नर्मदापुरम के बलराम कृषि महोत्सव में वर्चुअल संबोधन, कवच योजना से मिलेगा नया कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नर्मदापुरम में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसान हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के खेतों से लेकर उनके खातों तक हर जरूरत का ध्यान रख रही है। सिंचाई, बिजली, खाद-बीज और कृषि यंत्रों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ किसानों के खातों में फसल बीमा, सम्मान निधि और ब्याज मुक्त ऋण की राशि भी पहुंचाई जा रही है।
कवच योजना से दूर होगी किसानों की चिंता
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की कैबिनेट ने हाल ही में ऐतिहासिक कवच योजना को मंजूरी दी है। इस योजना से उन किसानों को राहत मिलेगी, जो सहकारी खातों में पुरानी गड़बड़ियों या लंबित जांच के कारण नए कृषि ऋण और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे थे। अब ऐसे किसानों को मुख्यधारा में लाकर नया कृषि ऋण और सभी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
बलराम कृषि महोत्सव बना किसानों से संवाद का मंच
डॉ. यादव ने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव किसानों के साथ संवाद का एक महत्वपूर्ण मंच है। अब तक प्रदेश के 20 जिलों में 10 आयोजन हो चुके हैं और नर्मदापुरम में यह 11वां महोत्सव है। उन्होंने कहा कि सरकार बुवाई से लेकर फसल के बेहतर दाम दिलाने तक किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
एमएसपी, बोनस और भावांतर योजना से किसानों को राहत
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में रिकॉर्ड 104 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद एमएसपी और बोनस के साथ की गई। सोयाबीन उत्पादकों को भावांतर योजना का लाभ मिला है और अब सरसों एवं धान को भी इस योजना में शामिल किया गया है। पहली बार श्रीअन्न कोदो-कुटकी की एमएसपी पर खरीदी के साथ बोनस दिया गया है। वहीं मूंग उपार्जन की सीमा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दी गई है।
फसल विविधीकरण और पशुपालन पर जोर
मुख्यमंत्री ने किसानों से फसल विविधीकरण अपनाने की अपील करते हुए पशुपालन, मत्स्य पालन और दुग्ध उत्पादन को आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए दुग्ध समितियों का गठन किया जा रहा है और सरकार हर संभव सहयोग दे रही है।
उद्यानिकी और फूड प्रोसेसिंग को मिलेगा बढ़ावा
डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम में आम, अमरूद, संतरा, अनार, नींबू और केला जैसी उद्यानिकी फसलों की अपार संभावनाएं हैं। सरकार फलों के बाग, नर्सरी, पॉलीहाउस और शेडनेट हाउस की स्थापना पर अनुदान दे रही है। साथ ही फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाने पर 50 प्रतिशत तक सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है। महिला स्व-सहायता समूहों को “एक बगिया मां के नाम” योजना से भी लाभ दिया जा रहा है।
रेशम नगरी नर्मदापुरम के विकास पर सरकार का फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि नर्मदापुरम अपनी उच्च गुणवत्ता वाले रेशम, शरबती गेहूं और बासमती चावल के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने कहा कि बाबई-मोहासा औद्योगिक क्षेत्र तेजी से विकसित हो रहा है और सरकार क्षेत्र के कृषि एवं औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए लगातार काम कर रही है।
किसानों के कल्याण के लिए निरंतर जारी रहेंगी योजनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पूरा वर्ष किसान कल्याण को समर्पित है और किसानों की आय बढ़ाने, आधुनिक खेती को बढ़ावा देने तथा कृषि क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार लगातार नई योजनाएं और गतिविधियां संचालित करती रहेगी।
