आरजीपीवी पेपर लीक पर अभाविप का बड़ा आंदोलन, 5 घंटे के प्रदर्शन के बाद परीक्षा नियंत्रक सभी दायित्वों से मुक्त

प्रश्नपत्र चोरी मामले में दोषियों के निलंबन और निष्पक्ष जांच की मांग तेज, अभाविप ने कहा— कार्रवाई पूरी होने तक चरणबद्ध संघर्ष रहेगा जारी।

भोपाल, 7 जुलाई। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (आरजीपीवी) में प्रश्नपत्र चोरी प्रकरण को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन किया। आंदोलन के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने परीक्षा नियंत्रक को तत्काल प्रभाव से सभी दायित्वों से मुक्त कर दिया और परीक्षा कार्य से जुड़े संविदा संकाय सदस्य सहित संबंधित अधिकारियों की विभागीय जांच शुरू करने का निर्णय लिया।

अभाविप ने इस कार्रवाई को विद्यार्थियों के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन की पहली सफलता बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि केवल दायित्वों से मुक्त करना पर्याप्त नहीं है। परिषद ने मांग की है कि जिन अधिकारियों की प्रथम दृष्टया प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है, उन्हें तत्काल निलंबित किया जाए, ताकि पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां निष्पक्ष एवं स्वतंत्र रूप से जांच पूरी कर सकें।

परिषद का कहना है कि प्रश्नपत्र चोरी केवल आपराधिक मामला नहीं, बल्कि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक जवाबदेही का भी गंभीर विषय है। दोषी पाए जाने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि विश्वविद्यालय की साख और विद्यार्थियों का विश्वास बहाल हो सके।

अभाविप भोपाल महानगर मंत्री आरती ठाकुर ने कहा कि आरजीपीवी प्रदेश का एकमात्र तकनीकी विश्वविद्यालय है, जहां लाखों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा परीक्षा नियंत्रक को दायित्वों से मुक्त करना सकारात्मक कदम है, लेकिन दोषियों के निलंबन, निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई तक विद्यार्थी परिषद का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा।

परिषद ने चेतावनी दी कि यदि समयबद्ध और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो छात्रहित और विश्वविद्यालय की गरिमा की रक्षा के लिए आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।

महिला टी20 विश्व कप 2026: ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को हराकर रिकॉर्ड सातवीं बार जीता खिताब

लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट से दर्ज की शानदार जीत, बेथ मूनी बनीं प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट, एलिसे पेरी ने जीता नौवां ICC खिताब।

महिला टी20 विश्व कप 2026 में ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर अपना दबदबा साबित करते हुए रिकॉर्ड सातवीं बार ट्रॉफी अपने नाम कर ली है। लॉर्ड्स में खेले गए फाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को 7 विकेट से हराकर इतिहास रच दिया।

पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड ने 20 ओवर में 4 विकेट के नुकसान पर 150 रन बनाए। जवाब में ऑस्ट्रेलिया ने सिर्फ 17.1 ओवर में 3 विकेट खोकर 153 रन बनाते हुए 17 गेंद शेष रहते आसान जीत दर्ज कर ली।

जीत की सबसे बड़ी हीरो रहीं बेथ मूनी, जिन्होंने 49 गेंदों में 64 रनों की शानदार मैच विजेता पारी खेली। वहीं फोएबे लिचफील्ड ने 48 रन बनाकर उनका बेहतरीन साथ निभाया। बेथ मूनी को फाइनल में दमदार प्रदर्शन और पूरे टूर्नामेंट में 238 रन बनाने के लिए प्लेयर ऑफ द मैच और प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया।

इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया की स्टार ऑलराउंडर एलिसे पेरी ने अपने करियर का नौवां ICC खिताब जीतकर एक और ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

10 संस्करणों में सातवीं बार महिला टी20 विश्व कप जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने एक बार फिर साबित कर दिया कि महिला क्रिकेट में उसकी बादशाहत अब भी कायम है।

जान जोखिम में डालकर रपटे से गुजर रही बस, तेज बहाव के बीच कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

नरसिंहगढ़ के पास पार्वती नदी का पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद रपटे से हो रही आवाजाही, प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल, यात्रियों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता।

नरसिंहगढ़ क्षेत्र में पार्वती नदी पर बना पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। पुल बंद होने के कारण बसों सहित अन्य वाहन रपटे से होकर गुजरने को मजबूर हैं।

सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक बस तेज बहाव के बीच रपटे को पार करती दिखाई दे रही है। पानी के बीच से बस का गुजरना यात्रियों की जान को खतरे में डाल सकता है। यदि जलस्तर अचानक बढ़ता है या चालक से थोड़ी भी चूक होती है, तो बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल क्षतिग्रस्त होने के बाद सुरक्षित वैकल्पिक व्यवस्था नहीं होने से रोजाना हजारों लोगों को जोखिम उठाकर सफर करना पड़ रहा है। लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है, जिससे खतरा और अधिक बढ़ गया है।

फिलहाल प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है। क्षेत्रवासियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए और रपटे से खतरनाक आवाजाही पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए, ताकि किसी भी संभावित हादसे को टाला जा सके।

तुलसी नगर में 46 लाख की लागत से बने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्यान एवं खेल मैदान का लोकार्पण

विधायक भगवानदास सबनानी और महापौर मालती राय ने किया उद्घाटन, कहा— उद्यान बनेगा स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र

भोपाल | 6 जुलाई। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 31 स्थित तुलसी नगर में 46 लाख रुपये की लागत से निर्मित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी उद्यान एवं खेल मैदान का लोकार्पण विधायक भगवानदास सबनानी एवं महापौर मालती राय द्वारा किया गया। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर क्षेत्रवासियों को यह महत्वपूर्ण सौगात समर्पित की गई।

इस अवसर पर विधायक भगवानदास सबनानी ने कहा कि यह उद्यान एवं खेल मैदान क्षेत्र के नागरिकों, युवाओं और बच्चों के लिए स्वास्थ्य, खेल और सामाजिक सहभागिता का उत्कृष्ट केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचार और जनसेवा के आदर्श हम सभी को सदैव राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

महापौर मालती राय ने भी क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए उद्यान के संरक्षण एवं बेहतर उपयोग का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे सार्वजनिक स्थान शहर के विकास के साथ-साथ स्वस्थ और सक्रिय समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में जोन अध्यक्ष एवं पार्षद ब्रजुला सचान, मंडल अध्यक्ष सोनू पालीवाल, प्रमोद पोलघंटलवार, आशा पारोचे, कविता अनुरागी, अर्चना उपाध्याय, विशाल सबकाले, तृप्ति भारद्वाज, विमला विश्वकर्मा, सुनीता सोनी, गुंजन मिश्रा, कामाक्षी विश्वकर्मा, जितेन्द्र मालवीय, सीताराम चौरसिया, वीणा सिन्धु सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

हमीदिया अस्पताल में मेडिकल चमत्कार: 10.2 किलो ओवरी ट्यूमर के साथ गर्भवती महिला का सफल ऑपरेशन, स्वस्थ शिशु का जन्म

भोपाल के हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों ने एक ही सर्जरी में कराया 2.6 किलो के स्वस्थ शिशु का सुरक्षित जन्म और 10.2 किलो के विशाल ओवरी ट्यूमर को सफलतापूर्वक निकाला।

भोपाल के हमीदिया अस्पताल ने एक बार फिर जटिल चिकित्सा मामलों में अपनी विशेषज्ञता का शानदार उदाहरण पेश किया है। अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के चिकित्सकों ने एक गर्भवती महिला का अत्यंत चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया, जिसकी ओवरी में लगभग 10.2 किलोग्राम वजन का विशाल ट्यूमर मौजूद था।

ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों ने सबसे पहले सुरक्षित तरीके से 2.6 किलोग्राम वजन के एक स्वस्थ शिशु का जन्म कराया। इसके बाद उसी सर्जरी के दौरान महिला की ओवरी से 10.2 किलोग्राम का विशाल ट्यूमर भी सफलतापूर्वक निकाल दिया गया। ऑपरेशन के बाद माँ और नवजात दोनों की स्थिति पूरी तरह स्थिर और संतोषजनक बताई जा रही है।

इस जटिल शल्य चिकित्सा का नेतृत्व वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. पल्लवी सिंह और डॉ. अदिति खरे ने किया। वहीं एनेस्थीसिया टीम में डॉ. तृप्ति वत्सल्य, डॉ. जितेन्द्र कुमार और डॉ. देवांशु सराफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। ऑपरेशन में विभाग के जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने भी अहम सहयोग दिया।

चिकित्सकों की सूझबूझ, अनुभव और बेहतरीन टीमवर्क के कारण यह अत्यंत जटिल ऑपरेशन सफल रहा। यह उपलब्धि साबित करती है कि हमीदिया अस्पताल में अनुभवी विशेषज्ञों और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के दम पर गंभीर से गंभीर मामलों का भी सफल उपचार संभव है।

कांग्रेस को बड़ा झटका: पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव ने दिया इस्तीफा

जीतू पटवारी और राहुल गांधी पर लगाए गंभीर आरोप, प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर उठाए सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी के पूर्व प्रदेश महासचिव राकेश सिंह यादव ने करीब 30 साल तक संगठन से जुड़े रहने के बाद अपने पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भेजा है। इस्तीफे के बाद उन्होंने प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए जीतू पटवारी और राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाए।

प्रदेश नेतृत्व पर साधा निशाना

राकेश सिंह यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस में समर्पित कार्यकर्ताओं की लगातार उपेक्षा की जा रही है। उनका कहना है कि संगठन में फैसले एकतरफा लिए जा रहे हैं और कार्यकर्ताओं की बात नहीं सुनी जा रही। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा व्यवस्था में जनहित के मुद्दों पर प्रभावी ढंग से काम करना संभव नहीं रह गया है।

जीतू पटवारी पर लगाए गंभीर आरोप

यादव ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित नहीं कर सके। उन्होंने पटवारी पर जमीनों की दलाली जैसे गंभीर आरोप भी लगाए। हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने कोई सार्वजनिक साक्ष्य पेश नहीं किया है।

राहुल गांधी पर भी की टिप्पणी

राकेश सिंह यादव ने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें प्रदेश नेतृत्व को लेकर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा नेतृत्व वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं कर रहा और इससे संगठन लगातार कमजोर हो रहा है।

मीडिया डिबेट और संगठन की कार्यशैली पर उठाए सवाल

यादव ने कहा कि पार्टी द्वारा कार्यकर्ताओं को मीडिया डिबेट से दूर रहने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे वे जनता के सामने अपनी बात नहीं रख पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे राजनीति जनसेवा के उद्देश्य से करते हैं, न कि व्यक्तिगत लाभ के लिए।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया का इंतजार

राकेश सिंह यादव के इस्तीफे और उनके आरोपों ने मध्यप्रदेश कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है। फिलहाल, उनके आरोपों पर प्रदेश कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

JCB ड्राइवर की बहादुरी: भयंकर बाढ़ में फंसे परिवार की बचाई जान

छोटी बच्ची, माँ और पिता को सुरक्षित बाहर निकालकर पेश की मानवता की मिसाल

भयंकर बाढ़ के बीच एक JCB ड्राइवर ने अद्भुत साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए एक परिवार की जान बचा ली। तेज़ बहाव और चारों ओर फैले पानी के बीच एक घर में एक छोटी बच्ची अपने माता-पिता के साथ फंसी हुई थी। स्थिति इतनी गंभीर थी कि बाहर निकलना लगभग असंभव हो गया था।

ऐसे कठिन समय में JCB ड्राइवर ने अपनी जान की परवाह किए बिना मशीन को बाढ़ के पानी के बीच पहुँचाया और सावधानीपूर्वक परिवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। सबसे पहले छोटी बच्ची को सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया गया, जिसके बाद उसकी माँ और पिता को भी सकुशल रेस्क्यू कर लिया गया।

इस साहसिक बचाव अभियान ने साबित कर दिया कि संकट की घड़ी में हिम्मत, समझदारी और मानवता सबसे बड़ी ताकत होती है। स्थानीय लोगों ने JCB ड्राइवर की बहादुरी की जमकर सराहना की और उसे एक वास्तविक हीरो बताया।

मुख्य  बिंदु

  • भयंकर बाढ़ में एक परिवार घर के अंदर फंस गया था।
  • JCB ड्राइवर ने जोखिम उठाकर रेस्क्यू अभियान चलाया।
  • छोटी बच्ची और उसके माता-पिता को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
  • स्थानीय लोगों ने ड्राइवर की बहादुरी और मानवता की प्रशंसा की।

यह घटना हमें सिखाती है कि आपदा के समय साहस और मानवता से बढ़कर कुछ नहीं होता। JCB ड्राइवर का यह वीरतापूर्ण कार्य लंबे समय तक लोगों के लिए प्रेरणा बना रहेगा।

जॉर्जिया के हाईवे पर बारिश के बीच जेटलाइनर हादसा: चौंका देने वाला मंजर

जॉर्जिया के हाईवे पर बारिश के बीच जेटलाइनर हादसा: चौंका देने वाला मंजर

  सोमवार दोपहर जॉर्जिया में भारी बारिश के दौरान एक बड़ा विमान हादसा सामने आया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, एक कमर्शियल जेटलाइनर लैंडिंग के बाद रनवे से आगे निकल गया और फिसलते हुए कई लेन वाले व्यस्त हाईवे तक पहुंच गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज बारिश और गीली सतह के कारण विमान को नियंत्रित करना बेहद मुश्किल हो गया। विमान के हाईवे की ओर बढ़ते ही वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। हादसे के दौरान विमान के पीछे धुएं और मलबे की लकीर दिखाई दी, जिससे घटनास्थल का दृश्य बेहद भयावह बन गया।

फिलहाल संबंधित एजेंसियां हादसे के कारणों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों की ओर से विमान में सवार यात्रियों और चालक दल की स्थिति को लेकर आधिकारिक जानकारी का इंतजार है।

यदि आप इस क्षेत्र में हैं, तो स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और प्रभावित मार्गों से दूर रहें। किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा करने के बजाय केवल आधिकारिक स्रोतों से जारी अपडेट पर ध्यान दें।

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नाबालिग को बाइक देना पड़ा भारी: कोर्ट ने अभिभावक पर ₹30 हजार का जुर्माना लगाया

भोपाल में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई

भोपाल में नाबालिग को वाहन चलाने की अनुमति देना एक अभिभावक को महंगा पड़ गया। गौतम नगर थाना पुलिस ने 17 वर्षीय नाबालिग को बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बाइक चलाते हुए पकड़ा। इसके बाद मामला मोटरयान अधिनियम के तहत न्यायालय में पेश किया गया।

अभिभावक ने कोर्ट में स्वीकार किया अपराध

सुनवाई के दौरान वाहन स्वामी एवं अभिभावक ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद न्यायालय ने मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 और 199ए के तहत अभिभावक पर ₹30 हजार का अर्थदंड लगाया।

जुर्माने के साथ मिली न्यायालय उठने तक की सजा

कोर्ट ने जुर्माने के अलावा अभिभावक को न्यायालय उठने तक की सजा भी सुनाई। वहीं, निर्धारित जुर्माना जमा होने के बाद जब्त की गई बाइक को छोड़ने के आदेश दिए गए।

भोपाल पुलिस का सख्त संदेश

इस कार्रवाई के जरिए भोपाल पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि नाबालिगों के हाथ में वाहन सौंपने वालों के खिलाफ अब कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने वालों पर भी लगातार सख्ती बरती जा रही है।

पुलिस की अपील

भोपाल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें, नाबालिगों को वाहन चलाने के लिए न दें और स्वयं के साथ-साथ दूसरों की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।

भोपाल पुलिस का नशे के खिलाफ बड़ा एक्शन, शराब तस्कर गिरफ्तार; 7 करोड़ की ड्रग्स विनिष्टीकरण के लिए चयनित

शाहजहाँनाबाद में 305 क्वार्टर अवैध शराब जब्त, वहीं 44 मामलों में 335.934 किलोग्राम गांजा-चरस नष्ट करने की प्रक्रिया शुरू

भोपाल। भोपाल पुलिस का नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में शाहजहाँनाबाद पुलिस ने अवैध शराब की तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक तस्कर को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरी ओर विभिन्न मामलों में जब्त करीब 7 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को विनिष्टीकरण (नष्ट करने) के लिए चयनित किया गया है।

शाहजहाँनाबाद पुलिस ने कार में चोरी-छिपे अवैध शराब की तस्करी कर रहे सीहोर निवासी 36 वर्षीय शिवकरन को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 305 क्वार्टर देशी शराब (करीब 55 लीटर) जब्त की, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 24 हजार रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पूछताछ में अवैध शराब के स्रोत और सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले भी आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है। यह कार्रवाई जनसंवाद और सक्रिय मुखबिर तंत्र की मदद से की गई।

वहीं, भोपाल पुलिस ने 44 अलग-अलग मामलों में जब्त 335.934 किलोग्राम मादक पदार्थों को विनिष्टीकरण के लिए चयनित किया है। इनमें 327.134 किलोग्राम गांजा और 8.800 किलोग्राम चरस शामिल है, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये है। कुल 44 प्रकरणों में से 35 मामले क्राइम ब्रांच भोपाल के हैं, जबकि हबीबगंज, बैरागढ़ और जहांगीराबाद थानों के तीन-तीन मामले भी इसमें शामिल हैं।

पुलिस ने बताया कि विनिष्टीकरण समिति ने एनडीपीएस एक्ट और अन्य वैधानिक प्रावधानों के तहत मादक पदार्थों का परीक्षण कर उन्हें नष्ट करने के लिए चयनित किया है। न्यायालयीन आदेश के अनुसार इनका विनिष्टीकरण किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई।

भोपाल पुलिस ने दोहराया कि “नशा मुक्त समाज, सुरक्षित भोपाल” के लक्ष्य के साथ अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।

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