“भारतीय भाषाओं को मिलेगा नया बल, सीबीएसई के फैसले का अभाविप ने किया समर्थन”

“राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप त्रि-भाषा नीति लागू करना ऐतिहासिक कदम: अभाविप”

 

“सीबीएसई की त्रि-भाषा नीति का अभाविप ने किया स्वागत”

“सीबीएसई द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 में त्रि-भाषा नीति लागू करने के निर्णय को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बताया राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के अनुरूप शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 में त्रि-भाषा नीति लागू करने के निर्णय का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने स्वागत किया है।

“त्रि-भाषा नीति से मजबूत होगी भारतीयता और राष्ट्रीय एकता: अभाविप”

अभाविप ने कहा कि यह निर्णय भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और विद्यार्थियों को बहुभाषी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा। परिषद के अनुसार, इस नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जोड़ने में मदद मिलेगी तथा राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को भी मजबूती मिलेगी।

अभाविप ने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि नीति में तीन भाषाओं में से कम से कम दो भाषाओं का भारतीय मूल का होना अनिवार्य किया गया है। परिषद का मानना है कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों में मातृभाषा एवं भारतीय भाषाओं के प्रति आत्मीयता और गौरव की भावना विकसित करेगी।

“44 भाषाओं के विकल्प के साथ शिक्षा में बड़ा बदलाव”

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, “त्रि-भाषा नीति भारतीय शिक्षा के स्वदेशीकरण और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।” उन्होंने यह भी मांग की कि बोर्ड परीक्षाएं भी तीनों भाषाओं में आयोजित की जाएं, ताकि यह नीति और अधिक प्रभावी बन सके।

मध्य भारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थियों के समग्र विकास और भारतीयता को सशक्त करने वाली नीति है। सीबीएसई का यह निर्णय विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं और संस्कृति से जोड़ने का सशक्त प्रयास है।”

 

“सीबीएसई द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप त्रि-भाषा नीति लागू करने के निर्णय का अभाविप ने स्वागत किया। परिषद ने इसे भारतीय भाषाओं, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता को सशक्त करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।”

 

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बाबा बर्फानी के पहले दर्शन: अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक हिम शिवलिंग देख श्रद्धालु भावुक

अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर आई सामने, 7 फीट ऊंचा हिम शिवलिंग बना 

अमरनाथ यात्रा शुरू होने से पहले बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आने से श्रद्धालुओं में उत्साह का माहौल है। इस बार गुफा में करीब 6 से 7 फीट ऊंचा प्राकृतिक हिम शिवलिंग बना है

बाबा बर्फानी के पहले दर्शन से भक्तों में उत्साह

जम्मू-कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा से बाबा बर्फानी की पहली तस्वीर सामने आई है। इस वर्ष गुफा में करीब 6 से 7 फीट ऊंचा प्राकृतिक हिम शिवलिंग बना है, जिसे देखकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

BSF जवानों ने किए बाबा बर्फानी के पहले दर्शन, सामने आई पवित्र गुफा की तस्वीर

जानकारी के मुताबिक, बीएसएफ जवानों ने सबसे पहले बाबा बर्फानी के दर्शन किए। गुफा के भीतर बने विशाल हिम शिवलिंग की तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।

अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू, गुफा में दिखा विशाल प्राकृतिक हिम शिवलिंग

इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है। यात्रा शुरू होने से पहले ही बाबा बर्फानी के दर्शन की खबर ने देशभर के शिव भक्तों में श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना दिया है।

हर साल लाखों श्रद्धालु कठिन पहाड़ी रास्तों को पार कर बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। माना जाता है कि यहां बनने वाला प्राकृतिक हिम शिवलिंग भगवान शिव का दिव्य स्वरूप है।

प्रशासन की ओर से यात्रा को लेकर सुरक्षा और सुविधाओं की तैयारियां भी तेज कर दी गई हैं। श्रद्धालुओं से मौसम और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।

 

राजा भोज और रानी कमलापति के नाम पर जारी होंगे स्मारक डाक टिकट : सांसद आलोक शर्मा

केंद्र सरकार ने प्रस्ताव को दी स्वीकृति, मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान

भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के संचार मंत्रालय ने महान परमार शासक सम्राट राजा भोज एवं गोंडवाना साम्राज्य की वीरांगना महारानी कमलापति के सम्मान में स्मारक डाक टिकट जारी किए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है।

सांसद शर्मा ने कहा कि राजा भोज और रानी कमलापति के योगदान को चिरस्थायी बनाने तथा नई पीढ़ी को उनके कार्यों से प्रेरणा मिले, इस उद्देश्य से उन्होंने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर विशेष स्मारक डाक टिकट जारी करने का आग्रह किया था। अब इस प्रस्ताव की स्वीकृति प्राप्त हो गई है।

उन्होंने कहा कि सम्राट राजा भोज भारतीय इतिहास के ऐसे यशस्वी शासक थे जिन्होंने शिक्षा, साहित्य, संस्कृति, स्थापत्य, जल प्रबंधन एवं सुशासन के क्षेत्र में अद्वितीय योगदान दिया। भोपाल का बड़ा तालाब सहित अनेक जल धरोहरें उनकी दूरदर्शिता और जनकल्याणकारी सोच का प्रतीक हैं।

सांसद आलोक शर्मा ने महारानी कमलापति को साहस, स्वाभिमान, त्याग और नारी शक्ति की प्रतीक बताते हुए कहा कि उनका योगदान प्रदेश की जनजातीय विरासत और सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण अध्याय है।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन दोनों महान विभूतियों के नाम पर जारी होने वाले स्मारक डाक टिकट मध्यप्रदेश की ऐतिहासिक विरासत और सांस्कृतिक अस्मिता को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगे।

संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन बना भोपाल का दूसरा जंक्शन, विकास को मिलेगी नई रफ्तार

विधायक रामेश्वर शर्मा ने इसे हुजूर विधानसभा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक सौगात बताया, कहा— बेहतर कनेक्टिविटी, व्यापार और रोजगार के खुलेंगे नए अवसर

भोपाल के संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन को अब आधिकारिक रूप से जंक्शन का दर्जा मिल गया है। आदेश जारी होने के बाद यह स्टेशन भोपाल का दूसरा जंक्शन बन गया है। इस उपलब्धि पर विधायक रामेश्वर शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव, मुख्यमंत्री मोहन यादव एवं भोपाल सांसद आलोक शर्मा का आभार व्यक्त किया।

विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यह निर्णय हुजूर विधानसभा क्षेत्र और संत नगर के समग्र विकास के लिए ऐतिहासिक साबित होगा। जंक्शन बनने से क्षेत्र की व्यापारिक पहचान को मजबूती मिलेगी, साथ ही विभिन्न क्षेत्रों से सीधा रेल संपर्क स्थापित होने से आवागमन और परिवहन अधिक सुगम होगा।

उन्होंने बताया कि ट्रेन सुविधाओं के विस्तार से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। संत हिरदाराम नगर को आधुनिक रेलवे सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में पहले भी कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। विधायक शर्मा के प्रयासों से ही स्टेशन को रतलाम डीआरएम से भोपाल डीआरएम में शामिल किया गया था तथा ‘बैरागढ़ स्टेशन’ का नाम बदलकर ‘संत हिरदाराम नगर रेलवे स्टेशन’ किया गया।

वर्तमान में अमृत स्टेशन योजना के अंतर्गत स्टेशन के आधुनिकीकरण का कार्य भी तेज गति से जारी है। जंक्शन का दर्जा मिलने के बाद अब क्षेत्र में बेहतर कनेक्टिविटी, ट्रेनों की संख्या में वृद्धि, व्यापारिक विकास और रोजगार के नए आयाम स्थापित होने की उम्मीद है।

26 साल बाद खुला रहस्य: भाखड़ा नहर से मिली लापता परिवार की वैन, अंदर मिले कंकाल

साल 2000 में शादी से लौटते वक्त अचानक गायब हुआ था पूरा परिवार

साल 2000 में कोटला गांव के रहने वाले मुन्नी लाल, तेज राम, सुरजीत सिंह और सुरजीत का 8 साल का बेटा कालू एक शादी समारोह में शामिल होकर घर लौट रहे थे। सभी लोग तेज राम की नई वैन में सवार थे, जिसे उन्होंने हादसे से कुछ समय पहले ही खरीदा था।

लेकिन उस रात चारों लोग कभी घर नहीं पहुंचे। परिवार और गांव वालों ने हर जगह तलाश की। पुलिस जांच हुई, निजी गोताखोर लगाए गए, यहां तक कि परिवार वालों ने जमीन बेचकर खोज अभियान चलाया, लेकिन वैन और उसमें सवार लोगों का कोई सुराग नहीं मिला।

अब 26 साल बाद इस रहस्य से पर्दा उठा है। जानकारी के मुताबिक, भाखड़ा नहर में एक दूसरे मामले की जांच के दौरान गोताखोरों को नहर की तलहटी में एक पुरानी वैन दिखाई दी। जब वैन को बाहर निकाला गया तो उसके अंदर कंकाल, यूनिफॉर्म और कई पुराने सामान मिले।

माना जा रहा है कि अंधेरे में रास्ता भटकने के कारण वैन नहर में गिर गई होगी, जिससे चारों लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना ने पूरे इलाके को भावुक कर दिया है।

राजीव गांधी को याद कर कांग्रेस ने लिया संकल्प, पटवारी ने सरकार की समीक्षा बैठकों पर कसा तंज

राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए कांग्रेस नेताओं ने तकनीकी क्रांति और पंचायती राज व्यवस्था को बताया ऐतिहासिक कदम।

भोपाल में पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम में नेताओं ने राजीव गांधी के देश में तकनीकी और दूरसंचार क्रांति लाने, युवाओं को राजनीति से जोड़ने और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने में दिए गए योगदान को याद किया। कार्यकर्ताओं ने “राजीव गांधी अमर रहें” के नारे लगाए और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा मंत्रियों और विभागों की समीक्षा बैठकों के बीच PCC चीफ जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। पटवारी ने मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर तंज कसते हुए कहा कि पहले यह देखा जाना चाहिए कि मंत्रियों के पास निर्णय लेने के अधिकार कितने हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कैबिनेट मंत्रियों के काम का मूल्यांकन अधिकारी और पीएस कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। पटवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार में मंत्रियों की भूमिका लगातार सीमित होती जा रही है और हर फैसले में मुख्यमंत्री कार्यालय का हस्तक्षेप बढ़ रहा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि यदि मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार हो रहा है, तो मुख्यमंत्री के पास मौजूद विभागों का रिपोर्ट कार्ड भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकार केवल दिखावटी समीक्षा कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह नौकरशाही के भरोसे चल रही है।

पटवारी के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है

मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग लंबित मामलों पर सख्त, नई सदस्य साधना स्थापक ने तेज की कार्यप्रणाली

25-26 तारीख को लगेगी विशेष बेंच, रोजाना 25 से 40 मामलों की होगी सुनवाई; काउंसलिंग और त्वरित न्याय पर रहेगा फोकस

भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग अब लंबित मामलों के निपटारे को लेकर सख्त नजर आ रहा है। आयोग की नई सदस्य साधना स्थापक ने कार्यप्रणाली को तेज और प्रभावी बनाने के संकेत दिए हैं।

महिला आयोग अब महिलाओं के सशक्तिकरण और अत्याचार से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई पर फोकस कर रहा है। इसी कड़ी में 25 और 26 तारीख को विशेष बेंच लगाई जाएगी, जिसमें प्रतिदिन 25 से 40 मामलों की सुनवाई की जाएगी।

हाल ही में साधना स्थापक ने उज्जैन सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आयोग अब केवल मामलों के निपटारे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि काउंसलिंग के जरिए परिवारों में सामंजस्य बनाए रखने पर भी विशेष जोर देगा।

साधना स्थापक ने कहा,

“हमारा फोकस कार्यशैली को मजबूत करना है और लंबित मामलों का जल्द निपटारा करना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके।”

मध्य प्रदेश महिला आयोग की इस नई पहल से साफ है कि अब प्रदेशभर में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की दिशा में काम किया जाएगा। आयोग की बढ़ती सक्रियता से महिलाओं को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।

महिला एवं बाल विकास विभाग का फोकस महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर

रेखा यादव बोलीं — हर महिला तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता, काउंसलिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम होगा मजबूत

भोपाल। महिला एवं बाल विकास विभाग और सामाजिक न्याय विभाग की वरिष्ठ प्रतिनिधि रेखा यादव ने महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।

उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं और बच्चियों तक हर योजना का सीधा लाभ पहुंचे। इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान और विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि महिलाएं अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।

रेखा यादव ने कहा,

“हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज में हर महिला खुद को सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस करे। योजनाओं को इस तरह से लागू किया जा रहा है जिससे उनकी सीधी पहुंच पीड़ितों तक हो। हम आने वाले समय में काउंसलिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक मजबूत करने जा रहे हैं ताकि किसी भी शिकायत पर तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई की जा सके।”

उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर संवेदनशीलता के साथ काम करने की आवश्यकता है।

महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक न्याय को लेकर सरकार की ये पहलें आने वाले समय में बड़े और सकारात्मक बदलाव की ओर संकेत कर रही हैं।

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