किताब से कल तक’ कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों से किया संवाद;
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल स्थित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में आयोजित ‘किताब से कल तक’ कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षकों से आत्मीय संवाद किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, नई तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), अनुशासन, करियर, तनाव प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास जैसे विषयों पर खुलकर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने छात्राओं को एआई का उपयोग सोच-समझकर करने की सलाह देते हुए कहा कि तकनीक सहायक है, लेकिन अंतिम निर्णय हमेशा अपने विवेक से लेना चाहिए।
स्कूल की छात्रा कैबिनेट से प्रभावित हुए मुख्यमंत्री
कार्यक्रम की सबसे खास बात विद्यालय की छात्रा कैबिनेट रही। मुख्यमंत्री को जब पता चला कि विद्यालय में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत छात्रा मंत्रिमंडल का गठन होता है, तो उन्होंने कैबिनेट के सभी सदस्यों को मंच पर बुलाकर उनका परिचय लिया।

हेड गर्ल, डिप्टी हेड गर्ल, स्पोर्ट्स मिनिस्टर, कल्चरल मिनिस्टर, डिसिप्लीन मिनिस्टर सहित अन्य पदाधिकारियों ने अपने दायित्वों की जानकारी दी। छात्राओं ने बताया कि विद्यालय में चुनाव प्रचार, मतदान और कैबिनेट गठन पूरी लोकतांत्रिक प्रक्रिया से होता है तथा प्रत्येक माह शिक्षकों के साथ बैठक कर विद्यालय के विकास और अनुशासन से जुड़े निर्णय लिए जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने छात्राओं की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र की समझ बचपन से विकसित होना बेहद जरूरी है।
AI का करें उपयोग, लेकिन तथ्यों को करें क्रॉस चेक
संवाद के दौरान एक छात्रा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या वे चैटजीपीटी जैसे AI टूल्स का इस्तेमाल करते हैं। इस पर डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वे विभिन्न कार्यक्रमों और समसामयिक विषयों की जानकारी लेने के लिए AI का उपयोग करते हैं, ताकि नवीनतम जानकारी प्राप्त हो सके।
हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि “चाहे ChatGPT हो या अन्य कोई AI प्लेटफॉर्म, यह अंतिम सत्य नहीं है। AI का उपयोग करें, लेकिन अपना दिमाग जरूर लगाएं और तथ्यों को क्रॉस चेक करना कभी न भूलें।”
सरकारी स्कूलों की बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने कहा कि वे स्वयं सरकारी विद्यालय से पढ़े हैं और आज मध्यप्रदेश के सांदीपनि विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नया मॉडल बनकर उभर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज निजी विद्यालयों के विद्यार्थी भी सांदीपनि विद्यालयों में प्रवेश लेना चाहते हैं, जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था में आए सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है।
उन्होंने बताया कि कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय के 58 विद्यार्थियों ने मेरिट सूची में स्थान प्राप्त किया है, जो पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।
शिक्षा के साथ तय करें जीवन का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने छात्राओं को केवल परीक्षा तक सीमित न रहने की सलाह देते हुए कहा कि पाठ्यक्रम की पढ़ाई के साथ जीवन का लक्ष्य तय करना भी जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों से डॉक्टर, इंजीनियर, सेना, कृषि, उद्यमिता और राजनीति सहित विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शिक्षित युवा कृषि, पशुपालन और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में भी अपार संभावनाएं तलाश सकते हैं और प्रदेश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
समय प्रबंधन और अनुशासन सफलता की कुंजी
एक छात्रा के प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने सार्वजनिक जीवन की व्यस्तताओं के बावजूद एमए, एमबीए और पीएचडी की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने कहा कि जीवन में सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे प्रतिदिन अध्ययन, खेल, स्वाध्याय और आत्ममूल्यांकन के लिए समय निर्धारित करें। उन्होंने बताया कि वे आज भी नियमित रूप से डायरी लिखते हैं और अपने कार्यों की समीक्षा करते हैं।
तनाव दूर करने के बताए आसान उपाय
तनाव प्रबंधन से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति को अपनी दिनचर्या संतुलित रखनी चाहिए। उन्होंने बताया कि वे तनाव कम करने के लिए संगीत सुनते हैं, योग और व्यायाम करते हैं तथा पर्याप्त नींद को भी जरूरी मानते हैं।
शिक्षकों से भी किया संवाद
कार्यक्रम के दूसरे चरण में मुख्यमंत्री ने विद्यालय के शिक्षकों से संवाद किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को स्वावलंबी बनने, रोजगार सृजित करने, कृषि, उद्यमिता, सेना और राजनीति जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया।
विद्यालय की विशेषताएं
वर्ष 1958 में स्थापित कमला नेहरू सांदीपनि कन्या शासकीय विद्यालय में वर्तमान में नर्सरी से कक्षा 12वीं तक 1800 से अधिक छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब, गणित प्रयोगशाला, पुस्तकालय तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप आधुनिक शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध है।
विद्यालय को हरित विद्यालय श्रेणी में राष्ट्रीय स्तर पर नामांकन प्राप्त हो चुका है तथा राज्य स्तरीय स्कूल सर्टिफिकेशन में सिल्वर अवॉर्ड भी मिल चुका है। विद्यालय में छात्रा कैबिनेट का चुनाव ईवीएम आधारित एप के माध्यम से कराया जाता है, जिससे विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों का विकास हो सके।
मुख्यमंत्री का संदेश
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छात्राओं से कहा कि नई तकनीक को अपनाएं, निरंतर सीखते रहें, अपने छोटे भाई-बहनों को भी शिक्षा के लिए प्रेरित करें और जीवन में अनुशासन, संस्कार तथा ज्ञान को सबसे बड़ी पूंजी मानें।
