आ गई खुशखबरी! भारत में मानसून की धमाकेदार एंट्री, जानिए यूपी-बिहार में कब देगा दस्तक

तिरुवनन्तपुरम
झुलसाती गर्मी, तपती सड़कें और उमस भरी हवाओं के बीच आखिरकार वह खबर आ गई जिसका पूरे देश को इंतजार था. दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में आधिकारिक तौर पर दस्तक दे दी है. इसके साथ ही भारत में बारिश के सबसे बड़े मौसम की शुरुआत हो चुकी है. मौसम विभाग (IMD) की घोषणा के बाद केरल के कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई है और आसमान में घने बादलों ने गर्मी की तपिश को काफी हद तक कम कर दिया है. हर साल की तरह इस बार भी मानसून की एंट्री सिर्फ मौसम की खबर नहीं है, बल्कि करोड़ों किसानों, व्यापारियों और आम लोगों के लिए राहत और उम्मीद का संकेत है. खेतों से लेकर शहरों तक अब नजरें बारिश के अगले दौर पर टिक गई हैं. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और देश के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लेगा. ऐसे में अब छाता और रेनकोट निकालने का वक्त आ गया है। 

IMD ने गुरुवार को पुष्टि की कि दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में आधिकारिक रूप से प्रवेश कर लिया है. इसके साथ ही लक्षद्वीप और तटीय इलाकों में भी बारिश की गतिविधियां तेज हो गई हैं. मौसम विभाग ने 4 जून से 9 जून के बीच केरल में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है. कई जगहों पर 7 सेंटीमीटर से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है. IMD के मुताबिक, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, पथानामथिट्टा, अलाप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिशूर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. विभाग ने कहा है कि इन इलाकों में तेज बारिश के साथ जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है। 

मानसून की एंट्री के साथ बदला मौसम का मिजाज
    केरल में मानसून की एंट्री के बाद मौसम पूरी तरह बदल गया है. कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में उत्तर केरल के कोझिकोड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड जिलों में भी भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है. जैसे-जैसे मानसून मजबूत होगा, वैसे-वैसे बारिश का दायरा बढ़ता जाएगा। 

    IMD ने अपने बयान में कहा कि ‘दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल में प्रवेश कर चुका है और अगले कुछ दिनों में इसके तेजी से आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं.’ विभाग के मुताबिक, अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में भी मानसून सक्रिय हो रहा है। 

    मानसून की यह शुरुआत देश की अर्थव्यवस्था के लिए भी बेहद अहम मानी जाती है. भारत की लगभग आधी आबादी किसी न किसी रूप में खेती पर निर्भर है. कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश की करीब 51 प्रतिशत खेती बारिश पर आधारित है. ऐसे में मानसून अच्छा रहने का मतलब है बेहतर फसल, मजबूत ग्रामीण अर्थव्यवस्था और बाजार में सकारात्मक असर। 

    पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार थोड़ी धीमी मानी जा रही थी. मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी प्रशांत महासागर में विकसित हो रहे एक टाइफून और लक्षद्वीप के पास बने चक्रवाती परिसंचरण की वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी खिंच गई थी. इसी कारण मानसून की शुरुआती प्रगति कमजोर पड़ी. हालांकि अब परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हो चुकी हैं और मानसून तेजी पकड़ रहा है। 

UP-बिहार में कब आएगा मानसून?
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार बिहार में दक्षिण-पश्चिम मानसून की दस्तक 12 से 15 जून के बीच हो सकती है, हालांकि राज्य के कुछ इलाकों में यह थोड़ा पहले भी पहुंच सकता है. मानसून के पूरे बिहार में सक्रिय होने में इसके बाद करीब 2 से 3 दिन का समय लग सकता है. वहीं उत्तर प्रदेश में मानसून चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ेगा। 

 पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून 15 से 20 जून के बीच पहुंचने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसकी एंट्री 20 से 25 जून तक हो सकती है. मानसून के पहुंचने के साथ दोनों राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज होने और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। 

कई राज्यों में आंधी-तूफान और तेज बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने सिर्फ केरल ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों के लिए भी अलर्ट जारी किया है. IMD के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वी और दक्षिण भारत के कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कई जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। 

विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के आगे बढ़ने के साथ दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु और पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। 

मौसम विभाग ने सिर्फ केरल ही नहीं बल्कि देश के कई हिस्सों के लिए भी अलर्ट जारी किया है। 

किसानों और आम लोगों के लिए क्यों अहम है मानसून?
भारत में मानसून सिर्फ मौसम नहीं बल्कि अर्थव्यवस्था की धड़कन माना जाता है. अच्छी बारिश होने पर खेती बेहतर होती है, जलाशयों में पानी भरता है और बिजली उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ता है. ग्रामीण बाजारों में मांग बढ़ती है और इसका असर पूरे आर्थिक ढांचे पर दिखाई देता है। 

यही वजह है कि हर साल मानसून की एंट्री पर पूरे देश की नजर रहती है. इस बार भी मानसून की शुरुआत को राहत भरी खबर माना जा रहा है. हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की भी सलाह दी है क्योंकि भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव और भूस्खलन जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। 

आने वाले दिनों में तेजी से आगे बढ़ेगा मानसून
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अब मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा और जुलाई के मध्य तक देश के ज्यादातर हिस्सों को कवर कर लेगा. अगले कुछ दिनों में कर्नाटक, तमिलनाडु, गोवा और महाराष्ट्र के कई इलाकों में भी तेज बारिश शुरू हो सकती है. फिलहाल केरल में मानसून की धमाकेदार एंट्री ने गर्मी से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी है. अब पूरे देश की नजर इस बात पर है कि मानसून की रफ्तार आगे कैसी रहती है। 

देश के पहले CM बने डॉ. मोहन यादव, काफिले में शामिल की इलेक्ट्रिक कार; दिया विकसित भारत और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक नई पहल करते हुए अपने आधिकारिक काफिले में इलेक्ट्रिक वाहन (EV) शामिल कर देशभर में मिसाल पेश की है। इसके साथ ही वे ऐसे पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं, जिन्होंने अपने काफिले में इलेक्ट्रिक कार को जगह दी है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता और पर्यावरण संरक्षण की सोच को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री के काफिले में अब महिंद्रा की XEV 9e इलेक्ट्रिक कार शामिल हो गई है। कंपनी के अनुसार यह कार एक बार फुल चार्ज होने पर लगभग 500 किलोमीटर तक का सफर तय कर सकती है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 3 जून को इस नई इलेक्ट्रिक कार से मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर तक यात्रा की।

इस कार का पंजीयन नंबर MP-02-VB-2047 है। ‘VB’ को ‘विकसित भारत’ और ‘2047’ को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। आधुनिक तकनीक से लैस इस इलेक्ट्रिक कार में 360 डिग्री कैमरा समेत कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वच्छ और हरित भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है

पर्यावरण और सौर ऊर्जा पर विशेष फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा को लेकर लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। वे विभिन्न योजनाओं और अभियानों के माध्यम से हरित विकास को बढ़ावा देने का प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने जैव विविधता संरक्षण के तहत विभिन्न क्षेत्रों में गिद्धों और मगरमच्छों को छोड़े जाने की पहल भी की थी। उनका मानना है कि पर्यावरण संरक्षण के बिना विकास की कल्पना अधूरी है।

सादगी और मितव्ययता की लगातार मिसाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने कार्यकाल में सादगी और मितव्ययता को प्राथमिकता देते रहे हैं। हाल ही में इंदौर दौरे के दौरान उन्होंने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ टेम्पो ट्रैवलर बस में सफर किया था। वहीं सिंगरौली दौरे में भी वे टूरिस्ट बस से कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री काफिले में शामिल वाहनों की संख्या भी कम कर दी है।

मुख्यमंत्री की यह नई पहल न केवल इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और विकसित भारत के संकल्प का भी मजबूत संदेश देती है।

सिलीगुड़ी में ममता बनर्जी के खिलाफ FIR दर्ज, भड़काऊ भाषण देने का आरोप

सिलीगुड़ी 

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। कोलकाता में एक विरोध प्रदर्शन के दौरान बांग्लादेश के एक हाई-प्रोफाइल हत्याकांड में केंद्रीय गृह मंत्रालय और गृह मंत्री अमित शाह का नाम घसीटने पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह शिकायत सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एक वकील द्वारा दर्ज कराई गई है।

क्या है पूरा मामला और ममता बनर्जी का दावा?
यह विवाद 2 जून 2026 को कोलकाता के धर्मतला (Y-चैनल) में टीएमसी के एक धरना प्रदर्शन के दौरान शुरू हुआ। अपने भाषण में ममता बनर्जी ने दावा किया कि उन्हें बांग्लादेश में हुई एक ‘बड़ी हत्या’ के पीछे की पूरी साजिश और लोगों के नामों की जानकारी है, लेकिन वह उनका खुलासा नहीं करेंगी क्योंकि इससे पड़ोसी देश में उथल-पुथल मच सकती है।

क्या बोलीं थी ममता बनर्जी
सभा में ममता बनर्जी ने बांग्लादेश में हुए विवादित ओसमान हादी हत्याकांड का जिक्र किया. नाम लिये बिना ममता बनर्जी बोलीं “बांग्लादेश से एक बड़ा खूनी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया था, जिसे लेकर बांग्लादेश में बड़ा बवाल हुआ. मैं दूसरे देश की बात नहीं कर रही. मैं जो पॉइंट बता रही हूं, वो मेघालय से बंगाल आते हैं. यहां आने पर हमारी एसटीएफ पकड़ती है. होम मिनिस्टर खुद कह रहे हैं… इतने दिन नहीं बोली, आज अत्याचार की सीमा पार कर गया इसलिए बोल रही हूं. उन्होंने कहा… आप बंगाल पुलिस को कह दीजिए ये बात बाहर न जाये. ये देश के लिए है. किससे मर्डर करवाया था, किन-किन के नाम आये थे… मैं सब जानती हूं। 

विवाद की वजह
दरअसल, दिसंबर में बांग्लादेश में ओसमान हादी की हत्या हुई थी. जनवरी में हत्यारे मेघालय बॉर्डर से बंगाल आये तो एसटीएफ ने दो को पकड़ा. ममता ने सभा में इसी केस को लेकर गृह मंत्रालय पर इशारों में टिप्पणी की. गत जनवरी में मेघालय की सीमा पार कर इस राज्य में आते सम ही बंगाल एसटीएफ ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। 

एफआईआर में क्या आरोप है
शिकायत में कहा गया कि ममता ने देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील मामले पर सार्वजनिक मंच से बयान दिया. गृहमंत्री का हवाला देकर उकसाने वाली बात कही. इसे ‘देशविरोधी’ बताते हुए सिलीगुड़ी साइबर क्राइम थाने में केस दर्ज हुआ है. तृणमूल का कहना है कि ममता ने सच बोला है, वहीं भाजपा इसे ‘राष्ट्रीय सुरक्षा से खिलवाड़’ बता रही है। 

कौन थे ओसमान हादी
ओसमान हादी (शरीफ़ उस्मा
न हादी) बांग्लादेश के एक युवा नेता और लोकतंत्र समर्थक कार्यकर्ता थे. जुलाई 2024 में शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन और ‘इंकलाब मंच’ से जुड़े थे. 12 दिसंबर 2025 को ढाका में चुनावी प्रचार के दौरान नकाबपोश हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दी थी. इसके बाद 18 दिसंबर 2025 को सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गयी थी।

उनका इशारा स्पष्ट रूप से बांग्लादेशी छात्र नेता शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या की ओर था। ममता बनर्जी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब मार्च 2026 में पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इस हत्याकांड के संदिग्धों को राज्य से गिरफ्तार किया था, तब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से फोन किया था। ममता का दावा है कि अमित शाह ने “राष्ट्रीय हित” का हवाला देते हुए उनसे इस गिरफ्तारी की खबर को दबाने और बाहर न आने देने के लिए कहा था।

रिंकी सेन चटर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री रहते हुए ममता बनर्जी चाहतीं तो इस मामले को सीधे गृह मंत्रालय के समक्ष उठा सकती थीं। उनका आरोप है कि अब वह यह दावा कर रही हैं कि बांग्लादेश में हुई हत्या गृह मंत्रालय के निर्देश पर कराई गई थी।
ममता के बयान कट्टरपंथी तत्वों को प्रोत्साहित करने वाले हैं

शिकायतकर्ता के अनुसार, इस तरह के आरोप भारत और बांग्लादेश के बीच तनाव बढ़ा सकते हैं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसे बयान बांग्लादेश में हिंदुओं की सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संवैधानिक पद पर रहते हुए ममता बनर्जी ने देश की गोपनीयता और हितों की रक्षा की शपथ ली थी, लेकिन पद छोड़ने के बाद उनके बयान कट्टरपंथी तत्वों को प्रोत्साहित करने वाले हैं।

FIR में क्या आरोप लगाए गए हैं?
ममता बनर्जी के इस सनसनीखेज दावे के बाद, सिलीगुड़ी की वकील रिंकी चटर्जी सिंह ने उनके खिलाफ सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में आपराधिक मामला दर्ज कराया है। शिकायत के अनुसार, एक पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा बिना सबूत के केंद्रीय गृह मंत्रालय पर ऐसे गंभीर आरोप लगाना जनता में भ्रम और सामाजिक अशांति पैदा करने का प्रयास है। इस तरह की बयानबाजी भारत और बांग्लादेश के संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय और कूटनीतिक संबंधों को नुकसान पहुंचा सकती है। बयान को असंवैधानिक और भड़काऊ बताते हुए कहा गया है कि यह राजनीतिक फायदे के लिए गढ़ा गया नैरेटिव है।

अल नीनो के संभावित प्रभावों से निपटने के लिए केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली। अल नीनो की संभावित परिस्थितियों और दक्षिण-पश्चिम मानसून पर उसके प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में कृषि, मौसम और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों एवं एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में मानसून की प्रगति, अल नीनो के संभावित प्रभाव और किसानों के हितों की सुरक्षा को लेकर विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की प्रमुख बातें

 अल नीनो की स्थिति पर लगातार निगरानी के निर्देश

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को अल नीनो से जुड़ी परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।

मानसून की प्रगति पर विशेष फोकस

बैठक में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्तमान स्थिति और उसके संभावित प्रभावों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को मौसम संबंधी अपडेट पर सतत निगरानी रखने को कहा गया।

राज्यों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए राज्यों के साथ बेहतर तालमेल और सूचना साझा करने की व्यवस्था मजबूत की जाए।

त्वरित कार्रवाई की तैयारी

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं।

किसानों को समय पर सलाह और सहायता

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों तक मौसम और फसल प्रबंधन से संबंधित जरूरी सलाह समय पर पहुंचाई जाए तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

फसलों पर प्रभाव कम करने की रणनीति

बैठक में फसलों पर संभावित प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न वैकल्पिक योजनाओं और प्रबंधन रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया।

विभागों की तैयारियों की समीक्षा

कृषि, मौसम विज्ञान और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों की तैयारियों का आकलन किया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वित रूप से कार्य करने और किसी भी संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए।

राहुल गांधी के हेलीकॉप्टर की इमरजेंसी लैंडिंग, खराब मौसम बना वजह

पंतनगर
 आज गुरुवार से कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का उत्तराखंड दौरा शुरू हुआ है. उत्तराखंड पहुंचते ही राहुल गांधी को मौसम के बिगड़े मूड से जूझना पड़ा. दिल्ली से उड़ा राहुल गांधी का विमान अल्मोड़ा पहुंचने वाला था कि वहां मौसम खराब हो गया. इसके बाद उनके विमान को वापस लौटकर पंतनगर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। 

राहुल गांधी के विमान की पंतनगर में इमरजेंसी लैंडिग: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर पहुंच गए हैं. राहुल गांधी के दौरे पर थोड़ी देर के लिए मौसम ने अड़ंगा डाला. राहुल का विमान दिल्ली से अल्मोड़ा के लिए उड़ा था. अल्मोड़ा में मौसम खराब होने के कारण विमान को वापस लाया गया और पंतनगर एयरपोर्ट पर उसकी इमरजेंसी लैंडिंग हुई. इसका फायदा स्थानीय नेताओं को हुआ। 

राहुल गांधी के हेलीकॉप्टर की खराब मौसम के कारण पंतनगर में लैंडिंग करानी पड़ी 
कांग्रेस नेताओं ने किया राहुल गांधी का स्वागत: पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे राहुल गांधी का कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार स्वागत किया. एयरपोर्ट पर किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा और महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने उन्हें बुके भेंट कर स्वागत किया. इसके बाद राहुल गांधी अल्मोड़ा नहीं जा सके. उन्हें पूर्व सैनिकों के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हिस्सा लेना था। 

राहुल गांधी दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गुरुवार को अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के तहत पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे. दिल्ली से विशेष विमान के माध्यम से पहुंचे राहुल गांधी का एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया. उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। 

कांग्रेस नेताओं ने किया राहुल गांधी का स्वागत: पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे राहुल गांधी का कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने जोरदार स्वागत किया. एयरपोर्ट पर किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गाबा और महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने उन्हें बुके भेंट कर स्वागत किया. इसके बाद राहुल गांधी अल्मोड़ा नहीं जा सके. उन्हें पूर्व सैनिकों के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में हिस्सा लेना था। 

राहुल गांधी दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर हैं: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी गुरुवार को अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे के तहत पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे. दिल्ली से विशेष विमान के माध्यम से पहुंचे राहुल गांधी का एयरपोर्ट पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया. उनके आगमन को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। 

दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड पहुंचे राहुल गांधी
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल के समर्थन में नारे लगाए
: पंतनगर एयरपोर्ट पर किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़, कांग्रेस जिलाध्यक्ष हिमांशु गावा और महानगर अध्यक्ष ममता रानी ने राहुल गांधी को बुके भेंट कर उनका स्वागत किया. इस दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने राहुल गांधी के समर्थन में नारे लगाए और उनका अभिवादन किया। 

पंतनगर से मोबाइल से किया संबोधन: स्वागत कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी ने अल्मोड़ा में आयोजित पूर्व सैनिकों के एक विशेष कार्यक्रम को मोबाइल से ही संबोधित किया. राहुल गांधी पूर्व सैनिकों से पंतनगर से ही मोबाइल पर संवाद किया और उनकी समस्याओं एवं सुझावों को सुना. माना जा रहा है कि इस कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस पूर्व सैनिक समुदाय के साथ अपने संवाद को और मजबूत करने का प्रयास करेगी। 

राहुल का दौरा राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण: राहुल गांधी का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. उत्तराखंड में आगामी राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक मजबूती के मद्देनजर कांग्रेस नेतृत्व लगातार राज्य में सक्रिय नजर आ रहा है. राहुल गांधी के इस दौरे को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। 

दो दिन का है राहुल का दौरा: दो दिन के इस प्रवास के दौरान राहुल गांधी विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेने के साथ-साथ पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी मुलाकात कर सकते हैं. उनके दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है और पार्टी इसे संगठन को मजबूत करने के अवसर के रूप में देख रही है। 

संविधान विशेषज्ञ और पद्म भूषण डॉ. सुभाष कश्यप का निधन, 97 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

नई दिल्ली

देश के जाने-माने संविधान विशेषज्ञ और पूर्व लोकसभा महासचिव डॉ. सुभाष सी. कश्यप का निधन हो गया है। अपने निवास स्थान पर उन्होंने 97 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार डॉ. सुभाष कश्यप का निधन कार्डियो-पल्मोनरी अरेस्ट (हृदय और फेफड़ों की गति रुक जाने) के कारण हुआ है। 

नेहरू के दौर से नौवीं लोकसभा तक
डॉ. सुभाष सी. कश्यप का संसदीय करियर अपने आप में एक जीवंत इतिहास रहा है। उन्होंने देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के कार्यकाल वाली पहली लोकसभा से लेकर नौवीं लोकसभा तक, कुल 37 वर्षों से भी अधिक समय तक भारतीय संसद की अनवरत और निष्पक्ष सेवा की। इस सुदीर्घ सेवाकाल के दौरान उन्होंने न केवल विधायी प्रक्रियाओं का संचालन किया, बल्कि देश के कई ऐतिहासिक फैसलों और कानून निर्माण की प्रक्रियाओं के वे प्रत्यक्ष गवाह भी रहे। उनके इस अद्वितीय अनुभव और ज्ञान के कारण देश के शीर्ष राजनेता और कानूनविद समय-समय पर संवैधानिक संकटों के समाधान के लिए उनका मार्गदर्शन प्राप्त करते थे।

क्रांतिकारी छात्र जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी
डॉ. कश्यप का जन्म वर्ष 1929 में तत्कालीन संयुक्त प्रांत (जो वर्तमान समय में उत्तर प्रदेश के नाम से जाना जाता है) के बिजनौर जिले के चांदपुर नामक स्थान पर एक प्रतिष्ठित स्वतंत्रता सेनानी परिवार में हुआ था। देशभक्ति के माहौल में पले-बढ़े होने के कारण उनके भीतर बचपन से ही राष्ट्र सेवा का जज्बा कूट-कूट कर भरा था। यही वजह रही कि उन्होंने अपनी किशोरावस्था में ही भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय रूप से भाग लेना शुरू कर दिया था। अपने छात्र जीवन के दौरान उन्होंने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ पहले बिजनौर और बाद में मेरठ में कई बड़े और ऐतिहासिक छात्र आंदोलनों का अत्यंत कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया था।

कालजयी कृतियों के रचनाकार
एक प्रशासनिक अधिकारी और स्वतंत्रता सेनानी होने के साथ-साथ डॉ. सुभाष सी. कश्यप एक अत्यंत प्रखर लेखक, विचारक और शिक्षक भी थे। उन्होंने संविधान, संसद और राजनीतिक व्यवस्था के विभिन्न पहलुओं पर शोध करते हुए 100 से अधिक प्रामाणिक पुस्तकों की रचना की। उनकी लिखी पुस्तकें आज भी देश-विदेश के विश्वविद्यालयों में राजनीति विज्ञान और कानून के विद्यार्थियों के लिए संदर्भ ग्रंथ का काम करती हैं। उनकी सबसे प्रसिद्ध और कालजयी कृतियों में ‘आवर पार्लियामेंट’ (हमारी संसद) और ‘आवर कॉन्स्टिट्यूशन’ (हमारा संविधान) जैसी पुस्तकें शामिल हैं, जिन्होंने आम नागरिकों तक भी देश की जटिल संवैधानिक व्यवस्था को बेहद सरल भाषा में पहुंचाने का अद्भुत कार्य किया।

पद्म भूषण से सम्मानित और राष्ट्र के प्रति उनका अमर योगदान
भारतीय संविधान, विधायी प्रक्रियाओं और संसदीय लोकतंत्र के विकास में दिए गए उनके असाधारण, अतुलनीय और जीवनपर्यंत योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘पद्म भूषण’ से नवाजा था। डॉ. कश्यप का पूरा जीवन देश के लोकतांत्रिक मूल्यों को सहेजने और उन्हें मजबूत करने के प्रति समर्पित रहा। उनका निधन देश के बौद्धिक जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। वे भले ही आज हमारे बीच भौतिक रूप से मौजूद नहीं हैं, लेकिन उनकी लिखी पुस्तकें, उनके विचार और संसदीय प्रक्रियाओं में किए गए उनके सुधार हमेशा भारतीय लोकतंत्र और आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे।

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मिली मध्य प्रदेश लोजपा की टीम; प्रदेश में संगठन विस्तार और जमीनी मजबूती पर हुई सार्थक चर्चा

दिल्ली में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान से मिली मध्य प्रदेश लोजपा की टीम; प्रदेश में संगठन विस्तार और जमीनी मजबूती पर हुई सार्थक चर्चा

​नई दिल्ली
 केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान से दिल्ली स्थित पंचशील भवन में मध्य प्रदेश लोजपा (रामविलास) युवा के पदाधिकारियों एवं युवा मोर्चा के जुझारू कार्यकर्ताओं ने शिष्टमंडल के रूप में भेंट की। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में पार्टी के संगठन विस्तार, आगामी सांगठनिक कार्यक्रमों की रूपरेखा और जमीनी स्तर पर पार्टी की पकड़ को और अधिक मजबूत बनाने को लेकर विस्तृत एवं सार्थक चर्चा हुई।

कार्यकर्ताओं के समर्पण की सराहना और संगठन विस्तार का मंत्र

​बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मध्य प्रदेश से आए युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं के जोश, कर्मठता और युवा लोजपा (रामविलास) के नीति-निर्देशों के अनुरूप किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की।

आगामी रणनीतियों और सदस्यता अभियान पर विमर्श

दिल्ली में लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ​से मुलाकात के दौरान मध्य प्रदेश में पार्टी को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करने के लिए नए सदस्यों और ऊर्जावान पदाधिकारियों को जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया। आगामी दिनों में राज्य में चलाए जाने वाले विभिन्न राजनैतिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों की रूपरेखा पर भी केंद्रीय अध्यक्ष के साथ गंभीर मंथन हुआ, जिस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अपनी सहमति और मार्गदर्शन प्रदान किया।

बैठक में यह प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित

​इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में मध्य प्रदेश युवा लोजपा (रामविलास) की ओर से मुख्य रूप से प्रदेश प्रधान महासचिव सावन जायसवाल, प्रदेश मीडिया प्रभारी आदित्य शंकर तिवारी, प्रदेश महासचिव निशिता सिंह एससी/एसटी मोर्चा के अध्यक्ष अरविन्द रत्नाकर प्रदेश महासचिव एवं चंबल प्रभारी नीतेश राय के साथ पार्टी के अन्य पदाधिकारी शामिल हुए l

विधायक ट्रॉफी 2026 का भव्य शुभारंभ, 32 टीमें लेंगी हिस्सा

भोपाल, 1 जून। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विधायक ट्रॉफी 2026 का भव्य शुभारंभ आतिशबाजी, रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खिलाड़ियों के उत्साह के बीच नेहरू नगर पुलिस ग्राउंड में हुआ। टूर्नामेंट के उद्घाटन अवसर पर करुणाधाम आश्रम के पीठाधीश्वर सुदेश शांडिल्य महाराज, विधायक भगवानदास सबनानी एवं भाजपा जिला अध्यक्ष रविंद्र यती विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत हनुमान चालीसा एवं राष्ट्रगान के साथ हुई। इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी ने खिलाड़ियों और दर्शकों का स्वागत करते हुए कहा कि खेल जीवन में अनुशासन, मानसिक विकास, चरित्र निर्माण और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र प्रतिभाओं से समृद्ध है और उनका निरंतर प्रयास क्षेत्र की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का है।

विधायक श्री सबनानी ने कहा कि खेल केवल हार-जीत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संघर्ष, टीम भावना, अनुशासन और मानवीय मूल्यों की सीख भी देते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।

नवप्रयास सांस्कृतिक एवं सामाजिक विकास समिति द्वारा आयोजित यह टेनिस बॉल नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट 1 जून से 9 जून तक चलेगा। प्रतियोगिता में 32 टीमें भाग ले रही हैं और मुकाबले नॉकआउट प्रारूप में खेले जाएंगे। फाइनल मैच 9 जून को आयोजित होगा।

उद्घाटन समारोह के बाद डॉक्टर एवं पत्रकारों के बीच एक रोमांचक शो मैच भी खेला गया, जिसने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। प्रतिदिन 8 ओवर के 3 से 4 मैच आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।

महिलाओं और बच्चों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता, लापरवाही पर होगी कार्रवाई: सीएम डॉ. मोहन यादव

भोपाल, 1 जून। मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने मंत्रालय में महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में कहा कि महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, जनभागीदारी और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार हो तथा पोषण स्तर सुधारने के लिए स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभागों के साथ निजी अस्पतालों और संस्थाओं का सहयोग भी लिया जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश और अन्य राज्यों में सफल नवाचारों का अध्ययन कर उन्हें अपनाने की कार्ययोजना बनाई जाए। उन्होंने मैदानी स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वालों को प्रोत्साहित करने और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जानकारी दी गई कि महिला कर्मियों की अधिक संख्या वाले औद्योगिक क्षेत्रों में पीपीपी मॉडल पर वर्किंग वुमेन हॉस्टल विकसित किए जा रहे हैं। देवास, नर्मदापुरम, झाबुआ और सिंगरौली में ऐसे हॉस्टलों का निर्माण शुरू हो चुका है। वहीं संकटग्रस्त महिलाओं की सहायता के लिए पांढुर्णा, मऊगंज, मैहर, पेटलावद, इंदौर, धार सहित विभिन्न स्थानों पर वन स्टॉप सेंटर स्वीकृत किए गए हैं।

बाल संरक्षण के क्षेत्र में चाइल्ड हेल्पलाइन के माध्यम से 51 जिला स्तरीय और एक राज्य स्तरीय हेल्प सेंटर द्वारा 66 हजार से अधिक बच्चों को सहायता प्रदान की गई है। जोखिमग्रस्त बच्चों की पहचान और मैपिंग का कार्य 13 जिलों में जारी है।

9.28 लाख बच्चों की हुई ग्रेजुएशन सेरेमनी

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 5 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 9 लाख 28 हजार बच्चों के लिए ग्रेजुएशन सेरेमनी आयोजित कर उन्हें विद्यारंभ प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए, जिससे स्कूलों में उनका सहज प्रवेश सुनिश्चित हुआ। इस नवाचार को राष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली है।

इसके अलावा, सक्षम आंगनबाड़ी उन्नयन कार्यक्रम के तहत एक साथ 12,670 मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को मुख्य आंगनबाड़ी केंद्रों में उन्नत किया गया है, जिससे मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हुआ है।

लाड़ली बहना और लाड़ली लक्ष्मी योजनाओं का लाभ

समीक्षा में बताया गया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत जनवरी 2024 से मई 2026 तक 1.25 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं को 47,775 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है। वहीं मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत मई 2026 तक 15.84 लाख बालिकाओं का पंजीयन कर 537 करोड़ रुपये से अधिक की छात्रवृत्ति वितरित की गई।

मातृ वंदना योजना में देश में अव्वल मध्यप्रदेश

बैठक में यह भी बताया गया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत 15.51 लाख गर्भवती महिलाओं को 798.68 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की गई है। इस योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश पिछले ढाई वर्षों से देश में प्रथम स्थान पर बना हुआ है।

साथ ही प्रदेश की सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को बीमा योजना का लाभ प्रदान किया गया है। विभिन्न जिलों में पोषण सुधार के लिए किए जा रहे नवाचारों की भी समीक्षा बैठक में जानकारी प्रस्तुत की गई।

मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (UCC) के लिए आपके सुझाव आमंत्रित हैं

क्या आप एक ऐसे समाज की कल्पना करते हैं जहाँ सभी नागरिकों को समान अधिकार और समान अवसर प्राप्त हों?

मध्यप्रदेश सरकार राज्य में समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code – UCC) लागू करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। इस संबंध में नागरिकों, सामाजिक संगठनों, धार्मिक विद्वानों, महिलाओं, युवाओं एवं सभी वर्गों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं।

समान नागरिक संहिता का उद्देश्य विवाह, विवाह-विच्छेद, उत्तराधिकार, गोद लेने तथा अन्य पारिवारिक एवं नागरिक मामलों में समानता, न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश

“मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने से पूर्व नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। यह व्यवस्था विभिन्न धर्मों से आने वाली बहनों एवं महिलाओं को विवाह, विवाह-विच्छेद तथा अन्य पारिवारिक एवं नागरिक मामलों से संबंधित समस्याओं के समाधान में अधिक सुविधा और समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगी।”

राज्य सरकार द्वारा गठित समिति विभिन्न जिलों में जाकर सभी समुदायों और धर्मों के नागरिकों से संवाद कर रही है। अब आपकी भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

आपके सुझाव क्यों महत्वपूर्ण हैं?

– समान और न्यायपूर्ण व्यवस्था के निर्माण में योगदान

– महिलाओं और परिवारों के अधिकारों को सशक्त बनाने में सहभागिता

– सामाजिक समरसता और कानूनी स्पष्टता को बढ़ावा

– राज्य के भविष्य को आकार देने में सक्रिय भूमिका

अपने सुझाव साझा करें

आपके विचार, सुझाव और अनुभव मध्यप्रदेश में एक प्रभावी एवं समावेशी समान नागरिक संहिता के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

आज ही अपने सुझाव दर्ज करें और जनभागीदारी के इस अभियान का हिस्सा बनें।

“आपका सुझाव – मध्यप्रदेश का भविष्य”

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