मध्यप्रदेश पुलिस की मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई

भोपाल 

पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के निर्देशन में मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में नशे के अवैध कारोबार पर लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही हैं। इसी क्रम में रीवा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 10 करोड़ रुपये अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य की 3.087 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई प्रदेश में नशे के अवैध नेटवर्क के विरुद्ध चलाए जा रहे सतत अभियान की एक महत्वपूर्ण सफलता है।

पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन गौरव राजपूत एवं पुलिस उप महानिरीक्षक रीवा रेंज हेमन्त सिंह चौहान के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक डॉ. गुरकरन सिंह के नेतृत्व में यह सफलता प्राप्‍त हुई है।

जिले में संचालित “ऑपरेशन प्रहार 2.0” के तहत थाना गढ़ पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सोनवर्षा निवासी दो व्यक्ति भारी मात्रा में एमडी ड्रग्स लेकर बिक्री के उद्देश्य से जाने वाले हैं। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने घेराबंदी कर दो आरोपियों को पकड़ा। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 3.087 किलोग्राम अवैध एमडी ड्रग्स, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 10 करोड़ रुपये है, जब्‍त की गई। इसके अतिरिक्त दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तार आरोपियों के विरुद्ध थाना गढ़ में एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण की विवेचना की जा रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस एक ओर जहां अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, तस्करी और बिक्री में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई कर रही है, वहीं दूसरी ओर युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस आगामी 15 जुलाई से “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” राज्यव्यापीजनजागरूकता अभियान भी प्रारंभ करने जा रही है। इस अभियान के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों, ग्रामों, नगरीय क्षेत्रों, सामाजिक संस्थाओं तथा विभिन्न विभागों के सहयोग से व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए युवाओं को नशामुक्त जीवन के लिए प्रेरित किया जाएगा।

मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में मादक पदार्थों के अवैध निर्माण, तस्करी एवं कारोबार के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। कठोर कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता आधारित प्रयासों को भी समान प्राथमिकता देते हुए पुलिस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन और समाज की सहभागिता के माध्यम से नशामुक्त एवं सुरक्षित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है।

 

मेरा कचरा-मेरी जिम्मेदारी के संकल्प से मध्यप्रदेश बनेगा देश का अग्रणी राज्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर मध्यप्रदेश के जागरूक नागरिकों के अमूल्य और अनुकरणीय सहयोग से राज्य ने स्वच्छता के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां अर्जित की हैं। पर्यावरण संरक्षण और संवर्द्धन की दिशा में राज्य सरकार द्वारा 1 अप्रैल 2026 से ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026′ को प्रभावी रूप से लागू कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह नवीन नियम केवल नगरीय निकायों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इन्हें राज्य के सभी शासकीय विभागों में समान रूप से लागू किया गया है। इसके अंतर्गत नगरीय क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण अंचलों से निकलने वाले कचरे को भी समेकित कर वैज्ञानिक पद्धति से प्रबंधित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दूरगामी नियम का सफल क्रियान्वयन केवल शासकीय प्रयासों से संभव नहीं है, इसके लिए राज्य के प्रत्येक नागरिक, संस्थान और व्यावसायिक प्रतिष्ठान को आगे आकर अपनी महती भूमिका निभानी होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भावी पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य को रेखांकित करते हुए प्रदेशवासियों से अपनी दैनिक दिनचर्या में विशेष आदतों को सम्मिलित करने के लिए कहा कि पर्यावरण को अक्षुण्ण रखने के लिए हमें यह दृढ़ संकल्प लेना होगा कि हम किसी भी प्रकार का कचरा न तो खुले में फेंकेंगे और न ही उसे जलाएंगे। अपने घर, गली, मोहल्ले और नगर को कचरा मुक्त बनाने के लिए यह आवश्यक है कि नागरिक अपने घरों से निकलने वाले अपशिष्ट को चार श्रेणियों— ‘गीला, सूखा, सैनिटरी एवं स्पेशल केयर’ में अनिवार्य रूप से अलग-अलग करके ही अधिकृत कचरा संग्रहण वाहन को सौंपें।

कचरे को संपदा में बदलने और पुनर्चक्रण के सिद्धांतों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल देते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नागरिकों से गृह-स्तर पर जैविक खाद निर्माण (होम कम्पोस्टिंग) अपनाने की अपील की है। उन्होंने आह्वान किया कि पुराने कपड़े, पुस्तकें और अन्य उपयोगी वस्तुओं को फेंकने के बजाय स्थानीय ‘रिड्यूस, रियूस, रिसाईकल’ (आरआरआर) केंद्रों में जमा करें। इसके साथ ही, पर्यावरण अनुकूल जीवन शैली विकसित करने के लिए बाजार जाते समय हमेशा अपना कपड़े का झोला और पानी की व्यक्तिगत बोतल साथ रखने की आदत डालें, जिससे एकल-उपयोग प्लास्टिक और अपशिष्ट की उत्पत्ति को प्राथमिक स्तर पर ही न्यूनतम किया जा सके।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य के समस्त नगरीय निकायों को प्रदेश के प्रत्येक घर, व्यावसायिक दुकान और झुग्गी बस्तियों से नियमित, समयबद्ध और निर्बाध रूप से कचरे का संग्रहण करने के निर्देश दिए। इस जन-सरोकार के कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्वच्छता हमारे सामूहिक स्वास्थ्य, पर्यावरण संतुलन और जीवन की समग्र गुणवत्ता का आधार स्तंभ है। हम आज यदि पूर्ण उत्तरदायित्व के साथ कार्य करेंगे, तभी अपनी भावी पीढ़ी को एक स्वच्छ, समृद्ध और सुरक्षित मध्यप्रदेश सौंप पाएंगे। उन्होंने आह्वान किया कि आइए, हम सब मिलकर “मेरा कचरा – मेरी जिम्मेदारी” के मंत्र को आत्मसात करें और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के सफल क्रियान्वयन में अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराकर मध्यप्रदेश को देश का सबसे स्वच्छ, सुंदर और संवहनीय (सस्टेनेबल) राज्य बनाएं।

 

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हुआ

भोपाल

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में बीच नर्मदा अवार्ड लाभार्थी राज्यों महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबित भुगतान के निपटारे पर ऐतिहासिक समझौता हो गया है।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह और केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समझौते पर हस्ताक्षर किए। बैठक में केन्द्र एवं चारों राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।

यह समझौता मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र राज्यों द्वारा सरदार सरोवर परियोजना के निर्माण के लागत साझाकरण के मुद्दों से जुड़े दीर्घकालिक विवादों को समाप्त करने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है, जिसके तहत लंबित देयों के अंतिम निपटान के रूप में किए जाने वाले भुगतानों को एकमुश्त निपटान (वन-टाइम सेटलमेंट) के रूप में हल किया गया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच लंबे समय से नर्मदा अवॉर्ड के लंबित भुगतान का विवाद चल रहा था, जिसका आज सौहार्दपूर्ण समाधान निकल गया है।

अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में जल सुरक्षा को मजबूत करने और जल क्षेत्र में सहकारी संघवाद को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक पहल की गई हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में अनेक राज्यों में डबल इंजन सरकार बनने का लाभ यह हुआ है कि हम में एक-दूसरे को समझने की क्षमता बढ़ी है, राजनीतिक मुद्दे कम हुए हैं और देश के अनेक विवाद अब तेजी से सुलझाए जा रहे हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने इस महत्वपूर्ण अंतर-राज्यीय परियोजना पर आम सहमति बनाने में मध्य प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र की सरकारों द्वारा दिए गए रचनात्मक सहयोग की सराहना की। शाह ने कहा कि इस परियोजना से विशेषकर मध्य प्रदेश, गुजरात तथा राजस्थान को बहुत लाभ हुआ। बांध पूरा होने से इन राज्यों में हर जगह पानी और बिजली पहुंची। उन्होंने कहा कि राजस्थान को हुआ लाभ दिखने में छोटा लग सकता है, पर जिस भूमि तक नर्मदा का पानी पहुंचा है, वहां भूमि का मूल्य और किसान की किस्मत दोनों बदल गई है।

गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल जी के नेतृत्व में देश में चल रहे जल विवाद या जल वितरण से जुड़े विवाद एक-एक कर सुलझाए जा रहे हैं। पिछले दिनों हरियाणा और राजस्थान के बीच का जल विवाद सुलझाया गया। शाह ने कहा कि चाहे किशाऊ बांध परियोजना का मुद्दा हो या राजस्थान, हरियाणा के बीच जल विवाद हो या आज का यह समझौता, ये सभी सहकारी संघवाद के स्वर्णिम उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि चाहे गुजरात हो, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा या महाराष्ट्र, पानी देश के लोगों, खासकर किसानों के ही काम आता है। शाह ने कहा कि पानी का उपयोग चाहे देश के किसी भी हिस्से में हो उससे लाभान्वित होने वाला एक भारतीय ही होगा

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि किसी भी विवाद से होने वाले राष्ट्रीय नुकसान (National Loss) को ध्यान में रख कर उसे सुलझाने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि पड़ोसी राज्य समृद्ध होता है, तो उसका लाभ अपने राज्य को भी मिलता है।

 

एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई करने वाले खिलाड़ियों से टी.टी. नगर स्टेडियम में मिले मंत्री विश्वास सारंग

22 खिलाड़ियों का किया उत्साहवर्धन, कहा—मध्यप्रदेश के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर रचेंगे नया इतिहास; सरकार विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध

भोपाल। खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को टी.टी. नगर स्टेडियम में आगामी एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई करने वाले मध्यप्रदेश के 22 खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों की तैयारियों की जानकारी लेते हुए कहा कि प्रदेश सरकार उन्हें विश्वस्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उन्हें विश्वास है कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी एशियन गेम्स में देश के लिए अधिक से अधिक पदक जीतकर नया इतिहास रचेंगे।

आगामी एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई करने वाले मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों से खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने भोपाल के टी.टी. नगर स्टेडियम में मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस दौरान मंत्री ने खिलाड़ियों से उनकी तैयारियों, प्रशिक्षण और फिटनेस को लेकर चर्चा की और पूरे आत्मविश्वास के साथ देश का प्रतिनिधित्व करने का संदेश दिया।

मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि एशियन गेम्स के लिए प्रदेश के 22 खिलाड़ियों का चयन होना मध्यप्रदेश के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि यह खिलाड़ियों की मेहनत, प्रशिक्षकों के समर्पण और राज्य सरकार की खेलोन्मुखी नीतियों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार खिलाड़ियों को आधुनिक खेल अधोसंरचना, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, खेल विज्ञान, पोषण और अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध करा रही है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकें।

मंत्री ने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश के खिलाड़ी एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन कर देश और प्रदेश का नाम विश्व पटल पर रोशन करेंगे।

उल्लेखनीय है कि एशियन गेम्स के लिए मध्यप्रदेश के 22 खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, शूटिंग, कैनोइंग, कायाक, शॉटगन, घुड़सवारी सहित विभिन्न खेल विधाओं में क्वालिफाई किया है। उनसे प्रदेश को पदक जीतने की बड़ी उम्मीदें हैं।

आरजीपीवी पेपर लीक पर अभाविप का बड़ा आंदोलन, 5 घंटे के प्रदर्शन के बाद परीक्षा नियंत्रक सभी दायित्वों से मुक्त

प्रश्नपत्र चोरी मामले में दोषियों के निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग तेज, अभाविप ने कहा— कार्रवाई पूरी होने तक चरणबद्ध संघर्ष रहेगा जारी।

भोपाल, 7 जुलाई। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में प्रश्नपत्र चोरी प्रकरण को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन किया। आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा नियंत्रक को तत्काल प्रभाव से सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया और परीक्षा कार्य से जुड़े संविदा संकाय सदस्य सहित संबंधित अधिकारियों की विभागीय जांच शुरू करने का निर्णय लिया।

अभाविप ने इस कार्रवाई को विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन की पहली सफलता बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि केवल दायित्वों से मुक्त करना पर्याप्त नहीं है। परिषद ने मांग की है कि जिन अधिकारियों की प्रथम दृष्टया प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए, ताकि पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां निष्पक्ष एवं स्वतंत्र रूप से जांच पूरी कर सकें।

परिषद का कहना है कि प्रश्नपत्र चोरी केवल आपराधिक मामला नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक जवाबदेही का भी गंभीर विषय है। दोषी पाए जाने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय की साख और विद्यार्थियों का विश्वास बहाल हो सके।

अभाविप भोपाल महानगर मंत्री आरती ठाकुर ने कहा कि आरजीपीवी प्रदेश का एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय है, जहां लाखों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा नियंत्रक को दायित्वों से मुक्त करना सकारात्मक कदम है, लेकिन दोषियों के निलंबन, निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई तक विद्यार्थी परिषद का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

परिषद ने चेतावनी दी कि यदि समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रहित और विश्वविद्यालय की गरिमा की रक्षा के लिए आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

जबलपुर के बड़ा फुहारा में तीन मंजिला इमारत ढही, क्षेत्र सील

 जबलपुर

 शहर के पुराने बाजार क्षेत्र बड़ा फुहारा में एक तीन मंजिला जर्जर इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। सोमवार की बरिश के चलते भरभराकर गिरी इमारत से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। चंद सेकंड में इमारत मलबे के ढेर में तब्दील हो गई।

घटना के बाद पूरे इलाके में धूल का घना गुबार छा गया और कुछ देर तक लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। गनीमत रही कि मंगलवार को बाजार बंद रहता है इसलिए सभी दुकानें बंद थी नहीं लिहाजा कोई जनहानि नहीं हुई, वरना बड़ी घटना से इनकार नहीं किया जा सकता।

हादसा हुआ अचानक, किसी को संभलने का मौका नहीं मिला

बताया जाता है कि उक्त इमारत में साड़ी की दुकान संचालित होती थी। ये तीन मंजिला इमारत जर्जर हो चुकी थी। आस-पास की जगह अन्य भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है, जिससे इमारत को सपोर्ट नहीं मिला और सोमवार को तीन मंजिला इमारत ढह गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इमारत गिरते ही आसपास की दुकानों और सड़कों पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से घेर लिया गया

सूचना मिलते ही नगर निगम का राहत दल मौके पर पहुंच गया। पूरे क्षेत्र को सुरक्षा की दृष्टि से घेर लिया गया। मलबे के आसपास लोगों की भीड़ जमा हो गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। घटना के कई वीडियो और तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें तीन मंजिला इमारत के ढहने के बाद चारों ओर फैला मलबा, उड़ती धूल और दहशत में भागते लोग साफ दिखाई दे रहे हैं।

हादसे ने शहर में जर्जर और पुराने भवनों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन द्वारा इमारत गिरने के कारणों की जांच की जा रही है।

 

मध्यप्रदेश पुलिस ने 2,095गुम एवं चोरी हुए मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में “सेफ क्लिक 2.0” अभियान प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। 24 जून 2026 से प्रारंभ इस विशेष अभियान का उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक कर सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के लिए प्रेरित करना है। अभियान के अंतर्गत प्रदेश के सभी जिलों में स्कूलों, महाविद्यालयों, बैंकों, अस्पतालों, शासकीय एवं निजी संस्थानों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आमजन को संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, डिजिटल भुगतान के दौरान सतर्कता बरतने, ओटीपी एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने तथा साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

साइबर अपराधों की रोकथाम के साथ-साथ मध्यप्रदेश पुलिस आधुनिक तकनीक आधारित पुलिसिंग के माध्यम से गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाने का कार्य भी निरंतर कर रही है। CEIR पोर्टल, तकनीकी विश्लेषण तथा विभिन्न जिलों की साइबर टीमों के समन्वित प्रयासों से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन बरामद कर नागरिकों को लौटाए जा रहे हैं, जिससे आमजन का पुलिस के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।13 जूनसे अब तक प्रदेश के विभिन्न जिलों एवं जीआरपी इकाइयों द्वारा कुल 2,094 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोनबरामद कर उनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए हैं। इनमें “सेफ क्लिक 2.0” अभियान प्रारंभ होने के बाद अब तक प्रदेश के 12 जिलों एवं 02 जीआरपी में कुल 1461 गुम मोबाइल फोनउनके वास्तविक स्वामियों को लौटाए गए हैं।

इनमें भिंड ने 325, देवास ने 210,शाजापुर ने 179, नरसिंहपुर ने 175, छतरपुर ने 149,रायसेन ने 149,बड़वानी ने 129, भोपाल जीआरपी ने 124, खंडवा ने 123, खरगोन ने 100, बुरहानपुर ने 100,झाबुआ ने 80,सिंगरौली ने 70, गुना ने 65,भोपाल ग्रामीण ने 53, उज्जैन ने 40,कटनी ने 10,जबलपुर जीआरपी ने 7, इंदौर जीआरपी ने 5, सिवनी ने 1 तथा छतरपुर ने 1 मोबाइलशामिल है।

उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा 24 जून 2026 से संचालित “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के अंतर्गत पूरे प्रदेश में नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों, महाविद्यालयों, बैंकों, अस्पतालों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करने, ओटीपी एवं बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करने तथा साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन 1930 एवं राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है।

यह उपलब्धि मध्यप्रदेश पुलिस की तकनीक आधारित कार्यप्रणाली, साइबर अपराधों के प्रति संवेदनशीलता तथा नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग का उत्कृष्ट उदाहरण है। एक ओर “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के माध्यम से नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गुम एवं चोरी हुए मोबाइलों की त्वरित बरामदगी कर उन्हें उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाकर पुलिस आमजन का विश्वास भी लगातार मजबूत कर रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस नागरिकों से अपील करती है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल CEIR पोर्टलअथवा निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक करने, ओटीपी, बैंकिंग जानकारी अथवा अन्य गोपनीय जानकारी साझा करने से बचें तथा किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।

 

बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध : मंत्री भूरिया

भोपाल 

महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा है कि सरकार बच्चों के सर्वांगीण विकास और उन्हें एक सुरक्षित, सकारात्मक एवं प्रेरणादायक वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को सही मंच देना समाज और सरकार दोनों की साझी जिम्मेदारी है।

मंत्री भूरिया मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित ‘जवाहर बाल भवन, भोपाल’ के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित साप्ताहिक प्रतियोगिताओं के गरिमामय समापन समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रही थीं। उन्होंने विभिन्न रचनात्मक विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया।

दशकों से प्रतिभाओं को निखार रहा है जवाहर बाल भवन

समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री भूरिया ने बच्चों की अद्भुत और बहुमुखी प्रतिभा की जमकर सराहना की। जवाहर बाल भवन वर्ष 1987 (स्थापना 3 जुलाई 1987) से ही लगातार 5 से 16 वर्ष की आयु वर्ग के बच्चों की रचनात्मकता और उनकी छिपी हुई प्रतिभाओं को बाहर लाने का एक सशक्त और विश्वसनीय माध्यम बना हुआ है। इस वर्ष आयोजित ‘समर कैम्प 2026’ के अंतर्गत बच्चों के कौशल विकास के लिए विशेष और अत्याधुनिक कार्यशालाएं आयोजित की गई थीं, जिससे बच्चों को अपनी कला को नया आयाम देने का मौका मिला।

10 से अधिक विधाओं में बच्चों ने दिखाया हुनर

स्थापना दिवस के उपलक्ष में 3 जुलाई से लगातार संगीत, नृत्य, चित्रकला, नाटक, गृह-विज्ञान, मूर्तिकला, हस्तकला, कम्प्यूटर, खेलकूद और आधुनिक अभिनय कला जैसी 10 से अधिक विभिन्न विधाओं के अंतर्गत साप्ताहिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा था। इन प्रतियोगिताओं में शहर के सैकड़ों बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। समारोह में प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभावान बच्चों को मंच पर सम्मानित किया गया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया, विभाग की आयुक्त श्रीमती निधि निवेदिता तथा जवाहर बाल भवन भोपाल की संचालक श्रीमती उषा सोलंकी ने संयुक्त रूप से सभी विजेता बच्चों को पुरस्कार और प्रमाण-पत्र प्रदान किए। कार्यक्रम में रविंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर, अभिजीत सोलंकी भी उपस्थित रहे। मंत्री भूरिया ने सभी पुरस्कार विजेताओं और सहभागियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

 

नवनियुक्त इंजीनियरों को आधुनिक तकनीकों और पॉवर प्लांट निर्माण का मिला प्रशिक्षण

नवनियुक्त इंजीनियरों को आधुनिक तकनीकों और पॉवर प्लांट निर्माण का मिला प्रशिक्षण

भोपाल 

मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड के नवनियुक्त 10 कनिष्ठ अभियंताओं (सिविल) का छह सप्ताह का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान, नागपुर में आयोजित किया गया। अभियंताओं को ताप एवं जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण, संधारण तथा आधुनिक सिविल इंजीनियरिंग तकनीकों का गहन सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।

छह सप्ताह तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नवनियुक्त अभियंताओं को विद्युत उत्पादन परियोजनाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना था। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों जैसे कंक्रीट टेक्नोलॉजी, मटेरियल टेस्टिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, कार्य मापन, निर्माण पर्यवेक्षण तथा नवीनतम इंजीनियरिंग तकनीकों के अनुप्रयोग की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण महाराष्ट्र के चंद्रपुर और कोराडी स्थित 2×600 मेगावाट सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत इकाइयों का औद्योगिक भ्रमण रहा। इस दौरान प्रशिक्षु अभियंताओं ने निर्माणाधीन विद्युत परियोजनाओं में फाउंडेशन, संरचनात्मक निर्माण एवं परियोजना निष्पादन की प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।

 

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर क्षेत्र में निवेश पर होगा मंथन

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीकी विकास के लिये निरंतर कार्य किये जा रहे हैं। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा 13 जुलाई 2026 को भोपाल में एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 : जीसीसी, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर एडिशन का आयोजन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य उच्च-विकास वाले प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में निवेश को गति देना और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी), डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर क्षेत्र में प्रदेश को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करना है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव राज्य सरकार के प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक विकास के विजन को साझा करेंगे और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद कर निवेश, परियोजनाओं के क्रियान्वयन एवं भावी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।

एमपी टेक ग्रोथ संबंधी पहली 2 कॉन्क्लेव ने प्रदेश में प्रौद्योगिकी निवेश को नई गति प्रदान की है। कॉन्क्लेव 1.0 में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 75 हजार रोजगार के अवसर सृजित हुए। कॉन्क्लेव 2.0 में 12 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्राप्त हुए, जिनसे लगभग 48 हजार रोजगार के अवसर सृजित हुए। कॉन्क्लेव 3.0 का उद्देश्य इस निवेश यात्रा को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाते हुए रणनीतिक प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में उद्योगों की भागीदारी को और सुदृढ़ बनाना है।

उद्योग-अनुकूल नीतियों, विश्वस्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति, कुशल मानव संसाधन और निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण के कारण मध्यप्रदेश देश के उभरते प्रौद्योगिकी निवेश केंद्रों में अपनी मजबूत पहचान स्थापित कर रहा है। कॉन्क्लेव में देश-विदेश की अग्रणी कंपनियों, उद्योग संगठनों, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर के संचालकों, डेटा सेंटर डेवलपर्स, सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े प्रतिनिधियों, निवेशकों और नीति विशेषज्ञों की सहभागिता रहेगी। सीटीआरएलएस डेटासेंटर्स, केन्स टेक्नोलॉजीस, फुजियामा पॉवर और न्योबोल्ट लिमिटेड सहित अनेक अग्रणी कंपनियों एवं इको सिस्टम साझेदारों के प्रतिनिधि कार्यक्रम में शामिल होंगे।

कॉन्क्लेव स्टार्ट-अप, नवाचार आधारित उद्यमों, इनक्यूबेटर्स और इको सिस्टम से जुड़े विभिन्न संगठनों को भी सहभागिता का मंच प्रदान करेगी। आईआईएसईआर और आईआईएम इंदौर सहित प्रमुख शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थान नवाचार, अनुसंधान, कौशल विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग को सुदृढ़ बनाने संबंधी अपने विचार साझा करेंगे।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न घोषणाएं, लोकार्पण और रणनीतिक साझेदारियों एवं समझौतों का आदान-प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रदेश के प्रौद्योगिकी इको सिस्टम को और अधिक मजबूती मिलेगी।

एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 प्रदेश में प्रौद्योगिकी आधारित औद्योगिक विकास को नई गति देने के साथ ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर एवं सेमी कंडक्टर क्षेत्र में निवेश के नए अवसर सृजित करेगी। यह आयोजन प्रदेश को देश के अग्रणी प्रौद्योगिकी निवेश गंतव्यों में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

 

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