मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य समय-सीमा में पूरा करें : सचिव राज्य निर्चाचन आयोग

मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य समय-सीमा में पूरा करें : सचिव राज्य निर्चाचन आयोग

फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 18 जून को होगा

भोपाल 

मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य समय-सीमा में पूरा करें। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग दीपक सिंह ने यह बात पंचायत एवं नगरीय निकायों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य की समीक्षा के दौरान कही। सिंह ने जिलेवार लंबित दावे-आपत्तियों के निराकरण की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि पुनरीक्षण कार्य में पूरी पारदर्शिता रहनी चाहिए।

सिंह ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के संबंध में जो भी कार्यवाही करें, उसकी जानकारी स्टेरिंग कमेटी की बैठक के माध्यम से जनप्रतिनिधियों के संज्ञान में जरूर लायें। उन्होंने वर्किंग और नानवर्किंग ईव्हीएम की जानकारी देने के निर्देश भी दिये। उन्होंने कहा कि अंतिम मतदाता सूची को नियत समय पर जिले की वेबसाइट पर अपलोड करें।

बैठक वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से हुई। सचिव राज्य निर्वाचन आयोग शहडोल से वीडियो कांफ्रेंसिंग में शामिल हुए। इस दौरान उप सचिव राज्य निर्वाचन आयोग मनोज मालवीय, श्रीमती संजू कुमारी सहित अन्य अ‍धिकारी उपस्थित थे।

 

मुकद्दस सफर-ए-हज: काबा शरीफ के साये में इबादत, आंसुओं और रूहानी सुकून की दास्तान

लखनऊ 

​विशेष रिपोर्ट मक्का मुअज्जमा: रात के करीब का वक्त है। आसमान ने काले रंग की मखमली चादर ओढ़ रखी है, लेकिन जमीन पर रोशनी का एक ऐसा समंदर है जो आंखों को चौंधिया नहीं रहा, बल्कि रूह को सुकून दे रहा है। मक्का की ठंडी हवाएं जब बदन को छूती हैं, तो ऐसा लगता है कि गुनाहों की तपिश धीरे-धीरे ठंडी हो रही है। इस वक्त दुनिया के सबसे पाक और मुकद्दस मुकाम यानी मस्जिद-अल-हरम के बिल्कुल बीचों-बीच, अल्लाह के घर ‘काबा शरीफ’ के ठीक सामने खड़े होकर जब कोई अपनी नजरें उठाता है, तो लफ्ज कम पड़ जाते हैं और आंखें खुद-ब-खुद छलक उठती हैं।

​यह कोई आम रात नहीं है। यह हज का वो मुबारक हफ्ता है, जब दुनिया के कोने-कोने से, हर मुल्क, हर रंग और हर जुबान के लोग एक ही मकसद के लिए एक जगह जमा हुए हैं। उनके दिलों में एक ही तड़प है—अपने खालिक (बनाने वाले) के सामने सजदा करना और उसकी रहमतों को समेट लेना।

​1. काबा की दीवारें और दिल की धड़कनें
​वीडियो के शुरुआती दृश्यों में काबा शरीफ की वो गगनचुंबी, आलीशान और रूहानी इमारत नजर आती है, जिसे देखने की तमन्ना हर मुसलमान अपने बचपन से पालता है। काले और सुनहरे गिलाफ (किस्वा) से ढकी काबा की दीवारें रात की रोशनी में जगमगा रही हैं। गिलाफ पर सोने और चांदी के तारों से उकेरी गई कुरान की आयतें इस कदर नूरानी लग रही हैं कि देखने वाला बस देखता ही रह जाए।
​सफेद संगमरमर का वो फर्श (मताफ) जो दिन की चिलचिलाती धूप में भी कुदरती तौर पर ठंडा रहता है, उस पर बैठे और खड़े जायरीन (तीर्थयात्री) काबा को एकटक निहार रहे हैं। काबा के ठीक नीचे की सुनहरी ईंटों वाली दीवार और सफेद किनारा इस मुकद्दस इमारत की भव्यता में चार चांद लगा रहा है। यहाँ वक्त जैसे ठहर सा गया है। न कोई जल्दी में है, न किसी को दुनियावी सुख-सुविधाओं की फिक्र है। सब के सब बस इसी पल को अपने वजूद में उतार लेना चाहते हैं।

​2. ‘लब्बैक’ की गूंज और इंसानी समंदर
​काबा के चारों तरफ नजर दौड़ाएं तो इंसानी आस्था का एक ऐसा सैलाब नजर आता है जिसकी मिसाल दुनिया में कहीं और नहीं मिलती। हजारों-लाखों लोग एक साथ सफे बांधे (लाइनों में) बैठे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि यहाँ कोई वीआईपी नहीं है और न ही कोई आम।

​अमीर-गरीब का भेद मिटा: सफेद बिना सिला हुआ दो टुकड़ों का कपड़ा—जिसे ‘इहराम’ कहते हैं—पहने हुए लाखों मर्द एक जैसे नजर आ रहे हैं। इस लिबास ने राजा और रंक, मालिक और नौकर का फर्क हमेशा के लिए मिटा दिया है।​विविधता में एकता: कोई हिंदुस्तान से आया है, कोई पाकिस्तान से, कोई अफ्रीका के किसी सुदूर गांव से है तो कोई यूरोप की चमचमाती दुनिया छोड़कर यहाँ पहुंचा है। किसी के चेहरे पर लंबी दाढ़ी है, तो किसी का सिर पूरी तरह मुंडा हुआ है। किसी की त्वचा का रंग एकदम साफ है, तो कोई अश्वेत है। लेकिन जब जुबान खुलती है, तो सबकी एक ही आवाज होती है:​”लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक, लब्बैक ला शरीका लका लब्बैक…” > (हाजिर हूँ ऐ अल्लाह, मैं तेरे दरबार में हाजिर हूँ, तेरा कोई शरीक नहीं, मैं हाजिर हूँ…)

​3. हर चेहरे पर एक अलग दास्तान, हर आंख में आंसू
​अगर आप मस्जिद-अल-हरम के प्रांगण में बैठे लोगों के चेहरों को गौर से देखें—जैसा कि इस वीडियो में भी कैद हुआ है—तो आपको हर चेहरे पर इबादत का एक अलग ही नूर और सुकून दिखाई देगा।

​कुछ लोग फर्श पर घुटनों के बल बैठे अपने हाथों को दुआ के लिए आसमान की तरफ उठाए हुए हैं। उनकी उंगलियां कांप रही हैं और होंठ धीरे-धीरे हिल रहे हैं। वे अपने गुनाहों की माफी मांग रहे हैं, अपने बच्चों के मुस्तकबिल (भविष्य) के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं, और अपने वतन की अमन-चैन के लिए दुआएं कर रहे हैं।

​कुछ बुजुर्ग जायरीन ऐसे हैं जो शायद जिंदगी भर की जमा-पूंजी जोड़कर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उनके चेहरों की झुर्रियों में थकान नहीं, बल्कि एक अजीब सी संतुष्टि है कि ‘या अल्लाह, मौत से पहले तूने मुझे अपने घर बुला ही लिया।’ वहीं युवा जायरीन अपने मोबाइल कैमरों में इन पाक लम्हों को कैद कर रहे हैं ताकि जब वे वापस लौटें, तो अपने परिवार को इस रूहानी सफर का गवाह बना सकें।

​4. मुस्तैद सुरक्षाकर्मी और खादिम: खिदमत की मिसाल
​इस बेहद भावुक और आध्यात्मिक माहौल के बीच, सऊदी अरब के सुरक्षाकर्मी और मस्जिद के खादिम (वॉशर्स/सफाई कर्मचारी) बेहद खामोशी और मुस्तैदी से अपना फर्ज निभा रहे हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डिजिटल कैमलाफ्लाज (सैन्य पोशाक) पहने सुरक्षाकर्मी बेहद अदब के साथ जायरीन को रास्ता दिखा रहे हैं, भीड़ को नियंत्रित कर रहे हैं और यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि किसी भी हाजी को इबादत में कोई खलल न पड़े।

​दूसरी तरफ, हरे और नीले रंग की वर्दी पहने सफाईकर्मी लगातार मताफ की सफाई में लगे हैं ताकि अल्लाह के मेहमानों को सजदा करने में जरा सी भी असुविधा न हो। इन खादिमों के चेहरों पर भी एक अलग तरह का गर्व होता है, क्योंकि वे जानते हैं कि वे दुनिया के सबसे सम्मानित मेहमानों—यानी अल्लाह के मेहमानों—की सेवा कर रहे हैं।

​5. रात का जादुई नजारा और हरम के मीनार
​जैसे ही कैमरा ऊपर की तरफ घूमता है, मस्जिद-अल-हरम के विशाल और ऊंचे मीनार रात के अंधेरे आसमान को चीरते हुए नजर आते हैं। इन मीनारों पर लगी दूधिया और हरी रोशनियां पूरे परिसर को एक दिव्य रूप दे रही हैं। आसमान में बादलों के बीच से झांकता हुआ चांद भी जैसे इस अलौकिक दृश्य को देखने के लिए लालायित नजर आता है। पृष्ठभूमि में बनी आधुनिक गगनचुंबी इमारतें और ‘मक्का क्लॉक टॉवर’ यह अहसास कराते हैं कि इतिहास और आधुनिकता का यह अद्भुत संगम सिर्फ और सिर्फ इसी पाक सरजमीं पर मुमकिन है।
​6. हज: सिर्फ एक सफर नहीं, रूह का शुद्धिकरण है
​इस्लाम में हज को पांच स्तंभों (Arkan-e-Islam) में से एक माना गया है, जो हर उस मुसलमान पर जिंदगी में एक बार फर्ज है जो शारीरिक और आर्थिक रूप से इसके काबिल हो। लेकिन यह सिर्फ एक शारीरिक यात्रा नहीं है। यह इंसान के अहंकार, उसके घमंड और उसकी दुनियावी व्यस्तताओं की ‘मौत’ का नाम है। यहाँ आकर इंसान को अहसास होता है कि वह ब्रह्मांड के रचयिता के सामने कितना छोटा और तुच्छ है।
​जब कोई हाजी काबा के चारों तरफ सात चक्कर (तवाफ) लगाता है, तो वह यह प्रतिज्ञा करता है कि अब उसकी जिंदगी का केंद्र केवल अल्लाह की मर्जी होगी। यहाँ बहाया गया आंसू का एक-एक कतरा दिल के मैल को धो देता है।
​दिलों को जोड़ने वाला पैगाम
​आज जब दुनिया नफरत, सरहदों के विवाद और ऊंच-नीच के भेदभाव से जूझ रही है, मक्का मुअज्जमा से आने वाली ये तस्वीरें और वीडियो पूरी इंसानियत को एक बड़ा सबक देती हैं। यहाँ न कोई नस्लवाद है, न कोई राष्ट्रवाद। यहाँ सब बराबर हैं।

​काबा शरीफ के साये में गुजारी गई यह रात इन जायरीन की जिंदगी को हमेशा-हमेशा के लिए बदल देगी। जब ये हाजी अपने-अपने मुल्कों को लौटेंगे, तो वे अपने साथ सिर्फ खजूर या जमजम का पानी लेकर नहीं जाएंगे, बल्कि वे लेकर जाएंगे अमन, भाईचारे, सब्र और इंसानियत का वो पैगाम, जिसकी आज पूरी दुनिया को शिद्दत से जरूरत है।

​वाकई, जिसने काबा की इस रूहानी रात को एक बार देख लिया, उसका दिल हमेशा के लिए इसी चौकठ पर छूट जाता है।      मुकद्दस सफर-ए-हज और मक्का मुअज्जमा के इस रूहानी मंजर के बीच, इस बार का हज एक बेहद ऐतिहासिक और बड़े बदलाव का गवाह बन रहा है। इस विशेष रिपोर्ट में जानिए कि कैसे इस साल भीषण गर्मी के मद्देनजर जायरीन को एक बड़ी राहत दी गई है और स्थानीय स्तर पर इस मुबारक सफर को लेकर क्या खास खबरें हैं:

​ऐतिहासिक फैसला: भीषण गर्मी के चलते इहराम की पाबंदी में ढील, अन्य कपड़ों में तवाफ करते दिखे जायरीन
​मक्का मुअज्जमा / विशेष रिपोर्ट:

सऊदी अरब में इस साल पड़ रही रिकॉर्ड तोड़ और अत्यधिक गर्म मौसम (Hot Weather) को देखते हुए जायरीन (तीर्थयात्रियों) की सहूलियत और उनकी सेहत की सुरक्षा के लिए एक बेहद बड़ा और संवेदनशील फैसला लिया गया है। इस चिलचिलाती धूप और लू के थपेड़ों से हाजियों को बचाने के लिए इहराम के सख्त कंपल्शन (अनिवार्यता) में कुछ विशेष ढील दी गई है।

​मस्जिद-अल-हरम और काबा शरीफ के प्रांगण (मताफ) से आ रही तस्वीरों और वीडियो में इस बदलाव का साफ असर देखा जा सकता है। जहाँ अमूमन सिर्फ सफेद बिना सिला हुआ कपड़ा (इहराम) ही पुरुषों के लिए अनिवार्य होता था, वहीं अब इस भीषण गर्मी के कारण पैदा होने वाली मेडिकल इमरजेंसी और डिहाइड्रेशन जैसी दिक्कतों से बचाने के लिए नियमों को लचीला बनाया गया है।

​अन्य कपड़ों में तवाफ का रूहानी नजारा
​इस ऐतिहासिक राहत के बाद, काबा शरीफ के चारों तरफ चक्कर (तवाफ) काटते हुए जायरीन अब पारंपरिक इहराम के साथ-साथ अन्य आरामदायक और ठंडे कपड़ों में भी इबादत करते नजर आ रहे हैं। कई हाजी सफेद रंग के हल्के कुर्ते-पायजामे या अपने स्थानीय आरामदायक लिबासों में तवाफ मुकम्मल कर रहे हैं। इस फैसले का दुनिया भर से आए लाखों हाजियों ने दिल से स्वागत किया है, क्योंकि इससे बुजुर्गों, बीमारों और बच्चों को इस झुलसाने वाली गर्मी में हज के अरकान (नियम) पूरे करने में बेहद आसानी हो रही है। प्रशासन का पूरा ध्यान इस बात पर है कि इबादत की रूहानियत भी बरकरार रहे और इंसानी जानों को भी कोई खतरा न हो।

​इस मुकद्दस सफर से जुड़ी एक और बेहद खुशनुमा और फख्र की खबर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले से आ रही है। पुरकाजी नगर पालिका के चेयरमैन ने भी इस साल अल्लाह के इस सबसे पाक और मुबारक बुलावे पर लब्बैक कहा और कामयाबी के साथ अपना ‘मबारक हज’ मुकम्मल कर लिया है।

​क्षेत्र में खुशी का माहौल: जैसे ही पुरकाजी के चेयरमैन द्वारा काबा शरीफ के साये में हज के अरकान पूरे करने और मक्का मुअज्जमा में मौजूदगी की तस्वीरें और खबरें सामने आईं, उनके गृह क्षेत्र पुरकाजी में खुशी और जश्न का माहौल बन गया।
​वतन के लिए मांगी दुआएं: इस रूहानी सफर के दौरान न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे देश और विशेष रूप से पुरकाजी की आवाम की खुशहाली, तरक्की, आपसी भाईचारे और अमन-चैन के लिए काबा शरीफ के सामने विशेष दुआएं मांगी हैं।
​सोशल मीडिया पर उनके चाहने वाले और नगर वासी उन्हें इस मुकद्दस सफर की कामयाबी और ‘हाजी’ बनने पर लगातार मुबारकबाद और शुभकामनाएं भेज रहे हैं।

​निष्कर्ष: आधुनिकता और संवेदनशीलता का अनूठा हज
​इस साल का हज यह साबित करता है कि मजहब और प्रशासन दोनों ही इंसानी सहूलियत और जान की हिफाजत को सर्वोपरि मानते हैं। मौसम के कड़े मिजाज के बीच नियमों में दी गई यह ढील और दुनिया भर से आम ओ खास लोगों का एक ही सफ में खड़े होना, हज के उसी शाश्वत पैगाम को दोहराता है—कि अल्लाह की नजर में सबकी नीयत और तड़प मायने रखती है, लिबास चाहे जो भी हो।

रिपोर्टर मो. शाहिद

भोजशाला में बनेगा भव्य सरस्वती लोक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोजशाला में बनेगा भव्य सरस्वती लोक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

राजा भोज की कर्मस्थली धार में होगी भोज शोध संस्थान की स्थापना
भोजशाला के लिए आंदोलन में शहादत देने वाले शहीदों के परिजन को राज्य सरकार देगी आर्थिक सहायता
किसानों को गेहूँ उपार्जन के लिए किया जा चुका है 25 हजार 97 करोड़ रुपए का भुगतान
ग्लोबल स्किल पार्क के विद्यार्थियों का हंगरी में रोजगार के लिए हुआ चयन
प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम दूध का हो रहा है संकलन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित

धार

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि धार स्थित भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य सरस्वती लोक बनायेगी। धार में राजा भोज संस्थान की स्थापना भी की जायेगी। राजा भोजपाल द्वारा धार में स्थापित भोजशाला सदियों तक ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान और संस्कृत भाषा का सबसे प्रखर केन्द्र रहा है। भोजशाला में दूर-दूर से विद्यार्थी और विद्वान ज्ञान अर्जित करने और शास्त्रों पर विमर्श करने आते थे। राज्य सरकार भोजशाला के उसी गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने के लिए सभी जरूरी प्रयास करेगी। राजा भोज की कर्मस्थली धार में राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना की जायेगी। भोजशाला के लिए हुए आंदोलन में शहादत देने वाले तीन शहीदों स्व. बनसिंह, स्व. अंतरसिंह एवं स्व. लक्मण सिंह के निकटतम परिजन को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में ये विचार व्यक्त किए। प्रदेश में गेंहूँ उपार्जन के नए रिकार्ड के लिए, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव का पुष्प-गुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया।

प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दी बधाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 26 मई 2026 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के राष्ट्र सेवा के सफल 12 वर्ष पूर्ण हुए हैं। देशवासियों की आशा के प्रतीक प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विगत 12 वर्षों में भारत ने विकास के साथ आत्मनिर्भरता, सुरक्षा, सांस्कृतिक गौरव, डिजिटल क्रांति और वैश्विक नेतृत्व के नए आयाम स्थापित किए हैं। अंत्योदय की भावना के साथ अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचा है। राष्ट्र प्रथम की भावना से GYAN मंत्र में गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के उत्थान तक, सीमाओं की सुरक्षा से नक्सल व आतंक मुक्त भारत के निर्णायक परिणाम तक, भारत ने अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को बधाई दी।

समान नागरिक संहिता के संबंध में 15 जून तक दिए जा सकेंगे सुझाव

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समान नागरिक संहिता के संबंध में सुझाव प्राप्त करने के लिए वेबसाईट निर्माण की पहल को सराहा। उन्होंने कहा कि जिलों में उच्च स्तरीय समीति द्वारा भ्रमण किया जा रहा है, जहां जन सामान्य, राजनीतिक दल, गैर शासकीय संगठन आदि इस संबंध में अपना मत प्रस्तुत करेंगे। सुझाव देने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 निर्धारित की गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्री परिषद के सदस्यों को यूसीसी के लिये बनी इस उच्च स्तरीय समिति और इसके कार्यों तथा वेबसाईट का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे हमें अधिक से अधिक सुझाव प्राप्त हो सकेंगे।

प्रदेश के आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल से युवाओं को विदेश में मिल रहे हैं रोजगार के अवसर

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास ग्लोबल स्किल पार्क में विकसित हो रहा कौशल तंत्र अब युवाओं को अंतर्राष्ट्रीय रोजगार अवसरों से भी जोड़ रहा है। संस्थान के बैच-9 के 3विद्यार्थियों का चयन हंगरी में रोजगार के लिए हुआ है। चयनित विद्यार्थी हंगरी पहुंचकर अपने पेशेवर दायित्वों का निर्वहन प्रारंभ कर चुके हैं। इस वर्ष माह अप्रैल-मई 2026 में 16 कम्पनियों में 236 युवाओं को प्लेसमेंट मिला है। यह उपलब्धि प्रदेश में विकसित हो रहे आधुनिक कौशल प्रशिक्षण मॉडल और उद्योगोन्मुख शिक्षा व्यवस्था को रेखांकित करती है।

वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए का भुगतान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में प्रतिदिन 9 लाख 67 हजार किलोग्राम औसत दुग्ध संकलन की उपलब्धि दर्ज हुई है। दुग्ध संघों ने दुग्ध उत्पादक किसानों को गत वर्ष की तुलना में 15 प्रतिशत से अधिक राशि का भुगतान किया गया है। राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मार्गदर्शन में हुए कार्यों से वर्ष 2024-25 में 1398 करोड़ रूपए की तुलना में वर्ष 2025-26 में दुग्ध उत्पादकों को 1609 करोड़ रुपए की राशि के भुगतान में सफलता मिली है। दुग्ध उत्पादकों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के लिए विशेष प्रणाली अपनाई गई है। विभिन्न दुग्ध संघों में खरीद मूल्य में 2.50 से 8.50 रूपए प्रति लीटर की वृद्धि की गई है।

13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा समर्थन मूल्य पर गेहूँ का विक्रय

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम मध्य एशिया की विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश में सफलतापूर्वक गेहूँ उपार्जन का कार्य पूर्ण किया गया। प्रदेश में 104.36 लाख मेट्रिक टन गेहूँ का उपार्जन हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूँ के समर्थन मूल्य राशि 2585 रूपए प्रति क्विंटल के अतिरिक्त 40 रूपए प्रति क्विंटल की दर से राज्य सरकार द्वारा बोनस दिया गया। कुल 2625 रूपए प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया गया, जिससे राज्य के किसानों को समर्थन मूल्य की राशि के अतिरिक्त राशि 417 करोड़ रूपए प्राप्त होगी। कोविड-19 को छोड़कर प्रदेश में विगत 10 वर्षों में इस वर्ष सर्वाधिक 104.36 लाख मीट्रिक टन गेंहूँ का उपार्जन किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर 13 लाख 42 हजार किसानों द्वारा गेहूँ का विक्रय किया गया, जो कि गेहूँ विक्रय करने वाले किसान संख्या की दृष्टि से पूरे भारत में सर्वाधिक है। मध्यप्रदेश, पंजाब के बाद दूसरे स्थान पर है। प्रदेश में पहली बार लघु एवं सीमांत कृषकों को गेहूँ विक्रय करने का अवसर प्रदान किया गया। सप्ताह में 05 दिन के स्थान पर 06 दिन (शनिवार को भी) गेहूँ का उपार्जन किया गया है। किसानों को 25,096.99 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है और शेष भुगतान प्रचलित है।

जल गंगा संवर्धन अभियान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान 19 मार्च से 30 जून 2026 तक क्रियान्वियत हो रहा है। इसके अंतर्गत 6 हजार 330 करोड़ रुपये से 2 लाख से अधिक महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण हुए हैं और 1 लाख 51 हजार कार्य प्रगतिरत हैं। रिकॉर्ड 57 हजार 794 खेत तालाब और 91 हजार 838 डग वेल रिचार्ज (कुआं पुनर्भरण) संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार किया गया है। पारंपरिक और नए जल स्रोतों को सहेजने के लिये 29,906 जल संरक्षण एवं पुनर्भरण संरचनाओं का कार्य पूर्ण किया गया है। प्रदेश में 126 भव्य ‘अमृत सरोवरों का कार्य शत्-प्रतिशत पूरा किया जा चुका है।

मंगोलिया में श्रद्धालु करेंगे भगवान बुद्ध के परम शिष्यों के पवित्र अवशेषों के दर्शन, सांची स्तूप के प्रति बढ़ेगी वैश्विक रूचि

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर सांची स्तूप से भगवान बुद्ध के परम शिष्य अरिहंत, सारिपुत्र एवं महामोद्ल्यायन के पवित्र अवशेष सार्वजनिक दर्शन के लिये मंगोलिया भेजे गये हैं। मंगोलिया की राजधानी उलानबातर में 31 मई 2026 से शुरू हुई यह प्रदर्शनी लगभग 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं, भिक्षुओं और पर्यटकों को आकर्षित करेगी। इससे भारत के बौद्ध तीर्थ सर्किट, विशेषकर सांची जैसे स्थलों में वैश्विक रुचि बढ़ेगी।

राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड, व्यापारी समुदाय के कल्याण में होगा सहायक

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में राज्य व्यापारी कल्याण बोर्ड का गठन किया गया है। इससे व्यापारी समुदाय के कल्याण, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए बेहतर वातावरण निर्मित करने और प्रदेश के निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।

 

भगवान देवनारायण का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत, उन्होंने मानव सेवा को ही माना अपना धर्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भगवान देवनारायण का जीवन समाज के लिए प्रेरणास्रोत, उन्होंने मानव सेवा को ही माना अपना धर्म : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मुख्यमंत्री उज्जैन के जमालपुरा में चल रहे देवनारायण कथा महोत्सव में वीसी से हुए शामिल

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान देवनारायण सिर्फ़ गुर्जर समाज के आराध्य देव ही नहीं, बल्कि न्याय, लोक कल्याण, सेवा और पराक्रम के प्रतीक हैं। उनका पूरा जीवन पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने अपने कर्मों से यह सिद्ध किया कि धर्म का वास्तविक स्वरूप मानवता की सेवा और कमजोरों की रक्षा में निहित है‌। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) से उज्जैन जिले के ग्राम जमालपुरा में आयोजित देवनारायण कथा महोत्सव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कथा महोत्सव आयोजकों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान देवनारायण मंदिर परिसर में लगातार छठें वर्ष 7 दिवसीय कथा का आयोजन धर्म प्रेमियों के लिए सोने गर सुहागा की तरह है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान देवनारायण लोक देवता हैं। वे भगवान विष्णु के अवतार माने जाते हैं। उनका ननिहाल उज्जैन है़ वे 12 वर्ष तक उज्जैन में ही रहे। उनका जीवन सदैव जनसेवा और लोक कल्याण को समर्पित रहा। सेवा ही भारतीय संस्कृति का सबसे बड़ा धर्म हैं। हम सबको इसी भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।

प्रसिद्ध कथा वाचक पं. ईश्वर सिंह गुर्जर (भगत जी), रामचन्द्र जी, निर्भय सिंह आंजना, वीरेन्द्र आंजना, मानसिंह चौधरी, हीरालाल आंजना सहित बड़ी संख्या में स्थानीय धर्म प्रेमी उपस्थित थे।

 

पेयजल आपूर्ति में कोई कमी न रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

पेयजल आपूर्ति में कोई कमी न रहे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सूखे पेयजल स्रोतों की करायें जांच, नल जल योजनाएं बिना किसी बाधा के हो संचालित
केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से राज्य शासन को मिलेंगे 5 हजार करोड़ रुपये
जल स्रोतों के लिए टयूबवेल पर ही न रहें आश्रित, तालाब से जल संग्रहण और रिचार्जिंग दोनों में आसानी
मार्च 2028 से पहले जल जीवन मिशन होगा कम्पलीट
मध्यप्रदेश बना बोरवेल अधिनियम बनाने वाला देश का पहला राज्य
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नागरिकों को समुचित पेयजल आपूर्ति हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि नागरिकों को पर्याप्त और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराने में किसी भी प्रकार की कमी न रहे। गर्मी के मौसम और बढ़ती आवश्यकताओं को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था की सतत् निगरानी की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिये कि जहां जैसी आवश्यकता हो, वहां वैसी त्वरित व्यवस्थाएं की जाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जल अभाव की स्थिति बन रही है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर पानी उपलब्ध कराया जाए। बैठक में पीएचई की मैदानी योजनाओं एवं पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती सम्पत्तिया उइके ने बताया कि विभाग तेजी से अपनी लक्ष्य पूर्ति की ओर बढ़ रहा है। मार्च 2028 से पहले प्रदेश में हर घर नल से जल के उद्देश्य से जल जीवन मिशन का काम पूरा कर लिया जायेगा। मिशन का 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। उज्जैन राजस्व संभाग सहित प्रदेश के 11 जिलों में जल जीवन मिशन का शत् प्रतिशत कार्य हो चुका है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शत-प्रतिशत कार्य करने वाले ऐसे गांवों/ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहन/सम्मानित किया जाये, जिन्होंने बेहतर तरीके से नल जल योजनाओं का संचालन/संधारण किया। मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि बोरवेल में गिरने से होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं/मृत्यु को रोकने के लिए प्रदेश में बोरवेल अधिनियम बनाया गया है। ऐसा अधिनियम बनाने वाला मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। उन्होंने विभागीय संरचना और गतिविधियों को अधिक बेहतर बनाने के लिए विभाग के सिविल विंग, मैकेनिकल विंग और जल निगम को एकीकृत करने का सुझाव दिया। मंत्री श्रीमती उइके बताया कि जल गंगा संवर्धन अभियान- 2026 में डिंडोरी और मंडला जिले में 8 हजार से अधिक एकल ग्राम नल जल योजनाओं पर काम पूरा कर लिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग को बधाई देते हुए कहा कि इस काम को ‘कर्म स्थान से जन्म स्थान की ओर’ अवधारणा से जोड़ा जाये।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रदेश में जल आपूर्ति व्यवस्था एवं अधोसंरचनात्मक विकास के लिए केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय से तत्काल समन्वय करें। केन्द्र सरकार से मध्यप्रदेश को जल जीवन मिशन अन्तर्गत लगभग 5 हजार करोड़ रुपये का आवंटन प्राप्त होना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने मध्यप्रदेश को यह आवंटन जारी करने की सहमति दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों से राज्य में ऐसा मैकेनिज्म तैयार करने को कहा जिससे कि सभी नलजल योजनाएं बिना किसी बाधा के संचालित होती रहे। उन्होंने कहा कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जल बचाने वाले और इस पुनीत कार्य में सहयोग देने वालों का राज्य एवं जिला स्तर पर सम्मान कार्यक्रम आयोजित करें। बताया गया कि विभाग द्वारा जल महोत्सव कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। इसमें प्रदेश में एकल एवं समूह नल जल योजना के संचालन एवं प्रबंधन में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल महोत्सव कार्यक्रम को जल गंगा संर्वधन अभियान के साथ जोड़ने और जल बचाने के लिए अधिकाधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। जल गंगा संर्वधन अभियान के तहत विभाग द्वारा ग्रामीण, शहरी एवं स्कूलों में स्थापित जल स्रोतों की वाटर टेस्टिंग की जा रही है। साथ ही हैंडपंपों की जांच एवं नल जल योजना के ऑपरेटर्स को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल स्रोतों के लिए पीएचई केवल टयूबवेल जैसे माध्यम पर ही आश्रित न रहे। जल स्रोत के रूप में तालाब सरोवर निर्माण से कई लाभ होंगे। इससे जल संरक्षण के साथ जल स्तर में वृद्धि होगी। क्षेत्र में वॉटर रिचार्जिंग बढ़ेगी। जल संग्रहण क्षमता बढ़ने के साथ ही नल-जल योजना के संचालन के लिए स्थायी जल संरचना भी उपलब्ध हो सकेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कार्य में म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिसर (मैपकास्ट) की विशेषज्ञ सेवाओं का भी लाभ लें।

प्रमुख सचिव, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मनीष सिंह ने बताया कि विभागीय स्तर पर पेयजल आपूर्ति की गहन मॉनीटरिंग की जा रही है। प्रदेश के ग्रामीण अंचलों के साथ ही नगरीय क्षेत्रों में भी पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार किया गया है। पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्या की सूचना मिलते ही उसे तत्काल दूर किया जा रहा है। पेयजल से निर्माण कार्य करने वालों पर सख्ती की जा रही है। उन्होंने बताया कि म.प्र. जल निगम के समूह ग्राम पेयजल प्रदाय योजनाओं के संचालन एवं संधारण खर्चे को कम करने के लिए प्रदेश में सौर ऊर्जा एवं पवन ऊर्जा परियोजना स्थापित की जा रही हैं। पीएचई सोलर एण्ड विंड एनर्जी का बल्क यूजर है। प्रमुख सचिव सिंह ने बताया कि प्रदेश में दिसम्बर 2023 से अब तक 16.50 लाख से अधिक  क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दिये गये, साथ ही 15 हजार 238 नवीन नलकूप/हैंडपंप भी स्थापित किये गये। प्रदेश के 14 हजार 200 गांवों में जल प्रदाय व्यवस्था का शत् प्रतिशत काम पूरा कर इन्हें हर घर जल घोषित किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1 करोड़ 11 लाख से अधिक परिवारों को नल से जल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रदेश के करीब 75 प्रतिशत परिवारों को नल से जल के तहत कवर कर लिया गया है।  

म.प्र. जल निगम के प्रबंध संचालक वी.एस. कोलसानी ने बताया कि उज्जैन राजस्व संभाग की एकल ग्राम नल जल योजनाओं के काम पूरे कर लिये गये है। यहां 7 लाख 9 हजार 65 परिवारों को क्रियाशील घरेलू नल कनेक्शन दे दिए गये है। प्रदेश की 155 प्रयोगशालाओं को एनएबीएल से प्रमाणित करा लिया गया है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत संचालित योजनाओं की उपयोगिता के आंकलन और हितग्राहियों से शिकायतें/सुझाव प्राप्त कर उनका निराकरण करने के लिए ऑनलाइन जल दर्पण पोर्टल भी तैयार किया गया है। उन्होंने बताया गया कि विभाग में प्रचलित प्रमुख विकास योजनाओं के लिए वर्ष 2026-27 के लिए 5 हजार करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। जल जीवन मिशन का कार्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। जल जीवन मिशन 2.0 की तैयारी की जा रही है। विभाग में रिक्त पदों की भर्ती भी तेजी से की जा रही है। विभागीय कार्यों में गुणवत्ता एवं सेवाओं में सुधार के लिए डिजिटल माध्यम से जल प्रदाय की मॉनिटरिंग, एकल नल जल योजनाओं आई.ओ.टी. सेंसर्स लगाने तथा राज्य एवं जिला स्तर पर एक कमांड एण्ड कंट्रोल सेन्टर की स्थापना का प्रस्ताव दिया है। अक्टूबर 2026 में जल उत्सव आयोजित किया जायेगा।

बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री कार्यालय) नीरज मंडलोई, अपर मुख्य सचिव (वित्त) मनीष रस्तोगी सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

 

IIM इंदौर करेगा वैभव सूर्यवंशी के माइंडसेट का अध्ययन, 15 साल की उम्र में बने ‘सिक्सर किंग’

 इंदौर 

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM) इंदौर क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी (15) को केस स्टडी में शामिल करने जा रहा है। ‘वैभव मॉडल’ पर देश की पहली मल्टी-डिसिप्लिनरी स्टडी होगी। जिसमें खेल-मनोविज्ञान-प्रबंधन के एक्सपर्ट मिलकर छोटी उम्र में बड़ी सफलता का फॉर्मूला खोजेंगे।

राजस्थान रॉयल्स के ओपनर वैभव एक सीजन में सर्वाधिक (72) छक्के मारकर क्रिस गेल (59) का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उनकी हैरतंगेज बैटिंग की दुनिया कायल है। ऐसे में आईआईएम इंदौर अब उनके ‘सक्सेस फॉर्मूले’ को डिकोड करने पर काम शुरू कर रहा है।

IIM डायरेक्टर हिमांशु रॉय ने कहा- यह स्टडी वैभव की उपलब्धियों का विश्लेषण करने के साथ उन सामाजिक, मनोवैज्ञानिक, पारिवारिक व संस्थागत कारकों को भी गहराई से समझेगी जो कम उम्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को आकार देते हैं।

वैभव की क्रिकेट जर्नी अद्भुत
प्रो. राय ने कहा कि IIM का मानना है कि वैभव की क्रिकेट जर्नी अद्भुत है। इसके पीछे व्यक्तिगत क्षमता के अलावा कड़ी मेहनत, परिवार का त्याग, समर्पण, मेंटर का योगदान भी अहम है। उन्होंने कहा कि प्रतिभा उपहार हो सकती है, पर उसे स्थायी उत्कृष्टता में बदलने के लिए सही मूल्य, संतुलित सोच, मजबूत समर्थन तंत्र व दूरदर्शी नेतृत्व जरूरी है।

मैनेजमेंट फैकल्टी डॉ. आरती चोपड़ा कहती हैं कि वैभव पर स्टडी भविष्य के प्रबंधकों व नीति-निर्माताओं के लिए अत्यंत मूल्यवान है। 5’7 हाइट और 55 किलो वजन के वैभव अपनी जबर्दस्त बैट स्पीड और टाइमिंग के दम पर गेंद को बाउंड्री पार भेजते हैं।

0.3 सेकंड में डिसीजन
बचपन के कोच मनीष ओझा द्वारा तराशे गए वैभव की तकनीक और बैट स्पीड पर अब राजस्थान रॉयल्स के जुबिन भरूचा काम कर रहे हैं। कोच विक्रम राठौर भी इनके बैलेंस के कायल हैं। महज 0.3 सेकंड के डिसीजन टाइम के कारण गेंदबाजों को सेट होने का मौका नहीं मिलता। राहुल द्रविड़ ने जब इन्हें संभलकर खेलने को कहा, तो इनका बेबाक जवाब था- सर, गेंदबाज मुझे देखे। आउट होने के डर से मुक्त इनका शेप प्रेशर में भी नहीं बिगड़ता।

रॉय बोले- कॉरपोरेट जगत को टैलेंट का नया मॉडल मिलेगा
IIM डायरेक्टर हिमांशु रॉय ने कहा कि स्टडी में ‘डार्क साइड’ पर भी फोकस होगा। कम उम्र में प्रसिद्धि, करोड़ों के ऑफर व सोशल मीडिया का दबाव टैलेंट को विचलित कर देता है। कई बच्चे मानसिक थकान और अपेक्षाओं के बोझ के कारण पूरी क्षमता तक नहीं पहुंच पाते।

उन्होंने कहा कि कोशिश ऐसे सहयोगी तंत्र का ब्लूप्रिंट बनाने की है, जो प्रतिभा को हालिया उपलब्धियों तक सीमित न रखे। इससे कॉरपोरेट जगत को भी ‘टैलेंट मैनेजमेंट’ का नया मॉडल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इस उम्र में जिस आत्मविश्वास, कौशल व परिपक्वता के साथ वैभव खेल रहे हैं, वह असाधारण प्रतिभा ही कर सकती है। ऐसे में समझना जरूरी है कि ऐसे टैलेंट को लंबे वक्त तक कैसे संभालें और वह औरों को कैसे प्रेरित करे।

सूर्यवंशी ने बनाया एक सीजन में 72 छक्कों का रिकॉर्ड
वैभव ने सीजन में सबसे ज्यादा 237.30 के स्ट्राइक रेट से भी रन बनाए और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ का अवार्ड अपने नाम किया। आईपीएल के इतिहास में इतने स्ट्राइक रेट से किसी भी खिलाड़ी ने 700 या उससे ज्यादा रन नहीं बनाए।

वहीं, सूर्यवंशी ने इस सीजन में रिकॉर्ड 72 छक्के लगाए। वह एक IPL सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने। इससे पहले ये रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम था, जिन्होंने 59 छक्के लगाए थे।

इस सीजन में जोरदार प्रदर्शन करने वाले सूर्यवंशी को ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’ भी चुना गया है।

IPL 2026 में वैभव ने ऑरेंज कैप समेत 5 अवॉर्ड जीते
वैभव ने 16 पारियों में 48.50 के औसत और 237.30 के स्ट्राइक रेट से 776 रन बनाए। इसमें एक शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे। वे इस सीजन के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। उन्हें ऑरेंज कैप मिली।

मध्यप्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में रचा नया कीर्तिमान, 99.52% ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी हासिल

मध्यप्रदेश को ऊर्जा क्षेत्र में मिली एक और बड़ी उपलब्धि

नियामक आयोग के 98 प्रतिशत लक्ष्य के मुकाबले 99.52 प्रतिशत ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी हासिल की : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल

मध्यप्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि प्रदेश ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में उत्कृष्ट पारेषण प्रदर्शन किया है। मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 99.52 प्रतिशत ट्रांसमिशन सिस्टम अवेलेबिलिटी (पारेषण प्रणाली उपलब्धता) हासिल की है, जो मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा निर्धारित 98 प्रतिशत लक्ष्य से काफी अधिक है।

ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि एमपी ट्रांसको ने पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्राप्त 99.47 प्रतिशत ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी के प्रदर्शन में भी सुधार करते हुए 2.52 प्रतिशत के साथ यह उपलब्धि हासिल की है। इसी प्रकार कंपनी ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 2.60 प्रतिशत ट्रांसमिशन लॉस दर्ज किया, जबकि नियामक आयोग द्वारा निर्धारित लक्ष्य 2.74 प्रतिशत था। उन्होंने कहा कि किसी भी ट्रांसमिशन यूटिलिटी के प्रदर्शन के मूल्यांकन में ट्रांसमिशन अवेलेबिलिटी और ट्रांसमिशन लॉस दो सबसे महत्वपूर्ण मानक माने जाते हैं। इन दोनों प्रमुख मानकों पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश देश की अग्रणी ट्रांसमिशन यूटिलिटीज में अपनी मजबूत पहचान बनाए हुए है।

ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई

ऊर्जा मंत्री तोमर ने इस उपलब्धि के लिए प्रदेश की सभी विद्युत कंपनियों, अधिकारियों तथा कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता विपरीत परिस्थितियों में भी निरंतर कार्य करने वाले विद्युत कर्मियों की मेहनत, समर्पण, तकनीकी दक्षता और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी प्रदेश की विद्युत कंपनियां उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रहेंगी।

 

PM Modi MP Visit: गाडरवारा में पीएम मोदी रखेंगे NTPC के 1600 मेगावाट विस्तार प्रोजेक्ट की आधारशिला

नरसिंहपुर 

 मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में 6 जून को बड़ा ऊर्जा कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi प्रस्तावित दौरे के तहत गाडरवारा पहुंचेंगे, जहां वे NTPC सुपर थर्मल पावर स्टेशन के विस्तार परियोजना का भूमिपूजन कर सकते हैं। इस दौरे को प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि परियोजना के पूरा होने के बाद मध्य प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।

1600 मेगावाट क्षमता की दो नई यूनिटें
गाडरवारा सुपर थर्मल पावर स्टेशन के विस्तार के तहत यहां 800-800 मेगावाट की दो नई यूनिटें स्थापित करने का प्रस्ताव है। कुल 1600 मेगावाट क्षमता वाले इस प्रोजेक्ट से प्रदेश को अतिरिक्त बिजली उत्पादन में मजबूती मिलेगी। माना जा रहा है कि इससे आने वाले वर्षों में औद्योगिक और घरेलू बिजली आपूर्ति को अधिक स्थिर और भरोसेमंद बनाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम के दौरान इन दोनों नई पावर यूनिटों का भूमिपूजन करेंगे। ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना मध्य प्रदेश के साथ-साथ आसपास के राज्यों की बिजली जरूरतों को पूरा करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इस बड़े विस्तार प्रोजेक्ट से केवल बिजली उत्पादन ही नहीं बढ़ेगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। निर्माण कार्य से लेकर तकनीकी और सहायक सेवाओं तक बड़ी संख्या में लोगों को काम मिलने की संभावना जताई जा रही है। गाडरवारा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी इससे गति मिलने की उम्मीद है।

प्रशासन ने तेज की तैयारियां
प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह और पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा ने कार्यक्रम स्थल, हेलिपैड और पार्किंग व्यवस्था का निरीक्षण किया। सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।

प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। वीआईपी मूवमेंट, आम लोगों की सुविधा और कार्यक्रम संचालन को लेकर अलग-अलग टीमों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रधानमंत्री के दौरे को देखते हुए गाडरवारा में तैयारियों का दौर लगातार जारी है।

ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश
गाडरवारा NTPC परियोजना का विस्तार मध्य प्रदेश में ऊर्जा अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। प्रदेश में लगातार बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए यह परियोजना आने वाले समय में अहम भूमिका निभा सकती है। इसके साथ ही यह निवेश औद्योगिक विकास और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी नई गति देने वाला माना जा रहा है।

 

स्व. बाबूलाल गौर अजेय नेता थे, उनका शताब्दी वर्ष मनाएंगे भव्यतापूर्वक : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार शाम को पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर की जयंती पर आयोजित ‘भजन संध्या’ में शामिल हुए। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  कृष्णा गौर के निवास पर आयोजित इस भावपूर्ण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “बाबूलाल जी गौर अमर रहें” के उद्घोष के साथ अपने उद्बोधन की शुरुआत कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गोविंदपुरा क्षेत्र के विकास को आगे बढ़ाने के लिए राज्यमंत्री  कृष्णा गौर की सराहना करते हुए कहा कि वे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ ‘बाबूजी’ के संकल्पों और उनके सपनों को पूर्ण कर रही हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व मुख्यमंत्री स्व. बाबूलाल गौर को एक आदर्श जननेता बताते हुए कहा कि वे एक ऐसे नेता थे जिन्हें हम आज भी अपने बहुत करीब पाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनके राजनीतिक सफर की सराहना करते हुए कहा कि उस दौर में लगातार रिकॉर्ड 10 बार चुनाव जीतना एक बहुत बड़ी बात थी। चुनाव में कोई जीते या ना जीते, लेकिन स्व. गौर हमेशा अजेय रहते थे। उन्होंने सरकार के हर एक महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दीं। प्रशासन में उनकी सख्ती और कार्यकुशलता की तब से लेकर आज तक जमकर सराहना की जाती है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि उनका और स्व. गौर का एक ही कॉलेज था। उन्होंने ‘बाबूजी’ के सरल और संवेदनशील स्वभाव का जिक्र करते हुए कहा कि वे पशु-पक्षियों से भी अगाध प्रेम करते थे और मूक प्राणियों के मन की बात भी बिना कहे ही समझ जाते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री स्व. श्री गौर के जन्म शताब्दी वर्ष में अब मात्र 3 वर्ष ही शेष हैं। सरकार उनका शताब्दी वर्ष पूरे प्रदेश में भव्यता के साथ मनाएगी।

भजन संध्या में मंत्री  संपतिया उइके, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया, मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य श्री बारेलाल अहिरवार, विधायक श्री भगवानदास सबनानी, श्री रविन्द्र यति और श्री सुमित पचौरी ने कार्यक्रम में शामिल होकर भजनों का आनंद लिया।

 

दमोह के डायल-112 हीरोज सड़क दुर्घटना में घायल 04 व्यक्तियों को त्वरित सहायता पहुँचाकर अस्पताल में भर्ती कराया

भोपाल

दमोह जिले के थाना पथरिया क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से सड़क दुर्घटना में घायल हुए 04 व्यक्तियों को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। त्वरित सहायता मिलने से घायलों को समय रहते चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी।

01 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना पथरिया क्षेत्र अंतर्गत सासा रोड पर दो मोटर साइकिलों की आमने-सामने की टक्कर हो गई है, जिसमें एक महिला, एक बच्ची एवं दो पुरुष घायल हो गए हैं। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल थाना पथरिया क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री शुभम तिवारी एवं पायलट श्री हरिओम अहिरवार ने घटनास्थल पर पहुँचकर पाया कि दो मोटर साइकिलों की टक्कर में चार व्यक्ति घायल हो गए। डायल-112 जवानों ने त्वरित कार्यवाही करते हुए सभी घायलों को सुरक्षित डायल-112 वाहन एवं चिकित्सा वाहन की सहायता से पथरिया अस्पताल पहुँचाया।

डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह कार्रवाई दर्शाती है कि डायल-112 सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता पहुँचाकर आमजन की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटनाओं सहित हर संकट की स्थिति में डायल-112 जवान संवेदनशीलता, तत्परता एवं सेवा भाव के साथ लोगों की मदद कर रहे हैं।

 

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