विधानसभा सत्र में पेश होगा UCC विधेयक, इसी सत्र में पारित होने की उम्मीद: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मध्य प्रदेश की राजनीति से बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव Mohan Yadav ने घोषणा की है कि आगामी विधानसभा सत्र में समान नागरिक संहिता यानी UCC विधेयक प्रस्तुत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार विधानसभा सत्र में कई महत्वपूर्ण और समसामयिक विषयों से जुड़े प्रस्ताव और विधेयक लेकर आ रही है। इनमें समान नागरिक संहिता का विधेयक भी शामिल है।

उन्होंने विश्वास जताते हुए कहा कि बाबा महाकाल की कृपा से UCC विधेयक इसी विधानसभा सत्र में पारित होगा। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में UCC को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

अब सभी की नजरें आगामी विधानसभा सत्र पर टिकी हैं, जहां इस महत्वपूर्ण विधेयक को सदन के पटल पर रखा जाएगा।

फिलहाल, UCC विधेयक को लेकर सरकार की तैयारियां और विपक्ष की प्रतिक्रिया पर सभी की नजर बनी हुई है।

मिर्जापुर कलेक्ट्रेट में पकड़ा गया फर्जी इंस्पेक्टर!

कलेक्ट्रेट में घूम रहा था नकली इंस्पेक्टर, जनता ने मौके पर ही कर दिया फैक्ट चेक

उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। कलेक्ट्रेट परिसर में खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर घूम रहा एक युवक लोगों के शक के घेरे में आ गया।

सिंगल स्टार, दाढ़ी और वर्दी देखकर हुआ शक, मिर्जापुर में पकड़ा गया फर्जी पुलिसकर्मी

दरअसल, उसके बालों का स्टाइल, सजी हुई दाढ़ी, कंधे पर लगा सिंगल स्टार और ढीली-ढाली वर्दी देखकर लोगों को कुछ गड़बड़ महसूस हुई। शक बढ़ा तो मौके पर मौजूद लोगों ने उससे पूछताछ शुरू कर दी।

जब उसकी पहचान और तैनाती से जुड़े सवाल पूछे गए तो वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया। इसके बाद लोगों ने वहीं उसका “फैक्ट चेक” कर डाला और मामला खुल गया।

बालों का स्टाइल और ढीली वर्दी ने खोल दी पोल, मिर्जापुर में फर्जी इंस्पेक्टर गिरफ्तार

जांच में सामने आया कि वह असली पुलिस इंस्पेक्टर नहीं, बल्कि फर्जी वर्दी पहनकर लोगों को गुमराह कर रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी सिर्फ रौब झाड़ने के लिए वर्दी पहन रहा था या इसके पीछे कोई बड़ा मकसद भी था।

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मंत्री सारंग ने सड़क निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की बनाई राह

भोपाल

भोपाल में 10 लेन सड़क निर्माण परियोजना के अंतर्गत नयापुरा सेंट्रल जेल के समीप अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के लिए NHAI, नगर निगम, राजस्व और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम पहुंची थी। प्रस्तावित कार्रवाई से क्षेत्र में निवासरत अनेक गरीब और श्रमिक परिवार प्रभावित होने वाले थे। जैसे ही इस संबंध में जानकारी क्षेत्रीय विधायक एवं मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग को मिली, उन्होंने तत्काल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों से चर्चा कर सड़क निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों को पुनर्वास के लिये प्लॉट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

गरीब परिवारों के पुनर्वास को प्राथमिकता देने के निर्देश

मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि विकास कार्यों के साथ गरीब परिवारों के हितों और उनकी आजीविका का भी पूरा ध्यान रखा जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को पहले वैकल्पिक भूमि और आवासीय व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। मंत्री  सारंग ने कहा कि किसी भी गरीब परिवार को बेघर होने की स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा और सरकार उनके पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।

शिफ्टिंग में किसी प्रकार की परेशानी न हो

मंत्री  सारंग ने निर्देश दिए कि प्रभावित परिवारों के स्थानांतरण में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक परिवार को सम्मानपूर्वक और व्यवस्थित तरीके से नई जगह पर बसाने की जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। मंत्री  सारंग ने यह भी सुनिश्चित कराया कि NHAI द्वारा प्रभावित परिवारों की शिफ्टिंग में हर संभव सहयोग किया जाएगा तथा लोगों को स्थानांतरण की तैयारी के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय दिया जाएगा।

निवास के निकट ही उपलब्ध कराई जाएगी भूमि

मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रभावित परिवारों को उनके वर्तमान निवास क्षेत्र के निकट ही भूमि उपलब्ध कराई जाए, जिससे बच्चों की पढ़ाई, रोजगार और दैनिक जीवन प्रभावित नही हो। उन्होंने कहा कि पुनर्वास की प्रक्रिया मानवीय दृष्टिकोण और संवेदनशीलता के साथ पूरी की जाए।

मंत्री सारंग ने प्रस्तुत किया संवेदनशील विकास का मॉडल

मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रदेश के विकास और आधारभूत संरचना निर्माण के कार्य आवश्यक हैं, लेकिन विकास की कीमत गरीबों की पीड़ा नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं समय पर पूरी हों। साथ ही प्रभावित परिवारों के सम्मान और अधिकारों की भी रक्षा हो। मंत्री  सारंग के हस्तक्षेप से क्षेत्र के लोगों में राहत का माहौल है।

स्थानीय रहवासियों ने मंत्री  सारंग का जताया आभार

मंत्री  सारंग के संवेदनशील हस्तक्षेप के बाद क्षेत्र के स्थानीय रहवासियों और प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली तथा उनके प्रति आभार व्यक्त किया। रहवासियों का कहना है कि यदि तत्काल कार्रवाई होती तो अनेक परिवारों के सामने आवास और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो जाता। लोगों ने कहा कि मंत्री सारंग ने मौके पर पहुंचकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए पहले पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मंत्री  सारंग के हस्तक्षेप से प्रभावित परिवारों में विश्वास और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है जिससे विकास के साथ संवेदनशीलता का उदाहरण दिया। उन्होंने सड़क निर्माण के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की बनाई राह।

 

गुना के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल महिला को त्वरित सहायता से पहुँचाया अस्पताल

भोपाल 

गुना जिले के थाना विजयपुर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्पर एवं संवेदनशील कार्रवाई से मोटर साइकिल दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल महिला को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। इस त्वरित कार्रवाई से घायल महिला को शीघ्र चिकित्सकीय सहायता मिल सकी।

16 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना विजयपुर क्षेत्र अंतर्गत लाहौरी ऑटो पार्क के पास एक मोटर साइकिल दुर्घटनाग्रस्त हो गई है, जिसमें एक महिला घायल हो गई है एवं तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही विजयपुर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ प्रधान आरक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह एवं पायलट श्री राम लखन मीणा ने मौके पर पहुँचकर पाया कि ब्रेकर पर मोटर साइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी, जिससे एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए घायल महिला को तत्काल एफआरव्ही वाहन की सहायता से शासकीय चिकित्सालय, सांडा पहुँचाया।

डायल-112 की त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई से घायल महिला को समय पर उपचार उपलब्ध हो सका। डायल-112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना दर्शाती है कि मध्यप्रदेश पुलिस की डायल-112 सेवा आपात परिस्थितियों में आमजन की सहायता हेतु सदैव सजग, संवेदनशील एवं प्रतिबद्ध है।

 

जी.एच. रायसोनी मेमोरियल मध्यप्रदेश स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन प्रतियोगिता में अकादमी खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन

भोपाल 

खरगोन में 11 से 16 जून 2026 तक आयोजित जी.एच. रायसोनी मेमोरियल मध्यप्रदेश स्टेट जूनियर रैंकिंग बैडमिंटन प्रतियोगिता-2026 में खेल अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न स्पर्धाओं में स्वर्ण एवं कांस्य पदक हासिल किए। अंडर-19 वर्ग में अकादमी के खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन कर प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

नवैध्या टोंडे बने प्रतियोगिता के स्टार खिलाड़ी

अकादमी के खिलाड़ी नवैध्या टोंडे ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए बालक एकल (अंडर-19) एवं बालक युगल (अंडर-19) दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर दोहरी सफलता हासिल की। पूरे टूर्नामेंट में उनके आक्रामक और तकनीकी खेल ने सभी को प्रभावित किया।

बालिका वर्ग में पाखी और संस्कृति का शानदार प्रदर्शन

पाखी गुप्ता ने बालिका युगल (अंडर-19) स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने के साथ बालिका एकल (अंडर-19) में कांस्य पदक प्राप्त किया। वहीं संस्कृति अग्रवाल ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए बालिका युगल (अंडर-19) का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

रुद्र प्रताप ठाकुर ने भी दिलाए महत्वपूर्ण पदक

अकादमी के खिलाड़ी रुद्र प्रताप ठाकुर ने बालक युगल (अंडर-19) में स्वर्ण पदक जीतने के साथ मिक्स्ड डबल्स (अंडर-19) में कांस्य पदक हासिल कर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। उनके प्रदर्शन ने अकादमी की पदक संख्या बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में अकादमी खिलाड़ियों का दबदबा

मध्यप्रदेश बैडमिंटन संघ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतिष्ठित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में प्रदेशभर के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबलों के बीच अकादमी खिलाड़ियों ने आत्मविश्वास, अनुशासन और उत्कृष्ट तकनीक का परिचय देते हुए कई महत्वपूर्ण मुकाबले अपने नाम किए। खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन के बल पर अकादमी ने प्रतियोगिता में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की।

मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण

अकादमी खिलाड़ियों की यह उपलब्धि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं को दिए जा रहे गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और खिलाड़ियों की निरंतर मेहनत का परिणाम है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हासिल की गई यह सफलता भविष्य की राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने वाली है।

खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि खिलाड़ियों ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।

मंत्री  सारंग ने विश्वास व्यक्त किया कि खिलाड़ी भविष्य में भी राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

सामूहिक प्रयास का परिणाम

इस सफलता का श्रेय खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं सहयोगी स्टाफ को भी जाता है, जिनके सतत मार्गदर्शन और मेहनत से खिलाड़ी इस मुकाम तक पहुंचे हैं। खिलाड़ियों की उपलब्धि प्रदेश की खेल अकादमियों में उपलब्ध उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है।

 

इंदौर पुलिस की बड़ी सफलता स्क्रैप व्यापारी के कर्मचारी से 29 लाख 65 हजार रुपए की लूट का खुलासा 03 आरोपी गिरफ्तार

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में संगठित अपराधों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कार्रवाई के अंतर्गत इंदौर पुलिस ने स्क्रैप व्यापारी के कर्मचारी से हुई 29 लाख 65 हजार रुपए की लूट की वारदात का त्वरित खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई राशि में से 22 लाख 60 हजार रुपए नगद, लूट की रकम से खरीदी गई एक आई-20 कार तथा घटना में प्रयुक्त अन्य सामग्री जब्त की है।

फरियादी मुकुल अग्रवाल, निवासी रामचंद्र नगर एक्सटेंशन, इंदौर द्वारा थाना पंढरीनाथ में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि 11 जून को वह अपने स्क्रैप व्यवसाय से संबंधित विभिन्न प्रतिष्ठानों से भुगतान राशि एकत्रित कर लगभग 29 लाख 65 हजार रुपए नगद लेकर दोपहिया वाहन से जा रहा था। इसी दौरान रात्रि में जायसवाल धर्मशाला के समीप दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसे रोककर मारपीट की तथा नकदी से भरा बैग छीनकर फरार हो गए।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त इंदौर  संतोष कुमार सिंह के निर्देशन में आठ विशेष पुलिस टीमों का गठन कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ की गई।

जांच के दौरान पुलिस टीमों ने घटना स्थल एवं संभावित मार्गों के 800 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का सूक्ष्म विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर तंत्र एवं सतत पुलिसिंग के आधार पर एक संदिग्ध एक्टिवा वाहन की पहचान की गई, जिस पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। इसके बाद इंदौर सहित आसपास के जिलों एवं अन्य राज्यों में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी गई।

अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों ने वारदात को पूरी योजना के साथ अंजाम दिया था। आरोपियों द्वारा फरियादी की पूर्व से रेकी की जा रही थी तथा भुगतान संग्रहण के प्रथम स्थान से ही उसका पीछा किया जा रहा था। उपयुक्त अवसर मिलते ही उन्होंने लूट की घटना को अंजाम दिया।

पूछताछ में मुख्य आरोपी ने बताया कि क्रिप्टोकरेंसी में हुए आर्थिक नुकसान एवं बढ़ते कर्ज के कारण उसने लूट की योजना बनाई थी। उसने अपने दो साथियों को फरियादी की गतिविधियों पर नजर रखने तथा रेकी करने का जिम्मा सौंपा था।

पुलिस टीमों द्वारा लगातार दबिश एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर सह-आरोपी को भी अलग-अलग स्थानों से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस द्वारा शेष लूटी गई राशि की बरामदगी तथा प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों के संबंध में आरोपियों का पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया है। मामले में विस्तृत विवेचना जारी है।

मध्यप्रदेशपुलिस संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है तथा अपराधियों के विरुद्ध इस प्रकार की प्रभावी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगा।

 

मध्य प्रदेश में 29 IAS अधिकारियों के तबादले, भोपाल और रीवा संभाग को मिले नए कमिश्नर

भोपाल

मध्य प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में एक बड़ा फेरबदल करते हुए भारतीय प्रशासनिक सेवा (भाप्रसे) के 29 वरिष्ठ अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी इस सूची में भोपाल और रीवा संभाग के कमिश्नरों को बदलने के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख सचिवों, सचिवों और निदेशकों के प्रभार में भी बदलाव किया गया है।
भोपाल और रीवा संभाग को मिले नए कमिश्नर

आदेश के मुताबिक, भोपाल संभाग के वर्तमान कमिश्नर श्री संजीव सिंह (2005) को अब सचिव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनकी जगह श्री कर्मवीर शर्मा (2010), जो वर्तमान में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आयुक्त व सचिव थे, उन्हें भोपाल संभाग का नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है।

वहीं, रीवा संभाग के कमिश्नर बाबू सिंह जामोद (2006) को भोपाल मंत्रालय में नगरीय विकास एवं आवास विभाग का सचिव बनाया गया है । उनकी जगह अब शीलेन्द्र सिंह (2010) रीवा संभाग के नए कमिश्नर होंगे ।
इन वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में हुआ बदलाव

 मुकेश चन्द गुप्ता (1998): सचिव, मानव अधिकार आयोग से अब प्रमुख सचिव, जेल विभाग बनाए गए हैं।

 डॉ. ई. रमेश कुमार (1999): प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग से अब प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग तथा राहत एवं पुनर्वास आयुक्त नियुक्त किए गए हैं।
    विवेक कुमार पोरवाल (2000): प्रमुख सचिव, राजस्व विभाग से अब प्रमुख सचिव, खनिज साधन विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे।
    दीपक सिंह (2007): आयुक्त-सह-पंजीयक, सहकारी संस्थाएं से अब मध्यप्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव बनाए गए हैं।
    अमित तोमर (2009): पंजीयन महानिरीक्षक से अब प्रबंध संचालक, ऊर्जा विकास निगम तथा आयुक्त, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा का अतिरिक्त प्रभार संभालेंगे।

अपर मुख्य सचिवों को सौंपे गए अतिरिक्त प्रभार

तबादला सूची के साथ ही शासन ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं:

    के.सी. गुप्ता (1992): अपर मुख्य सचिव, कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग को अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ कृषि उत्पादन आयुक्त (APC) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
    अनिरूद्ध मुकर्जी (1993): अध्यक्ष, राजस्व मण्डल ग्वालियर को पर्यावरण आयुक्त तथा महानिदेशक, एप्को का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है।
    गुलशन बामरा (1997): प्रमुख सचिव, जनजातीय कार्य विभाग को प्रमुख सचिव, अनुसूचित जाति कल्याण विभाग का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
    सोनिया मीना (2013): अपर सचिव, वित्त विभाग को आयुक्त-सह-संचालक, संस्थागत वित्त का अतिरिक्त प्रभार मिला है।

इसके साथ ही, नई नियुक्तियों के बाद अपर मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल और मनु वास्तव सहित वरिष्ठ अधिकारी मनीष सिंह और अरविन्द कुमार दुबे कुछ अतिरिक्त प्रभारों से मुक्त होंगे।
ये अधिकारी भी बदले गए

मंत्रालय द्वारा जारी सूची में कई अन्य जिलों और विभागों के अपर सचिव, उप सचिव और निदेशकों के स्तर पर भी बदलाव हुए हैं:

  •     नेहा मारव्या सिंह (2011) को उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण का आयुक्त-सह-संचालक बनाया गया है।
  •     मनोज पुष्प (2011) को लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण का संचालक नियुक्त किया गया है।
  •     रोहित सिंह (2012) अब बजट संचालक की जिम्मेदारी संभालेंगे।
  •     हर्षिका सिंह (2012) को अपर सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग बनाया गया है।
  •     भारती जाटव ओगरे (2012) को कोष एवं लेखा का आयुक्त नियुक्त किया गया है।
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  • आदेश की आधिकारिक पुष्टि

यह बड़ा प्रशासनिक आदेश राज्य के राज्यपाल के नाम से मुख्य सचिव अनुराग जैन द्वारा जारी किया गया है , जिसकी प्रतिलिपियाँ भारत सरकार के कार्मिक विभाग सहित राज्य के सभी संबंधित विभागों और कोषालयों को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी गई हैं।

 

देवरिया मेडिकल कॉलेज में बड़ी लापरवाही का आरोप

घायल हाथ छोड़ दूसरे हाथ में प्लास्टर, मासूम शाम्भवी उपाध्याय के मामले ने खड़े किए गंभीर सवाल

उत्तर प्रदेश के देवरिया से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि मासूम शाम्भवी उपाध्याय के जिस हाथ में चोट थी, डॉक्टरों ने उसकी जगह दूसरे हाथ में प्लास्टर कर दिया। यदि यह आरोप सही साबित होता है तो यह केवल एक चिकित्सीय गलती नहीं बल्कि मरीजों की सुरक्षा और इलाज की गुणवत्ता से जुड़ा बेहद गंभीर विषय है।

प्रमुख बिंदु

● मासूम शाम्भवी उपाध्याय के सीधे हाथ में चोट लगने का दावा।

● परिजनों का आरोप- डॉक्टरों ने घायल हाथ की जगह दूसरे हाथ में प्लास्टर चढ़ा दिया।

● घटना का मामला महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज, देवरिया से जुड़ा बताया जा रहा है।

● परिजनों में नाराजगी, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल।

● मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग।

सवाल जो सरकार से पूछे जाने चाहिए

क्या मरीजों की सुरक्षा सिर्फ कागजों तक सीमित है?

सरकार लगातार स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के दावे करती है, करोड़ों रुपये अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों पर खर्च किए जाते हैं। लेकिन यदि एक घायल बच्चे के उपचार में भी ऐसी चूक हो रही है तो यह व्यवस्था की निगरानी पर बड़ा प्रश्नचिह्न है।

जवाबदेही तय क्यों नहीं होती?

अक्सर चिकित्सा लापरवाही के मामलों में जांच की घोषणा तो होती है, लेकिन जिम्मेदार लोगों तक कार्रवाई पहुंचते-पहुंचते मामला ठंडा पड़ जाता है। इससे लापरवाही करने वालों का मनोबल बढ़ता है और आम मरीज असुरक्षित महसूस करता है।

क्या अस्पतालों में दोबारा जांच की व्यवस्था है?

किसी भी प्लास्टर, ऑपरेशन या गंभीर उपचार से पहले मरीज की पहचान और प्रभावित अंग की पुष्टि की जानी चाहिए। यदि ऐसी प्रक्रिया मौजूद है तो फिर ऐसी गलती के आरोप सामने क्यों आ रहे हैं?

जनता के लिए जरूरी दिशा निर्देश इलाज के दौरान सतर्क रहें

● डॉक्टर द्वारा बताए गए उपचार को ध्यान से समझें।

● एक्स-रे और मेडिकल रिपोर्ट स्वयं देखें और सुरक्षित रखें।

● प्लास्टर, इंजेक्शन या ऑपरेशन से पहले संबंधित अंग की पुष्टि करें।

● किसी भी गलती की आशंका होने पर तुरंत वरिष्ठ चिकित्सक से संपर्क करें।

● अस्पताल की शिकायत प्रणाली का उपयोग करें।

समाज के लिए संदेश

स्वास्थ्य सेवाएं केवल सरकार या डॉक्टरों की जिम्मेदारी नहीं हैं। समाज को भी जागरूक रहना होगा। मरीजों के अधिकारों की जानकारी होना उतना ही जरूरी है जितना इलाज कराना। जागरूक नागरिक ही बेहतर व्यवस्था की मांग कर सकते हैं।

सरकार से मांग

● पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराई जाए।

● यदि लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।

● सभी सरकारी अस्पतालों में मरीज सुरक्षा प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू किया जाए।

● प्लास्टर, सर्जरी और अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से पहले अनिवार्य दोहरी जांच प्रणाली लागू की जाए।

● मेडिकल लापरवाही की शिकायतों के लिए पारदर्शी और त्वरित व्यवस्था बनाई जाए।

एक मासूम की पीड़ा ने स्वास्थ्य व्यवस्था के सामने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला केवल शाम्भवी उपाध्याय का नहीं, बल्कि उन लाखों मरीजों का है जो भरोसे के साथ सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पहुंचते हैं। जरूरत है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो, सच्चाई सामने आए और यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है तो दोषियों पर ऐसी कार्रवाई हो जो भविष्य में किसी अन्य मरीज के साथ ऐसी घटना होने से रोक सके।नोट: चूंकि यह मामला “आरोप” के रूप में बताया गया है, इसलिए पत्रकारिता और कानूनी दृष्टि से “डॉक्टर ने गलत हाथ में प्लास्टर कर दिया” को अंतिम तथ्य की तरह नहीं, बल्कि “परिजनों का आरोप है” या “जांच का विषय है” के रूप में प्रस्तुत करना अधिक सुरक्षित और पेशेवर रहेगा।

पीएम सेतु के तहत आईटीआई होंगी अपग्रेड पीएम सेतु योजना की राज्य स्टीयरिंग कमेटी की बैठक सम्पन्न

रायपुर

पीएम-सेतु (PM-SETU) योजना के तहत सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक और उद्योग-अनुकूल बनाया जा रहा है । इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन जैसी नई तकनीकों में प्रशिक्षित कर रोजगार के काबिल बनाना है। पुरानी मशीनों को बदलकर नई तकनीक वाली मशीनें लगाई जाएंगी और डिजिटल कंटेंट व स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा दी जाएगी। 
             
मुख्य सचिव  विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य में पीएम सेतु योजना के तहत गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने योजना के तहत राज्य की चयनित औद्यागिक प्रशिक्षण संस्थानों को अपग्रेड करने की जा रही कार्यवाही की प्रगति की समीक्षा की।
             
बैठक में पीएम सेतु के तहत राज्य के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों की सलाह से स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आईटीआई अपग्रेड करने और उद्योग नेतृत्व वाले एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के चयन हेतु जारी किए जाने वाले पात्रता मापदण्डों के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से ईओआई में भाग लेने वाले उद्योगों सहित समस्त पात्र उद्योगों एवं सार्वजनिक उपक्रमों को प्रस्ताव के लिए अनुरोध के बारे में प्रक्रिया में सहभागिता हेतु अवसर प्रदान करने पर भी चर्चा हुई।
           
इसी तरह से प्रधानमंत्री सेतु योजना अंतर्गत एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के ऑनबोर्डिंग हेतु जारी किए जाने वाले ड्राफ्ट के प्रस्ताव के अनुरोध के बारे में भी चर्चा हुई। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव  रजत कुमार, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव  बसवराजु एस. सहित वित्त विभाग, श्रम, स्कूल शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल, रोजगार एवं प्रशिक्षण, सीआईआई एवं भारत सरकार कौशल विकास और उद्यम शीलता महानिदेशालय छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अधिकारियों ने भाग लिया।

मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन और डब्ल्यूसीएल के बीच हुए महत्वपूर्ण एमओयू

भोपाल

वन्यजीव संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन को बढ़ावा देने की दिशा में मध्यप्रदेश टाइगर फाउंडेशन और वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (डब्ल्यूसीएल) के बीच 2 महत्वपूर्ण एमओयू हुए हैं। इनका उद्देश्य नर्मदापुरम स्थित सतपुड़ा टाइगर रिजर्व तथा सिवनी स्थित पेंच टाइगर रिजर्व में पर्यावरण एवं वन्यजीव संरक्षण को समर्थन प्रदान करना है।

समझौतों के अंतर्गत सतपुड़ा एवं पेंच टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और आवास प्रबंधन को सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न कार्य किए जाएंगे। इनमें वॉच टावरों का निर्माण, वन गश्ती अवसंरचना का सुदृढ़ीकरण, सौर ऊर्जा आधारित जल प्रणालियों की स्थापना, आक्रामक वनस्पति प्रजातियों का उन्मूलन तथा देशज घास भूमियों का पुनर्स्थापन शामिल है। ये समझौते दोनों टाइगर रिजर्व में जैव विविधता संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन की स्थितियां बेहतर करने सहायक होंगे।

इस अवसर पर डब्ल्यूसीएल प्रबंधन ने पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी अपनी सीएसआर के माध्यम से जैव विविधता संरक्षण तथा भारत की समृद्ध प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण में निरंतर सार्थक योगदान दे रही है।

डब्ल्यूसीएल के प्रतिनिधियों ने कहा कि अपने अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक तथा कार्यात्मक निदेशकों के दूरदर्शी नेतृत्व में कंपनी सस्टेनेबल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने के साथ पर्यावरण एवं समुदाय-केंद्रित प्रभावी पहलों को समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे उसके परिचालन क्षेत्रों में संरक्षण और विकास के बीच संतुलन स्थापित करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में पेंच टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक  देवा प्रसाद, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व की क्षेत्र संचालक सु राखी नंदा सहित डब्ल्यूसीएल एवं वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, डब्ल्यूसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक  एच.एस. पांडे, डब्ल्यूसीएल के  बिक्रम घोष (निदेशक, वित्त/मानव संसाधन),  आनंदजी प्रसाद (निदेशक, तकनीकी/संचालन) और  संदीप परांजपे (निदेशक, परियोजना एवं नियोजन) उपस्थित रहे।

 

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