समाज का मूल आधार है सहकारिता : मंत्री विश्वास कैलाश सारंग

हस्तशिल्प से आजीविका संवर्धन संगोष्ठी में कढ़ाई एवं जूट शिल्प टूलकिट वितरित, कॉमन फैसिलिटी सेंटर और Coopcraft पोर्टल का शुभारंभ

भोपाल। सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा कि समाज का मूल आधार सहकारिता है और सहयोग, समन्वय व सहभागिता के बिना किसी भी कार्य में सफलता संभव नहीं है। वे मध्यप्रदेश राज्य सहकारी संघ में आयोजित “हस्तशिल्प से आजीविका संवर्धन” विषयक संगोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि राज्य सहकारी संघ द्वारा संचालित योजनाओं के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण और टूलकिट के माध्यम से हस्तशिल्प कार्यों को गति मिलेगी, जिससे परिवारों की आय में वृद्धि होगी और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार द्वारा वित्त पोषित सीएचसीडीएस योजना के अंतर्गत निर्मित कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) का लोकार्पण भी किया गया। प्रारंभिक चरण में यह सुविधा केंद्र इंदौर, भोपाल और नौगांव में स्थापित किए गए हैं।

मंत्री श्री सारंग ने कार्यक्रम में प्रतीक स्वरूप छह महिला प्रतिभागियों — किरण राजपूत, नीलम यादव, आशा मेहरा, कविता रजक, सोनी यादव और महिमा यादव — को कढ़ाई एवं जूट शिल्प टूलकिट वितरित किए।

इस अवसर पर “सहकारिता के नवयुग का शंखनाद” पुस्तिका का विमोचन भी किया गया, जिसमें अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के दौरान मध्यप्रदेश में हुए कार्यों और गतिविधियों का संकलन प्रस्तुत किया गया है। साथ ही “Coopcraft” वाणिज्यिक पोर्टल का शुभारंभ भी किया गया।

कार्यक्रम को सहकारिता आयुक्त मनोज पुष्प ने भी संबोधित किया। शुरुआत में राज्य सहकारी संघ के प्रबंध संचालक ऋतुराज रंजन ने स्वागत भाषण दिया। कार्यक्रम में हस्तशिल्प के उप संचालक वैभव यशवंत मोहारे और अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज गुप्ता सहित अनेक अधिकारी एवं प्रतिभागी उपस्थित रहे।

100 करोड़ की लागत से तेजी से आकार ले रहा श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर

मंत्री विश्वास सारंग ने किया निरीक्षण, कहा – आस्था, संस्कृति और विकास का बनेगा नया प्रतीक

राजधानी भोपाल के प्राचीन और प्रसिद्ध श्रद्धा केंद्र श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से निर्माणाधीन “श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर” तेजी से आकार ले रहा है। सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों को तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।

मंत्री श्री सारंग ने कहा कि छोला स्थित श्री खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। सदियों पुरानी इस आस्था को भव्य स्वरूप देने के उद्देश्य से “विरासत भी और विकास भी” की भावना के साथ हनुमान लोक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है।

करीब 21 एकड़ क्षेत्र में बनने वाले इस भव्य कॉरिडोर को महाकाल लोक की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से विकसित किया जाएगा। परियोजना में श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था, आकर्षक कॉरिडोर, दर्शक दीर्घा, पार्किंग, सार्वजनिक आयोजनों के लिए आधुनिक अधोसंरचना और सौंदर्यीकरण कार्य शामिल हैं।

मंत्री श्री सारंग ने बताया कि मंदिर परिसर का विकास प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला के अनुरूप किया जा रहा है, जिसमें राजस्थान के व्हाइट मार्बल का उपयोग होगा। साथ ही सुंदरकांड की झलक प्रस्तुत करने वाला आध्यात्मिक और भव्य कॉरिडोर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगा।

दशहरा मैदान में भी आधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। यहां विशाल मंच, दर्शक दीर्घा, रावण दहन स्थल और सार्वजनिक आयोजनों के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार की जाएंगी। परिसर के चारों ओर 15 मीटर चौड़ी कांक्रीट सड़क भी बनाई जा रही है, जिससे यातायात और आवागमन सुगम होगा।

परियोजना के तहत दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों का निर्माण प्रस्तावित है, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

निरीक्षण के दौरान मंत्री श्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के दौरान श्रद्धालुओं, स्थानीय रहवासियों और व्यापारियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए तथा कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में “श्री खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर” भोपाल की नई पहचान बनकर उभरेगा।

कोयंबटूर की दर्दनाक घटना ने झकझोरा देश, संवेदनशीलता पर उठे सवाल

मासूम बच्ची के साथ हुई दरिंदगी के बाद वायरल प्रेस कॉन्फ्रेंस वीडियो पर जनता नाराज़, समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की जरूरत

तमिलनाडु के के सुलुर क्षेत्र में एक 10 वर्षीय बच्ची के साथ हुई दर्दनाक घटना ने पूरे देश को भावुक और आक्रोशित कर दिया है। इस घटना ने न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

घटना के बाद पुलिस प्रशासन द्वारा आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ अधिकारी बातचीत के दौरान मुस्कुराते नजर आए। वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने इसे गंभीर मामले के प्रति असंवेदनशील रवैया बताते हुए नाराज़गी जताई।

हालांकि प्रशासन का कहना है कि मामले में तेजी से कार्रवाई की गई है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि ऐसे संवेदनशील मामलों में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों की भाषा, व्यवहार और प्रस्तुति कितनी महत्वपूर्ण होती है।

समाज के लिए क्या है संदेश?

यह घटना केवल एक अपराध की खबर नहीं है, बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी भी है। बच्चों की सुरक्षा केवल कानून या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर परिवार, स्कूल और नागरिक का कर्तव्य है।

  • बच्चों को “गुड टच” और “बैड टच” की जानकारी देना जरूरी है।
  • माता-पिता को बच्चों के व्यवहार और मानसिक स्थिति पर लगातार ध्यान देना चाहिए।
  • स्कूलों और समाज में सुरक्षा और जागरूकता को लेकर नियमित अभियान चलाए जाने चाहिए।
  • सोशल मीडिया पर संवेदनशील मुद्दों पर जिम्मेदारी और मर्यादा बनाए रखना भी बेहद जरूरी है।

संवेदनशीलता ही सबसे बड़ी जिम्मेदारी

ऐसी घटनाएं हमें याद दिलाती हैं कि किसी भी पीड़ित की पहचान और सम्मान की रक्षा करना समाज और मीडिया दोनों की जिम्मेदारी है। जागरूकता फैलाना जरूरी है, लेकिन मानवता और संवेदनशीलता उससे भी ज्यादा जरूरी है।

यह समय केवल गुस्सा जाहिर करने का नहीं, बल्कि बच्चों के लिए सुरक्षित और जागरूक समाज बनाने की दिशा में मिलकर काम करने का है।

में तेज रफ्तार कार का कहर, बाइक सवार दंपति को मारी जोरदार टक्कर

हरमाड़ा थाना क्षेत्र में सड़क पार करते समय हुआ हादसा, सीसीटीवी में कैद हुई पूरी घटना; कार चालक मौके से फरार

के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार का एक और खतरनाक मामला सामने आया है। लोहा मंडी के पास सड़क पार कर रहे बाइक सवार दंपति को एक तेज रफ्तार कार ने जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि बाइक सवार पुष्पेंद्र सिंह और उनकी पत्नी वंदना कंवर करीब 20 फीट दूर जाकर गिरे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक सवार बिना पूरी तरह ट्रैफिक देखे जल्दबाजी में सड़क पार कर रहे थे। इसी दौरान तेज गति से आ रही कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे में दोनों को कई फ्रैक्चर और गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार दोनों की हालत गंभीर बनी हुई है।

पूरी घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। वीडियो में कार की तेज रफ्तार साफ दिखाई दे रही है। हादसे के तुरंत बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जल्द ही फरार चालक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

वक्फ बोर्ड स्कॉलरशिप से 850 छात्रों को मिला सहारा, CM बोले- शिक्षा ही बदलाव की ताकत

भोपाल 

भोपाल के रवींद्र भवन में सोमवार को मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड का राज्य स्तरीय स्कॉलरशिप वितरण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 850 मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की। इस दौरान उन्होंने कहा कि शिक्षा ही युवाओं को आगे बढ़ाने और समाज की तस्वीर बदलने का सबसे बड़ा माध्यम है। कार्यक्रम में पढ़ो-पढ़ाओ, राष्ट्र निर्माण में भागीदार बनें का संदेश भी दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा से ही समाज मजबूत होगा और युवा देश की प्रगति में अहम भूमिका निभाएंगे। 

पहली बार राज्य स्तर पर दिया गया स्कॉलरशिप वितरण
वक्फ बोर्ड के गठन के बाद पहली बार प्रदेश स्तर पर इतने बड़े पैमाने पर स्कॉलरशिप वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि बोर्ड अब तक 1452 बच्चों को दोबारा शिक्षा से जोड़ चुका है। इनमें ऐसे छात्र भी शामिल हैं, जिन्होंने आर्थिक तंगी या सामाजिक परिस्थितियों के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ दी थी। समारोह में मध्यप्रदेश राज्य वक्फ बोर्ड, कमेटी इंजामिया औकाफ-ए-अम्मा, औकाफ-ए-खास भोपाल और ताजुल मसाजिद से जुड़े पदाधिकारी भी मौजूद रहे।

स्कॉलरशिप सिर्फ मदद नहीं, सपनों की उड़ान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को पूरा करने का जरिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़-लिखकर डॉक्टर, इंजीनियर और दूसरे क्षेत्रों में आगे बढ़ने की अपील की। सीएम ने कहा कि शिक्षा इंसान को नई दिशा देती है और समाज को मजबूत बनाती है। उन्होंने रहीम के दोहे का उल्लेख करते हुए शिक्षा को जीवन की सबसे बड़ी ताकत बताया।

सरकार भी देगी बराबर की सहायता राशि
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिन विद्यार्थियों को वक्फ बोर्ड की ओर से स्कॉलरशिप दी गई है, उन्हें राज्य सरकार भी उतनी ही सहायता राशि उपलब्ध कराएगी। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग के युवाओं को शिक्षा और रोजगार से जोड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

वक्फ संपत्तियों से बढ़ेगी शिक्षा की मदद
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए वक्फ कानून लागू होने के बाद व्यवस्थाओं में सुधार आया है। वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है और अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई भी चल रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और सुधार के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि इन संपत्तियों की आय बढ़ाकर गरीब और जरूरतमंद बच्चों, खासकर बेटियों की शिक्षा में इस्तेमाल किया जाए।

माफियाओं से संपत्तियां छुड़ाकर समाजहित में करेंगे उपयोग
सीएम ने कहा कि वक्फ की जमीनों और संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराया जा रहा है। इन संपत्तियों से मिलने वाली आय को शिक्षा, स्कॉलरशिप और समाज कल्याण के कार्यों में लगाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थियों को लाभ मिल सके।

 

त्विषा केस: सास की अग्रिम जमानत पर सुनवाई अब 27 मई को, हाईकोर्ट ने दिया समय

भोपाल 

भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा की दहेज हत्या के अपराध में आरोपी सास तथा पूर्व भोपाल जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत के खिलाफ प्रदेश सरकार के साथ त्विषा शर्मा के पिता ने भी हाईकोर्ट की शरण ली है। हाईकोर्ट जस्टिस देवनारायण मिश्रा की एकलपीठ द्वारा दोनों याचिकाओं पर सोमवार को संयुक्त रूप से सुनवाई की गई।  

याचिका की सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह के अधिवक्ता की तरफ से बताया गया कि शिकायतकर्ता की तरफ से दायर याचिका की कॉपी उन्हें नहीं मिली है। एकलपीठ ने अनावेदिका गिरिबाला सिंह को याचिका की कॉपी उपलब्ध करवाने के निर्देश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई 27 मई को निर्धारित की है।

गौरतलब है कि प्रदेश सरकार की तरफ से भोपाल की पूर्व जिला व सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को दहेज हत्या के अपराध में मिली अग्रिम जमानत याचिका निरस्त करने हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। इसके अलावा जमानत का मिलने पर वह साक्ष्यों को प्रभावित कर सकती हैं। सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता ने एकलपीठ को बताया कि भोपाल की पूर्व सत्र व जिला न्यायाधीश की बहू त्विषा शर्मा की 12 मई को रात में संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई थी। इसका पोस्टमार्टम 13 मई को हुआ था। उन्होने 14 मई को अग्रिम जमानत के लिए आवेदन किया था। उन्हें अगले दिन न्यायालय ने अग्रिम जमानत का लाभ मिल गया।

सोमवार को याचिका की सुनवाई के दौरान अनावेदिका की तरफ से बताया गया कि प्रदेश सरकार की तरफ से दायर याचिका की कॉपी उन्हें मिल गई है। शिकायतकर्ता की तरफ से दायर याचिका की कॉपी उन्हें नहीं मिली है। एकलपीठ ने उक्त आदेश जारी करते हुए याचिका पर अगली सुनवाई बुधवार को निर्धारित की है। प्रदेश सरकार की तरफ से सॉलीसिटर जनरल तुषार मेहता व महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, याचिकाकर्ता की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लुथरा तथा अनावेदिका की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता मीनाक्षी अरोरा पैरवी के लिए उपस्थित हुईं। 

MP का यह एयरपोर्ट जल्द जुड़ेगा दुनिया से, अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए सर्वे शुरू

भोपाल

भोपाल का राजा भोज एयरपोर्ट “इंटरनेशनल एयरपोर्ट” के रूप में जाना जाता है। पिछले दो वर्षों से इंडिगो और एयर इंडिया जैसी एयरलाइंस दुबई के लिए डायरेक्ट फ़्लाइट शुरू करने को लेकर सर्वे और संभावनाएं तलाश रही हैं। कई बार यात्रियों की संख्या और व्यावसायिक व्यवहार्यता का आकलन भी किया गया, हालांकि अब तक कोई स्थायी शेड्यूल जारी नहीं हो पाया। भोपाल एयरपोर्ट से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालित करने के लिए अधिकारी पूरा जोर लगा रहे हैं। एयरपोर्ट का तेजी से विकास किया जा रहा है। यहां के नए अराइवल एरिया में अब यात्रियों के लिए रिजर्व लाउंज और प्री-पेड टैक्सी बुकिंग जैसी सुविधाएं भी शुरू की गई हैं।

दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कुछ अन्य घरेलू शहरों के लिए उड़ानें

वर्तमान में भोपाल से मुख्य रूप से दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कुछ अन्य घरेलू शहरों के लिए उड़ानें संचालित हो रही हैं। लेकिन राजधानी होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय कनेक्टविटी का अभाव शहर की व्यापारिक और पर्यटन संभावनाओं को सीमित करता है।

दुबई, सिंगापुर या मध्य-पूर्व के अन्य देशों के लिए सीधी उड़ान
व्यापारिक संगठनों का मानना है कि दुबई, सिंगापुर या मध्य-पूर्व के अन्य देशों के लिए सीधी उड़ान जल्द शुरू की जानी चाहिए। इससे भोपाल को निवेश और व्यापार के क्षेत्र में बड़ा लाभ मिल सकता है।

रिजर्व लाउंज और प्री-पेड टैक्सी सुविधा शुरू
भोपाल के राजाभोज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हाल ही में विकसित किए गए नए अराइवल एरिया में अब यात्रियों के लिए रिजर्व लाउंज और प्री-पेड टैक्सी बुकिंग जैसी सुविधाएं भी शुरू कर दी गई हैं। नियमित उड़ानों से भोपाल आने वाले विशिष्ट और अति विशिष्ट यात्री अब मुख्य लाउंज के बजाय नए रिजर्व लाउंज में समय बिता सकेंगे। एयरपोर्ट अथॉरिटी द्वारा शुरू किए गए इस नए अराइवल एरिया का अब तक करीब एक लाख यात्री उपयोग कर चुके हैं।

एस्केलेटर और हेल्प डेस्क से यात्रियों को राहत
यात्रियों की सुविधा के लिए यहां ”मे आइ हेल्प यू” काउंटर भी बनाया गया है, जहां एयरपोर्ट परिसर और सेवाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। नए अराइवल एरिया में यात्री एयरपोर्ट से बाहर निकलने से पहले ही प्री-पेड टैक्सी बुक करा सकेंगे। इससे भोपाल आने वाले यात्रियों को बड़ी सुविधा मिल रही है।

विमान से उतरने के बाद सीधे एस्केलेटर के जरिए बाहर
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्रियों की आवाजाही आसान बनाने के लिए एस्केलेटर सुविधा भी उपलब्ध कराई है। अब यात्री विमान से उतरने के बाद सीधे एस्केलेटर के जरिए बाहर पार्किंग क्षेत्र तक पहुंच सकते हैं। पहले यात्रियों को पार्किंग तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

नरोत्तम मिश्रा की बढ़ सकती है सियासी भूमिका, BJP प्रदेश प्रभारी की बैठक से अटकलें तेज

दतिया 
 मध्य प्रदेश में दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य के दोनों बड़े दलों ने अंदरखाते में तैयारियां शुरु कर दी है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश मिलने के बाद दतिया कलेक्टर ने चुनाव संबंधी तैयारियां भी शुरू कर दी है। अटकलें हैं कि यदि उपचुनाव होते है तो दिग्गज नेता व पूर्व गृहमंत्री भाजपा के संभावित उम्मीदवार हो सकते हैं। इसी बीच मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मध्य प्रदेश भाजपा प्रभारी महेंद्र सिंह से मुलाकात की। यह मुलाकात नरोत्तम मिश्रा के भोपाल स्थित निवास पर हुई।

इस मुलाकात को दतिया उपचुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। इस दौरान डॉ. मिश्रा ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने संगठनात्मक गतिविधियों, प्रदेश की राजनितिक परिस्थितियों एंव विभिन्न समसामयिक विषयों पर लंबी चर्चा की।

दरअसल, यदि दतिया में उपचुनाव होते हैं, तो कांग्रेस और भाजपा दोनों ही पार्टियां हर हालत में इस चुनाव को जीतना चाहती है। भाजपा नरोत्तम मिश्रा के जरिए दतिया सीट पर वापसी करना चाहती है। वहीं नरोत्तम मिश्रा भी हर हाल में इस चुनाव को जीतना चाहते हैं। क्योंकि उनके पास सत्ता में वापसी का ये सुनहरा मौका है। यही वजह है कि भाजपा इस उपचुनाव को बेहद गंभीरता से ले रही है और रणनीति तैयार करने में जुट गई है। दतिया सीट भाजपा के लिए इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने डॉ. नरोत्तम मिश्रा को कड़े मुकाबले में हराया था। नरोत्तम मिश्रा के लिए ये चुनाव उनके राजनीतिक सफर के लिए बेहद अहम है।

वहीं अगर कांग्रेस की बात करें तो कांग्रेस कोर्ट के जरिए उपचुनाव को रोकना चाहती है, वहीं यदि उपचुनाव होते भी हैं तो पार्टी मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतरेगी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि दतिया उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भाजपा और कांग्रेस इसे प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है।

MP का ऐतिहासिक बुरहानपुर बनेगा इंडस्ट्रियल हब, 1000 करोड़ निवेश का मास्टर प्लान तैयार

 बुरहानपुर

बुरहानपुर शहर ऐतिहासिक और यहां सभी धर्मों के संगम के रूप में जाना जाता है। 400 साल पहले मुगल समय से यहां कपड़े की सबसे बड़ी मंडी रही। जिस तरह यहां कपड़े का ताना बाना बुना जाता था, उसी तरह यहां की गंगा-जमुनी तहजीब रही। यहां का कपड़ा दुनियाभर में प्रसिद्ध था, समय के साथ बाजार की चमक जरूर फीकी पड़ी, लेकिन अब बदलते समय यहां का कपड़ा फिर देशभर में सप्लाइ होने लगा। आने वाले पांच सालों में इसे और उड़ान मिलने जा रही है। साथ ही केले के लिए प्रसिद्ध बुरहानपुर में एक्सपोर्ट जोन से लेकर इस पर आधारित कृषि उद्योग की भी रफ्तार बढ़ी है।

टेक्सटाइल उद्योग से ही बुरहानपुर की पहचान
प्रदेश के सबसे बड़े टेक्सटाइल उद्योग के रूप में बुरहानपुर की एक अलग ही पहचान है। आने वाले सालों में इस उद्योग की एक और नई तस्वीर उभरेगी। यहां पर एक हजार करोड़ से अधिक का निवेश होने जा रहा है, जिससे 12 हजार से अधिक नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। 

अभी जो तेजी से प्रयास हो रहे हैं इससे एक नए शहर का भविष्य देखने को मिल रहा है। यहां उद्योग के लिए जो माहौल और जमीन तैयार हुई उसमें स्थानीय ही नहीं बल्कि गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र तक उद्योगपति निवेश में रुचि दिखा रहे हैं। यही वजह है कि 2015-16 तक जो बुरहानपुर का कपड़ा उद्योग 770 करोड़ का था, वह अब 1 हजार करोड़ का होगा। इससे जिले की तस्वीर ही बदल जाएगी।

जानें यहां उद्योग की इकॉनोमी

-211 करोड़ का जीएसटी टैक्स 4 साल में दे चुका है बुरहानपुर

-04 साल पहले तक 60 करोड़ का जाता था टैक्स

-04 हजार रजिस्टर्ड औद्योगिक प्रतिष्ठान यहां

-45 हजार पावरलूम

-05 हजार आधुनिक लूम यहां

-01 लाख लोग कपड़ा उद्योग से जुड़े

-01 लाख लोग केला उद्योग से जुड़े हुए
भविष्य में निवेश की तैयारी

-200 करोड़ रेहटा में निवेश की तैयारी

-400 करोड़ सुखपुरी में निवेश

-200 करोड़ फेयर डील में निवेश

-400 करोड़ चार नई स्पीनिंग मिल प्रस्तावित

– 12 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा
एफॉर्डेबल हाउसिंग पर पड़ सकता है असर

नए नियमों से छोटे और मझोले डेवलपर्स की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का मानना है कि इसका सबसे ज्यादा असरभोपाल और इंदौर जैसे शहरों में होगा। यहां 10 हेक्टेयर क्षेत्र जुटाना छोटे डेवलपर्स के लिए आसान नहीं होगा। वहीं पॉलिसी के तहत डेवलपर के लिए न्यूनतम 5 करोड़ की नेटवर्थ और 6 करोड़ रुपए का औसत वार्षिक टर्नओवर भी प्रभाव डालेगा। साथ ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग में पंजीयन के लिए 50 हजार रुपए खर्च करने होंगे, वहीं पांच साल बाद नवीनीकरण के लिए भी 25 हजार देना होगा।

विशेषज्ञों का कहना है कि छोटे और मझोले डेवलपर्स मध्यमवर्गीय और किफायती आवासीय योजनाएं विकसित करते हैं। ऐसे डेवलपर्स बाजार से बाहर होंगे तो, एफॉर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट्स की संख्या घटने की आशंका है।
नई साधिकार समितियां गठित होंगी

अब टाउनशिप संबंधी प्रस्तावों पर संचालक टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की अध्यक्षता वाली समिति विचार नहीं करेगी। इसके स्थान पर नई साधिकार समितियां गठित की गई हैं। 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में सचिव नगरीय विकास की अध्यक्षता में समिति प्रस्तावों का परीक्षण-अनुमोदन करेगी। वहीं जिलों में अधिकार कलेक्टर की अध्यक्षता वाली समिति को है।
ये क्षेत्र देंगे ऊंची उड़ान
टैक्सटाइल

टैक्सटाइल में बुरहानपुर शहर में विकास की खासी संभावनाएं हैं। यहां का कपड़ा देशभर में सप्लाय होता है, लेकिन इसमें वेल्यू एडिशन के लिए डाइंग, प्रिंटिंग, गारमेंटस, अपेरल मेकिंग को बढ़ावा देना होगा। अभी निम्न गुणवत्ता कपड़ा यहां बन रहा है।
टूरिज्म

यहां का पर्यटन अनछुआ पहलू है। टूरिज्म सर्किट में आना चाहिए। यहां पर टूरिज्म की उद्योग में बढ़ोतरी हुई है। रेस्टोरेंट, होटल, एऊयूजमेंट पार्क भी बढऩा शुरू हो गई, लेकिन अभी इसमें और काम करने जरूरत है। सरकार के साथ हमारा प्रतिनिधित्व करेंगे तो अच्छा लाभ मिल सकते हैं।
ट्रांसपोर्टेशन

देश के मध्य भाग में होने से सेंट्रल लाइन मुख्य रेल मार्ग, सड़क मार्ग बुरहानपुर से जुड़ चुके हैं। फोरलेन बुरहानपुर में पहुंच चुका है। अभी नया हाईवे लगभग बन चुका है। आगे महाराष्ट्र को जोड़ने का काम बाकी है। जबकि नई रेलवे लाइन भी शहर के विकास में उपयोगी होगी।
बुरहानपुर बड़ा केंद्र, बड़े शहर में उभरेगा

बुरहानपुर उद्योग का बहुत बड़ा केंद्र है। यहां आगे टूरिज्म, कृषि और टेक्सटाइल के रूप में अच्छे परिणाम सामने आएंगे। स्वरोजगार यहां अच्छा मिलेगा। अब हाइवे और रेलवे से कनेक्टिविटी भी बहुत अच्छी बन रही है। बुरहानपुर आगे जाकर बड़े शहर के रूप में उभरेगा।

– हर्षसिंह, कलेक्टर, बुरहानपुर
पर्यटन को मिले उड़ान

यहां के उद्योग को उड़ान मिलना चाहिए। बुरहानपुर में मिनी एयरपोर्ट की तैयारी चल रही है, अच्छा है, लेकिन इसे और गति मिलने की जरूरत है। यहां के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। यहां हवाई अड्डे की सुविधा हो जाए तो बुरहानपुर से 105 किमी अजंता, 110 पर ओंकारेश्वर, 165 किमी महेश्वर है।

-होशंग हवलदार, पुरातत्वविद्

100 साल पुराने मकानों के नीचे बनेगी मेट्रो टनल, अंडरग्राउंड रूट को मिली मंजूरी

इंदौर 

इंदौर में मेट्रो के अंडरग्राउंड रूट का काम अब तेजी पकड़ने जा रहा है. सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक के हिस्से को सीएमआरएस (कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी) से हरी झंडी मिल चुकी है, जिसके बाद अब टनल निर्माण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं. इस प्रोजेक्ट के लिए 4 बड़ी टनल बोरिंग मशीनें (टीबीएम) जल्द ही इंदौर पहुंचेंगी. ये मशीनें लगभग 20 मीटर गहराई तक खुदाई करने में सक्षम होंगी. इन मशीनों के कुछ अहम हिस्से जर्मनी में बनाए गए हैं और उनका अंतिम असेंबलिंग कार्य थाईलैंड में किया जा रहा है। 

इन मशीनों को खास तौर पर इंदौर की जमीन और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. शहर के मध्य हिस्से में मेट्रो का अंडरग्राउंड रूट पुराने और घनी आबादी वाले इलाकों से होकर गुजरेगा, जहां 100 साल से भी पुराने मकान मौजूद हैं. ऐसे में खुदाई के दौरान किसी भी तरह के नुकसान से बचने के लिए स्पेशल टेक्निक का इस्तेमाल किया जा रहा है. इंदौर की मिट्टी में हार्ड रॉक, सॉफ्ट सॉइल और मुरम जैसी परतें हैं, इसलिए ‘मिक्स लेयर’ तकनीक वाली मशीनें चुनी गई हैं. हाल ही में मेट्रो कॉर्पोरेशन, कंसल्टेंट और ठेकेदारों की टीम ने जर्मनी और थाईलैंड जाकर मशीनों का अंतिम निरीक्षण भी किया है। 

टनल खुदाई का काम शुरू
भास्कर की रिपोर्ट के हवाले से जुलाई 2026 से टनल खुदाई का काम शुरू करने की योजना है. ये चारों मशीनें शहर के अलग-अलग हिस्सों में काम करेंगी, जिसमें एयरपोर्ट और नगर निगम क्षेत्र से जुड़े स्टेशन और ट्रैक का निर्माण शामिल है. मशीनें जमीन के नीचे जाकर सुरक्षित तरीके से टनल तैयार करेंगी. वहीं, छोटा गणपति स्टेशन पर ‘नेटाम’ तकनीक से निर्माण कार्य पहले से जारी है और वहां खुदाई का काम चल रहा है। 

इसके अलावा शहीद पार्क से खजराना तक मेट्रो ट्रैक और स्टेशन का काम भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. पहले इस रूट को एलिवेटेड बनाने की योजना थी, लेकिन अब इसे अंडरग्राउंड कर दिया गया है. इस बदलाव के चलते टेंडर प्रोसेस में संशोधन किया जा रहा है. फिलहाल, शहीद पार्क से खजराना तक कई स्टेशन और ट्रैक का ढांचा आकार ले रहा है. रेडिसन तक 17 किलोमीटर का मेट्रो कॉरिडोर तैयार हो चुका है और यहां लगातार ट्रायल रन चल रहा है. हालांकि, इसे आम जनता के लिए शुरू करने के लिए अभी पीएम ऑफिस की अंतिम मंजूरी का इंतजार है. इसकी मंजूरी मिलते ही इंदौर में 
मेट्रो सेवाएं और व्यापक स्तर पर शुरू हो जाएंगी। 

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