प्रश्नपत्र चोरी मामले में दोषियों के निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग तेज, अभाविप ने कहा— कार्रवाई पूरी होने तक चरणबद्ध संघर्ष रहेगा जारी।
भोपाल, 7 जुलाई। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में प्रश्नपत्र चोरी प्रकरण को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन किया। आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा नियंत्रक को तत्काल प्रभाव से सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया और परीक्षा कार्य से जुड़े संविदा संकाय सदस्य सहित संबंधित अधिकारियों की विभागीय जांच शुरू करने का निर्णय लिया।
अभाविप ने इस कार्रवाई को विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन की पहली सफलता बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि केवल दायित्वों से मुक्त करना पर्याप्त नहीं है। परिषद ने मांग की है कि जिन अधिकारियों की प्रथम दृष्टया प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए, ताकि पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां निष्पक्ष एवं स्वतंत्र रूप से जांच पूरी कर सकें।
परिषद का कहना है कि प्रश्नपत्र चोरी केवल आपराधिक मामला नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक जवाबदेही का भी गंभीर विषय है। दोषी पाए जाने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय की साख और विद्यार्थियों का विश्वास बहाल हो सके।
अभाविप भोपाल महानगर मंत्री आरती ठाकुर ने कहा कि आरजीपीवी प्रदेश का एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय है, जहां लाखों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा नियंत्रक को दायित्वों से मुक्त करना सकारात्मक कदम है, लेकिन दोषियों के निलंबन, निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई तक विद्यार्थी परिषद का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।
परिषद ने चेतावनी दी कि यदि समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रहित और विश्वविद्यालय की गरिमा की रक्षा के लिए आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।





