समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति जिलों में जाकर नागरिकों के प्राप्त करेगी सुझाव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि समान नागरिकता संहिता के संबंध में प्रदेश में प्राप्त सुझावों के संकलन के लिए की गई पहल सराहनीय है। जनता के मत प्राप्त करने के लिए बनाई गई वेबसाइट इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी होगी। जिलों में समान नागरिक संहिता समिति के भ्रमण से यह कार्य आसान होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रालय में समान नागरिक संहिता मध्यप्रदेश की वेबसाइट का विमोचन किया। इस तरह की वेबसाइट के निर्माण में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिक संहिता समिति के सदस्यों को वेबसाइट के निर्माण के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह एक ऐतिहासिक निर्णय है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की पहल पर राज्यों में इस संबंध में कार्य प्रारंभ हुआ है। स्वतंत्रता के बाद से ही इस तरह के कार्य की आवश्यकता अनुभव की जा रही थी। नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिए पारिवारिक विधि के समग्र अध्ययन की जरूरत है। जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे, जिनका सम्मान करते हुए विचार मंथन होगा। सभी सुझावों का संकलन भी किया जाएगा। जन परामर्श के उद्देश्य से समिति ने वेबसाइट का निर्माण कर महत्वपूर्ण कार्य किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश एक राष्ट्र, एक विधान,एक निशान के महत्व को समझते हुए इसके अलावा “एक विधि” के लिए आवश्यक दायित्व पूर्ण करेगा। निश्चित ही यह जन हितैषी कार्य है। इस नाते गठित समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति बधाई की पात्र है।

राज्य शासन द्वारा विवाह, भरण पोषण, विवाह विच्छेद, उत्तराधिकार एवं अन्य परिवार संबंधित कानूनों से संबंधित विधिक, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन कर समान नागरिक संहिता के संबंध में उपयुक्त अनुशंसाओं को प्रस्तुत किया जाएगा। इस उद्देश्य से ही उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है विस्तृत अध्ययन के उद्देश्य से समान नागरिक संहिता के संबंध में उपयुक्त अनुसंधान प्रस्तुत करने के लिए यह समिति महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इस अवसर पर समिति द्वारा जन परामर्श के उद्देश्य से निर्मित की गई वेबसाइट https://ucc.mp.gov.in/ पर जनमानस से सुझाव सुगमता से प्राप्त किए जा सकेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 22 मई से आगामी 15 जून 2026 तक निर्धारित की गई है।

वेबसाइट लांच किए जाने के अवसर पर समान नागरिक संहिता उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति मती प्रकाश रचना देसाई ने भी वर्चुअली संबोधित किया। समिति के सचिव  अजय कटेसरिया ने समिति के कार्यों का विवरण दिया। बैठक में मुख्य सचिव  अनुराग जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

बंदूक छोड़ कलम और रोजगार थामेगा युवा

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अपराध नियंत्रण के साथ-साथ समाज के संवेदनशील वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में लगातार नवाचार आधारित पहलें की जा रही हैं। इसी क्रम में बुरहानपुर पुलिस द्वारा संचालित “परिवर्तन” मुहिम प्रदेशभर में एक सकारात्मक एवं प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रही है। यह अभियान सिकलीगर समाज के युवाओं को अपराध की दुनिया से बाहर निकालकर शिक्षा, जागरूकता एवं रोजगार से जोड़ने का एक प्रभावी प्रयास बन चुका है।

अपराध से अवसर की ओर बढ़ते कदम

पुलिस अधीक्षक बुरहानपुर  आशुतोष बागरी के कुशल निर्देशन में जिले में अवैध हथियारों की रोकथाम एवं जागरूकता के लिए विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक  अंतरसिंह कनेश के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी  निर्भयसिंह अलावा के सतत पर्यवेक्षण में पुलिस द्वारा एक ओर जहां अवैध हथियार निर्माण एवं तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है, वहीं दूसरी ओर सिकलीगर समाज के युवाओं को अपराध से दूर कर सम्मानजनक जीवन एवं रोजगार की ओर प्रेरित किया जा रहा है।

चौपाल, संवाद और विश्वास से आ रहा बदलाव

अभियान के अंतर्गत पुलिस द्वारा ग्राम, स्कूलों, गुरुद्वारों एवं थाना परिसर में लगातार चौपाल, संवाद एवं संयुक्त बैठकें आयोजित की जा रही हैं। इन बैठकों के माध्यम से युवाओं एवं उनके परिजनों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं, स्वरोजगार कार्यक्रमों तथा शिक्षा एवं कौशल विकास के अवसरों की जानकारी देकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों द्वारा युवाओं को यह संदेश दिया जा रहा है कि समाज में सम्मान, प्रगति और सुरक्षित भविष्य का रास्ता शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता से होकर गुजरता है, न कि अपराध से।

‘परिवर्तन’ मुहिम से युवाओं को मिला रोजगार

बुरहानपुर पुलिस की इस सकारात्मक पहल का परिणाम यह रहा कि अभियान के अंतर्गत 04 युवाओं को जिओ कंपनी में रोजगार उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त अन्य युवाओं को उनकी शैक्षणिक योग्यता, डिप्लोमा एवं कौशल के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। यह पहल युवाओं के भीतर आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य कर रही है कि यदि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले तो कोई भी युवा अपराध के रास्ते को छोड़कर सम्मानजनक जीवन की ओर बढ़ सकता है।

खकनार थाना प्रभारी निरीक्षक अभिषेक जाधव एवं उनकी टीम द्वारा इस अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से संचालित किया जा रहा है। पुलिस टीम लगातार समाज के बीच जाकर विश्वास कायम करने, संवाद स्थापित करने और युवाओं को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।

रिकॉर्ड तोड़ कार्रवाई से टूटी अवैध हथियार नेटवर्क की कमर

संवेदनशील सामाजिक पहल के साथ-साथ बुरहानपुर पुलिस अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर भी सख्ती से कार्य कर रही है। वर्ष 2024 से 2026 के मध्य खकनार पुलिस द्वारा अवैध हथियार निर्माण एवं तस्करी के विरुद्ध रिकॉर्ड 27 प्रकरण दर्ज किए गए, जिनमें 66 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

कार्रवाई के दौरान 151 अवैध देशी हस्तनिर्मित पिस्टल सहित हथियार निर्माण में प्रयुक्त भारी मात्रा में सामग्री जब्त की गई। यह कार्रवाई पिछले दो दशकों में बुरहानपुर पुलिस द्वारा अवैध हथियारों के विरुद्ध की गई सबसे बड़ी एवं प्रभावी कार्रवाई मानी जा रही है।

मध्यप्रदेश पुलिस का संदेश — सुरक्षा के साथ संवेदनशीलता भी

मध्यप्रदेश पुलिस का यह प्रयास केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक विश्वास, सुरक्षा और अवसर पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। बुरहानपुर पुलिस की “परिवर्तन” मुहिम यह संदेश देती है कि सकारात्मक संवाद, विश्वास और अवसर प्रदान कर युवाओं को अपराध की राह से हटाकर विकास और राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा में जोड़ा जा सकता है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा समाजहित एवं अपराध नियंत्रण के ऐसे जनकल्याणकारी अभियान भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।

 

श्रम साथी बनकर विद्यार्थी दिलाएंगे उद्यमियों को स्टार रेटिंग

भोपाल 

मध्यप्रदेश उच्च शिक्षा विभाग एवं श्रम विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को वल्लभ भवन स्थित कक्ष क्रमांक एफ-326 में “श्रम साथी कार्यशाला” का आयोजन किया गया। कार्यशाला में श्रम विभाग के सचिव श्री रघुराज राजेन्द्रन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी, भोपाल के प्रमुख शासकीय महाविद्यालयों के प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

इस अवसर पर आयुक्त उच्च शिक्षा श्री प्रबल सिपाहा ने कहा कि श्रम कानूनों की जानकारी प्रत्येक विद्यार्थी तक पहुंचना आवश्यक है। उच्च शिक्षा विभाग और श्रम विभाग मिलकर विद्यार्थियों के माध्यम से उद्यमियों, दुकानदारों तथा आम नागरिकों को श्रम कानूनों के प्रति जागरूक करने का कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता से यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकता है।

श्रम विभाग के सचिव श्री रघुराज राजेन्द्रन ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार ने श्रमिक हितों की सुरक्षा और श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन के लिए श्रम स्टार रेटिंग योजना प्रारंभ की है और इस अभिनव पहल को लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत उद्यमी एवं दुकानदार अपने पंजीयन क्रमांक के माध्यम से ऑनलाइन लिंक पर 10 प्रश्नों के उत्तर देकर स्टार रेटिंग प्राप्त कर सकेंगे। यह रेटिंग श्रम कानूनों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाएगी।

विद्यार्थियों को पहचान पत्र प्रदान करेगा श्रम विभाग

कार्यशाला में उपस्थित विद्यार्थियों ने “श्रम साथी” के रूप में इस अभियान को लेकर विशेष उत्साह दिखाया। विद्यार्थियों ने कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर उद्यमियों और दुकानदारों को श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने के लिए प्रेरित करेंगे।

श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान से जुड़े विद्यार्थियों को श्रम विभाग के लोगोयुक्त टी-शर्ट, श्रम साथी पहचान पत्र तथा संबंधित महाविद्यालय के नाम आधिकारिक पत्र उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे अधिक प्रभावी ढंग से जनजागरूकता अभियान चला सकें।

कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने एवं रेटिंग प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने के लिए भविष्य में भी इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त श्रम विभाग और उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय के लिए एक विशेष व्हाट्सएप समूह भी बनाया जाएगा, जिसमें अभियान से संबंधित सभी आवश्यक जानकारियां साझा की जाएंगी।

 

प्रदेश में मनाया जायेगा गंगा दशहरे का पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन में 25 और 26 मई को विभिन्न आयोजनों में होंगे शामिल

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गंगा दशहरा के अवसर पर 25 और 26 मई को उज्जैन में क्षिप्रा तट पर आयोजित परिक्रमा, चुनरी अर्पण, पूजन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इस अवसर पर श्रद्धा, संस्कृति और जल संरक्षण के संदेश से जुड़े विविध आयोजन किए जायेंगे। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशहरा पर 25 मई को प्रदेशभर में वृहद कार्यक्रम आयोजित किए जायेंगे। प्रदेश के विभिन्न जिलों में प्रभात फेरियां, नदी एवं जलाशय परिक्रमा, साइकिल रैली, चुनरी अर्पण-पूजन तथा जल और नदियों पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जायेंगीं।

भारत भवन, भोपाल में ‘सदानीरा’ का आयोजन 27 मई से 2 जून 2026 तक किया जायेगा। कार्यक्रम में जल, प्रकृति और संस्कृति से जुड़े विविध आयामों को प्रस्तुत किया जायेगा। युवाओं एवं आमजन को जल संरचनाओं के संरक्षण और संवर्धन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से संगोष्ठी, सेमीनार और व्याख्यान भी आयोजित किए जायेंगे। कार्यक्रम जिला मुख्यालयों के साथ प्रमुख नदियों, जलाशयों और जल स्रोतों के किनारे भी आयोजित होंगे।

राज्य शासन द्वारा जिला कलेक्टरों को निर्देश जारी किये हैं। जल गंगा संवर्धन अभियान में गंगा दशमी पर्व पर 25 मई को संपूर्ण प्रदेश में गतिविधियां एवं कार्यक्रम आयोजित किये जायें। कार्यक्रमों में जन-प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, युवाओं और आमजन की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाए। राज्य सरकार का उद्देश्य जल संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देना तथा जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति व्यापक जन-जागरूकता विकसित करना है।

 

उपभोक्ता हित में अन्य विभागों से समन्वय बढ़ाकर कार्य करे खाद्य विभाग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि खाद्य विभाग अन्य विभागों से बेहतर समन्वय स्थापित कर उपभोक्ता हित में कार्य करे। खाद्य विभाग ने अनेक नवाचार किए हैं जिनका लाभ उपभोक्ताओं को मिल रहा है। नवाचारों और उपभोक्ता हित का कार्य निरंतर किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मंत्रालय में खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खाद्य विभाग ने उचित मूल्य दुकानों का जन पोषण मार्ट के रूप में उन्नयन किया है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री अन्न सेवा जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को मोबाइल पर संदेश भेजकर राशन प्रदाय और वितरण की सूचना देने का प्रावधान किया गया है। यह नवाचार उपभोक्ताओं के कल्याण की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के परिवहनकर्ता के रूट ऑप्टिमाइजेशन के कार्य से परिवहन लागत में सरकार को 42 लाख रुपए प्रति माह की बचत हुई। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के वाहनों में जीपीएस के माध्यम से स्टेट लेवल कमांड कंट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग व्यवस्था की गई। इसी तरह सिविल सप्लाई कारपोरेशन ने सभी स्तरों पर ऑनलाइन भुगतान की व्यवस्था की है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने गोदाम में स्कंध के भंडारण की क्षति को कम करने के लिए वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉरपोरेशन के अमले को भारतीय प्रबंध संस्थान मुंबई में प्रशिक्षण दिलवाने की पहल की भी प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि निगम कर्मियों के कौशल उन्नयन की गतिविधियां जारी रखी जाएं।इसी तरह उपार्जन, मिलिंग और परिवहन के लिए उपयोग में लिए जा रहे वाहनों का यूलिप (ULIP) सॉफ्टवेयर से सत्यापन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन के लिए जूट कमिश्नर से खाली बारदाने क्रय करने के लिए सीसी लिमिट से भुगतान की व्यवस्था लागू की गई है। यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्यप्रदेश, उड़ीसा और पंजाब के पश्चात तीसरा प्रांत है। इस प्रणाली से 18 करोड़ रुपए की ब्याज राशि की बचत करने में सफलता मिली है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन कार्य की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने ऐसा मॉडल विकसित करने के निर्देश दिए जिससे गेहूं की जींस की प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग आदि के कार्य लघु मध्यम और सूक्ष्म विभाग के सहयोग से किए जा सकें। इस कार्य में स्व-सहायता समूह की भूमिका भी हो सकती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना सहित अन्य योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली, शहरी गैस वितरण, नेटवर्क विकास और विस्तार नीति 2025 लागू करने, पीडीएस के हितग्राहियों का ई-केवाईसी किए जाने के कार्य और उपभोक्ता हित में किए गए अन्य प्रयासों की जानकारी भी प्रदान की गई। बैठक में खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, मुख्य सचिव  अनुराग जैन और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

दतिया उपचुनाव से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका, 500+ कार्यकर्ता BJP में शामिल

दतिया 

 मध्यप्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव होने की चर्चाओं के बीच कांग्रेस को यहां पर बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के युवा नेता समेत 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने दतिया में कांग्रेस का हाथ छोड़ बीजेपी की सदस्यता ग्रहण की है। नरोत्तम मिश्रा के सामने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के भाजपा में शामिल होने से जिले की सियासत गर्मा गई है और उपचुनाव की तारीखों के पहले ही दलबदल की चर्चाएं एक बार फिर जोर पकड़ने लगी हैं।

कांग्रेस को बड़ा झटका
दतिया में कांग्रेस के युवा नेता राजबहादुर के नेतृत्व में 500 से ज्यादा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। भाजपा में शामिल होने के बाद युवा नेता राजबहादुर ने दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेन्द्र भारती पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि राजेन्द्र भारती ने कांग्रेस के कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी की और उन्हें प्रताड़ित करने के साथ ही कार्यकर्ताओं पर झूठे केस भी दर्ज कराए, जिससे कार्यकर्ताओं में खासी नाराजगी है और आगामी चुनाव में इसका परिणाम कांग्रेस को नजर आएगा।

नरोत्तम मिश्रा ने दिलाई सदस्यता
युवा नेता राजबहादुर समेत 500 से ज्यादा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को मध्यप्रदेश के पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा ने भाजपा की सदस्यता दिलाई। वहीं भाजपा की सदस्यता लेने के बाद युवा नेता राजबहादुर ने कहा कि वो और अन्य कार्यकर्ता नरोत्तम मिश्रा से प्रभावित होकर ही भाजपा में शामिल हुए हैं। उन्होंने ये भी कहा कि नरोत्तम मिश्रा ने दतिया जिले के विकास के काफी काम किया है दतिया के विकास और अपने मान-सम्मान के लिए ही वो नरोत्तम मिश्रा के साथ भाजपा में शामिल हो रहे हैं।

दतिया सीट पर होना है उपचुनाव
बता दें कि मध्यप्रदेश की दतिया सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के अयोग्य घोषित होने के बाद दतिया उपचुनाव की तैयारी शुरू हो गई हैं। एमपी के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के पत्र के बाद दतिया कलेक्टर ने उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का पत्र मिलने के बाद कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को ईवीएम और वीवीपैट मशीनों की फर्स्ट लेवल की चेकिंग के लिए बुलाया था। जिला कलेक्टर कार्यालय में 19 मई को इसकी चेकिंग हुई। जिले में 291 मतदान केंद्र बनाए जाएंगे, जिसके लिए 200 मशीनों की जांच की गई। इसके साथ ही 600 बैलेट यूनिट, 600 कंट्रोल यूनिट और 600 वीवीपैट मशीनों का भी परीक्षण किया गया। हालांकि दतिया सीट पर उपचुनाव कब होंगे, इसकी तारीख अभी घोषित नहीं हुई है।

मेट्रो प्रोजेक्ट को मिली रफ्तार, 50 साल बाद शिफ्ट होंगी 36 आरा मशीनें

 भोपाल 
शहर के बीच से आरा मशीन टिंबर मार्केट की शिफ्टिंग पर 50 साल बाद बात बन गई। मेट्रो रेल प्रोजेक्ट की जद में आ रही पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक 36 आरा मशीनों को हटाने पर सहमति बन गई है। आरा मशीन संचालकों को एयरपोर्ट के पास रातीबड़ में जगह आवंटित कर दी गई। 26 आरा मशीनों के दस्तावेज अपडेट है, जबकि दस आरा मशीनों के दस्तावेजों का अपडेटेशन बाकी है। जो अपडेट है, उन्हें नई जगह पर काम शुरू करने की अनुमति पहले दिन से ही मिल जाएगी। डिस्ट्रिक्ट फॉरेस्ट ऑफिसर की एनओसी बाकी है, जिसके बाद नई जगह पर काम शुरू हो जाएगा।

रातीबड़ में लघु उद्योग निगम ने यहां आरा मशीनों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया है। 12 एकड़ में 36 आरा मशीनों के लिए पूरी तरह नया क्षेत्र विकसित कर दिया गया है। अफसरों का कहना है कि शिफ्टिंग के लिए पांच करोड़ रुपए भी दिए गए। शहर में कुल 165 आरा मशीनें है।

मेट्रो लाइन, अंडरग्राउंड रैंप का काम हो सकेगा शुरू

मेट्रो ट्रेन प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी बाधा टिंबर मार्केट है। पुल बोगदा से पुल पातरा के बीच एलिवेटेड और इसके बाद अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरू ही नहीं हो पा रहा है। टिंबर मार्केट के दुकानदारों की सबसे बड़ी ताकत उनका कारोबार है। शहर की जरूरत की 60 फीसदी लकड़ी का सामान और लकड़ियां यहीं से जाती है। सभी दुकानें हटने से फर्नीचर व इसके लिए जरूरी लकड़ियों की आपूर्ति प्रभावित न हो इसका भी ध्यान रखना होगा। इसी कमजोर नब्ज पर लंबे समय से रोड किनारे कारोबार चल रहा है।

सुनसान गली में टिंबर की दुकानें
पुल बोगदा से पुल पातरा के बीच करीब दो किमी लंबी रोड पहले दुकानदारों और ग्राहकों से भरी रहती थी, लेकिन मेट्रो के काम के चलते हुई तोड़फोड़ ने पूरी रोड पर लगभग सन्नाटे की स्थिति बना दी। यहां सिर्फ लकड़ी बाजार ही बचा है और जब तक ये नहीं हटता काम मुश्किल है। ऐशबाग के 90 डिग्री ब्रिज के बाद इन्हीं टिंबर की दुकानों के बीच अंडरग्राउंड लाइन का काम शुरू होगा।

आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति
आरा मशीनों की शिफ्टिंग पर सहमति बन गई है। उद्योग नियमों के अनुसार प्लॉट आवंटन हो चुका है। अब आरा मशीन संचालक अपने स्तर पर शिफ्टिंग शुरू कर देंगे। एक माह में पुल पातरा से ग्रांड होटल के पीछे तक की आरा मशीनें हट जाएगी।

-बदर आलम, अध्यक्ष, टिंबर मार्केट एसोसिएशन
रातीबड़ में जगह तय

रातीबड़ में आरा मशीनों के लिए जगह तय कर दी। इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो गया। स्ट्रीट लाइट और कुछ काम बाकी है, इस सप्ताह ये काम पूरा हो जाएगा। डीएफओ की एनओसी मिलना है, नई जगह पर काम शुरू किया जा सकेगा।

-दीपक पांडेय, एसडीएम, सिटी

घुमंतू जनजाति के अगरिया (लोहापीट) समाज को जल्द दिये जाएं पट्टे-राज्यमंत्री गौर

घुमंतू जनजाति के अगरिया (लोहापीट) समाज को जल्द दिये जाएं पट्टे-राज्यमंत्री गौर

राज्यमंत्री गौर ने अशोकनगर जिले के कलेक्टर को दिए निर्देश

चंदेरी में 20 वर्षों से निवासरत परिवारों की समस्या का होगा त्वरित निराकरण-राज्यमंत्री गौर

भोपाल 

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर से उनके निवास पर घुमंतू जनजाति वर्ग के अगरिया (लोहापीट/गाड़िया लोहार) समाज के प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडल ने अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र में लंबे समय से निवासरत समाज के लोगों को आवासीय पट्टे दिलाए जाने की मांग रखी।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे श्री राजू राणा ने बताया कि घुमक्कड़ समाज के कई परिवार पिछले लगभग 20 वर्षों से चंदेरी के तमरपुरा क्षेत्र में निवासरत हैं। इन परिवारों के सभी आवश्यक शासकीय दस्तावेज (आधार, वोटर आईडी आदि) भी चंदेरी के ही बने हुए हैं, लेकिन अब तक पट्टे नहीं मिले हैं। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने इस पर संज्ञान लेते हुए तत्काल अशोकनगर कलेक्टर को शीघ्र समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। श्रीमती गौर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि सभी पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का पूरा लाभ दिलाया जाएगा और पट्टे वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

 

ESB और PSC भर्ती नियमों में होगा बड़ा बदलाव, सरकार ने तैयार किया ड्राफ्ट

भोपाल 

राज्य सरकार प्रदेश में सरकारी नौकरी के लिए भर्ती करने वाली दो एजेंसियों के भर्ती नियमों में बदलाव करने जा रही है। सामान्य प्रशासन विभाग ने इसके लिए मप्र लोक सेवा आयोग और मप्र कर्मचारी चयन मंडल के भर्ती नियमों में बदलाव का ड्राफ्ट तैयार किया है और पांच जून से इसको लेकर प्रदेश के लोगों से सुझाव मांगे हैं।

प्रस्तावित नियमों के अनुसार अब मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग को छोड़कर सभी सरकारी भर्तियां कर्मचारी चयन मंडल (ईएसबी) के माध्यम से होंगी। नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे और 2013 के पुराने नियमों की जगह लेंगे। सरकार ने 5 जून 2026 तक आम जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी हैं।

पात्रता परीक्षा और स्कोर कार्ड पर होगी भर्ती
नियमों में बदलाव के लिए तैयार ड्राफ्ट में कहा गया है कि अब भर्ती प्रक्रिया “पात्रता परीक्षा” और “स्कोर कार्ड सिस्टम” पर आधारित होगी। ईएसबी हर साल तीन प्रकार की पात्रता परीक्षाएं आयोजित करेगा जो सामान्य पात्रता परीक्षा, तकनीकी पात्रता परीक्षा और शिक्षक पात्रता परीक्षा के रूप में होंगी। पात्रता परीक्षा में तय न्यूनतम अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को ही स्कोर कार्ड जारी किया जाएगा, जिसका उपयोग विभिन्न सरकारी नौकरियों में आवेदन के लिए किया जा सकेगा।

सामान्य और तकनीकी पात्रता परीक्षा का स्कोर कार्ड रिजल्ट जारी होने वाले वर्ष के बाद अगले दो वर्षों की 31 दिसंबर तक वैध रहेगा, शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवार जीवनभर पात्र माने जाएंगे, लेकिन नौकरी आवेदन के लिए उनका स्कोर कार्ड भी सीमित अवधि तक ही मान्य रहेगा।

एक स्कोर से कई भर्तियों में आवेदन
नई व्यवस्था के तहत अभ्यर्थियों को बार-बार प्रारंभिक परीक्षाएं नहीं देनी पड़ेंगी। एक बार अच्छा स्कोर आने पर उसी स्कोर कार्ड के आधार पर कई विभागों की भर्तियों में आवेदन किया जा सकेगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, जिससे भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सरल बनाने का दावा किया गया है।

ऐसा होगा परीक्षा पैटर्न
सामान्य पात्रता परीक्षा में 100 प्रश्न होंगे, जिन्हें चार हिस्सों में बांटा जाएगा। इसमें सामान्य ज्ञान, करंट अफेयर्स, मध्यप्रदेश सामान्य ज्ञान एवं योजनाएं, गणित, तार्किक क्षमता, डेटा विश्लेषण और कंप्यूटर ज्ञान से प्रश्न पूछे जाएंगे।

तकनीकी पात्रता परीक्षा में भी 100 प्रश्न होंगे, जिनमें 25 प्रश्न सामान्य विषयों से और 75 प्रश्न संबंधित तकनीकी विषय से होंगे।

पीएससी परीक्षा के नियम तैयार, लागू करने से पहले मांगे सुझाव
उधर राज्य शासन ने मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं को संचालित करने के लिए नए प्रारूप नियमों को तैयार किया है और इन्हें लागू करने से पहले 5 जून 2026 तक सुझाव मांगे गए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया ने बताया कि राज्य शासन द्वारा “मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग परीक्षा नियम 2026” अधिसूचित किया जाना प्रस्तावित है। प्रस्तावित नियमों के प्रारूप विभाग की वेबसाइट gad.mp.gov.in पर उपलब्ध है।

प्रस्तावित नियमों के संबंध में यदि किसी व्यक्ति, संस्था या हितधारक को कोई आपत्ति या सुझाव देना हो तो वे 5 जून 2026 तक लिखित रूप में अपने सुझाव ई-मेल sogad1@mp.gov.in पर प्रेषित कर सकते हैं। साथ ही सुझाव gad.mp.gov.in पर उपलब्ध लिंक के माध्यम से भी विभाग को दिए जा सकते हैं। समयावधि के बाद प्राप्त होने वाले सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।

ट्विशा शर्मा मौत केस में बड़ा एक्शन, सास गिरिबाला सिंह को पद से हटाने के आदेश

भोपाल
 देशभर में सुर्खियां बने मॉडल ट्विशा शर्मा डेथ केस में जांच लगातार तेज होती जा रही है। मुख्य आरोपी समर्थ सिंह अब भी फरार है, जबकि उसकी अग्रिम जमानत याचिका पर शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हो सकती है। दूसरी ओर, ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह को जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने की कार्रवाई भी शुरू हो गई है।
ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। पुलिस ने जहां पति व मुख्य फरार आरोपी समर्थ की गिरफ्तारी पर इनाम बढ़ाकर 30 हजार कर दिया है, वहीं उसकी सास गिरिबाला सिंह को पद से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश जारी
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने ट्विशा की सास गिरीबाला सिंह को भोपाल जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश जारी किया है। विभागीय स्तर पर उनकी नियुक्ति की जांच की भी बात कही गई है। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई प्रशासनिक समीक्षा के बाद की गई है।

    समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर कल हाईकोर्ट में सुनवाई
    घटना के 9 दिन बाद भी मुख्य आरोपी पति फरार
    आरोपी की तलाश में 6 पुलिस टीमें और SIT गठित
    समर्थ सिंह पर इनाम 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार किया गया
    पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चोट के कई निशान मिलने का दावा
    गिरीबाला सिंह को उपभोक्ता आयोग से हटाने की कार्रवाई शुरू
    मामले की CBI जांच की मांग को लेकर अलग याचिका की तैयारी

आरोपी पति ने हाईकोर्ट में लगाई याचिका
दूसरी ओर मॉडल ट्विशा की मौत में मुख्य आरोपी बनाए गए अधिवक्ता समर्थ सिंह ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका लगाई है। संभवत: शुक्रवार को इस पर सुनवाई हो सकती है। इसके पूर्व भोपाल जिला अदालत उनकी जमानत याचिका खारिज कर चुकी है।

बता दें कि इसकी मामले में समर्थ की मां को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है। परिजनों के वकील ने आरोप लगाया है कि इस पूरी प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और वे जमानत रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट जा रहे हैं।

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu