बरकतउल्ला विश्वविद्यालय से डॉ. अंजुल दादोरिया ने रसायन विज्ञान में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की

पाइरिडिल आधारित शिफ बेस से व्युत्पन्न संक्रमण धातु कॉम्प्लेक्स’ विषय पर किया शोध, परिवार और शुभचिंतकों ने दी बधाई

भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय, भोपाल ने रसायन विज्ञान (केमिस्ट्री) विषय में शोधार्थी डॉ. अंजुल दादोरिया को डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएच.डी.) की उपाधि प्रदान की है। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, शिक्षाविदों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।
डॉ. अंजुल दादोरिया, डॉ. पी. डी. दादोरिया एवं श्रीमती उर्मिला दादोरिया के सुपुत्र हैं। उनका शोध प्रबंध “कुछ पाइरिडिल आधारित शिफ बेस से व्युत्पन्न संक्रमण धातु कॉम्प्लेक्स – संश्लेषण और स्पेक्ट्रोस्कोपिक लक्षण वर्णन” विषय पर आधारित है। इस शोध में संक्रमण धातु कॉम्प्लेक्स के संश्लेषण एवं उनके स्पेक्ट्रोस्कोपिक विश्लेषण से जुड़े महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पहलुओं का अध्ययन किया गया है।
उन्होंने अपना शोध कार्य डॉ. सुमन मलिक के निर्देशन तथा डॉ. अर्चना सिंह, साधु वासवानी (स्वायत्त) महाविद्यालय, बैरागढ़, भोपाल के सह-निर्देशन में सफलतापूर्वक पूर्ण किया। विश्वविद्यालय द्वारा शोध कार्य का मूल्यांकन पूर्ण होने के बाद उन्हें पीएच.डी. की उपाधि प्रदान की गई।
डॉ. अंजुल दादोरिया की इस उपलब्धि पर उनकी पत्नी शशि दादोरिया, पुत्री कनिष्का दादोरिया, बहनें सरोज किरार एवं अंजली किरार सहित परिवार के वरिष्ठ सदस्य इंजीनियर एम. आर. दादोरिया, श्री आर. जी. दादोरिया, एडवोकेट आई. पी. एस. दादोरिया, इंजीनियर आर. के. दादोरिया तथा समस्त दादोरिया परिवार, मित्रों, रिश्तेदारों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
डॉ. अंजुल दादोरिया की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि क्षेत्र के युवा शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणादायक मानी जा रही है। स्थानीय शिक्षाविदों ने विश्वास जताया कि उनका शोध रसायन विज्ञान के क्षेत्र में भविष्य के अनुसंधानों के लिए उपयोगी सिद्ध होगा।

U-23 राष्ट्रीय कुश्ती चैंपियनशिप में प्रियांशी का गोल्ड, एमपी की पूर्व अकादमी खिलाड़ी बनी राष्ट्रीय चैंपियन

भोपाल 

हरियाणा के रोहतक में 10 से 12 जुलाई 2026 तक आयोजित U-23 राष्ट्रीय सीनियर कुश्ती चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश राज्य कुश्ती अकादमी की पूर्व खिलाड़ी प्रियांशी प्रजापत ने महिला 50 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में प्रियांशी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

तीन दिन तक चले मुकाबलों में दिखाया दम

रोहतक में आयोजित तीन दिवसीय प्रतियोगिता में देशभर के नामी पहलवानों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। प्रियांशी ने पूरे टूर्नामेंट में संयम, तकनीक और आक्रामक खेल का शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने सभी मुकाबलों में बढ़त बनाई और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया।

कई राज्यों के पहलवानों के बीच बनीं विजेता

प्रतियोगिता में हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना, कर्नाटक और मध्यप्रदेश सहित कई राज्यों के शीर्ष पहलवानों ने भाग लिया। ऐसे कठिन मुकाबलों के बीच प्रियांशी का स्वर्ण पदक जीतना उनकी मेहनत और प्रतिभा का परिचायक है।

मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा का बढ़ा सम्मान

कुश्ती अकादमी, भोपाल की पूर्व खिलाड़ी प्रियांशी की यह उपलब्धि मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इससे एक बार फिर साबित हुआ है कि प्रदेश की खेल अकादमियां राष्ट्रीय स्तर के चैंपियन खिलाड़ी तैयार करने में लगातार सफल हो रही हैं।

खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने प्रियांशी प्रजापत को स्वर्ण पदक जीतने पर बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने राष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन कर मध्यप्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रियांशी भविष्य में भी देश के लिए कई बड़ी उपलब्धियां हासिल करेंगी।

प्रशिक्षकों और खेल विभाग के प्रयासों को मिला सम्मान

इस उपलब्धि का श्रेय खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक  अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक  बी.एस. यादव, कुश्ती अकादमी के प्रशिक्षकों और खेल विभाग के समस्त सहयोगी स्टाफ को भी जाता है, जिनके मार्गदर्शन और प्रशिक्षण ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर सफलता दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

इंतजार खत्म! आज आएगी लाड़ली बहना योजना की 38वीं किस्त, CM मोहन यादव भेजेंगे ₹1500

भिंड 
मध्य प्रदेश की लाडली बहना योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज  12 जुलाई रविवार को भिंड जिले के मेहगांव से योजना की 38वीं किस्त जारी करेंगे. हालांकि, इस संबंध में राज्य सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 

लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त
मध्य प्रदेश में लगभग 1.25 करोड़ महिलाओं के लिए लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त का इंतजार जल्द ही खत्म हो सकता है. खबरों के अनुसार, मुख्यमंत्री मोहन यादव भिंड जिले के मेहगांव में 12 जुलाई को होने वाले एक कार्यक्रम के दौरान इस योजना की अगली किस्त जारी कर सकते हैं.  मुख्यमंत्री 12 जुलाई को मेहगांव का दौरा करेंगे, जहां वे कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे. इसी कार्यक्रम के दौरान लाडली बहना योजना की जुलाई महीने की किस्त महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। 

38वीं किस्त 14 जुलाई को होगी जारी
राज्य सरकार के मंत्री राकेश शुक्ला ने सोशल मीडिया पर इस बारे में जानकारी दी है.  उन्होंने बताया कि लाडली बहना योजना की 38वीं किस्त ट्रांसफर करने का कार्यक्रम मेहगांव विधानसभा क्षेत्र में आयोजित किया जाएगा. इसके अलावा  इलाके में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया जाएगा। 

अब तक 37 किस्त हो चुकी है जारी
इस कार्यक्रम के लिए प्रशासनिक तैयारियां शुरू हो चुकी हैं. इससे पहले सीएम मोहन यादव ने इस योजना की 37वीं किस्त 14 जून को जारी की गई थी. मुख्यमंत्री ने सागर जिले के केसली से राज्य भर की पात्र महिलाओं के खातों में 1,500 रुपए ट्रांसफर किए थे।  

इन महिलाओं को मिलता है योजना का लाभ
लाडली बहना योजना राज्य की आर्थिक रूप से कमजोर विवाहित महिलाओं, जिनमें तलाकशुदा और विधवाएं भी शामिल हैं उनको लाभ पहुंचाती है. इस योजना के तहत, पात्र महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 1,500 की आर्थिक सहायता सीधे ट्रांसफर की जाती है। 

अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समय-सीमा में पूरी कर ली जाएं, ताकि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो। निरीक्षण के दौरान सुरक्षा, यातायात, पेयजल, विद्युत, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और कार्यक्रम के दौरान सुचारु यातायात एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर विभिन्न विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर, एसडीएम लहार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। प्रशासन का कहना है कि मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय पर पूरे कर लिए जाएंगे।

कैसे चेक करें स्टेटस
38वीं किस्त का स्टेटस चेक करने के लिए, पात्र महिलाओं को सबसे पहले लाडली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाना होगा. इसके बाद, Application & Payment Status विकल्प पर क्लिक करें।
जिसके बाद अपनी समग्र ID या एप्लीकेशन नंबर डालें. कैप्चा भरें और ‘Get OTP’ पर क्लिक करें.  इसे वेरिफाई करने के लिए अपने मोबाइल नंबर पर मिले OTP को डालें. इसके बाद स्क्रीन पर एप्लीकेशन का स्टेटस और पेमेंट स्टेटमेंट की जानकारी दिखाई देगी। 

2023 में हुई थी योजना की शुरूआत
बता दें कि, राज्य सरकार ने जून 2023 में लाडली बहना योजना शुरू की थी. शुरुआत में इस योजना के तहत 1,000 रुपए दिए जाते थे, लेकिन बाद में इस राशि को बढ़ाकर 1,500 रुपए कर दिया गया था। 

MP मानसून सत्र 2026: UCC समेत 10 बड़े विधेयक होंगे पेश, 10 साल की सजा वाला नया कानून भी

भोपाल 
विधानसभा के मानसून सत्र में नगरीय विकास विभाग ने अग्निशमन और कॉलोनी विधेयक पेश करने की तैयारी कर ली है। इनके ड्राफ्ट तैयार कर लिए गए हैं। हालांकि किराएदारी विधेयक को फिलहाल विभाग ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है। जबकि इस विधेयक से मकानमालिक और किराएदारों के बीच विवाद रोकने में मदद मिलेगी। केन्द्र द्वारा मॉडल एक्ट बनाकर राज्य को करीब डेढ़ साल पहले भेजा जा चुका है। पिछले साल तक इसे लाने की कवायद भी की गई लेकिन फिलहाल इसे रोक दिया गया है। मानसून सत्र में इसके साथ समान नागरिक संहिता सहित 10 अन्य विधेयक भी पेश किए जाएंगे।

मानसून सत्र में सबसे अहम निर्णय
नगरीय विकास विभाग द्वारा मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकाली सेवाएं विधेयक 2026 और कॉलोनी विकास विधेयक को मानसून सत्र में पेश करने की प्रक्रिया तेजी से पूरी की जा रही है। विभाग के एसीएस संजय दुबे के अनुसार, यह दोनों विधेयक मानसून सत्र में पेश किए जाएंगे। वहीं इस बार मानसून सत्र में सबसे अहम निर्णय के रूप में प्रदेश सरकार समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भी पेश करने की पूरी तैयारी में है। इसको लेकर गठित समिति ने विधेयक के ड्राफ्ट भी लगभग तैयार कर लिए हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने भी इसकी घोषणा कई कार्यक्रमों में की है।

मानसून सत्र में यह विधेयक भी पेश करने की तैयारी में सरकार
कैबिनेट ने हाल ही में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (मध्यप्रदेश संशोधन) विधेयक का अनुमोदन कर दिया है। इसके साथ यूसीसी विधेयक के ड्राफ्ट को भी तेजी से अंतिम रूप दिया जा रहा है। सीएम यूसीसी को जुलाई में लागू करने की घोषणा कर चुके हैं। इसलिए यह विधेयक आना तय हैं। इसके साथ प्रदेश सरकार अनुपूरक बजट संबंधी विनियोग विधेयक, कोचिंग संस्थान विनियमन, पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज, वाणिज्यिक कर, श्रम और सिंहस्थ मेला संबंधी विधेयकों को पेश करने की तैयारी में है।

कॉलोनी विकास और फायर एक्ट में यह होंगे प्रावधान

  • -यह कानून शहरों के साथ ग्रामीण और कैंटोनमेंट क्षेत्रों में भी लागू।
  • – अवैध कॉलोनी बनाने वालों पर अधिकतम 10 साल की सजा और 5 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
  • – कॉलोनाइजर को पांच साल में सड़क, बिजली, पानी, सीवेज सहित अन्य विकास कार्य करना होंगे।
  • – सभी कॉलोनियों का डिजिटल रिकॉर्ड रखा जाएगा और ऑनलाइन निगरानी बढ़ाई जाएगी। इससे खरीदार संपत्ति खरीदने के पहले ऑनलाइन यह देख सकेंगे कि कॉलोनी वैध है या अवैध।
  • – अवैध कॉलोनी को हटाने के लिए 15 दिन का नोटिस दिया जाएगा। यदि कॉलोनाइजर ऐसा नहीं करता है तो निकाय उसकी अवैध कॉलोनी को ढ़हाने के साथ जमीन अपने कब्जे में ले लेगा।
  • – अवैध कॉलोनियों का विकास रोकने जिला कलेक्टर, निगम कमिश्नर, सहित अन्य अधिकारियों के साथ पार्षद और सरपंच आदि की जिम्मेदारियां भी तय की गई हैं।
  • – अवैध कॉलोनियों के खिलाफ हर कार्रवाई के लिए समय सीमा तय की गई है। यदि संबंधित अधिकारी यह कार्रवाई नहीं करते तो शासन उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकेगी।

दमकल विभाग की बढ़ेगी पावर

  • – फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट नहीं लेने वालों पर 5 लाख रुपए तक पेनाल्टी, इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं करने पर 10 हजार रुपए प्रतिदिन पेनाल्टी लगाई जाएगी।
  • – आग बुझाने के काम में बाधक बन रही किसी इमारत को फायर अमला तोड़ सकेगा।
  • – आग बुझाने के लिए बिना अनुमति किसी भी निजी परिसर में प्रवेश किया जा सकेगा।
  • – निजी जलस्रोतों से भी आग बुझाने के लिए नि:शुल्क पानी लिया जा सकेगा, उसका मालिक इससे इंकार नहीं कर सकेगा।
  • – प्रॉपर्टी के मालिक को घटना से प्रभावित समीपस्थ प्रॉपर्टी को नुकसान की भरपाई करनी होगी।
  • – आग लगने की गलत सूचना पर 20 हजार तक जुर्माना।
  • – फायर टैक्स भी लिया जाएगा। प्रति आवासीय इकाई 180 रु. प्रतिवर्ष और कमर्शियल प्रॉपर्टी में इस राशि के अतिरिक्त संपत्ति कर का 10 फीसदी टैक्स लिया जाएगा।

अनुपूरक बजट भी होगा पेश
एमपी विधानसभा मानसून सत्र में प्रथम अनुपूरक बजट भी पेश किया जा सकता है। इसके लिए सरकारी विभाग नए वाहन खरीदी के लिए प्रस्ताव नहीं दे सकेंगे। नई मदों के प्रस्ताव भी शामिल नहीं किए जाएंगे। इस बारे में वित्त विभाग की ओर से सभी विभागों को निर्देश भी जारी किए जा चुके थे। वहीं विभाग ने सभी विभागों से ऑनलाइन प्रस्ताव भी मांगे हैं, इनमें वे ही प्रस्ताव शामिल किए जाएंगे, जिनके लिए राज्य की आकस्मिता निधि से अग्रिम स्वीकृत किया गया हो।

पिछले मानसून सत्रों की तरह यह भी छोटा सत्र
बता दें कि विधान सभा का मानसून सत्र पिछले मानसून सत्रों की तरह ही इस बार भी छोटा रखा गया है। हालांकि माना जा रहा था कि यह 7 दिन का होगा। लेकिन 23 जून अधिसूचना जारी कर दी गई थी, जिसमें बताया गया था कि 20 जुलाई से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो जाएगा और 5 दिन तक यानी 24 जुलाई को संपन्न होगा।

 

MP Police का ‘मिशन स्पेस’ शुरू, 18 सैटेलाइट से अपराधियों पर रखी जाएगी आसमान से नजर

इंदौर 

 मध्य प्रदेश पुलिस अब अपराधियों पर सिर्फ जमीन से नहीं, बल्कि अंतरिक्ष से भी नजर रखने की तैयारी में है। नीति आयोग के सहयोग से प्रदेश पुलिस अपना सैटेलाइट नेटवर्क विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत 18 छोटे सैटेलाइट लॉन्च करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का नोडल कार्यालय इंदौर स्थित पुलिस रेडियो ट्रेनिंग सेंटर को बनाया गया है, जहां पिछले छह माह से रिसर्च, तकनीकी अध्ययन और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने का काम चल रहा है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, परियोजना को अंतिम रूप देने से पहले इसरो समेत कई वैज्ञानिक संस्थानों का दौरा किया गया। वहां विशेषज्ञों से तकनीकी पहलुओं पर चर्चा के बाद विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर राज्य शासन के माध्यम से नीति आयोग को भेजा जा रहा है। मंजूरी मिलने के बाद परियोजना के लिए बजट उपलब्ध कराया जाएगा और सैटेलाइट लॉन्च की प्रक्रिया शुरू होगी।

तीन अलग-अलग ऑर्बिट
योजना के अनुसार, सभी 18 सैटेलाइट पृथ्वी की निचली कक्षा में तीन अलग- अलग ऑर्बिट में स्थापित किए जाएंगे। इनकी मदद से पूरे मध्य प्रदेश पर लगातार निगरानी रखी जा सकेगी। इसका सबसे बड़ा लाभ पुलिस क्युनिकेशन सिस्टम को मिलेगा। अभी कई दूरस्थ और वन क्षेत्रों में वायरलेस नेटवर्क कमजोर होने से संचार प्रभावित होता है, लेकिन सैटेलाइट आधारित नेटवर्क शुरू होने के बाद प्रदेश के किसी भी कोने से स्पष्ट और निर्बाध संपर्क संभव होगा।

क्युनिकेशन सिस्टम होगा बेहतर
यह सैटेलाइट सिस्टम केवल पुलिस संचार तक सीमित नहीं रहेगा। ट्रैफिक मैनेजमेंट, कानूनव्यवस्था की निगरानी, प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित सूचना, बड़े आयोजनों की मॉनिटरिंग और आपातकालीन परिस्थितियों में भी इसका उपयोग किया जाएगा। इससे पुलिस की प्रतिक्रिया समय में कमी आएगी और निर्णय लेने की क्षमता भी अधिक प्रभावी होगी।

‘क्रांतिकारी साबित होगी योजना’
डीआइजी मनोज कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, यह परियोजना मध्य प्रदेश पुलिस के लिए तकनीकी रूप से क्रांतिकारी साबित होगी। इससे पुलिस का क्युनिकेशन सिस्टम कई गुना अधिक मजबूत होगा और मॉनिटरिंग की क्षमता भी बढ़ेगी। परियोजना पूरी होने पर मध्य प्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य बन सकता है, जिसकी पुलिस के पास अपना स्वतंत्र सैटेलाइट नेटवर्क होगा।

भोपाल में 15 से 17 जुलाई तक होगा श्रीकृष्ण गोवर्धन मंदिर का भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव

भोपाल। राजधानी भोपाल के टी.टी. नगर स्थित माता मंदिर क्षेत्र में पीएचई कार्यालय के समीप स्थित पाल समाज श्रीकृष्ण गोवर्धन मंदिर में 15 से 17 जुलाई तक तीन दिवसीय भव्य प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस धार्मिक आयोजन में पाल, बघेल, यादव, धनगर, ग्वाला, गायरी और भारुड़ समाज के हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन को लेकर मंदिर परिसर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं।

मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि तीन दिनों तक वैदिक विधि-विधान, धार्मिक अनुष्ठान, कलश यात्रा, देव पूजन, महाअभिषेक, नगर भ्रमण, हवन, पूर्णाहुति और विशाल भंडारे जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समाज के लोगों के साथ-साथ विभिन्न राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि भी इस आयोजन में शामिल होंगे।

तीन दिन तक चलेंगे वैदिक अनुष्ठान

पाल समाज श्रीकृष्ण गोवर्धन मंदिर समिति के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ 15 जुलाई को प्रातः 9 बजे होगा। पहले दिन दशा विधि स्नान, कलश यात्रा, गणेश पूजन, देवताओं का आवाहन, जलाधिवास एवं आरती जैसे धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होंगे।

उन्होंने बताया कि 16 जुलाई को देव पूजन के साथ अन्नाधिवास, फलाधिवास, शर्कराधिवास, पुष्पाधिवास, शय्याधिवास तथा संध्या आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे।

17 जुलाई को महाअभिषेक, नगर भ्रमण और प्राण-प्रतिष्ठा

महोत्सव के अंतिम दिन 17 जुलाई को प्रातः 8:30 बजे देव पूजन के साथ सहस्त्रधारा द्वारा महाअभिषेक किया जाएगा। इसके बाद भगवान की प्रतिमाओं का नगर भ्रमण निकलेगा। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्राण-प्रतिष्ठा, हवन एवं पूर्णाहुति का आयोजन होगा।

दोपहर 2 बजे महाआरती के बाद श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों लोगों के प्रसादी ग्रहण करने की व्यवस्था की गई है।

संत-महात्माओं के सान्निध्य में होंगे धार्मिक अनुष्ठान

समिति के अनुसार पूरा आयोजन विख्यात विद्वान पंडित राजेश दुबे शास्त्री के आचार्यत्व में संपन्न होगा। कार्यक्रम में श्री दादू महाराज, देवेन्द्र महाराज, नंदकिशोर महाराज, साध्वी मीरा जी तथा दीनबंधु महाराज का सान्निध्य भी प्राप्त होगा। इनके निर्देशन में सभी धार्मिक अनुष्ठान शास्त्रोक्त विधि से संपन्न किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री सहित कई जनप्रतिनिधि होंगे शामिल

समिति ने जानकारी दी कि प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित हैं। इसके अलावा मंत्री कृष्णा गौर भी कार्यक्रम में शामिल होंगी।

अति विशिष्ट अतिथियों के रूप में विधायक भगवानदास सबनानी, केशव सिंह बघेल (अध्यक्ष, मध्यप्रदेश राज्य पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम), नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, एमआईसी सदस्य श्रीमती संजना कषाना, डॉ. रश्मि चंद गुप्ता, सतीशचंद गुप्ता, उत्तर प्रदेश पाल समाज के अध्यक्ष राकेश पाल, हिन्दू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी तथा पार्षद श्रीमती बृजुला सचान सहित अनेक जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों की उपस्थिति प्रस्तावित है।

सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का बनेगा केंद्र

मंदिर समिति का कहना है कि यह आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभिन्न समाजों के बीच सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक एकता और पारस्परिक सहयोग का भी संदेश देगा। पाल, बघेल, यादव, धनगर, ग्वाला, गायरी और भारुड़ समाज के प्रतिनिधि एक साथ मिलकर इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने में जुटे हुए हैं।

सभी समाजजनों से शामिल होने की अपील

समिति के उपाध्यक्ष जयराम बघेल, उर्जन सिंह पाल, तेज सिंह पाल सहित अन्य पदाधिकारियों ने समाज के सभी स्वजातीय बंधुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में परिवार सहित कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है। उनका कहना है कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था

आयोजन समिति ने बताया कि 17 जुलाई को प्राण-प्रतिष्ठा एवं पूर्णाहुति के बाद दोपहर लगभग 2:30 बजे विशाल भंडारा प्रारंभ होगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रसादी वितरण, पेयजल, बैठने एवं पार्किंग सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। बड़ी संख्या में स्वयंसेवक सेवा कार्य में लगे रहेंगे ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कार्यक्रम की मुख्य झलकियां

  • 15 जुलाई: दशा विधि स्नान, कलश यात्रा, गणेश पूजन, देव आवाहन एवं जलाधिवास।
  • 16 जुलाई: देव पूजन, अन्नाधिवास, फलाधिवास, शर्कराधिवास, पुष्पाधिवास एवं शय्याधिवास।
  • 17 जुलाई: सहस्त्रधारा महाअभिषेक, नगर भ्रमण, प्राण-प्रतिष्ठा, हवन, पूर्णाहुति, महाआरती एवं विशाल भंडारा।
  • स्थान: पाल समाज श्रीकृष्ण गोवर्धन मंदिर, पीएचई कार्यालय के पास, टी.टी. नगर, माता मंदिर, भोपाल।
  • विशेषता: मुख्यमंत्री, मंत्री, जनप्रतिनिधियों, संत-महात्माओं और हजारों श्रद्धालुओं की प्रस्तावित सहभागिता।

तीन दिवसीय यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक परंपराओं का संगम बनेगा, जिसमें राजधानी सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

ISSF वर्ल्ड कप शॉटगन में नीरू ढांडा ने जीता स्वर्ण, एमपी शूटिंग शॉटगन अकादमी की शानदार सफलता

भोपाल 

इटली के लोनाटो शहर में 3 जुलाई से 13 जुलाई 2026 तक आयोजित ISSF वर्ल्ड कप शॉटगन में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की खिलाड़ी नीरू ढांडा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वहीं अकादमी की दूसरी खिलाड़ी मनीषा ने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए दसवां स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर भारत के साथ-साथ मध्यप्रदेश का गौरव भी बढ़ाया है।

अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अकादमी की प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन

विश्व की शीर्ष निशानेबाजों के बीच आयोजित इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में नीरू ढांडा ने पूरे मुकाबले के दौरान बेहतरीन एकाग्रता, तकनीक और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। वहीं मनीषा ने भी चुनौतीपूर्ण प्रतिस्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए शीर्ष-10 में स्थान बनाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का बढ़ा सम्मान

3 से 13 जुलाई 2026 तक इटली के लोनाटो में आयोजित ISSF वर्ल्ड कप शॉटगन विश्व शूटिंग कैलेंडर की सबसे प्रतिष्ठित प्रतियोगिताओं में शामिल है। इस प्रतियोगिता में दुनिया के कई देशों के सर्वश्रेष्ठ शूटरों ने हिस्सा लिया। ऐसे कड़े मुकाबले में मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की खिलाड़ियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन प्रदेश की खेल प्रतिभा और उच्च स्तरीय प्रशिक्षण व्यवस्था का प्रमाण है।

मध्यप्रदेश के लिए गौरव का क्षण

मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग शॉटगन अकादमी की खिलाड़ी नीरू ढांडा का स्वर्ण पदक जीतना और मनीषा का शीर्ष-10 में स्थान बनाना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और अकादमी में उपलब्ध कराए जा रहे विश्वस्तरीय प्रशिक्षण का परिणाम है। इससे एक बार फिर सिद्ध हुआ है कि मध्यप्रदेश की खेल अकादमियां अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

खेल मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने नीरू ढांडा को स्वर्ण पदक जीतने तथा मनीषा को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए हार्दिक बधाई देते हुए कहा कि दोनों खिलाड़ियों ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का मान बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि यह सफलता मध्यप्रदेश की खेल अकादमियों में उपलब्ध कराई जा रही उत्कृष्ट प्रशिक्षण व्यवस्था और खिलाड़ियों के अथक परिश्रम का परिणाम है।

 सारंग ने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे आगामी अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत के लिए नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी।

सामूहिक प्रयास का परिणाम

इस उल्लेखनीय उपलब्धि का श्रेय खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संचालक  अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक  बी.एस. यादव, शूटिंग अकादमी के प्रभारी, प्रशिक्षकों तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के समस्त सहयोगी स्टाफ को भी जाता है, जिनके मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और सतत प्रयासों ने खिलाड़ियों को इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

 

जैन दर्शन वैश्विक है, जो समाज को शांति प्रिय बना सकता है : मंत्री काश्यप

भोपाल

एमएसएमई मंत्री  चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है कि जैन दर्शन, वैश्विक दर्शन है जो समाज को शांति प्रिय बना सकता है और विमर्श से जैन धर्म समाज का अभिन्न अंग बन सकता है। हैदराबाद स्थित कान्हा शान्ति वनम में दो दिवसीय ‘‘हार्ट ऑफ ए जैन – इंटरनेशनल कॉन्क्लेव‘‘ का वर्ल्ड जैन कान्फडरेशन के चेयरमैन और मंत्री  काश्यप ने शुभारंभ किया।

मंत्री  काश्यप ने हार्टफुलनेस फाउण्डेशन के वैश्विक मार्गदर्शक कमलेश डी. पटेल ‘‘दाजी’’ की पुस्तक का विमोचन किया और विशेष सत्र में ध्यान भी किया। इस दौरान पद्म कुमारपद भाई देसाई, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी भी उपस्थित रहे।

कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मंत्री  काश्यप ने कहा कि कॉन्क्लेव में हो रहे विचार-विमर्श से जैन धर्म समाज का अभिन्न अंग बन सकता है।उन्होंने कहा कि ‘‘दाजी’’ असाधारण और दुर्लभ व्यक्तित्व के धनी हैं, जिन्होंने सारे धर्म की गंगा जैन दर्शन से प्रभावित होना बताया है। उनकी यह उद्घोषणा समाज के बीच कैसे क्रियाशील हो, अहिंसा का दर्शन विचारों में ही नहीं अपितु सक्रिय जीवन में भी कैसे क्रियान्वित हो, ऐसे बिन्दुओं को लेकर ‘‘दाजी’’ ने एक पुस्तक के रुप में शुरुआत की है, जिसे उम्मीद है पूरा समाज आत्मसात करेगा।

मंत्री  काश्यप ने कहा कि दर्शन सर्वकालिक होते हैं और सदैव चलते रहते हैं लेकिन हर समय काल में उन्हें विस्थापित करने के लिए चिंतन करना पड़ता है। आज समाज के सामने विश्वास की चुनौती है जो सबको प्रभावित करती है। भगवान महावीर सही अर्थों में जीवन के दर्शक हैं। उन्होंने अहिंसा का वैश्विक दर्शन दिया और ऐसे जीवन का दर्शन भी दिया है जो मानवीय मूल्यों को साथ लेकर चलता है। जैन दर्शन के प्रसार के लिए इस तरह के वैचारिक अनुष्ठानों को गति दी जानी चाहिए जिससे युवाओं को इससे समृद्ध किया जा सके। कॉन्क्लेव का समापन 12 जुलाई को होगा।

 

अब प्रत्येक गुम इंसान प्रकरण में अनिवार्य रूप से दर्ज होगी एफआईआर

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस ने गुमशुदा व्यक्तियों की शीघ्र खोज एवं उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए प्रदेश के सभी पुलिस इकाइयों को प्रत्येक गुम इंसान (महिला एवं पुरुष) के प्रकरण में अनिवार्य रूप से एफआईआर पंजीबद्ध करने के निर्देश जारी किए हैं। इस संबंध में पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रदेश के सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, उप पुलिस महानिरीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत निर्देश प्रेषित किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2012 में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वाराबचपन बचाओ आंदोलन बनाम भारत सरकारप्रकरण में दिए गए निर्देशों के अनुसार गुम नाबालिग बच्चों के मामलों में एफआईआर दर्ज करने की व्यवस्था लागू की गई थी। अब हाल ही में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वाराजी. गणेश बनाम तमिलनाडु राज्य एवं अन्य में दिए गए निर्णय के अनुसार प्रत्येक गुम इंसान, चाहे वह महिला हो या पुरुष, के मामले में भी अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय के उक्त निर्देशों के अनुपालन में पुलिस मुख्यालय, मध्यप्रदेश द्वारा प्रदेश के समस्त पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्येक गुमशुदगी की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल एफआईआर पंजीबद्ध कर विधि सम्मत जांच प्रारंभ की जाए तथा गुम व्यक्ति की शीघ्र तलाश हेतु सभी आवश्यक वैधानिक एवं तकनीकी उपाय सुनिश्चित किए जाएं।

मध्यप्रदेश पुलिस इस व्यवस्था के माध्यम से प्रत्येक गुमशुदा व्यक्ति के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए नागरिकों की सुरक्षा एवं अधिकारों के संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

 

मध्यप्रदेश पुलिस की नशे से दूरी है जरूरी 2.0 अभियान से पहले प्रदेशभर में बड़ी कार्रवाई

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आगामी 15 जुलाई से प्रारंभ होने वाले राज्यव्यापी नशामुक्ति जन-जागरूकता अभियान “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” के पूर्व अवैध मादक पदार्थों के कारोबार के विरुद्ध प्रदेशभर में सघन एवं प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। अभियान के शुभारंभ से पहले ही पुलिस ने नशा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए विगत दो दिनों में विभिन्न जिलों से लगभग 61लाख 77 हजार रुपयेमूल्य के मादक पदार्थ, प्रतिबंधित नशीली दवाइयां एवं वाहन जब्त किए हैं तथा कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मध्यप्रदेश पुलिस का उद्देश्य केवल नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाना ही नहीं, बल्कि तस्करी के संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए प्रदेश में नशामुक्त वातावरण तैयार करना भी है। इसी उद्देश्य से अभियान प्रारंभ होने से पूर्व प्रदेशभर में लगातार सघन कार्रवाई की जा रही है।

नीमच

जिलेके जीरन थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 4 किलो 500 ग्राम अवैध अफीम एवं 30 किलोग्राम डोडाचूराबरामद कर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। जब्त मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 27 लाख रुपयेहै। आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

इंदौर

पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों में कार्रवाई करते हुए लगभग 12 लाख रूपए की एमडी ड्रग्स एवं ब्राउन शुगर जब्त कर दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया। थाना हीरानगर पुलिस ने एक आरोपी के कब्जे से 6.30 ग्राम एमडी ड्रग्स (कीमत लगभग 1 लाख रूपए) बरामद की। वहीं थाना खजराना पुलिस ने मंदसौर निवासी एक तस्कर को 110 ग्राम ब्राउन शुगर (कीमत 11 लाख रूपए से अधिक) के साथ गिरफ्तार किया। दोनों मामलों में आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

नरसिंहपुर

पुलिस ने थाना कोतवाली क्षेत्र के तिंदनी रोड नहर के पास मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 10 ग्राम स्मैक (अनुमानित कीमत 1 लाख रूपए) एवं एक मोबाइल जब्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर स्मैक के स्रोत तथा इससे जुड़े तस्करी नेटवर्क की जांच की जा रही है।

शिवपुरी

जिलेके पोहरी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 1 किलो 261 ग्राम गांजाजब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 22 हजार रुपयेहै।

सिंगरौली

बरगवां पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए एक स्कॉर्पियो वाहन से 722 शीशी (72.2 लीटर) प्रतिबंधित कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद की है। कार्रवाई के दौरान लगभग 21 लाख 55 हजार रूपए की नशीली दवा एवं वाहन जब्त कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया गया।

मध्यप्रदेश पुलिस ने स्पष्ट किया है कि “नशे से दूरी है जरूरी 2.0” अभियान के दौरान नशे के विरुद्ध जन-जागरूकता के साथ-साथ अवैध मादक पदार्थों के निर्माण, परिवहन, भंडारण एवं तस्करी में संलिप्त व्यक्तियों और गिरोहों के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

 

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