मुख्यमंत्री डॉ. यादव की गूगल की टीम के साथ उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक बुधवार 20 मई को

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश और गूगल के बीच दीर्घकालिक तकनीकी साझेदारी, उन्नत क्लाउड तकनीकों और एआई आधारित समाधानों के उपयोग पर 20 मई, बुधवार को भोपाल में गूगल के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ उच्च स्तरीय रणनीतिक चर्चा करेंगे। साथ ही डिजिटल गवर्नेंस को अधिक प्रभावी बनाने, जनसेवाओं को सरल एवं सुगम बनाने और तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर भी मीटिंग में विचार किया जाएगा।

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के समन्वय से आयोजित यह बैठक मध्यप्रदेश में एआई आधारित डिजिटल परिवर्तन, स्मार्ट गवर्नेंस और तकनीक आधारित विकास को नई दिशा प्रदान करेगी। बैठक में गूगल क्लाउड इंडिया के निदेशक (पब्लिक सेक्टर)  आशीष वाट्टल, एपीएसी क्षेत्र के निदेशक (स्ट्रेटेजिक एंगेजमेंट्स)  मदन ओबेरॉय सहित सिंगापुर से गूगल क्लाउड के वैश्विक प्रतिनिधि, हेल्थकेयर एआई एवं डिजिटल अवसंरचना विशेषज्ञ और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मौजूदगी में होने वाली इस बैठक में सिंहस्थ -2028 के तकनीक आधारित प्रबंधन, स्मार्ट भीड़ प्रबंधन, एआई आधारित स्मार्ट पुलिसिंग,डेटा आधारित निगरानी, अधिक प्रभावी नागरिक सेवा विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई आधारित रोग पहचान और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली, कृषि में किसानों को डिजिटल सेवाओं की बेहतर पहुंच और शिक्षा क्षेत्र में एआई आधारित शिक्षण और कौशल विकास पर भी विचार किया जाएगा।

बैठक में एआई स्किलिंग, एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्टार्ट-अप इको सिस्टम और पर्यावरण संरक्षण के लिए उन्नत तकनीकों के उपयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी। यह बैठक मध्यप्रदेश और गूगल के मध्य दूरदर्शी तकनीकी साझेदारी को नई दिशा देने और प्रदेश को नवाचार और अत्याधुनिक तकनीक आधारित विकास के क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगी।

 

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों की जब्तील के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही

भोपाल 

पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देश पर मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध निरंतर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत दो दिनों में अनूपपुर, मंदसौर और नीमच जिलों की पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 56 लाख रुपये से अधिक कीमत का गांजा, डोडाचूरा एवं अफीम जब्‍त किया है। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त वाहन भी जप्त किए गए हैं। पुलिस की इन कार्रवाइयों से प्रदेश में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया गया है।

अनूपपुर : जिले के थाना रामनगर पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम फुलवारीटोला मार्ग पर नाकाबंदी कर एक वाहन को रोका। पुलिस टीम को देखकर चालक ने कार लेकर भागने का प्रयास किया। भागने के प्रयास में वाहन पेड़ से टकरा गया। मौके से पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 225 किलो 740 ग्राम अवैध गांजा प्राप्‍त हुआ। पुलिस ने गांजा एवं कार सहित लगभग 1 करोड़ 12 लाख 87 हजार की संपत्ति जब्‍त की। आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना की जा रही है।

मंदसौर : जिले के थाना नारायणगढ़ पुलिस ने डोडाचूरा तस्करों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक वाहन से 402 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद किया। पुलिस ने मुखबिर सूचना पर भांगी पिपलिया से चौथखेड़ी रोड पर नाकाबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से डोडाचूरा, स्कॉर्पियो-N कार एवं मोबाइल सहित लगभग 33 लाख रूपए से अधिक की संपत्ति जब्त की है।

नीमच : जिले की थाना जावद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कार से 01 किलो 784 ग्राम अवैध अफीम जब्‍त कर आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर जावद-नयागांव रोड स्थित ढाबा माता मंदिर पुलिया के पास नाकाबंदी कर कार्रवाई को अंजाम दिया। आरोपी के कब्जे से अफीम एवं तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट कार सहित लगभग 8 लाख 92 हजार रूपए की संपत्ति जब्त की गई।

भोपाल : क्राइम ब्रांच भोपाल द्वारा गोविंदपुरा क्षेत्र स्थित RRL ब्रिज के पास कार्यवाही करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्‍जे से 21 किलो 20 ग्राम अवैध डोडाचूरा जब्‍त किया गया। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 लाख 50 हजार रुपये है।

मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा समाज को नशामुक्त बनाने एवं युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने हेतु कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जा रही है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें।

 

उज्जैन संभाग में सहकारिता क्षेत्र की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित

उज्जैन 

जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित, उज्जैन के सभाकक्ष में अपेक्स बैंक, भोपाल के नवमनोनीत अध्यक्ष/प्रशासक माननीय श्री महेन्द्र सिंह जी यादव की अध्यक्षता में उज्जैन संभाग के जिला सहकारी केंद्रीय बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

बैठक में अपेक्स बैंक भोपाल के प्रबंध संचालक श्री मनोज कुमार गुप्ता एवं जिला सहकारी केंद्रीय बैंक उज्जैन के प्रशासक के रूप में भी उपस्थित रहे। साथ ही उज्जैन संभाग के सभी जिला बैंकों के सीईओ एवं वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
 वैश्विक ऊर्जा संकट के परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण संदेश

माननीय प्रशासक श्री महेन्द्र सिंह जी यादव ने वर्तमान वैश्विक ऊर्जा संकट के संदर्भ में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा राष्ट्रहित में किए गए विनम्र अनुरोध का उल्लेख करते हुए सहकारिता एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से “ईंधन बचाओ–ऊर्जा बचाओ” अभियान को प्रभावी रूप से लागू करने की अपील की।

साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशन में “वोकल फॉर लोकल” अभियान को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया गया, ताकि स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिल सके।

 “एक पेड़ माँ के नाम” और “हरित सहकार अभियान”

बैठक में “एक पेड़ माँ के नाम” वृक्षारोपण अभियान को जिला बैंक मुख्यालय एवं पैक्स स्तर पर लक्ष्य अनुसार पूर्ण करने का आह्वान किया गया।

इन सभी पहलों के माध्यम से “हरित सहकार अभियान” को सहकारी समितियों के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास का एक प्रभावी मॉडल बनाने पर जोर दिया गया।

 किसानों के सम्मान का सुझाव

प्रशासक महोदय द्वारा सुझाव दिया गया कि बी-पैक्स संस्थाओं की वर्ष 2026-27 वित्तीय वर्ष समाप्ति पर आयोजित वार्षिक आमसभा में चयनित न्यूनतम 10 सदस्य किसानों को सम्मानित किया जाए, जिससे किसान सहभागिता और प्रोत्साहन को बढ़ावा मिले।
 सदस्यता अभियान और अंशपूंजी संग्रह की समीक्षा

बैठक में उज्जैन संभाग में चल रहे सदस्यता महाभियान की समीक्षा की गई।

उज्जैन जिला सहकारी केंद्रीय बैंक द्वारा लगभग 50 लाख रुपये की अंशपूंजी जमा की गई है, जो पूरे मध्यप्रदेश में सर्वाधिक है।
हालांकि यह निर्धारित लक्ष्य से कम है, फिर भी राज्य में शीर्ष प्रदर्शन माना गया।

सभी जिला बैंकों को सदस्यता एवं अंशपूंजी लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

  •  ऋण वितरण, वसूली और व्यवसाय विस्तार पर निर्देश
  • अल्पावधि फसल ऋण की वसूली बढ़ाने पर जोर
  • देवास जिला बैंक द्वारा संभाग में सर्वाधिक वसूली की सराहना
  • ऋण वितरण को अधिक प्रभावी एवं व्यापक बनाने के निर्देश
  • टर्म लोन वितरण में उदासीनता दूर करने की आवश्यकता पर बल
  • पैक्स स्तर पर व्यवसायिक गतिविधियों को बढ़ाने पर जोर

 बैंकिंग सुदृढ़ता और CASA संग्रहण

बैठक में स्पष्ट किया गया कि कासा (CASA) अमानतें बैंकों की वित्तीय सेहत के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

  • कुछ बैंकों द्वारा 100% से अधिक लक्ष्य प्राप्त किया गया
  • कुछ बैंकों का प्रदर्शन अपेक्षित स्तर पर नहीं रहा
  • सभी जिला बैंकों को CASA संग्रहण में सुधार करने के निर्देश दिए गए।
  •  गेहूं उपार्जन कार्य पर सख्त निर्देश
  • वर्तमान में चल रहे गेहूं उपार्जन कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
  • ई-पीओ (EPO) लंबित न रहें
  • उपार्जित काश्त का शत-प्रतिशत परिवहन सुनिश्चित हो
  • किसी भी प्रकार की वित्तीय या संचालन संबंधी हानि न हो

 बैठक में प्रमुख उपस्थिति

बैठक में उज्जैन, देवास, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, नीमच एवं आगर-मालवा जिला सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, अपेक्स बैंक के अधिकारी तथा ओएसडी श्री अभय प्रधान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 पूर्व भ्रमण कार्यक्रम

बैठक से पूर्व प्रशासक महोदय द्वारा भोपाल से देवास पहुंचकर जिला बैंक एवं विभिन्न सहकारी सोसाइटियों का निरीक्षण भी किया गया।

 

समय-सीमा में पूर्ण करें निर्माणाधीन परियोजनाओं के कार्य: जल संसाधन मंत्री श्री सिलावट सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

भोपाल

जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि जल संसाधन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं का कार्य समय-सीमा में पूर्ण ‍किया जाए। कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर कार्यो का निरीक्षण करें एवं निरीक्षण प्रतिवेदन भिजवाएं। आगामी सिंहस्थ के मद्देनजर उज्जैन में कराए जा रहे कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जाए एवं उनकी प्रगति की निरंतर समीक्षा की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का लक्ष्य है कि आगामी सिंहस्थ में श्रद्धालुओं को शिप्रा के निर्मल जल में स्नान कराया जाए और उनकी यात्रा सहज और सुगम हो।

मंत्री  सिलावट ने मंगलवार को मंत्रालय में जलसंसाधन विभाग की विभिन्न निर्माणाधीन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिव  राजेश राजौरा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री  सिलावट ने विभाग की तीन प्रमुख राष्ट्रीय परियोजनाओं केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, संशोधित पार्वती-कालीसिंध चंबल लिंक परियोजना एवं तापी मेगा रिचार्ज परियोजना में कराये जा रहे कार्यों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की और अधिकारियों को कार्य के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  सिलावट ने उज्जैन में कराए जा रहे सिंहस्थ सबंधी कार्यों कान्ह डक्ट परियोजना, सेवरखेडी-सिलारखेडी परियोजना और क्षिप्रा नदी पर घाट निर्माण कार्य की समीक्षा की। इसके साथ ही उज्जैन, इंदौर और देवास जिलों में निर्माणाधीन बैराजों की अद्यतन जानकारी भी प्राप्त की गई। उन्होंने विभागांतर्गत निर्माणाधीन वृहद, मध्यम एवं लघु सिंचाई परियोजनाओं की वर्तमान प्रगति की जानकारी ली। मंत्री  सिलावट द्वारा भोपाल में केरवा बांध के क्षतिग्रस्त वेस्ट वियर निर्माण कार्य के अंतर्गत बिजली लाइन शिफ्टिंग एवं सुधार कार्य समय-सीमा में पूर्ण किये जाने के निर्देश दिये।

मंत्री  सिलावट ने सीएम मॉनिटरिंग से संबंधित प्रकरणों एवं मुख्यमंत्री की विभागीय घोषणाओं से संबंधित सभी बिन्दुओं पर जानकारी प्राप्त की और प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। साथ ही इन प्रकरणों की सतत निगरानी करते हुए, इनकी प्रगति से संबंधित रिपोर्ट आगामी पन्द्रह दिवस में दिये जाने के निर्देश दिये।

 

विकास प्रक्र‍िया में जनजातीय समाज को शामिल करने प्रधानमंत्री मोदी ने बनाई नीतियां: मंत्री डॉ. शाह

भोपाल 

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी ने जनजातीय समाज की पीड़ा को समझा और विकास प्रक्र‍िया में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी नीतियां बनायी हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं धरती आबा ग्राम उत्कर्ष जैसी पहल से जनजातीय समाज के उत्थान के लिए ठोस कार्य हो रहे हैं। वे मंगलवार को भोपाल के आदि भवन में जनजातीय गरिमा उत्सव के तहत तकनीकी आधारित सतत् जनजाति विकास अवधारणा पर आयोजित कार्यशाला के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में प्रमुख सचिव  गुलशन बामरा, आयुक्त डॉ. सतेंद्र सिंह सहित प्रदेश से आए विभाग के मैदानी अधिकारी उपस्थित थे। मंत्री डॉ. शाह ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यशाला का शुभारंभ किया।

मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि वे वर्ष 1990 से लगातार जनजातीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। जनजातीय समाज के साथ लगातार कार्य किया है। विभागीय अधिकारी भी सतत् रूप से गांवों में और वनवासी अंचल के बीच जाएं और उनके जीवन को नजदीक से देखें। साथ ही प्रत्यक्ष अनुभव से जो परिस्थितियां सामने आती है उसे समझें और उसके अनुरूप कार्य करें। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि जनजाति वर्ग के लिए शासन द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं को उनके द्वार तक पहुँचाने के लिए “जन भागीदारी – सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान संचालित किया जा रहा है। इस अभियान में शिविरों के माध्यम से 18 विभागों की 25 योजनाओं का लाभ जनजाति वर्ग के ग्रामीणों को दिलाया जाएगा।

मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि किस तरह से वनवासी अंचल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि सन 1990 के दशक से लेकर अब तक स्थ‍ितियां बदल गयी है। आज जनजातीय समाज, विकास की मुख्यधारा में शामिल हैं। मंत्री डॉ. शाह ने बताया कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में आंगनवाड़ी केंद्रों में 50 हजार पानी की बॉटल वितरित कर रहे हैं। साथ ही पहली से कक्षा बारहवीं कक्षा तक के 45 हज़ार बच्चों को पेयजल के लिए पानी की बॉटल प्रदान की हैं। अपने विधानसभा क्षेत्र की 150 ग्राम पंचायतों में वॉटर कूलर और आरओ लगाया हैं। इससे हर गाँव, हर स्कूल में शुद्ध पेयजल सुलभ होगा। उन्होंने कहा कि जनजाति अंचल की बच्चियां शहर के कॉलेज जाने में हिचकिचाती हैं और सुविधाओं के अभाव में उच्च शिक्षा छोड़ भी देती है। ऐसी परिस्थितियों में उन्होंने प्रायोगिक तौर पर अपने क्षेत्र में 4 बसें संचालित की, जिससे कॉलेज जाने वाली बालिकाओं की संख्या 30 प्रतिशत से बढ़कर 80 प्रतिशत हो गई है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा का अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार होना चाहिए।

कार्यशाला में आयुक्त जनजातीय क्षेत्र विकास डॉ. सतेंद्र सिंह ने स्वागत उद्बोधन दिया। कार्यशाला में आजीविका तथा रोज़गार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के अनुप्रयोग पर मैनिट के एसोसिएट प्रोफ़ेसर डॉ. संयम शुक्ला ने अपना उद्बोधन दिया। सतत जनजातीय विकास में जीआईएस तथा उपग्रह सुदूर संवेदन विषय पर आईआईएसईआर के एसोसियेट प्रोफेसर डॉ. कुमार गौरव ने भी संबोधित किया।

कार्यशाला के द्वितीय सत्र में जनजातीय आजीविका तथा उद्यमिता विकास विषय पर आईएएस आरएम ट्राइफेड मती प्रीति मैथिल ने संबोधित किया। ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भारतीय कृषि को बदल रहा है’ विषय पर आईआईआईटी के असिस्‍टेंट प्रोफेसर डॉ. शुभ्रज्‍योति देब ने संबोधित किया। साथ ही “स्वास्थ्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग” विषय पर आईआईआईटी के असिस्‍टेंट प्रोफेसर डॉ. निखिल कुमार सिंह ने जानकारी दी। 

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा

भोपाल 

उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपी बीडीसी) द्वारा निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, तकनीकी एवं आर्थिक विषयों को तत्काल अग्रेषित किया जाए, ताकि उनका शीघ्र निराकरण कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराया जा सके।

स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं अंतर्गत परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने वृहद समीक्षा की। राज्य एवं केंद्र मद की राशि ₹446 करोड़ 50 लाख लागत की कुल 24 में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। कार्य में 32.2 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। 4 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 8 परियोजनाएं मई, 7 जुलाई एवं 2 परियोजनाएं अगस्त-अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना है।

एनएचएम/ईसीआरपी/पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 51 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 49 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 49 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 15 परियोजनाएं नवंबर-दिसंबर तक पूर्ण होने की संभावना है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि धार स्थित सीसीएचबी परियोजना भूमि आवंटन, मैहर जिला अस्पताल हेतु भूमि अभी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं हुई है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहकर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

चिकित्सा शिक्षा अंतर्गत राज्य मद की कुल 17 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी प्रशासकीय स्वीकृति राशि ₹2 हजार 780 करोड़ 2 लाख है। इनमें 15 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 15 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। कार्य में 76.28 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि आवंटन, मंडला नर्सिंग कॉलेज के शीघ्र डीपीआर तैयार करने के उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने निर्देश दिए। कुल ₹4 हजार 293 करोड़ लागत की 92 परियोजनाओं में अब तक कुल 67.59 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।

बुधनी, जिला सीहोर में नवीन मेडिकल कॉलेज एवं 500 बिस्तरीय अस्पताल निर्माण परियोजना ₹714.91 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। परियोजना में 88.44 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज निर्माण एवं विकास कार्य ₹592.30 करोड़ की लागत से संचालित किया जा रहा है। परियोजना में 42.86 प्रतिशत कार्य किया जा चुका है। इंदौर में महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य ₹773.07 करोड़ की लागत से किए जा रहे हैं। रीवा स्थित श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक, मैटरनिटी ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल सहित संबद्ध निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य ₹321.94 करोड़ की लागत से प्रगति पर हैं।मंडला में नवीन मेडिकल कॉलेज निर्माण परियोजना ₹249.63 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही है। परियोजना में 42 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों को निर्माण एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजू एस, एमडी एमपीबीडीसी  सिबी चक्रवर्ती, एमडी एमपीपीएचएससीएल  मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

भोपाल के डायल 112 हीरोज घर की राह भटके 05 वर्षीय मासूम को सुरक्षित परिजन से मिलाया

भोपाल 

भोपाल के थाना अयोध्या नगर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की सतर्कता और संवेदनशील कार्यवाही से घर का रास्ता भटके एक 05 वर्षीय मासूम को सुरक्षित उसकी माँ से मिलाया गया। समय रहते की गई सहायता से परिजनों की चिंता और बेचैनी दूर हो सकी।

18 मईको राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना अयोध्या नगर क्षेत्र अंतर्गतइसरो एन सेक्टर स्थित दुर्गा मंदिरके पास एक छोटा बच्चा अकेला मिला है, जो अपने घर का रास्ता भटक गया है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफसउनि श्री मोहमद सादिक एवं पायलट श्री वैभव दुबेने मौके पर पहुंचकर बालक को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। डायल-112 जवानों ने बालक को एफआरव्ही वाहन में साथ लेकर आसपास के क्षेत्र में परिजनों की तलाश एवं स्थानीय लोगों से पूछताछ प्रारंभ की।तलाश के दौरान बालक की माँ अपने बच्चे को ढूँढ़ते हुए मिलीं। डायल-112 जवानों ने आवश्यक पहचान एवं सत्यापन उपरांत मासूम बच्चे को सुरक्षित उसकी माँ के सुपुर्द किया।अपने बच्चे को सकुशल पाकर परिजनों ने डायल-112 सेवा एवं पुलिस जवानों का आभार व्‍यक्‍त किया।

डायल 112 हीरोजश्रृंखला की यह घटना दर्शाती है कि डायल-112 सेवा केवल आपातकालीन सहायता ही नहीं, बल्कि बच्चों, महिलाओं एवं आमजन की सुरक्षा और मानवीय संवेदनाओं के साथ उनकी सहायता के लिए भी हर समय तत्पर है। 

जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत उज्जैन में 25-26 मई को शिप्रा तीर्थ परिक्रमा

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जल आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में निरंतर कार्य किए जा रहे हैं। राज्य में नदी, तालाब और पारंपरिक जल संरचनाओं को संरक्षित एवं संवर्धित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ अब व्यापक जनभागीदारी के साथ एक जन अभियान का रूप ले चुका है। इस अभियान में प्रदेश में अब तक 1 लाख 81 हजार 763 जल संरक्षण संबंधी कार्यों को सफलतापूर्वक पूरा किया जा चुका है।

जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ द्वारा उज्जैन में 25-26 मई को ‘शिप्रा तीर्थ परिक्रमा’ का आयोजन किया जा रहा है। इस धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर सहित कई लोकप्रिय कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। इसके साथ ही, वीर भारत न्यास द्वारा भोपाल में भारत भवन में 27 मई से 2 जून तक ‘सदानीरा समागम’ का आयोजन किया जा रहा है।

उज्जैन में गंगा दशमी के पावन पर्व पर होगी शिप्रा तीर्थ परिक्रमा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम

मुख्यमंत्री के सांस्कृतिक सलाहकार और महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक  राम तिवारी ने बताया कि उज्जैन में गंगा दशमी के अवसर पर होने वाली शिप्रा तीर्थ परिक्रमा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम एक महत्वपूर्ण आयोजन है। 25 मई को शुरू होने वाली यह परिक्रमा रामघाट से प्रारंभ होकर नृसिंहघाट, कर्कराज मंदिर, वेधशाला, महामृत्युंजय द्वार और प्रशांतिधाम शनि मंदिर से होते हुए दत्त अखाड़ा घाट पहुंचेगी। यात्रा के पहले दिन श्रद्धालु यहां रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन, गंगा दशमी के अवसर पर यह परिक्रमा रणजीत हनुमान मंदिर, भैरवगढ़, सिद्धवट, मंगलनाथ, सांदीपनि आश्रम, गढ़कालिका और गोपाल मंदिर से होते हुए पुनः रामघाट पर पहुंचकर संपन्न होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा इस परिक्रमा के दौरान माँ शिप्रा को 300 फीट की चुनरी अर्पित की जाएगी।

उज्जैन में 25-26 मई को आयोजित होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत रामघाट पर पंडित ढोली बुआ द्वारा नारद कथा गायन परंपरा पर आधारित ‘हरिकथा’ का आयोजन 17 मई से प्रतिदिन सायं 7:30 बजे किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, दत्त अखाड़ा घाट पर आयोजित भजन संध्या में इंदौर के श्रेयश शुक्ला एवं साथी तथा जबलपुर की लोक गायिका संजो बघेल एवं साथियों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी। 26 मई को होने वाले मुख्य कार्यक्रमों में भारतीय नौसेना (इंडियन नेवी) के बैंड की प्रस्तुति होगी। इसके साथ ही मुंबई के केशवम् बैंड द्वारा भजन जैमिंग और प्रसिद्ध लोक गायिका मैथिली ठाकुर एवं साथियों द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे भारत भवन में ‘सदानीरा समागम’ का शुभारंभ

न्यासी सचिव  तिवारी ने बताया कि भारत भवन में 27 मई से 2 जून 2026 तक ‘सदानीरा समागम’ का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 मई को शाम 7 बजे इसका औपचारिक शुभारंभ करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र सिंह लोधी करेंगे। इस अवसर पर इसरो हैदराबाद के भू-विज्ञान समूह के समूह निदेशक डॉ. ईश्वर चंद्र दास विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। सात दिवसीय समागम के माध्यम से जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति और पंचमहाभूतों (जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि) पर केंद्रित एक राष्ट्रीय विमर्श आयोजित होगा। इस आयोजन में देश-विदेश के विद्वान, वैज्ञानिक, कलाकार, पर्यावरणविद् और नीति-निर्माता शामिल होंगे। यह पहला अवसर है जब इसरो , जेके ट्रस्ट, एचयूएल फाउंडेशन, जेके सीमेंट, जेएसडब्ल्यू, टाटा ट्रस्ट, एमडीएल, आईजीआरएमएस, हीरो फ्यूचर एनर्जीस, ओएनजीसी, हिन्दुस्तान पावर, वेदांता ग्रुप और टाटा संस जैसी बड़ी कंपनियों व संस्थाओं के प्रतिनिधि जल संरक्षण के विषय पर एक मंच पर एकत्रित हो रहे हैं। इस समारोह में फिजी, त्रिनिदाद एवं टोबैगो, वेनेजुएला, मैक्सिको, सूरीनाम, इक्वाडोर, साइप्रस और नेपाल सहित नौ देशों के राजनयिक प्रतिनिधि भी भाग लेंगे, जिससे यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्वरूप ले रहा है।

सदानीरा समागम में भारतीय दर्शन के पंचमहाभूतों पर आधारित विभिन्न सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में भूगर्भीय जल स्रोत, पर्यावरण, नवीकरणीय ऊर्जा, संस्कृति और पारंपरिक ज्ञान पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। इसमें देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं जैसे इसरो, काशी हिंदू विश्वविद्यालय, आईआईएम बोधगया और विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थानों के सीएसआर (CSR) प्रमुख हिस्सा लेंगे।समारोह के दौरान प्रतिदिन शाम को नृत्य-नाटिकाएं, लोकगायन और रंगमंचीय प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। इनमें भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, गोवर्धन लीला, गंगा यात्रा, अमृतमय, नदी गीत, पानी नामा, लघुशंका नगर, जल प्रवाह, नर्मदे हर, स्वानलेक, क्रिटिकल पॉइंट और ‘नर्मदा हर कंकर शंकर’ जैसी प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगी। इसके साथ ही, दक्षिण कोरिया की ‘मूट डांस कंपनी’ की प्रस्तुति विशेष रूप से आयोजित की जा रही है। दर्शकों को क्षेत्रीय संस्कृति से जोड़ने के लिए मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और बघेलखंड की लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी।

सदानीरा समागम’ में प्रवाह फिल्म समारोह और जल केंद्रित प्रदर्शनियां होगी प्रमुख आकर्षण

समागम में 28 मई से 2 जून तक भारत भवन के ‘अभिरंग’ सभागार में ‘प्रवाह फिल्म समारोह’ का आयोजन किया जाएगा। इसमें जल केंद्रित विषयों पर आधारित हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं की 15-15 डॉक्यूमेंट्री और डॉक्यू-ड्रामा फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा। इन फिल्मों में प्रमुख रूप से ‘जल संकट’, ‘गंगा नदी’, ‘जल डाकू’, ‘जब हर एक बूंद मायने रखती है’, ‘खतरे में नदियाँ’ और ‘आखिरी बूंद’ शामिल हैं। इसके साथ ही, परिसर में ‘जल, जंगल, जीवन’ पर केंद्रित राष्ट्रीय जनजातीय चित्रांकन कार्यशाला और पारंपरिक चित्र शैलियों में जल कार्यशाला का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें देश भर के कलाकार भाग लेंगे।

सदानीरा समागम के दौरान जल पर केंद्रित 4 विशेष प्रदर्शनियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें ‘लघु चित्रों में जल’, ‘भूगर्भीय जल स्रोत’, ‘मध्यप्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान’ और ‘जलचर: जलीय जीवन के प्राणतत्व’ शामिल हैं। इन प्रदर्शनियों के आयोजन में मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद , बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय, भोपाल सहयोग कर रहे हैं।

जल और संस्कृति आधारित 6 पुस्तकों का होगा विमोचन

समारोह में जल और संस्कृति पर आधारित 6 पुस्तकों का विमोचन भी किया जाएगा। इनमें वीर भारत न्यास और मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद की पुस्तक ‘अंतर्जली यात्रा’, ‘ वीर भारत न्यास की पुरोवाक्’,  प्रेमशंकर शुक्ल की ‘आत्मा की घाटी में पानी का संगीत’,  दिनेश पाठक की ‘युगयुगीन जल’,  राजेश्वर त्रिवेदी की ‘जल, संस्कृति और डॉ. प्रदीप जिलवाने की पुस्तक स्थापत्य’ और ‘लोक तीर्थ माहात्म्य’ शामिल हैं।

यह समागम भारत भवन, मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय, जनसंपर्क विभाग, मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार और संग्रहालय, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान, यूनाइटेड कॉन्शसनेस, सेज यूनिवर्सिटी, एलएनसीटी यूनिवर्सिटी, सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी और जिला प्रशासन, भोपाल के सम्मिलित रूप से सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।

 

बिखरे हुए गांवों के स्थान पर ब्लॉक मुख्यालय में छात्रावासों का किया जाये युक्तियुक्तकरण : मंत्री डॉ. शाह

भोपाल

जनजातीय कार्य विभाग की विभागीय परामर्श समिति की बैठक मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह की अध्यक्षता में वल्लभ भवन में हुई। बैठक में विभागीय योजनाओं पर चर्चा की गई और महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि बिखरे हुए गांवों के स्थान पर ब्लॉक मुख्यालय में छात्रावासों का युक्तियुक्तकरण किया जाए। ब्लॉक मुख्यालय में जो कॉलेज बने हैं वहाँ जनजातीय क्षेत्र के ग्रामों से विद्यार्थियों को आने के लिये बस सुविधा प्रारंभ की जाए।

बैठक में परामर्श समिति के सदस्यों ने मंत्री डॉ. शाह द्वारा अपने क्षेत्र में जनजातीय समाज की कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए प्रारंभ की गई बस सुविधा और विभिन्न कन्‍या छात्रावासों का नामकरण रानी दुर्गावती और शबरी माता के नाम पर किए जाने की सराहना की गई। बैठक में विधायक  कुंवर सिंह टेकाम,  जयसिंह मरावी,  फुंदेलाल सिंह मार्को, सु गंगा सज्‍जन सिंह उइके,  राजन मंडलोई तथा प्रमुख सचिव  गुलशन बामरा एवं आयुक्त  तरुण राठी उपस्थित थे।

मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि समिति की बैठक नियमित रूप से होनी चाहिए। जब भी विधानसभा की बैठक हो तब परामर्श समिति की बैठक भी आयोजित की जाए। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजाति भारिया में जन्म दर की कमी पर विभाग द्वारा विशेषज्ञों से अध्‍ययन कराकर शोध रिपोर्ट बनवाएं। बैठक में यह निर्णय किया गया कि मध्यप्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों सहारिया, बैगा और भारिया के समग्र कल्याण के लिए विशेष प्रयास किए जाँए। बैगा जनजाति के लिए उमरिया, सहारिया के लिए शिवपुरी और भारिया जनजाति के लिए छिंदवाड़ा में विशेष विद्यालय प्रारंभ किए जाएं। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि इन विशेष पिछड़ी जनजातियों को हर तरीक़े से प्रोत्साहन दिए जाने की ज़रूरत है। पातालकोट के भारिया बहुल ग्रामों के समग्र विकास के लिए ठोस कार्य करें। उन्होंने कहा कि विभागीय परामर्श समिति के सदस्यों और विधायकगणों के सहयोग से तीनों विशेष पिछड़ी जनजातियों के एक-एक गाँव को आदर्श बनाया जाएगा और यहाँ शासन की हर योजना का लाभ दिया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।

वनवासियों को भूमि पट्टे देने में सैटेलाइट इमेज को प्रूफ़ के तौर पर किया जाये मान्य

बैठक में सुझाव दिया गया है कि छात्रावासों में विद्यार्थियों के लिए चादर एवं अन्य सामग्री की राशि DBT के माध्यम से न देकर सामग्री प्रदान की जाए। वहीं विभिन्न छात्रावासों और आश्रमों में अधीक्षकों की पृथक से भर्ती कर शिक्षकों को अध्यापन कार्य में संलग्न किए जाने की आवश्यकता है। वनवासियों को भूमि पट्टे देने में सैटेलाइट इमेज को प्रूफ़ के तौर पर मान्य किए जाने के लिए भी जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. विजय शाह की पहल को सराहा गया। मंत्री डॉ. शाह ने कहा कि विभाग के सभी संभागीय अधिकारियों एवं कलेक्टर और विधायकगणों और कलेक्टर के साथ संयुक्त बैठक कर जनजातीय कार्य विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं का लाभ जनजाति वर्ग को मिले यह सुनिश्चित किया जाए।

 

शादी के 48 घंटे बाद दूल्हे को लगा बड़ा झटका, सुहागरात के बाद दुल्हन ने किया ऐसा कांड कि उड़ गए होश

छतरपुर
 छतरपुर जिले में एक बार फिर “लुटेरी दुल्हन” का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शादी की चाह में बिजावर का एक युवक कथित दलालों के जाल में फंस गया और डेढ़ लाख रुपए गंवाने के बाद अब पुलिस के चक्कर काट रहा है। मामला बिजावर निवासी 35 वर्षीय सोनू पाठक से जुड़ा है, जिसकी शादी उड़ीसा की रहने वाली मनीषा नाम की युवती बताकर कराई गई थी। आरोप है कि उड़ीसा के सम्बलपुर निवासी दलाल काशीराम पल्लवी ने यह पूरा सौदा कराया।

पीड़ित युवक के मुताबिक दलाल ने उसे तीन लड़कियां दिखाई थीं, जिनमें से उसने मनीषा को पसंद किया। इसके बाद 13 मई 2026 को मुंह दिखाई की रस्म कराई गई। अगले दिन 14 मई को छतरपुर स्थित नरसिंह मंदिर में दोनों ने वरमाला पहनाकर शादी की। शादी के बाद परिवार में खुशी का माहौल था और नवविवाहिता का गृह प्रवेश भी धूमधाम से कराया गया।

परिजनों का कहना है कि 16 मई को सुहागरात के बाद अगले दिन सुबह नवविवाहिता ने अचानक तबीयत खराब होने की शिकायत की। 18 मई को उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल छतरपुर में भर्ती कराया गया। आरोप है कि अस्पताल में इलाज के दौरान वह बाथरूम जाने का बहाना बनाकर फरार हो गई। जाते समय वह सोने-चांदी के जेवर और नकदी भी अपने साथ ले गई।

घटना के बाद दूल्हा सोनू पाठक अपने परिजनों के साथ देर रात सिटी कोतवाली पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कथित दलालों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।

यह पहला मामला नहीं हैं छतरपुर जिले में इससे पहले भी शादी के नाम पर युवकों को ठगने वाली “लुटेरी दुल्हन गैंग” के कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में पुलिस कई बार गिरोह का खुलासा कर चुकी है, लेकिन इसके बावजूद शादी के नाम पर ठगी का नेटवर्क लगातार सक्रिय दिखाई दे रहा है।

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