करीब 1,000 से अधिक फैक्ट्री कर्मचारियों ने बढ़ती महंगाई और कम वेतन के खिलाफ आवाज उठाई। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनावपूर्ण स्थिति भी देखने को मिली।
नोएडा फेज-2 में हजारों फैक्ट्री कर्मचारियों ने वेतन, बोनस और कथित श्रमिक शोषण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में शामिल श्रमिकों का कहना है कि मौजूदा समय में ₹11,000 से ₹13,000 की सैलरी में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।
प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने ₹20,000 न्यूनतम वेतन और 8 घंटे की निर्धारित शिफ्ट लागू करने की मांग की। उनका कहना है कि यह सिर्फ मांग नहीं बल्कि श्रमिकों का अधिकार है, जो उन्हें संविधान और श्रम कानूनों के तहत मिलना चाहिए।
मजदूरों का आरोप है कि लगातार बढ़ती महंगाई, लंबे कार्य घंटे और कम वेतन के कारण उनका जीवन संकट में है। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। इसी बीच पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और तनाव की स्थिति बन गई, जिसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी आवाज को दबाने की बजाय उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। वहीं प्रशासन की ओर से कानून व्यवस्था बनाए रखने की बात कही जा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर मजदूरों के वेतन, कार्य परिस्थितियों और श्रमिक अधिकारों को लेकर देशभर में बहस छेड़ दी है।
