प्रधानमंत्री मोदी के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

प्रधानमंत्री मोदी के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

प्रदेशवासियों की ओर से किया प्रधानमंत्री मोदी का अभिनंदन

भोपाल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष पूर्ण करने पर हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि देशवासियों की आशा के प्रतीक प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव, डिजिटल क्रांति और वैश्विक नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में डिजिटल इंडिया से गांव-गरीब तक तकनीक की पहुंच सुनिश्चित हुई है। अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से GYAN मंत्र में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान तक, सीमाओं की सुरक्षा से नक्सल व आतंक मुक्त भारत के निर्णायक परिणाम तक, भारत ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। आज भारत वैश्विक मंचों पर निर्णायक नेतृत्व कर रहा है और दुनिया भारत को विश्वास, विकास व वैभव के प्रतीक के रूप में देख रही है।

‘विकसित भारत @ 2047’ के संकल्प को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व राष्ट्र को निरंतर नई ऊंचाइयों की ओर ले जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में प्रधानमंत्री मोदी का इस अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों की ओर से अभिनंदन किया है।

 

ट्विशा शर्मा डेथ केस में CBI की एंट्री, पति-सास पर गंभीर धाराओं में केस; दहेज में 20 लाख लेने का खुलासा

भोपाल 

ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई की एंट्री हो गई है। सीबीआई अधिकारियों की पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ कटारा हिल्स थाने में नई एफआईआर भी दर्ज की है। केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में पहले दर्ज FIR को री-रजिस्टर किया। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में दहेज हत्या, दहेज मांगने और साजिश रचने की धाराएं लगी हैं। इधर पुलिस जांच में भी बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें 20 लाख रुपए मांगने की बात सामने आई। बता दें कि भाई हर्षित शर्मा और पिता नवनिधि शर्मा शुरु से ही इसे दहेज हत्या का केस बता रहे हैं।

आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह केस में बुरी फंस गईं हैं, उनकी अग्रिम जमानत रद्द करवाने दायर याचिकाओं पर सोमवार को मप्र हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। गिरिबाला की ओर से जवाब देने के लिए समय मांगा गया। इस पर जस्टिस देवनारायण मिश्रा की सिंगल बेंच ने अगली सुनवाई 27 मई को दोपहर 2.30 बजे तय की है।

जांच एजेंसी ने इन धाराओं में दर्ज किया केस
सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है. साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 भी लगाई गई हैं. 25 मई 2026 की रात सीबीआई ने एफआईआर नंबर RC0522026S0004 दर्ज किया। 

12 मई को ससुराल में मिला था ट्विशा का शव
मॉडल ट्विशा शर्मा की 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. उसका शव उसके ससुराल में पाया गया था. पहले पोस्टमार्टम में मौत का प्रारंभिक कारण खुदखुशी बताया गया था. परिजनों ने मृतका के पति समर्थ और उसकी मां पूर्व जज गिरिबाला पर ट्विशा को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया कि उनकी मौत फांसी लगाने से हुई. हालांकि शरीर पर चोट के निशान भी मिले, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए। 

3 घंटे चला ट्विशा के शव का सेकंड पोस्टमार्टम
ट्विशा शर्मा के शव का करीब तीन घंटे तक सेकंड पोस्टमार्टम चला. परिजन की मांग पर दिल्ली एम्स की डॉक्टरों की टीम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद सेकंड पोस्टमार्टम किया. एम्स दिल्ली से आई मेडिकल विशेषज्ञों की टीम पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद जरूरी साक्ष्य अपने साथ लेकर वापस रवाना हो गई. इसके बाद ट्वीशा शर्मा का शव परिजनों को सौंपा गया. अस्पताल परिसर में भी मातम पसरा रहा और हर आंख नम दिखाई दी. एक हंसती-मुस्कुराती बेटी की विदाई ने पूरे शहर को गमगीन कर दिया। 

सेलिना जेटली का ट्विशा शर्मा पर पोस्ट
पिछले साल नवंबर में, सेलिना ने अपने पति पीटर हाग के खिलाफ घरेलू हिंसा, क्रूरता और छल का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया और मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रुपये की मांग की थी. उन्होंने अपने दोनों बेटों विंस्टन और विराज से दूर रहने के कारण होने वाली भावनात्मक उथल-पुथल के बारे में भी खुलकर बात की है। 

अपने नोट में, सेलिना ने शर्मा को एक शिक्षित, प्रतिभाशाली युवती के रूप में वर्णित किया, जिसका जीवन दुर्व्यवहार, अलगाव, भावनात्मक पीड़ा और बंद दरवाजों के पीछे हिंसा से घिरा हुआ था। 

उन्होंने इस मामले को लेकर चल रही सार्वजनिक चर्चा का भी जिक्र करते हुए लिखा, ‘और जबकि उनकी अस्थियां अभी ठंडी भी नहीं हुई हैं, जबकि उनका शोक संतप्त परिवार अपनी बेटी के लिए जवाब, पोस्टमार्टम और न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं पौधों को पानी न दिए जाने को लेकर हो रही बातचीत ने इस त्रासदी को अपनी आंखों के सामने घटते देख रहे कई लोगों को परेशान कर दिया है’ .

उन्होंने कहा कि यह मामला दुर्व्यवहार की भयावह सच्चाई को दर्शाता है, जहां महिलाओं की पीड़ा इतनी सामान्य हो जाती है कि धीरे-धीरे उनके आसपास के लोगों के लिए उनका दर्द मायने रखना बंद कर देता है। 

उन्होंने आगे कहा, ‘शादी हमेशा खुशहाल अंत नहीं होता’ और बताया कि हिंसा का सबसे अकेलापन भरा रूप कभी-कभी वह होता है जिसे कोई नहीं देखता. उन्होंने लिखा कि दुर्व्यवहार केवल चोटों तक सीमित नहीं है, बल्कि कभी-कभी यह अलगाव, धीरे-धीरे अपनी दुनिया से अलग हो जाने, बिना परिवार या सहारे के किसी अनजान जगह पर रहने, समस्या की जड़ महसूस करने, या बंद दरवाजों के पीछे अपमान सहने का रूप ले लेता है, जबकि दुनिया मानती है कि जीवन सुंदर है। 

सेलिना ने अपनी स्थिति के बारे में भी बात की. उन्होंने लिखा, ‘मेरे मामले में, मेरे माता-पिता पहले ही गुजर चुके थे, मैं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं थी, और सबसे बढ़कर, मेरे तीन छोटे बच्चे थे। 

अभिनेत्री ने कहा कि वह जरूरत से ज्यादा समय तक वहां रहीं क्योंकि उनका मानना ​​था कि परिवार को एक साथ रखना ही सही था और वह नहीं चाहती थीं कि उनके बच्चों को कष्ट सहना पड़े। 

उसने बताया कि उसके पास सहारा देने वाला कोई नहीं था और उसे यह स्वीकार करने में शर्म आती थी कि वह कितनी अकेली हो गई है और उसने आगे कहा कि समय के साथ अकेलापन गहराता जाता है, दीवारें खामोश और भारी होती जाती हैं, और दिन धुंधले होते जाते हैं जब तक कि व्यक्ति अपनी ही वास्तविकता पर संदेह करने लगता है। 

अपने नोट के अंत में उन्होंने लिखा, ‘आप खुद को यह समझाने लगते हैं कि जीवित रहना ही जीना है’. आगे कहा, ‘ट्विशा शर्मा के परिवार और बंद दरवाजों के पीछे पीड़ा सहने वाली हर महिला के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. माता-पिता, दोस्तों और परिवार वालों, अगर आपकी बेटी आपसे संपर्क करे, तो उसे वापस ले आइए’. एक्ट्रेस ने नोट के आखिरी में लिखा, उन्हें अपनी बेटी को बर्बाद करने नहीं देना चाहिए। 

 

 

एमपी लॉकर ऐप: नागरिक सेवाओं का सुगम माध्यम

एमपी लॉकर ऐप: नागरिक सेवाओं का सुगम माध्यम

कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित स्वचालित दस्तावेज़ खोज और वैधता समाप्ति अलर्ट जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हुआ डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म

भोपाल

नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नागरिक सेवाओं के लोक-कल्याणकारी एवं डिजिटल रूपांतरण की दिशा में एक युगांतरकारी नवाचार करते हुए एमपी लॉकर ऐप को राज्य स्तरीय डिजिटल दस्तावेज़ प्लेटफ़ॉर्म के रूप में स्थापित किया गया है। यह प्रयास “डिजिटल गवर्नेंस” एवं “पेपर लेस एडमिनिस्ट्रेशन” के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य सरकार की एक उल्लेखनीय और अभूतपूर्व उपलब्धि बनकर उभरा है। इससे प्रदेश के नागरिकों को अपने महत्वपूर्ण शासकीय अभिलेखों व प्रमाण-पत्रों को सुरक्षित रखने के लिए डिजिटल कवच प्राप्त हुआ है। यह ऐप गुगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध है।

दस्तावेज़ों का सुरक्षित संचयन एवं सर्वसुलभ उपलब्धता

एमपी लॉकर ऐप से राज्य के नागरिक अपने महत्वपूर्ण शासकीय दस्तावेज़ों- जैसे विभिन्न प्रमाण-पत्र, अनुज्ञप्ति (लाइसेंस), अनापत्ति प्रमाण-पत्र कर रसीदें एवं अन्य विधिक प्रलेखों को कभी भी और कहीं से भी सुरक्षित रूप से प्राप्त, संचयित एवं साझा कर सकते हैं। वर्तमान में इस अत्याधुनिक प्लेटफ़ॉर्म पर eNP, ABPAS एवं भोपाल नगर निगम से संबंधित 22 से अधिक नागरिक केंद्रित सेवाएँ सुगमता से उपलब्ध हैं। इनमें मुख्य रूप से संपत्ति कर रसीद, जल कर रसीद, व्यापार अनुज्ञप्ति (ट्रेड लाइसेंस), अग्नि सुरक्षा प्रमाण-पत्र, विवाह प्रमाण-पत्र, भवन अनुज्ञा (बिल्डिंग परमिशन) तथा संपत्ति नामांतरण जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण सेवाएँ समाहित हैं।

नवाचार के मुख्य आकर्षण: एआई क्षमताएं और ‘वैधता समाप्ति चेतावनी’

एमपी लॉकर ऐप की विशेषता इसका कृत्रिम बुद्धिमत्ता से सुसज्जित स्वरूप है, जो नागरिकों को निम्नलिखित विशिष्ट सुविधाएँ प्रदान करता है:

स्वचालित दस्तावेज़ अभिज्ञान नागरिकों को अब अपने दस्तावेज़ों को खोजने के लिए किसी मैन्युअल अन्वेषण या जटिल प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता। यह ऐप पंजीकृत मोबाइल नंबर से संबद्ध समस्त शासकीय दस्तावेज़ों की स्वतः पहचान कर उन्हें तत्काल स्क्रीन पर प्रदर्शित कर देता है।

वैधता समाप्ति पूर्व सूचना: नागरिक हितों को सर्वोपरि रखते हुए इसमें रिमाइंडर सिस्टम जोड़ा गया है। यह प्रणाली किसी भी दस्तावेज़ या लाइसेंस की वैधता समाप्त होने से पूर्व ही नागरिक को स्वतः सूचित कर सचेत कर देती है, जिससे समय रहते उनका नवीनीकरण सुनिश्चित हो सके और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

सप्ताहों का कार्य अब क्षणों में: समय और श्रम की बचत

एमपी लॉकर ऐप के क्रियान्वयन से प्रशासनिक कार्यप्रणाली में दक्षता आई है। नागरिकों की शासकीय कार्यालयों तक होने वाली 70 से 80 प्रतिशत भौतिक यात्राओं में कमी दर्ज की गई है, जिससे उनके धन और श्रम दोनों की महती बचत हो रही है। दस्तावेज़ों को प्राप्त करने की अवधि दिनों से घटकर क्षणों में सिमट गई है।

भाषिनी’ प्लेटफ़ॉर्म से सर्वसमावेशी स्वरूप और ‘एंटीटी लॉकर’ का भविष्य

एमपी लॉकर ऐप को सर्वसमावेशी एवं जन-जन के लिए सुलभ बनाने के लिये भारत सरकार के “भाषिनी” प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से बहुभाषीय समर्थन प्रदान किया गया है, जो भाषाई बाधाओं को दूर कर अंतिम छोर के व्यक्ति तक सुशासन की पहुँच सुनिश्चित करता है।

राज्य सरकार की इस दूरदर्शी योजना के अंतर्गत आगामी चरणों में मध्यप्रदेश सहित केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों की लोक-सेवाओं को भी क्रमिक एवं व्यवस्थित रूप से एमपी लॉकर ऐप के साथ एकीकृत किया जाएगा। इसके साथ ही, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों एवं उद्यमों के लिए “एंटीटी लॉकर” की विशेष सुविधा का प्रावधान भी किया जा रहा है, जिसके माध्यम से संस्थान अपने महत्वपूर्ण वाणिज्यिक एवं वैधानिक दस्तावेज़ों को सुरक्षित परिवेश में संचयित और प्रबंधित कर सकेंगे।

 

MP में भीषण गर्मी का कहर, 45 शहर हीटवेव की चपेट में; 5 जिलों में रेड अलर्ट जारी

भोपाल 

मध्यप्रदेश में इस बार नौतपा की शुरुआत अलग अंदाज में हुई है। एक तरफ प्रदेश के 45 शहर भीषण लू और तेज गर्मी की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ कई जिलों में आंधी और बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। मौसम विभाग ने 28 मई से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने के संकेत दिए हैं। इसके तहत प्रदेश के 14 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू का रेड अलर्ट है। वहीं भोपाल, ग्वालियर समेत 45 जिलों में हीटवेव जैसे हालात बने रहे। इधर, इंदौर और नर्मदापुरम संभाग में गर्मी से थोड़ी राहत मिलने के आसार जताए गए हैं। 

एमपी के सबसे गर्म शहर
शहर     तापमान
खजुराहो    47.2
नौगांव    46.8
दतिया    45.6
मंडला     45.5
टीकमगढ़    45.3
खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म

निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू का रेड अलर्ट है। अभी छतरपुर के दो शहर-खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म बने हुए हैं। यहां पारा लगातार 45 डिग्री के पार बना हुआ है। भोपाल-ग्वालियर समेत कुल 45 जिले हीटवेव की चपेट में रहेंगे। इंदौर, नर्मदापुरम में भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है।
प्रमुख शहरों का तापमान
शहर     तापमान
भोपाल    43.4
ग्वालियर    44.0
नर्मदापुरम     44.6
इंदौर    41.6
उज्जैन    41.8
जबलपुर    43.9
रीवा    44.6

तीन दिन बाद बारिश का दौर

मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक मौसम का फोरकास्ट जारी किया है। इनमें 28 मई को ग्वालियर, चंबल, सागर और जबलपुर संभाग के 14 जिलों में बारिश, गरज-चमक का अलर्ट है। इससे पहले 25 मई को भी बारिश हुई। पश्चिमी हिस्से से एक टर्फ के गुजरने की वजह से ऐसा मौसम रहा।
इन शहरों में रातें सबसे गर्म
शहर    तापमान
ग्वालियर, दतिया    32.0
गुना     31.6

रायसेन-राजगढ़
    31.0
टीकमगढ़    30.2
जबलपुर     30.1
छिंदवाड़ा    30.0

भोपाल में हर साल नौतपा में बारिश

भोपाल में पिछले 14 साल में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज हुई, जबकि 2 बार सिर्फ बूंदाबांदी हुई थी। इस बार शुरुआत में ही बूंदाबांदी हो गई है। 2018 और 2019 में सबसे ज्यादा तपिश रही, जब औसत तापमान 43 से ऊपर पहुंचा था।

खजुराहो में पारा 47.2 डिग्री

प्रदेश में नौतपा के पहले दिन कहीं बारिश तो कहीं भीषण गर्मी रही। छतरपुर के दोनों शहर- खजुराहो और नौगांव भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहे। खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ओवरआॅल पहली बार इतना पारा पहुंचा। नौगांव में तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

28 मई से बदल सकता है मौसम
मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक प्रदेश में भीषण गर्मी का असर बना रहेगा, लेकिन 28 मई से मौसम करवट ले सकता है। ग्वालियर, चंबल, सागर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में हल्की बारिश, तेज हवा और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इसके पीछे पश्चिमी हिस्से से गुजर रहा टर्फ सिस्टम बताया जा रहा है। 28 मई को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में हल्की बारिश हो सकती है।

इन जिलों में लू का सबसे ज्यादा खतरा
रेड अलर्ट-निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना।
ऑरेंज अलर्ट-  रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, गुना, नरसिंहपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, भिंड और दतिया।
येलो अलर्ट- भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, शहडोल, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और अनूपपुर।

दोपहर 12 से 3 बजे तक सबसे ज्यादा खतरा
मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में बेवजह बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने को कहा गया है। पर्याप्त पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है। 

भोपाल में 43.4 डिग्री पर पारा

चंबल अंचल के दतिया में 45.6 डिग्री, मंडला में 45.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 45.3, सतना में 44.9, दमोह-रीवा में 44.6 डिग्री, राजगढ़ में 44.5 डिग्री, गुना में 44.3 डिग्री और शाजापुर में 44 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में सबसे ज्यादा 44 रहा। भोपाल में 43.4, इंदौर में 41.4, उज्जैन में 41.8 और जबलपुर में 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया।

18 जिलों में तीव्र लू का आरेंज अलर्ट:  रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, गुना, नरसिंहपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, भिंड और दतिया में तीव्र लू का आरेंज अलर्ट है।

22 जिलों में लू का येलो अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, शहडोल, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और अनूपपुर में लू का येलो अलर्ट है।

PM मोदी पर लिखी शिवराज की किताब का विमोचन, बोले- करीब से देखा उनका कर्मयोगी व्यक्तित्व

भोपाल 

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपनी नई पुस्तक ‘अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं की पारंपरिक कार्यशैली और तकनीक को अपनाने में आई शुरुआती झिझक का जिक्र किया। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता पारंपरिक तरीके से काम करते रहे हैं और कई बार तकनीक का व्यापक उपयोग करने की मानसिकता नहीं रही। उन्होंने मोबाइल फोन के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय इसे ‘फाइव-स्टार कल्चर’ से जोड़ा जाता था।

सुनाया ईमेल आईडी और पीएम मोदी से जुड़ा किस्सा
विमोचन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि जब नरेंद्र मोदी पार्टी के प्रभारी के तौर पर मध्य प्रदेश आए थे, तब मैं राज्य इकाई में महासचिव था। इस दौरान चुनाव तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई थी।

शिवराज सिंह ने कहा, ”बैठक के दौरान जब पीएम मोदी ने पूछा कि किसके पास ईमेल आईडी है, तो उस समय शायद ही किसी के पास इसका जवाब था। लोग एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। तब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर ने मजाक में पूछा, ”नरेंद्र भाई, आप यह ‘फीमेल-फीमेल’ क्या कह रहे हैं? इस फीमेल-ईमेल से क्या होगा?” इस पर सब हंस पड़े और कुछ लोगों के चेहरे पर व्यंग्यात्मक भाव भी थे।”इस पुस्तक का विमोचन पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने किया। समारोह में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान समेत करीब एक दर्जन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए।

शिवराज ने की पीएम मोदी की दूरदर्शिता की तारीफ
उन्होंने कहा कि इसके बावजूद नरेंद्र भाई ने ईमेल और तकनीक के महत्व पर जोर दिया। चौहान ने कहा कि पीएम मोदी ने दूसरों से बहुत पहले यह समझ लिया था कि अगर भारत के भविष्य को आकार देना है और एक विकसित भारत का निर्माण करना है, तो प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनकी यह दूरदर्शिता पार्टी के भीतर तकनीक को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई।

पीएम मोदी के साथ पहली मुलाकात का किया जिक्र
अपनी पुस्तक के विमोचन पर केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा भी बताया। उन्होंने कहा, “आतंकवाद अपने चरम पर था। कश्मीर घाटी में, कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। डॉ. मुरली मनोहर जोशी भाजपा के अध्यक्ष थे। भाजपा ने तय किया कि एकता यात्रा का नेतृत्व वे करेंगे और श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा, “नरेंद्र भाई को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। जब मैं पहली बार नरेंद्र भाई से मिला, तो उस पहली मुलाकात में ही मैंने उनके विचार देखे: जनता तक पहुंचना, लोगों को एकजुट करना और देशभक्ति की भावना जगाना। उन्होंने कहा  कि तिरंगा सिर्फ श्रीनगर के लाल चौक पर ही नहीं फहराया जाएगा। तिरंगा देश के हर नागरिक के दिल में लहराना चाहिए।” 

कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और गिरिराज सिंह सहित कई दिग्गज नेता मौजूद हैं।

1991 से लेकर अब तक के अनुभव
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह किताब उनके लिए सिर्फ एक पुस्तक नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिताए लंबे समय का अपनापन है। 1991 की एकता यात्रा से लेकर आज तक के अनुभवों को इसमें शामिल किया गया है। उस समय मुरली मनोहर जोशी की यात्रा में नरेंद्र मोदी संगठनात्मक प्रभारी थे।

किताब युवाओं को प्रेरित करेगी
शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि यह पुस्तक युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित करेगी। इसमें अनुशासन, तपस्या, समर्पण और लोगों के साथ अपनापन से बड़े लक्ष्य हासिल करने की सीख दी गई है। किताब में मोदी जी के नेतृत्व, सुशासन, राष्ट्र सेवा और नीति निर्माण के व्यक्तिगत पक्षों को खास तौर पर उजागर किया है।

वह एक सच्चे कर्मयोगी और असाधारण इंसान
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी-कभी आपको ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने का मौका मिलता है जिसे दुनिया नेता कहती है, लेकिन वास्तव में वह एक सच्चे कर्मयोगी और असाधारण इंसान होते हैं। वह इंसान हैं नरेंद्र मोदी।

आज 26 मई का वह ऐतिहासिक दिन है, जब नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 12 वर्ष पूरे हो गए, लेकिन मेरा और उनका साथ 35 साल पुराना है। इन 35 वर्षों में मैंने उन्हें हर क्षण देश के लिए जीते हुए देखा है। उनका हर कदम देश की प्रगति और विकास के लिए उठा है। मुझे उनके साथ अनेक भूमिकाओं में संगठन के कार्यकर्ता के नाते काम करने का मौका मिला।

मुख्यमंत्री के नाते भी हमने साथ काम किया
शिवराज ने कहा- मुख्यमंत्री के नाते भी हमने साथ काम किया और फिर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में तथा बाद में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री के नाते उनके साथ काम कर रहा हूं। मैंने उनसे अनेक प्रेरणाएं प्राप्त कीं। कैसे ऐसे निर्णय लिए जाएं, जिनसे जनता का जीवन बदले।

इसलिए लिखी अपनापन
शिवराज ने कहा- मुझे लगा कि यह अनुभव केवल मेरे पास तक क्यों रहे। यह केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग प्रशासनिक अधिकारी, प्रोफेशनल्स, उद्योगपति, समाज सुधारक, महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण से जुड़े लोगों सभी के लिए उपयोगी है।

इसलिए मेरे मन में यह भाव आया कि अपने अनुभवों और सीख को एक पुस्तक के रूप में देशवासियों को समर्पित करूं। इसी का परिणाम है ‘अपनापन’।

एकता यात्रा से शुरू हुआ था मेरा-उनका साथ
मेरा और उनका पहला साथ एकता यात्रा से प्रारंभ हुआ था। उस समय आतंकवाद चरम पर था और कश्मीर घाटी के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की कल्पना भी कठिन थी। भाजपा ने तय किया कि उनके नेतृत्व में एकता यात्रा निकलेगी और कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा, जिससे पूरे भारत को भावनात्मक रूप से एक किया जा सके।

इस यात्रा का संचालन नरेंद्र मोदी को मिला। मैं उस समय लोकसभा उपचुनाव जीतकर पहुंचा था। मेरे पास प्रमोद महाजन का फोन आया कि एकता यात्रा के लिए केसरिया वाहिनी बनाई जा रही है, तुम्हें उसका संयोजक बनाया जा रहा है।

हर नौजवान के दिल में फहराया जाएगा तिरंगा
मेरी पहली मुलाकात नरेंद्र भाई से उसी दौरान हुई। पहली बैठक में उन्होंने कहा कि तिरंगा केवल श्रीनगर के लाल चौक पर ही नहीं, बल्कि देश के हर नौजवान के दिल में फहराया जाएगा। 23 जनवरी को फगवाड़ा में आतंकवादियों ने यात्रा में शामिल बस पर हमला किया, जिसमें छह कार्यकर्ता बलिदान हो गए।

लोगों ने सोचा कि यात्रा रुक जाएगी, लेकिन नरेंद्र मोदी ने कहा कि श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने का संकल्प पूरा होगा।

उस समय केंद्र सरकार ने यात्रा रोकने की कोशिश की, लेकिन देशभक्ति के दीवाने कहां रुकने वाले थे। अंततः निर्णय हुआ कि कुछ लोग ही आगे बढ़ेंगे और श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा। डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी और नरेंद्र मोदी ने लाल चौक पर तिरंगा फहराया।

उनका गला रुंध गया और वे भावुक हो गए
जम्मू में लौटने पर लाखों कार्यकर्ताओं की सभा हुई, जहां उनका भाषण आज भी याद है। उन्होंने कहा था कि वे कार्यकर्ता भी लाल चौक नहीं पहुंच पाए जो दिन-रात इस यात्रा में लगे थे। यह कहते-कहते उनका गला रुंध गया और वे भावुक हो गए। मैंने देखा कि काम के लिए जितने कठोर नरेंद्र मोदी हैं, उतने ही कार्यकर्ताओं के लिए संवेदनशील भी हैं।

भविष्य की टेक्नोलॉजी को पहले ही पहचान लिया
पहले जब मोबाइल का उपयोग शुरू हुआ था, तब भी कई लोग इसे ‘फाइव स्टार संस्कृति’ मानते थे। मध्य प्रदेश में जब नरेंद्र मोदी प्रभारी बनकर आए थे, तब मैंने देखा कि वे ईमेल आईडी और कंप्यूटर का महत्व समझते थे। उस समय जब उन्होंने पूछा कि किसके पास ईमेल आईडी है तो सन्नाटा छा गया। कुछ लोग इसे समझ नहीं पाए, लेकिन उन्होंने भविष्य की टेक्नोलॉजी को पहले ही पहचान लिया था।

50 हजार से कम फॉलोअर तो नहीं मिलेगी टिकट
उन्होंने हमेशा टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और आधुनिक साधनों के महत्व को समझा और समय के अनुसार उनका उपयोग किया। जब सोशल मीडिया का महत्व लोग ठीक से नहीं समझते थे, तब भी उन्होंने कहा था कि जनता से जुड़ने के लिए इसका उपयोग जरूरी है।

उन्होंने सुझाव दिया था कि हर सांसद और विधायक के 50 हजार से कम फॉलोअर होने पर टिकट मिलने में भी कठिनाई हो सकती है, ताकि जनता से सीधा संवाद मजबूत हो सके।

केंद्रीय मंत्री शिवराज ने मोदी से जुड़े किस्से सुनाए

पानी : मोदी जी ने रेगिस्तान, हमने मालवा में पानी पहुंचा दिया
शिवराज ने कहा– कांग्रेस सरकारों के दौरान नर्मदा पर बांधों को लेकर आंदोलन खड़े किए जाते थे। ऐसा नैरेटिव बनाया जाता था कि बांध बनने से मध्य प्रदेश डूब जाएगा और गुजरात को फायदा होगा। मैं 2005 में मुख्यमंत्री बना। मोदी जी ने मुझे गुजरात भवन बुलाया और फैसला किया कि जो बांध बन चुके हैं, उन्हें भरा जाएगा और उनकी ऊंचाई बढ़ाई जाएगी। मोदी जी ने गुजरात के रेगिस्तान तक पानी पहुंचा दिया। हमने मालवा के पठार और निमाड़ क्षेत्र के ऊंचाई वाले इलाकों में पानी लिफ्ट कर जल की व्यवस्था की।

MP में CNG फिर महंगी, भोपाल में ₹94.75 प्रति किलो पहुंचा रेट; 10 दिन में दूसरी बढ़ोतरी

भोपाल 

ईरान जंग के बीच मध्य प्रदेश में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी, CNG के रेट 10 दिन में दूसरी बार बढ़े हैं। भोपाल में यह 1 रुपए प्रति किलो तक महंगी कर दी गई है। अब यह 94.75 रुपए प्रतिकिलो में मिल रही है।

इससे पहले 16 मई को करीब 3 रुपए प्रतिकिलो रेट बढ़े थे। फिलहाल थिंक गैस एजेंसी ने कीमतें बढ़ाई हैं। इसकी सप्लाई भोपाल समेत आसपास के जिलों में है। दो महीने में यह तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है। तीन बार में सीएनजी 6 रुपए किलो तक महंगी हुई है।

प्रदेश में 3 कंपनियों की सप्लाई मध्य प्रदेश में 3 गैस एजेंसियां- थिंक, गेल और अवंतिका सीएनजी की सप्लाई करती हैं। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शिवपुरी, विदिशा समेत आसपास के जिलों में थिंक कंपनी सप्लाई करती है, जबकि इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर संभाग में अवंतिका की सप्लाई है। गेल कंपनी की भी कई जिलों में सप्लाई है।

भोपाल के 25 पंपों पर सीएनजी राजधानी में कुल 152 पेट्रोल पंप है। इनमें से 12 पंप ऐसे हैं। जहां सीएनजी गैस भी मिलती है। वहीं थिंक गैस के मैनिट, नीलबड़, होशंगाबाद रोड, बैरागढ़ रोड समेत कई जगहों पर भी कुल 25 स्टेशन है। यहां पर रेट बढ़े हैं।

50% तक बढ़ी CNG गाड़ियों की बिक्री पिछले तीन साल में भोपाल में सीएनजी गाड़ियों की बिक्री 50% तक बढ़ी है। शोरूम से हर रोज सीएनजी बेस्ड 10 से 15 गाड़ियां बिक रही है। इसकी मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल के मुकाबले सीएनजी से एवरेज ज्यादा मिलना है। वहीं, सीएनजी के रेट भी कम है।

सीएनजी क्या है और यह कैसे बनती है? सीएनजी का पूरा नाम कंप्रेस्ड नेचुरल गैस है। यह मुख्य रूप से मीथेन गैस से बनती है और पेट्रोल-डीजल के मुकाबले बहुत कम प्रदूषण फैलाती है। यह गैस जमीन के नीचे बने तेल और गैस के कुओं से प्राकृतिक रूप से निकलती है।

इसके बाद फैक्ट्रियों में इसे रिफाइन करके इसकी नमी और अशुद्धियां साफ की जाती हैं। फिर इस प्राकृतिक गैस पर बहुत ज्यादा प्रेशर डाला जाता है, जिससे यह भारी गैस कम जगह में सिमट जाती है। इसी दबी हुई गैस को सिलेंडरों में भरकर गाड़ियों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

ईंधन महंगा…पेट्रोल-डीजल के चार बार बढ़ चुके हैं रेट इससे पहले सोमवार को ऑयल कंपनियों ने 11 दिन के अंदर पेट्रोल-डीजल के रेट चौथी बार बढ़ा दिए थे। 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा किया गया। मध्य प्रदेश में रेट 3 रुपए तक बढ़े हैं। नए रेट के बाद एमपी में डीजल 100 रुपए के पार पहुंच गया, जबकि पेट्रोल 116 रुपए या उससे ज्यादा हो गया है।

नए रेट के मुताबिक भोपाल में पेट्रोल 114.65 रुपए और डीजल 99.74 रुपए प्रति लीटर हो गया है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में उज्जैन में तेल सबसे महंगा है। वहां डीजल 100.11 रुपए और पेट्रोल 115.03 रुपए में मिलेगा। इंदौर में पेट्रोल 114.54 रुपए और डीजल 99.57 रुपए में मिलेगा। जबलपुर और ग्वालियर में भी कीमतें बढ़ी हैं।

6 साल बाद एक्टिव हुआ MP महिला आयोग, घरेलू हिंसा और पारिवारिक मामलों में दिखा सख्त रुख

भोपाल 
 मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग में करीब छह साल के लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर जनसुनवाई की शुरुआत होने से पीड़ित महिलाओं में न्याय की नई उम्मीद जगी है. भोपाल में सोमवार को आयोजित पहले सत्र में आयोग की नवनियुक्त अध्यक्ष रेखा यादव और सदस्य साधना स्थापक की संयुक्त बेंच ने घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और उत्पीड़न से जुड़े गंभीर मामलों की सुनवाई की. पहले ही दिन बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर पहुंचीं, जहां उनकी समस्याएं विस्तार से सुनी गईं और संबंधित पक्षों को भी बुलाकर जवाब-तलब किया गया। 

ह साल बाद शुरू हुई जनसुनवाई, महिलाओं को राहत की उम्मीद
महिला आयोग के नए गठन के बाद यह पहला मौका है, जब जनसुनवाई आयोजित की गई. लंबे समय से लंबित मामलों और शिकायतों के कारण पीड़ित महिलाओं को काफी इंतजार करना पड़ा था. ऐसे में इस पहल को बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है। 

पहले दिन 40 मामलों की सुनवाई
आयोग कार्यालय में आयोजित इस जनसुनवाई में भोपाल जिले के करीब 40 प्रकरण प्रस्तुत किए गए. अध्यक्ष रेखा यादव और सदस्य साधना स्थापक ने एक-एक कर सभी मामलों को गंभीरता से सुना. आवेदिकाओं की शिकायतों के साथ-साथ दूसरे पक्ष के बयान भी दर्ज किए गए, ताकि मामलों का निष्पक्ष समाधान किया जा सके। 

बेटी से मिलने नहीं देने का मामला बना चर्चा का केंद्र
जनसुनवाई के दौरान एक संवेदनशील मामला सामने आया, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया कि शादी के बाद उसे अपनी बेटी से मिलने नहीं दिया जा रहा है. महिला ने बताया कि ससुराल पक्ष उस पर मानसिक दबाव बना रहा है. वहीं, दामाद पर आरोप है कि वह अपनी पत्नी के जरिए मायके वालों के खिलाफ झूठे केस दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है. इस मामले में एक और चौंकाने वाला पहलू सामने आया, जहां बहू पर ससुराल पक्ष के खिलाफ झूठी घरेलू हिंसा की शिकायत करने के लिए दबाव बनाया जा रहा था और इसके बदले एक करोड़ रुपए के लेन-देन की बात कही गई. आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए। 

समझौते के बावजूद भरण-पोषण विवाद
एक अन्य मामले में घरेलू हिंसा के साथ आर्थिक विवाद भी जुड़ा हुआ था. सुनवाई में सामने आया कि पहले ही समझौते के तहत महिला को राशि दी जा चुकी है और बच्ची के नाम पर एक प्लॉट भी रजिस्टर्ड किया गया है. इसके बावजूद आवेदिका अतिरिक्त भरण-पोषण की मांग कर रही थी. आयोग ने दोनों पक्षों को सुनकर नियमानुसार आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए। 

आयोग की सख्त चेतावनी
आयोग ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के अधिकारों का हनन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा. शिकायतों के निराकरण में देरी नहीं होने दी जाएगी और हर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी। 

मंगलवार को भी जारी रहेगी सुनवाई
सोमवार की तरह मंगलवार को भी जनसुनवाई का सिलसिला जारी रहेगा. इसके लिए करीब 42 नए मामलों को सूचीबद्ध किया गया है. ऐसे में आने वाले दिनों में और भी कई पीड़ित महिलाओं को अपनी बात रखने और न्याय पाने का अवसर मिलेगा। 

ट्विशा दहेज हत्या केस में CBI की एंट्री तेज, आज समर्थ की कस्टडी लेकर WhatsApp-Call रिकॉर्ड खंगालेगी टीम

भोपाल 

ट्विशा शर्मा की मौत मामले में अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने केस दर्ज कर लिया है और आगे की जांच करेगी. सीबीआई ने ट्विशा के पति समर्थ और सास के खिलाफ मामला दर्ज किया है. इससे पहले सोमवार (25 मई) को एजेंसी ने जांच का जिम्मा संभालने और आवश्यक दस्तावेज और सबूत जुटाने के लिए भोपाल में एक स्पेशल क्राइम यूनिट भेजी। 

मुलाकात के बाद, सीबीआई ने प्रक्रिया के अनुसार, भोपाल पुलिस की एफआईआर को पुनः दर्ज किया, जिसमें समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया था। 

सीबीआई के हाथ में आई जांच, नई टीम गठित
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआई ने औपचारिक रूप से जांच शुरू कर दी है. भोपाल के कटारा हिल्स थाने में पहले दर्ज एफआईआर को एजेंसी ने री-रजिस्टर किया है. इस मामले की जांच दिल्ली में पदस्थ एसपी राजबीर सिंह के नेतृत्व में की जाएगी, वहीं डीएसपी निशु कुशवाहा को जांच अधिकारी (आईओ) नियुक्त किया गया है. सीबीआई टीम अब पूरे मामले की नई सिरे से पड़ताल करेगी।

 आज समर्थ सिंह की कस्टडी लेगी CBI
सूत्रों के अनुसार, सीबीआई बुधवार को मुख्य आरोपी समर्थ सिंह को कस्टडी में लेकर पूछताछ शुरू कर सकती है. एजेंसी डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर उससे गहन पूछताछ करेगी. सीबीआई की नजर व्हाट्सएप चैट्स, कॉल डिटेल्स और पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर है, जिनके जरिए घटनाक्रम की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जाएगी। 

12 मई को हुई थी संदिग्ध मौत
यह मामला भोपाल के कटारा हिल्स इलाके का है, जहां 12 मई 2026 की रात करीब 10:20 बजे ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की सूचना पुलिस को मिली थी. शुरुआती जांच में सामने आया कि ट्विशा की मौत फांसी लगाने से हुई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में ‘एंटेमॉर्टम हैंगिंग’ यानी जीवित अवस्था में फांसी की पुष्टि हुई, लेकिन शरीर पर चोटों के निशान मिलने से मामला और संदिग्ध हो गया। 

गिरिबाला सिंह का आरोप, ट्विशा को ड्रग्स की लत थी
ट्विशा (33) का शव 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स इलाके में उनके ससुराल में फंदे से लटका मिला था. उनके परिवार ने ससुराल वालों पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाया है. वहीं, ट्विशा के ससुराल वालों ने दावा किया कि उसे मादक पदार्थों की लत थी। 

दहेज और प्रताड़ना के गंभीर आरोप
मृतका के परिजनों ने पति समर्थ सिंह और सास गिरीबाला सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. शिकायत में कहा गया है कि शादी के बाद से ही ट्विशा को दहेज के लिए परेशान किया जाता था. बताया गया कि शादी के दौरान करीब 2 लाख रुपए का दबाव डालकर लेन-देन कराया गया और इसके बाद भी लगातार अतिरिक्त रकम की मांग की जाती रही. इसके अलावा, ट्विशा के साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप भी सामने आए हैं। 

गर्भपात कराने का भी आरोप
एफआईआर के अनुसार, अप्रैल 2026 में ट्विशा गर्भवती थी. परिजनों का आरोप है कि पति और सास ने उसके चरित्र पर सवाल उठाते हुए दबाव बनाकर गर्भपात करवाया. यह आरोप मामले को और गंभीर बना रहे हैं, जिस पर सीबीआई विशेष रूप से जांच कर रही है। 

इन कानूनी धाराओं में दर्ज हुआ मामला
सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) के साथ-साथ दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत प्रकरण दर्ज किया है. मध्यप्रदेश सरकार की सहमति के बाद केंद्र सरकार ने 25 मई को अधिसूचना जारी कर सीबीआई को जांच का अधिकार सौंपा था। 

डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्य होंगे अहम
सीबीआई अब इस मामले में डिजिटल सबूतों की गहराई से जांच करेगी. व्हाट्सएप चैट्स, कॉल रिकॉर्ड्स, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजों के आधार पर घटनाक्रम को पुनर्निर्माण किया जाएगा. इसके साथ ही पोस्टमार्टम में मिले चोटों के निशान और उनके कारणों का भी विश्लेषण किया जाएगा। 

परिवार को निष्पक्ष जांच की उम्मीद
सीबीआई की एंट्री के बाद परिजनों को अब निष्पक्ष और सटीक जांच की उम्मीद जगी है. यह मामला न सिर्फ एक संदिग्ध मौत बल्कि दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दों को भी उजागर करता है. आने वाले दिनों में आरोपी से पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर इस मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना है। 

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने सोमवार को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि वह सुनिश्चित करेगी कि इस मामले की जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूर्वाग्रह रहित हो। 

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं और दहेज निषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है. प्राथमिकी में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और उनकी सास एवं पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को नामजद किया गया है। 

दोनों परिवारों को सलाह- मीडिया से बात न करें
पीठ ने कहा, ‘‘हम पीड़ित परिवार के सदस्यों के साथ-साथ आरोपियों के परिवार के सदस्यों से भी कहना चाहेंगे कि वे सार्वजनिक रूप से या मीडिया मंचों पर बयान देने के बजाय जांच एजेंसी के समक्ष अपनी बात दर्ज कराएं, ताकि जारी जांच पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े और कोई पूर्वाग्रह नहीं हो। 

आस्था, संस्कृति और विकास का संगम बनेगा खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर : मंत्री सारंग

आस्था, संस्कृति और विकास का संगम बनेगा खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर : मंत्री सारंग

लगभग 100 करोड़ की लागत से तेजी से आकार ले रहा खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर
मंत्री विश्वास सारंग ने दिए तय समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश

भोपाल 

राजधानी भोपाल के प्राचीनतम और श्रद्धा के प्रमुख केंद्र खेड़ापति हनुमान मंदिर परिसर में निर्माणाधीन खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर के निर्माणाधीन कार्यों का सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि कॉरिडोर का निर्माण चरणबद्ध तरीके से तय समय सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाए, जिससे श्रद्धालुओं को शीघ्र बेहतर एवं आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

आस्था और विरासत को मिलेगा भव्य स्वरूप

मंत्री सारंग ने कहा कि छोला स्थित खेड़ापति हनुमान मंदिर भोपाल की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। सदियों से यह मंदिर लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। इसी विरासत को संरक्षित करते हुए “विरासत भी और विकास भी” की भावना के साथ खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना भोपाल की सांस्कृतिक धरोहर को भव्य स्वरूप प्रदान करेगी और आने वाले समय में धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनेगी।

निर्माण कार्य समय सीमा में पूर्ण करने के निर्देश

निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने लोक निर्माण विभाग एवं नगर निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों में श्रद्धालुओं, स्थानीय रहवासियों एवं व्यापारियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कार्यों के क्रियान्वयन में न्यूनतम विस्थापन सुनिश्चित किया जाए तथा यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।

100 करोड़ की लागत से विकसित होगा हनुमान लोक

मंत्री सारंग ने बताया कि लगभग 100 करोड़ रुपए की लागत से विकसित हो रहे खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर को महाकाल लोक की तर्ज पर आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है। करीब 21 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस परियोजना में मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण के साथ श्रद्धालुओं के लिए सुगम दर्शन व्यवस्था, भव्य कॉरिडोर, दर्शक दीर्घा, सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए अधोसंरचना, पार्किंग और अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

नागर शैली में होगा मंदिर परिसर का विकास

मंत्री सारंग ने बताया कि मंदिर परिसर के विकास कार्यों में राजस्थान के व्हाइट मार्बल का उपयोग करते हुए प्राचीन नागर शैली की वास्तुकला को विशेष रूप से शामिल किया जा रहा है। मंदिर परिसर में सुंदरकांड की झलक दर्शाने वाला भव्य और गरिमामयी कॉरिडोर तैयार किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त होगा।

दशहरा मैदान में विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं

मंत्री सारंग ने कहा कि दशहरा मैदान के खुले स्वरूप को संरक्षित रखते हुए वहां दर्शक दीर्घा, विशाल मंच, रावण दहन स्थल एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित की जा रही है। साथ ही परिसर के चारों ओर 15 मीटर चौड़ी कांक्रीट सड़क का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के आवागमन में सुविधा होगी।

रोजगार के नए अवसर होंगे सृजित

मंत्री सारंग ने बताया कि परियोजना के अंतर्गत दर्शक दीर्घा के नीचे 100 से अधिक दुकानों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे क्षेत्र के व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। दुकानें एवं अन्य सुविधाएं आधुनिक व्यवस्थाओं से युक्त होंगी।

भोपाल की नई पहचान बनेगा हनुमान लोक

मंत्री सारंग ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय पर पूर्ण की जाएं। उन्होंने कहा कि खेड़ापति हनुमान लोक कॉरिडोर भोपाल की आस्था, संस्कृति और विकास का प्रतीक बनेगा तथा आने वाले समय में यह परियोजना शहर की नई पहचान के रूप में स्थापित होगी।

 

समर्थन मूल्य पर 13.27 लाख किसानों से हुआ 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन

समर्थन मूल्य पर 13.27 लाख किसानों से हुआ 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन

गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी

भोपाल 

मध्यप्रदेश न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अब तक 13 लाख 27 हजार किसानों से गेहूं का उपार्जन कर देश में नंबर-1 स्थान पर है। अब तक लगभग 102 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन हो चुका है। गेहूं का उपार्जन अभी भी जारी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि कोविड-19 की अवधि को छोड़कर विगत 10 वर्षों में इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं का सर्वाधिक उपार्जन किया गया है।

मुख्यमंत्री कर रहे सतत मॉनिटरिंग

मंत्री राजपूत ने बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों से 78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ के उपार्जन लक्ष्य को केन्द्र सरकार द्वारा 100 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश में हो रहे गेहूँ उपार्जन की सतत मॉनीटरिंग की जा रही है। उन्होंने स्वयं खरीदी केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर तौल व्यवस्था, बारदाने की उपलब्धता और खरीदी केन्द्रों पर किसानों के लिये उपलब्ध जरूरी सुविधाओं का आकस्मिक निरीक्षण भी किया। साथ ही किसानों से संवाद कर उपार्जित गेहूँ के भुगतान आदि के बारे में जानकारी ली। उन्होंने किसानों के हित में जिन किसानों ने स्लाट बुक करा लिये हैं, उनके गेहूं उपार्जन की अवधि 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक कर दी है।

किसानों को 22,165.21 करोड़ से अधिक का भुगतान

किसानों को अब तक उपार्जित गेहूं का 22,165.21 करोड़ रूपये का भुगतान भी किया जा चुका है। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल काटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल काटों में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिया गया। किसानों की सुविधा के लिये तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक किया गया। देयक जारी करने का समय भी रात 12 बजे तक कर दिया गया है। गेहूं का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन तक किया जा रहा है। उपार्जन केन्द्र पर किसानों की सुविधा के लिये पीने का पानी, बैठने के छायांदार स्थान और जन-सुविधाओं की व्यवस्थाएं की गई हैं। किसानों से 2585 रूपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रूपये प्रति क्विंटल बोनस सहित 2625 रूपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं का उपार्जन किया जा रहा है। समर्थन मूल्य पर उपार्जित गेहूं के भंडारण की भी समुचित व्यवस्था की गई है।

किसानों को उपज की तौल समय पर हो सके, इसके लिये उपार्जन केन्द्रों में बारदाने, तौल काटें, हम्माल तुलावटी, सिलाई मशीन, कम्प्यूटर, गुणवत्ता परीक्षण उपकरण और उपज की साफ-सफाई के लिये पंखा एवं छन्ना आदि की समुचित व्यवस्थाएं की गई।

 

🏠 Home 🔥 Trending 🎥 Video 📰 E-Paper Menu