मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी के दर्शन कर की सर्वकल्याण की प्रार्थना

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दो दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास में मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक के साथ अन्य गतिविधियों में हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रवास के प्रथम दिन जगदलपुर में नागरिकों और जनप्रतिनिधियों से भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री  अमित शाह और तीन राज्यों छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्रियों से भेंट एवं चर्चा की। प्रवास के दूसरे दिन मंगलवार को मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भागीदारी की।

छत्तीसगढ़ की कला की सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बस्तर में पारम्परिक लोक नृत्यों और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों को देखने के साथ ही विभिन्न कला शिल्पों और वाद्य यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ की कला की सराहना करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की लोक कलाएं और लोक कलाकार प्रतिभा के धनी हैं। मध्यप्रदेश की कलाओं का भी छत्तीसगढ़ की कलाओं से काफी साम्य है। दोनों राज्यों के शिल्पी भी अपने हुनर के लिए पूरे देश में जाने जाते हैं।

मां दंतेश्वरी देवी के दर्शन और विज्ञान केंद्र का अवलोकन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बैठक के पश्चात दंतेवाड़ा में मां दंतेश्वरी देवी मंदिर में दर्शन किए और सर्वकल्याण के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दर्शन और पूजन के दौरान अनेक श्रद्धालुओं से भेंट और चर्चा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को ही दंतेवाड़ा में विज्ञान केंद्र का अवलोकन भी किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विज्ञान केंद्र में प्रदर्शित विभिन्न विज्ञान प्रादर्श देखे और जानकारी प्राप्त की।

प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में अपनी यात्रा को सुखद बताया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ कभी एक थे। उन्हें पूर्व में इस अंचल में आने का सौभाग्य नहीं मिला था। मध्य क्षेत्रीय बैठक के कारण बस्तर की प्राकृतिक सुंदरता भी देखने को मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विकास के सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री  मोदी की मंशा के अनुसार महिला, किसान, युवा, गरीब सभी वर्गों के कल्याण के लिए दोनों राज्य निरंतर कार्य करेंगे।

श्रेष्ठ आतिथ्य के लिए दिया धन्यवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री  विजय शर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अमले के प्रति मध्य क्षेत्रीय परिषद बैठक के आयोजन और श्रेष्ठ आतिथ्य के लिए धन्यवाद व्यक्त किया।

 

राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020: आंगनवाड़ी और स्कूलों के समन्वय से सुदृढ़ होगी प्रारंभिक शिक्षा की नींव

राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020: आंगनवाड़ी और स्कूलों के समन्वय से सुदृढ़ होगी प्रारंभिक शिक्षा की नींव

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के को -लोकेशन के दिशा-निर्देशों से शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में बड़े बदलाव की शुरुआत

भोपाल 

छोटे बच्चों की पढ़ाई की शुरुआत अक्सर एक अनजान जगह से होती है, जहां उनको नया माहौल मिलता है। इस माहौल के डर और झिझक को खत्म करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार ने आंगनवाड़ी और प्राथमिक विद्यालय को अब एक ही परिसर में लाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 और ‘मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0’ के विज़न को धरातल पर उतारने के लिए केन्द्र सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाया है। अब आंगनवाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों का को-लोकेट किया जा रहा है। इस व्यावहारिक रणनीति का उद्देश्य बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और देखभाल की एक ऐसी मजबूत नींव रखना है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त कर सके। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल दो संस्थानों को एक परिसर में लाने का प्रयास नहीं है, बल्कि यह महिला एवं बाल विकास और स्कूल शिक्षा विभाग के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर बच्चों के लिए एक सुरक्षित, प्रेरक और उत्कृष्ट शैक्षणिक माहौल तैयार करने का महाअभियान है।

क्या बदलेगा इस व्यवस्था से

यह को-लोकेशन मॉडल मुख्य रूप से उन आंगनवाड़ी केंद्रों पर लागू किया जा रहा है जो प्राथमिक विद्यालयों के समीप स्थित हैं और जहाँ बच्चों के लिए सुरक्षित पहुँच उपलब्ध है। इसमें अस्थायी या सीमित संसाधनों वाले परिसरों में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्रों को प्राथमिक विद्यालयों में स्थानांतरित कर अधिक सुरक्षित और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे विद्यालय जहॉ अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध हैं, वहाँ आंगनवाड़ी केंद्रों को को-लोकेट किया जा रहा है जिससे शासकीय परिसंपत्तियों और संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग हो सके। भौगोलिक कारणों से जिन क्षेत्रों में भौतिक रूप से को- लोकेशन संभव नहीं है, वहाँ समीपस्थ प्राथमिक विद्यालयों के साथ आंगनवाड़ी केंद्रों की डिजिटल मैपिंग की जा रही है जिससे दोनों संस्थानों के बीच समन्वय और संसाधनों का साझा उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

इस एकीकृत मॉडल से बच्चों का आंगनवाड़ी केन्द्रों से पहली कक्षा में स्थानांतरण बेहद सुचारू और सहज हो जाएगा। विद्यालय परिसर से पहले से परिचित होने के कारण बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, जिससे शुरुआती कक्षाओं में होने वाले ड्रॉप आउट की दर में भारी कमी आएगी। इस नई व्यवस्था से आंगनवाड़ी के बच्चों को स्कूलों की आधुनिक अधोसंरचना, खेल के मैदानों और उन्नत शैक्षणिक संसाधनों तक समान पहुँच मिलेगी। बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होने के साथ-साथ खेल-आधारित पाठ्यक्रमों जैसे ‘आधारशिला’ और ‘जादुई पिटारा’ के साझा उपयोग से शिक्षा की गुणवत्ता में व्यापक सुधार होगा। आंगनवाड़ी एवं विद्यालीन समन्वय से बच्चों के डेटा का मिलान आसान होगा, जिससे सेवाओं के दोहराव से बचा जा सकेगा और प्रत्येक बच्चे तक शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचना सुनिश्चित हो।

‘विद्यारंभ’- म.प्र. ने रचा इतिहास

आंगनवाड़ी और प्राथमिक स्कूलों के इस को-लोकेशन मॉडल को प्रभावी बनाने में ‘विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरण कार्यक्रम’ एक ऐतिहासिक कड़ी साबित हो रहा है, जो बच्चों की औपचारिक शैक्षणिक यात्रा की शुरुआत को रेखांकित करता है। राष्ट्रीय चिंतन शिविर के निर्णयों के अनुरूप बाल चौपाल अर्ली चाइल्ड हूड केयर एंड एजुकेशन -डे) के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के 94 हजार से अधिक आंगनवाड़ी केंद्रों में एक साथ “विद्यारंभ प्रमाण पत्र वितरण समारोह” संपन्न हुआ। पूरे प्रदेश में एक साथ इस गरिमामयी अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने वाला मध्यप्रदेश देश का प्रथम राज्य बना है। इस महाअभियान में 5 से 6 वर्ष की आयु वर्ग के 9.28 लाख से अधिक बच्चों को उनके जीवन की पहली औपचारिक शिक्षा यात्रा के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

इस प्रदेशव्यापी आयोजन की व्यापकता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें राज्य स्तर पर 1, जिला स्तर पर 65, परियोजना स्तर पर 445, सेक्टर स्तर पर 3,358 तथा आंगनवाड़ी स्तर पर 94,482 सफल कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन सभी स्तरों पर आयोजित कार्यक्रमों में मंत्रियों, विधायकों, कलेक्टर्स, मुख्य कार्यपालन अधिकारियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने सहभागिता कर बच्चों का उत्साहवर्धन किया। भविष्य की कार्ययोजना को सुदृढ़ करने के लिये स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को पात्र बच्चों की सूची भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे आगामी सत्र में शालाओं में उनका शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित किया जा सके।

 

मध्यप्रदेश में समय सीमा से पहले नक्सलवाद की समाप्ति में सफलता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सम्पन्न मध्य क्षेत्रीय बैठक में प्रदेश में किए गए जनकल्याणकारी कार्यों और सुशासन के प्रयासों की जानकारी दी। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह की अध्यक्षता में आयोजित ‘मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक’ में सहभागिता करते हुए सहकारिता, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, शहरी विकास, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, डिजिटल अधोसंरचना विकास, दूध उत्पादन आदि क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की प्रगति की जानकारी साझा की गई।

समय के पहले खत्म किया नक्सलवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश ने केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा से पहले नक्सल समस्या का उन्मूलन करने में सफलता प्राप्त की है। प्रदेश में नक्सलवाद से प्रभावित जिलों में विशेष प्रयासों से सफलता प्राप्त की गई। जहां अनेक इनामी नक्सलवादियों ने समर्पण किया वहीं अनेक नक्सल तत्वों का सफाया भी किया गया। जवानों और सुरक्षा बलों को आवश्यक प्रोत्साहन भी दिया गया। नागरिकों के मन में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। बैठक में ‘नक्सल मुक्त भारत’ के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री  अमित शाह का संपूर्ण प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक आभार व्यक्त किया। प्रदेश में नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों के विकास के लिए नए लक्ष्य तय किए गए हैं। नक्सलवाद से प्रभावित रहे ग्रामों के लिए 330 करोड़ रुपये लागत की माइक्रो डेवलपमेंट योजना लागू की गई है। अलग-अलग योजनाओं के तहत सड़क, पुल, मोबाइल टॉवर, नई सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित की जा रही हैं।

सुशासन पर हुई विशेष चर्चा

मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सुशासन पर विशेष चर्चा हुई। इसके साथ ही जनकल्याण, सुरक्षा और क्षेत्रीय विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर भी सार्थक विचार-विमर्श हुआ। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री  योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी और मेजबान राज्य छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय उपस्थित थे। मध्यप्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री  कैलाश विजयवर्गीय ने भी भागीदारी की। बैठक में अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

स्कोप ग्लोबलस्किल्स यूनिवर्सिटी के “समर कार्निवल 2026” में स्टूडेंट्स दिखा रहे टैलेंट

 

भोपाल

स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी (एसजीएसयू), भोपाल द्वारा आयोजित “समर कार्निवाल 2026” का आयोजन उत्साह और ऊर्जा के साथ निरंतर जारी है। बच्चों एवं युवाओं के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक सोच और व्यवहारिक कौशल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस समर कार्निवाल में बड़ी संख्या में प्रतिभागी उत्साहपूर्वक हिस्सा ले रहे हैं।

विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस विशेष कार्निवालके अंतर्गत प्रतिभागियों को स्पोर्ट्स, फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट, स्टेज एंकरिंग, कटिंग एंड स्टिचिंग, मैक्रमे एवं क्रोशे वर्क, कुकिंग एंड बेकिंग, डांस तथा फ्यूचर रेडी एआई बूटकैंप विभिन्न आधुनिक एवं रचनात्मक जैसी गतिविधियों का व्यावहारिक प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है।

 “क्रिकेट एवं फुटबॉल स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम” के अंतर्गत बच्चों को खेल की बुनियादी तकनीकों, बैटिंग, बॉलिंग, फिटनेस, टीमवर्क एवं मैच प्रैक्टिस की ट्रेनिंग दी जा रही है। प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभागियों को खेल भावना, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का महत्व भी समझाया जा रहा है।

वहीं “डांस कोर्स” में सेमी-क्लासिकल एवं बॉलीवुड डांस के माध्यम से प्रतिभागियों को ताल, लय, बॉडी मूवमेंट, मंच प्रस्तुति एवं अभिव्यक्ति की बारीकियाँ सिखाई जा रही हैं। डांस प्रशिक्षण के माध्यम से बच्चों में आत्मविश्वास और स्टेज प्रेजेंस विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

“कुकिंग एंड बेकिंग कोर्स” में प्रतिभागियों को फूड प्रेजेंटेशन, पिज्जा, सैंडविच, स्मूदी, वाफल्स एवं सलाद जैसी डिशेज तैयार करना सिखाया जा रहा है। इसके साथ ही उन्हें बेसिक किचन मैनेजमेंट, साफ-सफाई और फूड क्रिएटिविटी के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।

समर कार्निवाल का प्रमुख आकर्षण “फ्यूचर रेडी एआई बूटकैंप” भी बना हुआ है, जिसमें प्रतिभागी चैटजीपीटी, कैनवा एआई एवं अन्य आधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स के माध्यम से डिजिटल क्रिएटिविटी और टेक्नोलॉजी आधारित स्किल्स सीख रहे हैं। इस प्रशिक्षण के दौरान बच्चों और युवाओं को एआई के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग के बारे में भी जानकारी दी जा रही है, ताकि वे भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार हो सकें।
इसके अतिरिक्त फाइन आर्ट्स एंड क्राफ्ट गतिविधियों के अंतर्गत प्रतिभागियों को क्ले मॉडलिंग, ड्रॉइंग, मधुबनी पेंटिंग एवं अन्य क्राफ्ट वर्क सिखाए जा रहे हैं। वहीं स्टेज एंकरिंग गतिविधि में प्रतिभागियों को मंच संचालन, संवाद शैली, बॉडी लैंग्वेज एवं आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुति देने की कला का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी के चांसलर डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा कि वर्तमान समय में केवल शैक्षणिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि व्यवहारिक कौशल, तकनीकी समझ और रचनात्मक सोच भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि समर कार्निवाल बच्चों और युवाओं को नई संभावनाओं से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है ।

एसजीएसयू के कुलपति डॉ. विजय सिंह एवं कुलसचिव डॉ. सितेश कुमार सिन्हा ने बताया कि समर कार्निवाल का उद्देश्य बच्चों और युवाओं को मनोरंजन के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल एवं रचनात्मक शिक्षा से जोड़ना है,आज के प्रतिस्पर्धात्मक दौर में स्किल आधारित शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है और इसी दिशा में विश्वविद्यालय द्वारा यह अभिनव पहल की गई है।

कार्यक्रम का संयोजन डॉ. टीना तिवारी द्वारा किया जा रहा है,उन्होंने बताया कि समर कार्निवाल के माध्यम से एसजीएसयू बच्चों और युवाओं को नई स्किल्स सीखने, रचनात्मकता विकसित करने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान कर रहा है।

अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अशोकनगर रेलवे स्टेशन का कायाकल्प

भोपाल 

रेलवे स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं से सुसज्जित करने हेतु संचालित “अमृत भारत स्टेशन योजना” के अंतर्गत पश्चिम मध्य रेल के भोपाल मंडल स्थित अशोकनगर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य डीआरएम  पंकज त्यागी के मार्गदर्शन में तेजी से प्रगति पर है। लगभग 24.10 करोड़ रुपये की लागत से स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के उन्नयन एवं आधुनिक आधारभूत संरचना विकसित करने के विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं।

अशोकनगर स्टेशन एनएसजी-5 श्रेणी का महत्वपूर्ण स्टेशन है, जहां यात्रियों की सुविधा एवं बेहतर आवागमन को ध्यान में रखते हुए अनेक विकास कार्य किए जा रहे हैं। जिनमें स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया (परिसंचरण क्षेत्र) में सुधार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा चुका है। साथ ही बीना छोर पर प्लेटफॉर्म क्रमांक-1 का चौड़ीकरण भी किया गया है।

यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 एवं 2 पर कवर ओवर शेड की व्यवस्था की गई है। इसके अतिरिक्त प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 एवं 2 की सतह में सुधार कार्य भी किया गया है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सके। स्टेशन भवन के अग्रभाग, शौचालयों में सुधार, आंतरिक भाग एवं प्रतीक्षालयों का आधुनिकीकरण किया गया है। 

इसके साथ ही द्वितीय प्रवेश द्वार के विकास का कार्य एवं यात्रियों की सुरक्षित एवं सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से स्टेशन पर 12 मीटर चौड़े नए फुट ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य दूसरे फेज में किया जा रहा है, जिससे प्लेटफॉर्मों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक एवं सुरक्षित होगा। इस कार्य इस वित्तीय वर्ष में पूरा करने का लक्ष्य है।  

भोपाल मंडल यात्रियों को सुरक्षित, आधुनिक एवं विश्वस्तरीय यात्रा अनुभव उपलब्ध कराने हेतु निरंतर कार्य कर रहा है। अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत अशोकनगर स्टेशन का पुनर्विकास पूर्ण होने के बाद यह स्टेशन आधुनिक सुविधाओं एवं बेहतर अधोसंरचना का नया उदाहरण बनेगा।

जन सम्पर्क अधिकारी
पश्चिम मध्य रेलवे, भोपाल

ऊर्जा मंत्री ने इंदौर में बिजली उपभोक्ताओं से की सीधे बात

ऊर्जा मंत्री ने इंदौर में बिजली उपभोक्ताओं से की सीधे बात

विद्युत आपूर्ति में लापरवाही पर 2 इंजीनियरों को नोटिस

इंदौर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सोमवार रात इंदौर शहर के बिजली सब स्टेशनों का दौरा किया। उन्होंने उपभोक्ताओं से सीधे बात की, बिजली आपूर्ति के संबंध में प्रथम दृष्टया स्थानीय इंजीनियरों की लापरवाही पाए जाने पर 2 के खिलाफ नोटिस जारी कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

ऊर्जा मंत्री सिंह ने इंदौर के ओल्ड पलासिया पहुंचकर बिजली उपभोक्ताओं से संवाद किया। कुछ उपभोक्ताओं ने बार-बार बिजली जाने की शिकायत की। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने मुख्य अभियंता आरसी जैन को ओल्ड पलासिया, मनोरमागंज क्षेत्र के बिजली इंजीनियरों सत्यप्रकाश जायसवाल और कमलेश टाले को नोटिस देने के निर्देश दिए। मंत्री तोमर ने निर्देश दिए हैं कि मेंटेनेंस गुणवत्ता से हो ताकि बिजली बार-बार न जाए, मेंटेनेंस की सूचना स्थानीय रहवासियों को दी जाए। बिजली आपूर्ति के संबंध में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऊर्जा मंत्री के निर्देश पर 2 इंजीनियरों को मंगलवार दोपहर नोटिस जारी कर दिए गए। जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की जाएगी। इस अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक प्रकाश सिहं चौहान, कार्यपालक निदेशक गजरा मेहता, मुख्य अभियंता कार्य एसएल करवाड़िया, शहर अधीक्षण अभियंता डीके गाठे आदि प्रमुख रूप से मौजूद थे।

 

नियामक आयोग के लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन: ऊर्जा मंत्री तोमर

नियामक आयोग के लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन: ऊर्जा मंत्री तोमर

मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में मिली एक और बड़ी उपलब्धि

भोपाल

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा ट्रांसमिशन लॉसेस का लक्ष्य 2.75 प्रतिशत निर्धारित किया गया था, जबकि एमपी ट्रांसको ने इसे 2.60 प्रतिशत पर बनाए रखकर बेहतर प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि एमपी ट्रांसको को देश की अग्रणी ट्रांसमिशन यूटिलिटीज़ में शामिल करती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने बढ़ती विद्युत मांग, सौर ऊर्जा के बड़े पैमाने पर ग्रिड में एकीकरण तथा लगातार विस्तारित हो रहे ट्रांसमिशन नेटवर्क जैसी चुनौतियों के बावजूद ट्रांसमिशन लॉसेस को पिछले वर्ष के स्तर 2.60 प्रतिशत पर बनाए रखने में सफलता प्राप्त की है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि के लिए एमपी ट्रांसको सहित प्रदेश की सभी विद्युत कंपनियों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी है । उन्होंने कहा कि सभी विद्युत कंपनियों के समन्वित प्रयास, बेहतर तकनीकी प्रबंधन एवं टीम वर्क के कारण ही मध्यप्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण, विश्वसनीय एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि वर्ष 2024-25 में प्रदेश का ट्रांसमिशन लॉसेस 2.60 प्रतिशत था। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी इसे इसी स्तर पर बनाए रखना प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र की दक्षता, तकनीकी क्षमता और बेहतर प्रबंधन का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग के दौरान भी यह उपलब्धि हासिल होना अत्यंत गौरव का विषय है।

 

रीवा कलेक्टर का अनोखा दौरा, 42 अफसरों संग नॉन-एसी बस से गांव पहुंचे; टिकुरी में लगाई चौपाल

रीवा 
मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप ग्रामीणों की समस्याओं का गांव में ही निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने गंगेव जनपद पंचायत के टिकुरी गांव में ग्राम चौपाल आयोजित की। इस दौरान उन्होंने 42 विभागीय अधिकारियों के साथ पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

कलेक्टर सूर्यवंशी नॉन एसी बस से कलेक्ट्रेट से टिकुरी पहुंचे। ग्राम पंचायत प्रांगण में आयोजित चौपाल में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सीमांकन में देरी पर नाराजगी जताई और नायब तहसीलदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र नियमित न खुलने की शिकायत पर संबंधित सुपरवाइजर को निलंबित करने तथा सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

चौपाल में ग्रामीणों द्वारा उठाए गए रास्ता विवाद को तत्काल सुलझाने और सड़क चौड़ीकरण के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए, ताकि आवागमन सुगम हो सके। उन्होंने निर्देशित किया कि टिकुरी गांव में शिविर लगाकर विभिन्न विभागों के अधिकारी समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन हितग्राहियों ने निर्माण कार्य शुरू नहीं किया, उनके आवास निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए।

  कलेक्टर ने कहा कि उनका उद्देश्य ग्रामीणों को गांव में ही योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बाहर न जाना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को भी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की हिदायत दी। नल-जल योजना के सुचारू संचालन में लापरवाही मिलने पर पीएचई उपयंत्री और रोजगार सहायक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सरपंच और जनपद सीईओ को योजना जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने एक स्वर में पानी का शुल्क देने की सहमति भी जताई।

विद्युत विभाग को घर-घर मीटर लगाने की कार्रवाई शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। वहीं टंट्या मामा योजना के तहत पात्र हितग्राही को ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने अंत में कहा कि यदि अब इस गांव से शिकायतें जनसुनवाई में आती हैं तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर, जनपद सीईओ प्राची चतुर्वेदी सहित जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

भोपाल समेत देशभर में कल बंद रहेंगे 8 लाख मेडिकल स्टोर, ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल

भोपाल 

ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट व ड्रगिस्ट और मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर सभी प्राइवेट मेडिकल दुकानें बंद रहेंगे। हड़ताल की वजह से मरीजों को जरूरी दवाइयों के लिए परेशान होना पड़ सकता है, ऐसे में एक दिन पहले पर्याप्त डोज लेकर रख सकते हैं।

दवा बाजार की हड़ताल में यहां मिलेगी दवाइयां
इस हड़ताल में इमरजेंसी के लिए प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की मेडिकल खुली रहेंगी। प्रदेशभर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर भी दवाइयां मिलेंगी। जयारोग्य अस्पताल, जिला अस्पताल, प्राइवेट अस्पतालों की मेडिकल दुकानों को हड़ताल से दूर रखा गया है।

देशभर में ऑनलाइन और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर दवा बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने 20 मई को देशव्यापी बंद का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस दौरान दिल्ली में करीब 15 हजार और देशभर में लगभग 7 से 8 लाख मेडिकल स्टोर बंद रह सकते हैं। हालांकि, आपातकालीन दवा सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है।

कारोबार हो रहा प्रभावित
केंद्रीय औषधि मानक संगठन नियंत्रण (CDSCO) के सूत्रों का कहना है कि कई राज्य स्तरीय रिटेल फार्मेसी एसोसिएशनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है और दवाओं की उपलब्धता सामान्य बनाए रखने का भरोसा दिया है। दिल्ली रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस (RDCA) के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट और तेज डिलीवरी देकर छोटे मेडिकल स्टोर्स के कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं।

दवा दुकानों की हड़ताल से कौन-कौन बाहर?
हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि इस हड़ताल का असर सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी एसोसिएशनों ने इसका समर्थन नहीं किया है. सूत्रों के मुताबिक, सभी बड़े फार्मेसी चेन, अस्पतालों के मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और AMRIT फार्मेसी स्टोर मंगलवार को खुले रहेंगे। 

सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, सिक्किम और लद्दाख समेत कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और दवाओं की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी। 

ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर बिक रही नकली दवाएं
कोरोना काल में अधिसूचना जीआरएस 220 ई के जरिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा है, जिसे तुरंत वापस ली जाए। अवैध रूप से ई-कॉर्पोरेट्स द्वारा बाजार में कब्जा किया जा रहा है। यह मूल्य निर्धारण में मनमानी कर रहे हैं, जिसे रोका जाना चाहिए। ऑनलाइन फार्मेसियों और प्लेटफार्मों पर मिलावटी या नकली दवाएं बेची जा रही हैं।

इन्होंने हड़ताल से बनाई दूरी
कई केमिस्ट असोसिएशन की ओर से 20 मई को प्रस्तावित भारत बंद और हड़ताल को लेकर दवा कारोबारियों के संगठन ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन (AICDF) ने खुद को इससे अलग कर लिया है। संगठन ने कहा कि इस बंद का समर्थन नहीं करेंगे। दावा है कि इससे अव्यवस्था बढ़ेगी और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। AICDF के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने बताया कि बंद बुलाने वाले ने संगठनों का उद्देश्य व्यापारियों के हितों की रक्षा से ज्यादा बाजार में दबाव बनाना प्रतीत होता है।

CM मोहन यादव की सख्त नसीहत, निगम-बोर्ड अध्यक्षों से बोले- फिजूलखर्ची पर लगाएं लगाम

भोपाल
 मध्य प्रदेश में नवनियुक्त निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नए अध्यक्ष और सदस्यों को ट्रेनिंग दी गई है। इस दौरान सभी नए पदाधिकारियों को सीएम मोहन यादव ने संबोधित किया है। उन्होंने कहा है कि अनेकता में एकता ही हमारी ताकत है। हम योग्यता का सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने भाषा में सौम्यता रखने की ट्रेनिंग दी है।

योग्यता के आधार पर दी गई है जिम्मेदारी
सीएम मोहन यादव ने कहा कि हम योग्यता का सम्मान करना जानते हैं और इसीलिए योग्यता के आधार पर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में नैतिकता और शुचिता बेहद जरूरी है। हमें अटल जी के आदर्शों पर चल कर इस देश और प्रदेश की सेवा करनी है। उन्होंने कहा कि भाषा में सौम्यता और निर्णय में दृढ़ता हो। आपकी यह नियुक्ति सिर्फ पद नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की सेवा का सुनहरा अवसर है।

सेवा भावना से करें काम
मोहन यादव ने कहा कि हमें परमेश्वर ने जनसेवा का अवसर दिया है इसीलिए सभी नवनियुक्त पदाधिकारी पूरी प्रशासनिक दक्षता, पूर्ण क्षमता, निष्ठा और सेवा भावना से काम करें। आप सब एमपी सरकार का अभिन्न अंग हैं। आपके काम से ही सरकार की समाज और नागरिकों में साख बनेगी। इसीलिए पहले अपने काम को अच्छी तरह से समझें, विभागीय नीतियों और नियमों का समुचित अध्ययन करें। अपने उपलब्ध संसाधनों का उत्कृष्ट नियोजन करें और बेहतर तालमेल एवं सामंजस्य से अपने कार्य दायित्व को अंजाम दें।

आत्मानुशासन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है
उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। इसीलिए अपने दायित्व के दायरे में रहकर आत्मानुशासन से हमें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है। इसके लिए वित्तीय अनुशासन लाना, फिजूल खर्ची पर कड़ा अंकुश लगाना और नवाचारों के माध्यम से आय के नए स्रोत बनाना बेहद जरूरी है। नवनियुक्त पदाधिकारी अपने संस्थान के अधिकारियों के साथ टीम भावना से काम करें और अपने मितव्ययिता पूर्ण काम से ही अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी दायित्व दे, उसे हमें एक परिवार भाव और उदात्त कर्तव्य भाव से पूरा करना चाहिए।

अनावश्यक चीजों से बचना है हमें
सीएम मोहन यादव ने कहा कि सभी पदाधिकारी पूरी गरिमा से अपने दायित्वों को अंजाम दे। सोच-विचार कर ही अपने सहयोगी रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अनावश्यक प्रचार और अनावश्यक चीजों से भी बचना है। कदाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसीलिए अपने संस्थान में किसी भी प्रकार के कदाचार को कतई बर्दाश्त न करें। ऐसे काम और ऐसे लोगों से भी दूरी बनाकर रखें, जिनसे आपकी गरिमा को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि जनहित आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह आपको आपसी समन्वय और टीम वर्क के मार्ग पर चलना है।

 

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