20 साल बाद MP में लौटेगी सरकारी बस सेवा, केसरिया रंग की बसें दौड़ेंगी सड़कों पर

भोपाल

 सुगम परिवहन सेवा के अंतर्गत प्रदेश में केसरिया रंग की बसें दौड़ेंगी। बीच में सफेद रंग की पट्टी होगी। पीएम ई-बस सेवा की बसों का रंग भी लगभग इसी तरह का है। सुगम परिवहन सेवा के तहत प्रदेश भर में 10 हजार से अधिक बसें चलेंगी।

पहले चरण में शहरी, उपनगरीय और दूसरे राज्यों के लिए एक साथ बसें चलाने की तैयारी है। इसकी शुरुआत जुलाई से इंदौर संभाग से करने का प्रयास है। शीघ्र ही बोर्ड की मीटिंग होने वाली है। इसके बाद कंपनी में भर्ती शुरू होगी। सरकार निजी बसों को अनुबंधित कर अपने नियंत्रण में संचालित करेगी। संचालन के लिए संभागीय स्तर पर सात कंपनियां बनाई गई हैं।

मप्र राज्य सड़क परिवहन सेवा की बसें चलती थीं

बता दें कि प्रदेश में मप्र राज्य सड़क परिवहन सेवा की बसें चलती थीं। घाटे के चलते तत्कालीन कांग्रेस सरकार में मुख्यमंत्री रहे दिग्विजय सिंह ने दिसंबर 2002 में सेवा बंद करने का निर्णय लिया था। वर्ष 2005 से यह बसें बंद हैं। वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सत्ता संभालने के दो माह के भीतर फिर शासकीय नियंत्रण में सार्वजनिक परिवहन सेवा प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

लगभग दो वर्ष की तैयारी के बाद अब बसों का संचालन शीघ्र प्रारंभ होने जा रहा है, जिनका किराए को लेकर निर्णय अभी होना है। बस संचालक किराया बढ़ाने की लगातार मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि वर्ष 2021 से किराया नहीं बढ़ाया गया है, जबकि डीजल की कीमतें व अन्य खर्च बढ़े हैं।

पहले चरण में दो वर्ष में 5206 बसें चलेंगी

योजना के पहले चरण में प्रदेश के कुल 1,164 मार्गों पर लगभग 5,206 बसों का संचालन अगले दो वर्षों में किया जाएगा। इनमें इंदौर क्षेत्र के कुल 121 मार्गों पर कुल 608 बसें, उज्जैन क्षेत्र के 120 मार्गों पर 371 बसें, भोपाल क्षेत्र के 104 मार्गों पर 398 बसें, जबलपुर क्षेत्र के 83 मार्गों पर 309 बसें, सागर क्षेत्र के 92 मार्गों पर 344 बसें, ग्वालियर क्षेत्र के 65 मार्गों पर 298 बसें और रीवा क्षेत्र के 35 मार्गों पर 184 बसें चलाई जाएंगी। क्षेत्रीय मुख्यालयों से उपनगरीय क्षेत्रों तक विस्तारित मार्ग स्वीकृति के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। बसों की निगरानी के लिए इंटेलीजेंट ट्रांसपोर्ट मैंनेजमेंट सिस्टम (आइटीएमएस) स्थापित किया जा रहा है।

जबलपुर में ‘हमारे राम’ कार्यक्रम के दौरान मंच पर लगी आग, बड़ा हादसा टला

जबलपुर

 शक्ति भवन स्थित तरंग ओडिटोरियम शनिवार की शाम करीब सात बजे उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब ‘हमारे राम’ कार्यक्रम के मंचन के दौरान शार्ट सर्किट से अचानक आग लग गई। आग लगते हैं लाइट बंद हो गई और ओडिटोरियम सहित परिसर में अंधेरा छा गया।

आग लगने और कक्ष से धुआं निकलता देख दर्शक और कलाकार बाहर की तरफ भागने लगे। आयोजकों ने मोबाइल के टार्च की रोशनी अभिनेता आशुतोष राणा सहित मंडली के अन्य कलाकारों को सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं नगर निगम के फायर बिग्रेड को भी सूचना दी गई।

ग्रीन रूम में लगी आग

प्रत्यक्षदर्शियों के दौरान शनिवार की ‘ हमारे राम’ कार्यक्रम के मंचन के दौरान शाम करीब सात बजे ग्रीन के पास पास शार्ट सर्किट से आग लग गई। बिजली भी बंद हो गई। आग धीरे-धीरे भड़कने लगी और पूरे ग्रीन सहित आस-पास धुआं का गुबार छा गया। बिजली गुल होने आग लगने से आयोजन स्थल में अफरातफरी मच गई। दर्शक सीट छोड़कर बाहर आ गए।

पर्याप्त नही थे अग्नि सुरक्षा के इंतजाम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार तरंगा ओडिटोरियम में आग से बचाव के सुरक्षा उपकरण भी पर्याप्त नही थे। आयोजक व ओडिटोरियम के कर्मचारियों ने मौजूद अग्निशमन संयंत्रों से आग बुझाने की कोशिश की परंतु सफलता नही मिली। नगर निगम के फायर बिग्रेड ने सूचना मिलते ही एक दमकल वाहन रवाना किया। दमकल कर्मियों कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया। गनीमत रही कि आग भड़की नही वरना बड़े हादसे भी इंकार नही किया जा सकता।

 

नदियों के उद्गम स्थलों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य: मंत्री पटेल

नदियों के उद्गम स्थलों को स्वच्छ और सुरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य: मंत्री पटेल

अमरकंटक धाम में तीन दिवसीय ‘स्वच्छता व कुण्ड सेवा अभियान में स्वयं किया श्रमदान

भोपाल

पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि माँ नर्मदा केवल आस्था की प्रतीक नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों के जीवन और अस्तित्व का आधार हैं। हमारी नदियों के उद्गम स्थलों को स्वच्छ, सुरक्षित और समृद्ध बनाए रखने में प्रत्येक नागरिक को अपना बहुमूल्य योगदान देना चाहिए। मंत्री पटेल ने यह विचार अमरकंटक धाम स्थित माँ नर्मदा नदी के पावन उद्गम स्थल पर 29 से 31 मई तक आयोजित इस विशेष स्वच्छता अभियान में श्रमदान के दौरान व्यक्त कियें। मंत्री पटेल ने विशेष बल देते हुए कहा कि नदियों का संरक्षण केवल धार्मिक दायित्व नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के सुरक्षित जीवन का आधार है, क्योंकि यदि आज हम जल स्रोतों और उद्गम स्थलों को संरक्षित करेंगे, तभी आने वाली पीढ़ियाँ जल संकट से बच सकेंगी।

मंत्री पटेल ने स्वयं उपस्थित होकर जनभागीदारी के साथ सक्रिय रूप से श्रमदान किया। ‘मणिनागेंद्र सिंह फाउंडेशन’ एवं ‘निर्विकार पथ’ के सेवाभावी कार्यकर्ताओं के सहयोग से संचालित इस अभियान में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों, श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर उद्गम और कुण्ड क्षेत्र की स्वच्छता, संरक्षण तथा सेवा कार्यों में अपना योगदान दिया, जिससे यह अभियान क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता का एक बड़ा माध्यम बनकर उभरा है।

उल्लेखनीय है कि मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल लंबे समय से जल संरक्षण, जल स्रोतों के संवर्धन और प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ के माध्यम से पूरे प्रदेश में जल संरचनाओं के पुनर्जीवन, नदियों की स्वच्छता और जनजागरण के कार्यों को व्यापक गति मिली है। अमरकंटक में माँ नर्मदा के उद्गम स्थल पर किया गया यह श्रमदान उसी पर्यावरण-संरक्षण के संकल्प का जीवंत उदाहरण है, जो समाज में सकारात्मक चेतना का संचार करेगा और जनसहभागिता से जल संरक्षण के इस प्रयास को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

 

अवैध खनन पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, पूर्व सरपंच समेत 8 लोगों पर 5 करोड़ से ज्यादा का जुर्माना

पांढुर्ना 

पांढर्णा में अवैध खनन के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए छह प्रकरणों में कुल 5 करोड़ 44 लाख 27 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है। इस कार्रवाई में एक पूर्व सरपंच, तत्कालीन सचिव, ठेकेदार सहित आठ लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है। 

कलेक्टर नीरज कुमार वशिष्ठ के निर्देश पर खनिज विभाग और राजस्व अधिकारियों द्वारा की गई जांच में अवैध रेत, मिट्टी और मुरम उत्खनन के मामलों का खुलासा हुआ, जिसके बाद मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम-2022 के तहत कार्रवाई की गई। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले में अवैध खनन से जुड़े लोगों में हड़कंप की स्थिति है। लंबे समय से विभिन्न क्षेत्रों में अवैध उत्खनन की शिकायतें मिल रही थीं, जिनकी जांच के बाद संबंधित व्यक्तियों पर करोड़ों रुपए का आर्थिक दंड लगाया गया है।

रंगारी में सबसे बड़ा घोटाला, 5.26 करोड़ का अर्थदंड
सबसे बड़ा मामला सौंसर तहसील के ग्राम रंगारी में सामने आया। जांच के दौरान पाया गया कि स्वीकृत खदान लीज क्षेत्र की सीमा से बाहर जाकर करीब 3510 घनमीटर रेत का अवैध उत्खनन किया गया था। यह उत्खनन नियमों और स्वीकृत शर्तों के विपरीत पाया गया। मामले में तत्कालीन सरपंच प्रतिभा आनंदराव ठाकरे, तत्कालीन ग्राम सचिव तथा संबंधित ठेकेदार की भूमिका सामने आने पर तीनों को संयुक्त रूप से जिम्मेदार मानते हुए 5 करोड़ 26 लाख 50 हजार रुपए का अर्थदंड अधिरोपित किया गया। यह जिले में अवैध खनन से जुड़े मामलों में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी आर्थिक कार्रवाई मानी जा रही है।

जांच में सामने आई राजस्व हानि
अधिकारियों के अनुसार लीज क्षेत्र से बाहर खनिज निकालने के कारण शासन को भारी राजस्व हानि हुई। साथ ही नदी और आसपास के पर्यावरण पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई है। जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किए गए थे, जिसके बाद अंतिम आदेश पारित किया गया।

निजी भूमि पर भी नहीं मिली राहत
प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अवैध उत्खनन चाहे शासकीय भूमि पर हो या निजी भूमि पर, नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इसी क्रम में जिले के विभिन्न गांवों में निजी भूमि से मिट्टी, मुरम और रेत निकासी के मामलों में भी दंडात्मक कार्रवाई की गई। घोतकी निवासी तीरथ पेमचंद काहार पर सावंगा स्थित भूमि में अवैध उत्खनन पाए जाने पर 2 लाख 73 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। वहीं रामाकोना निवासी अशोक भाउराव उपासे पर सुरिया बुरिया क्षेत्र में अवैध खनन के मामले में 4 लाख 8 हजार रुपये का जुर्माना किया गया।

इसी प्रकार बोरगांव निवासी विजय देवीलाल प्रजाति पर खैरीतायगांव क्षेत्र में अवैध उत्खनन के लिए 2 लाख 73 हजार रुपये, जबकि काजलवानी में भूमि स्वामी असलमबी हबीबउल्ला और भट्टा संचालक नासिर हबीबउल्ला पर संयुक्त रूप से 4 लाख 35 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया। काजलवानी क्षेत्र में ही भूमि स्वामी अजीजउल्ला हबीबउल्ला पर 2 लाख 73 हजार रुपये व रामाकोना निवासी विजय बलवंत वानखेड़े पर 4 लाख 35 हजार रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया है।

एक माह की मोहलत, फिर होगी राजस्व वसूली
प्रशासन ने सभी आरोपितों को निर्धारित अर्थदंड की राशि जमा करने के लिए एक माह का समय दिया है। आदेश में कहा गया है कि तय अवधि में राशि जमा नहीं करने की स्थिति में उसे भू-राजस्व बकाया मानकर वसूला जाएगा। इसके लिए राजस्व वसूली की वैधानिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

जिलेभर में बढ़ेगी निगरानी
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन अब जिले के अन्य खनन क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों की भी समीक्षा कर रहा है। अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर नजर रखने के लिए राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग के संयुक्त दलों को सक्रिय किया गया है। अधिकारियों का मानना है कि सख्त कार्रवाई से अवैध खनन पर अंकुश लगेगा और शासन को होने वाले राजस्व नुकसान को रोका जा सकेगा। जिले में हुई इस बड़ी कार्रवाई को प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति का हिस्सा माना जा रहा है। करोड़ों रुपए के अर्थदंड ने साफ संकेत दे दिया है कि प्राकृतिक संसाधनों के अवैध दोहन और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ अब कठोर कदम उठाए जाएंगे। 

 

युवा देश की आशा और सामर्थ्य : राज्यपाल पटेल

युवा देश की आशा और सामर्थ्य : राज्यपाल पटेल

भावी जीवन में संवेदना के साथ उत्कृष्टता पर बल दे : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल सिस्टेक ग्लोरी समारोह में हुए शामिल

भोपाल

राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा है कि युवा हमारे देश की आशा और सामर्थ्य हैं। उनके विचार और चरित्र ही देश का भविष्य तय करेंगे। जरूरी है कि हमारे युवा जो भी कार्य करें उसमें उत्कृष्टता और संवेदना पर विशेष बल दें। उन्होंने कहा कि जीवन में संवेदना का भाव ही सबसे महत्वपूर्ण है। ममता और करुणा का मोल पैसों से कहीं ज्यादा है। इसलिए भावी जीवन में सफलता की ऊंचाईयों पर चढ़ते कभी भी उन लोगों को नहीं भूलें जिन्होंने आपका सहयोग किया है।

राज्यपाल श्री पटेल शनिवार को रविन्द्र भवन के हंस ध्वनि सभागार में आयोजित सिस्टेक ग्लोरी समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। राज्यपाल का कार्यक्रम में शॉल और स्मृति चिन्ह् भेंट कर अभिनन्दन किया गया। प्रारम्भ में राज्यपाल श्री पटेल ने दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। 

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जीवन में हर पहलु के दो पक्ष होते हैं। सफलता सही दिशा में सही प्रयासों में है। उन्होंने कहा कि सफलता अकेले की नहीं होती है। समाज के अनेक लोगों का प्रत्यक्ष और परोक्ष रुप से योगदान होता है। उन्होंने एक दृष्टांत के माध्यम से बताया कि जीवन में कभी भी कोई ऐसा काम नहीं करें जिससे माता-पिता को कष्ट हो। उन्होंने कहा कि जीवन में उतार-चढ़ाव आना स्वाभाविक है। निष्ठावान प्रयास ही सबसे महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि ग्लोरी आयोजन केवल नौकरी प्राप्त करने का उत्सव नहीं है। जीवन में नई जिम्मेदारियों और नए संकल्पों की शुरुआत का भी प्रसंग है। प्लेसमेंट प्राप्त करने वाले युवाओं का दायित्व है कि भावी जीवन में अपने ज्ञान और प्रतिभा के उपयोग से गरीब और वंचित लोगों के जीवन में खुशहाली लाने के समाज के प्रयासों में योगदान दे। आपकी मेहनत और ईमानदारी से ही आपकी व्यक्तिगत, संस्था की और देश की खुशहाली और उन्नति होगी। देशभक्ति का सबसे प्रभावी तरीका सेवा भाव और समर्पण के साथ अपने कार्यों और कर्तव्यों को करना है।  

सागर समूह के चेयरमैन श्री सुधीर अग्रवाल ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत की उन्नति के लिए कड़ा परिश्रम ही एकमात्र तरीका है। उन्होंने कहा कि कर्म का फल अवश्य मिलता है। समूह के प्रबंध संचालक श्री सिद्धार्थ सुधीर अग्रवाल ने संस्थान की कार्य संस्कृति से प्रेरणा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने दृष्टांत के द्वारा बताया कि सकारात्मक दृष्टिकोण महत्वपूर्ण है। इसलिए असफलताओं से कभी भी घबराएं नहीं। स्वागत उद्बोधन निदेशक डा. ज्योति देशमुख ने दिया। आभार प्रदर्शन ग्रुप हेड कॉरपोरेट रिलेशंस सुश्री प्राची श्रीवास्तव ने किया।

 

मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन योजना क्राइटेरिया का किया पालन

मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन योजना क्राइटेरिया का किया पालन

शुजालपुर में ऊर्जीकृत हुआ 200 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

शुजालपुर

ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश ने केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण की ट्रांसमिशन प्लानिंग क्राइटेरिया का पालन करते हुए शाजापुर जिले के  220 के वी सब स्टेशन शुजालपुर मे एक नया 200 एमवीए क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर ऊर्जीकृत किया है। मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी ने सीईए की गाइडलाइंस का पालन सुनिश्चित करते  हुए इस ट्रांसफार्मर को ऊर्जीकृत करने में सफलता प्राप्त की है।

शाजापुर जिले की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी में हुई वृद्धि

 एमपी ट्रांसको के अधीक्षण अभियंता उज्जैन अनिल सक्सेना ने जानकारी दी कि इस क्षमता वृद्धि से शुजालपुर 220 के वी सब स्टेशन की क्षमता बढ़कर 793 एम वी ए की हो गई है, वहीँ शाजापुर जिले की ट्रांसफार्मेशन कैपेसिटी बढकर 1926 एमवीए की हो गई है। शाजापुर जिले मे एमपी ट्रांसको अपने 11 सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है जिसमें 220 केवी के दो सब स्टेशन शुजालपुर, शाजापुर एवं 132 के वी के 9 सबस्टेशन पोलाइकलां, अरनिया कलां, मक्सी, बेरछा, मोहन बादोदिया,  कालापीपल, शुजालपुर,  शाजापुर,  पनवाडी  शामिल हैं।

 

नौतपा में बदला मौसम का मिजाज! MP में आंधी-तूफान और ओलावृष्टि का अलर्ट, कई जिलों में बारिश

भोपाल 

मध्यप्रदेश में नौतपा की तपिश के बीच मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में एक साथ 4 ताकतवर मौसम प्रणालियाँ सक्रिय हैं, जो प्रदेश के मौसम को प्रभावित कर रही हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण मध्य पाकिस्तान से राजस्थान और मध्यप्रदेश होते हुए ओडिशा तक जाने वाली ट्रफ लाइन है। इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण मानसून को आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं। इन प्रणालियों के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी के बीच अचानक धूलभरी आंधी, गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की चेतावनी जारी की गई है।

मध्य प्रदेश में इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ रही है। बुंदेलखंड, बघेलखंड, चंबल से लेकर पूरा इलाका गर्म हवाओं, सीधी तीखी जलाने वाली धूप के कारण लाल हो रहा है। बीते 24 घंटों में खजुराहो और राजगढ़ में 46.5 और 46.0 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया था। इसके अलावा दतिया में 45.7 डिग्री, मलाजखंड बालाघाट, नौगांव छतरपुर, दमोह और विदिशा में 45.5 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। रात में सिवनी और राजगढ़ में न्यूनतम तापमान ही 31 डिग्री तक पहुंच रहा है। एक दर्जन जिलों में वार्म नाइट का अलर्ट चल रहा है।

मध्य प्रदेश में बीते एक महीने से भीषण गर्मी और झुलसाने वाली गर्मी 46-47 डिग्री तापमान और हीटवेव के बीच राहत मिलने की खबर सामने आई है। आईएमडी ने बताया कि पाकिस्तान से ओडिशा तक ट्रफ लाइन बनी है। मध्य पाकिस्तान से राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तर छत्तीसगढ़ होते हुए आंतरिक ओडिशा तक 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक ट्रफ लाइन गुजरी है, जिससे प्रदेश में नमी और अस्थिरता बढ़ गई है। आसमान में बन रही इस ट्रफ लाइन के प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ धूलभरी आंधी और हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी जिलों में इसका असर सबसे ज्यादा दिखेगा।

आज 9 जिलों में अलर्ट जारी

रात से आंधी, बारिश और ओले गिरने का सिलसिला शुरू हो गया. ग्वालियर-चंबल इलाके में शुक्रवार रात अचानक मौसम बदल गया. ठंडी हवाएं चलने लगी. श्योपुर और शिवपुरी में तूफानी बारिश के साथ ओले गिरे. सिंगरौली के चितरंगी में सबसे अधिक 40.1 मिमी वर्षा रिकार्ड हुई. रीवा के हनुमाना में 16 मिमी, मुरैना में 18 मिमी और गोहद में 17 मिमी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग ने शनिवार को मध्य प्रदश के 9 जिलों के लिए बारिश और ओले का अलर्ट जारी किया है. नौतपा आधा बीत जाने के बाद मौसम की ये करवट लोगों के लिए राहत लेकर आई है। 

इन जिलों में बारिश के साथ ओले की चेतावनी
भोपाल मौसम केंद्र के अनुसार शनिवार को ग्वालियर के साथ ही 9 जिलों में तेज बारिश के साथ ओले गिरने का अलर्ट है. ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, नीमच और मंदसौर में तूफानी बारिश के साथ ओले गिरने की संभावना है. वहीं नौतपा के दौरान गर्मी से झुलस रहे लोगों को मौसम बदलने से काफी राहत मिली. भले ही ओले व बारिश का अलर्ट 9 जिलों में हो लेकिन इसका असर पूरे प्रदेश में दिखाई देगा. शुक्रवार रात से ही प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान में गिरावट देखी गई। 

    नौतपा के बीच एमपी में मौसम का बड़ा यू-टर्न
    4 शक्तिशाली वेदर सिस्टम एक साथ एक्टिव
    कई जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट
    धूलभरी आंधी के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना
    भीषण गर्मी के बीच मिल सकती है राहत

गर्म हवाएं नौतपा में भी भीषण गर्मी
मध्य पाकिस्तान के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके कारण राजस्थान से होकर आ रही गर्म और शुष्क हवाएं प्रदेश के तापमान को सामान्य से ऊपर बनाए हुए हैं, जिससे नौतपा की तपिश बरकरार है। हालांकि शुक्रवार—शनिवार से गर्मी में राहत की उम्मीद जताई गई है।

इन जिलों में भीषण आंधी का अलर्ट
इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, नर्मदापुरम, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडौरी, कटनी, सिवनी, मंडला, बालाघाट और पांढुर्णा जिलों में भी 40 से 50 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. वहीं, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, दमोह और सागर जिलों में भी मौसम बिगड़ने के संकेत हैं. यहां आंधी और गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। 

अगले 3 से 4 दिन कई जिलों में आंधी-बारिश
मौसम विभाग का अनुमान है कि 31 मई से 2 जून तक भी प्रदेश के अधिकांश जिलों में आंधी-बारिश का दौर जारी रहेगा. मालवा क्षेत्र के अलीराजपुर, झाबुआ, रतलाम, मंदसौर और नीमच जिलों में लगातार तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. वहीं 1 जून को रतलाम में भारी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि अलीराजपुर और झाबुआ में भी तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है. इसके साथ ही कई जिलों में 40 से 60 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। 

इसलिए बदला मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा के अनुसार “उत्तर-पश्चिम भारत के ऊपर सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और राजस्थान-पाकिस्तान क्षेत्र में बने चक्रवातीय परिसंचरण के कारण मध्यप्रदेश में नमी लगातार पहुंच रही है. इसी सिस्टम से जुड़ी ट्रफ लाइन मध्यप्रदेश से गुजर रही है, जिससे प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं. इसके अलावा अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण बादलों का विकास तेजी से हो रहा है और कई क्षेत्रों में आंधी, बारिश तथा ओलावृष्टि की परिस्थितियां बन रही हैं। 

शिवपुरी में गिरे ओले, पारा 32 पर पहुंचा
शुक्रवार रात शिवपुरी जिले में अचानक मौसम ने करवट ली. आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से तापमान काफी गिर गया. लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. तापमान गिरकर 44 डिग्री सेल्सियस से 32 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. जिला मुख्यालय सहित ग्रामीण अंचल में बारिश रिकॉर्ड की गई है. सतन बाड़ा, नयागांव, सुभाषपुरा इलाकों के साथ बैराड़ और अन्य इलाकों में बारिश हुई. ठंडी हवाओं के झोंके चलने से लोगों को भारी सुकून मिला। 

श्योपुर में तूफानी बारिश से वाहनचालक डरे
श्योपुर में भी शुक्रवार देर रात गरज-चमक के साथ मौसम का मिजाज बदल गया. तूफानी बारिश हुई. इस दौरान ओले भी गिरे. सड़क किनारे खड़े लोगों में अफरा तफरी भी देखने को मिली. तूफानी बारिश के दौरान वाहन चालकों को आगे दिखना लगभग बंद हो गया. वाहन जहां-तहां थम गए. श्योपुर शहर के अधिकांश इलाकों में बिजली भी गुल हो गई। 

तहसील और ग्रामीण इलाकों में भी बिजली गायब हो गई. वीरपुर में आधा घंटे के अंदर 2 बार तूफानी बारिश हुई. साथ ही ओले भी गिरे. श्योपुर जिले में मौसम विभाग ने आंधी और बारिश के साथ ओले गिरने की चेतावनी पहले ही दे दी थी. मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ की वजह से ये बदलाव देखने को मिला। 

श्योपुर में 2 जून तक ऐसा ही रहेगा मौसम
देर रात तक श्योपुर में रुक-रुककर बारिश जारी रही. इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई. 33 डिग्री सेल्सियस तामपान पहुंचने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. वीरपुर के इस्ताक़ खान ने बताया “अचानक शुक्रवार देर रात मौसम ने करवट ली. तूफानी बारिश से लोग जहां थे, वहीं रुक गए.” श्योपुर निवासी दीपक शर्मा ने बताया “शुक्रवार की देर रात अचानक तेज आंधी तूफान ने गदर मचाया. सड़कों पर खड़ी बाइक इधर उधर गिरती नजर आईं. उसके बाद बारिश का दौर शुरू हुआ.” मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 जून तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहेगा। 

पश्चिमी विक्षोभ के असर से एमपी के इन हिस्सों में चलेगी आंधी
उत्तर भारत में 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। हालांकि इसका सीधा असर सीमित है, लेकिन यह उत्तर-पश्चिम मध्यप्रदेश में वायुमंडलीय अस्थिरता बढ़ाकर आंधी-तूफान की स्थिति पैदा कर सकता है।

मानसून के लिए अनुकूल परिस्थितियां
रिटायर्ड मौसम विज्ञानी डॉ. शैलेंद्र नायक ने बताा कि दक्षिण-पूर्व अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में ऊपरी हवा के चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं। ये दोनों सिस्टम दक्षिण-पश्चिम मानसून को तेजी से आगे बढ़ाने में मदद कर रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में प्रदेश में नमी बढ़ेगी।

ट्विशा केस में बड़ा खुलासा! गिरिबाला सिंह ने माना- ‘बेटे से हो गई गलती’, CBI भी हुई सतर्क

भोपाल 

ट्विशा शर्मा डेथ केस में भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह कानून के शिकंजे में हैं। कोर्ट ने उन्हें 5 दिन की रिमांड पर सीबीआई को सौंप दिया है। देशभर में सुर्खियोें में आने के बाद इस केस की जांच केंद्रीय जांच एजेंसी यानि सीबीआई को सौंपी गई थी। सीबीआई के जांच अधिकारी मामले में पूर्व जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे ट्विशा के पति समर्थ सिंह से कई घंटों की पूछताछ कर चुके हैं। इस दौरान सीबीआई अधिकारियों द्वारा उनपर उठे एक सवाल पर पूर्व जज गिरिबाला सिंह ने स्वीकारोक्ति भी की। सूत्रों के अनुसार, अधिकारियों ने उनसे कहा कि आप खुद एक जिम्मेदार न्यायिक अधिकारी रह चुकीं हैं, ऐसे में मामले में बेटे समर्थ को फरार क्योें होने दिया! इस पर गिरिबाला सिंह ने माना कि हम दोनों से यह गलती तो हुई है।

बयानों के साथ ही साक्ष्य जुटाने के काम में भी लगी सीबीआई
एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में सास रिटायर्ड जज गिरिबाला को रिमांड पर लेने के बाद सीबीआई फिर पूछताछ में जुट गई है। उन्हें बेटे समर्थ सिंह के साथ बैठाकर सवाल जवाब किए जाने की तैयारी चल रही है। सीबीआई बयानों के साथ ही साक्ष्य जुटाने के काम में भी लगी है।

मुद्दे पर अपनी गलती स्वीकार कर ली
सीबीआई की पूछताछ के दौरान गिरिबाला सिंह ने एक बड़ी बात कही। शुरुआती ना नुकुर के बाद उन्होंने एक मुद्दे पर अपनी गलती स्वीकार कर ली। गिरिबाला सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश जैसे अहम पद पर रह चुकी हैं। इसी बात का उल्लेख करते हुए सीबीआई ने उनसे बेटे समर्थ सिंह की फरारी की वजह पूछी थी जिसपर पूर्व जज ने मान लिया कि यह हमारी गलती थी।

बेटा समर्थ सिंह फरार कैसे और क्यों हो गया?
दरअसल जांच अधिकारियों ने गिरिबाला सिंह से सीधा सवाल किया कि आप अहम न्यायिक पदों पर रही हैं, नियम-कानूनों की आपको हर जानकारी है। ऐसे में भी 12 मई को बहू ट्विशा शर्मा की मौत के बाद बेटा समर्थ सिंह फरार कैसे और क्यों हो गया? इस सवाल पर गिरिबाला सिंह पहले तो कुछ असहज हुईं लेकिन बाद में इसे गलती के रूप में स्वीकार कर लिया। उन्होंने यह स्पष्टीकरण भी दिया कि वे परिस्थितियों का ठीक से अंदाजा नहीं लगा सकीं थीं।

डरे सीबीआई अधिकारी, 5 वजहों से घिरीं
सीबीआई ने भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को 5-5 दिन की रिमांड पर ले लिया है। भोपाल कोर्ट ने शुक्रवार को दोनों को 2 जून तक के लिए सीबीआई को सुपुर्द कर दिया। ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह करीब पौने दो साल तक भोपाल की जिला एवं सत्र न्यायाधीश के पद पर रहीं हैं। इतना ही नहीं, वे क्राइम सीन मैनेजमेंट में भी दक्ष हैं। गिरिबाला सिंह के इस स्टेटस और स्किल का हवाला देते हुए ही सीबीआई ने उनका रिमांड मांगा। जांच अधिकारियों को डर है कि बाहर रहकर वे सबूतों और गवाहों को प्रभावित कर सकती हैं। कोर्ट ने उनके तर्क स्वीकार कर लिए।

7 दिन की रिमांड मांगी पर कोर्ट ने 5 दिन की ही मंजूरी दी
सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को भोपाल जिला कोर्ट में पेश किया यहां जस्टिस शोभना भलावे की अदालत के समक्ष वे दो घंटे से ज्यादा कठघरे में खड़ी रहीं। सीबीआइ कोर्ट से पूछताछ के लिए 7 दिन की रिमांड मांगी पर कोर्ट ने 5 दिन की ही मंजूरी दी।

मायके वालों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया
बता दें कि ट्विशा शर्मा की कटारा हिल्स स्थित आवास पर जब संदिग्ध हालात में मौत हुई तब सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह की घर पर मौजूद थे। दोनों ने कहा कि ट्विशा ने सुसाइड की जबकि मायके वालों ने दहेज प्रताड़ना का आरोप लगाया।

पहले समर्थ सिंह और बाद में गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया
पहले सीबीआइ ने समर्थ सिंह और बाद में गिरिबाला सिंह को कोर्ट में पेश किया। बेटे को यहां दोपहर 12.35 बजे लाया गया जबकि 10 मिनट बाद पूर्व जज को लाए।
आशंका जताई कि यदि रिमांड पर नहीं रहीं तो जांच प्रभावित कर सकती हैं

सीबीआइ ने रिमांड के लिए गिरिबाला सिंह के स्टेटस और स्किल को आधार बनाया। अधिकारियों ने कोर्ट में आशंका जताई कि यदि रिमांड पर नहीं रहीं तो इनके बल पर वे जांच प्रभावित कर सकती हैं।

15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक भोपाल की जिला जज रहीं
अदालत से सीबीआई ने कहा कि गिरिबाला बड़े न्यायिक पद पर रहीं हैं। उन्होंने गुजरात से क्राइम सीन मैनेजमेंट की ट्रेनिंग भी ले रखी है। ऐसे में गिरिबाला सिंह को बाहर रखने से साक्ष्य प्रभावित कर सकती हैं। इसका बचाव पक्ष के वकीलों ने विरोध नहीं किया। बता दें कि 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक गिरिबाला सिंह भोपाल की जिला जज रहीं हैं। इस प्रकार वे करीब 19 माह तक यहां पदस्थ थीं।

इन 5 आधारों पर जांच एजेंसी ने मांगा रिमांड
सीबीआइ ने तर्क दिया, गिरिबाला सिंह बड़े न्यायिक पद पर रहीं हैं। यदि रिमांड पर नहीं रहीं तो जांच प्रभावित कर सकती हैं।

जिला कोर्ट से मिली अग्रिम जमानत के बाद लगातार घटनाक्रम को लेकर वे मीडिया में बनी रहीं।

गिरिबाला सिंह ने केस को दूसरी ओर मोल्ड करने की भरपूर कोशिश की है।

पूर्व जज गिरिबाला सिंह क्राइम मैनेजमेंट में दक्ष हैं, उन्होंने गुजरात से क्राइम सीन मैनेजमेंट की ट्रेनिंग ले रखी है।

सीबीआई ने कोर्ट से कहा कि गिरिबाला सिंह को बाहर रखने से वे साक्ष्य प्रभावित कर सकती है। इसका बचाव पक्ष के वकीलों ने विरोध नहीं किया।

माता वैष्णो देवी पहुंचे CM मोहन यादव, श्राइन बोर्ड के मॉडल से हुए प्रभावित; बताई यात्रा की खास वजह

भोपाल
 मध्य प्रदेश के महाकाल, ओंकारेश्वर जैसे तीर्थ स्थानों पर क्राउड मैनेजमेंट का पूरा प्लान तैयार करने जम्मू के वैष्णो देवी मंदिर के भीड़ प्रबंधन का अध्ययन किया जाएगा. कटरा पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बताया, ” हमारे साथ पूरा एक प्रतिनिधिमंडल भी आया है, जो यहां श्रद्धालुओं के दर्शन से लेकर मंदिर ट्रस्ट की सभी व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रहा है. जिस पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी और आगे मध्य प्रदेश के तीर्थ स्थलों में इसे लागू किया जाएगा। 

माता वैष्णों देवी के दरबार में पहुंचे मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को जम्मू कश्मीर के कटरा पहुंचे. वे यहां पर माता वैष्णों देवी के दर्शन तो करेंगे ही, लेकिन यहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन भी होगा. उन्होंने बताया कि वे यहां माता वैष्णों के दर्शन के साथ-साथ भीड़ प्रबंधन सहित सभी व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे. इन चीजों पर अध्ययन करने के लिए उनके साथ प्रतिनिधिमंडल भी है. केवल वैष्णों देवी नहीं देश के अलग-अलग तीर्थ स्थलों में किस तरह के प्रबंध है, ये जानने के लिए इसी तरह के अध्ययन के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई अन्य प्रतिनिधिमंडल देश के अलग-अलग हिस्सों में भी भेजे हैं। 

बताई दौरे की वजह
कटरा पहुंचने पर सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, ताकि महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान तथा भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन किया जा सके। सीएम ने आगे बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है। हमारा उद्देश्य यह समझना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन, जनसुविधाओं और धार्मिक सेवाओं के लिए एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी मॉडल किस प्रकार विकसित किया जा सकता है।

बताई दौरे की वजह
कटरा पहुंचने पर सीएम डॉ. यादव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, ताकि महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान तथा भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन किया जा सके। सीएम ने आगे बताया कि हाल ही में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है। हमारा उद्देश्य यह समझना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन, जनसुविधाओं और धार्मिक सेवाओं के लिए एक उत्कृष्ट एवं प्रभावी मॉडल किस प्रकार विकसित किया जा सकता है।

सीएम यादव ने बताया कि वह अधिकारियों के एक दल के साथ यहां आए हैं ताकि वैष्णो देवी मंदिर की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जा सके और इसे मध्य प्रदेश के प्रमुख मंदिरों के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि उनके राज्य में भी प्रमुख मंदिरों में भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सेवाओं और श्रद्धालु सुविधाओं को बेहतर बनाने पर काम किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि देश के अलग-अलग धार्मिक स्थलों का अध्ययन कर एक प्रभावी प्रबंधन मॉडल तैयार किया जा रहा है। वैष्णो देवी मंदिर में बेहतर व्यवस्थाओं और सुचारू दर्शन व्यवस्था की उन्होंने सराहना की।

मुख्यमंत्री ने बताया कि श्राइन बोर्ड द्वारा यहां शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े कई संस्थान भी संचालित किए जा रहे हैं, जो श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए उपयोगी हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह का समन्वित मॉडल अन्य मंदिरों में भी लागू करने की योजना है। इससे पहले हाल ही में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के एक फैसले का भी उल्लेख किया गया जिसमें एक धार्मिक स्थल से जुड़े मामले में ऐतिहासिक निर्णय दिया गया था।

धार्मिक संस्थानों का होगा अध्ययन
मीडिया से बात करते हुएमुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, ” हम एक प्रतिनिधिमंडल के साथ यहां आए हैं, जिससे महाकाल मंदिर, महाकालेश्वर देवस्थान, ओंकारेश्वर देवस्थान व भोजशाला जैसे प्रमुख धार्मिक संस्थानों का अध्ययन किया जा सके. हाल ही में उच्च न्यायालय ने भोजशाला को मां वाग्देवी के मंदिर की मान्यता दी है. हमारा उद्देश्य यह समझना है कि धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ प्रबंधन, जनसुविधाओं और धार्मिक सेवाओं के लिए कैसे एक मॉडल तैयार हो सके. जिससे श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाई जा सके। 

बाकी तीर्थ स्थलों में भी जनसुविधाओं की लेंगे जानकारी
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा, “देश के अलग-अलग हिस्सों में भी जो दल गए हैं, वे अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट सौपेंगे. उसके हिसाब से मध्य प्रदेश के तीर्थ स्थलों में प्लान लागू होगा.” उन्होंने कहा, “मुझे जानकारी दी गई है कि यहां मंदिर प्रबंधन के साथ-साथ एक विश्वविद्यालय, एक मेडिकल कॉलेज व अनेक सेवा-प्रधान संस्थाएं भी संचालित की जा रही हैं. हमारी सरकार भी अब रिलीजियस टूरिज्म के नए सर्किट तैयार कर उन्हें विकसित करने पर जोर दे रही है। 

 

जबलपुर एयरपोर्ट के पास मिला 12 किलो का जिंदा मोर्टार, इलाके में मचा हड़कंप

जबलपुर 

जबलपुर में एयरपोर्ट के पास बम मिला है। यह अनएक्सप्लोडेड बम देख इलाके में दहशत पसर गई। जबलपुर के इस इलाके में ही खमरिया ऑर्डिनेंस फैक्ट्री सहित सेना की इन्फैंट्री और हथियार कारखाने हैं। ऐसे में बम मिलने के मामले की गंभीरता बढ़ गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरा इलाका घेर लिया। जांच में पता चला कि यह करीब 12 किलो का जिंदा मोर्टार है। इसे सेना का UXO (Unexploded Ordnance – अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस) यानी बिना फटा हुआ जिंदा बम बताया जा रहा है। पुलिस ने तुरंत सैन्य अधिकारियोें को मामले की जानकारी दी। अब सेना अपनी कार्यवाही कर रही है।

शनिवार को दिखाई दिया एक जिंदा बम
डुमना में एयरपोर्ट से लगे खमरिया थाने के गदेरी गांव में एक घर के निर्माण के लिए खुदाई की जा रही है। इस दौरान शनिवार  को एक जिंदा बम दिखाई दिया। इससे हड़कंप मच गया। दहशत में आए ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को मामले की जानकारी दी।

खमरिया इलाके में सेना की बड़ी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और हथियार डिपो
खमरिया इलाके में सेना की बड़ी ऑर्डिनेंस फैक्ट्री और हथियार डिपो हैं ऐसे में जिंदा बम मिलने की खबर से हड़कंप मच गया। पुलिस गदेरी गांव में घटनास्थल पर पहुंची। एहतियातन पूरे इलाके को भी घेर लिया।

भवन निर्माण के लिए कॉलम की खुदाई का काम चल रहा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गांव के सुनील यादव के प्लॉट पर भवन निर्माण के लिए कॉलम की खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान शाम करीब 6 बजे मजदूरों को जमीन के अंदर बम मिला। सूचना मिलते ही पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सुरक्षा के लिहाज से घटनास्थल को घेर लिया।

पुलिसकर्मियों ने जब ध्यान से देखा तो सेना का पुराना बम निकला
मौके पर आए खमरिया थाने के पुलिसकर्मियों ने जब ध्यान से देखा तो सेना का पुराना बम निकला। यह एक UXO (Unexploded Ordnance – अनएक्सप्लोडेड ऑर्डनेंस) यानी बिना फटा हुआ जिंदा बम है। पुलिस ने भारतीय सेना के अधिकारियों को विस्फोटक मिलने की खबर दी। सेना का यह बम काफी पुराना है जो कि यहां सालों से दबा था।

फिलहाल सेना अपनी कार्यवाही में जुटी
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जानकारी मिलते ही सैन्य अधिकारियों को मामले की सूचना दी ताकि बम निरोधक दस्ता (Bomb detection and Disposal Squad) मौके पर आकर बम को सुरक्षित रूप से डिफ्यूज कर सके। फिलहाल सेना अपनी कार्यवाही में जुटी है। इधर पुलिस ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है।

 

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