ग्वालियर में सजेगा IPL फैन पार्क, बड़ी स्क्रीन पर लाइव मैच के साथ मस्ती का डबल डोज

ग्वालियर 

 ग्वालियर में शुक्रवार को आईपीएल के इस सीजन के फ़ैनपार्क का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें आईपीएल क्रिकेट के फैन्स यहाँ बैठे-बैठे स्टेडियम के माहौल का मजा लेंगे. आईपीएल फैन पार्क की व्यवस्थाओं और तैयारियों की जानकारी बीसीसीआई की और से आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी गई। 

ग्वालियर में शुक्रवार को होगा आईपीएल फैन पार्क का आयोजन
देश चार अन्य शहरों के साथ ग्वालियर में शुक्रवार को बीसीसीआई द्वारा आईपीएल फैन पार्क का आयोजन किया जा रहा है. ग्वालियर के कैप्टन रूप सिंह स्टेडियम के पास बने श्रीमंत माधवराव खेल परिसर में इस कार्यक्रम का आयोजन होगा. जिसमें एक बड़ी स्क्रीन पर आईपीएल क्रिकेट के दीवाने लाइव मैच का प्रसारण देख सकेंगे. इसके साथ ही यहाँ आईपीएल फैन्स के लिए कई तरह की एक्टिविटीज भी होंगी। 

एंट्री फ्री लेकिन रजिस्ट्रेशन होगा जरूरी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में बीसीसीआई के सीनियर मैनेजर संदीप वागड़े ने बताया, हर सीजन में बीसीसीआई की और से 50 फैन पार्क आयोजित किए जाते हैं. इस हफ्ते शुक्रवार को ये आयोजन ग्वालियर समेत देश के पाँच शहरों में होगा. शुक्रवार को राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के बीच होने वाले प्लेऑफ मैच का सीधा प्रसारण एक बड़ी स्क्रीन के साथ फैन पार्क में किया जाएगा जहाँ आने वाले सभी क्रिकेट फैन्स इसका लुत्फ उठा सकेंगे. इसमें एंट्री पूरी तरह फ्री रहेगी हालांकि इसके लिए आने वाले क्रिकेट प्रेमियों को रजिस्ट्रेशन कराना होगा। 

लॉटरी से मिलेगा आईपीएल टीम की सिग्नेचर की गई टीशर्ट जीतने का मौका
रजिस्ट्रेशन के साथ ही एंट्री करने वालों को एक कूपन दिया जाएगा जो अंदर रखे बॉक्स में सबमिट करना होगा. ब्रेक टाइम में बीसीसीआई की टीम उस बॉक्स में से दो कूपन्स निकालेगी. इन विजेताओं को राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस दोनों टीमों की टी-शर्ट दी जाएगी जिन पर पूरे टीम प्लेयर्स के सिग्नेचर होंगे। 

फन इवेंट होगा आईपीएल का फ़ैनपार्क
ये फ़ैनपार्क एक फ़न इवेंट होगा जहाँ आने वाले लोगों को कई तरह की एक्टिविटीज भी मिलेंगी जिनमे बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए कई तरह के गेम्स होंगे. फूड स्टॉल्स होंगे, मैच का लाइव प्रसारण तो होगा ही, साथ ही लाइव म्यूजिक भी होगा. एक तरह से जैसे स्टेडियम में बैठ कर लोग क्रिकेट का मजा लेते हैं ठीक उसी तरह इस फैन पार्क में आने वाले लोगों को भी वहीं आनंद और माहौल मिलेगा जो मैच का मजा बढ़ा देगा। 

12 हज़ार लोग एक साथ उठायेंगे आईपीएल का आनंद
बीसीसीआई के सीनियर मैनेजर संदीप वागड़े के मुताबिक, एंट्री के साथ ही फैन्स के लिए सभी सुविधाओं और सुरक्षा का ध्यान भी रखा जा रहा है. सुरक्षाकर्मियों के साथ ही किसी तरह की मेडिकल इमरजेंसी के एक एंबुलेंस वाहन मौजूद रहेगी. इस फैनपार्क में लगभग 12 हज़ार लोग एक समय पर मौजूद रह कर आईपीएल का आनंद ले सकेंगे। 

भोपाल में STF की बड़ी कार्रवाई, डेढ़ करोड़ का अवैध कफ सिरप बरामद; 10 लोग हिरासत में

भोपाल 

भोपाल के गांधी नगर से करीब डेढ़ करोड़ का अवैध कफ सिरप पकड़ा गया है। यह कार्रवाई एसटीएफ ने डोबरा पटेल सिटी कॉलोनी में की। एसटीएफ ने यहां से 700 से ज्यादा पेटियां और मशीनें जब्त की। इसके अलावा 10 लोगों को हिरासत में लिया है। कार्रवाई गुरुवार रात करीब 12 बजे शुरू हुई, जो शुक्रवार सुबह 3 बजे तक जारी रही।

जानकारी के अनुसार, मकान में ‘आफ कफ’ नाम की अवैध कफ सिरप तैयार की जा रही थी। गुप्त सूचना पर एसटीएफ ने यहां दबिश दी। मकान के दो अलग-अलग कमरों में नशीले कफ सिरप के कॉर्टन और बोतलें रखी हुई मिलीं। एसटीएफ ने कफ सिरप के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। आरोपियों की निशानदेही पर आगे भी कार्रवाई जारी है।

एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि गांधीनगर इलाके से अवैध रूप से नशीले कफ सिरप की सप्लाई की जा रही है। छापे की जानकारी स्थानीय गांधीनगर पुलिस को नहीं थी कार्रवाई के दौरान एसटीएफ के कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद थे।

जिस मकान में कार्रवाई की गई, वह किसी मालवीय नामक व्यक्ति का बताया जा रहा है। खबर लिखे जाने तक एसटीएफ का मकान मालिक से संपर्क नहीं हो सका था। एसटीएफ अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध कफ सिरप का नेटवर्क किन लोगों से जुड़ा हुआ है और इसकी सप्लाई किन क्षेत्रों में की जा रही थी।

कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की पत्नी की तबीयत बिगड़ी, नागदा में चल रहा इलाज

उज्जैन 

कर्नाटक के राज्यपाल और पूर्व केन्द्रीय मंत्री थावरचंद गहलोत की तबीयत अचानक बिगड़ गई है। गुरुवार को पत्नी की तबीयत बिगड़ने की खबर लगते ही थावरचंद गहलोत अपने घर उज्जैन के नागदा पहुंचे हैं। बताया जा रहा है कि थावरचंद गहलोत की बीमार पत्नी का घर पर ही डॉक्टरों की निगरानी में इलाज चल रहा है। वहीं थावरचंद गहलोत के अचानक नागदा पहुंचने पर राजनीतिक हलकों में अटकलें लगना शुरू हो गई हैं।

थावरचंद गहलोत की पत्नी की तबीयत बिगड़ी
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत की पत्नी अनीता गहलोत की तबीयत गुरुवार को अचानक बिगड़ गई। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत नागदा के निजी अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज किया। अभी अनीता गहलोत का घर पर ही डॉक्टरों की निगरानी में इलाज किया जा रहा है। बताया गया है कि अनीता गहलोत का ब्लड प्रेशर काफी बढ़ गया था।

मुंबई से नागदा पहुंचे थावरचंद गहलोत
जिस वक्त नागदा में अनीता गहलोत की तबीयत बिगड़ी उस वक्त थावरचंद गहलोत मुंबई में थे। जब उन्हें पत्नी की तबीयत खराब होने की सूचना मिली तो वो तुरंत मुंबई से सीधे उज्जैन पहुंचे और फिर वहां से नागदा स्थित अपने घर। अनीता गहलोत की तबीयत बिगड़ने की खबर लगते ही थावरचंद गहलोत के घर के बाहर मीडिया का जमावड़ा लग गया। पत्नी का हालचाल जानने के बाद थावरचंद गहलोत कुछ पर रुके और फिर कर्नाटक के लिए रवाना हो गए।

राज्यपाल की गैर मौजूदगी में कर्नाटक में सीएम का इस्तीफा
उधर कर्नाटक में राज्यपाल थावरचंद गहलोत की गैरमौजूदगी में बड़ा सियासी घटनाक्रम हुआ। कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने इस्तीफा दे दिया है। इससे पहले सीएम सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मिलने का समय मांगा था लेकिन राज्यपाल के बेंगलुरू से बाहर होने के कारण उन्हें समय नहीं मिला था। अब खबरें हैं कि सिद्धारमैया राज्यपाल दफ्तर को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं। जिसे राज्यपाल बाद में स्वीकार कर सकते हैं।

थावरचंद गहलोत के दामाद ने छोड़ी कांग्रेस
पांच दिन पहले 23 मई को थावरचंद गहलोत के दामाद विशाल मालवीय ने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। विशाल मालवीय थावरचंद गहलोत के दामाद होने के साथ ही मध्यप्रदेश कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मंत्री रहे राधाकिशन मालवीय के पोते हैं। विशाल वर्तमान में इंदौर जनपद पंचायत में सदस्य हैं और देवास-शाजापुर से लोकसभा चुनाव लड़ने वाले राजेंद्र मालवीय के बेटे हैं। कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद विशाल मालवीय ने प्रदेशाध्यक्ष जीतू पटवारी (jitu patwari) की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने अपने इस्तीफे में लिखा था- जो लोग केवल नेताओं के आगे पीछे घूमकर व्यक्तिगत लाभ साधने में लगे हैं, उन्हें संगठन में पद व प्रतिष्ठा प्रदान की जा रही है। वर्षों से पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ताओं को लगातार उपेक्षित कर हाशिये पर धकेला जा रहा है। संगठन में आज स्वयं को उपेक्षित व असहज महसूस करना अत्यन्त दुर्भाग्यपूर्ण है।

हवालात में बेचैन रही गिरिबाला सिंह और समर्थ, भविष्य की चिंता में गुजरी रात; आज कोर्ट में पेशी

भोपाल 

एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने उसकी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप है। सीबीआई ने लगातार तीन दिन तक पूछताछ, स्पॉट वेरिफिकेशन और सबूतों की जांच के बाद यह कार्रवाई की है।

गिरिबाला को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। सीबीआई ने 25 मई की रात इस मामले में औपचारिक एफआईआर दर्ज की थी। 26 मई को सीबीआई की टीम पहली बार बाग मुगलिया एक्सटेंशन स्थित गिरिबाला सिंह के घर पहुंची थी। यहां अधिकारियों ने करीब दो घंटे तक पूछताछ की।

टीम ने ट्विशा शर्मा की मौत वाली रात की परिस्थितियों, घर में मौजूद लोगों की गतिविधियों और घटना के बाद की गई कार्रवाई को लेकर जानकारी भी हासिल की। ट्विशा के पति समर्थ सिंह को सीबीआई पहले ही रिमांड पर ले चुकी है। सूत्रों का कहना है कि अब समर्थ और गिरिबाला को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाएगी।

सीबीआई अब टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। एजेंसी ट्विशा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की हर गतिविधि को मिनट-टू-मिनट समझा जा सके।

डिजिटल एविडेंस का इन्वेस्टिगेशन कर रही CBI
28 मई की सुबह साढ़े 10 बजे सीबीआई की टीम एक बार फिर गिरिबाला सिंह के घर पहुंची। 7 घंटे से ज्यादा समय तक लगातार पूछताछ की गई। इस तरह तीन दिन में करीब 10 घंटे चले सवाल-जवाब में सीबीआई ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया।

स्पॉट वेरिफिकेशन के दौरान जांच एजेंसी को ऐसे संकेत मिले, जिनसे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका मजबूत हुई। इसी आधार पर गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार किया गया।

सीबीआई अब कॉल डिटेल रिकॉर्ड, टावर लोकेशन और डिजिटल एविडेंस का इन्वेस्टिगेशन कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि घटना की रात किन लोगों से संपर्क किया गया था और मौत के बाद घटनास्थल पर क्या बदलाव किए गए?

सवाल में फंसी गिरिबाला सिंह

 ट्विशा शर्मा केस में पूर्व जज गिरिबाला सिंह कानूनी शिकंजे में बुरी तरह से फंस चुकी हैं। गुरुवार को गिरफ़्तारी के बाद उन्हें बेटे समर्थ सिंह के साथ सीबीआई की हवालात में रखा गया। आज गिरिबाला सिंह को सीबीआई, कोर्ट में पेश करेगी। पूर्व जज, ट्विशा शर्मा केस की जांच कर रहे अधिकारियों के सवालों में घिरीं हैं। सीबीआई उनसे प्रमुख रूप से यह जानना चाह रही है कि फांसी लगाने और एम्स ले जाने के बीच ट्विशा के साथ क्या हुआ! उसके शरीर पर 6 चोटें कैसे आईं। गिरिबाला सिंह अधिकारियों के सामने पुराने बयान ही दोहरा रही हैं लेकिन सीबीआई को इस पर भरोसा नहीं हो रहा।

सीबीआई ने मामले की जांच तेज कर दी है। सोमवार की रात को दिल्ली से आकर नई एफआईआर दर्ज कराने के बाद से ही टीम लगातार सक्रिय है। इस दौरान केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियोें ने केस के हर पहलू को खंगालने की कोशिश की है। जांच अधिकारियों के अनुसार चार दिनों में ही टीम को कई अहम सबूत हासिल हो चुके हैं।

बहू की संदिग्ध मौत के केस के संबंध में सास पूर्व जज गिरिबाला सिंह के घरेलू कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। सीबीआई के जांच अधिकारियों ने समर्थ के उस चचेरे भाई स्वराज को भी तलब किया, जिसने वारदात के बाद कथित तौर पर ट्विशा शर्मा को फंदे से उतारने में मदद की थी।

 हवालात में रातभर बेचैन रहे समर्थ और गिरिबाला सिंह

 भोपाल की पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह भी सीबीआई की हवालात में पहुंच चुकी हैं। अपनी बहू मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सीबीआइ ने उन्हें गुुरुवार को गिरफ़्तार कर लिया था। बुधवार देर रात ही हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद गुरुवार सुबह सीबीआई टीम उनके घर पहुंची और ट्विशा की मौत से जुड़े कई सवाल पूछे। कई घंटों तक चली पूछताछ के बाद घटना के 17वें दिन पूर्व जज गिरिबाला सिंह को गिरफ़्तार कर लिया गया। सीबीआइ उन्हें मैनिट में तैयार कैंप ऑफिस ले गई। यहीं मेडिकल जांच कराई। बाद में सीबीआइ ऑफिस ले गई। केस के लिए सीबीआइ ने भोपाल दफ़्तर से अलग मैनिट गेस्ट हाउस को कैंप ऑफिस बनाया है। अब शुक्रवार को सीबीआइ स्पेशल कोर्ट में पेश कर गिरिबाला सिंह को रिमांड पर लेगी। ट्विशा शर्मा केस में समर्थ सिंह और पूर्व जज गिरिबाला सिंह अब बुरी तरह फंस गए हैं। भविष्य की चिंता ने मां बेटे को बेचैन कर दिया है।

सीबीआइ की टीम सुबह 10.30 बजे ट्विशा के आरोपी पति समर्थ सिंह को लेकर उसके घर पहुंची। यहां सास गिरिबाला सिंह, चचेरे भाई स्वराज और अन्य लोगों से 7 घंटे पूछताछ की। इसके बाद शाम 5.15 बजे गिरिबाला को गिरफ़्तार कर लिया।

आईसेक्ट इंडिया ने एमपीएल टीम रॉयल निमाड़ ईगल्स का किया भव्य लॉन्च, खेल प्रतिभाओं के सम्मान के साथ सामाजिक पहलों की घोषणा

आईसेक्ट इंडिया ने एमपीएल टीम “रॉयल निमाड़ ईगल्स” का किया भव्य लॉन्च, खेल प्रतिभाओं के सम्मान के साथ सामाजिक पहलों की घोषणा

भोपाल
 मध्य प्रदेश लीग (MPL) टी-20 क्रिकेट में वर्ष 2025 में प्रेजेंटिंग स्पॉन्सर के रूप में प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराने के बाद आईसेक्ट समूह ने इस बार एक निर्णायक कदम उठाते हुए अपनी नई पुरुष एवं महिला क्रिकेट टीम “रॉयल निमाड़ ईगल्स” का भव्य लॉन्च किया। इस अवसर पर आयोजित विशेष मीट एंड ग्रीट कार्यक्रम में खिलाड़ियों, खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों, उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों एवं स्पॉन्सर्स की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम के दौरान खेल एवं क्रिकेट के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले करीब 10 व्यक्तित्वों एवं टीम के स्पॉन्सर्स का सम्मान किया गया। साथ ही रॉयल निमाड़ ईगल्स की मेंस एवं वूमेंस टीम का भव्य स्वागत किया गया।

इस अवसर पर टीम का विशेष “रॉयल निमाड़ ईगल्स जिंगल” लॉन्च किया गया, जिसने उपस्थित अतिथियों और खेल प्रेमियों में उत्साह का संचार किया। इसके साथ ही टीम की नई जर्सी का अनावरण किया गया। इस दौरान मंच पर आईसेक्ट समूह के चेयरमैन श्री संतोष चौबे, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी एवं एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डॉ. पल्लवी राव चतुर्वेदी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में रॉयल निमाड़ ईगल्स की क्रिकेट किट का भी अनावरण किया गया। इस अवसर पर रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय की प्रो. चांसलर डॉ. अदिति चतुर्वेदी, आईक्यूएसी डायरेक्टर नितिन वत्स, टीम डायरेक्टर जी. सतीश एवं टीम मैनेजर विजय प्रताप मंच पर मौजूद रहे।

आईसेक्ट समूह द्वारा ‘रॉयल निमाड़ ईगल्स’ नाम का चयन केवल एक भौगोलिक संकेत नहीं, बल्कि निमाड़ क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के प्रति समूह की भावनात्मक प्रतिबद्धता और दीर्घकालिक रणनीतिक दृष्टि का प्रतीक है। अब तक आईसेक्ट समूह रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्याल, स्कोप ग्लोबल स्किल्स यूनिवर्सिटी एवं डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करता रहा है, वहीं अब समूह खेल क्षेत्र में भी प्रतिभाओं को पहचानने, संवारने और उन्हें नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

निमाड़ अंचल, विशेषकर खंडवा एवं आसपास के क्षेत्रों में खेल प्रतिभा सदैव प्रचुर मात्रा में रही है। यहां के युवाओं में स्वाभाविक ऊर्जा, अनुशासन और प्रतिस्पर्धी जज़्बा दिखाई देता है, लेकिन लंबे समय तक उन्हें संगठित संरचना, पेशेवर मार्गदर्शन और बड़े मंच का अभाव रहा। ‘रॉयल निमाड़ ईगल्स’ इसी सोच का विस्तार है, जो क्षेत्रीय गौरव को पेशेवर उत्कृष्टता से जोड़ने का प्रयास है।

खेल के परिप्रेक्ष्य में ‘ईगल’ धैर्य, रणनीतिक सोच और आक्रामकता के संतुलन का प्रतिनिधित्व करती है। वहीं ‘रॉयल’ शब्द गरिमा, नेतृत्व और श्रेष्ठता का प्रतीक है। टीम का नाम यह संदेश देता है कि सफलता केवल ताकत से नहीं, बल्कि सही समय पर सही निर्णय लेने की क्षमता से प्राप्त होती है।

टीम चयन के लिए आईसेक्ट समूह द्वारा 24 फरवरी से खंडवा, इंदौर, ग्वालियर, भोपाल और रीवा में ओपन ट्रायल्स आयोजित किए गए, जिनमें प्रदेशभर से बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ियों ने भाग लिया।
अपने संबोधन में आईसेक्ट समूह के चेयरमैन श्री संतोष चौबे ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, नेतृत्व और आत्मविश्वास का विकास करते हैं। रॉयल निमाड़ ईगल्स केवल एक क्रिकेट टीम नहीं, बल्कि निमाड़ क्षेत्र की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का एक सशक्त मंच बनेगी।
एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने कहा, “आईसेक्ट समूह का यह कदम केवल टीम लॉन्च तक सीमित नहीं है। समूह प्रशिक्षण, फिटनेस, पोषण, विश्लेषण और खेल प्रबंधन को समेकित कर एक स्थायी खेल इकोसिस्टम विकसित करना चाहता है। इसके लिए स्कोप कैंपस में आधुनिक सुविधाओं से लैस रॉयल ईगल्स क्रिकेट एकेडमी स्थापित की गई है। हम केवल टीम नहीं बना रहे, बल्कि एक ऐसा संरचित इकोसिस्टम तैयार कर रहे हैं जहाँ युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और प्रोफेशनल सपोर्ट मिल सके।”

कार्यक्रम के दौरान आईसेक्ट इंडिया द्वारा एमपीएल के माध्यम से संचालित किए जाने वाले विभिन्न सोशल इनीशिएटिव्स की भी घोषणा की गई। इसके अंतर्गत मैच में प्रत्येक सेंचुरी पर गर्ल्स एजुकेशन और फ्री क्रिकेट किट दिए जाने का इनिशिएटिव लिया गया है।

कार्यक्रम में रॉयल निमाड़ ईगल्स टीम के खिलाड़ी, कोचिंग स्टाफ, खेल जगत की प्रतिष्ठित हस्तियां, उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

मेंस टीम सदस्य –
रॉयल निमाड़ ईगल्स पुरुष टीम 2026 में कप्तान सारांश जैन एवं उपकप्तान हिमांशु मंत्री के नेतृत्व में मैदान पर उतरेगी। टीम में कुमार कार्तिकेय सिंह, आनंद सिंह बैस, प्रणित पाटीदार, पारुष मंडल, पुष्कर विश्वकर्मा, प्रारब्ध वी. मिश्रा, शिवांश चतुर्वेदी, कनिष्क दुबे, धर्मेश पटेल, कार्तिक राजोरिया, शांतनु रघुवंशी, अयान श्रीराज, अभिषेक मावी, देवेंद्र सिंह कठैत एवं शशांक पाटीदार जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हैं।

वूमंस टीम सदस्य –
रॉयल निमाड़ ईगल्स महिला टीम 2026 में कप्तान निकिता सिंह के नेतृत्व में मैदान पर उतरेगी। टीम में वैष्णवी शर्मा, यामिनी बिल्लोरे, कल्याणी जादव, सोनिया सिंह, तनिष्का सेन, दीप्ति सिंह, हर्षिता सिंह, ऋषिता जैन, खुशी यादव, जानवी राय, लक्ष्यिता माहेश्वरी, मुस्कान योगी, राशि सोनी एवं सलोनी पासवान जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी शामिल हैं।

MP Weather Update: ग्वालियर-मुरैना में बारिश, 6 जिलों में लू और आंधी-ओलों का अलर्ट

ग्वालियर

मध्य प्रदेश में नौतपा के बीच मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है। ग्वालियर में शुक्रवार सुबह 6 बजे से रुक-रुक कर, जबकि मुरैना जिले में तेज बारिश हुई।

अचानक बदले मौसम से लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली है। बता दें कि गुरुवार को भी दमोह समेत कई जिलों में ओले गिरे और बारिश हुई।

मौसम विभाग ने शुक्रवार को ग्वालियर, मुरैना, श्योपुर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, वहीं भोपाल, जबलपुर समेत 27 जिलों में हीटवेव का येलो अलर्ट है। यहां पारा 43 डिग्री के ऊपर ही रहेगा।

प्रदेश के 10 शहरों में पारा 45 डिग्री पार…खजुराहो सबसे गर्म
25 मई से नौतपा की शुरुआत हुई है। इसके पहले दिन से ही प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया। 18 मई से खजुराहो-नौगांव सबसे गर्म बने हुए हैं। इस अवधि में यहां अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 47 डिग्री के पार पहुंच गया।

नौतपा के चौथे दिन गुरुवार को मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर देखने को मिला। 10 शहर ऐसे रहे, जहां पारा 45 डिग्री या इसके पार पहुंच गया। खजुराहो सबसे गर्म रहा। यहां अधिकतम तापमान 46.5 डिग्री दर्ज किया गया।

राजगढ़ में 46 डिग्री, दतिया में 45.7 डिग्री, नौगांव, दमोह-मलाजखंड में 45.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 45.2 डिग्री, सतना में 45.1 डिग्री, मंडला-सागर में 45 डिग्री रहा।

इसी तरह गुना में 44.7 डिग्री, श्योपुर में 44.6 डिग्री, रायसेन में 44.2 डिग्री, रीवा-छिंदवाड़ा में 44 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 44.7 डिग्री, जबलपुर में 44 डिग्री, भोपाल में 43.8 डिग्री, इंदौर में 41.8 डिग्री और उज्जैन में पारा 42.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया

MP के सरकारी कर्मचारियों को बड़ी सौगात! अब मिलेगी 15 दिन की एक्स्ट्रा छुट्टी, 4 लाख टीचर्स को फायदा

भोपाल
 मध्य प्रदेश के 4 लाख शिक्षकों के लिए खुश खबरी है. सरकारी स्कूलों में पढ़ाने वाले टीचर्स की गर्मियों की छुट्टियों को 15 दिन और बढ़ाया जा रहा है. स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा टीचर्स की छुट्टियों को 15 जून तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है. टीचर्स एसोसिएशन द्वारा शिक्षकों की छुट्टियां बढ़ाए जाने की मांग की जा रही थी, जिसे विभागीय मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने हरी झंडी दे दी है. प्रदेश में सरकारी स्कूल स्टूडेंट्स के लिए 23 जून से रीओपन होने जा रहे हैं।

जनगणना ड्यूटी को अतिरिक्त छुट्टी का बनाया गया आधार
प्रदेश में सरकारी टीचर्स की गर्मियों की छुट्टियां 1 मई से 31 मई तक निर्धारित थीं. हालांकि, इस बार गर्मियों की छुट्टियों के दौरान ही 7 मई से हायर सेकंडरी और हाई स्कूल की दूसरी बोर्ड परीक्षाएं शुरू हुईं, जो 27 मई तक चलीं. इसके अलावा जनगणना भी चलती रही. इसमें अधिकांश शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी. छुट्टियों के दौरान दूसरे सरकारी काम कराए जाने को आधार बनाकर शिक्षक संगठनों द्वारा स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप से मुलाकात की गई और शिक्षकों का ग्रीष्मकालीन अवकाश बढ़ाने की मांग की गई थी. शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष क्षत्रवीर सिंह राठौर के नेतृत्व में मंत्री को ज्ञापना सौंपा गया था।

मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने दी हरी झंडी
उधर स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के मुताबिक, ” प्रदेश में स्कूली टीचर्स का ग्रीष्मकालीन अवकाश का समय बढ़ाया जा रहा है. शिक्षकों को 15 जून तक का अवकाश दिया जा रहा है. इसके लिए अधिकारियों को प्रस्ताव बनाने के लिए कहा गया है. जल्द ही इस संबंध में निर्णय लिया जाएगा.” उधर विभाग द्वारा प्रस्ताव तैयार कर स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. संजय गोयल के पास इसे भेजा जाएगा. प्रमुख सचिव के अनुमोदन के बाद इस संबंध में आदेश जारी किया जाएगा।

अब 23 जून को खुलेंगे स्कूल
प्रदेश में पहले स्कूली शिक्षकों को 2 माह का ग्रीष्मकालीन अवकाश मिलता था, जिसे घटा कर 40 दिन कर दिया गया था. 2024-25 में शिक्षकों की छुट्टियों को 10 दिन और कम कर दिया गया. 2025 के बाद इस साल भी शिक्षकों को 31 दिन का अवकाश दिया गया. हालांकि, अब शिक्षकों के अवकाश को 15 दिन और बढ़ाया जा रहा है. प्रदेश में सरकारी स्कूल अब स्टूडेंट्स के लिए 23 जून को खुलेंगे।

ट्विशा शर्मा केस में बड़ा एक्शन, सास गिरिबाला सिंह को CBI ने किया गिरफ्तार

भोपाल
 ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है।छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद सीबीआई की टीम ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह को सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया जा रहा है। वहां उनका मेडिकल करवाया जाएगा। इसके सीबीआई कोर्ट में उनकी पेशी होगी।

पूछताछ के बाद हुई गिरफ्तारी
दरअसल, एमपी हाईकोर्ट ने देर रात उनकी अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। इसके बाद सुबह साढ़े 10 बजे के करीर सीबीआई की टीम उनके घर में प्रवेश की थी। उसके बाद से लगातार उनसे पूछताछ चल रही थी। पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने अपने खराब स्वास्थ्य का भी हवाला दिया था। इस दौरान गिरिबाला सिंह के वकीलों ने डॉक्टरों के पर्चे भी प्रस्तुत किए।

बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती
गिरिबाला सिंह पूछताछ के दौरान घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती थी। उनसे तमाम सवाल सीबीआई ने पूछे हैं जो ट्विशा के केस से संबंधित हैं। सीबीआई के अधिकारियों के साथ-साथ घर में एसआईटी की टीम भी मौजूद है। इसके साथ ही सीबीआई की तकनीकी टीम भी घर में मौजूद है।

एजेंसी घर का पूरा वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन कर रही है
इससे पहले CBI ने कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा शर्मा के अंतिम घंटों को फिर से रचने के लिए ‘टनल व्यू’ जांच पद्धति का इस्तेमाल किया. जांच एजेंसी घर का पूरा वर्चुअल री-कंस्ट्रक्शन कर रही है, ताकि ट्विशा के आखिरी समय की हर गतिविधि को समझा जा सके और यह पता लगाया जा सके कि कौन कब घर में आया या गया. इसके लिए सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और इंटरनेट रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की जा रही है। 

मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने रद्द की थी जमानत याचिका
CBI ने इस सप्ताह की शुरुआत में मध्यप्रदेश पुलिस से  ट्विशा मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है. पेशे से वकील समर्थ सिंह इसके बाद से फिलहाल सीबीआई की हिरासत में हैं.  इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को उनकी बहू ट्विशा शर्मा की दहेज मृत्यु के मामले में दी गई अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी. बुधवार को जारी आदेश में निचली अदालत द्वारा 15 मई के आदेश के जरिए दी गई राहत को रद्द कर दिया गया था. अदालत ने यह टिप्पणी की कि जमानत देते समय केस डायरी और गवाहों के बयानों से जुड़े अहम तथ्यों पर ठीक से विचार नहीं किया गया था। 

ट्विशा शर्मा केस की टाइमलाइन

    ट्विशा शर्मा ने 12 मई को ससुराल में दी थी जान
    13 मई को परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या हुई
    गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर एफआईआर की मांग को लेकर परिजनों ने किया प्रदर्शन
    इसके बाद परिजनों ने दोबारा पोस्टमार्टम की मांग की
    भोपाल कोर्ट से याचिका हो गई खारिज
    परिजनों ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर सीएम से मुलाकात की
    दोबारा पोस्टमार्टम के लिए परिजनों ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई
    हाईकोर्ट ने दोबारा पोस्टमार्टम के आदेश दिए
    सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश कर दी
    दिल्ली एम्स की टीम ने ट्विशा शर्मा के शव का किया पोस्टमार्टम
    सुप्रीम कोर्ट ने भी मामले में संज्ञान लिया
    इसके बाद ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने सरेंडर किया
    सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू की
    हाईकोर्ट से गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत खारिज

समर्थ सिंह को भी लेकर पहुंची थी सीबीआई
दरअसल, गिरिबाला सिंह पूछताछ से पहले सीबीआई की टीम समर्थ सिंह को भी लेकर घर पहुंची थी। बताया जाता है कि गिरिबाला और समर्थ सिंह को आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की गई थी। कोर्ट में पेशी के बाद गिरिबाला सिंह को सीबीआई रिमांड पर ले सकती है।

उठ रहे हैं कई सवाल
वहीं, ट्विशा शर्मा की मौत को लेकर कई सवाल हैं। इसमें सबसे अहम सवाल उसकी मौत की टाइमिंग को लेकर है। पुलिस की डायरी में मौत की टाइमिंग कुछ और है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में कुछ और टाइम दर्ज है। ऐसे में तमाम तकनीकी साक्ष्यों की जांच को इकट्ठा कर रही है। एसआईटी ने भी अभी तक की जांच रिपोर्ट सीबीआई को सौंप दी है। इसके बाद सीबीआई अपने तरीके से जांच कर रही है।

ट्विशा शर्मा मौत मामला: अब तक की बड़ी बातें 

  •     12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में ट्विशा शर्मा मृत पाई गईं थी.
  •     शुरुआती जांच में मौत का कारण फांसी बताया गया, लेकिन परिवार ने साजिश और दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया.
  •     पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज उत्पीड़न और क्रूरता की धाराओं में मामला दर्ज हुआ.
  •     मामले की गंभीरता और विवाद के बाद जांच सीबीआई को सौंप दी गई. 
  •     सीबीआई ने भोपाल पहुंचकर केस दोबारा दर्ज किया और सभी दस्तावेज, डिजिटल सबूत व फोरेंसिक रिपोर्ट अपने कब्जे में ली
  •     एजेंसी ने घटनास्थल का निरीक्षण कर पूरे घर की जांच और क्राइम सीन को समझने की प्रक्रिया शुरू की
  •     जांच में सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और अन्य डिजिटल सबूत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं
  •     सुप्रीम कोर्ट ने मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई को केस सौंपा
  •     सीबीआई ने पति और सास से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए और जांच को आगे बढ़ाया।
  •     ताजा कार्रवाई में सीबीआई ने सास गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया, जिससे मामले में जांच तेज हो गई है

जस्टिस देव नारायण मिश्रा ने भोपाल की एक सत्र अदालत द्वारा दी गई अग्रिम जमानत को रद्द कर दिया. उन्होंने यह टिप्पणी की कि निचली अदालत केस डायरी, गवाहों की गवाही और व्हाट्सअप बातचीत जैसे अहम सबूतों की ठीक से जांच करने में नाकाम रही। 

हाई कोर्ट ने मामले की समीक्षा करने के बाद पाया कि इस आदेश में गंभीर कमियां थीं. बेंच ने यह भी पाया कि ट्रायल कोर्ट ने केस डायरी में दर्ज गवाहों की अहम गवाही और दस्तावेजी सबूतों को नजरअंदाज कर दिया था, जो सिंह की कथित संलिप्तता की ओर इशारा कर रहे थे। 

33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई की रात भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फांसी के फंदे पर लटकी मिली थीं. शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध नजरन आने पर परिवार ने पति और ससुराल वालों पर मानसिक प्रताड़ना, दहेज की मांग और लगातार उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे. इसके बाद भोपाल पुलिस ने 15 मई को दहेज मृत्यु और क्रूरता से जुड़ी धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। 

पीएम सूर्य घर योजना में 39 हजार 975 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 311 करोड़ से अधिक की सब्सिडी

पीएम सूर्य घर योजना में 39 हजार 975 उपभोक्ताओं के खातों में पहुंची 311 करोड़ से अधिक की सब्सिडी

योजना में तीन किलोवॉट के सौर संयंत्र लगाने पर मिल रही 78 हजार की सब्सिडी

भोपाल

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रान्तर्गत आने 16 जिलों में पीएम सूर्य घर योजना के तहत अब तक कुल 39 हजार 975 उपभोक्ता पंजीकृत हुए हैं। इनके खातों में 311 करोड़ 64 लाख से अधिक की राशि सब्सिडी के रूप में जमा कराई जा चुकी है। कंपनी ने कहा है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन उपरांत विद्युत वितरण कंपनी में रजिस्टर्ड अधिकृत वेंडर से ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाएं।

पीएम सूर्य घर योजना में एक किलोवॉट सोलर संयन्त्र लगाने पर 30 हजार रूपये, दो किलोवॉट सोलर संयंत्र लगाने पर 60 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट या उससे अधिक के सोलर संयन्त्र स्थापना पर 78 हजार रुपए की सब्सिडी केन्द्र सरकार द्वारा दी जा रही है।

कहां करें आवेदन

पीएम सूर्य घर योजना का शुभारंभ 13 फरवरी 2024 को हुआ था। योजना में शामिल होने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए पीएम सूर्य घर योजना की वेबसाइट pmsuryaghar.gov.in पर जाकर आवेदन किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त अधिक जानकारी के लिए कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in अथवा उपाय ऐप, वॉट्स ऐप चेटबॉट व टोल फ्री नं, 1912 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

कंपनी से प्राप्त जानकारी में बताया गया है कि उपभोक्ताओं को समय पर सब्सिडी मिले इसके लिए वेंडर और उपभोक्ता दोनों को ध्यान रखना होगा कि उनके बैंक खाते में नाम, आधार कार्ड में नाम तथा बिजली बिल में नाम एक समान होना चाहिए। 1 दिसंबर 2024 से स्थापित होने वाले प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना अंतर्गत सौर संयंत्रों में केवल स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं, जो कि मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा एस.ओ.आर. रेट पर उपभोक्ताओं को प्रदान किए जा रहे हैं। इससे उपभोक्ताओं द्वारा सोलर वेंडर को किए जाने वाले भुगतान में लगभग 6 से 8 हजार रूपये तक की कमी परिलक्षित हो रही है।

 

तरबूज से मौत की खबरों का असर, खरीदार गायब; कई शहरों में दाम 30% तक गिरे

भोपाल

गर्मी के मौसम में सबसे ज्यादा खाए जाने वाले फलों में शामिल तरबूज इस बार डर की वजह से बाजार में मार झेल रहा है। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में तरबूज खाने के बाद कथित मौतों की खबरें सामने आने के बाद लोगों ने इसे खरीदना कम कर दिया है, जिसका सीधा असर बिक्री और कीमतों पर पड़ा है।

बाजार में मांग घटी, कीमतों में बड़ी गिरावट
इन घटनाओं और सोशल मीडिया पर फैली खबरों के बाद भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में तरबूज की मांग तेजी से घट गई है। थोक और खुदरा दोनों बाजारों में बिक्री कम होने से किसानों और छोटे फल विक्रेताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई जगहों पर दाम 20 से 30 प्रतिशत तक नीचे आ गए हैं। पहले जो तरबूज 18–20 रुपए किलो बिक रहा था, वह अब 12–13 रुपए किलो तक पहुंच गया है, जबकि थोक में कीमत 7–8 रुपए किलो तक गिर गई है।

संदिग्ध मामलों से बढ़ी चिंता
मुंबई के पायधुनी इलाके में अप्रैल के अंत में एक परिवार की मौत के बाद मामला चर्चा में आया, जहां खाने के बाद अचानक सभी की तबीयत बिगड़ गई थी। बाद में फोरेंसिक रिपोर्ट में तरबूज में जिंक फॉस्फाइड जैसे जहरीले रसायन के संकेत मिलने की बात सामने आई, हालांकि जांच अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इसके अलावा मध्यप्रदेश के श्योपुर में भी इसी तरह का मामला सामने आया, जहां तरबूज खाने के बाद दो लोगों की मौत हो गई थी और सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।

मंडियों में माल, लेकिन ग्राहक गायब
भोपाल की करोंद फल मंडी में रोजाना 15 से 20 मिनी ट्रक तरबूज पहुंच रहा है। थोक व्यापारी मोहम्मद सैफुद्दीन का कहना है कि पिछले 15-20 दिनों में बिक्री पर बड़ा असर पड़ा है। उन्होंने बताया, ‘पहले 25-30 क्विंटल तरबूज वाली गाड़ी सुबह तक खाली हो जाती थी, लेकिन अब दोपहर तक भी मुश्किल से बिकती है। मजबूरी में दाम घटाने पड़ रहे हैं। अगर ये खबरें नहीं आतीं तो इतनी गर्मी में बिक्री दोगुनी होती और भाव 25-30 रुपए किलो तक पहुंच जाते।’

इंदौर में भी स्थिति अलग नहीं है। फार्मिंग इन्फ्लूएंसर नीलेश पाटीदार के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल खबरों ने पूरे बाजार को प्रभावित किया है। उनका कहना है कि अच्छी गुणवत्ता वाले तरबूज के दाम सामान्य स्थिति में 17-18 रुपए किलो तक जाते, लेकिन अभी 10-12 रुपए से ऊपर नहीं पहुंच पा रहे।

सबसे ज्यादा मार छोटे विक्रेताओं पर
फुटपाथ पर फल बेचने वाले छोटे व्यापारियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। भोपाल के अशोका गार्डन में ठेला लगाने वाले राजू बताते हैं कि गर्मी के मौसम में तरबूज ही उनकी कमाई का सबसे बड़ा सहारा होता है, लेकिन इस बार बिक्री आधी रह गई है।

राजू कहते हैं, ‘वीडियो और खबरें वायरल होने के बाद लोग खरीदने से डर रहे हैं। जो ग्राहक आते भी हैं, वे पूछते हैं कि इसमें कुछ मिलाया तो नहीं गया।’

किसानों की मेहनत पर पानी फिर रहा
खंडवा जिले के किसान अजय सिंह गुर्जर ने बताया कि इस बार मौसम अच्छा होने से उत्पादन बढ़िया हुआ और किसानों को अच्छी कमाई की उम्मीद थी। लेकिन अचानक मांग घटने से हालात बिगड़ गए।

उन्होंने कहा, ‘मंडी में दाम इतने गिर गए कि लागत निकालना मुश्किल हो गया। कई व्यापारी खेत से माल उठाने ही नहीं पहुंचे। कई जगह 5-6 रुपए किलो तक भाव आ गए। मजबूरी में फसल खेतों में ही खराब हो गई।’

खरीदारों में डर, बदल रही आदतें
भोपाल में पढ़ाई कर रहे एक छात्र के अनुसार, ऐसी खबरों के बाद लोग तरबूज खरीदने से बच रहे हैं या फिर बहुत सावधानी से चुनकर खरीद रहे हैं। कई ग्राहक अब इसकी जगह अन्य फलों की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे बाजार में मांग और भी कम हो गई है।

मंडियों में माल ज्यादा, ग्राहक कम
भोपाल की करोंद फल मंडी में रोजाना कई ट्रक तरबूज पहुंच रहे हैं, लेकिन बिक्री धीमी पड़ गई है। व्यापारियों का कहना है कि पहले पूरा माल सुबह तक बिक जाता था, लेकिन अब दिनभर में भी पूरा स्टॉक खत्म नहीं हो रहा। मजबूरी में दाम घटाने पड़ रहे हैं। इंदौर में भी स्थिति लगभग ऐसी ही है, जहां अच्छे क्वालिटी के तरबूज भी सामान्य कीमत से काफी कम दाम पर बिक रहे हैं।

फूड सेफ्टी विभाग अलर्ट
मामले सामने आने के बाद भोपाल, जबलपुर समेत कई शहरों में फूड सेफ्टी विभाग ने जांच अभियान चलाया। एहतियात के तौर पर कई जगह सैंपलिंग की गई है।

भोपाल के फूड सेफ्टी अधिकारी पंकज श्रीवास्तव के मुताबिक दुकानों और गोदामों से तरबूज, आम समेत कई फलों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। कुछ जगहों पर कृत्रिम रूप से फल पकाने में इस्तेमाल किए जा रहे संदिग्ध केमिकल भी जब्त किए गए हैं।

घर पर ऐसे करें तरबूज की जांच
भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के अनुसार तरबूज में कृत्रिम रंग या मिलावट की पहचान घर पर भी की जा सकती है।

    कॉटन टेस्ट: तरबूज के लाल हिस्से पर सफेद कॉटन या टिशू पेपर रगड़ें। अगर कॉटन गहरा लाल या चटक गुलाबी हो जाए तो कृत्रिम रंग होने की आशंका हो सकती है।
    वाटर टेस्ट: तरबूज का छोटा टुकड़ा पानी से भरे ग्लास में डालें। यदि पानी तुरंत लाल या गुलाबी होने लगे तो यह मिलावट का संकेत हो सकता है। इसके अलावा तरबूज के अंदर बड़े क्रैक, ज्यादा सफेद-पीले रेशे या असामान्य रूप से चमकदार सतह भी कृत्रिम पकाने के संकेत माने जाते हैं। विशेषज्ञ भरोसेमंद दुकानदार से ही ताजा फल खरीदने की सलाह दे रहे हैं।

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