एमपीपीएससी परीक्षाओं के संचालन के प्रारूप नियमों पर 5 जून तक सुझाव आमंत्रित

भोपाल 

राज्य शासन ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं को संचालित करने के लिये नवीन प्रारूप नियमों को तैयार किया है और इन्हें लागू करने से पहले 5 जून 2026 तक सुझाव आमंत्रित किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव श्री अजय कटेसरिया ने बताया कि राज्य शासन द्वारा “मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा नियम 2026” अधिसूचित किया जाना प्रस्तावित है।

प्रस्तावित नियमों के प्रारूप विभाग की वेबसाइट gad.mp.gov.in पर उपलब्ध है। प्रस्तावित नियमों के संबंध में यदि किसी व्यक्ति, संस्था या हितधारक को कोई आपत्ति या सुझाव देना हो तो वे 5 जून 2026 तक लिखित रूप में अपने सुझाव ई-मेल sogad1@mp.gov.in पर प्रेषित कर सकते हैं। साथ ही सुझाव gad.mp.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से भी विभाग को दिए जा सकते है। निर्धारित समयावधि के बाद प्राप्त होने वाले सुझावों पर विचार नही किया जाएगा।

 

एमपी ट्रांसको ने भिंड में ऊर्जीकृत किया अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर भिंड जिले की पारेषण क्षमता में हुई वृद्धि – मंत्री तोमर

भोपाल

ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्य प्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने 132 केवी सब स्टेशन भिंड की क्षमता वृद्धि करते हुए 50 एमवीए क्षमता का एक अतिरिक्त पॉवर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है।इस ट्रांसफार्मर के ऊर्जीकृत होने से सब स्टेशन की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी बढ़कर 153 एम वी ए की हो गई है। इस सब स्टेशन में यह तीसरा ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया गया है, इससे सब स्टेशन में बढ़ते लोड का उचित प्रबंधन किया जा सकेगा।

एमपी ट्रांसको भिंड जिले में अपने 8 सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण का कार्य करती है, जिसमें 132 केवी सबस्टेशन भिंड के अलावा 220 केवी सब स्टेशन मालनपुर, 220 केवी सबस्टेशन मेहगांव एवं 132 केवी सब स्टेशन लाहर, प्रतापपुरा, रान, गोहद एवं गोरमी शामिल है।

इस ट्रांसफार्मर के स्थापित होने से भिंड जिले की ट्रांसफारमेशन केपैसिटी बढ़कर 1619 एम वी ए की हो गई।

 

राजीव गांधी को याद कर कांग्रेस ने लिया संकल्प, पटवारी ने सरकार की समीक्षा बैठकों पर कसा तंज

राजीव गांधी के योगदान को याद करते हुए कांग्रेस नेताओं ने तकनीकी क्रांति और पंचायती राज व्यवस्था को बताया ऐतिहासिक कदम।

भोपाल में पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न राजीव गांधी की जयंती के अवसर पर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया। प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राजीव गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

कार्यक्रम में नेताओं ने राजीव गांधी के देश में तकनीकी और दूरसंचार क्रांति लाने, युवाओं को राजनीति से जोड़ने और पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत करने में दिए गए योगदान को याद किया। कार्यकर्ताओं ने “राजीव गांधी अमर रहें” के नारे लगाए और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया।

वहीं, प्रदेश सरकार द्वारा मंत्रियों और विभागों की समीक्षा बैठकों के बीच PCC चीफ जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। पटवारी ने मंत्रियों के रिपोर्ट कार्ड को लेकर तंज कसते हुए कहा कि पहले यह देखा जाना चाहिए कि मंत्रियों के पास निर्णय लेने के अधिकार कितने हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि कैबिनेट मंत्रियों के काम का मूल्यांकन अधिकारी और पीएस कर रहे हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है। पटवारी ने कहा कि प्रदेश सरकार में मंत्रियों की भूमिका लगातार सीमित होती जा रही है और हर फैसले में मुख्यमंत्री कार्यालय का हस्तक्षेप बढ़ रहा है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मांग की कि यदि मंत्रियों का रिपोर्ट कार्ड तैयार हो रहा है, तो मुख्यमंत्री के पास मौजूद विभागों का रिपोर्ट कार्ड भी सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि सरकार केवल दिखावटी समीक्षा कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह नौकरशाही के भरोसे चल रही है।

पटवारी के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है

मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग लंबित मामलों पर सख्त, नई सदस्य साधना स्थापक ने तेज की कार्यप्रणाली

25-26 तारीख को लगेगी विशेष बेंच, रोजाना 25 से 40 मामलों की होगी सुनवाई; काउंसलिंग और त्वरित न्याय पर रहेगा फोकस

भोपाल। मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग अब लंबित मामलों के निपटारे को लेकर सख्त नजर आ रहा है। आयोग की नई सदस्य साधना स्थापक ने कार्यप्रणाली को तेज और प्रभावी बनाने के संकेत दिए हैं।

महिला आयोग अब महिलाओं के सशक्तिकरण और अत्याचार से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई पर फोकस कर रहा है। इसी कड़ी में 25 और 26 तारीख को विशेष बेंच लगाई जाएगी, जिसमें प्रतिदिन 25 से 40 मामलों की सुनवाई की जाएगी।

हाल ही में साधना स्थापक ने उज्जैन सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां मौजूद महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। आयोग अब केवल मामलों के निपटारे तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि काउंसलिंग के जरिए परिवारों में सामंजस्य बनाए रखने पर भी विशेष जोर देगा।

साधना स्थापक ने कहा,

“हमारा फोकस कार्यशैली को मजबूत करना है और लंबित मामलों का जल्द निपटारा करना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके।”

मध्य प्रदेश महिला आयोग की इस नई पहल से साफ है कि अब प्रदेशभर में लंबित मामलों को तेजी से निपटाने की दिशा में काम किया जाएगा। आयोग की बढ़ती सक्रियता से महिलाओं को जल्द न्याय मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।

महिला एवं बाल विकास विभाग का फोकस महिलाओं की सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर

रेखा यादव बोलीं — हर महिला तक योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता, काउंसलिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम होगा मजबूत

भोपाल। महिला एवं बाल विकास विभाग और सामाजिक न्याय विभाग की वरिष्ठ प्रतिनिधि रेखा यादव ने महिलाओं की सुरक्षा, अधिकारों और सरकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण बातें साझा कीं।

उन्होंने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि महिलाओं और बच्चियों तक हर योजना का सीधा लाभ पहुंचे। इसके लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता अभियान और विशेष शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि महिलाएं अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।

रेखा यादव ने कहा,

“हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समाज में हर महिला खुद को सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस करे। योजनाओं को इस तरह से लागू किया जा रहा है जिससे उनकी सीधी पहुंच पीड़ितों तक हो। हम आने वाले समय में काउंसलिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम को और अधिक मजबूत करने जा रहे हैं ताकि किसी भी शिकायत पर तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई की जा सके।”

उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं के लिए सुरक्षित और भयमुक्त वातावरण तैयार करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए समाज और प्रशासन दोनों को मिलकर संवेदनशीलता के साथ काम करने की आवश्यकता है।

महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक न्याय को लेकर सरकार की ये पहलें आने वाले समय में बड़े और सकारात्मक बदलाव की ओर संकेत कर रही हैं।

जनजातीय क्षेत्र के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

भोपाल 

सफलता की कहानी

जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह के विशेष प्रयासों से खंडवा जिले के खालवा विकासखंड के ग्राम रोशनी में मध्यप्रदेश का पहला इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग एक्वा पार्क तैयार किया गया है। लगभग 50 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस आधुनिक परियोजना ने जनजाति समाज, विशेषकर महिलाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए द्वार खोल दिए हैं।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना से स्वयं सहायता समूहों की 160 महिलाएं सीधे जुड़कर आजीविका प्राप्त करेंगी। एक्वा पार्क में आधुनिक तकनीक से मछली उत्पादन, प्रशिक्षण और विपणन की सुविधाएं विकसित की गई हैं। इससे ग्रामीण और आदिवासी परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यह परियोजना केवल मछली उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि जनजातीय समाज के आर्थिक सशक्तिकरण का नया मॉडल बनकर उभर रही है।

मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह लंबे समय से जनजाति समाज के विकास और उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने, गांव-गांव तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाने, किसानों के खेतों तक मां नर्मदा का पानी पहुंचाकर बहुफसली खेती को बढ़ावा देने तथा जनजाति युवाओं को विदेशों में अध्ययन के अवसर दिलाने जैसी कई महत्वपूर्ण पहल उनके नेतृत्व में लगातार आगे बढ़ रही हैं।

50 एकड़ में विकसित इंटीग्रेटेड फिश फार्मिंग एक्वा पार्क बदलेगा जनजातीय क्षेत्र की अर्थव्यवस्था

मंत्री डॉ. शाह ने बताया है कि नीति आयोग एवं शासन की 10 अलग-अलग योजनाओं के समन्वय से विकसित इस हाईटेक परियोजना को जनजाति क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़ी पहल माना जा रहा है। करीब 50 एकड़ क्षेत्र में विकसित इस एक्वा पार्क का संचालन 16 आदिवासी महिला स्व-सहायता समूहों की 160 सदस्याओं द्वारा किया जाएगा। यहां बंगाल से लाई गई तलापिया नस्ल की मछलियों का पालन किया जाएगा, जो 6 से 8 माह के भीतर एक से सवा किलो तक वजन प्राप्त कर लेंगी। एक्वा पार्क में आधुनिक तकनीक के तहत मछली पालन की संपूर्ण व्यवस्था विकसित की गई है। मछलियों के पालन के लिए शेड के नीचे 14 बायोफ्लॉक टैंक बनाए गए हैं, जहां प्रारंभिक चरण में मछली बीज छोड़े गए। मछलियों का आकार बढ़ने पर उन्हें ग्रेडिंग कर रिवर्स एक्वा सिस्टम टैंकों में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके बाद उन्हें बायोफ्लॉक पॉन्ड में छोड़ा जाएगा। अंतिम चरण में विकसित मछलियों को 1200 क्यूबिक मीटर क्षमता वाले आवंलिया डेम के बैकवॉटर क्षेत्र में स्थापित 120 आधुनिक केज में डाला जाएगा। इस तकनीक से बड़े पैमाने पर गुणवत्तापूर्ण मछली उत्पादन संभव हो सकेगा।

एक्वा पार्क से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया आधार

परियोजना के तहत अगले 8 से 10 महीनों में प्रतिमाह लगभग 30 टन और सालाना करीब 360 टन मछली उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके माध्यम से सालाना लाखों रूपये के टर्नओवर का अनुमान है। इससे क्षेत्र की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिलने के साथ जनजाति महिलाओं की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

ग्राम रोशनी का यह इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क “आत्मनिर्भर आदिवासी – समृद्ध मध्यप्रदेश” की सोच को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस परियोजना से क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ेगी।

सामाजिक कार्यकर्ता मोहन रोकड़े का कहना है कि मंत्री डॉ. विजय शाह की दूरदर्शी सोच और जनसेवा के प्रति समर्पण के कारण आज जनजाति समाज विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में यह एक्वा पार्क पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणादायक मॉडल साबित होगा।

 

MP में भीषण गर्मी का कहर, राजस्थान की तपती हवाओं से खजुराहो-नौगांव में पारा 46 डिग्री पहुंचा

 भोपाल

राजस्थान से आ रही गर्म हवाओं ने पूरे मध्य प्रदेश को भीषण गर्मी की चपेट में ले लिया है। गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में तापमान 44 डिग्री से ऊपर पहुंच गया, जिससे लोगों को तीखी लू का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार छतरपुर जिले के खजुराहो और नौगांव में सबसे अधिक 46 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। यह सामान्य से करीब 3 डिग्री अधिक रहा।
पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में तीखी लू, सिवनी में रात का तापमान 31.2 डिग्री रिकॉर्ड

प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में अधिकतम तापमान 41.5 से 44 डिग्री के बीच रहा, जबकि पूर्वी इलाकों में तापमान 41.7 से 46 डिग्री तक पहुंच गया। दमोह में 44 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान भी सामान्य से अधिक बना हुआ है। सिवनी में रात का तापमान 31.2 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.4 डिग्री ज्यादा रहा। मौसम विज्ञानी ने बताया कि जिन क्षेत्रों में तापमान 44 डिग्री या उससे अधिक है, वहां लू जैसी स्थिति बनी हुई है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

मौसम केंद्र ने जारी की चेतावनी: सतना-छतरपुर समेत कई जिलों में तीव्र ऊष्ण लहर का ‘रेड अलर्ट’

मौसम केंद्र ने जारी की चेतावनी सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तीव्र ऊष्ण लहर का रेड अलर्ट जारी किया गया है। वहीं ग्वालियर, दतिया, भिंड, रीवा, सागर, दमोह और शिवपुरी समेत कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, उज्जैन, जबलपुर और बालाघाट सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने साफ किया है कि अगले पांच दिनों तक प्रदेश के मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान (डिग्री सेल्सियस में)

प्रदेश के चार बड़े शहरों का तापमान

    शहर – अधिकतम – न्यूनतम
    भोपाल – 42.0 – 29.0
    इंदौर – 40.4 – 26.3
    ग्वालियर – 43.3 – 29.0
    जबलपुर – 43.8 – 28.3

नोट : तापमान डिग्री सेल्सियस में

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आह्वान पर गंगा दशहरा पर जन आंदोलन बनेगा “जल गंगा संवर्धन अभियान”

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हिन्दु संस्कृति के अनुसार गंगा दशहरा का पर्व पूरी श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इसी दिन माँ गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी और प्रकृति एवं जन-जीवन को धन्य किया था। इस वर्ष गंगा दशहरा के पावन अवसर पर प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान को व्यापक स्वरूप देते हुए जन-जन को जोड़ा जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान केवल शासकीय कार्यक्रम तक सीमित न रखकर जनभागीदारी आधारित व्यापक अभियान बनाया जाए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण भविष्य की आवश्यकता है और इसमें समाज के हर वर्ग की सक्रिय सहभागिता जरूरी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के इसी विज़न के अनुक्रम में गंगा दशहरा के पावन अवसर पर 25 मई को प्रदेश के सभी जिलों के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी जिला कलेक्टरों और जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। उल्लेखनीय है कि “जल गंगा संवर्धन अभियान” प्रदेश में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित किया जा रहा है।

दो चरणों में होंगे विशेष कार्यक्रम

गंगा दशहरा पर आयोजित कार्यक्रमों में जिले के प्रभारी मंत्री शामिल होंगे। कार्यक्रम के प्रथम चरण में जनसहभागिता से जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्य किए जाएंगे। इसके बाद द्वितीय चरण में गंगा दशहरा विषय पर आधारित सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएगी। कार्यक्रमों में क्षेत्र के सांसद, विधायक, नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाएगा।

श्रमदान से होगा जल संरचनाओं का पुनर्जीवन

अभियान के अंतर्गत जनसमुदाय, जनप्रतिनिधियों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से स्थानीय जल स्रोतों का संरक्षण और पुनर्जीवन किया जाएगा। श्रमदान तथा मशीन, ईंधन और परिवहन जैसे संसाधनों के सहयोग से कुओं, नहरों, बावड़ियों और तालाबों की साफ-सफाई एवं जीर्णोद्धार कराया जाएगा।

इसके साथ ही घाटों की स्वच्छता सुनिश्चित की जाएगी और बंद पड़े पुराने बोरवेल और ट्यूबवेल के पास रिचार्ज पिट का निर्माण कराया जाएगा, जिससे भूजल स्तर सुधारने में मदद मिल सके। शासन द्वारा प्रत्येक जिले में 4 से 5 उत्कृष्ट कार्य चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा सके।

ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर तक चलेगा अभियान

अभियान में व्यापक जनसहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत और नगरीय वार्ड स्तर तक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ औद्योगिक, सामाजिक, धार्मिक, स्वयंसेवी संगठनों और महिला स्व-सहायता समूहों की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और नगरीय क्षेत्रों में नगर निगम आयुक्त अथवा जिला शहरी विकास प्राधिकरण के परियोजना अधिकारी नोडल अधिकारी होंगे।

 

नई नीति लाएगी क्रांति, एकीकृत मत्स्योद्योग नीति के साथ दोगुना होगा मत्स्योत्पादन: राज्यमंत्री पंवार

भोपाल

प्रदेश में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए शुक्रवार को भोपाल में ‘हितधारक सम्मेलन’ का आयोजन होगा। मछुआ कल्याण और मत्स्य विकास राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नारायण सिंह पंवार ने कहा कि मछली पालन और उससे जुड़े उद्योगों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए मध्यप्रदेश में ‘एकीकृत मत्स्योद्योग नीति 2026’ लागू की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार और विभाग का मुख्य लक्ष्य आगामी वर्षों में मत्स्य उत्पादन और इससे जुड़े व्यापार को दोगुना करना है। इसी लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रदेश में ‘हितग्राही मॉडल’ और ‘उद्यमी मॉडल’ को प्रमुखता से लागू किया जाएगा।

राज्यमंत्री  पंवार ने जोर देते हुए कहा कि प्रदेश के मत्स्योद्योग में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के लिए निवेशकों को आमंत्रित किया जा रहा है। इससे न केवल राज्य में नया निवेश आएगा बल्कि युवाओं और मछुआ समुदाय के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में लागू की गई यह नीति प्रदेश के मत्स्य पालन क्षेत्र में एक नई क्रांति लेकर आएगी। हमारा प्रमुख लक्ष्य स्थानीय मछुआरों को सीधा लाभ पहुँचाना है। इसके लिए ‘हितग्राही मॉडल’ और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए ‘उद्यमी मॉडल’ पर काम किया जा रहा है। मंत्री  पंवार ने बताया कि पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ ‘केज कल्चर’ जैसी वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाया जा रहा है।

जलाशयों में आधुनिक ‘केज कल्चर’ तकनीक और अन्य इंटीग्रेटेड गतिविधियों का विस्तार किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन में मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के मंत्री, कृषि उत्पादन आयुक्त और विभागीय सचिव विशेष रूप से मौजूद रहेंगे। यह सम्मेलन निवेशकों, उद्यमियों और मत्स्य पालकों को एक साझा मंच प्रदान करेगा। 

मध्यप्रदेश पुलिस की अवैध मादक पदार्थों की जब्ती के विरुद्ध कार्यवाही

भोपाल

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों एवं नशीले पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विभिन्न जिलों में पुलिस ने कार्यवाही करते हुए 1 करोड़ 49 लाख रूपए से अधिक मूल्‍य के गांजा, ड्रग्‍स, स्‍मैक, डोडा चूरा जब्‍त किए हैं। साथ ही कफ सीरप एवं इंजेक्‍शन भी जब्‍त किए है।

इंदौर : पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 05 अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर एमडी ड्रग्स एवं अवैध हथियार सहित लगभग 01 करोड़ रूपए की संपत्ति जब्‍त की।

सीधी : जिले में ऑपरेशन “प्रहार 2.0” के तहत प्रभावी कार्रवाई करते हुए थाना कमर्जी पुलिस ने अवैध नशीली कफ सिरप तस्करी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 912 शीशी ऑनरेक्‍स कफ सीरप एवं बोलेरो वाहन सहित लगभग 11 लाख 88 हजार रूपए से अधिक की संपत्ति जब्‍त की है।

वहीं थाना कोतवाली एवं जमोड़ी पुलिस की संयुक्त कार्यवाही में 208 शीशी अवैध नशीली कफ सिरप एवं एक आल्टो कार जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया।

इसी प्रकार थाना रामपुर नैकिन क्षेत्र में 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 15 शीशी अवैध नशीली कफ सिरप जप्त की है।

मऊगंज : पुलिस ने ‘ऑपरेशन प्रहार-2.0’ के तहत लौर पुलिस ने खीरी ओवरब्रिज के पास से एक महिला आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 1200 शीशी प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप (आनरेक्स) जप्त की।

अनूपपुर : जिले की चौकी सरई पुलिस ने बड़ी सफलता प्राप्त करते हुए 56 किलोग्राम अवैध गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रूपये है, जब्‍त किया है।

शिवपुरी : थाना कोतवाली पुलिस ने स्मैक विक्रय करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 15.82 ग्राम स्मैक एवं मोटरसाइकिल सहित लगभग 4 लाख 50 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

श्योपुर : पुलिस ने कराहल थाना क्षेत्र में कार्यवाही करते हुए राजस्थान से स्मैक लेकर आ रहे चार तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 38.48 ग्राम स्मैक एवं तस्करी में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें सहित लगभग 5 लाख 35 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

गुना : जिले के कैंट थाना पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए 28 किलो से अधिक का गांजा, बोलेरो कार एवं मोटर सायकिल सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लगभग 15 लाख रुपये की संपत्ति जब्‍त की है।

वहीं मृगवास थाना क्षेत्र में दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार कर 02 किलोग्राम गांजा एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 2 लाख रूपए की संपत्ति जब्‍त की है। इसी प्रकार धरनावदा थाना पुलिस ने अंतर्राज्यीय स्मैक तस्करों को गिरफ्तार कर अवैध स्‍मैक जब्‍त कर लगभग 1 लाख 95 हजार रूपए की संपत्ति जब्‍त की है।

जीआरपी भोपाल : जीआरपी भोपाल ने अवैध मादक पदार्थ के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए 14 किलो 630 ग्राम गांजा कीमती लगभग 2 लाख 40 हजार जप्त कर गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है।

जबलपुर : पुलिस की क्राइम ब्रांच एवं थाना हनुमानताल पुलिस की संयुक्त टीम ने नशीले इंजेक्शन एवं गांजा के अवैध कारोबार में लिप्त 02 आरोपियों को गिरफ्तार कर 125 नग नशीले इंजेक्शन, 430 ग्राम गांजा एवं 18 हजार नगद जप्त किए।

मध्‍यप्रदेश पुलिस द्वारा समाज को नशामुक्त बनाने एवं युवाओं को मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव से बचाने हेतु कठोर वैधानिक कार्रवाई निरंतर की जा रही है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें।

 

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