जान जोखिम में डालकर रपटे से गुजर रही बस, तेज बहाव के बीच कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

नरसिंहगढ़ के पास पार्वती नदी का पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद रपटे से हो रही आवाजाही, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता।

नरसिंहगढ़ क्षेत्र में पार्वती नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। पुल बंद होने के कारण बसों सहित अन्य वाहन रपटे से होकर गुजरने को मजबूर हैं।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक बस तेज बहाव के बीच रपटे को पार करती दिखाई दे रही है। पानी के बीच से बस का गुजरना यात्रियों की जान को खतरे में डाल सकता है। यदि जलस्तर अचानक बढ़ता है या चालक से थोड़ी भी चूक होती है, तो बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से रोजाना हजारों लोगों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है, जिससे खतरा और अधिक बढ़ गया है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए और रपटे से खतरनाक आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे को टाला जा सके।

हमीदिया अस्पताल में मेडिकल चमत्कार: 10.2 किलो ओवरी ट्यूमर के साथ गर्भवती महिला का सफल ऑपरेशन, स्वस्थ शिशु का जन्म

भोपाल के हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों ने एक ही सर्जरी में कराया 2.6 किलो के स्वस्थ शिशु का सुरक्षित जन्म और 10.2 किलो के विशाल ओवरी ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला।

भोपाल के हमीदिया अस्पताल ने एक बार फिर जटिल चिकित्सा मामलों में अपनी विशेषज्ञता का शानदार उदाहरण पेश किया है। अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के चिकित्सकों ने एक गर्भवती महिला का अत्यंत चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया, जिसकी ओवरी में लगभग 10.2 किलोग्राम वजन का विशाल ट्यूमर मौजूद था।

ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने सबसे पहले सुरक्षित तरीके से 2.6 किलोग्राम वजन के एक स्वस्थ शिशु का जन्म कराया। इसके बाद उसी सर्जरी के दौरान महिला की ओवरी से 10.2 किलोग्राम का विशाल ट्यूमर भी सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। ऑपरेशन के बाद माँ और नवजात दोनों की स्थिति पूरी तरह स्थिर और संतोषजनक बताई जा रही है।

इस जटिल शल्य चिकित्सा का नेतृत्व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पल्लवी सिंह और डॉ. अदिति खरे ने किया। वहीं एनेस्थीसिया टीम में डॉ. तृप्ति वत्सल्य, डॉ. जितेन्द्र कुमार और डॉ. देवांशु सराफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑपरेशन में विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी अहम सहयोग दिया।

चिकित्सकों की सूझबूझ, अनुभव और बेहतरीन टीमवर्क के कारण यह अत्यंत जटिल ऑपरेशन सफल रहा। यह उपलब्धि साबित करती है कि हमीदिया अस्पताल में अनुभवी विशेषज्ञों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के दम पर गंभीर से गंभीर मामलों का भी सफल उपचार संभव है।

भोपाल में भू-माफियाओं पर सख्ती, आवासीय परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार: मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

भोपाल में भू-माफियाओं पर सख्ती, आवासीय परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार: मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

भोपाल, 18 जून 2026। सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल शहर और नरेला विधानसभा क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों, आवासीय परियोजनाओं, अतिक्रमण, नागरिक सुरक्षा और आधारभूत सुविधाओं की समीक्षा के लिए मंत्रालय में उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में भोपाल कलेक्टर, पुलिस कमिश्नर, नगर निगम कमिश्नर, राजस्व विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में मंत्री सारंग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आमजन से जुड़े मामलों का त्वरित एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से भोपाल को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित और बेहतर नागरिक सुविधाओं वाला शहर बनाने के लिए समन्वित कार्रवाई करने को कहा।

भू-माफियाओं और अवैध निर्माणों पर विशेष अभियान

मंत्री सारंग ने पूरे शहर में भू-माफियाओं, शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माणों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी एवं सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर हुए अतिक्रमणों को चिन्हित कर समयबद्ध कार्रवाई की जाए। साथ ही, ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

मोती नगर, रेलवे भूमि और अशोका गार्डन से हटेंगे अतिक्रमण

बैठक में मोती नगर क्षेत्र की समीक्षा करते हुए मंत्री ने रेलवे और पीडब्ल्यूडी की प्रस्तावित परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि को तत्काल अतिक्रमण मुक्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने रेलवे लाइन और सुभाष नगर क्षेत्र के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आने पर जोर दिया। अशोका गार्डन थाना परिसर के पीछे हुए अवैध कब्जों को हटाने के भी निर्देश दिए गए।

पीएम आवास योजना को मिलेगी नई गति

प्रधानमंत्री आवास योजना एवं ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मंत्री सारंग ने निशांतपुरा में पुलिस लाइन विकसित करने की संभावनाओं पर कार्य आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने रचना नगर, नयापुरा, गैस राहत कॉलोनी, कस्तूरबा नगर और पलासी क्षेत्र में आवासीय परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया तेज करने को कहा। रचना नगर की भूमि को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर नई आवासीय परियोजना विकसित करने के निर्देश भी दिए गए।

चांदबढ़ की कपड़ा मिल भूमि पर बनेगी नई आवासीय परियोजना

बैठक में चांदबढ़ स्थित कपड़ा मिल की उपलब्ध भूमि पर ‘हाउसिंग फॉर ऑल’ के अंतर्गत नई आवासीय परियोजना विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों को इस दिशा में विस्तृत परीक्षण करने के निर्देश दिए।

मानसून से पहले जर्जर भवनों पर कार्रवाई

आगामी मानसून को देखते हुए मंत्री सारंग ने नागरिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए जर्जर भवनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। ऐशबाग स्थित जनता क्वार्टरों के लगभग 600 जर्जर मकानों को खाली कराने और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं गौतम नगर स्थित जर्जर पुलिस आवासों को असुरक्षित घोषित कर वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने नगर निगम, राजस्व विभाग और अन्य एजेंसियों को संयुक्त रूप से प्री-मानसून सर्वे कर जर्जर भवनों, कमजोर संरचनाओं, जलभराव संभावित क्षेत्रों और अन्य जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर समय रहते कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

अन्ना नगर में स्थायी बिजली और सुभाष नगर अस्पताल परियोजना पर जोर

अन्ना नगर में बिजली आपूर्ति संबंधी समस्याओं की समीक्षा करते हुए मंत्री ने बीएचईएल और ऊर्जा विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर स्थायी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था शीघ्र सुनिश्चित करने को कहा। वहीं जोन-12 अंतर्गत सुभाष नगर में प्रस्तावित अस्पताल निर्माण की स्वीकृतियों को शीघ्र पूरा कर निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

गोकुल धाम की समस्या के समाधान के लिए बनेगी कार्ययोजना

नरेला विधानसभा के गोकुल धाम क्षेत्र में अधूरी आवासीय परियोजना से प्रभावित परिवारों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए मंत्री सारंग ने अधिकारियों को सभी हितधारकों को ध्यान में रखते हुए समग्र एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि वर्षों से लंबित समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

बैठक के अंत में मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि भोपाल को अतिक्रमण मुक्त, सुरक्षित और आधुनिक शहर बनाने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करे, जिससे विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

देवरिया मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही का आरोप

घायल हाथ छोड़ दूसरे हाथ में प्लास्टर, मासूम शाम्भवी उपाध्याय के मामले ने खड़े किए गंभीर सवाल

उत्तर प्रदेश के देवरिया से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि मासूम शाम्भवी उपाध्याय के जिस हाथ में चोट थी, डॉक्टरों ने उसकी जगह दूसरे हाथ में प्लास्टर कर दिया। यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह केवल एक चिकित्सीय गलती नहीं बल्कि मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता से जुड़ा बेहद गंभीर विषय है।

प्रमुख बिंदु

● मासूम शाम्भवी उपाध्याय के सीधे हाथ में चोट लगने का दावा।

● परिजनों का आरोप- डॉक्टरों ने घायल हाथ की जगह दूसरे हाथ में प्लास्टर चढ़ा दिया।

● घटना का मामला महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया से जुड़ा बताया जा रहा है।

● परिजनों में नाराजगी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल।

● मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग।

सवाल जो सरकार से पूछे जाने चाहिए

क्या मरीजों की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित है?

सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करती है, करोड़ों रुपये अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों पर खर्च किए जाते हैं। लेकिन यदि एक घायल बच्चे के उपचार में भी ऐसी चूक हो रही है तो यह व्यवस्था की निगरानी पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

जवाबदेही तय क्यों नहीं होती?

अक्सर चिकित्सा लापरवाही के मामलों में जांच की घोषणा तो होती है, लेकिन जिम्मेदार लोगों तक कार्रवाई पहुंचते-पहुंचते मामला ठंडा पड़ जाता है। इससे लापरवाही करने वालों का मनोबल बढ़ता है और आम मरीज असुरक्षित महसूस करता है।

क्या अस्पतालों में दोबारा जांच की व्यवस्था है?

किसी भी प्लास्टर, ऑपरेशन या गंभीर उपचार से पहले मरीज की पहचान और प्रभावित अंग की पुष्टि की जानी चाहिए। यदि ऐसी प्रक्रिया मौजूद है तो फिर ऐसी गलती के आरोप सामने क्यों आ रहे हैं?

जनता के लिए जरूरी दिशा निर्देश इलाज के दौरान सतर्क रहें

● डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार को ध्यान से समझें।

● एक्स-रे और मेडिकल रिपोर्ट स्वयं देखें और सुरक्षित रखें।

● प्लास्टर, इंजेक्शन या ऑपरेशन से पहले संबंधित अंग की पुष्टि करें।

● किसी भी गलती की आशंका होने पर तुरंत वरिष्ठ चिकित्सक से संपर्क करें।

● अस्पताल की शिकायत प्रणाली का उपयोग करें।

समाज के लिए संदेश

स्वास्थ्य सेवाएं केवल सरकार या डॉक्टरों की जिम्मेदारी नहीं हैं। समाज को भी जागरूक रहना होगा। मरीजों के अधिकारों की जानकारी होना उतना ही जरूरी है जितना इलाज कराना। जागरूक नागरिक ही बेहतर व्यवस्था की मांग कर सकते हैं।

सरकार से मांग

● पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए।

● यदि लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

● सभी सरकारी अस्पतालों में मरीज सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए।

● प्लास्टर, सर्जरी और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से पहले अनिवार्य दोहरी जांच प्रणाली लागू की जाए।

● मेडिकल लापरवाही की शिकायतों के लिए पारदर्शी और त्वरित व्यवस्था बनाई जाए।

एक मासूम की पीड़ा ने स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला केवल शाम्भवी उपाध्याय का नहीं, बल्कि उन लाखों मरीजों का है जो भरोसे के साथ सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचते हैं। जरूरत है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, सच्चाई सामने आए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो दोषियों पर ऐसी कार्रवाई हो जो भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी घटना होने से रोक सके।नोट: चूंकि यह मामला “आरोप” के रूप में बताया गया है, इसलिए पत्रकारिता और कानूनी दृष्टि से “डॉक्टर ने गलत हाथ में प्लास्टर कर दिया” को अंतिम तथ्य की तरह नहीं, बल्कि “परिजनों का आरोप है” या “जांच का विषय है” के रूप में प्रस्तुत करना अधिक सुरक्षित और पेशेवर रहेगा।

जीआरपी इटारसी को बड़ी सफलता: ट्रेनों में चोरी करने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार, ₹8.52 लाख का माल बरामद

जीआरपी इटारसी को बड़ी सफलता: ट्रेनों में चोरी करने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार, ₹8.52 लाख का माल बरामद

इटारसी। रेलवे यात्रियों को निशाना बनाकर ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर बदमाश को जीआरपी इटारसी ने गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से चोरी के मोबाइल फोन, सोने-चांदी के जेवरात सहित कुल 8 लाख 52 हजार रुपये का मशरुका बरामद किया गया है।

जीआरपी द्वारा लगातार मिल रही चोरी की शिकायतों के आधार पर विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर संदिग्ध आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने ट्रेनों में यात्रियों के सामान और कीमती वस्तुओं की चोरी करना स्वीकार किया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, सोने-चांदी के आभूषण तथा अन्य चोरी का सामान बरामद किया है, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹8.52 लाख आंकी गई है। बरामद सामान को संबंधित मामलों से जोड़कर जांच की जा रही है।

जीआरपी अधिकारियों के अनुसार आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी किसी संगठित गिरोह से जुड़ा है या नहीं तथा उसने अन्य स्थानों पर भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।

जीआरपी इटारसी की इस कार्रवाई से रेलवे यात्रियों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने यात्रियों से यात्रा के दौरान अपने सामान और कीमती वस्तुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी : जनसेवा, सुशासन और विकास का नया अध्याय

लोकतांत्रिक नेतृत्व का ऐतिहासिक कीर्तिमान

आज़ादी के बाद लोकतांत्रिक रूप से सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर सेवा देने का रिकॉर्ड, जो पूर्व प्रधानमंत्री Jawaharlal Nehru के नाम था, उसे प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पार कर एक नया इतिहास रचा है। यह उपलब्धि देशवासियों के विश्वास, मजबूत नेतृत्व और निरंतर जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है।

मजबूत नेतृत्व, सशक्त संगठन

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने देशभर में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

प्रमुख उपलब्धियाँ

17 राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार।

22 राज्यों में NDA गठबंधन की सरकार।

केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय।

विकास और सुशासन के एजेंडे को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार।

साधारण परिवार से देश के प्रधानसेवक तक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन संघर्ष, परिश्रम और समर्पण की प्रेरणादायक कहानी है। एक साधारण परिवार से निकलकर उन्होंने देश के सर्वोच्च लोकतांत्रिक पद तक का सफर तय किया और स्वयं को देश के “प्रधानसेवक” के रूप में स्थापित किया।

उनकी प्रेरणादायी यात्रा

साधारण पृष्ठभूमि से राष्ट्रीय नेतृत्व तक का सफर।

जनसेवा को राजनीति का मूल उद्देश्य बनाना।

गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान।

राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की कार्यशैली।

हर वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने समाज के प्रत्येक वर्ग के विकास और कल्याण को प्राथमिकता दी है।

प्रमुख फोकस  क्षेत्र

गरीब कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा।

महिला सशक्तिकरण।

किसान हित और कृषि विकास।

युवाओं के लिए रोजगार और अवसर।

स्वास्थ्य एवं शिक्षा का विस्तार।

डिजिटल और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण।

विकसित भारत का संकल्प

प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने वैश्विक मंच पर अपनी नई पहचान बनाई है। विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर देश तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

विकास के प्रमुख आयाम

विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना का निर्माण।

डिजिटल परिवर्तन और तकनीकी नवाचार।

आर्थिक विकास और निवेश को बढ़ावा।

वैश्विक स्तर पर भारत की बढ़ती प्रतिष्ठा।

आत्मनिर्भर भारत और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन।

मुख्यमंत्री का संदेश

“आज़ादी के बाद लोकतांत्रिक रूप से सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर सेवा देने का रिकॉर्ड प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नाम दर्ज हुआ है। उनके नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी 17 राज्यों में तथा NDA 22 राज्यों में सरकार का नेतृत्व कर रहा है। एक साधारण परिवार से निकलकर देश के प्रधानसेवक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी जी समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और राष्ट्र के विकास के लिए निरंतर समर्पित हैं।”

डॉ मोहन यदव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश

“सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास, सुशासन और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

नरेला में बारिश पूर्व तैयारियों का जायजा लेने सड़क पर उतरे मंत्री विश्वास सारंग, पातरा नाले में मिट्टी डंपिंग पर जताई नाराजगी

भोपाल, 7 जून 2026। आगामी मानसून को देखते हुए नरेला विधानसभा क्षेत्र में जलभराव और बाढ़ जैसी संभावित समस्याओं की रोकथाम के लिए मध्यप्रदेश के सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने रविवार सुबह क्षेत्र के विभिन्न नाले-नालियों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ प्रभात चौराहा, महामाई की पुलिया, द्वारका नगर, भानपुर खंती सहित कई क्षेत्रों का दौरा कर बारिश पूर्व तैयारियों की जमीनी हकीकत परखी।

निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर नाले-नालियों की सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर मंत्री सारंग ने नगर निगम अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून शुरू होने से पहले सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई युद्धस्तर पर पूरी की जाए, ताकि जल निकासी व्यवस्था सुचारू बनी रहे और नागरिकों को जलभराव की समस्या का सामना न करना पड़े।

पातरा नाले का किया विशेष निरीक्षण

दौरे के दौरान मंत्री सारंग ने शहर के प्रमुख जल निकासी मार्गों में शामिल पातरा नाले का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह नाला पूरे भोपाल की ड्रेनेज व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और इसकी समय पर सफाई नहीं होने पर कई क्षेत्रों में गंभीर जलभराव की स्थिति बन सकती है।

10 लेन प्रोजेक्ट के कार्य पर जताई नाराजगी

भानपुर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान मंत्री ने पाया कि सड़क निर्माण कार्य के चलते पातरा नाले में बड़ी मात्रा में मिट्टी डंप की गई है। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाले में मिट्टी जमा होने से पानी का प्रवाह बाधित होगा और बारिश के दौरान बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो सकते हैं।

मौके पर ही शुरू कराया मिट्टी हटाने का कार्य

मंत्री के निर्देश के बाद पातरा नाले से मिट्टी हटाने का कार्य तत्काल प्रारंभ किया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाले की मूल चौड़ाई और गहराई बनाए रखते हुए सफाई कार्य तेजी से पूरा किया जाए। साथ ही संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखने के भी निर्देश दिए।

नालों पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने नालों पर हो रहे अतिक्रमण को भी गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने अधिकारियों को अवैध कब्जों और निर्माणों को हटाने की कार्रवाई तेज करने तथा इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

बारिश से पहले सभी कार्य पूरे करने के निर्देश

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता नागरिकों को मानसून के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है। इसके लिए नगर निगम और जिला प्रशासन को समन्वय के साथ काम करते हुए सभी सफाई एवं मरम्मत कार्य समय सीमा में पूर्ण करने होंगे, ताकि बारिश के दौरान जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति न बने।

सांसद आलोक शर्मा के प्रयास रंग लाए, सीहोर में फिर रुकेगी ओवरनाइट एक्सप्रेस

सीहोर | सीहोर जिले के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इंदौर से जबलपुर के बीच चलने वाली ओवरनाइट एक्सप्रेस ट्रेन संख्या 22191 और 22192 का सीहोर रेलवे स्टेशन पर ठहराव एक बार फिर शुरू किया जाएगा। कोरोना काल के दौरान इस ट्रेन का स्टॉपेज बंद कर दिया गया था, जिससे स्थानीय यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

सीहोरवासियों की लंबे समय से चली आ रही इस मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने भोपाल सांसद आलोक शर्मा से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया था। जनता की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सांसद ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर ओवरनाइट एक्सप्रेस का सीहोर में पुनः ठहराव शुरू करने की मांग की थी।

अपने पत्र में सांसद आलोक शर्मा ने उल्लेख किया था कि सीहोर जिले के बड़ी संख्या में यात्री इस ट्रेन का नियमित उपयोग करते हैं। स्टॉपेज बंद होने के कारण यात्रियों को अन्य स्टेशनों तक अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही थी, जिससे समय और धन दोनों की हानि हो रही थी।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सांसद की मांग को स्वीकार करते हुए ओवरनाइट एक्सप्रेस के सीहोर स्टेशन पर ठहराव को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से सीहोर और आसपास के क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा तथा उनकी यात्रा अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।

इस अवसर पर सांसद आलोक शर्मा ने रेल मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे क्षेत्र की जनता की सुविधाओं और आवश्यकताओं को लेकर लगातार प्रयासरत हैं। वहीं, सीहोरवासियों ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए खुशी जाहिर की और सांसद के प्रयासों की सराहना की।

 

— रिपोर्ट, सीहोर

अल नीनो के संभावित प्रभावों से निपटने के लिए केंद्र सरकार अलर्ट मोड पर: शिवराज सिंह चौहान

नई दिल्ली। अल नीनो की संभावित परिस्थितियों और दक्षिण-पश्चिम मानसून पर उसके प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में कृषि, मौसम और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों एवं एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।

बैठक में मानसून की प्रगति, अल नीनो के संभावित प्रभाव और किसानों के हितों की सुरक्षा को लेकर विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की प्रमुख बातें

 अल नीनो की स्थिति पर लगातार निगरानी के निर्देश

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को अल नीनो से जुड़ी परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और समय-समय पर स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।

मानसून की प्रगति पर विशेष फोकस

बैठक में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वर्तमान स्थिति और उसके संभावित प्रभावों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को मौसम संबंधी अपडेट पर सतत निगरानी रखने को कहा गया।

राज्यों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए राज्यों के साथ बेहतर तालमेल और सूचना साझा करने की व्यवस्था मजबूत की जाए।

त्वरित कार्रवाई की तैयारी

उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी तैयारियां पहले से पूरी रखी जाएं।

किसानों को समय पर सलाह और सहायता

कृषि मंत्री ने कहा कि किसानों तक मौसम और फसल प्रबंधन से संबंधित जरूरी सलाह समय पर पहुंचाई जाए तथा आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाए।

फसलों पर प्रभाव कम करने की रणनीति

बैठक में फसलों पर संभावित प्रतिकूल प्रभाव को कम करने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने विभिन्न वैकल्पिक योजनाओं और प्रबंधन रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया।

विभागों की तैयारियों की समीक्षा

कृषि, मौसम विज्ञान और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों की तैयारियों का आकलन किया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

किसानों के हित सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को समन्वित रूप से कार्य करने और किसी भी संभावित स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए।

राजस्थान के चुरू में रेत का भयंकर तूफान कैमरे में कैद, दिन में छाया अंधेरा

तेज हवाओं के साथ उठी रेत की विशाल दीवार, कुछ ही मिनटों में दृश्यता हुई बेहद कम; लोगों में मची अफरा-तफरी

राजस्थान के चुरू जिले में रेत का एक भयंकर तूफान कैमरे में कैद हुआ है। तेज हवाओं के साथ उठे इस धूल भरे तूफान ने देखते ही देखते पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। आसमान में रेत और धूल का इतना घना गुबार छा गया कि दिन के समय भी अंधेरे जैसा माहौल बन गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तूफान की रफ्तार इतनी तेज थी कि लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। सड़कों पर दृश्यता बेहद कम हो गई, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में रेत की विशाल दीवार तेजी से आगे बढ़ती दिखाई दे रही है।

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में गर्मी के मौसम के दौरान इस तरह के धूल भरे तूफान आम हैं, लेकिन इस बार इसकी तीव्रता काफी अधिक नजर आई। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों के भीतर रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की अपील की है।

फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इसे देखकर हैरान हैं।

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