राज्यमंत्री गौर ने किया 2 करोड़ 24 लाख के डामरीकरण कार्यों का भूमि पूजन

भोपाल

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर ने गुरुवार को गोविंदपुरा में नागरिकों को बेहतर एवं सुगम यातायात सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। राज्यमंत्री  गौर ने अयोध्या नगर क्षेत्र में 2 करोड़ 24 लाख रुपए की लागत से दो प्रमुख सड़कों के डामरीकरण कार्यों का भूमि पूजन किया।

राज्यमंत्री  गौर ने बताया कि पहले कार्य के अंतर्गत, अयोध्या नगर मुख्य मार्ग स्थित परशुराम चौराहे से एच-सेक्टर एमपीबी स्टेशन तक 59 लाख रुपए की लागत से सड़क डामरीकरण का कार्य कराया जाएगा। वहीं, दूसरे बड़े कार्य के तहत परशुराम चौराहे से दशहरा मैदान होते हुए डी एवं एफ-सेक्टर मार्केट तथा जैन मंदिर के पास तक 1 करोड़ 65 लाख रुपए की लागत से डामरीकरण कार्य किया जाएगा।

राज्यमंत्री  गौर ने कहा कि इससे क्षेत्रवासियों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी, साथ ही यातायात व्यवस्था भी अधिक सुगम और सुरक्षित बनेगी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता के साथ और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं, जिससे नागरिकों को इसका शीघ्र सुविधा का लाभ मिल सके।

इस अवसर पर श्री लव कुश यादव, श्री भीकम सिंह बघेल,  उर्मिला मौर्य और  शिरोमणि शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

 

मध्यप्रदेश पुलिस के जवान ने अंतरराष्ट्रीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में जीते 4 गोल्ड मेडल

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी कानून व्यवस्था के साथ-साथ खेल, सामाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर की विभिन्न गतिविधियों में भी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश एवं देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। इसी क्रम में जिला उज्जैन पुलिस में पदस्थ आरक्षक  सौदान सिंह चौहान ने अंतरराष्ट्रीय पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता “वर्ल्ड्स मास्टर्स पावर गेम्स-2026” में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 04 गोल्ड मेडल अर्जित कर मध्यप्रदेश पुलिस के साथ प्रदेश एवं देश को गौरवान्वित किया है।

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने आरक्षक सौदान सिंह चौहान की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि पुलिस बल के जवानों की ऐसी उपलब्धियां न केवल विभाग का मान बढ़ाती हैं, बल्कि युवाओं को खेलों एवं फिटनेस के प्रति प्रेरित भी करती हैं।

मास्टर्स गेम फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का आयोजन 13 मई से 16 मई 2026 तक मडगांव, गोवा में किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न देशों के खिलाड़ियों ने सहभागिता की, जहां मध्यप्रदेश पुलिस के आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी प्रतिभा, अनुशासन, समर्पण एवं कठिन परिश्रम का उत्कृष्ट परिचय दिया। उन्होंने विभिन्न स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 04 गोल्ड मेडल अपने नाम किए।

प्रतियोगिता में अन्य देशों के प्रतिभागियों के बीच उत्कृष्ट प्रदर्शन कर आरक्षक सौदान सिंह चौहान ने यह सिद्ध किया कि मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी एवं कर्मचारी केवल सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेल प्रतिभा, अनुशासन एवं राष्ट्रीय गौरव के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहे हैं।

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा खेल एवं शारीरिक दक्षता को सदैव प्रोत्साहित किया जाता रहा है। पुलिस बल के अधिकारी एवं कर्मचारी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर लगातार प्रदेश एवं देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

 

स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में कृ‍त्रिम बुद्धिमता (एआई) के कौशल को किया जाये शामिल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सम्राट विक्रमादित्य की जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाये। गुरू सांदीपनि के जीवन पर भी रोचक पुस्तक तैयार की जाए। स्कूली शिक्षा में कक्षा 8 से 12 में कृ‍त्रिम बुद्धिमता (एआई) के कौशल को कैसे जोड़ा जाए, इस पर भी एक कार्य योजना तैयार की जाए। निजी विद्यालय खोलने के लिए सामाजिक संस्थाओं और संगठनों को प्रोत्साहन दिया जाए। अतिथि शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया एक जुलाई से पहले पूरी कर ली जाए। सत्र प्रारंभ होने से पहले स्कूलों में सभी पूर्व तैयारियां कर ली जाएं। प्रदेश की सभी आंशिक जीर्ण-शीर्ण शालाओं की तत्काल मरम्मत करा ली जाए। सभी स्कूलों में बाउण्ड्री वॉल्स बनाई जाए। एक जुलाई से गुरू पूर्णिमा (29 जुलाई) तक “शिक्षक वंदना कार्यक्रम”, अभिभावकों एवं जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को मंत्रालय में स्कूल शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं और अन्य गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार सांदीपनि विद्यालय जैसी अत्याधुनिक शालाओं में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराकर प्रदेश की नींव मजबूत कर रही है। प्रदेश के हर विद्यार्थी तक उत्कृष्ट शैक्षणिक सुविधाएं और संसाधन समय पर पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। विभागीय गतिविधियों में तेजी लाएं और 16 जून से प्रारंभ हो रहे शैक्षणिक सत्र से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्कूलों में पूर्व छात्र-छात्रा सम्मेलन कराए जाएं, ताकि ऐसे विद्यार्थी जो अपने विद्यालय से भावनात्मक रूप से जुड़े हैं, वे उस विद्यालय के विकास-विस्तार में कुछ योगदान भी कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परीक्षा परिणामों को और अधिक बेहतर बनाने के लिए शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने, नियमित मॉनीटरिंग, तकनीक और नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जिन शालाओं में शत-प्रतिशत रिजल्ट आया है, उनके शिक्षकों का सार्वजनिक सम्मान किया जाएगा। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की 26 शालाएं ऐसी हैं, जहां शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम आया है। यहां के सारे विद्यार्थी उत्तीर्ण हो गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इन शालाओं के अतिरिक्त 90 या 95 प्रतिशत से अधिक रिजल्ट देने वाली शालाओं को भी सम्मानित किया जाए। उन्होंने कहा कि सांदीपनि विद्यालय की अवधारणा/योजना को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक विस्तृत कार्य योजना भी तैयार की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को ऐसे जिलों को चिन्हित करने को कहा, जहां सभी शालाओं में सभी प्रकार की व्यवस्थाएं उपलब्ध हों, साथ ही भौतिक एवं मानव संसाधन की कमी वाले जिलों की भी अलग श्रेणी तैयार की जाए। इससे सरकार को इन्हीं जिलों पर फोकस करने में आसानी होगी। कमी वाले जिलों पर इसी साल से काम प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी स्थानीय विधायक के साथ बैठकर पूरी विधानसभा क्षेत्र के स्कूलों में व्यवस्थाओं की बेहतरी के लिए प्रयास करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उनके द्वारा समय-समय पर की गई सभी घोषणाओं का जल्द से जल्द पालन करायें। एक वर्ष से पुरानी कोई भी घोषणा लंबित न रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग की संचालित 14 विभागीय योजनाओं को निरंतर रखने की सहमति दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बेहतरी के लिए सरकार हर जरूरी प्रयास करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे बच्चों की शिक्षा के लिए प्रारंभ से ही माहौल बनाया जाए। महिला बाल विकास विभाग भी इसमें योगदान दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर अब प्रदेश के इतिहास में पहली बार स्कूल शिक्षा विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई के लिए एक साथ मिलकर काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जिन हाईस्कूलों के आस-पास हायर सेकेण्डरी स्कूल उपलब्ध नहीं हैं, ऐसे हाईस्कूलों को चिन्हित कर उन्हें हायर सेकेण्डरी स्कूलों में प्रोन्नत करने का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाए।

शालाओं में दिया जाए व्यावसायिक प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश की शालाओं में व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाए। हाईस्कूल एवं हायर सेकेण्डरी कक्षाओं में कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं अन्य रोजगारपरक पाठ्यक्रमों का भी अध्ययन कराया जाए। व्यावसायिक प्रशिक्षण को दृष्टिगत रखते हुए संभव हो तो क्षेत्रीय स्व-सहायता समूहों को भी ऐसी शालाओं और विद्यार्थियों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को सभी विभागों के विद्यालयों को एक करने की योजना पर तेजी से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में एनसीसी, एनएसएस जैसे सामाजिक सेवा कार्य को भी बढ़ावा देने वाली इकाइयों को प्रोत्साहित करें। विद्यालयों में स्वास्थ्य परीक्षण, ड्राइविंग लायसेंस कैम्प, प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग की सुविधा उपलब्ध कराने के भी प्रयास किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शासकीय स्कूलों से पास आउट विद्यार्थी 12वीं कक्षा के बाद उच्च शिक्षा, रोजगार, कृषि कार्य, पैतृक व्यवसाय, कौशल प्रशिक्षण जैसे किस कार्य/रोजगार में लगे हैं, इसकी ट्रैकिंग भी होनी चाहिए। इससे सरकार के पास हमारे युवाओं का एक डेटाबेस तैयार होगा।

शासकीय स्कूलों में बढ़ी नामांकन की दर

बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा ने बताया कि शासकीय स्कूलों में विद्यार्थियों के नामांकन वृद्धि के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वर्ष 2024-25 की तुलना में वर्ष 2025-26 में शासकीय विद्यालयों में कक्षा-1 में नामांकन में करीब 32.4 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं कक्षा 9 से 12 के नामांकन में 4.25 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जो पिछले वर्षों की तुलना में सर्वाधिक है। इस साल प्रदेश के सभी शासकीय स्कूलों में 1 अप्रैल को प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। अप्रैल माह में ही 92 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को शाला में प्रवेश दिया गया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में राजगढ़ जिले के भैंसवा माता एव नरसिंहपुर जिले के गाडरवाड़ा में संस्कृति विद्यालय प्रारंभ किए गए हैं।

‍शिक्षा घर योजना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक में सचिव स्कूल शिक्षा द्वारा ‘शिक्षा घर योजना’ के नाम से एक नई योजना का प्रजेंटेंशन देने पर प्रस्तावित योजना की सराहना कर सैद्धांतिक सहमति दी। बैठक में बताया गया कि इस योजना में किसी वजह से स्कूली शिक्षा पूरी न कर पाने वाले विद्यार्थियों को हाई स्कूल/हायर सेकेण्डरी परीक्षा उत्तीर्ण करने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। योजना से ऐसे सभी किशोर/किशोरी, युवक/युवती लाभान्वित होंगे, जिन्होंने कक्षा 8 या इसके बाद की कक्षाओं में अनुत्तीर्ण होने पर पढ़ाई छोड़ कर दी थी। योजना का क्षेत्र सम्पूर्ण मध्यप्रदेश होगा, जिसमें प्रदेश की सभी ग्राम, पंचायतें और नगरीय निकाय भी शामिल होंगे। योजना का क्रियान्वयन म.प्र. राज्य मुक्त स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा किया जाएगा।

 

नवनियुक्त अध्यक्ष जैन ने संभाला मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल का कार्यभार

भोपाल

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय की गरिमामयी उपस्थिति में मध्यप्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के नवनियुक्त अध्यक्ष  ओम जैन ने पदभार ग्रहण किया।

मंत्री  विजयवर्गीय ने कहा कि मंडल को एक अत्यंत अनुभवी और योग्य नेतृत्व प्राप्त हुआ है। अध्यक्ष  जैन के दीर्घ प्रशासनिक अनुभव, विजन और कुशल मार्गदर्शन में मंडल के विकास कार्यों को एक नई गति और ऊँचाई मिलेगी।

लोक कल्याणकारी दृष्टिकोण और सर्वसमावेशी आवास का संकल्प

मंत्री  विजयवर्गीय ने मंडल के आगामी लक्ष्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में प्रदेश के बड़े महानगरों में बड़े प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन किया जाना है। हमारा मुख्य ध्येय मध्यम और निम्न-मध्यम श्रेणी के परिवारों के लिए सर्वसुविधायुक्त मकान निर्मित करना है। बड़े शहरों में मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए स्वयं का आशियाना बनाना मुश्किल कार्य हो गया है, इसलिए मंडल को पूरी शुचिता और लोक कल्याणकारी दृष्टिकोण के साथ कार्य करना होगा। ‘नए भारत के संकल्प’ के अंतर्गत, देश की आजादी के 100वें वर्ष तक हर नागरिक को गरिमापूर्ण आवास उपलब्ध कराना हमारा ध्येय है।

अनुभव और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय से होगा कार्य

नवनियुक्त अध्यक्ष  जैन ने मंत्री  विजयवर्गीय के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कहा कि उनका लंबा राजनैतिक-प्रशासनिक अनुभव हमारे लिए मार्गदर्शन का कार्य करेगा।  जैन ने भावुक होते हुए कहा,वर्ष 1983 से जनसेवा में सक्रिय  विजयवर्गीय की कार्यशैली, तन्मयता और उनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण अनुकरणीय है। हम उनके द्वारा दिए गए समस्त निर्देशों और प्राथमिकताओं का अक्षरशः पालन करते हुए मंडल को विकास के नए प्रतिमानों पर ले जाएंगे।

अपर मुख्य सचिव  संजय दुबे ने कहा कि यह संपूर्ण विभाग और मंडल का सौभाग्य है कि हमें मंत्री  विजयवर्गीय का सकारात्मक, ऊर्जावान और विजनरी नेतृत्व मिला है। उनके मार्गदर्शन के अनुरूप ही मण्डल सदस्यों ने तत्परता से कार्य किया है। अपर मुख्य सचिव  दुबे ने मण्डल अध्यक्ष  जैन को आश्वस्त किया कि मंडल के सभी सदस्य उनके साथ पूर्ण तत्परता और समर्पण भाव से कार्य करेंगे। हमारा लक्ष्य शहरी क्षेत्रों का पर्यावरण के अनुकूल, सस्टेनेबल और सुव्यवस्थित विकास करना है।

पदभार ग्रहण करने बाद अध्यक्ष  जैन ने मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की और आगामी कार्य-योजनाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस गरिमामयी अवसर पर मंडल की मुख्य कार्यपालन अधिकारी मती दीप्ति वास्तव सहित मंडल के सभी सदस्य, अभियंता और वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 

जनजातीय कल्याण के सरकार कर रही प्रभावी प्रयास : राज्यपाल पटेल

भोपाल

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं ने जनजातीय समुदाय के लिए आवास, आरोग्य और जन कल्याण के प्रभावी कार्य किए है। उन्होंने कार्यक्रम में जनजातीय लोक कलाकारों द्वारा पारंपरिक लोक नृत्य एवं गीतों की आकर्षक प्रस्तुतियां को क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया है।

राज्यपाल  पटेल गुरुवार को पांढुर्णा के ग्राम आमला में आयोजित जनजातीय समुदाय से संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। आमजन को संबोधित किया। राज्यपाल  पटेल ने पांढुर्णा जिले के प्रवास के दौरान ग्राम खुटामा में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के हितग्राही  राजू धुर्वे के घर पर आत्मीय भोज किया।

राज्यपाल  पटेल ने कहा कि आयुष्मान योजना हर व्यक्ति को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की अभूतपूर्व योजना है। आमजन को गंभीर बीमारियों के उपचार में बड़ी राहत मिल रही है। उन्होंने बताया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक व्यक्ति को भी योजना में उपचार का लाभ मिल रहा है। उन्होंने बताया कि विभिन्न आयोजनों में मिलने वाले परिवार उन्हें बताते है कि पक्के आवास का उनका सपना प्रधानमंत्री आवास योजना ने साकार किया है। उन्होंने सिकल सेल बीमारी की जांच एवं उपचार के लिए प्रदेश में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।

मानव स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक खेती अत्यंत उपयोगी

राज्यपाल  पटेल ने किसानों द्वारा उत्पादित प्राकृतिक जैविक उत्पादों को मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी एवं लाभकारी बताया हैं। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया है। राज्यपाल  पटेल ने यह बात ग्राम पंचायत आमला में किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग द्वारा लगाए गए प्राकृतिक जैविक उत्पादों के स्टॉल पर प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों से चर्चा के दौरान कही है। उन्होंने कृषक  मटरूलाल डोंगरे, ग्राम भूम्मा से उनके द्वारा उत्पादित जैविक हल्दी एवं जैविक तुअर दाल तथा कृषक  मोरेश्वर दानवे, सौसर से उनके द्वारा उत्पादित शुगर फ्री जैविक काला आलू एवं प्राकृतिक सोना मोती गेहूं की जानकारी प्राप्त की।

विद्यार्थियों ने दी गोंडी नृत्य की प्रस्तुति

राज्यपाल  पटेल का सांदीपनि विद्यालय सौंसर के विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत प्रस्तुत कर अभिनंदन किया गया। शासकीय हाईस्कूल आमला के विद्यार्थियों ने आकर्षक गोंडी नृत्य की प्रस्तुति दी। राज्यपाल  पटेल द्वारा विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए। दिव्यांगता प्रमाण पत्र, क्षय रोगियों को फूड बास्केट, आयुष्मान योजना के हितग्राहियों को कार्ड, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना के हितग्राहियों को सहायता, किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड और मध्यप्रदेश राज्य आजीविका मिशन तथा पशुपालन विभाग के हितग्राहियों को हितलाभ वितरित किए गए।

इस अवसर पर कलेक्टर  नीरज कुमार वशिष्ठ द्वारा राज्यपाल  पटेल का जामसांवली के प्रसिद्ध  हनुमान मंदिर की प्रतिमा भेंट कर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्रीय सांसद  विवेक बंटी साहू, विधायक  विजय चौरे, विधायक  नीलेश उईके सहित कई जनप्रतिनिधि शामिल रहे।

 

कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले, भोजशाला विकास और तबादला नीति पर मुहर

मंत्री चैतन्य कश्यप ने दी जानकारी, नक्सलमुक्त क्षेत्रों के विकास से लेकर सिंचाई परियोजनाओं और निगम-मंडल नियुक्तियों पर सरकार के अहम निर्णय

मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री चैतन्य कश्यप ने कई महत्वपूर्ण फैसलों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन और नार्वे में मिले सम्मान पर बधाई दी। इंडो-फ्रांस कॉन्क्लेव में व्यापार और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के निवेशकों ने प्रदेश में निवेश की रुचि दिखाई है।

सरकार ने निगम-मंडलों में अध्यक्षों की नियुक्ति कर जल्द प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। वहीं केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के निर्देशों के अनुसार नक्सलमुक्त क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जाएगा।

धार की भोजशाला मामले में वागदेवी मंदिर को मान्यता मिलने के बाद सरकार ने महाकाल लोक की तर्ज पर विकास करने और लंदन म्यूजियम में रखी वागदेवी प्रतिमा को वापस लाने की बात कही है। इसके अलावा नेमावर और सिवनी सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। प्रदेश में तबादले 1 जून से 15 जून तक होंगे, जबकि गंभीर बीमारी से जुड़े मामलों को इस प्रक्रिया से बाहर रखा जाएगा।

“Cockroach Janta Party” Meme नहीं, युवाओं का गुस्सा है — उमंग सिंघार

बेरोज़गारी, पेपर लीक और टूटी व्यवस्था से परेशान युवा अब अपनी आवाज़ बुलंद कर रहे हैं।

नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने “Cockroach Janta Party” को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह केवल एक meme या सोशल मीडिया trend नहीं है।

उन्होंने कहा कि यह उस पीढ़ी का गुस्सा है, जो लगातार बेरोज़गारी, पेपर लीक और खराब व्यवस्था का सामना कर रही है।

12 Million+ लोग इसलिए नहीं जुड़े क्योंकि यह trend है, बल्कि इसलिए क्योंकि देश का युवा अब चुप रहने को तैयार नहीं है।

उन्होंने सरकार से अपील करते हुए कहा कि युवाओं की आवाज़ को सुनिए, दबाइए मत।

चीन से लौटते ही गिरफ्तार हुआ देवास पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट का मास्टरमाइंड, 6 लोगों की गई थी जान

देवास
देवास जिले के टोंककला में बीते दिनों पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट और आग लगने की घटना सामने आई थी। इस हादसे में पांच से अधिक लोगों की मौत हो गई थी, जबकि करीब 20 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। घटना के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया और कांग्रेस तथा बीजेपी के नेता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आए।

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर मामले की जांच के लिए विशेष दल का गठन किया गया, जिसने टोंककला पहुंचकर जांच शुरू की। मामले को गंभीरता से लेते हुए देवास पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम बनाई और मुख्य आरोपी को दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, मामले में अभी एक आरोपी की गिरफ्तारी बाकी है।

पुलिस ने मुख्य आरोपी को दिल्ली एयरपोर्ट से किया गिरफ्तार
टोंककला पटाखा फैक्टरी विस्फोट मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी मुकेश विज को देवास पुलिस ने गुरुवार सुबह नई दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया। आरोपी चीन के गुआंग्झू शहर से फ्लाइट के जरिए भारत लौटा था। देवास पुलिस की विशेष टीम पहले से एयरपोर्ट पर तैनात थी और “लुक आउट सर्कुलर (LOC)” के आधार पर उसे दबोच लिया गया।

पुलिस ने इस मामले में एक अन्य फरार आरोपी महेश चौहान, निवासी उत्तराखंड, को भी दिल्ली से गिरफ्तार किया है। इससे पहले फैक्टरी लाइसेंसी अनिल मालवीय, मुख्य ठेकेदार मोहम्मद अयाज और संयुक्त संचालक कपिल विज की गिरफ्तारी की जा चुकी है। अब तक इस मामले में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

13 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया
एसपी देवास पुनीत गेहलोत ने बताया कि फरार आरोपियों की तलाश और तकनीकी जांच के लिए 13 सदस्यीय एसआईटी का गठन किया गया था। दोनों फरार आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। पुलिस की टीमें लगातार दिल्ली सहित कई स्थानों पर दबिश दे रही थीं।

यह कार्रवाई मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश और डीजीपी कैलाश मकवाना के मार्गदर्शन में की गई। एडीजी उज्जैन जोन राकेश गुप्ता और डीआईजी उज्जैन रेंज नवनीत भसीन की निगरानी में देवास पुलिस मामले की वैज्ञानिक और पेशेवर तरीके से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

समाधान योजना में 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने लिया लाभ : ऊर्जा मंत्री तोमर

समाधान योजना में 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने लिया लाभ : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल 
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि समाधान योजना में 15 मई तक 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने सरचार्ज में छूट का लाभ लिया है। उन्होंने बताया है कि पिछले वर्ष 3 नवम्बर को समाधान योजना 2025-26 की शुरुआत हुई थी। योजना 15 मई तक लागू थी।

473 करोड़ 39 लाख का सरचार्ज हुआ माफ

मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 में 29 लाख 81 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया है। कुल 1497 करोड़ 45 लाख रूपये जमा किये गये हैं, जबकि 473 करोड़ 39 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 8 लाख 91 हजार बकायादार उपभोक्ताओं ने अपना पंजीयन कराकर लाभ लिया है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के खाते में 834 करोड़ 55 लाख से अधिक की मूल राशि जमा हुई है, जबकि 331 करोड़ 60 लाख रूपए का सरचार्ज माफ किया गया है। इसी तरह पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 11 लाख 27 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 340 करोड़ 8 हजार रूपये जमा हुए हैं, जबकि 99 करोड़ 49 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है। पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के 9 लाख 63 हजार उपभोक्ताओं ने योजना का लाभ लिया है। कंपनी के खाते में 322 करोड़ 82 लाख रूपये जमा हुए हैं, जबकि 42 करोड़ 30 लाख रूपये का सरचार्ज माफ किया गया है।

 

स्वास्थ्य विभाग पर कुर्की का संकट

2011 में कीटनाशक सप्लाई करने वाली कंपनी ने 15 साल बाद भी भुगतान नहीं मिलने पर कोर्ट के आदेश के बाद शुरू की कार्रवाई

मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब कोलकाता से आई एक टीम विभाग में कुर्की की कार्रवाई के लिए पहुंच गई। मामला साल 2011 में स्वास्थ्य विभाग को सप्लाई किए गए इंसेंटिसाइड यानी कीटनाशक के भुगतान से जुड़ा है।

कंपनी “नीतापुर इंडस्ट्रीज” का आरोप है कि उसने डायरेक्टर ऑफ हेल्थ सर्विसेज को करीब 50 लाख 70 हजार रुपए का इंसेंटिसाइड सप्लाई किया था, लेकिन विभाग ने अब तक भुगतान नहीं किया। कंपनी प्रतिनिधि के मुताबिक मामला पहले आर्बिट्रेशन में गया, फिर सुप्रीम कोर्ट और बाद में जबलपुर हाईकोर्ट तक पहुंचा।

प्रतिनिधि का दावा है कि ब्याज और कंपाउंडिंग इंटरेस्ट जोड़ने के बाद बकाया राशि अब करीब 5 करोड़ रुपए हो चुकी है। कंपनी का कहना है कि कोर्ट के आदेशों और समय दिए जाने के बावजूद भुगतान जारी नहीं किया गया।

कंपनी प्रतिनिधि पुनानसेश बुनिया ने बताया कि यह एक छोटी प्रोपराइटरशिप कंपनी है और लंबे समय से भुगतान नहीं मिलने के कारण आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल कुर्की की कार्रवाई को लेकर विभागीय अधिकारियों में हलचल बनी हुई है, जबकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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