आरजीपीवी पेपर लीक पर अभाविप का बड़ा आंदोलन, 5 घंटे के प्रदर्शन के बाद परीक्षा नियंत्रक सभी दायित्वों से मुक्त

प्रश्नपत्र चोरी मामले में दोषियों के निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग तेज, अभाविप ने कहा— कार्रवाई पूरी होने तक चरणबद्ध संघर्ष रहेगा जारी।

भोपाल, 7 जुलाई। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में प्रश्नपत्र चोरी प्रकरण को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन किया। आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा नियंत्रक को तत्काल प्रभाव से सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया और परीक्षा कार्य से जुड़े संविदा संकाय सदस्य सहित संबंधित अधिकारियों की विभागीय जांच शुरू करने का निर्णय लिया।

अभाविप ने इस कार्रवाई को विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन की पहली सफलता बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि केवल दायित्वों से मुक्त करना पर्याप्त नहीं है। परिषद ने मांग की है कि जिन अधिकारियों की प्रथम दृष्टया प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए, ताकि पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां निष्पक्ष एवं स्वतंत्र रूप से जांच पूरी कर सकें।

परिषद का कहना है कि प्रश्नपत्र चोरी केवल आपराधिक मामला नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक जवाबदेही का भी गंभीर विषय है। दोषी पाए जाने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय की साख और विद्यार्थियों का विश्वास बहाल हो सके।

अभाविप भोपाल महानगर मंत्री आरती ठाकुर ने कहा कि आरजीपीवी प्रदेश का एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय है, जहां लाखों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा नियंत्रक को दायित्वों से मुक्त करना सकारात्मक कदम है, लेकिन दोषियों के निलंबन, निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई तक विद्यार्थी परिषद का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

परिषद ने चेतावनी दी कि यदि समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रहित और विश्वविद्यालय की गरिमा की रक्षा के लिए आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

नाबालिग को बाइक देना पड़ा भारी: कोर्ट ने अभिभावक पर ₹30 हजार का जुर्माना लगाया

भोपाल में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

भोपाल में नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देना एक अभिभावक को महंगा पड़ गया। गौतम नगर थाना पुलिस ने 17 वर्षीय नाबालिग को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बाइक चलाते हुए पकड़ा। इसके बाद मामला मोटरयान अधिनियम के तहत न्यायालय में पेश किया गया।

अभिभावक ने कोर्ट में स्वीकार किया अपराध

सुनवाई के दौरान वाहन स्वामी एवं अभिभावक ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद न्यायालय ने मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 और 199ए के तहत अभिभावक पर ₹30 हजार का अर्थदंड लगाया।

जुर्माने के साथ मिली न्यायालय उठने तक की सजा

कोर्ट ने जुर्माने के अलावा अभिभावक को न्यायालय उठने तक की सजा भी सुनाई। वहीं, निर्धारित जुर्माना जमा होने के बाद जब्त की गई बाइक को छोड़ने के आदेश दिए गए।

भोपाल पुलिस का सख्त संदेश

इस कार्रवाई के जरिए भोपाल पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नाबालिगों के हाथ में वाहन सौंपने वालों के खिलाफ अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने वालों पर भी लगातार सख्ती बरती जा रही है।

पुलिस की अपील

भोपाल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, नाबालिगों को वाहन चलाने के लिए न दें और स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

भोपाल पुलिस का नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन, शराब तस्कर गिरफ्तार; 7 करोड़ की ड्रग्स विनिष्टीकरण के लिए चयनित

शाहजहाँनाबाद में 305 क्वार्टर अवैध शराब जब्त, वहीं 44 मामलों में 335.934 किलोग्राम गांजा-चरस नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू

भोपाल। भोपाल पुलिस का नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में शाहजहाँनाबाद पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरी ओर विभिन्न मामलों में जब्त करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को विनिष्टीकरण (नष्ट करने) के लिए चयनित किया गया है।

शाहजहाँनाबाद पुलिस ने कार में चोरी-छिपे अवैध शराब की तस्करी कर रहे सीहोर निवासी 36 वर्षीय शिवकरन को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 305 क्वार्टर देशी शराब (करीब 55 लीटर) जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 24 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में अवैध शराब के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है। यह कार्रवाई जनसंवाद और सक्रिय मुखबिर तंत्र की मदद से की गई।

वहीं, भोपाल पुलिस ने 44 अलग-अलग मामलों में जब्त 335.934 किलोग्राम मादक पदार्थों को विनिष्टीकरण के लिए चयनित किया है। इनमें 327.134 किलोग्राम गांजा और 8.800 किलोग्राम चरस शामिल है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये है। कुल 44 प्रकरणों में से 35 मामले क्राइम ब्रांच भोपाल के हैं, जबकि हबीबगंज, बैरागढ़ और जहांगीराबाद थानों के तीन-तीन मामले भी इसमें शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि विनिष्टीकरण समिति ने एनडीपीएस एक्ट और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत मादक पदार्थों का परीक्षण कर उन्हें नष्ट करने के लिए चयनित किया है। न्यायालयीन आदेश के अनुसार इनका विनिष्टीकरण किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।

भोपाल पुलिस ने दोहराया कि “नशा मुक्त समाज, सुरक्षित भोपाल” के लक्ष्य के साथ अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

भोपाल में हाईटेंशन खंभे पर चढ़ा युवक, मचा हड़कंप; वायरल वीडियो ने खड़े किए कई बड़े सवाल

एमपी नगर स्थित शासकीय प्रेस के सामने हुई घटना, पुलिस ने शुरू किया रेस्क्यू

भोपाल। राजधानी भोपाल के एमपी नगर स्थित शासकीय प्रेस के सामने शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब एक युवक हाईटेंशन बिजली के खंभे पर चढ़ गया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

सूचना मिलते ही एमपी नगर थाना पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची। युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक खंभे पर क्यों चढ़ा और उसने ऐसा कदम किन परिस्थितियों में उठाया।

एक चूक और जा सकती थी जान

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक युवक जिस खंभे पर चढ़ा, वह बेहद संवेदनशील बिजली लाइन का हिस्सा है। ऐसे खंभों पर चढ़ना न केवल अपनी जान को जोखिम में डालना है, बल्कि किसी भी क्षण बड़ा हादसा भी हो सकता है। यदि बिजली आपूर्ति चालू हो या सुरक्षा व्यवस्था में थोड़ी भी चूक हो, तो स्थिति जानलेवा साबित हो सकती है।

बड़े सवाल: आखिर ऐसी घटनाएं बार-बार क्यों?

यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है—

– क्या संवेदनशील बिजली ढांचों की सुरक्षा पर्याप्त है?

– क्या ऐसे स्थानों पर अनधिकृत लोगों को पहुंचने से रोकने के पर्याप्त इंतजाम हैं?

– क्या मानसिक तनाव, सामाजिक या व्यक्तिगत कारण लोगों को ऐसे खतरनाक कदम उठाने के लिए मजबूर कर रहे हैं?

– क्या समय रहते सुरक्षा और जागरूकता के उपाय किए जा रहे हैं?

प्रशासन के लिए भी चेतावनी

विशेषज्ञों का मानना है कि बिजली के खंभों और हाईटेंशन लाइनों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की जानी चाहिए। जहां संभव हो वहां बैरिकेडिंग, चेतावनी बोर्ड, निगरानी और नियमित सुरक्षा जांच की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि कोई भी व्यक्ति आसानी से ऐसे खतरनाक स्थानों तक न पहुंच सके।

जनता भी बरते जिम्मेदारी

ऐसी घटनाओं के दौरान लोगों को भीड़ लगाने या वीडियो बनाने के बजाय तुरंत पुलिस, बिजली विभाग या आपातकालीन सेवाओं को सूचना देनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति को स्वयं बचाने या खंभे पर चढ़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे हादसा और बड़ा हो सकता है।

फिलहाल कारणों की जांच जारी

पुलिस का कहना है कि युवक को सुरक्षित नीचे उतारने की प्राथमिकता है। इसके बाद उससे पूछताछ कर यह पता लगाया जाएगा कि उसने इतना जोखिम भरा कदम क्यों उठाया। प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।

यह घटना केवल एक वायरल वीडियो नहीं, बल्कि सुरक्षा, सतर्कता और सामाजिक जागरूकता की जरूरत का गंभीर संकेत भी है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में ऐसे हादसे किसी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकते हैं।

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40 रुपये के बन-मक्खन के चक्कर में पकड़ा गया नकली IPS, चायवाले पर झाड़ रहा था रौब

40 रुपये के बन-मक्खन के चक्कर में पकड़ा गया नकली IPS, चायवाले पर झाड़ रहा था रौब

लखनऊ के महानगर इलाके से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 40 रुपये के बन-मक्खन का भुगतान करने से बचने के लिए एक शख्स ने खुद को IPS अधिकारी बताकर रौब जमाने की कोशिश की। लेकिन उसकी यह चाल ज्यादा देर नहीं चली और आखिरकार पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

जानकारी के मुताबिक, मिथलेश शुक्ला नाम का व्यक्ति महानगर क्षेत्र की एक चाय की दुकान पर पहुंचा। वहां उसने बन-मक्खन खाया और चाय पी। जब भुगतान की बारी आई तो उसने पैसे देने के बजाय खुद को नोएडा में तैनात IPS अधिकारी बताना शुरू कर दिया।

चायवाले ने जब पैसे मांगे तो दोनों के बीच बहस होने लगी। मामला बढ़ता देख चायवाले ने पास की पुलिस चौकी पर मौजूद सिपाहियों को बुला लिया। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के सामने भी मिथलेश शुक्ला ने खुद को IPS अधिकारी बताते हुए उन्हें सैल्यूट करने के लिए कहा।

सिपाहियों को उसकी बातों पर शक हुआ। उन्होंने कहा कि यदि वह वास्तव में अधिकारी हैं तो पहचान और पद से जुड़े दस्तावेज दिखाएं। पूछताछ के दौरान उसकी बातों में लगातार विरोधाभास सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने गहन जांच की।

जांच में खुलासा हुआ कि मिथलेश शुक्ला कोई IPS अधिकारी नहीं है और झूठी पहचान बताकर लोगों को गुमराह कर रहा था। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी।

महज 40 रुपये बचाने के लिए IPS अधिकारी बनने का नाटक करने वाले मिथलेश शुक्ला की यह कहानी अब चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।

 

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 1250 बहुमूल्य श्रीराम शिलाओं के रिकॉर्ड पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: 1250 बहुमूल्य श्रीराम शिलाओं के रिकॉर्ड पर उठे सवाल, जांच की मांग तेज

अयोध्या: राम मंदिर से जुड़े चढ़ावा और दान प्रबंधन को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच एक नया दावा सामने आया है। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि राम मंदिर आंदोलन के दौरान देश-विदेश से प्राप्त लगभग 1250 बहुमूल्य श्रीराम शिलाओं का स्पष्ट रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। हालांकि, इन दावों की अभी स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

दावों के अनुसार, इन शिलाओं में सोने-चांदी तथा रत्नों से अलंकृत शिलाएं भी शामिल थीं। यह भी कहा जा रहा है कि सबसे मूल्यवान शिलाओं में से एक मॉरीशस से प्राप्त हुई थी, जबकि मुंबई के एक व्यापारी द्वारा हीरे जड़ी शिला भेंट किए जाने का दावा किया गया है।

रिकॉर्ड और निगरानी को लेकर सवाल

मामले को लेकर कई प्रश्न उठाए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख सवाल यह हैं कि इन शिलाओं का आधिकारिक रिकॉर्ड कहां है, उनकी जिम्मेदारी किसके पास थी और उनके संरक्षण एवं निगरानी की व्यवस्था किसके अधीन थी।

स्थानीय स्तर पर इस विषय पर चर्चा तेज बताई जा रही है। कुछ लोगों का कहना है कि यदि किसी विशेष जांच दल (SIT) का गठन होता है और उसके जांच दायरे में यह विषय शामिल किया जाता है, तो इन पहलुओं की भी जांच की जा सकती है।

दान राशि प्रबंधन पर भी उठ रहे सवाल

इसी बीच राम मंदिर से जुड़ी दान राशि के प्रबंधन को लेकर भी विभिन्न प्रकार के आरोप और दावे सामने आ रहे हैं। कुछ लोगों का आरोप है कि दान राशि के उपयोग और लेखा-जोखा में अनियमितताएं हुई हैं। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।

जांच और जवाबदेही की मांग

मामले को लेकर विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और कुछ स्थानीय लोगों द्वारा पारदर्शी जांच की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि यदि किसी प्रकार की वित्तीय या प्रशासनिक अनियमितता हुई है तो उसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार व्यक्तियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।

वहीं, इस पूरे मामले में अब तक किसी जांच एजेंसी की अंतिम रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है। इसलिए सभी आरोपों और दावों की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: इस समाचार में उल्लिखित आरोप और दावे विभिन्न पक्षों द्वारा लगाए गए हैं। इनकी आधिकारिक पुष्टि या न्यायिक सत्यापन अभी शेष है। निष्पक्ष जांच के निष्कर्ष आने तक किसी भी पक्ष को दोषी मानना उचित नहीं होगा।

नागपुर में कथित रेप, ब्लैकमेल और जबरन धर्मांतरण का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

नागपुर में कथित रेप, ब्लैकमेल और जबरन धर्मांतरण का मामला, दो आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

महाराष्ट्र के नागपुर से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म किया गया, आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया गया और बाद में कथित तौर पर जबरन धर्म परिवर्तन कर निकाह कराया गया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अय्याज ताज मदारे और अमीन शेख के रूप में हुई है। वहीं, मामले में नामजद एक मौलाना फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पीड़िता के पति भारतीय वायुसेना में अधिकारी हैं और वर्तमान में दूसरे शहर में तैनात हैं।

महिला की शिकायत के मुताबिक, मुख्य आरोपी अय्याज ताज मदारे उसका पुराना परिचित था। दोनों स्कूल में साथ पढ़ चुके थे। आरोप है कि प्लॉट खरीदने के सिलसिले में संपर्क बढ़ने के बाद आरोपी उसे वर्धा रोड स्थित एक होटल में ले गया, जहां कथित तौर पर जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। पीड़िता का आरोप है कि बेहोशी की हालत में उसके साथ दुष्कर्म किया गया और आपत्तिजनक वीडियो बना लिए गए।

शिकायत में कहा गया है कि आरोपी बाद में वीडियो और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर महिला को लगातार ब्लैकमेल करता रहा। आरोप है कि इसी दबाव में उससे लाखों रुपये की उगाही की गई और उसका लगातार यौन शोषण भी किया गया।

महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि पिछले महीने उसे नागपुर के पास कामठी क्षेत्र में ले जाया गया, जहां कथित तौर पर तांत्रिक और सम्मोहन जैसी रस्मों के जरिए उसका धर्म परिवर्तन कराया गया और अय्याज के साथ जबरन निकाह पढ़वाया गया। शिकायत में यह आरोप भी शामिल है कि उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध गौमांस खाने के लिए मजबूर किया गया।

पुलिस ने मामले में दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, जबरन धर्मांतरण समेत महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, अनिष्टकारी एवं अघोरी प्रथाओं तथा जादू-टोना विरोधी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।

फिलहाल, दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है और सभी आरोपों की सत्यता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

नोट: इस खबर में शामिल आरोप पीड़िता की शिकायत और पुलिस में दर्ज प्राथमिकी पर आधारित हैं। आरोपियों का पक्ष सामने आने और जांच पूरी होने के बाद तथ्य बदल सकते हैं।

जीआरपी इटारसी को बड़ी सफलता: ट्रेनों में चोरी करने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार, ₹8.52 लाख का माल बरामद

जीआरपी इटारसी को बड़ी सफलता: ट्रेनों में चोरी करने वाला शातिर बदमाश गिरफ्तार, ₹8.52 लाख का माल बरामद

इटारसी। रेलवे यात्रियों को निशाना बनाकर ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर बदमाश को जीआरपी इटारसी ने गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी के कब्जे से चोरी के मोबाइल फोन, सोने-चांदी के जेवरात सहित कुल 8 लाख 52 हजार रुपये का मशरुका बरामद किया गया है।

जीआरपी द्वारा लगातार मिल रही चोरी की शिकायतों के आधार पर विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर संदिग्ध आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने ट्रेनों में यात्रियों के सामान और कीमती वस्तुओं की चोरी करना स्वीकार किया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन, सोने-चांदी के आभूषण तथा अन्य चोरी का सामान बरामद किया है, जिसकी कुल कीमत लगभग ₹8.52 लाख आंकी गई है। बरामद सामान को संबंधित मामलों से जोड़कर जांच की जा रही है।

जीआरपी अधिकारियों के अनुसार आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी किसी संगठित गिरोह से जुड़ा है या नहीं तथा उसने अन्य स्थानों पर भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।

जीआरपी इटारसी की इस कार्रवाई से रेलवे यात्रियों में सुरक्षा को लेकर विश्वास बढ़ा है। पुलिस ने यात्रियों से यात्रा के दौरान अपने सामान और कीमती वस्तुओं की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है।

ट्विशा शर्मा डेथ केस: सीबीआई ने घर पहुंचकर किया सीन रीक्रिएशन, 80 किलो की डमी से समझी घटना की परिस्थितियां

पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ की मौजूदगी में हुई जांच प्रक्रिया, करीब दो घंटे तक चला रीक्रिएशन

भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच में जुटी सीबीआई ने सोमवार (1 जून) को मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए घटनास्थल पर सीन रीक्रिएशन किया। जांच टीम पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ को साथ लेकर उनके घर पहुंची, जहां घटना से जुड़ी परिस्थितियों को दोबारा समझने का प्रयास किया गया।

 

सीबीआई अधिकारियों ने मौके पर 80 किलो वजन की डमी का इस्तेमाल कर यह जानने की कोशिश की कि घटना के समय वास्तव में क्या हुआ होगा। जांच के दौरान टीम ने उपलब्ध तथ्यों और घटनास्थल की परिस्थितियों का मिलान करने पर फोकस किया।

जानकारी के अनुसार, डमी का वजन ट्विशा शर्मा के वजन के बराबर करने के लिए उसके अंदर रेत भरी गई। इसके बाद अतिरिक्त वजन संतुलित करने के लिए डमी के पैरों में लोहे के भारी डंबल बांधे गए। फिर डमी को फंदे पर लटकाने और उतारने की प्रक्रिया दोहराई गई, ताकि घटनाक्रम को तकनीकी रूप से समझा जा सके।

सीबीआई की यह कवायद इस बात का पता लगाने के लिए की गई कि घटनास्थल से मिले साक्ष्य और अब तक सामने आए तथ्यों में कितना सामंजस्य है। रीक्रिएशन की पूरी प्रक्रिया करीब दो घंटे तक चली।

फिलहाल सीबीआई मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और रीक्रिएशन से मिले निष्कर्षों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच एजेंसी की रिपोर्ट आने के बाद ही मामले में आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

केरल में ED रेड पर बवाल: पी विजयन के करीबी ठिकानों पर कार्रवाई, समर्थकों ने गाड़ियों में की तोड़फोड़

ईडी की छापेमारी के दौरान माहौल हुआ तनावपूर्ण, समर्थकों के विरोध के बीच कई वाहनों को नुकसान पहुंचाने का आरोप

केरल में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी की कार्रवाई के दौरान बड़ा हंगामा देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री Pinarayi Vijayan के करीबी ठिकानों पर ईडी की रेड के बीच समर्थकों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

जानकारी के मुताबिक, छापेमारी के दौरान कुछ समर्थक उग्र हो गए और ईडी की गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। घटनास्थल पर तनावपूर्ण माहौल बन गया, जिसके बाद सुरक्षा बलों को अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ी।

बताया जा रहा है कि ईडी की टीम कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में जांच के लिए पहुंची थी। हालांकि, विपक्ष ने इस कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताया है, जबकि जांच एजेंसी का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में की जा रही है।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और तोड़फोड़ में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है। घटना के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर सियासी गर्मी बढ़ गई है।

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