रसिंहपुर के डायल-112 हीरोज ट्रेन से गिरकर घायल हुए व्यक्ति को त्वरित सहायता पहुँचाकर कराया अस्पताल में भर्ती

भोपाल 

नरसिंहपुर जिले के थाना गाडरवारा अंतर्गत चौकी सालीचौका क्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता, सूझबूझ एवं संवेदनशील कार्रवाई से ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए एक व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। त्वरित सहायता मिलने से घायल को समय रहते चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी।

03 जून को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि चौकी सालीचौका क्षेत्र अंतर्गत दूधी नदी रेलवे पुल के पास एक व्यक्ति ट्रेन से गिरकर घायल हो गया है। पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही तत्काल सालीचौका क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री राजेंद्र धाकड़ एवं पायलट श्री शुभम वर्मा ने मौके पर पहुंचकर पाया कि एक व्यक्ति ट्रेन से गिरकर घायल हो गया था और रेलवे ट्रेक पर पड़ा हुआ था। उसके सिर एवं हाथ में गंभीर चोटें थीं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने तत्परता एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए घायल व्यक्ति को सुरक्षित ट्रैक से बाहर निकाला और तत्काल डायल 112 वाहन से शासकीय अस्पताल सालीचौका पहुँचाया।

अस्पताल पहुँचने पर प्रधान आरक्षक श्री करण सिंह ठाकुर ने घायल की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल निजी एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। प्राथमिक उपचार के उपरांत घायल व्यक्ति को उपचार हेतु शासकीय अस्पताल गाडरवारा रेफर किया गया।

डायल-112 जवानों एवं पुलिस स्टाफ की त्वरित कार्यवाही से घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध हो सकी।

डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह कार्यवाही दर्शाती है कि डायल-112 सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता पहुँचाकर आमजन की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। दुर्घटनाओं एवं अन्य संकटपूर्ण परिस्थितियों में डायल-112 जवान संवेदनशीलता, साहस एवं सेवा भाव के साथ लोगों की मदद कर रहे हैं।

 

देश में शीघ्र लागू होगी समान नागरिक संहिता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि देश में एक निशान, एक विधान और एक कानून लागू हो, इस राष्ट्रीय भावना में कुछ भी गलत नहीं है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को देश के 3 राज्यों ने पहले ही लागू कर दिया है। हमारी सरकार भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। शीघ्र ही मध्यप्रदेश भी देश का यूसीसी लागू करने वाला राज्य बन जाएगा। इसके लिए हमने उच्चतम न्यायालय की रिटायर्ड जज न्यायमूर्ति मती रंजना देसाई की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीति गठित कर दी है। यह समिति जिला स्तर पर सभी वर्गों से उनकी राय ले रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी जनजातीय समुदाय को यूसीसी से पृथक रखा जाएगा। उन्हें अपने पारम्परिक रीति-रिवाज मानने की स्वतंत्रता होगी। गुजरात में भी इसी प्रकार का प्रावधान लागू किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित इंडिया@2047 कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति योग्य है, तो सरकार जाति, धर्म और समुदाय से ऊपर उठकर कार्य करती है। आज जनजातीय वर्ग से आने वाली मती द्रोपदी मुर्मु देश के राष्ट्रपति पद की शोभा बढ़ा रही हैं। उन्होंने कहा कि हम मध्यप्रदेश में यूसीसी लागू करने के लिए खुले विचार और खुले हृदय के साथ काम करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम मध्यप्रदेश को सभी क्षेत्रों में अव्वल राज्य बनाने के संकल्प के साथ कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वैश्विक स्तर पर ईंधन की चुनौती के दौर में प्रधानमंत्री डॉ. नरेन्द्र मोदी के आह्वान पर हमारी सरकार ने पर्यावरण और ईंधन को बचाने के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) खरीदा है। अब वे ईवी से ही यात्रा करेंगे। यह पर्यावरण अनुकूल वाहन (ईवी) ईंधन के संरक्षण के साथ-साथ वायु प्रदूषण को भी रोकने में कारगर है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए कार्य कर रही है। ग्रामीण आबादी को दूध उत्पादन, पशुपालन और आधुनिक खेती से जोड़ने के लिए प्रयास किए गए हैं। गांव-गांव तक बिजली, पानी और सड़कों का विकास हुआ है। पिछले साल सरकार ने औद्योगीकरण को बढ़ावा देने के लिए काम किया। इसके परिणामस्वरूप प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपए का निवेश आया है। प्रदेश के इंडस्ट्रियल पार्कों में यूनिट्स खुल गईं और लोगों को रोजगार के अवसर मिलने लगे हैं। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (जीआईएस -2025) में 30 लाख करोड़ रुपए के एमओयू साइन हुए थे। इसमें से अब तक करीब 30 प्रतिशत निवेश धरातल पर नजर आ रहा है। यह राज्य सरकार का बड़ी सफलता है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के विकास में शिक्षा का विशेष महत्व है। मध्यप्रदेश की स्थापना से लेकर 2002-03 तक मेडिकल कॉलेजों की संख्या केवल 5 थी। अब इनकी संख्या बढ़कर 30 हो गई है। इनमें से 7 नए मेडिकल कॉलेज तो हमने पिछले 2 साल के दौरान ही प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में 3 नए शासकीय विश्वविद्यालय खरगोन में टंट्या मामा, गुना में तात्या टोपे और सागर में रानी अवंती बाई लोधी के नाम पर शुरू किए गए हैं। सभी 55 जिलों में नए पीएम एक्सीलेंस कॉलेज भी संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में अब कृषि संकाय की भी पढ़ाई कराई जा रही है। प्रदेश में नए-नए सांदीपनि विद्यालय तेजी से खोले जा रहे हैं। प्रदेश के शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास के लिए हम तेजी से काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में ग्लोबल इंडस्ट्रियल कॉन्क्लेव (जीआईएस) पहले केवल इंदौर तक सीमित थी। हमारी सरकार ने इसे पहली बार राजधानी (भोपाल) में आयोजित किया। इससे पहले राज्य में संभाग और जिला स्तर पर रीवा, ग्वालियर, नर्मदापुरम, कटनी जैसे स्थानों पर रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव (आरआईसी) आयोजित कर निवेशकों को आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर अंचल की अलग-अलग विशेषता है। राज्य सरकार ने उद्योग केंद्रित 18 नीतियां लागू कीं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में भारी उद्योग, लघु उद्योग और एमएसएमई में देशभर से निवेश आया। कई कारखानों में उत्पादन शुरू हो चुका है। राज्य सरकार की पहल पर प्रदेश में आई औद्योगिक क्रांति से अब तक 2 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजगार आधारित उद्योग स्थापित करने पर सरकार प्रति श्रमिक 5000 रुपए महीना आर्थिक सहायता 10 वर्ष तक देगी। अन्य श्रेणी के उद्योगों को आगे बढ़ने में भी सरकार पूरी मदद दे रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसी भी धर्म का अपमान करना हमारी संस्कृति नहीं है लेकिन अपने धर्म पर गर्व करने में क्या बुराई है। प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में अपना विशिष्ट स्थान बना रहा है। अब हमारी सरकारें माननीय न्यायालयों के निर्णयों को पूरे सदभाव और शांतिपूर्ण तरीके से लागू करा रही हैं। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण इसका श्रेष्ठ उदाहरण है। प्रधानमंत्री  मोदी ने विरासत से विकास का घोष वाक्य दिया है। हमारा इतिहास बहुत समृद्ध है। राजा भोज की कर्मस्थली धार में स्थापत्य कला के अनेक उदाहरण भरे पड़े हैं। यहां भोजशाला परिसर में ज्ञान की देवी सरस्वती (मां वाग्देवी) की प्रतिमा को वापस लाकर स्थापित किया जाएगा। हम न्यायालय के निर्णय को लागू कराते हुए यहां विकास कार्यों को भी गति देंगे। उन्होंने कहा कि देश में धार्मिक पर्यटन से आर्थिक विकास को गति मिलती है और स्थानीय रोजगार को भी बढ़ावा मिलता है। भोजशाला के विकास से धार में पर्यटन के नए द्वार खुलेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार बहनों के कल्याण के लिए निरंतर काम कर रही है। प्रदेश की सभी पात्र लाड़ली बहनों को प्रोत्साहन राशि की अब तक 36 किश्तें दी जा चुकी हैं। इस योजना की शुरुआत से अब तक करीब 55 हजार करोड़ से अधिक की आर्थिक सहायता लाड़ली बहनों को हम दे चुके हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय संकल्प को पूरा करने के लिये मध्यप्रदेश सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ विकसित मध्यप्रदेश @2047 के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रही है।

 

डीजीपी कैलाश मकवाना ने वर्ष 2022-23एवं वर्ष 2023-24के लिए घोषित किए के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार

भोपाल 

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना द्वारा वर्ष 2022-23एवं वर्ष 2023-24 के लिए प्रतिष्ठितके.एफ. रुस्तम जी पुरस्कारप्रदान किए जाने की घोषणा की है। यह पुरस्कार मध्यप्रदेश पुलिस का एक महत्वपूर्ण सम्मान है, जो उन पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने दस्यु उन्मूलन अभियान, नक्सल विरोधी अभियान, सांप्रदायिक दंगों एवं कानून-व्यवस्था की गंभीर परिस्थितियों के नियंत्रण में असाधारण कार्य करते हुए उच्चकोटि की वीरता, साहस, नेतृत्व क्षमता तथा कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया हो।

के.एफ. रुस्तम जी पुरस्कार तीन श्रेणियों—परम विशिष्ट, अति विशिष्ट एवं विशिष्ट श्रेणी में प्रदान किया जाता है। इन पुरस्कारों का उद्देश्य पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में किए गए उत्कृष्ट कार्यों को सम्मानित करना तथा पुलिस बल में उत्कृष्टता एवं साहस की भावना को प्रोत्साहित करना है।

पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाणा ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस की व्यावसायिक दक्षता, समर्पण एवं जनसेवा की भावना का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि पुरस्कार प्राप्त अधिकारी एवं कर्मचारी भविष्य में भी अपने उत्कृष्ट कार्यों से पुलिस संगठन की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे।

वर्ष 2022-23के लिए के.एफ.रूस्‍तम जी पुरस्‍कार से सम्‍मानित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी

अति विशिष्ट श्रेणी :- एक बारह बोर गन एवं प्रमाण पत्र

1. सु निधि सक्‍सेना, सहायक पुलिस आयुक्‍त, महिला सुरक्षा, जिला भोपाल हाल सहायक पुलिस आयुक्‍त, इंदौर।

2.  गौरव सिंह बुन्‍देला, उप निरीक्षक (कार्यवाहक निरीक्षक) जिला नर्मदापुरम।

विशिष्ट श्रेणी :- रु.50,000/- एवं प्रमाण पत्र

1.  आशीष खरे, जोनल पुलिस अधीक्षक, विशेष शाखा, जिला जबलपुर हाल पुलिस अधीक्षक जिला डिंडौरी।

2.  रत्‍नेश तोमर, नगर पुलिस अधीक्षक, जिला ग्‍वालियर हाल सहायक सेनानी 14वीं वाहिनी विसबलग्‍वालियर।

3.  समर वर्मा, अतिरिक्‍त पुलिस अधीक्षक अपराध, जिला जबलपुर हाल पुलिस अधीक्षक ई.ओ.डब्‍ल्‍यूउज्‍जैन।

4. मती ऋचा राय चौबे, अतिरिक्‍त पुलिस उपायुक्‍त महिला सुरक्षा अजाक, नगरीय पुलिस भोपाल हाल सहायक पुलिस महानिरीक्षक रा.अ.अ.ब्‍यूरोपु.मु. भोपाल।

5.  अक्षय चौधरी, सहायक पुलिस आयुक्त, एम.पी.नगर. जिला – भोपाल।

6.  दामोदर गुप्ता, निरीक्षक थाना प्रभारी हुजरात कोतवाली, जिला – ग्वालियर हाल कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक जिला सीहोर।

7.  जितेन्द्र कुमार पाठक, निरीक्षक थाना प्रभारी यशोधर्मन नगर, जिला मंदसौर हाल जिला नर्मदापुरम।

8.  अखिलेश चौकसे, निरीक्षक, फिंगर प्रिंट, जबलपुर।

9. मती इन्द्रा नामदेव, निरीक्षक, रा.अ.अ.ब्यूरो पुलिस मुख्यालय भोपाल।

10.  अजय तुरकई, निरीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल।

11. मती आकांक्षा शर्मा, कार्यवाहक निरीक्षक, थाना प्रभारी अजाक, जिला भोपाल हाल जिला राजगढ।

12.  राजेन्द्र सिंह चौहान, उप निरीक्षक, थाना प्रभारी धरनावदा, जिला गुना।

13. सु श्वेता सोमकुंवर, उप निरीक्षक, शासकीय रेलवे पुलिस थाना, जिला – भोपाल।

14.  राजा तिवारी, उप निरीक्षक रेडियो, जिला – बुरहानपुर हाल जिला रतलाम।

15.  शशिकांतअम्बाडकर, उप निरीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल।

16.  कृष्ण कुमार तिवारी, कार्यवाहक उप निरीक्षक, विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय भोपाल।

17.  ऋतुराज वारिवा, सूबेदार, रक्षित केन्द्र जिला भोपाल।

18.  राजेश राय, कार्यवाहक सहायक उप निरीक्षक, नक्सल सेल, पुलिस अधीक्षक कार्यालय बालाघाट।

19.  नरवीर सिंह राना, कार्यवाहक प्रआर 2617 थाना अपराध शाखा, जिला ग्वालियर।

20.  सौरभ टंडन, कार्यवाहक प्रआर 353 रक्षित केन्द्र, जिला दमोह।

21.  अर्शदीप सिंह, प्रधान आरक्षक (कम्प्यूटर) रा.अ.अ.ब्यूरो पुलिस मुख्यालय भोपाल।

22.  आदित्य साहू, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, सायबरक्राईम, भोपाल।

23.  आशीष कुमार वास, प्रधान आरक्षक 229 थाना अयोध्या नगर, जोन – 2 भोपाल।

24.  आशुतोष शर्मा, आरक्षक 1262 नक्सल कमाण्ड एण्ड कंट्रोल रूम, जिला बालाघाट।

वर्ष 2023-24के लिए के.एफ.रूस्‍तम जी पुरस्‍कार से सम्‍मानित पुलिस अधिकारी और कर्मचारी

परम विशिष्ट श्रेणी :-एक रिवाल्वर एवं प्रमाण पत्र

1.  राकेश खाखा, तत्का. अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला रतलाम हाल उप सेनानी, 29वीं वाहिनी, वि.स. बल, दतिया।

2.  नागेन्द्र सिंह सिकरवार, तत्का. उप पुलिस अधीक्षक, अपराध-2 ग्वालियर हाल नगर पुलिस अधीक्षक, महराजपुरा जिला ग्वालियर

3. मती कंचन ठाकुर, कार्यवाहक निरीक्षक, जिला नर्मदापुरम।

4.  राजेश कुमार, आरक्षक (विसबल) एटीएस, इकाई भोपाल।

5.  कमलेश सिंह, आरक्षक (विसबल), एटीएस, इकाई भोपाल।

अति विशिष्ट श्रेणी :-एक बारह बोर गन एवं प्रमाण पत्र

1.  दुर्गेशआर्मो, तत्का. उप पुलिस अधीक्षक, जिला रतलाम हाल महिला अपराध जिला – बैतूल।

2.  योगेन्द्र साहू, उप निरीक्षक (अं.चि.), शाखा जिला – विदिशा।

3.  भेरू सिंह देवडा, सहायक उप निरीक्षक प्रभारी सायबर शाखा, जिला – धार।

4.  आत्माराम मकवाना, आरक्षक (जी.डी.) 8वीं वाहिनी, विसबल, छिंदवाडा।

5.  वसीम खान, आरक्षक (विसबल) एटीएस, इकाई भोपाल।

6.  विपुल भावसार, आरक्षक 218, सायबर सेल, जिला – रतलाम।

विशिष्ट श्रेणी :- रु.50,000/- एवं प्रमाण पत्र

1.  देवेन्द्र कुमार यादव, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, नक्सल विरोधी अभियान बालाघाट हाल पुलिस अधीक्षक, ई.ओ.डब्ल्यू सागर।

2.  कमलेश कुमार खरपूसे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला-रायसेन।

3.  लोकेश कुमार सिन्हा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, जिला सागर।

4.  जयदीप सूद, सहायक सेनानी, 25 वीं वाहिनी विसबल, भोपाल।

5.  दीशेष अग्रवाल, नगर पुलिस अधीक्षक, जिला देवास हाल उप पुलिस अधीक्षक, इंदौर।

6.  प्रशांत द्विवेदी, कार्यवाहक उप पुलिस अधीक्षक, एटीएस इकाई भोपाल।

7.  शशिकांत चौरसिया, निरीक्षक, थाना औ‌द्योगिक क्षेत्र, देवास।

8.  कमलेश सिंगार, निरीक्षक, थाना प्रभारी टाण्डा, जिला धार हाल प्रशासन शाखा पुलिस मुख्यालय भोपाल।

9.  राजेश यादव, निरीक्षक, थाना प्रभारी कुक्षी, जिला – धार।

10.  रविकांतडेहरिया, निरीक्षक, थाना प्रभारी गंज, जिला बैतूल हाल जिला – पांढुर्णा।

11.  विजेन्द्रमर्सकोले, निरीक्षक थाना कोहेफिजा, जिला भोपाल।

12. मती अंजना दुबे, कार्यवाहक निरीक्षक, एटीएस इकाई, भोपाल हाल नगरीय पुलिस भोपाल।

13.  राजपाल सिंह बघेल, कार्यवाहक निरीक्षक, जिला नरसिंहपुर हाल जिला – जबलपुर।

14.  वेदरामहनोते, कार्यवाहक निरीक्षक, थाना घुघरी, जिला मण्डला।

15. मती इला टंडन, कार्यवाहक निरीक्षक, थाना प्रभारी पडाव, जिला ग्वालियर।

16.  जगदीश यादव, सूबेदार, थाना यातायात, जिलाआगर-मालवा।

17.  लक्ष्मीनारायण गिरी, उप निरीक्षक, जिला रतलाम हाल जिला विदिशा।

18. सु प्रीति वर्मा, उप निरीक्षक, थाना टिकरिया, जिला- मण्डला।

19.  नरेन्द्र उईके, उप निरीक्षक, थाना कोतवाली, जिला बैतूल।

20.  यादवेन्द्रमरावी, उप निरीक्षक, थाना गाडरवाडा, जिला नरसिंहपुर हाल प्रतिनियुक्तिएसटीएफ, भोपाल।

21.  अजय कुमार शर्मा, कार्यवाहक उप निरीक्षक, नारकोटिक्स विंग, इन्दौर।

22.  सुरेश राठौर, कार्यवाहक उप निरीक्षक, रीडर टू.पु.अ. कार्यालय, जिला बडवानी।

23.  प्रीत कुमार, सहायक उप निरीक्षक (कम्प्यूटर) राज्य अपराध अभिलेख ब्यूरो, पुलिस मुख्यालय, भोपाल।

24.  रुद्रीचंदजखमोला, प्रधान आरक्षक 1228 (विसबल) हाल सहायक उप निरीक्षक हॉकफोर्स बालाघाट।

25.  रोशन यादव, प्रधान आरक्षक 1210, थाना परदेशीपुरा, इन्दौर।

26.  अमित वास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, एटीएस इकाई भोपाल।

27.  नितेश सिंह तोमर, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक, विसबल 424, एसआईबी यूनिट, बालाघाट।

28.  भास्कर पटेल, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक 33, थाना गाडरवाडा, जिला नरसिंहपुर।

29.  वेद प्रकाश उइके, आरक्षक 363 (विसबल), एसआईबी बालाघाट।

30.  घनश्याम उइके, आरक्षक 1953 (विसबल), हॉकफोर्स बालाघाट।

31.  धर्मेन्द्र सिंह, आरक्षक (विसबल), एटीएस इकाई भोपाल।

32.  ऐश्वर्य वेंकट, आरक्षक 635, थाना गाडरवाडा, जिला नरसिंहपुर।

33.  दिनेश कुमार पटेल, आरक्षक 586, थाना गाडरवाडा, जिला नरसिंहपुर।

34.  सतीश कुमार वर्मा, आरक्षक (चालक), एसआईबी यूनिट, बालाघाट।

35.  हेमंत कुमार यादव, शीघ्रलेखक/सूबेदार (एम), विशेष शाखा, पुलिस मुख्यालय, भोपाल।

 

छतरपुर के लकड़ी फर्नीचर उद्योग को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

भोपाल

छतरपुर के एक जिला एक उत्पाद लकड़ी फर्नीचर उद्योग को राष्ट्रीय बाज़ार, आधुनिक डिज़ाइन, ब्रांडिंग और निर्यात नेटवर्क से जोड़ने पर केंद्रित मध्यप्रदेश एक जिला-एक उत्पाद प्रगति सम्मेलन 2026 में 18 विषय विशेषज्ञों ने अनेक जानकारी साझा की। सम्मेलन का आयोजन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा किया गया।

सम्मेलन में एमएसएमई विभाग, मध्यप्रदेश एवं ओएनडीसीके बीच एमओयू हुआ, जिससे प्रदेश भर के एमएसएमई उद्यमियों और स्टार्ट-अप्स को डिजिटल ई-कॉमर्स नेटवर्क से जोड़ने में सहयोगी सिद्ध होगा और उनके उत्पादों को देशभर में पहुंचाने का मार्ग प्रशस्त करेगा। उल्लेखनीय है कि ‘छतरपुर फर्नीचर’ को भारत सरकार द्वारा जीआईटैग प्रदान किया जा चुका है जो लकड़ी के फर्नीचर की शिल्प कला की विशिष्ट पहचान की आधिकारिक स्वीकृति है।

सम्मेलन में मुख्यत: अमेजॉन इंडिया, पीपरफ्राय वालमार्ट वृद्धि, ओएनडीसी, बायंग एजेंट एसोसिएशन और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पैकेजिंग के प्रतिनिधियों ने क्रेता-विक्रेता बैठकों एवं सत्र में भाग लिया। छतरपुर के उद्यमियों को ई-कॉमर्स, निर्यात के अवसर, उत्पाद की पैकेजिंग और बाजार पहुँच संबंधी व्यावहरिक मार्गदर्शन दिया। राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान, वन अनुसंधान संस्थान, भारतीय वन प्रबंधन संस्थान और फेब इंडिया के विशेषज्ञों ने डिज़ाइन, शिल्प कला और पर्यावरणीय पहलुओं पर मार्गदर्शन प्रदान किया।

सम्मेलन में छतरपुर के लकड़ी के फर्नीचर को बाजार पहुंच एवं आधुनिक डिजाइन सपोर्ट के लिए छतरपुर फर्नीचर एसोसिएशन ने अमेजॉन इंडिया के साथ एमओयू किये जाने की मौखिक सहमति दी है। प्रस्ताव प्राप्त होने पर विभाग द्वारा यथा संभव सहायता की जाएगी। स्थानीय विधायक मती ललिता यादव ने छतरपुर में फर्नीचर कलस्टर की स्थापना के लिए प्रयास किए जाने पर जोर दिया। अतिथि और वक्ताओं को स्मृति चिन्ह स्वरूप छतरपुर नक्काशी से प्रेरित लकड़ी पर उकेरा गया विभागीय लोगो से सम्मानित किया गया। सम्मेलन में करीब 200 से अधिक फर्नीचर उद्यमी, कारीगर और संस्थागत प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

 

खरगोन में हैरान करने वाली घटना: सार्वजनिक शौचालय में महिला ने दिया बच्चे को जन्म

खरगोन

 भीकनगांव बस स्टैंड स्थित एक सार्वजनिक शौचालय में बुधवार सुबह एक गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। प्राथमिक उपचार के बाद महिला और नवजात को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां दोनों की हालत स्थिर बताई जा रही है।

भीकनगांव के बीएमओ विजय वर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह सूचना मिली थी कि बस स्टैंड के सार्वजनिक शौचालय में एक महिला की डिलीवरी हो गई है।

सूचना मिलते ही एंबुलेंस और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम को मौके पर भेजा गया। महिला की पहचान झिरनिया ब्लाक के तेड़ गांव निवासी अनीता के रूप में हुई है। यह उसकी दूसरी डिलीवरी है।

वर्मा के अनुसार अनीता को उसके पति अमर सिंह ने मंगलवार को जिला अस्पताल खरगोन में भर्ती कराया था। बाद में वे किसी कारणवश घर लौटने लगे। इसी दौरान भीकनगांव पहुंचने पर महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई और उसने बस स्टैंड के सार्वजनिक शौचालय में बच्चे को जन्म दे दिया।

उन्होंने बताया कि मौके पर पहुंची स्वास्थ्य टीम ने महिला और नवजात को प्राथमिक उपचार दिया और एंबुलेंस से लगभग 40 किलोमीटर दूर जिला अस्पताल खरगोन भेजा।

महिला ने 1.8 किलोग्राम वजन के बालक को जन्म दिया है। भीकनगांव के शासकीय अस्पताल में नर्सिंग आफिसर व मैटरनिटी इंचार्ज ज्योति पिंडरे ने बताया कि ब्लाॅक मेडिकल ऑफिसर के निर्देश पर स्वास्थ्य दल मौके पर पहुंचा और आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया पूरी करने के बाद जच्चा-बच्चा को अस्पताल लाया गया।
सिर्फ रेफर किए जाने की बात कही

जिला स्वास्थ्य अधिकारी चंद्रजीत सांवले ने बताया कि गर्भवती महिला का गर्भकाल लगभग 32 सप्ताह का था और उसे मंगलवार को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया था।

जांच के दौरान पीलिया और अन्य संभावित जटिलताओं को देखते हुए स्त्री रोग विशेषज्ञ शारदा कनास ने परिजनों को इंदौर रेफर किए जाने की संभावना के बारे में जानकारी दी थी।

हालांकि, रेफरल की औपचारिक प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। सांवले ने बताया कि बुधवार सुबह महिला और उसके परिजन बिना अस्पताल को सूचित किए जिला अस्पताल से चले गए।
    आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल से एंबुलेंस के माध्यम से उन्हें इंदौर भेजा जाता।
    उन्होंने कहा कि भीकनगांव से सूचना मिलते ही महिला और नवजात को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
    जहां महिला को हाई डिपेंडेंसी यूनिट (एचडीयू) और नवजात को स्पेशल न्यूबार्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती किया गया है। दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर है।

 

डबल इंजन की सरकार में विकास की रफ्तार भी दोगुनी है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय मंत्रि-परिषद् के आर्थिक मामलों की समिति द्वारा मध्यप्रदेश में 4,415.60 करोड़ रूपए की लागत वाली 2 सड़क निर्माण परियोजनाओं को मंजूरी देने के लिए प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री  नितिन गडकरी का आभार माना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में डबल इंजन की सरकार है, इसलिए यहां विकास की रफ्तार पर भी दोगुनी है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की इस महत्वपूर्ण सौगात से प्रदेश के जनजातीय बहुल जिले बैतूल, खंडवा, खरगौन और बड़वानी के समग्र विकास को तेज गति मिलेगी। साथ ही हजारों स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

बुधवार को नई दिल्ली में हुई केन्द्रीय मंत्रि-परिषद् की बैठक में एनएच-347बी के हिवरखेड़ी-रोशनी-आशापुर-रुधी खंड पर मौजूदा इंटरमीडिएट लेन को पक्के शोल्डर स्टैंडर्ड के साथ 2-लेन की सड़क (125.01 किमी) में अपग्रेड करने तथा एनएच-347बी के देशगांव-जुलवानिया खंड (108.643 किमी) को हाइब्रिड एन्युटी मोड अन्तर्गत 2-लेन से 4-लेन सड़क में विस्तारित करने की मंजूरी दे दी गई है। कुल 233.653 किमी लंबी इस परियोजना पर करीब 4,415.60 करोड़ रूपए की लागत आएगी। इस परियोजना में खरगौन जिले में 16.20 किमी लंबा एक ग्रीनफील्ड बायपास भी विकसित किया जाएगा। यह उन्नत कॉरिडोर मध्यप्रदेश में बेहतर रोड कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगा और 6 पीएम गति-शक्ति आर्थिक नोड्स को जोड़ते हुए मल्टीमॉडल एकीकरण को भी बढ़ावा देगा।

यह परियोजना मध्यप्रदेश के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध रूप से जोड़ेगी। उन्नत कॉरिडोर 6 पीएम गति-शक्ति आर्थिक केंद्रों (1 कपड़ा क्लस्टर, 2 मेगा फूड पार्क, 1 औद्योगिक पार्क, 2 सुपर थर्मल पावर प्लांट), 5 सामाजिक केंद्रों (2 आकांक्षी जिले – खंडवा और बड़वानी, 3 जनजातीय जिले – बेतूल, खंडवा, खरगोन) और 5 लॉजिस्टिक्स केंद्रों (2 प्रमुख रेलवे स्टेशन, 2 हवाई अड्डे, 1 एमएमएलपी) से जुड़कर बहु-मोडल एकीकरण को बढ़ावा देगा, जिससे पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की आवाजाही तेज हो सकेगी।

 

जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए प्रदेश में चलाया जा रहा है जन आंदोलन : मंत्री सिलावट

भोपाल 

जल संसाधन मंत्री  तुलसीराम सिलावट ने कहा है कि मध्यप्रदेश में प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के संकल्प के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में जल संरक्षण और पर्यावरण सुधार के लिए जन आंदोलन चलाया जा रहा है। जल गंगा संवर्धन और एक पेड़ मां के नाम अभियान गांव गांव, नगर नगर में समाज के सभी वर्गों के सहयोग से चलाया जा रहा है, जिसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। इन अभियानों में अधिक से अधिक जन भागीदारी सुनिश्चित करें। वर्षाकाल के पूर्व सभी विभागीय जल संरचनाओं की आवश्यक मरम्मत एवं सुरक्षात्मक कार्य पूरे कर लिए जाएं। कार्य में किसी भी प्रकार की कोई भी लापरवाही अक्षम्य होगी।

जल संसाधन मंत्री  सिलावट ने बुधवार को मंत्रालय वल्लभ भवन में निर्माणाधीन विभागीय कार्य एवं परियोजनाओं की समीक्षा की तथा बारिश के पूर्व के सभी कार्य पूर्ण करने के अधिकारियों को निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव  राजेश राजौरा, प्रमुख अभियंता  विनोद देवड़ा सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मंत्री  सिलावट ने कछार वार मुख्य अभियंताओं के साथ उनके क्षेत्र में निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की तथा निर्देश दिए कि वर्षाकाल के मद्देनजर आगामी 15 दिनों में वहां आवश्यक कार्य करा लिए जाएं। चंबल बेतवा कछार भोपाल के अंतर्गत पार्वती, सुठालिया, टेम, कान्याखेड़ी एवं ग्वालटोरिया परियोजनाओं की समीक्षा की गई. धसान केन कछार अंतर्गत आपचंद, मझगांय, सतधारू, पवई और काठन परियोजना, बीना पीएमयू सागर के अंतर्गत बंडा, हनोता, पंचम नगर, कडान, साजली कैथ, जूडी और जेरा परियोजना, बेतवा एमओयू भोपाल के अंतर्गत कोठा बैराज एवं बीना परियोजना, नर्मदा ताप्ती कछार इंदौर के अंतर्गत तलवाड़ा, पांगरी एवं कारम परियोजना, बेनगंगा कछार सिवनी के अंतर्गत छिंदवाड़ा सिंचाई कॉम्पलेक्स, पैंच माइक्रो सिंचाई, शेर सिंचाई काँम्प्‍लेक्स, मांडवा होज इरिगेशन, अपर बुडनेर, छीताबुजरी, हिरण, बगराजी नहर, मुर‍की पाइप नहर परियोजना, गंगा कछार रीवा के अंतर्गत त्योंथर बहाव, त्योंथर माइक्रो, रामनगर माइक्रो, नई गढ़ी माइक्रो, रिहंद माइक्रो, भन्नी, बहुती, गोढ़, सीतापुर हनुमना, दोरी सागर एवं सेमरिया माइक्रो परियोजना तथा यमुना कछार ग्वालियर के अंतर्गत कनेरा माइक्रो, चंबल माइक्रो, मुंझारी, चेंटीखेड़ी एवं सरकुला परियोजना के कार्यों की समीक्षा की गई.

मंत्री  सिलावट द्वारा सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर उज्जैन में कराए जा रहे हैं विभिन्न कार्यों कान्ह डायवर्सन परियोजना, सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी, घाट निर्माण, चितावद, समाकोटा, डुंगरिया, बनीहरवाखेड़ी, मां रेवा उद्वहन परियोजना, हाट पिपल्‍या परियोजना, कयामपुर-सीतामऊ, मल्हारगढ़, रामपुर मनासा, कबूलपुर और आहू परियोजनाओं के कार्यों की समीक्षा की तथा आवश्यक निर्देश दिए।

मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिए कि वर्षा पूर्व विभागीय सभी बांधों, नहरों, तालाबों एवं जल संरचनाओं का निरीक्षण कर आवश्यकतानुसार उनकी मरम्मत एवं अन्य सुरक्षात्मक उपाय सुनिश्चित करें। जलग्रहण क्षेत्रों में यदि कोई अवरोध हो तो उन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई करें। बांधों के गेट्स की आवश्यक मरम्मत, ऑइलिंग- ग्रीसिंग के साथ ही उनका एक बार संचालन अवश्य करलें। विभिन्न स्तरों पर बाढ नियंत्रण कक्ष स्थापित कर लिए जाएं जो 24 घंटे क्रियाशील रहें। निगरानी समितियों को सक्रिय किया जाए तथा मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री कार्यालय स्तर पर निरीक्षण दल गठित किए जाएं, जो जल संरचनाओं की निरंतर निगरानी कर वरिष्ठ स्तर पर रिपार्ट दें।

मंत्री  सिलावट ने निर्देश दिए कि बड़ी जल संरचनाओं में जल स्तर की नियमित रूप से मॉनिटरिंग हो तथा जल स्तर बढ़ने एवं गेट्स खोले जाने की पूर्व सूचना पुलिस, प्रशासन, सभी संबंधितों एवं जन सामान्य को निरंतर दी जाए। गत तीन वर्षों में जहां बाढ़ आई हो उन गांवों एवं क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां सभी सुरक्षात्मक इंतेजाम कर लिए जाएं। बड़ी जल संरचनाओं के पास गोताखोर, नाव, लाइफ जैकेट, रस्सी आदि सभी सुरक्षा उपकरण सुनिश्चित हों। वर्षाकाल से पूर्व सभी कछारों/ जिलों में सभी संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर ली जाए तथा उनसे निरंतर समन्वय रखा जाए।

 

प्रदेश के हर जिले में बनेंगे फीडर सेंटर, बढ़ेगा खेल नेटवर्क : मंत्री श्सारंग

भोपाल 

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की खोज और संवर्धन को नई गति देने के उद्देश्य से टी.टी. नगर स्थित मेजर ध्यानचंद हॉल में टैलेंट सर्च अभियान की समीक्षा बैठक लेकर अधिकारियों एवं खेल प्रशिक्षकों को व्यापक दिशा-निर्देश दिए।

मंत्री  सारंग ने कहा कि प्रथम स्तर पर प्रदेश के हर जिले में फीडर सेंटर स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने निर्देश दिए कि द्वितीय स्तर में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विकसित किए जा रहे नए स्टेडियमों को भी फीडर सेंटर के रूप में विकसित किया जाए, जिससे गांव और कस्बों के खिलाड़ियों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं मिल सकें।

मंत्री  सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश खेल अकादमियों के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है और अब फीडर सेंटर नेटवर्क के माध्यम से भी मध्यप्रदेश राष्ट्रीय स्तर पर देश का नेतृत्व करेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उन्हें सही समय पर पहचानने और अवसर देने की है। इसी उद्देश्य से अब खेलवार और क्षेत्रवार टैलेंट सर्च अभियान चलाए जाएंगे। जिन क्षेत्रों में जिस खेल की प्रतिभाएँ अधिक हैं, वहां विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

मंत्री  सारंग ने स्कूलों, कॉलेजों, समर कैंपों और शिक्षा विभाग के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक बच्चों और युवाओं को खेलों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि खेलो इंडिया स्मॉल सेंटर, फीडर सेंटर और खेल अकादमियों के लिए प्रतिभा खोज का कार्य एकीकृत रूप से किया जाए।

बैठक में खेल अकादमियों में सीटें बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। उन्होंने टैलेंट सर्च प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने पर जोर देते हुए कहा कि आधुनिक आईटी सॉल्यूसन्स और एथलीट मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से खिलाड़ियों की प्रगति की निरंतर मॉनिटरिंग की जाएगी।

मंत्री  सारंग ने कहा कि खेलों को जन-आंदोलन बनाने के लिए सोशल मीडिया, मीडिया प्लेटफॉर्म, जन-प्रतिनिधियों, जिला प्रशासन स्तर तक व्यापक सहभागिता सुनिश्चित किया जाये। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल अल्पकालिक योजना नहीं, बल्कि प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूत करने का दीर्घकालिक मिशन है।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की ईंधन बचत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नई पहल

भोपाल 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को ईंधन की बचत और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रदर्शित करते हुए एक महत्वपूर्ण पहल की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर भोपाल तक पेट्रोल से चलने चार पहिया वाहन के स्थान पर इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) से यात्रा की। यह ईवी मुख्यमंत्री सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों पर खरा उतरने, फीचर्स की विधिवत् जांच एवं अन्य जरूरी प्रक्रियाओं का बारिकी से पालन करने के बाद मुख्यमंत्री के लघु कारकेड में बुधवार से शामिल कर ली गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अब राजधानी (भोपाल) में नियमित रूप से ईवी कार से ही यात्रा करेंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देशवासियों को ईंधन की अधिकतम बचत करने और मितव्यतापूर्ण यात्रा के साधन अपनाने का संदेश दिया है। इससे देश एवं प्रदेश में ईंधन की बचत को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हम सभी का यह दायित्व है कि ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सार्थक प्रयास करें।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग को प्रोत्साहित कर रही है। ये ईवी न केवल ईंधन की बचत करते हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी अत्यंत लाभकारी साबित होते हैं। इन वाहनों से वायु प्रदूषण भी नहीं होता, शोर नगण्य होता है और इन वाहनों की संधारण लागत भी पारम्परिक ईंधन वाले वाहनों की तुलना में काफी कम होती है। उन्होंने कहा कि ईंधन बचाने और पर्यावरण की रक्षा के लिए ईवी का उपयोग हम सभी के लिए हितकारी है। यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ईवी वाहनों के उपयोग से पारम्परिक ईंधन पर हमारी निर्भरता कम होगी, प्रदूषण घटेगा और देश-प्रदेश में हरित विकास को भी नई गति मिलेगी।

 

भूमि संबंधी प्रकरणों में लापरवाही पर हो सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री

गोरखपुर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में भूमि संबंधी शिकायतों पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने डीएम को निर्देशित किया कि भूमि संबंधी शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित होनी चाहिए। प्रकरण की गंभीरता के अनुसार संबंधित के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जाए। किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही कतई क्षम्य नहीं है।

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। कुछ लोगों ने जमीन से जुड़े मामलों में राजस्व कर्मियों की तरफ से लापरवाही किए जाने की शिकायत की तो उन्होंने डीएम को तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। इस अवसर पर इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे लोगों से उन्होंने कहा कि सरकार इलाज में पूरी मदद करेगी। इसके लिए जरूरतमंद लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जाएगा और इसके बाद भी जरूरत पड़ी तो विवेकाधीन कोष से सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर जरूरतमंद, पात्र व्यक्ति का आयुष्मान कार्ड बनवाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े।

गोरखनाथ मंदिर परिसर में महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के बाहर आयोजित जनता दर्शन के दौरान सीएम योगी करीब 150 लोगों से मिले। उनके पास जाकर उनकी समस्याएं सुनीं। उनके प्रार्थना पत्रों का अवलोकन कर समस्या, शिकायत का संज्ञान लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिया कि किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है, सरकार हर जरूरतमंद के साथ खड़ी है। एक महिला ने कुछ लोगों द्वारा मकान से बेदखल किए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने अफसरों से कहा कि मकान पर महिला का कब्जा दिलाया जाए। उन्होंने अलग-अलग मामलों के निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को प्रार्थना पत्र संदर्भित करते हुए निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और संतुष्टिप्रद होना चाहिए। 

जनता दर्शन में एक महिला ने मां के इलाज के लिए सहायता देने का निवेदन किया। मुख्यमंत्री ने आयुष्मान कार्ड के बारे में पूछा। महिला ने बताया कि उसके पास आयुष्मान कार्ड नहीं है। इस पर सीएम ने मौके पर मौजूद अफसरों को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द इनका आयुष्मान कार्ड बनवाया जाए। अधिकारी हर जरूरतमंद का आयुष्मान कार्ड बनवाएं, ताकि उन्हें इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर आए लोगों को मुख्यमंत्री ने भरोसा दिया कि उन्हें विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। 

गोसेवा की और बच्चों पर प्यार लुटाया सीएम योगी ने

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान बुधवार सुबह भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या परंपरागत रही। प्रातःकाल गुरु गोरखनाथ और अपने ब्रह्मलीन गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ जी का आशीर्वाद लेने के बाद सीएम योगी ने मंदिर की गोशाला में गोसेवा की। गोवंश को अपने हाथ से गुड़-रोटी खिलाकर उन पर स्नेह बरसाया। इसी क्रम में मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए उन्होंने परिजनों के साथ आए बच्चों को पास बुलाकर उन्हें दुलराया। चॉकलेट दीं और उनसे पढ़ाई के बारे में बातचीत की। सीएम ने बच्चों को खूब पढ़ने-आगे बढ़ने का आशीर्वाद भी दिया।

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