‘पाइरिडिल आधारित शिफ बेस से व्युत्पन्न संक्रमण धातु कॉम्प्लेक्स’ विषय पर किया शोध, परिवार और शुभचिंतकों ने दी बधाई
भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल ने रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) विषय में शोधार्थी डॉ. अंजुल दादोरिया को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) की उपाधि प्रदान की है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, शिक्षाविदों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
डॉ. अंजुल दादोरिया, डॉ. पी. डी. दादोरिया एवं श्रीमती उर्मिला दादोरिया के सुपुत्र हैं। उनका शोध प्रबंध “कुछ पाइरिडिल आधारित शिफ बेस से व्युत्पन्न संक्रमण धातु कॉम्प्लेक्स – संश्लेषण और स्पेक्ट्रोस्कोपिक लक्षण वर्णन” विषय पर आधारित है। इस शोध में संक्रमण धातु कॉम्प्लेक्स के संश्लेषण एवं उनके स्पेक्ट्रोस्कोपिक विश्लेषण से जुड़े महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पहलुओं का अध्ययन किया गया है।
उन्होंने अपना शोध कार्य डॉ. सुमन मलिक के निर्देशन तथा डॉ. अर्चना सिंह, साधु वासवानी (स्वायत्त) महाविद्यालय, बैरागढ़, भोपाल के सह-निर्देशन में सफलतापूर्वक पूर्ण किया। विश्वविद्यालय द्वारा शोध कार्य का मूल्यांकन पूर्ण होने के बाद उन्हें पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई।
डॉ. अंजुल दादोरिया की इस उपलब्धि पर उनकी पत्नी शशि दादोरिया, पुत्री कनिष्का दादोरिया, बहनें सरोज किरार एवं अंजली किरार सहित परिवार के वरिष्ठ सदस्य इंजीनियर एम. आर. दादोरिया, श्री आर. जी. दादोरिया, एडवोकेट आई. पी. एस. दादोरिया, इंजीनियर आर. के. दादोरिया तथा समस्त दादोरिया परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
डॉ. अंजुल दादोरिया की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि क्षेत्र के युवा शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है। स्थानीय शिक्षाविदों ने विश्वास जताया कि उनका शोध रसायन विज्ञान के क्षेत्र में भविष्य के अनुसंधानों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।




