटलाइन हेल्थ वर्कर्स की सुरक्षा के लिए दूसरे जरूरी इक्विपमेंट शामिल हैं। 

भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी
भारत सरकार द्वारा मदद भेजने के साथ ही, सरकार ने अपने नागरिकों के लिए DRC, युगांडा और साउथ सूडान की गैर-जरूरी यात्रा से बचने के लिए एक एडवाइजरी जारी की है. इसके अलावा, एयरपोर्ट पर इबोला से प्रभावित इलाकों से आने वाले यात्रियों की कड़ी स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। 

देश के सभी राज्यों में हाई अलर्ट
भारत सरकार की इस एडवाइजरी के बाद, देशभर के सभी राज्यों की सरकारें भी अलर्ट मोड में आ गई हैं. पूरे देश में एहतियात के तौर पर अलर्ट जारी किया गया है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के कांगो और युगांडा में इबोला फैलने को पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने के बाद, केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निगरानी और सतर्कता बढ़ाने का निर्देश दिया है. राहत की बात यह है कि अब तक भारत में इबोला का एक भी मामला सामने नहीं आया है. हालांकि, सुरक्षा और सावधानी के तौर पर, सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (खासकर दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट) समेत और बंदरगाहों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 

कांगो, युगांडा और साउथ सूडान (जिन्हें हाई-रिस्क वाले देश माना गया है) से आने वाले यात्रियों के लिए थर्मल स्क्रीनिंग और डिटेल्ड मेडिकल जांच जरूरी कर दी गई है. राजस्थान, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक जैसी कई राज्य सरकारों ने अपने-अपने हेल्थ डिपार्टमेंट को तैयार कर दिया है, इसके अलावा, किसी भी संदिग्ध मामले को संभालने के लिए खास आइसोलेशन वार्ड और अस्पताल (जैसे जयपुर में RUHS अस्पताल) तैयार रखे गए हैं. डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) ने राज्यों को स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOPs) जारी किए हैं, जिसमें यात्रियों को सलाह दी गई है कि अगर उनमें इबोला के कोई भी लक्षण दिखें, तो वे 21 दिनों तक खुद पर नजर रखें। 

इबोला का ‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेन बेहद खतरनाक
इबोला का ‘बुंडीबुग्यो’ स्ट्रेन वास्तव में एक बेहद खतरनाक और जानलेवा वायरस है. इस स्ट्रेन से होने वाली मौतों की दर (केस फैटालिटी रेट) लगभग 30 से 50 प्रतिशत तक होती है, जो इसे अत्यंत घातक बनाती है. जहां इबोला के कुछ अन्य स्ट्रेन (जैसे जायर स्ट्रेन) के लिए टीके और इलाज मौजूद हैं, वहीं बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के लिए फिलहाल कोई भी लाइसेंस्ड टीका या विशिष्ट दवा उपलब्ध नहीं है. यह वायरस किसी इन्फेक्टेड या मरे हुए व्यक्ति के खून, लार, पसीने, उल्टी या शरीर के दूसरे लिक्विड के सीधे संपर्क में आने से फैलता है. इसके लक्षण 21 दिनों के भीतर दिखाई देने शुरू हो सकते हैं. इन लक्षणों में अचानक तेज बुखार आना, थकान, मांसपेशियों में दर्द और सिरदर्द शामिल हैं, जिसके बाद गंभीर उल्टी, दस्त और शरीर के कई अंगों का काम करना बंद कर देना (मल्टी-ऑर्गन फेलियर) जैसी समस्याएं सामने आती हैं. इबोला के बुंडीबुग्यो स्ट्रेन के कारण डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ द कांगो और युगांडा में बड़े पैमाने पर संक्रमण फैला है, जिसके चलते विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) को इसे ‘इंटरनेशनल पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करनी पड़ी। 

NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र से मांगा जवाब; कहा- पिछली गलतियों से नहीं लिया सबक

नई दिल्ली
 सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पहले हुए नीट पेपर लीक (NEET Paper Leak) से कोई सबक नहीं सीखा है. साथ ही, मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम कराने के लिए टेस्टिंग एजेंसी की जगह एक मज़बूत और स्वायत्त निकाय (ऑटोनॉमस बॉडी) बनाने की अर्जी पर केंद्र, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी और सीबीआई से जवाब मांगा है। 

यह मामला जस्टिस पीएस नरसिम्हा और आलोक अराधे की बेंच के सामने आया. बेंच ने निर्देश दिया कि अर्जी की कॉपी सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अलावा दूसरी पार्टियों को भी दी जाए और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी, जो नीट एग्जाम कराने के लिए जिम्मेदार है, से कहा कि वह 2024 में कोर्ट द्वारा जारी निर्देशों के पालन पर गुरुवार तक एक हलफनामा (एफिडेविट) दाखिल करे। 

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने आगे कहा कि, यह दुख की बात है कि, उन्होंने (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) ने अपना सबक नहीं सीखा है. यह मामला पहले भी सुप्रीम कोर्ट के समझ आ चुका है. एक कमेटी, एक मॉनिटरिंग कमेटी थी जिसने कुछ सिफारिशें की थीं और उन्हें मान लिया गया था. हम चाहते हैं कि एनटीए कमेटी द्वारा सुझाई गई सिफारिशों के पालन के लिए उठाए गए कदमों पर एक हलफनामा दाखिल करे। 

बेंच ने फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) की वकील तन्वी दुबे के जरिए फाइल की गई याचिका पर नोटिस जारी किया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह सभी एक जैसे मामलों को एक साथ जोड़ रहा है.

मेडिकल बॉडी ने सुप्रीम कोर्ट से अपील की कि वह नीट यूजी कराने के लिए एनटीए को पुनर्गठन करने या उसकी जगह एक मजबूत और स्वायत्त प्रणाली लाने का निर्देश दे. कोर्ट ने कहा कि बार-बार पेपर लीक होने से 22.7 लाख से ज़्यादा छात्रों के मौलिक अधिकारों पर सीधा हमला हो रहा है। 

मेडिकल एजुकेशन प्रोग्राम्स में एडमिशन के लिए एनटीए ने 3 मई को जो अंडरग्रेजुएट स्तर का नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) लिया था, उसे 12 मई को पेपर लीक के आरोपों के बीच रद्द कर दिया गया था, जिसकी अब सीबीआई जांच कर रही है। 

मध्यप्रदेश बना वक्फ सम्पत्तियों को ऑनलाइन करने वाला देश का पहला राज्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले — वक्फ सम्पत्तियों को माफियाओं से मुक्त कर उनकी आय छात्रों की स्कॉलरशिप, शिक्षा और समाज के विकास में की जाएगी

मध्यप्रदेश ने वक्फ सम्पत्तियों के डिजिटलीकरण की दिशा में बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश का पहला राज्य बनने का गौरव प्राप्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार वक्फ सम्पत्तियों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन कर पारदर्शिता सुनिश्चित कर रही है, जिससे अवैध कब्जों और भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वक्फ सम्पत्तियों पर कब्जा जमाने वाले माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार इन सम्पत्तियों को सुरक्षित कर उनकी वास्तविक आय को समाजहित में उपयोग करने की योजना पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वक्फ सम्पत्तियों से प्राप्त आय को छात्रों की स्कॉलरशिप, शिक्षा और जरूरतमंदों के कल्याण के लिए इस्तेमाल किया जाएगा, ताकि युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें और वे शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ सकें।

डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार का उद्देश्य वक्फ सम्पत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता लाना, समाज के हितों की रक्षा करना और संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। यह पहल न केवल प्रशासनिक सुधार का उदाहरण बनेगी, बल्कि शिक्षा और सामाजिक विकास को भी नई दिशा देगी।

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड शिक्षा के क्षेत्र में कर रहा उल्लेखनीय कार्य

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षा एवं सामाजिक विकास में बोर्ड की भूमिका की सराहना करते हुए अध्यक्ष श्री सनवर पटेल को दी बधाई और शुभकामनाएं

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों को लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav ने प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड शिक्षा के माध्यम से समाज में जागरूकता, प्रगति और बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास कर रहा है। उन्होंने बोर्ड द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में यह पहल समाज के विकास और युवाओं के भविष्य को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने बोर्ड के अध्यक्ष Sanwar Patel को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी इसी तरह जनहित और शिक्षा उन्नयन से जुड़े कार्य निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे। उन्होंने कहा कि शिक्षा समाज में सकारात्मक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम है और इस दिशा में किए गए प्रयास निश्चित रूप से प्रेरणादायक हैं।

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की ऐतिहासिक पहल: 850 मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा — वक्फ बोर्ड ने आय में वृद्धि के साथ शिक्षा को प्रोत्साहन देते हुए विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा शिक्षा को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छात्रवृत्ति कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश के 850 मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरित की गई।

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादवने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि वक्फ बोर्ड ने न केवल अपनी आय में वृद्धि की है, बल्कि समाज के जरूरतमंद एवं प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने का सराहनीय कार्य भी किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास का सबसे मजबूत माध्यम है और ऐसी योजनाएं विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा प्रदान करती हैं।

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों और अभिभावकों में उत्साह देखने को मिला। छात्रवृत्ति प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों ने इसे अपने शैक्षणिक सफर में महत्वपूर्ण सहयोग बताया। वक्फ बोर्ड का यह प्रयास आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्रदेश सरकार लगातार शिक्षा, कौशल विकास और युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में विभिन्न योजनाओं के माध्यम से कार्य कर रही है। वक्फ बोर्ड की यह पहल भी इसी दिशा में समाज के उत्थान और विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी।

मेरे लिए वोट देने वालों की हत्या हुई, शुभेंदु अधिकारी की चेतावनी से बंगाल की राजनीति गरमाई

कलकत्ता
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भारतीय जनता पार्टी के नेताओं पर हुए हमलों को लेकर ऐक्शन मोड में हैं। उन्होंने चेतावनी दे दी है कि 2021 चुनाव के बाद हुए कथित हमलों की कानूनी जांच की जाएगी। साथ ही उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को भी कानून हाथ में नहीं लेने की हिदायत दी है। खास बात है कि 2026 विधानसभा चुनाव में जीत के बाद अधिकारी पहली बार रविवार को नंदीग्राम पहुंचे थे।

हमलों का रखा है रिकॉर्ड
नंदीग्राम में अधिकारी ने कहा कि भाजपा ने उसके कार्यकर्ताओं पर हुए तृणमूल कांग्रेस के कथित हमलों का रिकॉर्ड रखा है। उन्होंने कहा, ‘2021 विधानसभा चुनावों के बाद कई भाजपा कार्यकर्ताओं के घरों को तोड़ा गया और कई पार्टी समर्थकों को मारा गया। सभी का हिसाब रखा गया है और सभी को कानूनी न्याय मिलेगा।’

उन्होंने कहा, ‘अगर आप चाहें, तो तृणमूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के घरों की ईंटें खींच लें, लेकिन ऐसा कभी नहीं करना। भाजपा ऐसे कामों को बढ़ावा नहीं देती है। मुझे सब याद है और मैं किसी भी बात को नहीं छोड़ूंगा।’ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने कहा, ‘मेरे लिए वोट करने में कई लोग मारे गए हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मैंने पूरा रिकॉर्ड रखा है। भरोसा कीजिए, मैं नंदीग्राम का कर्ज चुकाऊंगा।’

नंदीग्राम से वादा
रविवार को नंदीग्राम में आयोजित रैली में, अधिकारी ने विधायक पद से अपने इस्तीफे को लेकर समर्थकों के बीच फैली चिंताओं को दूर करने की कोशिश की और इस बात पर जोर दिया कि सीट छोड़ने से इस क्षेत्र से उनका जुड़ाव कमजोर नहीं होगा। नंदीग्राम को अपना ‘घर’ और अपने राजनीतिक उत्थान की जन्मस्थली बताते हुए अधिकारी ने कहा कि 2003 से संघर्ष के दौरान बना उनका रिश्ता भवानीपुर जाने के बावजूद पहले की तरह कायम रहेगा।

अधिकारी ने 2026 के विधानसभा चुनावों में नंदीग्राम और भवानीपुर दोनों सीटों से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की थी। जीत के बाद उन्होंने नंदीग्राम सीट खाली कर दी। इससे पहले 2021 में भी नंदीग्राम में उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी को मामलू अंतर से हरा दिया। हालांकि, 2026 में उन्होंने बनर्जी के सामने ही 15 हजार से ज्यादा मतों से जीत दर्ज की है।

छोटे भाई को दी जिम्मेदारी
खास बात है कि सीएम अधिकारी ने नंदीग्राम की जिम्मेदारी छोटे भाई सोमेंदु अधिकारी को दी है। उन्होंने कहा, ‘फिलहाल मेरे ऊपर पूरे राज्य की ज़िम्मेदारी है। सरकार चलाने के काम के दबाव के कारण मैंने सोमेंदु अधिकारी को यह खास जिम्मेदारी सौंपी है। नंदीग्राम में पंचायत, प्रशासन और जनता की सेवा से जुड़े मामलों में पांच विधायक उनकी मदद करेंगे।’

नौतपा की शुरुआत के साथ बढ़ेगी तपिश! यूपी-हरियाणा में 48°C तक पहुंच सकता है तापमान

नई दिल्ली

आज यानी 25 मई से नौतपाक की शुरुआत हो गई है। यह 2 जून तक जारी रहेगा। यानी इन 9 दिनों में भयंकर गर्मी पड़ने वाली है। हिंदू पंचांग के मुताबिक ये ऐसे 9 दिन होते हैं जिनमें सूर्य पृथ्वी के सबसे करीब होते हैं और ऐसे में तेज धूप के साथ ही गर्म हवाएं गर्मी को चरम पर पहुंचा देती हैं। अगर ज्योतिषीय गणना की बात करें तो रोहिणी नक्षत्र लगते ही नौतपा की शुरुआत हो जाती है। मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर और पश्चिम भारत के कई इलाकों में अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। वहीं 28 से 30 मई के बीच तेज आंधी की भी चेतावनी जारी की गई है।

कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम
राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ रही है। रविवार को यहां अधिकतम तापमान 46 डिग्री तक पहुंच गया। मौसम विभाग का कहना है कि 28 मई तक अभी गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। इसके बाद बारिश से तापमान में 6 से 7 डिग्री सेल्सियस की कमी आ सकती है। वहीं 25 मई को बादल छाने की संभावना है। हालांकि गर्मी से राहत की संभावना कम ही है।

यहां भयंकर लू का अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार बिहार, झारखंड और ओडिशा में मौसम करवट ले सकता है। यहां मध्यम बारिश की संभावना है। ओडिशा और झारखंड में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में भयंकर गर्मी का प्रकोप बना रहेगा। दिल्ली, पंजाब और हरियाणा के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश में तापमान 47 से 48 डिग्री तक जा सकता है। राजस्थान के कई इलाकों में तापमान 48 डिग्री तक जाने की संभावना है।

कहां है बारिश का अनुमान
आईएमडी के मुताबिक पूर्वोत्तर के राज्यों असम, मेघायलय, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा और अरुणाचल प्रदेश में बारिश हो सकती है। अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा हवाओं की स्पीड भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक जा सकती है। बंगाल और सिक्किम में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

दक्षिण के राज्यों में बारिश
दक्षिण के राज्यों में बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और कर्नाटक के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके अलावा हवाओं की गति 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा रह सकती है। आंध्र प्रदेश के रायलसीमा और तेलंगाना में भी बादल छाए रहेंगे और कई जगहों पर बारिश हो सकती है।

महाराष्ट्र में 47.2 डिग्री तक पहुंचा पारा
कई राज्यों में रविवार को भीषण गर्मी पड़ी जिनमें से महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र का ब्रह्मपुरी 47.2 डिग्री सेल्सियस के साथ देश का सबसे गर्म स्थान रहा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने यह जानकारी दी। हालांकि, मौसम विभाग ने 29 मई से गर्मी से धीरे-धीरे राहत मिलने का अनुमान लगाया है। आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कहा, ”अगले सात दिनों तक मध्य और उत्तर-पश्चिम भारत में तथा अगले 3-5 दिनों तक पूर्वी और उससे सटे प्रायद्वीपीय भारत में लू से लेकर भीषण लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है।”

पश्चिमी विक्षोभ दिलाएगा राहत
मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 28-29 मई को एक नए पश्चिमी विक्षोभ से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है, जिसके चलते राज्य के कुछ हिस्सों में तेज आंधी, 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। उत्तर प्रदेश में, राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.4 डिग्री अधिक है, और न्यूनतम तापमान 28.7 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.2 डिग्री अधिक है। बांदा राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जहां तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 3.3 डिग्री अधिक है।

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