मोहन नागर और स्व. भगवानदास रैकवार के योगदान ने मध्यप्रदेश को किया गौरवान्वित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु जी द्वारा मंगलवार को नई दिल्ली में मध्यप्रदेश की दो विभूतियों  मोहन नागर (समाज सेवा) तथा  भगवान दास रैकवार (खेल और बुंदेली मार्शल आर्ट, मरणोपरांत) को ‘पद्म’ सम्मान प्रदान किए जाने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समाज सेवा और खेल जगत में दोनों विभूतियों के उल्लेखनीय योगदान ने न केवल मध्यप्रदेश को गौरवान्वित किया है बल्कि समाज और युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का एक उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया है।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश से इस वर्ष (2026) कुल 4 हस्तियों का पद्म पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए चयन किया गया। इनमें  मोहन नागर,  कैलाश चंद्र पंत,  भगवान दास रैकवार और डॉ. नारायण व्यास शामिल हैं। भारत सरकार द्वारा 25 जनवरी 2026 को पुरस्कारों की घोषणा हुई। वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कार प्रदान करने का समारोह नई दिल्ली के राष्ट्रपति भवन में दो चरणों में आयोजित किया गया। पहला चरण 25 मई 2026 को संपन्न हुआ। इस वर्ष कुल 131 पद्म पुरस्कारों की घोषणा की गई। मध्य प्रदेश की दो विभूतियां  पंत जी (साहित्य और शिक्षा क्षेत्र) और डॉ व्यास जी (पुरातत्व क्षेत्र) प्रथम चरण में गत माह सम्मान प्राप्त कर चुकी हैं।

मंगलवार को हुए समारोह के द्वितीय चरण में 23 जून 2026 को 65 हस्तियों को सम्मानित किया गया। इसमें मध्यप्रदेश की दो विभूतियां शामिल हैं। मंगलवार 23 जून को  मोहन नागर ने सम्मान प्राप्त किया। इसके साथ ही गत 18 अप्रैल को दिवंगत हुए  भगवान दास रैकवार को मरणोपरांत सम्मान दिया गया, जो उनके पुत्र  राजकुमार रैकवार ने ग्रहण किया।

 

कौशल विकास और पर्यटन विभाग युवाओं के रोजगार के लिये समन्वयपूर्वक करें प्रबंध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में रोजगार के क्षेत्र में सतत रूप से नवाचारों की आवश्यकता है। मध्यप्रदेश में धार्मिक, प्राकृतिक, पुराधरोहर से संबंधित पर्यटन क्षेत्र समृद्ध है। पर्यटकों को आवश्यक मार्गदर्शन के लिए गाइड की व्यवस्था को सशक्त बनाने और विभिन्न व्यंजनों का आनंद दिलवाने के लिए कार्य की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। युवाओं को बड़ी संख्या में इन कार्यों से रोजगार मिलेगा। कौशल विकास और रोजगार विभाग का पर्यटन विभाग से तालमेल स्थापित कर यह कार्य संभव है। इसी तरह के रोजगारपरक कार्य दिलवाने के लिए विभिन्न विभाग नवाचार कर सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में कौशल विकास और रोजगार विभाग की गतिविधियों की बैठक में समीक्षा की। बैठक में कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल,मुख्य सचिव  अनुराग जैन, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार विभाग के प्रमुख सचिव  मनीष सिंह और विभागीय अधिकारी उपिस्थत थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में फैक्ट्री परिसर में भी प्रशिक्षण संस्था संचालित की जा सकती है। उद्योगों की जरूरत को देखते हुए आवश्यक ट्रेड में प्रशिक्षण के प्रबंध किए जाएं। कौशल विकास और रोजगार दिलवाने के विभिन्न विभागों के कार्यों का समग्र प्रतिवेदन भी तैयार किया जाए। विभिन्न विभाग संचालित योजनाओं से दी जा रही सेवाओं और सृजित नए रोजगारों का विवरण भी संकलित करें ताकि इस क्षेत्र की उपलब्धि एक नजर में दर्शाई जा सके। शासकीय और निजी क्षेत्र द्वारा उपलब्ध करवाए जा रहे रोजगार, राज्य की ही उपलब्धि है।

विभाग के प्रमुख नवाचार

बैठक में विभाग स्तर पर किए गए विभिन्न नवाचारों की जानकारी दी गई। परम फाउंडेशन के अंतर्गत 10 आईटीआई का संचालन एक विशेष नवाचार है। प्रतिमाह युवा संगम के आयोजन, महिला ड्राइविंग प्रशिक्षण, प्रतिभा सम्मान, वर्ष 2025 से आईटीआई में 30 प्रतिशत के स्थान पर 35 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करने, विद्यार्थियों को विदेशी भाषा प्रशिक्षण और इसके माध्यम से रोजगार की संभावना बढ़ाने का कार्य किया गया है। इसके अलावा मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के अंतर्गत तकनीकी और अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षण का लाभ युवाओं को दिलवाया गया है।

कौशल विकास क्षेत्र की प्रमुख उपलब्धियां

बैठक में विभागीय उपलब्धियों की जानकारी भी दी गई। इनमें वर्ष 2025 में 490 दिव्यांग प्रशिक्षणार्थियों को संस्थाओं में प्रवेश, गत 2 वर्ष में प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से 18 हजार 403 प्रशिक्षणार्थियों को रोजगार, वर्ष 2025 में आईटीआई चलो अभियान में अब तक के सर्वाधिक 49 हजार 402 प्रवेश, यूएन वूमेन के सहयोग से 12 जनजातीय बहुल जिलों की 2127 महिलाओं को प्रशिक्षण, प्रदेश के तीन प्रशिक्षण अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षक अवार्ड, युवा संगम से सवा तीन लाख आवेदकों को लाभ, संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में वर्ष 2024 से रोबोटिक्स, मेक्ट्रोनिक्स ऑटोमोबाइल जैसे 9 आधुनिक लाँगटर्म कोर्स का संचालन, 10 संभागीय आईटीआई के लिए हब इंस्टीट्यूट के रूप में व्यवस्थाएं कर ऑन-द-ऑब ट्रेनिंग और प्लेसमेंट सहायता दिलवाई जा रही है। वर्ष 2025 में आई टी आई में 3484 सीटों की वृद्धि की गई। वर्ष 2026 में 2356 सीटों की वृद्धि हुई। इस तरह दो वर्ष में 5840 सीट्स बढ़ी हैं। आईटीआई के विभिन्न ट्रेड में इस वर्ष 10 प्रशिक्षणार्थियों ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त किए। इसके अतिरिक्त कौशल विकास और रोजगार विभाग युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय स्पर्धाओं में भागीदारी का अवसर दिलवा रहा है। इस क्रम में वर्ष 2024 में फ्रांस में हुई अंतर्राष्ट्रीय वर्ल्ड स्किल स्पर्धा में मध्यप्रदेश के संस्कार शर्मा ने सायबर सिक्योरिटी स्किल में मेडालियम ऑफ एक्सीलेंस हासिल किया। क्षेत्रीय स्पर्धा में 44 पदक और राष्ट्रीय स्पर्धा में 8 पदक प्राप्त करने की उपलब्धि भी मध्यप्रदेश को मिली है। ग्लोबल पार्क, भोपाल में वर्ष 2026-27 में 3 हजार सर्टिफिकेशन का लक्ष्य तय किया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश

  •              प्रदेश में कौशल विकास की गतिविधियां निरंतर संचालित हों।
  •              औद्योगिक संस्थानों की आवश्यकता के अनुरूप कोर्स डिजाइन कर युवाओं को प्रशिक्षित किया जाए।
  •              खान-पान तैयार करने (पाक कला प्रशिक्षण) और गाइड के प्रशिक्षण को भी प्राथमिकता दी जाए।
  •              कोसा वस्त्रों के निर्माण के लिए प्रदेश में अधोसंरचना उपलब्ध है। युवाओं को उद्यानिकी विभाग के सहयोग से शहतूत उत्पादन जैसे कार्यों से जोड़ा जाए। रेशम उत्पादन की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाए।

 गुना जिले में जैकेट बनाने का कार्य एक आदर्श मॉडल है। आर्थिक लाभ दिलवाने वाली अनेक गतिविधियां घर से ही संचालित की जा सकती हैं। लघु और कुटीर उद्योगों से युवाओं को जोड़ने के ठोस प्रयास किए जाएं।

 

भोपाल में शराब दुकान हटाने को लेकर एबीवीपी का प्रदर्शन, बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश, कलेक्टर ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

भोपाल में शराब दुकान हटाने को लेकर एबीवीपी का प्रदर्शन, बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश, कलेक्टर ने दिया कार्रवाई का आश्वासन

भोपाल। राजधानी भोपाल के पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित प्रोफेसर्स कॉलोनी में संचालित शराब दुकान को हटाने की मांग को लेकर गुरुवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने जोरदार प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में छात्र मौके पर पहुंचे और शराब दुकान को तत्काल हटाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

छात्रों ने लगाए प्रशासन के खिलाफ नारे

प्रदर्शन के दौरान एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना था कि रिहायशी क्षेत्र और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास शराब दुकान का संचालन नियमों के विरुद्ध है, फिर भी प्रशासन अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।

बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश करते प्रदर्शनकारी छात्र

पुलिस और प्रशासन रहा पूरी तरह अलर्ट मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी

स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। एडिशनल कमिश्नर, भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा, एसडीएम सहित पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाइश देकर स्थिति को नियंत्रित किया और किसी भी अप्रिय घटना को होने से रोक दिया।

क्या है छात्रों की मांग?

एबीवीपी का कहना है कि प्रोफेसर्स कॉलोनी में संचालित शराब दुकान आबकारी विभाग की गाइडलाइन के विपरीत संचालित हो रही है। संगठन का आरोप है कि यह दुकान रिहायशी क्षेत्र और विद्यार्थियों के आवागमन वाले इलाके में होने के कारण सामाजिक और शैक्षणिक वातावरण को प्रभावित कर रही है। छात्रों ने दुकान को तत्काल हटाने की मांग की है।

पहले भी दिया गया था आश्वासन

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर पहले भी प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया था और आश्वासन मिला था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण उन्हें दोबारा सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ा।

प्रदर्शनकारी छात्रों से चर्चा करते कलेक्टर प्रियंक मिश्रा

कलेक्टर ने छात्रों से की बातचीत

भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से चर्चा की। उन्होंने मामले पर पुनः विचार कर उचित निराकरण का आश्वासन दिया। हालांकि छात्रों ने स्पष्ट किया कि इस बार वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि शराब दुकान हटाने को लेकर ठोस कार्रवाई चाहते हैं।

मुख्य बातें 

– पॉलिटेक्निक चौराहा स्थित प्रोफेसर्स कॉलोनी में एबीवीपी का प्रदर्शन।

– शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर छात्रों ने की नारेबाजी।

– बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश, पुलिस ने रोका।

– एडिशनल कमिश्नर, कलेक्टर, एसडीएम और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

– छात्रों का आरोप—आबकारी गाइडलाइन के विपरीत संचालित हो रही है शराब दुकान।

– कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कार्रवाई और निराकरण का आश्वासन दिया।

– छात्रों ने कहा—पहले भी मिल चुका है आश्वासन, अब चाहिए ठोस कार्रवाई।

डीजीपी कैलाश मकवाणा से राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ निरीक्षक योगेन्द्र साहू ने की सौजन्य भेंट

भोपाल 

राष्ट्रीय अपराध रकॉर्ड ब्यूरो (NCRB), गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नई दिल्ली में आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान प्राप्त करने वाले जिला विदिशा के निरीक्षक (फिंगरप्रिंट)  योगेन्द्र साहू ने आज पुलिस मुख्यालय भोपाल में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा से सौजन्य भेंट की।

इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने निरीक्षक  योगेन्द्र साहू को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान एवं आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग वर्तमान पुलिसिंग की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस की तकनीकी दक्षता, अनुसंधान क्षमता एवं पेशेवर उत्कृष्टता का राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाण है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस उपलब्धि से प्रदेश के अन्य पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी भी वैज्ञानिक अनुसंधान तथा तकनीक आधारित अपराध विवेचना के लिए प्रेरित होंगे।

उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली में 19 एवं 20 जून 2026 को आयोजित 26वें अखिल भारतीय फिंगरप्रिंट सम्मेलन-2026 में देशभर के फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों, फोरेंसिक वैज्ञानिकों एवं पुलिस अधिकारियों ने सहभागिता की थी। सम्मेलन का उद्घाटन माननीय केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह द्वारा किया गया था।

सम्मेलन में मध्यप्रदेश पुलिस के निरीक्षक (फिंगरप्रिंट)  योगेन्द्र साहू को “Smart Use of Fingerprint Science in Investigation” विषय पर प्रस्तुत उत्कृष्ट केस स्टडी के लिए राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। उनकी प्रस्तुति जिला विदिशा के थाना शमशाबाद में दर्ज एक जघन्य ब्लाइंड मर्डर प्रकरण पर आधारित थी, जिसमें घटनास्थल से प्राप्त फिंगरप्रिंट साक्ष्यों एवं नेशनल ऑटोमेटेड फिंगरप्रिंट आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (NAFIS) के प्रभावी उपयोग के माध्यम से आरोपी की पहचान कर प्रकरण का सफल निराकरण किया गया था।

केस स्टडी में वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन, तकनीकी विश्लेषण, आधुनिक फिंगरप्रिंट विज्ञान तथा NAFIS प्रणाली के प्रभावी उपयोग को विस्तार से प्रदर्शित किया गया, जिसकी राष्ट्रीय स्तर पर विशेषज्ञों एवं वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा विशेष सराहना की गई। प्रतियोगी मूल्यांकन में देशभर से प्राप्त प्रविष्टियों के मध्य इस प्रस्तुति को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ।

यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा वैज्ञानिक एवं तकनीक आधारित पुलिसिंग को सशक्त बनाने के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (SCRB)  जयदीप प्रसाद, संचालक फिंगरप्रिंट ब्यूरो मध्यप्रदेश  मनोज राजपूत उपस्थित थे।

 

जीआरपी जबलपुर ने त्वरित कार्रवाई कर ट्रेन में चोरी गए आभूषण एवं सामान को मात्र दो घंटे में किया बरामद

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस की संवेदनशील, तकनीक आधारित एवं त्वरित कार्रवाई का एक उत्कृष्ट उदाहरण सामने आया है। जीआरपी थाना जबलपुर ने अमरकंटक एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान चोरी गए 10 लाख रुपये से अधिक मूल्य के आभूषण एवं अन्य सामान को घटना के मात्र दो घंटे के भीतर बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

पुलिस अधीक्षक रेल जबलपुर  सुंदर सिंह कनेश ने बताया कि 22 जून को नर्मदापुरम जिले के इटारसी निवासी  नीलेश मालपानी ने जीआरपी थाना जबलपुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि ट्रेन क्रमांक 12853 अमरकंटक एक्सप्रेस में यात्रा के दौरान उनकी पत्नी के पर्स से सोने के आभूषण, एप्पल एयरपॉड, नगदी एवं अन्य दस्तावेज सहित लगभग 10 लाख 47 हजार रूप्ए की सामग्री चोरी हो गई हैं। रिपोर्ट पर थाना जीआरपी जबलपुर में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

मामले को गंभीरता से लेते हुए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक रेल  राजा बाबू सिंह के मार्गदर्शन में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा रेलवे स्टेशन एवं आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों तथा मोबाइल लोकेशन का गहन विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान चोरी गए एप्पल एयरपॉड की लोकेशन ट्रेस होने पर प्राप्त तकनीकी जानकारी एवं मुखबिर सूचना के आधार पर शिवनगर, गोहलपुर क्षेत्र में दबिश दी गई।

कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से चोरी गया सोने का हार, अंगूठियां, कान के टॉप्स, ब्रेसलेट, एप्पल एयरपॉड, नगदी, आधार कार्ड सहित अन्य सामग्री लगभग 10 लाख 47 हजार रूपए की जब्‍त की।

मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों की सुरक्षा के प्रति तथा आधुनिक तकनीक और त्वरित कार्रवाई के माध्यम से अपराधियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने हेतु प्रतिबद्ध है।

 

जनजातीय संस्कृति के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है, मध्यप्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जनजातीय संस्कृति के संरक्षण के साथ जनजातीय समाज के विकास और समाज की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार कार्य कर रही है। सिकल सेल एनीमिया नियंत्रण का कार्य वर्ष 2022 से प्रारंभ हुआ है। इसके अच्छे परिणाम मिले हैं। कई पीढ़ियां प्रभावित करने वाली बीमारी सिकल सेल एनीमिया की स्क्रीनिंग नियंत्रण और उपचार की दिशा में राज्य सरकार कार्य कर रही है। इस क्षेत्र में प्रदेश अग्रणी है। जनजातीय नायकों के सम्मान में प्रदेश में तीन विश्वविद्यालय प्रारंभ किए गए हैं। सतपुड़ा क्षेत्र में राजा भभूत सिंह, राजा शंकर शाह, रघुनाथ शाह और रानी दुर्गावती की स्मृति में विभिन्न आयोजन किए गए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के निकट ग्राम अचारपुरा में पांच दिवसीय शिल्पकार महोत्सव के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन और जनजातीय कार्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित महोत्सव में जनजातीय कलाकारों द्वारा तैयार शिल्प कृतियों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इन कलाकृतियों को पारंपरिक शैली में आधुनिकता के साथ पेश करने के प्रयासों की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलाकारों से आत्मीयता के साथ चर्चा भी की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनजातीय शिल्पकारों को प्रोत्साहित करने के लिए अधिक से अधिक प्रयास किए जा रहे हैं। जनजातीय शिल्प का डंका देश-विदेश में बज रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के विरासत से विकास के अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि पूरे देश में लोक संस्कृति को बढ़ावा देते हुए प्रगति के कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रपति मती द्रौपदी मुर्मु गत सप्ताह मध्यप्रदेश भ्रमण पर रहीं और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, जो प्रदेश के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 24 जून को वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस है। रानी दुर्गावती ने गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाइयाँ प्रदान की। दुनिया ने उनकी वीरता, शौर्य और पराक्रम को देखा। रानी दुर्गावती ने गौंडवाना क्षेत्र के स्वाभिमान की रक्षा के लिए तत्कालीन मुगल सत्ता के विरुद्ध अनेकों युद्धों में विजय प्राप्त की। उन्होंने राष्ट्र गौरव के लिये संघर्ष करते हुए प्राणों की आहूति दे दी। आज हम रानी कमलापति के पराक्रम के क्षेत्र भोपाल में वीरांगना रानी दुर्गावती के शौर्य को नमन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अनेक जनजातीय वीरों की धरती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आदिरंग शिल्पकार महोत्सव में जनजातीय कलाकारों ने प्रकृति के माध्यम से हमारे जीवन में उत्सव के रंग भरने का प्रयास किया है। एनआईडी ने जनजातीय परंपरागत कला को नए आयाम पर पहुंचाया है। कला-संस्कृति के माध्यम से कई लोगों के जीवन में आर्थिक समृद्धि का सूर्य उदय होगा। राज्य सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत चहुंमुखी विकास कर रहा है।

राष्ट्रीय फलक पर पहचान बना रही जनजातीय कला

जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ डिज़ाइन के साथ संयुक्त तत्वावधान में मनाये जा रहे इस आदिरंग शिल्पकार महोत्सव में जनजातीय समाज की प्रतिभा को देखने का अवसर मिला है। एनआईडी के समन्वय से मध्यप्रदेश की परंपरागत शिल्प को अब राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल रही है। जनजातीय कार्य विभाग के प्रयासों से जनजातीय कलाकारों को प्रोत्साहन भी मिल रहा है। राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इस दिशा में बेहतर कार्य किये जा रहे हैं।

राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) की निदेशक डॉ. विद्या राकेश ने कहा कि आदिरंग सिर्फ एक शिल्पकार महोत्सव नहीं, बल्कि डिजाइन, कल्चर, कम्युनिटी और एम्पॉवरमेंट को जोड़ने का एक प्रयास है। गत कुछ वर्षों में एनआईडी ने मध्यप्रदेश जनजातीय कार्य विभाग के साथ मिलकर बैगा, गौंड, भील और अन्य जनजातीय समाज के बीच डिजाइन डेवलपमेंट कार्यशालाएं आयोजित की हैं। इनके माध्यम से शिल्पकारों को डिजाइन अवेयरनेस, प्रोडक्ट डेवलपमेंट, ब्रांडिग, पैकेजिंग और मार्केटिंग जैसे विषयों से परिचित करवाया गया है ताकि उनकी कला को वर्तमान बाजार की जरूरतों के हिसाब से लिंक किया जा सके। एनआईडी ने जनजातीय समुदायों की संस्कृति का दस्तावेजीकरण भी किया है। यह उनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे रोजगार के साथ-साथ सांस्कृतिक विकास के नए अवसर भी विकसित होते हैं। एनआईडी जनजातीय समाज को वोकल फॉर लोकल से जोड़कर राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा रहा है।

जनजातीय कलाकार  गगन सिंह मरावी ने अनुभव साझा करते हुए बताया कि आदिरंग महोत्सव में गौंड चित्रकारों को नई चीजें सीखने का मौका मिला। भील चित्रकार मती गोरिया भाबोर ने बताया कि इस महोत्सव में हमें अपनी चित्रकार को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।

आदिरंग महोत्सव में 140 से अधिक जनजातीय शिल्पकार हुए शामिल

समारोह में जनजातीय कला, शिल्प और आजीविका संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी गई। पांच दिवसीय महोत्सव में मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचलों से आए 140 से अधिक जनजातीय शिल्पकार शामिल हुए। भील, गोंड, बैगा सहित विभिन्न जनजातीय समुदायों के शिल्पकारों ने अपनी पारंपरिक कला, शिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन किया। महोत्सव के दौरान आयोजित डिजाइन हस्तक्षेप कार्यशालाओं में शिल्पकारों ने एनआईडी मध्यप्रदेश के संकाय सदस्यों एवं छात्र स्वयंसेवकों के सहयोग से बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप नए उत्पाद विकसित किए। समापन समारोह में कार्यशालाओं के दौरान विकसित उत्पादों और डिजाइन अवधारणाओं की विशेष प्रदर्शनी आयोजित की गई।

कार्यक्रम में विधायक  विष्णु खत्री, अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष  रामदास रौतेल, अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य  भगत सिंह नेताम,  मंगल सिंह धुर्वे, प्रमुख सचिव जनजातीय विकास  गुलशन बामरा, आयुक्त  तरुण राठी और अन्य अधिकारी गण उपस्थित थे। कार्यक्रम में मती भगवती एवं साथी कलाकारों ने पारंपरिक लोक संगीत से मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अथितियों का स्वागत किया।मुख्यमंत्री डॉ. यादव को स्मृति चिन्ह के रूप में गौंड चित्रकला से निर्मित कला-रूप भेंट किया गया। कार्यक्रम स्थल परिसर में मध्यप्रदेश के विभिन्न जनजाति अंचलों से आए कलाकारों के उल्लास पूर्ण नृत्य और संगीत से हर्ष, उल्लास का वातावरण निर्मितकर दिया।

 

कौशलयुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत आधारशिला हैं : मंत्री टेटवाल

भोपाल 

कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  गौतम टेटवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश कौशल विकास के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क इसका सशक्त उदाहरण है, जिसने राष्ट्रीय ही नहीं, अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि कौशलयुक्त युवा ही विकसित भारत की सबसे मजबूत आधारशिला हैं। युवा केवल रोजगार प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि रोजगार सृजित करने की क्षमता भी विकसित करें और “स्किल्ड इंडिया, कौशलयुक्त भारत” के संकल्प को साकार करने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

मंत्री  टेटवाल संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल्स पार्क, भोपाल में आयोजित मई-2025 बैच के वैलेडिक्टरी समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने संत शिरोमणि रविदास की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए तथा विद्यार्थियों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर संस्थान का प्रेरणादायी गीत भी प्रस्तुत किया गया।

मंत्री  टेटवाल ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले सभी प्रशिक्षुओं को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रमाण-पत्र केवल प्रशिक्षण पूर्ण होने का प्रतीक नहीं, बल्कि अनुशासन, आत्मविश्वास, व्यावसायिक दक्षता और नए अवसरों की शुरुआत का प्रमाण है। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर सीखते रहने, बदलती तकनीकों के अनुरूप स्वयं को विकसित करने तथा अपने कौशल से प्रदेश और देश की प्रगति में योगदान देने का आह्वान किया।

समारोह में मई-2025 बैच के प्रशिक्षुओं को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए तथा विभिन्न ट्रेड्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। एडवांस नेटवर्किंग एंड सिस्टम्स एडमिनिस्ट्रेशन ट्रेड के छात्र आशीष कुमार को उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन एवं उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए मेडल ऑफ एक्सीलेंस प्रदान किया गया। वहीं एडवांस इलेक्ट्रिकल टेक्नोलॉजी (पावर एंड कंट्रोल) ट्रेड की छात्रा सान्ध्री त्रिवेदी को अनुशासन, उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन और निरंतर उत्कृष्टता के लिए मिनिस्टर मेडल से सम्मानित किया गया। बैच के स्टूडेंट को-ऑर्डिनेटर्स को भी नेतृत्व क्षमता एवं संस्थान की गतिविधियों में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

समारोह में विद्यार्थियों ने अपने प्रशिक्षण अनुभव साझा करते हुए संस्थान, फैकल्टी और प्लेसमेंट सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। इस बैच के अनेक प्रशिक्षुओं ने भारतीय वायु सेना, मध्यप्रदेश पुलिस, अदाणी समूह, हिंदुजा टेक लिमिटेड और ट्राइडेंट जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में रोजगार प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। कार्यक्रम के दौरान “वॉक डाउन मेमोरी” वीडियो के माध्यम से विद्यार्थियों की एक वर्ष की प्रशिक्षण यात्रा, सीखने के अनुभव, सांस्कृतिक गतिविधियों, अंतर्राष्ट्रीय एक्सपोजर और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया।

प्रमुख सचिव, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार  मनीष सिंह ने वीडियो संदेश के माध्यम से प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि कौशल, समर्पण और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति ही उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम बनाएगी। उन्होंने विद्यार्थियों से संस्थान के एलुमनाई नेटवर्क से जुड़े रहने का आग्रह किया।

कौशल विकास संचालनालय के संचालक  बसंत कुर्रे ने कहा कि कौशल आधारित शिक्षा युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने कौशल का निरंतर विकास करते हुए नए अवसरों का लाभ उठाने का आग्रह किया। सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस के  प्रदीप राउत ने कहा कि उद्योग जगत आज ऐसे युवाओं की अपेक्षा करता है जो सीखने के लिए सदैव तैयार रहें और नवाचार की सोच के साथ आगे बढ़ें।

संस्थान के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) डॉ. गिरीश शर्मा ने अपने संदेश में कहा कि मई-2025 बैच के प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण के दौरान केवल तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि व्यावसायिकता, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता भी अर्जित की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संस्थान के प्रशिक्षु देश-विदेश में अपनी कार्यशैली और उत्कृष्ट प्रदर्शन से संस्थान तथा मध्यप्रदेश का गौरव बढ़ाएंगे।

कार्यक्रम में कौशल विकास संचालनालय के संचालक  बसंत कुर्रे, संस्थान के डायरेक्टर एक्सटर्नल रिलेशंस  नीरज सहाय, डायरेक्टर प्रोक्योरमेंट एंड फैकल्टी  संजय जैन, डायरेक्टर एडमिनिस्ट्रेशन एंड फाइनेंस मती रोमा बाजपेयी, सोलर डिफेंस एंड एयरोस्पेस के  प्रदीप राउत, उप संचालकगण, सहायक संचालकगण, संस्थान के अधिकारी, कर्मचारी, प्रशिक्षु एवं उनके अभिभावक उपस्थित रहे।

 

मध्य प्रदेश को मिली एक और पहचान! सिवनी का ‘भूतबंधानी सीताफल’ बना GI टैगधारी, अब इंटरनेशनल ब्रांड बनने की राह पर

 सिवनी
 जिले का प्रसिद्ध जम्बो सीताफल अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकेगा। कई वर्षों से जम्बो सीताफल को जीआई टैग दिलाने में जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग को सफलता मिल गई है। मध्य भारत सहित देश के अलग-अलग हिस्सों में सिवनी का जम्बो सीताफल दीपोत्सव सहित अन्य त्योहार की प्राकृतिक मिठास व अनूठा स्वाद विशेष पहचान रखता है।

औषधीय गुणों से भरपूर ’जम्बो सीताफल’ की प्राकृतिक रूप से सितंबर से नवंबर के बीच सर्वाधिक पैदावार होती है। जिले के छपारा भूतबंधानी में तैयार होने वाला जम्बो सीताफल ट्रकों से हर साल कानपुर, लखनऊ, दिल्ली जैसे महानगरों में भेजा जाता है। छपारा जंगल में प्राकृतिक रूप से उगने वाले स्वादिष्ट सीताफल की उपज का लाभ आदिवासी संग्राहकों को मिलता है।

आदिवासियों की आजीविका का मुख्य जरिया ‘जम्बो सीताफल’
सुदूर जंगल-पहाड़ी क्षेत्र व खेत की मेढ़ में प्राकृतिक रूप से तैयार ‘जम्बो सीताफल’ आदिवासियों की आजीविका का मुख्य जरिया है। ‘बड़े आकार’ व अनोखी ‘मिठास’ से विशेष पहचान बनाने वाले ‘जम्बो सीताफल’ की मांग साल दर साल बढ़ती जा रही है, जिससे इस पर निर्भर हजारों परिवारों की आय में वृद्धि हो रही है।

लगभग 6 हजार मीट्रिक टन सीताफल का अनुमानित उत्पादन हर साल जिले में होता है, जिसके क्रय-विक्रय से 20-25 करोड़ रुपये का कारोबार दो से तीन माह में हो जाता है। जीआई टैग के मिलने से सिवनी के इस विशेष सीताफल की मार्केटिंग व बिक्री में वृद्धि होगी, सीताफल उत्पादक किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

उत्पादन, विपणन में मिलेगी नई दिशा
उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग की सहायक संचालक डॉ. आशा उपवंशी-वासेवार ने बताया कि भोपाल में महानियंत्रक (पेटेंट, डिजाइन एवं ट्रेड मार्क्स) व रजिस्ट्रार (भौगोलिक संकेत) से चेन्नई जीआई रजिस्ट्री में किए गए आवेदन सुनवाई के बाद विभाग ने सिवनी के सीताफल को जीआई टैग जारी कर दिया है। जीआई टैग के लिए किसान उत्पादक संगठन भूतबंधानी सीताफल क्रॉप प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधि सदम सिंह बरकडे व राजकुमार भलावी ने सुनवाई में सिवनी जम्बो सीताफल की विशिष्टता तथा इसके महत्व को अधिकारियों के समक्ष रखा था।

जीआई टैग मिलने से सिवनी के सीताफल उत्पादन व विपणन में नई दिशा मिलेगी, जिससे स्थानीय सीताफल उत्पादक किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है। साथ ही यह सीताफल देशभर और विदेशों में अपनी विशेष पहचान बनाने में भी सक्षम होगा। सिवनी जम्बो सीताफल अपने बड़े आकार, विशिष्ट स्वाद और गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध है।

यह सीताफल अन्य स्थानों पर पाए जाने वाले सीताफलों से कहीं अधिक बड़ा और अधिक मीठा होता है। इन्हीं विशेषताओं के कारण जम्बो सीताफल को जीआई (भौगोलिक संकेत) टैग दिया गया है। विशेष पहचान मिलने से जिले के सीताफल की बाजार में मांग बढ़ेगी और मूल्य में वृद्धि होने से किसानों की आय में भी बढ़ोतरी होगी। स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ निर्यात के अवसर भी बढ़ेंगे।

जम्बो सीताफल की विशिष्टता
    विशाल आकारः सिवनी के सीताफल का आकार अन्य स्थानों के सीताफल की तुलना में बहुत बड़ा होता है। जिले का सीताफल 400 ग्राम से अधिक बड़ा होता है। कुछ फल एक किग्रा तक भी होता है। अन्य जिलों का सीताफल औसत रूप से 100 से 150 ग्राम का होता है जबकि सिवनी जिले का छोटा फल भी 200 ग्राम से ज्यादा वजन का होता है।

विशिष्ट स्वाद: जिले के सीताफल का स्वाद सबसे हटके है। यहां का सीताफल बहुत मीठा होता है अन्य स्थानों के सीताफल पनीले पानी के स्वाद का होता है।
प्राकृतिक उत्पादन: जिले का सीताफल प्राकृतिक रूप से पैदावार होने के कारण पूर्णतः जैविक होता है, किसी भी प्रकार का खाद, उर्वरक का उपयोग नहीं किया जाता है।
पल्प की अधिक मात्रा: जिले के सीताफल में पल्प (गूदा) की मात्रा अधिक होती है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे सेफ क्लिक 2.0 साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश में नागरिकों को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने और जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए बुधवार, 24 जून 2026 को राजधानी भोपाल के रविन्द्र भवन में राज्य स्तरीय साइबर जागरूकता अभियान “सेफ क्लिक 2.0” का शुभारंभ करेंगे। मध्यप्रदेश पुलिस के इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य आमजन, विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को साइबर ठगी तथा ऑनलाइन धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करना है जिससे वे सुरक्षित साइबर व्यवहार अपना सकें। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

कार्यक्रम के दौरान साइबर सुरक्षा और बाल संरक्षण के क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने के लिए ‘इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन’ के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। साथ ही, स्कूली बच्चों में डिजिटल सुरक्षा के प्रति समझ विकसित करने के उद्देश्य से तैयार की गई एक विशेष साइबर जागरूकता बुकलेट और ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान के जागरूकता वीडियो का विमोचन भी किया जाएगा। इस अवसर पर जनसामान्य को सरल एवं प्रभावी ढंग से जागरूक करने के लिए साइबर सुरक्षा पर आधारित एक नुक्कड़ नाटक का प्रदर्शन किया जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश के विभिन्न जिलों में व्यापक स्तर पर जनजागरूकता गतिविधियों के संचालन के लिए ‘साइबर जागरूकता रथ’ को हरी झंडी दिखाकर (फ्लैग ऑफ) रवाना करेंगे। यह रथ पूरे प्रदेश का भ्रमण कर नागरिकों तक सुरक्षित डिजिटल व्यवहार और सतर्कता का संदेश पहुंचाएगा। इस अभियान के तहत मध्यप्रदेश पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि की सूचना तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या आधिकारिक वेबसाइट www.cybercrime.gov.in पर दें और एक सुरक्षित डिजिटल समाज के निर्माण में सहभागी बनें।

 

काले हिरण व चिंकारा के शिकार कर अतंर्राज्यीय स्तर पर तस्करी करने वाले आरोपी रिजवान एवं इम्तियाज की जमानत याचिका ख़ारिज

भोपाल

जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर में आरोपी रिजवान और आरोपी इम्तियाज द्वारा जमानत याचिका दायर की गयी। जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर के समक्ष स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश इकाई इंदौर द्वारा शासन का ठोस पक्ष रखा गया एवं अन्य प्रकरणों जैसे वीरूपक्षा गोडा विरूद्ध स्टेट आफ कर्नाटक राज्य में पारित आदेश एवं उक्त प्रकरण के महत्वपूर्ण तथ्यों से अगवत कराया गया। आरोपियों की मोबाइल फारेन्सिक रिपोर्ट से प्राप्त शिकार के साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। जिला एवं सत्र न्यायालय इंदौर द्वारा स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश इकाई इंदौर द्वारा की गई सटीक विवेचना एवं रखे गए ठोस पक्ष के आधार पर उक्त जमानत याचिकाएं खारिज की गई। प्रकरण में अग्रिम विवेचना जारी है।

स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स इकाई इंदौर द्वारा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) म.प्र. के निर्देश पर वनमण्डल इंदौर एवं स्थानीय पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से कार्यवाही की गई। किशनगंज जिला इंदौर से वन्यजीवों के मांस की तस्करी करने वाले 3 आरोपियों को 65 कि.ग्रा. (लगभग), एक नग देसी पिस्टल, 3 जिंदा कारतूस एवं एक नग चार पहिया वाहन टोयोटा इनोवा क्रिस्टा क्रमांक एम.एच-02-ई.पी.-4223 के साथ विभिन्न धाराओं में परिक्षेत्र महू वनमण्डल इंदौर के अंतर्गत वन अपराध प्रकरण दर्ज कर गिरफ्तार किया गया था।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये वन्यजीव मुख्यालय द्वारा इस प्रकरण को अग्रिम विवेचना के लिये स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स (एसटीएसएफ) इकाई इंदौर को हस्तांतरित किया गया। एसटीएसएफ द्वारा वैज्ञानिक तकनीकी साक्ष्यों की सहायता से नया प्रकरण क्रमांक POR No. 237/22 दिनांक 21.08.25 दर्ज कर विवेचना की जा रही है। उक्त आरोपी इम्तियाज 19 माह से व आरोपी रिजवान 4 माह से ही न्यायिक अभिरक्षा में है। वर्तमान में प्रकरण में कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

 

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