ई-साइकिलों के प्रयोग से महिला कर्मयोगियों को मिलेगी शक्ति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश निरंतर प्रगति कर रहा है। मध्यप्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण को गति देने के लिए संकल्पित है। प्रदेश की सभी माताएं-बहनें अपने जीवन में सुख-समृद्धि, आनंद और वैभव प्राप्त करें। दुनिया में पेट्रोल-डीजल से दाम बढ़ रहे हैं। महिला कर्मयोगी बहनों को नि:शुल्क मिलीं ई-साइकिलें शक्ति प्रदान करेंगी। वैश्विक ऊर्जा संकट के दौर में इलेक्ट्रिक व्हीकल सबसे अच्छा विकल्प हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को उज्जैन में 40 महिला कर्मयोगी बहनों को ई-साइकिलें बांटने के बाद जन समुदाय को संबोधित कर रहे थे। साइकिलें उज्जैन जिला प्रशासन ने सीएसआर फंड के माध्यम से उपलब्ध कराई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-साइकिलें उपलब्ध कराने वाली कंपनी के प्रयास को सराहा और लाभ प्राप्त करने वाली बहनों के बधाई दी।

आमजन के परिश्रम से जल संरक्षण के कार्यों में मध्यप्रदेश बना नंबर-1

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार जल संवर्धन की दिशा में लगातार तीसरे वर्ष विकास कार्यों को गति दे रही है। प्रदेश में जल गंगा संरक्षण महाभियान के जरिए गुड़ी पड़वा से लेकर 30 जून तक लगभग 10 हजार करोड़ से अधिक लागत के कार्य शामिल हैं। इनमें नदी, तालाब, पोखर, कुएं, बावड़ियों के जीर्णोद्धार के कार्य किए जा रहे हैं। प्रमुख नदियों के उद्गम स्थलों पर जल संरक्षण के लिए विशेष गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। जल संरक्षण के कार्यों के लिए मध्यप्रदेश को देश में प्रथम स्थान मिला है। यह प्रदेशवासियों के परिश्रम का फल है।

भोजशाला के निर्णय का सभी वर्ग के लोगों ने किया सम्मान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार स्थित भोजशाला में गंगा दशहरा उत्सव धूमधाम से मनाया गया है। भोजशाला के संबंध में आए उच्च न्यायालय के फैसले का हिंदू-मुस्लिम सहित सभी वर्ग के लोगों ने सम्मान किया है। पहले अयोध्या में प्रभु राम के मंदिर निर्माण और वर्तमान में धार की भोजशाला को लेकर हमारे मतों में भिन्नता हो सकती है। राज्य सरकार न्यायालय के निर्णय को सफलतापूर्वक लागू करा रही है।

 

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में “मेधावी छात्र सम्मान समारोह 2026” का सफल आयोजन, 500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान

भोपाल 

रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में “मेधावी छात्र सम्मान समारोह 2026” का सफल आयोजन, 500 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों का हुआ सम्मान
 
रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय (RNTU) एवं मध्यप्रदेश प्रेस क्लब के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के शारदा सभागार में “मेधावी छात्र सम्मान समारोह 2026” का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में भोपाल के विभिन्न विद्यालयों के 12वीं कक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 500 से अधिक मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करना तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक एवं प्रेरणादायी वातावरण तैयार करना रहा।
 
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयुष विभाग, मध्यप्रदेश शासन के अतिरिक्त सचिव श्री संजय कुमार मिश्रा उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में डीआईजी, पुलिस मुख्यालय मध्यप्रदेश सिमाला प्रसाद, सीनियर एडिटर एवं प्रेसिडेंट, मध्यप्रदेश प्रेस क्लब डॉ. नवीन आनंद जोशी, चैनल हेड, स्वदेश न्यूज़ श्री आर.पी. श्रीवास्तव उपस्थित रहे। वहीं रबीन्द्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी की ओर से प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स, कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दुबे एवं कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
 
कार्यक्रम में सागर पब्लिक स्कूल, आईकॉनिक स्कूल, आनंद विहार स्कूल, भेल स्कूल, महात्मा गांधी स्कूल इत्यादि विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को मेडल पहनाकर, सम्मान-पत्र प्रदान किए गए। साथ ही शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री संजय कुमार मिश्रा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही सफलता की वास्तविक कुंजी है। आज सम्मानित हो रहे विद्यार्थी आने वाले भारत के भविष्य निर्माता हैं। युवाओं को केवल शैक्षणिक उत्कृष्टता ही नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों को भी अपनाना चाहिए।”
 
डीआईजी सिमाला प्रसाद ने अपने वक्तव्य में छात्रों को व्यक्तित्व विकास का महत्व बताया और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गाइडेंस दिया। उन्होंने बताया कि प्रतियोगी परीक्षाओं को अलग-अलग चरणों छात्रों के व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को परखते हैं। साथ ही उन्होंने करियर गाइडेंस के साथ लाइफ में गोल सेटिंग के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम में उनकी आने वाली फिल्म “द नर्मदा स्टोरी” के ट्रेलर का प्रदर्शन भी किया गया।  
 
प्रो चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि “मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा और प्रतिभा के प्रति सम्मान की भावना को सशक्त बनाने का माध्यम है। युवा प्रतिभाएं देश के भविष्य की आधारशिला हैं और उन्हें निरंतर प्रोत्साहन मिलना आवश्यक है।”
 
कुलगुरु डॉ. रवि प्रकाश दुबे ने कहा कि “शिक्षा केवल अच्छे अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व, नवाचार और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।”
 
कुलसचिव डॉ. संगीता जौहरी ने कहा कि “यह सम्मान समारोह विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को नई ऊर्जा प्रदान करेगा तथा उन्हें अपने लक्ष्य की ओर और अधिक समर्पण के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।”
 
समारोह के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मार्गदर्शन भी प्रदान किए गए। कार्यक्रम का समापन उत्साहपूर्ण वातावरण एवं विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ हुआ। कार्यक्रम का सफल संयोजन आरएनटीयू में एडमिशन्स हैड डॉ. अनिल तिवारी और मप्र प्रेस क्लब के अजय प्रताप सिंह द्वारा किया गया।

नौतपा की भीषण गर्मी से बालाघाट बेहाल, मलाजखंड में पारा 45 डिग्री पार

बालाघाट

सोमवार को नौतपा का पहला दिन जमकर तपा, मलाजखंड कॉपर माइंस स्थित वेदशाला (ऑब्जर्वेटरी) में सोमवार को अधिकतम तापमान 45 तथा न्यूनतम 26.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को भी प्रचंड गर्मी ने सबको बेहाल कर दिया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 43 तथा न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। रविवार को मोती तालाब में 50 से अधिक चमगादड़ों की मौत भी हीटवेव की वजह से हुई है। पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग ने इसकी पुष्टि की है।

वरिष्ठ पशु चिकित्सक व डिप्टी डायरेक्टर डॉ. घनश्याम परते ने बताया कि जांच में चमगादड़ों की मौत की वजह हीटवेव सामने आई है। 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक का तापमान ऐसे पक्षियों के लिए घातक होता है। हैरानी करने वाली बात है कि मोती तालाब में 12-15 नहीं, बल्कि 50 से 60 चमगादड़ों की मौत हीटवेव के कारण हुई है। बता दें कि दो वर्ष पूर्व बिरसा क्षेत्र में भी गर्मी के कारण बड़ी संख्या में चमगादड़ सहित अन्य पक्षियों की मौत हुई थी। मंगलवार को भीषण गर्मी के कारण सड़कें सूनी रहीं। झुलसा देने वाली गर्मी और कड़ी धूप ने लोगों का घरों से निकलना बंद कर दिया है। कूलर बेअसर साबित हो रहे हैं।

अगले पांच दिन गर्मी और वर्षा: मौसम विभाग का नया पूर्वानुमान

भीषण गर्मी के बीच मंगलवार को कृषि विज्ञान केंद्र से राहतभरी खबर आई है। मौसम विज्ञान विभाग, दिल्ली से भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय को प्राप्त पांच दिवसीय मौसम पूर्वानुमान में बालाघाट में मौसम परिवर्तन की संभावना जताई गई है। बालाघाट में 31 मई तक विभिन्न क्षेत्रों में हल्की वर्षा, तेज आंधी, बिजली गिरने तथा गर्म हवाओं की संभावना रहेगी।

कृषि विज्ञान केंद्र बड़गांव के वैज्ञानिक धर्मेन्द्र अगासे ने बताया कि आगामी दिनों में हवा की गति लगभग 40-50 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। हीटवेव एवं गर्म रात की स्थिति भी बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 44.7 से 45.9 तथा न्यूनतम 27.3 से 28.1 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है।

अधिक गर्मी अवशोषित करते हैं चमगादड़, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा

पशु चिकित्सा सेवाएं विभाग के डिप्टी डायरेक्टर डॉ. घनश्याम परते ने बताया कि जिले में अत्यधिक गर्मी पड़ने से पशु-पक्षियों पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है। गर्मी में तालाब के आसपास तापमान और बढ़ जाता है। चूंकि, चमगादड़ काले होते हैं, इसलिए वह अन्य पक्षियों की तुलना में अधिक गर्मी अवशोषित करते हैं। 43-44 डिग्री सेल्सियस का तापमान ऐसे पक्षियों के लिए जानलेवा होता है।

रविवार को बड़ी संख्या में मृत चमगादड़ों को जिला पशु चिकित्सालय लाया गया, जहां डॉ. परते के निर्देशन में डॉ. पूजा धुर्वे व उनकी टीम ने चमगादड़ों की जांच की, जिसमें हीटवेव को उनकी मृत्यु की वजह माना गया।
गर्मी व मौसम को लेकर एडवाइजरी जारी

    तेज आंधी व वर्षा को देखते हुए खेतों में रखी उपज एवं कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर रखें।
    बिजली गिरने की आशंका के दौरान खुले स्थानों एवं पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
    पशुपालकों को गर्मी व लू से बचाव के लिए पशुओं को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराएं।
    पशु और पक्षियों को छायादार स्थानों में रखें।
    आमजन दोपहर में अनावश्यक घर से बाहर न निकलें। अधिक पानी पीएं।

 

आरएपीटीसी इंदौर एवं 15वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल इंदौर का संयुक्त दीक्षांत परेड समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न

भोपाल 

मध्यप्रदेश पुलिस के विशेष सशस्त्र बल के गौरवशाली इतिहास एवं अनुशासित परंपरा को आगे बढ़ाते हुए इंदौर स्थित रुस्तमजी सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय परिसर में आरएपीटीसी इंदौर एवं 15वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल इंदौर के नव आरक्षकों का संयुक्त दीक्षांत परेड समारोह अत्यंत भव्य एवं गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा उपस्थित रहे। इस गरिमामय आयोजन की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस महानिदेशकविशेष सशस्त्र बल मुख्यालयभोपाल चंचल शेखरद्वारा की गई।

नव आरक्षकों को संबोधित करते हुए डीजीपी  कैलाश मकवाणा ने कहा कि आज का दिन केवल एक औपचारिक दीक्षांत समारोह नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण, परिश्रम एवं राष्ट्रसेवा के संकल्प का गौरवपूर्ण उत्सव है। उन्होंने कहा कि आज से नव आरक्षक केवल पुलिस बल का हिस्सा नहीं, बल्कि जनता के विश्वास, कानून की गरिमा एवं राष्ट्र की सुरक्षा के प्रहरी बन गए हैं।

पुलिस महानिदेशक ने कहा कि रुस्तमजी सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण महाविद्यालय का नाम मध्यप्रदेश पुलिस के पूर्व महानिदेशक एवं सीमा सुरक्षा बल (BSF) के संस्थापक के.एफ. रुस्तमजी के नाम पर रखा गया है, जिनका मध्यप्रदेश पुलिस की व्यवस्थाओं, कल्याणकारी गतिविधियों एवं संस्थागत ढाँचे को मजबूत करने में ऐतिहासिक योगदान रहा है।

उन्होंने कहा कि रुस्तमजी जैसे महान अधिकारियों की विरासत से प्रेरणा लेकर नव आरक्षकों को सेवा, अनुशासन एवं कर्तव्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों का पालन करना चाहिए।

 मकवाणा ने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना, साहस एवं जनता के विश्वास का प्रतीक है। उन्होंने नव आरक्षकों से कहा कि तिरंगे के समक्ष ली गई शपथ को वे अपने जीवन का सर्वोच्च आदर्श बनाएं तथा हर परिस्थिति में कानून, संविधान एवं मानवीय मूल्यों की रक्षा करें।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण अवधि में नव आरक्षकों ने शारीरिक दक्षता के साथ-साथ आउटडोर ड्रिल, हथियार संचालन, फील्ड क्राफ्ट, कानून-व्यवस्था नियंत्रण, साइबर अपराध, आपदा प्रबंधन एवं आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों में दक्षता प्राप्त की है। चुनाव ड्यूटी एवं अन्य कानून-व्यवस्था संबंधी व्यवस्थाओं में सहभागिता के माध्यम से उन्हें व्यावहारिक अनुभव भी प्राप्त हुआ है।

उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा केवल शक्ति प्रदर्शन का माध्यम नहीं, बल्कि संवेदनशील जनसेवा का दायित्व है। उन्होंने कहा कि जब कोई पीड़ित व्यक्ति पुलिस के पास आए, तो उसे वर्दी में कठोरता नहीं बल्कि सुरक्षा, विश्वास, सहानुभूति एवं न्याय का भरोसा दिखाई देना चाहिए। समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति को भी यह विश्वास होना चाहिए कि पुलिस उसके साथ खड़ी है।

डीजीपी ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिस की जिम्मेदारियाँ अत्यंत चुनौतीपूर्ण एवं तनावपूर्ण हैं। पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य एवं तनाव प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा हार्टफुलनेस संस्था के साथ एमओयू कर ध्यान एवं योग आधारित कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, ताकि पुलिस बल मानसिक रूप से अधिक संतुलित एवं सक्षम बन सके।

विशेष सशस्त्र बल के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए  मकवाणा ने कहा कि चंबल क्षेत्र में दस्यु उन्मूलन से लेकर नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना तक विशेष सशस्त्र बल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने पश्चिम बंगाल चुनाव ड्यूटी का उल्लेख करते हुए कहा कि मतदान केंद्र पर हार्ट अटैक से पीड़ित अधिकारी को सीपीआर प्रशिक्षित जवानों ने तत्काल सहायता देकर उसका जीवन बचाया। उन्होंने कहा कि ऐसे उदाहरण पुलिस बल की मानवीय संवेदनशीलता एवं सेवा भावना को प्रदर्शित करते हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी केवल कानून के रक्षक नहीं, बल्कि शांति, विश्वास एवं सुरक्षा के दूत हैं। उनके निर्णय, व्यवहार एवं कार्यशैली से पुलिस विभाग की छवि निर्मित होती है। उन्होंने नव आरक्षकों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे अपने आचरण, अनुशासन एवं सेवा भावना से जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत करेंगे।

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने प्रशिक्षण संस्थानों के अधिकारियों, प्रशिक्षकों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि उन्होंने नव आरक्षकों को शारीरिक रूप से सक्षम, मानसिक रूप से दृढ़ एवं नैतिक रूप से जागरूक पुलिसकर्मी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कार्यक्रम के अंतर्गत आरएपीटीसी इंदौर के 482 तथा 15वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल इंदौर के 135 नव आरक्षकों सहित कुल 617 नव आरक्षकों का दीक्षांत पुलिस महानिरीक्षक  चन्द्रशेखर सोलंकी के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर नव आरक्षकों द्वारा प्रस्तुत अनुशासित, आकर्षक एवं सशक्त परेड ने उपस्थित सभी गणमान्यजनों को विशेष रूप से प्रभावित किया।

परेड उपरांत नव आरक्षकों ने राष्ट्र, संविधान एवं जनसेवा के प्रति पूर्ण निष्ठा एवं समर्पण के साथ कार्य करने की शपथ ली। इसके पश्चात अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक एसएएफ  चंचल शेखर ने प्रशिक्षण की संरचना एवं उपलब्धियों का संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण किया।

समारोह में परेड निष्क्रमण उपरांत नव आरक्षकों द्वारा साइलेंट ड्रिल, पीटी डिस्प्ले एवं यूएसी का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया। अश्वरोही दल द्वारा प्रस्तुत विशेष गतिविधियों ने उपस्थितजनों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में बीएसएफ बैंड, प्रथम वाहिनी बैंड एवं 15वीं वाहिनी बैंड द्वारा आकर्षक प्रस्तुति दी गई।

समारोह में पुलिस आयुक्त इंदौर  संतोष सिंह, पुलिस महानिरीक्षक ग्रामीण  अनुराग, पुलिस उप महानिरीक्षक एसएएफ इंदौर,  अमित सिंह, बीएसएफ पुलिस महानिरीक्षक  तेजिन्दर सिंह सिद्धू, पुलिस उप महानिरीक्षक आरएपीटीसी  धर्मेंद्र सिंह भदौरिया, इंदौर जोन एसएएफ के कमांडेंट और अन्य पुलिस अधिकारीगण के साथ सेवानिवृत्त अधिकारीगण, परिवारजन एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार प्रदर्शन के साथ हुआ।

 

मोहन सरकार फिर लेगी ₹2800 करोड़ का कर्ज, चालू वित्त वर्ष में उधारी ₹9200 करोड़ पहुंची

भोपाल 

सरकार प्रदेश में जारी विकास योजनाओं के लिए 2,800 करोड़ रुपये का नया कर्ज लेने जा रही है। वित्त विभाग के बजट निदेशक भास्कर लक्षकार द्वारा इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी किया गया है। सरकार यह लोन दो अलग-अलग अवधियों और ब्याज दरों के आधार पर आरबीआई के जरिए जुटाएगी। इसमें सरकार 7.64 फीसदी ब्याज दर वाले मध्य प्रदेश एसडीएस 2034 बॉण्ड को दोबारा जारी कर रही है। इसकी अवधि 8 वर्ष की होगी और 1600 करोड़ का यह कर्ज 29 अप्रैल 2034 को वापस चुकाया जाएगा । 1200 करोड़ रुपये के दूसरे ऋण के लिए 7.83 फीसदी ब्याज दर वाले मध्य प्रदेश एसडीएस 2048 बॉण्ड भी दोबारा जारी किए जा रहे हैं । कर्ज की अवधि 22 वर्ष की होगी और इसके भुगतान की तिथि 29 अप्रैल 2048 तय की गई है। दोनों कर्जी पर ब्याज का भुगतान हर वर्ष 29 अक्टूबर और 29 अप्रैल को छमाही आधार पर होगा ।

वित्त विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार राज्य सरकार यह कर्ज मध्यप्रदेश राज्य विकास ऋण के तहत आरबीआई के जरिए बॉन्ड जारी कर ले रही है। पहली राशि 1600 करोड़ रुपए की होगी, जिस पर 7.64 प्रतिशत ब्याज दर तय की गई है। वहीं दूसरी राशि 1200 करोड़ रुपए की होगी, जिस पर 7.83 प्रतिशत ब्याज देना होगा। दोनों कर्जों की अदायगी सरकार छह माही किस्तों में अप्रैल और अक्टूबर में करेगी।

2034 और 2048 तक के लिए कर्ज
सरकार द्वारा लिया जा रहा पहला कर्ज वर्ष 2034 तक की अवधि के लिए रहेगा, जबकि दूसरा कर्ज 2048 तक यानी 22 वर्षों की अवधि के लिए लिया गया है। दोनों ऋणों के लिए सिक्योरिटी की नीलामी आरबीआई द्वारा कराई जाएगी और भुगतान प्रक्रिया 27 मई 2026 तक पूरी की जाएगी।

इस बार अप्रैल से ही कर्ज लेने लगी सरकार
प्रदेश सरकार ने इस वित्त वर्ष में अप्रैल से ही कर्ज लेना शुरू कर दिया था। इससे पहले के वर्षों में आमतौर पर मई से कर्ज उठाने की प्रक्रिया शुरू होती थी। अप्रैल में सरकार ने दो बार चार किस्तों में 4600 करोड़ रुपए का ऋण लिया था। इसके बाद मई में पहले 1800 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया और अब 2800 करोड़ रुपए का नया ऋण उठाया जा रहा है।

उत्पादक विकास योजनाओं में खर्च होगी राशि
सरकार का कहना है कि बॉन्ड से प्राप्त राशि का उपयोग राज्य की उत्पादक विकास योजनाओं, सिंचाई परियोजनाओं, ऊर्जा, कृषि और आधारभूत संरचना से जुड़े कार्यों में किया जाएगा। राजपत्र में जारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025-26 के संशोधित अनुमान में मध्यप्रदेश की राजस्व प्राप्ति लगभग 2.79 लाख करोड़ रुपए और राजस्व व्यय भी लगभग 2.79 लाख करोड़ रुपए आंका गया है।

आज होगी बॉण्ड की नीलामी
मंगलवार को इन सरकारी बॉण्ड्स की नीलामी भारतीय रिजर्व बैंक के कोर बैंकिंग सॉल्यूशन सिस्टम (ई-कुबेर) पर इलेक्ट्रॉनिक फॉर्मेट में आयोजित की जाएगी। नीलामी के बाद रिजल्ट की घोषणा उसी दिन होगी और इसके अगले दिन सफल बोली लगाने वालों को राशि का भुगतान बैंकिंग समय में कैश, बैंकर्स चेक या डिमांड ड्राफ्ट के जरिए करना होगा। 31 मार्च 2026 की स्थिति में प्रदेश सरकार पर कुल कर्ज भार 4,88,714.17 करोड़ रुपये है। इसमें बाजार से लिया गया कर्ज 3,33,278.21 करोड़ रुपये और केंद्र सरकार से मिले ऋण और एडवांस के 81,152.31 करोड़ रुपये भी शामिल हैं।

सतना में कांग्रेस का दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर प्रारंभ

बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने, नेतृत्व विकास और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए पदाधिकारियों को दिया जा रहा प्रशिक्षण

सतना। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत, सक्रिय एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सतना एवं मैहर जिले के ब्लॉक अध्यक्षों, नगर अध्यक्षों तथा मंडलम अध्यक्षों के लिए दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ सतना में किया गया। प्रशिक्षण शिविर में संगठन सशक्तिकरण, जनसरोकारों के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने तथा आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं को तैयार करने पर विशेष चर्चा की गई।

प्रशिक्षण शिविर के प्रथम दिवस मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की भूमिका तथा जनता के बीच कांग्रेस की विचारधारा को प्रभावी रूप से पहुंचाने पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण अभियान मध्यप्रदेश में कांग्रेस संगठन को नई ऊर्जा, नई दिशा और मजबूत आधार प्रदान करेगा तथा भविष्य में एक सशक्त, संगठित और जनहित के लिए संघर्ष करने वाली कांग्रेस के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

पूर्व मंत्री एवं विधायक राजेंद्र सिंह ने अपने संगठनात्मक अनुभव साझा करते हुए जमीनी स्तर पर जनसंपर्क बढ़ाने और बूथ स्तर तक कांग्रेस की सक्रियता सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

इस अवसर पर संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले, राष्ट्रीय सचिव एवं पूर्व विधायक नीलांशु चतुर्वेदी, मतदाता सूची पुनरीक्षण विभाग के प्रभारी ललित सेन तथा मीडिया विभाग के प्रवक्ता आनंद जाट ने विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण सत्रों को संबोधित किया। वक्ताओं ने संगठन विस्तार, मतदाता सूची पुनरीक्षण, प्रभावी संवाद, मीडिया प्रबंधन तथा बूथ स्तर पर कांग्रेस की गतिविधियों को मजबूत करने के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।

मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रशिक्षण प्रभारी महेंद्र जोशी ने बताया कि प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी पदाधिकारियों को संबोधित करेंगे तथा संगठन को और अधिक प्रभावी एवं मजबूत बनाने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।

प्रशिक्षण शिविर में सतना ग्रामीण कांग्रेस के जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ कुशवाहा, मैहर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष धर्मेश घई, सतना शहर कांग्रेस अध्यक्ष आरिफ इकबाल सिद्दीकी सहित सतना एवं मैहर जिले के सभी ब्लॉक अध्यक्ष, नगर अध्यक्ष एवं मंडलम अध्यक्ष उपस्थित रहे।

दो दिवसीय यह प्रशिक्षण शिविर संगठनात्मक क्षमता विकास, नेतृत्व निर्माण, बूथ सशक्तिकरण तथा कांग्रेस की नीतियों और कार्यक्रमों को जन-जन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। कांग्रेस नेतृत्व ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रशिक्षण से संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक मजबूती मिलेगी तथा कार्यकर्ताओं की सक्रियता और प्रभावशीलता में वृद्धि होगी।

इंदौर में पेयजल संकट पर कांग्रेस का विशाल धरना प्रदर्शन, भाजपा सरकार पर साधा निशाना

जीतू पटवारी बोले — मंत्री, विधायक और सांसद होने के बावजूद जनता बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान, कांग्रेस ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

भोपाल, 26 मई 2026।
इंदौर शहर में लगातार गहराते पेयजल संकट और आम जनता को हो रही भारी परेशानियों के विरोध में आज इंदौर जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा विशाल धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश की भाजपा सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए शहरवासियों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने की मांग उठाई।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने धरना प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि इंदौर में भाजपा के दो कैबिनेट मंत्री, नौ विधायक, एक सांसद और महापौर होने के बावजूद जनता को पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार केवल प्रचार और आयोजनों में व्यस्त है, जबकि आम नागरिक बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार जल संकट जैसी मूलभूत समस्या के समाधान में पूरी तरह विफल साबित हुई है और कांग्रेस जनता के अधिकारों एवं मूलभूत सुविधाओं के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी।

धरना प्रदर्शन में पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन, आईसीसी सचिव सत्यनारायण पटेल, इंदौर शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे, इंदौर ग्रामीण कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष विपिन वानखेड़े, महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सहित बड़ी संख्या में वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि इंदौर की जनता को शीघ्र नियमित पेयजल उपलब्ध नहीं कराया गया, तो आने वाले समय में कांग्रेस और बड़ा जनआंदोलन करेगी

पन्ना में निर्माणाधीन कुआं धंसा, मलबे में दबकर 5 मजदूरों की मौत; 2 शव निकाले गए

पन्ना 

 पन्ना की अजयगढ़ तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत बीहरपुरवा में निर्माणाधीन कुएं की खुदाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया. कुआं धंसने से वहां काम कर रहे 5 मजदूर दब गए. पांचों मजदूरों की मौत हो गई. दो मजदूरों के शव बाहर निकाले लिए गए, जबकि 3 मजदूरों के शव निकालने में टीमें जुटी हैं. मौके पर रेस्क्यू टीमें जेसीबी के जरिए कुएं से मलबा हटा रही हैं. पन्ना जिला जनसंपर्क अधिकारी देवेंद्र सिंह ने आधिकारिक घोषणा करते हुए 5 मजदूरों की मौत की पुष्टि की है। 

10 दिन से चल रहा था कुआं खोदने का काम
अजयगढ़ जनपद के ग्राम बीहरपुरवा के नयापुरवा में बिन्नू अहिरवार के खेत में बीते 10 दिन से कुएं की खुदाई का काम चल रहा था. मंगलवार सुबह करीब 11 बजे अचानक कुएं की भुसभुसी मिट्टी भरभराकर धंस गई. हादसे के वक्त 5 मजदूर कुएं के अंदर काम कर रहे थे, जबकि दो मजदूर पानी पीने के लिए ऊपर आए हुए थे. हादसे में चुन्नू यादव, राजकुमार यादव, आशीष यादव और चुनवाद पाल समेत 5 मजदूर मलबे में दब गए। 

दो मजदूरों के शव कुएं से निकाले
रेस्क्यू के दौरान राजकुमार यादव और एक अन्य मजदूर का शव बाहर निकाल लिया गया है, जबकि बाकी मजदूरों की तलाश जारी है. मौके पर पुलिस, राजस्व अमला और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं. इस दर्दनाक हादसे ने कई गंभीर सवाल भी खड़े कर दिए हैं. आखिर भुसभुसी और कमजोर मिट्टी वाले इलाके में कुएं की खुदाई किस आधार पर कराई जा रही थी? क्या तकनीकी जांच हुई थी? क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं? अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और जिम्मेदारों की जवाबदेही पर निगाहें टिकी हैं. हादसे को लेकर अभी प्रशासन की ओर से कोई बयान नहीं आया। 

रेस्क्यू टीमें जेसीबी की मदद से हटा रही मिट्टी
हादसे की सूचना मिलते ही प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंची और रेस्क्यू शुरू किया गया. स्थानीय ग्रामीण भी रेस्क्यू में जुटे हैं. कुएं ढही हुई मिट्टी के कारण बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं. मौके पर जेसीबी की मदद से मिट्टी हटाई जा रही है. मलबा हटाकर मजदूरों को निकालने की कोशिश की जा रही है. ​हादसे का शिकार हुए 3 लोग एक ही परिवार के हैं. ग्रामीणों के मुताबिक कुएं के मलबे में दबे 5 लोगों में पिता, भाई, चाचा, चचेरा भाई और एक अन्य मजदूर शामिल है। 

बरगी क्रूज हादसे की न्यायिक जांच शुरू, आयोग ने मांगे दस्तावेज; तकनीकी और कानूनी पहलुओं पर उठे सवाल

जबलपुर
जबलपुर के बरगी डैम में  30 अप्रैल को हुए क्रूज हादसे की न्यायिच जांच औपचारिक रूप से शुरू की गई है। मंगलवार को इस मामले में कलेक्ट्रेट के कमरा नंबर 43 में जांच आयोग के अध्यक्ष जस्टिस संजय द्विवेदी की मौजूदगी में मामले की सुनवाई शुरू की गई। इस दौरान नागरिक उपभोक्ता मंच ने हादसे से जुड़े कई महत्वपूर्ण कानूनी और तकनीकि बिंदु आयोग के सामने रखे। क्रूज हादसे में कुल 13 पर्यटकों की मौत हुई थी, मृतकों में अलग- अलग राज्यों के लोग शामिल थे।

वैधानिक पहलुओं को ध्यान में रखकर होगी जांच
वहीं मंच के अध्यक्ष डॉ. पीजी नाजपांडे और अधिवक्ता वेदप्रकाश अधौलिया ने आयोग के सामने लगाई दायर याचिका में कहा कि इंडियन वेसेल्स एक्ट 2021 के अनुसार, प्रणाली में ऐसा कोई प्रावधान नहीं जो जांच प्रक्रिया पूरी होने से पहले किसी दुर्घटनाग्रस्त क्रूज को नष्ट करने की परमिशन दें। इसके अलावा जिला प्रशासन को भी ऐसे किसी भी हादसे में शिकार हुए क्रूज को जांच से पहले नष्ट करने का कानूनी अधिकार नहीं है।

वैधानिक पहलुओं को जांच में शामिल किया जाएगा
आयोग ने इन बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच द्वारा उठाए गए सभी वैधानिक पहलुओं को जांच में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि आगामी सुनवाई में मंच को अपनी बात रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

आरोप-एनजीटी के निर्देशों का पालन नहीं किया
याचिका में क्रूज संचालन से जुड़ी तकनीकी और पर्यावरणीय अनियमितताओं को भी उजागर किया गया। मंच की ओर से बताया गया कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 12 सितंबर 2023 के आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि जलाशयों में चलने वाले क्रूज में केवल फोर स्ट्रोक इंजन का उपयोग किया जाए। इसके बावजूद दुर्घटनाग्रस्त क्रूज में मात्र 100 एचपी का कमजोर इंजन लगाया गया था और हादसे के दौरान उसका दूसरा इंजन भी पूरी तरह फेल हो गया था।

याचिका में यह भी दावा किया गया कि क्रूज संचालकों के पास पर्यावरणीय मानकों से संबंधित कोई वैध प्रमाण पत्र नहीं था, जबकि एनजीटी के नियमों के अनुसार जल संरचनाओं में संचालित वाहनों के लिए पर्यावरणीय अनुमति और मानकों का पालन अनिवार्य है।

इसके अलावा आयोग ने इन बिंदुओं को गंभीरता से लेते हुए कहा कि नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच द्वारा उठाए गए सभी वैधानिक पहलुओं को जांच में प्रमुखता से शामिल किया जाएगा। इसके अलावा आयोग ने साफ किया कि आगामी सुनवाई में मंच को अपनी बात रखने का पूरा अवसर भी दिया जाएगा।

हादसे का शिकार हुए क्रूज का एक इंजन फेल
क्रूज हादसे की जांच के बीच मामले में नया मोड़ सामने आया है। जांच आयोग के समक्ष दायर याचिका में दावा किया गया कि हादसे का शिकार हुए क्रूज का एक इंजन फेल हो गया था। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि क्रूज में तकनीकी मानकों और पर्यावरणीय नियमों के पालन को लेकर गंभीर सवाल मौजूद हैं।

NGT के आदेश का दिया गया हवाला
याचिका में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के 12 सितंबर 2023 के आदेश का हवाला दिया गया। इसमें साफ कहा गया था कि क्रूज संचालन के लिए फोर-स्ट्रोक इंजन होना जरूरी है। लेकिन हादसे में शामिल क्रूज में केवल 100 एचपी क्षमता का इंजन लगाया गया था। इतना ही नहीं, उसका दूसरा इंजन भी कथित तौर पर काम नहीं कर रहा था।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि क्या क्रूज संचालकों के पास पर्यावरणीय नियमों और तकनीकी मानकों के पालन से जुड़े सभी जरूरी प्रमाणपत्र मौजूद थे या नहीं।

सवालों के घेरे में क्रूज को नष्ट करने का मुद्दा
मामले में सबसे बड़ा सवाल हादसे के बाद क्रूज को नष्ट किए जाने को लेकर उठाया गया है। याचिकाकर्ताओं ने आयोग के सामने तर्क रखा कि एनजीटी के आदेश के पैरा-132 में बोट की फिटनेस को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में अगर क्रूज को ही नष्ट कर दिया गया, तो उसकी तकनीकी स्थिति, इंजन क्षमता और फिटनेस की निष्पक्ष जांच कैसे की जा सकेगी? उनका कहना है कि क्रूज के नष्ट होने से कई अहम तकनीकी तथ्यों की पुष्टि मुश्किल हो सकती है।

मौजूदा सबूतों के आधार पर होगी जांच- आयोग
इन आरोपों और तकनीकी पहलुओं को गंभीर मानते हुए जांच आयोग ने याचिकाकर्ताओं को संबंधित दस्तावेज, प्रमाण और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि उपलब्ध दस्तावेजों और सबूतों के आधार पर मामले की आगे सुनवाई की जाएगी।

क्रूज की फिटनेस को लेकर तेज हो सकती है जांच
आयोग के इस रुख के बाद माना जा रहा है कि आने वाली सुनवाई में मामले से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं। खासकर क्रूज की तकनीकी फिटनेस, इंजन की स्थिति, पर्यावरणीय मंजूरी और संचालन से जुड़े नियमों के पालन को लेकर जांच और गहरी हो सकती है। इससे हादसे की असली वजहों पर भी नई रोशनी पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

बर्खास्तगी के बाद भी ग्रेच्युटी रोकना गलत, कोर्ट ने भुगतान का दिया आदेश

ग्वालियर

पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के एक कर्मचारी की बर्खास्तगी के बाद ग्रेच्युटी रोकने के मामले में ग्वालियर हाईकोर्ट Gwalior Highcourt ने अहम फैसला सुनाया है। सिंगल बेंच ने कहा कि किसी कर्मचारी की सेवा समाप्ति या बर्खास्तगी मात्र से उसकी ग्रेच्युटी नहीं रोकी जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी की कि ग्रेच्युटी कोई खैरात नहीं, बल्कि कर्मचारी की वर्षों की सेवा से अर्जित संपत्ति है। जस्टिस आनंद सिंह बहरावत की बेंच ने कंपनी को निर्देश दिए कि मृत कर्मी की पत्नी को सेवा समाप्ति की तारीख से वास्तविक भुगतान तक ब्याज सहित ग्रेच्युटी Gratuity राशि तीन माह के भीतर दी जाए। आदेश का पालन नहीं करने पर कंपनी को एक लाख रुपए हर्जाना भी देना होगा।

न्याय से वंचित नहीं किया जा सकता, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ग्रेच्युटी भुगतान रोकने स्पष्ट कानूनी प्रावधान जरूरी

कोर्ट ने कंपनी की दलील खारिज कर कहा, कंपनी कार्यालय ग्वालियर और इंदौर दोनों स्थानों पर हैं। साथ ही याची 55 वर्षीय विधवा हैं। आठ वर्ष से न्याय के लिए संघर्ष कर रही हैं। ऐसे में सिर्फ तकनीकी आधार पर याचिका खारिज नहीं की जा सकती। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ग्रेच्युटी Gratuity भुगतान रोकने स्पष्ट कानूनी प्रावधान जरूरी है। सेवा समाप्ति के आधार पर कर्मी, आश्रितों को इस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।

विभागीय जांच के बाद 27 मार्च 2014 को सेवाएं समाप्त कर दी
याची मुबीना खान के पति शाजापुर में बिजली कंपनी में भृत्य थे। नियुक्ति 1995 में आकस्मिक कर्मचारी के रूप में हुई थी। 1997 में सेवाएं नियमित कर दी गईं। 2009 में अस्वस्थ होने के कारण वे बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित हो गए। विभागीय जांच के बाद 27 मार्च 2014 को सेवाएं समाप्त कर दी गईं। दिसंबर 2016 में कर्मी का निधन हो गया। इस पर मुबीना ने फंड और अन्य सेवा लाभों के लिए विभाग को नोटिस भेजा।

यह कहते हुए ग्रेच्युटी देने से इनकार कर दिया कि कर्मी को बर्खास्त किया जा चुका
कंपनी ने यह कहते हुए ग्रेच्युटी Gratuity देने से इनकार कर दिया कि कर्मी को बर्खास्त किया जा चुका था। 2018 में उन्होंने हाई कोर्ट में याचिका दायर की। कंपनी की ओर से दलील दी गई कि विभागीय जांच में कर्मचारी दोषी पाए गए थे, इसलिए वे ग्रेच्युटी के पात्र नहीं हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि कर्मचारी शाजापुर में पदस्थ थे और कंपनी का मुख्यालय इंदौर में है, इसलिए ग्वालियर खंडपीठ में याचिका सुनवाई योग्य नहीं है।

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