मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जल प्रदाय से जुड़े सभी संबंधित अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पेयजल व्यवस्था से जुड़े सभी विभागों को पेयजल संबंधी मामलों के त्वरित निराकरण और प्रतिदिन मॉनीटरिंग करने के निर्देश दिये हैं। इस क्रम में नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई, जल निगम आदि विभागों के पेयजल व्यवस्था से जुड़े समस्त अमले के अवकाश पर प्रतिबंध लगा दिया है। केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अवकाश स्वीकृत होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देश पर मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने रविवार को कलेक्टर्स एवं नगरीय निकाय, पंचायत, पीएचई और नगर निगम के अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक ली। उन्होंने कलेक्टर्स से कहा है कि वे सेंट्रल कंट्रोल रूम बनाएं और पेयजल उपलब्धता के लिए अधिकारियों की समिति बनाकर प्रतिदिन समीक्षा करें। यह सुनिश्चित करें कि टैंकर से पेयजल आवश्यकता वाले क्षेत्रों में वितरित हो और किसी भी तरह की अनियमितता नहीं हो। उन्होंने टैंकर के दुरूपयोग पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे जनप्रतिनिधियों से संवाद और समन्वय रखकर पेयजल की कमी वाले क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर से कहा कि पेयजल उपलब्धता के लिये युद्ध स्तर पर काम करें। शहरी क्षेत्र की पानी की टंकियों को भरने में समानता रखें और अन्य विभागों के साथ ही ऊर्जा विभाग को भी इस पूरे प्लान में शामिल रखें। उन्होंने निर्देश दिये कि कोई भी नलजल योजना का विद्युत कनेक्शन न कटे। मुख्य सचिव  जैन ने बताया कि राज्य शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों में वोरवेल आदि के खनन के लिए 1500 करोड़ रूपये की राशि जारी की है और पंचायतों को संधारण कार्य के लिए 55 करोड़ रूपये की अतिरिक्त राशि भी दी गई है, जिससे पेयजल उपलब्धता में कोई असुविधा नहीं हो। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर मेकेनिज्म तैयार करें और नियमित रूप से समीक्षा करें। बैठक में नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, पीएचई, ऊर्जा और सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

मुख्य सचिव  जैन कहा कि कंट्रोल रूम को स्वयं कलेक्टर लीड करें और जनप्रतिनिधियों आदि से प्राप्त होने वाली शिकायतों के अलावा लोक सेवा गारंटी तथा सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का न्यूनतम समय अवधि में निराकरण करवाएं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ बेहतर संवाद रखें एवं पेयजल उपलब्धता तथा शिकायतों के निराकरण का प्रचार-प्रसार भी करें। उन्होंने कहा कि आगामी एक माह के लिए प्लान बनाकर रोज सख्ती से मानीटरिंग की जाए। पेयजल प्रदाय कार्य में लगे सभी विभागों के अमले के अवकाश पर तत्काल प्रतिबंध लगाएं और अपरिहार्य होने पर ही अवकाश स्वीकृत किया जाए।

मुख्य सचिव  जैन ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि वे ट्रीटेड वाटर का भी समुचित उपयोग करें साथ ही टैंकर से जल प्रदाय पर विशेष ध्यान रखें और यह सुनिश्चित करें कि हर हाल में बसाहटों में टैंकर पहुंचे तथा जल प्रदाय करें। कलेक्टर्स से कहा गया है कि नई एसओपी जारी की गई है, एसओआर को रिवाइज किया गया है और अब जल संधारण के 10 हजार तक के कार्य पंचायत स्वयं कर सकती है। मुख्य सचिव ने कहा कि 15वां एवं 16वां वित्त आयोग की राशि का भी पेयजल उपलब्धता में उपयोग किया जा सकता है। मुख्य सचिव ने बताया कि केन्द्र वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग, मूलभूत मद, अन्य अनुदान जो केन्द्र या राज्य शासन से दिया गया है, के अलावा पंचायत की स्वयं के आय के स्रोतों से भी पेयजल व्यवस्था पर पंचायतें व्यय कर सकती हैं। उन्होंने कमिश्नर से भी अपने संभाग में विशेष सतर्कता बनाए रखने के लिए कहा है।

अपर मुख्य सचिव  नीरज मंडलोई ने कलेक्टर्स से कहा कि वे पेयजल के सभी स्रोतों पर विशेष सतर्कता रखें और पहले से यह जानकारी रखें कि कहीं स्रोत में जल की कोई कमी तो नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि वैकल्पिक रूप से जल स्रोत की उपलब्धता पर भी पहले से काम करें।

जल संवर्धन अभियान और गंगा दशहरा पर कार्यक्रमों को जनोपयोगी स्वरूप दें

बैठक में अपर मुख्य सचिव  शिव शेखर शुक्ला ने कलेक्टर्स से कहा कि 25 मई से प्रदेश में दो दिवसीय गंगा दशहरा के आयोजन होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. माहेन यादव स्वयं 25 और 26 मई को उज्जैन के क्षिप्रा तट पर अनेक कार्यक्रमों में शामिल होंगे।  शुक्ला ने कहा कि आयोजनों को पेयजल से जोड़कर जनोपयोगी बनाया जाए और जन-प्रतिनिधियों तथा आमजन की उपस्थिति सुनिश्चित करें।

 

भोपाल एयरपोर्ट यात्रियों को बड़ी सौगात! नए अराइवल एरिया में रिजर्व लाउंज और टैक्सी सुविधा शुरू

भोपाल.

राजा भोज एयरपोर्ट पर हाल ही में विकसित किए गए नए अराइवल एरिया में अब यात्रियों के लिए रिजर्व लाउंज और प्री-पेड टैक्सी बुकिंग जैसी सुविधाएं भी शुरू कर दी गई हैं। नियमित उड़ानों से भोपाल आने वाले विशिष्ट और अति विशिष्ट यात्री अब मुख्य लाउंज के बजाय नए रिजर्व लाउंज में समय बिता सकेंगे।

एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा शुरू किए गए इस नए अराइवल एरिया का अब तक करीब एक लाख यात्री उपयोग कर चुके हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए यहां “मे आई हेल्प यू” काउंटर भी बनाया गया है, जहां एयरपोर्ट परिसर और सेवाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

अब अंदर ही बुक होगी टैक्सी
नए अराइवल एरिया में यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकलने से पहले ही प्री-पेड टैक्सी बुक करा सकेंगे। इससे खासकर पहली बार भोपाल आने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल रही है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए एस्केलेटर सुविधा भी उपलब्ध कराई है। अब यात्री विमान से उतरने के बाद सीधे एस्केलेटर के जरिए बाहर पार्किंग क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं। पहले यात्रियों को पार्किंग तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

कस्टमर सर्वे में फिर नंबर-वन बनने की उम्मीद
राजा भोज एयरपोर्ट को पिछले राष्ट्रीय कस्टमर सैटिस्फेक्शन सर्वे में चेक-इन स्टाफ के व्यवहार और प्रतीक्षा समय जैसे मानकों पर पांच में से पूरे पांच अंक मिले थे। एयरपोर्ट अथॉरिटी को उम्मीद है कि नई सुविधाओं के कारण इस बार भी भोपाल एयरपोर्ट शीर्ष स्थान हासिल करेगा।

नंबर एक आने की उम्मीद –
हमें फिर से नंबर एक आने की उम्मीद है क्यों कि पिछले सर्वे के बाद सुविधाएं बढ़ी हैं इसलिए नंबर कम होने का कोई कारण नहीं है।
– रामजी अवस्थी, डायरेक्टर, राजाभोज एयरपोर्ट, भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड को मिली कानूनी और प्रशासनिक मजबूती

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड ने नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से वक़्फ़ संपत्तियों के संरक्षण, पारदर्शी प्रबंधन और जनहित में उनका उपयोग सुनिश्चित करने के लिए ऐतिहासिक और प्रभावी कार्रवाई की है। वक़्फ़ बोर्ड की संपत्तियों से वर्षों से अवैध कब्जाधारियों को हटाया गया और भौतिक सत्यापन के बाद जरुरतमंद लोगों को संपत्ति के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया गया। वक़्फ़ बोर्ड की आय कैसे बड़े इस पर अन्य राज्यों की वफ्फ समितियां से चर्चा कर, राजस्व बढ़ाने के लिए कार्य किया गया। भारत सरकार द्वारा वक़्फ़ संपतियों का लेखा-जोखा उम्मीद पोर्टल पर दर्ज कराने में म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है। परिणामस्वरूप म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड को स्कॉच अवार्ड से नवाजा गया।

नवीन वक्फ अधिनियम के बाद समाज के बेटा-बेटियों के लिए खुली हैं नई राहें

म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि देश में वक़्फ़ संशोधन कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड ने कानून के मंशानुरूप कई समाजिक परिवर्तनकारी कार्यों को आगे बढ़ाते हुए समाज को नई दिशा दी है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री की इच्छा शक्ति के परिणामस्वरूप 1552 बेटा-बेटियों को ड्रॉप आउट होने से बचाया गया। वे आगे की पढ़ाई जारी रख सकें, इसके लिए समुचित रुप से आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की गई, नवीन वक्फ अधिनियम के बाद समाज के बेटा-बेटियों के लिए नई राहें खुली है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल जिले के 849 मेधावी बेटा-बेटियों को स्कॉलरशिप प्रदान कर सम्मानित करेंगे। यह शुरुआत है, वक़्फ़ बोर्ड मध्यप्रदेश के प्रत्येक जिले में इस तरह बेटा-बेटियों को स्कॉलरशिप देकर सम्मानित करेगा। मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड द्वारा ‘पढ़ो पढ़ाओ – राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनों’ जैसे नवाचार की चर्चा के बाद मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड की योजनाओं और कार्य करने की शैली को समझने के लिए अनेक राज्यों द्वारा अपने अधिकारी- कर्मचारियों को मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के कार्यालय में भेजा जा रहा है।

वक़्फ़ संपत्तियां स्वच्छ और जवाबदेह प्रबंधन को सौंपने के लिए उठाए गए निर्णायक कदम

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशन में नवीन वक़्फ़ अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड को कानूनी एवं प्रशासनिक मजबूती प्राप्त हुई। वक़्फ़ माफियाओं, दागदार प्रबंधकों और अवैध कब्जाधारियों के विरुद्ध कठोर अभियान चलाया गया। वक़्फ़ संपत्तियों को दागदार हाथों से मुक्त कर स्वच्छ और जवाबदेह प्रबंधन को सौंपने की दिशा में निर्णायक कदम उठाए गए। समानांतर वक़्फ़ बोर्ड चलाकर वक़्फ़ संपत्तियों को हानि पहुँचाने वाले तत्वों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की गई। वक़्फ़ को हानि पहुँचाने वाले प्रबंधकों के विरुद्ध कुल 41 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली के लिए आरआरसी/वसूली नोटिस जारी किए गए और वसूली की कार्यवाही भी की गई। इस क्रम में वक़्फ़ यतीमखाना शाहजहांनी, भोपाल के प्रबंधक को 28 करोड़ 96 लाख रुपये का वसूली नोटिस जारी किया गया, जो देश के वक़्फ़ इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा वसूली नोटिस माना जा रहा है। वक़्फ़ मदर गेट उज्जैन के प्रबंधन के विरुद्ध 7 करोड़ 21 लाख रुपये की वसूली के लिए कार्रवाई की गई। वक़्फ़ जामा मस्जिद, बीना बजरिया सागर के प्रबंधकों के विरुद्ध 1 करोड़ 84 लाख रुपये की वसूली का नोटिस जारी कर कार्यवाही की गई। वक़्फ़ बड़वाली चौकी, इंदौर प्रकरण में 1 करोड़ 24 लाख रुपये की वसूली की कार्रवाई की गई।

इसी क्रम में वक़्फ़ हिंदू अनाथालय, भोपाल के प्रबंधन पर 1 करोड़ 5 लाख रुपये की वसूली के लिए आरआरसी जारी की गई। वक़्फ़ अंजुमन इस्लामिया, जबलपुर के पूर्व अध्यक्ष प्यारे साहब द्वारा वक़्फ़ को पहुँचाई गई 81 लाख 43 हजार रुपये की हानि की वसूली के लिए भी नोटिस जारी किया गया। इन कार्यवाहियों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि नवीन वक़्फ़ बोर्ड वक़्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा, पारदर्शिता और जवाबदेही के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। वक़्फ़ को हानि पहुँचाने वाले किसी भी व्यक्ति, माफिया या दागदार प्रबंधन के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी है।

अब सभी वक़्फ़ संपत्तियां दर्ज है ऑनलाइन

केन्द्र सरकार द्वारा नये संशोधन कानून से वक़्फ़ संपतियों पर बैठे कब्जाधारियों को भी सोचने पर मजबूर होना पड़ा है। सभी संपत्तियां ऑनलाइन दर्ज है, इस कारण कहीं कोई गड़बड़ी नहीं कर सकता, इस बात की दहशत भी वक़्फ़ माफियाओं में देखने को मिली है। वक़्फ़ संपतियों के डिजिटलीकरण के परिणामस्वरूप पारदर्शी व्यवस्था सुनिश्चित हुई है। इससे अनैतिक गतिविधियां करने वाले हतोत्साहित हुए। कृषि भूमियों की समय पर नीलामी की गई, जिससे राजस्व में वृद्धि हुई और इनका परिणाम आज सबसे सामने है। समाज के हर वर्ग में इसकी सराहना हो रही है।

म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड के इतिहास में पहली बार हुआ पौधरोपण का निर्णय

म.प्र. वक़्फ़ बोर्ड अध्यक्ष डॉ. सनवर पटेल ने बताया कि इस वर्ष मध्यप्रदेश वक़्फ़ बोर्ड के इतिहास में पहली बार यह निर्णय लिया गया है कि वक़्फ़ बोर्ड की निगरानी में पर्यावरण को संरक्षित करने के उद्देश्य से पूरे प्रदेश में वक़्फ़ बोर्ड की जमीनों पर पांच लाख पौधरोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। समाज के हर वर्ग और प्रत्येक व्यक्ति से अपने पूर्वजों के नाम पर एक पौधा अवश्य लगाने का अनुरोध किया जा रहा है। पौध-रोपण के बाद उनकी सही देखभाल के लिए जिलेवार जिम्मेदारी तय की जाएगी और अच्छा कार्य करने वालों को पुरस्कृत भी किया जाएगा।

  “भारतीय भाषाओं को मिलेगा नया बल, सीबीएसई के फैसले का अभाविप ने किया समर्थन”

“राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप त्रि-भाषा नीति लागू करना ऐतिहासिक कदम: अभाविप”

 

“सीबीएसई की त्रि-भाषा नीति का अभाविप ने किया स्वागत”

“सीबीएसई द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 में त्रि-भाषा नीति लागू करने के निर्णय को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने बताया राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की दिशा में महत्वपूर्ण कदम।केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 के अनुरूप शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 में त्रि-भाषा नीति लागू करने के निर्णय का अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने स्वागत किया है।

“त्रि-भाषा नीति से मजबूत होगी भारतीयता और राष्ट्रीय एकता: अभाविप”

अभाविप ने कहा कि यह निर्णय भारतीय भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन और विद्यार्थियों को बहुभाषी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम साबित होगा। परिषद के अनुसार, इस नीति के माध्यम से विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं, संस्कृति और ज्ञान परंपरा से जोड़ने में मदद मिलेगी तथा राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक समरसता को भी मजबूती मिलेगी।

अभाविप ने इस बात पर विशेष प्रसन्नता व्यक्त की कि नीति में तीन भाषाओं में से कम से कम दो भाषाओं का भारतीय मूल का होना अनिवार्य किया गया है। परिषद का मानना है कि यह व्यवस्था विद्यार्थियों में मातृभाषा एवं भारतीय भाषाओं के प्रति आत्मीयता और गौरव की भावना विकसित करेगी।

“44 भाषाओं के विकल्प के साथ शिक्षा में बड़ा बदलाव”

अभाविप के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि, “त्रि-भाषा नीति भारतीय शिक्षा के स्वदेशीकरण और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।” उन्होंने यह भी मांग की कि बोर्ड परीक्षाएं भी तीनों भाषाओं में आयोजित की जाएं, ताकि यह नीति और अधिक प्रभावी बन सके।

मध्य भारत प्रांत मंत्री केतन चतुर्वेदी ने कहा कि, “राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 विद्यार्थियों के समग्र विकास और भारतीयता को सशक्त करने वाली नीति है। सीबीएसई का यह निर्णय विद्यार्थियों को भारतीय भाषाओं और संस्कृति से जोड़ने का सशक्त प्रयास है।”

 

“सीबीएसई द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप त्रि-भाषा नीति लागू करने के निर्णय का अभाविप ने स्वागत किया। परिषद ने इसे भारतीय भाषाओं, संस्कृति और राष्ट्रीय एकता को सशक्त करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया।”

 

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भोपाल में नम आंखों से त्विषा को अंतिम विदाई, भाई मेजर हर्षित ने दी मुखाग्नि

भोपाल. 
नोएडा से भोपाल में विवाह के बाद आई 31 वर्षीय मॉडल और एक्ट्रेस त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। अब इस हाई-प्रोफाइल प्रकरण में सच्चाई की तह तक पहुंचने के लिए रविवार को भोपाल एम्स में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद यह प्रक्रिया की गई, जिससे मौत के कारणों को लेकर उठ रहे सवालों के जवाब तलाशे जा सकें। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया करीब तीन घंटे तक चली। इसके बाद  दिल्ली एम्स से आई विशेषज्ञों की टीम वापस रवाना हो गई।

पोस्टमार्टम के बाद स्वजनों को ट्विशा की बॉडी सौंप दी गई। त्विषा को लाल जोड़े में अर्थी पर लिटाया गया। इस दौरान माहौल काफी भावुक हो गया। शाम करीब सवा पांच बचे भदभदा विश्राम घाट पर त्विषा का अंतिम संस्कार किया गया। त्विषा के भाई ने चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान भदभदा घाट पर मीडियाकर्मियों के जमावड़े के साथ पुलिस बल भी मौजूद रहा। अनेक पूर्व सैनिक भी त्विषा के अंतिम संस्कार में शामिल हुए।    

सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लेकर बढ़ाई मामले की गंभीरता
उधर, इस मामले ने अब राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींच लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रकरण पर स्वतः संज्ञान लेते हुए विशेष सुनवाई तय की है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की विशेष पीठ सोमवार 25 मई को इस मामले पर सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत ने मामले को “एक युवती की उसके ससुराल में अप्राकृतिक मृत्यु से जुड़े कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं” के रूप में दर्ज किया है। इस टिप्पणी ने शुरुआती पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

ससुराल में मिला था शव, पति पुलिस रिमांड पर
गौरतलब है कि दिसंबर में विवाह बंधन में बंधीं त्विषा शर्मा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे पर लटकी मिली थीं। घटना के बाद परिजनों ने दहेज प्रताड़ना के आरोप लगाए, जिसके आधार पर पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। करीब 10 दिन तक फरार रहने के बाद समर्थ सिंह शुक्रवार को जबलपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण करने पहुंचा था, जहां से पुलिस उसे हिरासत में लेकर भोपाल लाई। स्थानीय अदालत ने उसे सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। वहीं, सास गिरिबाला सिंह बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद पुलिस के समक्ष पूछताछ के लिए पेश नहीं हुई हें।

इस बीच मृतका के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए जल्द से जल्द सीबीआई जांच शुरु करने की मांग दोहराई है। राज्य सरकार पहले ही सीबीआई जांच की सिफारिश कर चुकी है। फिलहाल सभी की निगाहें दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई हैं।

UPSC Prelims में अभ्यर्थियों की अग्निपरीक्षा! तपती जमीन पर नंगे पैर पहुंचे एग्जाम सेंटर

ग्वालियर.

संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) नई दिल्ली की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 रविवार को ग्वालियर शहर के 21 परीक्षा केंद्रों में आयोजित हुई। अभ्यर्थियों की थ्री लेयर चेकिंग के बाद प्रवेश दिया गया। जूते पहनकर परीक्षा देने पहुंचे कई छात्रों को रोका गया और बाहर ही उतरवाए गए।

ऐसे में वे 45 डिग्री सेल्सियस की भीषण गर्मी से तपती जमीन में नंगे पैर कक्ष तक पहुंचे। समय से 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश बंद कर दिया गया था। छात्र एवं छात्राओं के अनुसार पेपर में लेंदी प्रश्न पूछे गए थे, जिस कारण से टाइम मैनेजमेंट में कमी आई। ओवरऑल छात्रों का पहला पेपर माडरेट रहा।

परीक्षा कक्ष में विद्यार्थी गर्मी से रहे बेहाल
प्रारंभिक परीक्षा परीक्षा दो सत्रों में आयोजित होगी, जिसका पहला सत्र सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक कम्प्लीट हो चुका है। इस दौरान छात्राें को गर्मी ने भी बहुत परेशान किया। परीक्षा कक्ष में लगे पंखे भी जवाब दे गए। कुछ संस्थानों में पसीने से तर बरत होकर विद्यार्थियों ने परीक्षा दी। अब दूसरा पेपर दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक होगा। सुरक्षा की दृष्टि से परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए हैं। पहले पेपर से दुखी छात्र दूसरे पेपर की तैयारी के लिए सड़क किनारे पेड़ की छांव में करते नजर आए।

इन केंद्रों पर हुई परीक्षा
वीआरजी कालेज, एमएलबी कालेज, साइंस कालेज, बीएड कालेज, केआरजी कालेज, पद्मा स्कूल, गजराराजा स्कूल, गवर्नमेंट एसएस स्कूल टकसाल, पावनबीसी स्कूल, कालपी ब्रिज स्कूल, पालीटेक्निक कालेज, गोरखी स्कूल, गवर्नमेंट कन्या विद्यालय शिंदे की छावनी, गवर्नमेंट हायर सेकंडरी स्कूल मामा का बाजार, गवर्नमेंट हिंदी विद्यापीठ, एमएलबी स्कूल मुरार, उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक एक, जीवाजी राव स्कूल, महाराजा मानसिंह कालेज।

छात्रों ने कहा…
बदले पैटर्न से हुई परेशानी: पेपर का इस बार पैटर्न बदला हुआ था, जो कि टफ था। सवाल लेंदी थे, जिन्हें समझने में दिक्कत आई। समय प्रबंधन की कमी रही, जिस कारण से कुछ प्रश्न छूट गए।
-दुष्यंत कुमार, महोबा

चौथी बार कर रही प्रयास: मैंने चौथा अटेम्प्ट दिया है। इस बार का पेपर मुझे टफ लगा। मैं पहले तीन बार मेंस तक पहुंच चुकी हूं, लेकिन साक्षात्कार में नहीं हो सका। इस बार सिलेक्शन के लिए प्रयासरत हूं।
– निधि बरैया, सिथौली

यह मेरा पहला अटेम्प्ट है: मुझे पेपर माडरेट लगा। सवालों को घुमाकर पूछा गया था, जिससे कई सवाल छूट गए। यह मेरा पहला अटेम्प्ट है, इसलिए मुझे ज्यादा चिंता नहीं है। अागे और अच्छा करूंगा।
– सचिन द्विवेदी, मुरार

पुलिस में हूं, सपना आइएएस बनना: मैं पुलिस में हूं, शिवपुरी में सेवाए दे रहा हूं। मैं अपने सीनियर्स से बहुत प्रभावित हूं। उनकी तरह ही मैं आइएएस, आइपीएस बनना चाहता हूं, इसलिए नौकरी के साथ तैयारी कर रहा हूं।
– आदित्य तिवारी, दतिया

गर्मी से परेशान हुए: परीक्षा के खौफ के साथ ही गर्मी ने बहुत परेशान किया। कक्ष में पंखों की स्थिति सही नहीं थी। इसलिए एक तरफ पसीना पोछते रहे और दूसरी तरफ प्रश्न पत्र हल करते रहे।
– ललित सूर्यवंशी, ग्वालियर

सीहोर में 15 दिन की बिजली कटौती पर फूटा गुस्सा, ग्रामीणों ने किया चक्काजाम

अमलाहा.

बीते 15 दिनों से लगातार रात्रि में की जा रही बिजली कटौती से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणजन अमलाहा डीसी पहुंचे, जहां उन्होंने चक्का जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि रात में बार-बार बिजली काटे जाने से आमजन, किसान और व्यापारियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी
ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा और तत्काल रात्रिकालीन बिजली कटौती बंद करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि आगामी 72 घंटे के भीतर व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो समस्त ग्रामवासी उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा के नेतृत्व में नई और पुरानी चंदेरी के ग्रामीणों ने यह अनोखा प्रदर्शन किया। हाथों में मशालें थामे लोगों ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पटाखे फोड़कर अपना विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच रात में 2 से 3 घंटे तक लगातार दो से तीन बार बिजली काटी जा रही है। पेयजल संकट और मच्छरों का बढ़ा प्रकोप रात के समय बिजली गुल रहने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा, बिजली के अभाव में पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं। इस कारण गांवों में पेयजल का गहरा संकट उत्पन्न हो गया है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

शहरों को 24 घंटे बिजली, गांवों में अंधेरा प्रदर्शन कर रहे किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन शहरों को 24 घंटे बिजली देकर ‘वीआईपी ट्रीटमेंट’ दे रहा है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों को अंधेरे में रखा जा रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि यदि प्रदेश में बिजली का कोई बड़ा संकट है, तो सरकार को औद्योगिक क्षेत्रों और फैक्ट्रियों की बिजली काटनी चाहिए। बिजली संकट का खामियाजा गरीब किसानों और ग्रामीणों को नहीं भुगतना चाहिए। सीएम से हस्तक्षेप की मांग, आंदोलन की चेतावनी ग्रामीणों ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री से इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि रात्रिकालीन बिजली कटौती तुरंत बंद करने के सख्त निर्देश जारी किए जाएं। यदि बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन और चक्काजाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

V-MARC की नई वायर रेंज लॉन्च, बोले विशेषज्ञ — “सुरक्षा और तकनीक का नया दौर शुरू”

विवेक झा, भोपाल। विद्युत और पावर केबल उद्योग की अग्रणी कंपनी V-MARC ने राजधानी भोपाल में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में अपनी अत्याधुनिक वायर रेंज E Beam Cross Linked Flexi TUF HFFR Wire सहित कई नए विद्युत उत्पादों का अनावरण किया। कंपनी ने दावा किया कि यह वायर देश की सबसे सुरक्षित वायर श्रेणी में शामिल है, जो आधुनिक तकनीक और उच्च सुरक्षा मानकों के साथ तैयार की गई है।

कार्यक्रम में भोपाल और आसपास के क्षेत्रों के 90 से अधिक डीलर्स एवं व्यापारियों ने हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान कंपनी अधिकारियों ने नई तकनीकों, विद्युत सुरक्षा और वायर उद्योग के भविष्य पर विस्तार से चर्चा की।

150 डिग्री तापमान पर भी प्रभावी, E-Beam तकनीक बनी खासियत

कंपनी अधिकारियों ने बताया कि नई वायर रेंज में अत्याधुनिक Electron Beam Cross Linked Technology का उपयोग किया गया है। इस तकनीक के कारण वायर का इंसुलेशन अत्यधिक तापमान में भी सुरक्षित और प्रभावी बना रहता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक यह वायर लगभग 150 डिग्री सेल्सियस तापमान पर भी बेहतर प्रदर्शन करने में सक्षम है। यही वजह है कि इसे हाई सेफ्टी और हाई परफॉर्मेंस श्रेणी का उत्पाद माना जा रहा है।

कंपनी का कहना है कि इस तकनीक से वायर की मजबूती, लचीलापन और अग्नि सुरक्षा क्षमता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। HFFR तकनीक होने के कारण आग लगने की स्थिति में धुआं और जहरीली गैसें भी कम निकलती हैं, जिससे मानव सुरक्षा बढ़ती है।

“तकनीकी नवाचार ही हमारी पहचान”

कार्यक्रम में कंपनी के FMEG नेशनल हेड विनय दामोदर राव, मध्य प्रदेश स्टेट हेड नीरज खटोड़ एवं उनकी टीम मौजूद रही। अधिकारियों ने कहा कि V-MARC लगातार तकनीकी नवाचार और आधुनिक समाधान विकसित करने के लिए जानी जाती है।

नीरज खटोड़ ने बताया कि कंपनी समय-समय पर अपने उत्पादों में तकनीकी उन्नयन करती रहती है ताकि ग्राहकों को सुरक्षित, आधुनिक और विश्वसनीय उत्पाद उपलब्ध कराए जा सकें।

इसी क्रम में कंपनी ने वायर एवं केबल के साथ-साथ स्विचेस, MCBs, फैन, गीजर और स्ट्रीट लाइट जैसे कई नए उत्पाद भी बाजार में उतारे हैं।

हर उत्पाद की कई स्तरों पर जांच

मध्य प्रदेश स्टेट हेड नीरज खटोड़ ने बताया कि किसी भी उत्पाद को बाजार में उतारने से पहले विभिन्न तकनीकी और गुणवत्ता परीक्षणों से गुजरना पड़ता है। प्रत्येक उत्पाद की सुरक्षा, मजबूती और कार्यक्षमता की कई चरणों में जांच की जाती है ताकि अंतिम उपभोक्ता को उच्च गुणवत्ता वाला उत्पाद मिल सके।

व्यापारियों ने भी नई वायर रेंज को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप बताते हुए सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

कच्चे माल की महंगाई और प्रतिस्पर्धा से जूझ रही वायर इंडस्ट्री

कॉपर और एल्यूमिनियम की कीमतों ने बढ़ाई चिंता

देश की वायर और केबल इंडस्ट्री इस समय जहां तेजी से बढ़ती मांग का लाभ उठा रही है, वहीं दूसरी ओर कच्चे माल की महंगाई और बढ़ती प्रतिस्पर्धा उद्योग के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।

मीडिया से बातचीत में नीरज खटोड़ ने बताया कि कॉपर और एल्यूमिनियम की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव से उत्पादन लागत बढ़ रही है। इसका सबसे ज्यादा असर छोटे और मध्यम स्तर के निर्माताओं पर पड़ रहा है। सीमित मार्जिन और लंबी क्रेडिट अवधि के कारण कई व्यापारियों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है।

इंफ्रास्ट्रक्चर और EV सेक्टर से बढ़ रही मांग

बिजली, रियल एस्टेट, रेलवे इलेक्ट्रिफिकेशन, स्मार्ट सिटी, डेटा सेंटर और सोलर प्रोजेक्ट्स में तेजी से हो रहे निवेश के कारण वायर और केबल इंडस्ट्री का भविष्य मजबूत दिखाई दे रहा है।

इसके अलावा इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग नेटवर्क के विस्तार से भी उच्च गुणवत्ता वाले वायर और केबल की मांग तेजी से बढ़ रही है।

नकली वायर से सुरक्षा पर खतरा

उद्योग जगत ने बाजार में बिक रहे नकली और घटिया गुणवत्ता वाले वायर को गंभीर चिंता का विषय बताया। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे उत्पाद न केवल उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि ब्रांडेड कंपनियों की छवि को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

व्यापारिक संगठनों ने सरकार से गुणवत्ता नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को और सख्त करने की मांग की है।

“आने वाले वर्षों में तेजी से बढ़ेगा बाजार”

नीरज खटोड़ का मानना है कि भारत में तेजी से बढ़ते शहरीकरण, बिजली खपत और औद्योगिक विकास के चलते वायर एवं केबल सेक्टर आने वाले वर्षों में मजबूत वृद्धि दर्ज करेगा। नई तकनीक, सुरक्षित उत्पाद और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर की बढ़ती जरूरत इस उद्योग को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।

खंडवा को रेलवे की बड़ी सौगात! जयपुर-हैदराबाद के बीच नई साप्ताहिक ट्रेन शुरू

खंडवा/भोपाल.

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जयपुर-हैदराबाद के बीच रेल यात्रियों की मांग को देखते हुए स्थाई साप्ताहिक ट्रेन की सुविधा दी है। इस ट्रेन के स्थाई शुरू होने से जयपुर हैदराबाद के बीच यात्रा करने की आम जनों को सुविधा मिलेगी। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल के प्रयासों से खंडवा को अनेक ट्रेनों के स्टापेज मिल रहे हैं।

मध्य रेल समिति सदस्य मनोज सोनी ने बताया कि खंडवा स्टेशन से देशभर के शहरों से सीधी रेल कनेक्टिविटी सुलभ मिल सके इसको लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। रेलवे द्वारा समय समय पर त्योहारों और पिक सीजन। में स्पेशल ट्रेनें चलाई जाती है। जिसे सीजन, त्यौहार खत्म होने पर बंद कर दिया जाता है। इसके अंतर्गत स्पेशल किराया ट्रेन 07019/20 जयपुर हैदराबाद साप्ताहिक चलाई जा रही थी। इसमें लगातार यात्रियों का रिस्पॉन्स मिल रहा था।

अब रेलवे बोर्ड में इसे स्थाई साप्ताहिक चलाने का परिपत्र जारी किया है। 24 जुलाई 2026 से ट्रेन संख्या 17089 प्रति शुक्रवार हैदराबाद से रवाना होकर अगले दिन खंडवा प्रति शनिवार सुबह 9.25 बजे आगमन कर जयपुर के लिए रवाना होगी। वापसी में 26 जुलाई 2026 से ट्रेन संख्या 17090 प्रति रविवार जयपुर से निकलकर खंडवा प्रति सोमवार सुबह 11.30 बजे आकर हैदराबाद जाएगी ।इसके स्थाई परिचालन से रेल यात्रियों को स्पेशल का अतिरिक्त किराया नहीं चुकाना पड़ेगा। यात्रियों को नार्मल किराया देना होगा साथ ही स्पेशल ट्रेने अनेकों बार विलंब से चलती है। अब यह स्थाई होने से समय पर भी चलेगी। सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है।

ट्रेन के स्टापेज
हैदराबाद, सिकंदराबाद,कामारेड्डी,निजामाबाद, मूदखेड़, नांदेड़, पूर्णा जंक्शन, बसमत, हिंगोली, वाशिम, अकोला जंक्शन, मलकापुर, खंडवा जंक्शन, इटारसी, भोपाल, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बिजयनगर, अजमेर जंक्शन, मादार जंक्शन, किशनगढ़, फुलेरा और जयपुर।

सप्ताह में चार दिन ट्रेन की सुविधा:
12719/20 जयपुर हैदराबाद द्वि साप्ताहिक
17019/20 हिसार जयपुर हैदराबाद साप्ताहिक
17089/90 जयपुर हैदराबाद साप्ताहिक (24 जुलाई से शुरू)

ट्विशा केस में बड़ा अपडेट! दिल्ली All India Institute of Medical Sciences की टीम ने पूरा किया दूसरा पोस्टमार्टम

नई दिल्ली.

नोएडा की 33 वर्षीय मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आज का दिन अहम है। भोपाल एम्स में पुलिस की भारी मुस्तैदी के बीच ट्विशा का दूसरा पोस्टमार्टम किया जा रहा है। इस संवेदनशील मामले में मौत का सच जानने के लिए दोबारा यह प्रक्रिया अपनाई गई।

ट्विशा के भाई मेजर हर्षित ने बताया कि पोस्टमॉर्टम के बाद भदभदा श्मशान घाट में शाम 5 बजे अंतिम संस्कार किया जाएगा। बता दें कि दिल्ली एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की चार सदस्यीय टीम रविवार को ही भोपाल पहुंची। राज्य सरकार की औपचारिक अपील और भोपाल कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली एम्स के निदेशक खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः लिया है संज्ञान
इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की विशेष पीठ सोमवार, 25 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत ने इस स्वतः संज्ञान मामले को “एक युवती की उसके ससुराल में अप्राकृतिक मृत्यु में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितताएं” शीर्षक दिया है, जो पुलिस व स्थानीय प्रशासन की शुरुआती भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ससुराल में मिला था शव, पति 7 दिन की रिमांड पर
गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही शादी के बंधन में बंधीं त्विषा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे पर लटकी पाई गई थीं। मृतका के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसके बाद त्विषा के पति वकील समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

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